क्रिकेट मैदान में ही क्रिकटर्स करने लगें रोमांस, वायरल है इनके किस्से

क्रिकेट के खेल में हमेशा से ही देखा गया है दो दिल मैदान पर मिल जाते है क्योकि ये खेल ही ऐसा है. इस खेल में कुछ भी हो सकता है और इस खेल को खेलने वालों की यही खासियत है. कि वे खेल को बहुत ही शिद्दत के साथ खेलते है. साथ ही खेल के मैदान में रोमांस भी दिखाते है क्रिकेटर्स के ऐसे किस्से कई ज्यादा है जो आए दिन मीडिया में वायरल होते रहते है.

 

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विराट कोहली और अनुष्का शर्मा

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के प्यार सिंबल कई बार खेल के मैदान में देखें गए है. कभी अनुष्का तालियों की गूंज से विराट का मनोबल बढ़ाती है, तो कभी एक्ट्रेस विराट के बल्लेबाजी की वाहवाही करती है. हालांकि इनका एक किस्सा बहुत मशहूर है जब कोहली ने सचिन का रिकोर्ड तोड़ दिया था और 50 शतक जड़ दिया था. तब अनुष्का ने दिल खोलकर प्यार लुटाया था. एक्ट्रेस एख ने कई बार विराट की तरफ देख फ्लाइंग किस किया. वही, दर्शकों के सामने विराट ने भी मैदान से ही वाइफ अनुष्का को किस किया था.

हार्दिक पांड्या और नताशा स्तानकोविक

IPL फिनाले में राजस्थान रौयल्स को गुजरात टाइटन्स ने करारी मात दी थी. बड़ी जीत के बाद गुजरात टाइटन्स के कप्तान हार्दिक पांड्या ने जीत की ट्रौफी अपने नाम की थी. ये नजारा देख हार्दिक पांड्या की पत्नी और फिल्म स्टार नताशा स्तानकोविक खुशी से झूम उठीं थी. नताशा स्तानकोविक ने जीत के बाद हार्दिक पांड्या को बीच मैदान में ही गले लगा लिया था और ट्रौफी के साथ फोटो भी क्लिक कराई. हालांकि दोनों का हाल ही में तलाक हो चुका है.

धोनी और साक्षी

फ्लाइंग किस के किस्से तो खूब सुने लेकिन जब धोनी के एक शौट पर साक्षी ने फ्लाइंग किस सभी के सामने कर दी तो, सभी के लिए वो यादगार लम्हा बन गया. साथ ही, दोनों का ये मूमंट हिट हो गया.

सारा तेंदुलकर और शुभमन गिल

एक बार बांग्लादेश के खिलाफ शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी की थी. इस मैच को देखने के लिए महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर पुणे के एमसीए स्टेडियम पहुंची थीं. सारा तेंदुलकर इस मुकाबले के दौरान शुभमन गिल को चियर करती नजर आईं. जब शुभमन गिल की पारी की शुरुआत में चौका मारा तो सारा खुशी से झूम उठीं. इसके बाद गिल ने अपनी फिफ्टी पूरी की. जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई.

जो पुरुष जल्दी बनना चाहते हैं पापा, तो फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए खांए ये चीजें

आज कल निसंतानता की परेशानी बढ़ती जा रही है. ये बीमारी अब आम होती जा रही है, जिसका एक कारण है फर्टिलिटी का कम होना. जिसके लिए लड़कों को भी अपना उतना ख्याल रखना होता है जितना महिलाएं रखती है. जिसके लिए जरूरी है कि जल्दी पिता बनने का सुख फर्टिलिटी को बढ़ाना है. जिसके लिए जरूरी है कि पुरुष कुछ खास फूड्स अपनी डाइट में शामिल करें. यहां कुछ ऐसे पोषक तत्वों के बारे में बताएंगे जिससे परूषों की फर्टिलिटी बढ़ेंगी.

 

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जिंक: जिंक पुरुषों की फर्टिलिटी को बढ़ाने में मदद कर सकता है. इसके लिए अपनी डाइट में कद्दू के बीज, काजू और चने शामिल करें.

विटामिन-ई: विटामिन-ई से युक्त बादाम और सूरजमुखी के बीज स्पर्म काउंट को बढ़ा सकते हैं.

फोलिक एसिड: फोलिक एसिड युक्त ब्रोकली, मटर, छोले और चने फर्टिलिटी को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं.

सेलेनियम: सूरजमुखी के बीज और ब्राजील नट्स में सेलेनियम होता है, जो फर्टिलिटी को बढ़ा सकता है.

विटामिन-सी: संतरे, कीवी और आम जैसी चीजें विटामिन-सी से युक्त होती हैं और फर्टिलिटी को बढ़ा सकती हैं.

भरपूर प्रोटीन – अपनी डाइट में प्रोटीन को जरूर एड करें. जैसे अंडे जरूर खाएं.

इसके अलावा इन चीजों को खाना न भूलें

  • गाय का दूध पिएं
  • गाय का घी का घी खाएं
  • शहद का सेवन करें
  • अश्वगंधा पिएं
  • बाला हर्ब
  • शतावरी का सेवन करें
  • त्रिफला का सेवन
  • शिलाजीत लें
  • सफेद मूसली खाएं

इन फूड्स को पुरुष डाइट में शामिल करके आप अपनी फर्टिलिटी को बेहतर बना सकते हैं.

मैं Widow हूं, क्या दोबारा शादी कर सकती हूं?

सवाल

मैं 25 साल की हूं. शादी के 2 साल बाद ही पति की मौत हो गई. शादी से पहले मैं एक लड़के से प्यार करती थी. वह अब मुझ से शादी करना चाहता है. मैं क्या करूं?

जवाब

अगर अब भी वह आप से शादी करना चाहता है, तो उस से कहें कि वह आप के मातापिता से बात करे. इस बात का खयाल रखें कि कहीं वह शादी का झांसा तो नहीं दे रहा. द्य मेरे पापा और मेरी आपस में नहीं बनती. मैं कोई अच्छा काम कर के उन्हें दिखाता हूं, तो वे अनदेखी करते हैं. उपाय बताएं? अकसर अलगअलग पीढि़यों के बीच मतभेद होते हैं. आप को कोशिश कर के वही काम करने चाहिए, जो आप के पापा को पसंद हों.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
सब्जेक्ट में लिखे…  सरस सलिल- व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

सैक्स संबंधी भ्रम के कारण टूट जाते है रिश्ते, जानें संभोग से जुड़े 6 मिथ

इंसान में सेक्स करने की इच्छा बहुत ही स्वाभिक होती है. एक खास उम्र में तो इसका जुनून ही सवार रहता है लेकिन ज्यादातर लोगों को सेक्स के बारे में सही जानकारी ही नहीं होती. इसे लेकर कई तरह के भ्रम या मिथ भी रहते हैं जिसका मुख्य कारण होता है सेक्स के बारे में सही जानकारी न होना.

सेक्स संबंधी भ्रम के कारण जहां लोग इसका आनंद नही उठा पाते वहीं कई बार संबंधों में दरार पड़ जाती है और कभी कभी तो अज्ञानता की वजह से बीमारियां भी हो जाती हैं. आइए हम आपको बताते हैं क्या हैं सेक्स संबंधी भ्रम और सच्चाई.

  1. मिथ – ओरल सेक्स से कोई खतरा नही होता है. पुरुष हमेशा सेक्स के लिए तैयार रहते हैं.

सच्चाई – ओरल सेक्स से सेक्सुअली ट्रांसमिटेड बीमारियों के फैलने का अधिक खतरा होता है. ओरल सेक्स के दौरान अगर मुंह या गले में कही कटा हो तो बीमारियों के होने का खतरा होता है. तनाव और थकान की वजह से अक्सर पुरष की रुचि सेक्स में कम होने लगती है. एक रिसर्च के अनुसार 14 फीसदी पुरुष सेक्स के बारे में हर 7 मिनट में सोचते हैं.

2.

मिथ- साइज मैटर नही करता है. फोरप्ले नही करना चाहिए.

सच्चाई- लिंग के साइज़ को लेकर आम धारणा है कि इसकी अच्छे सेक्स और पार्टनर को संतुष्ट करने में अहम भूमिका होती है लेकिन ये एकदम गलत है. साइज का सेक्स संबंध पर कोई असर नहीं होता. सेक्स के दौरान जरूरी है कि आप अपने पार्टनर की भावनाओं को समझें. सेक्स का आनंद लेने के लिए फोरप्ले बहुत जरूरी है. फोरप्ले के सही तरीके अपनाकर आप अपने पार्टनर को खुश कर सकते हैं.

3.

मिथ- प्रीमेच्योर इजेकुलेशन (शीघ्रपतन) बीमारी नही है. सेक्स के आसन नही करने चाहिए.

सच्चाई- यह बीमारी पुरुषों में सबसे सामान्य है. सेक्स के लिए तैयार होते वक्त फोरप्ले के दौरान ही अगर सीमन बाहर आता है तो इसे प्रीमेच्योर इजैकुलेशन कहते हैं. ऐसी स्थित में पुरुष अपनी महिला पार्टनर को संतुष्ट नही कर पाता है. सेक्स संबंध बनाते वक्त विभिन्न तरीके के आसनों को किया जा सकता है. लेकिन सुरक्षित और आसान आसनों का ही प्रयोग कीजिए.

4.

मिथ– सेक्स के दौरान सेक्स पॉवर बढ़ाने वाली दवाओं का प्रयोग करना चाहिए.

सच्चाई- बाजारों में मिलने वाली विभिन्न प्रकार की दवाओं का प्रयोग करके कुछ समय के लिए आप अपनी सेक्स क्षमता को बढ़ा सकते हैं लेकिन इन दवाओं का साइड इफेक्ट ज्यादा होता है. इसलिए इन दवाओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए और अच्छे डॉक्टर की ही सलाह पर इसका इस्तेमाल करें.

5.

मिथ- गर्भावस्था के दौरान सेक्स नही करना चाहिए. मेनोपॉज के बाद महिलाओं की सेक्स लाइफ समाप्त हो जाती है.

सच्चाई- गर्भावस्था के दौरान भी सेक्स संबंध बनाये जा सकते हैं. लेकिन गर्भावस्था की निश्चित अवधि के बाद सेक्स बिलकुल नही करना चाहिए. मेनोपॉज बंद होने के बाद भी महिलाएं सेक्स संबंध बना सकती हैं. मेनोपॉज बंद होने का मतलब यह नही कि महिलाओं की सेक्स लाइफ समाप्त हो गई.

6.

मिथ- खान-पान का सेक्स लाइफ पर असर नहीं होता है.

सच्चाई- जी नहीं, खान-पान का सेक्स लाइफ पर पूरा असर पड़ता है. सेक्स पॉवर आपकी डाइट चार्ट पर निर्भर करती है. अगर आप हेल्थी और पोषणयुक्त भोजन करते हैं तो आपकी सेक्स पॉवर ज्यादा होगी.

विवादों से घिरी हैं हिना खान, कभी सट्टेबाज तो, कभी कहा गया चोर

Hina Khan Controversy:  ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ से फेम अक्षरा के किरदार में घर घर में मशहूर हुई हिना खान आज गंभीर बीमारी से झूज रही है. हिना खान को अपने करियर की शुरुआत में ही काफी लोकप्रियता मिली है. लेकिन बताया जाता है कि टैंट्रम क्वीन हिना को उनके अनप्रोफेशनल बिहेवियर के चलते शो से बाहर किया गया था. लेकिन एक इंटरव्यू में हिना ने कहा था कि वह खुद को एक्सप्लोर करना चाहती थी और इसी वजह से उन्होंने शो छोड़ा था.

 

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इसके बाद वे बिगबौस 11 में दिखीं और कई वेब सीरीज में नजर आ चुकी हैं. लेकिन हिना खान अपने फैंस को बुरी खबर दे रही है कि वे ब्रेस्ट कैंसर सी पीडित है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया की वह स्टेज 3 पर है और फिलहाल ठीक है और अपना इलाज करवा रही है. हिना खान के साथ ये पहली दफा नहीं है कि उन्हे मुसीबतों ने घेरा है. इसे पहले भी हिना खान पर मुसीबतों का पहाड़ टूटा है. जी हां, हिना खान कई बार ऐसे कंट्रोवर्सी में आई है जहां से निकला उनके लिए असान नहीं रहा.

चोरी का लगाया गया था आरोप

हिना खान पर 12 लाख की ज्वेलरी की चोरी का आरोप लगा था. जुलाई 2019 में उन पर एक ज्वेलरी ब्रांड ने आरोप लगाया था कि ब्रांड को प्रमोट करने के लिए जो 12 लाख की ज्वेलरी वह उन्होंने लौटाई नहीं थी लेकिन तब रिपोर्ट्स थी कि ब्रांड ने उन्हें नोटिस भेजा था कि 15 दिन में जूलरी लौटा दे.हालांकि हिना ने इन्हे फेक बताया था.

महादेव सट्टेबाज एप से जुड़ा था हिना खान का नाम

हिना खान का नाम सट्टेबाज की लिस्ट में भी आया था, हालांकि ये एक ऐसी ऐप थी. जिसपर कई सेलिब्रिटी आए थे. जैसे कि हुमा कुरेशी, कपिल शर्मा, रणबीर कपूर सब इस एप के झांसे में आए थे.

शिल्पा शिंदे से कैट फाइल को लेकर रहा हिना खान का बवाल

बिग बौस 11 को शिल्पा शिंदे और हिना खान की कैटफाइट्स के लिए याद किया जाता है. हिना इस किचन क्वीन के साथ बुरी तरह लड़ी और यहां तक कि बौडीशेम भी किया. बार बार इंसल्ट भी की. शिल्पा ने भी उन्हें कई मौकों पर ओवर ड्रामैटिक होने पर मजाक उड़ाया.

साउथ इंडियन एक्ट्रेसेस पर कसा था तंज, बुरी फंसी थी हिना खान

हिना खान ने बिग बौस 11 में सभी को अच्छी खासी टक्कर दी थी. उन्होंने कमेंट किया था कि उन्होंने साउथ इंडियन फिल्मों के कुछ औफर्स ठुकरा दिए थे क्योंकि उन्हें वजन बढ़ाने के लिए कहा गया था. उन्होंने इंडस्ट्री को लेकर तंज कसा था जिससे साउथ इंडियन एक्ट्रेसेस जैसे हंसिका मोटवानी, खुश्बू सुंदर व कई आर्टिस्ट नाराज होगए थे.

साउथ इंडियन एक्ट्रेसेस पर कसा था तंज, बुरी फंसी थी हिना खान

हिना खान ने बिग बौस 11 में सभी को अच्छी खासी टक्कर दी थी. उन्होंने कमेंट किया था कि उन्होंने साउथ इंडियन फिल्मों के कुछ औफर्स ठुकरा दिए थे क्योंकि उन्हें वजन बढ़ाने के लिए कहा गया था. उन्होंने इंडस्ट्री को लेकर तंज कसा था जिससे साउथ इंडियन एक्ट्रेसेस जैसे हंसिका मोटवानी, खुश्बू सुंदर व कई आर्टिस्ट नाराज होगए थे.

बरसात के मौसम में लड़कों के लिए ये हैं Best Raincoats, बदल गया है फैशन

Best Raincoats की तलाश मानसून के आते ही तेज हो गई है. अभी तो प्री मानसून बारिश ने ही भिगोना शुरू कर दिया है. काम से बाहर जाने वालों के लिए तो बारिश मुसीबत बन जाती है इसका सामना ज्यादातर लड़कों को करना पड़ता है ऐसे में आप रेनकोट की इस्तेमाल करते है. लेकिन समय के साथ रेनकोट का फैशन बदल चुका है. कभी रेनकोट का रंग हम कैमल या ब्लू देखा करते थे, लेकिन अब इसके रंग बदल चुके है और सभी रंगों में मिलना लगे है.

 

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रेनकोट की क्वालिटी में भी बदलाव आ चुका है. पहले के मुकाबले आज के रेनकोट हल्के और बेस्ट क्वीलिटी के हो चुके है. पहले एक रेनकोट एक बार भीग जाएं तो उसे सुखने में हफ्तों लगते थे. जिसकी वजह से एक से ज्यादा रेनकोट रखने पढ़ते थे. हालांकि अब नए तरह के रेनकोट आ चुके है. जिन्हे आप भीगने के बाद कई बार कैरी कर सकते है.

ये रेनकोट मार्केट के अलावा औनलाइन भी असानी से मिल जाते है, जिनकी कीमत भी मंहगे से सस्ते में हो गई है वरना एक समय में रेनकोट अमीरों की पोशाक हुआ करती थी. तो केवल मंहगे ही मिला करते थे. लेकिन आज हर तरह के प्राइज में ये मौजूद है.

कई स्टाइल के रेनकोट्स की डिमांड

  • ट्रेंच स्टाइल रेनकोट
  • रिवर्सिबल कोट्स
  • पोंचो स्टाइल रेनकोट
  • स्पोर्ट अप

इसके अलावा मार्केट में आपको Reusable Raincoat हुडी के साथ मिल जाएगा. प्रीमियम क्वालिटी के साथ ये डुअल लेयर्ड रेनकोट है, जो आपको प्रोटेक्शन के अलावा स्टाइल भी देता है. इसे आप ओनलाइन 55% डिस्काउंट के रेट पर भी मिल जाता है.

बारिश के मौसम में ये भोजपुरी गाने नहीं सुने तो क्या सुना, बना देंगे आपका मूड

बारिश का मौसम शुरू हो चुकी है ये वो मौसम भी है जिसे प्यार का मौसम भी कहा जाता है जो लवर्स का प्यार का एहसास करता है. इस मौसम अगर दो कपल मिल जाएं तो रोमांस दोगुना हो जाता है. लेकिन मौसम की बारिश के साथ प्यार में ओर ज्यादा चारचांद लगाने के लिए ये भी जरुरी है कि कुछ रोमांटिक सौन्ग भी शामिल हो. ऐसे में भोजपुरी के बारिश के सुपरहिट गानें है जिन्हे सुनकर आपका मूड ही बदल जाएगा और आप झूमने लगेंगे या बारिश के मौसम का मजा लेंगे.

 

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वायरल है भोजपुरी गाना ‘बरस गईल रिमझिम सावन’

बारिश के मौसम में भोजपुरी अदाकारा गुंजन पंत का गाना बरस गईल रिमझिम सावन धूम मचा रहा है. इस गाने में गुंजन पंत ने हौट अंदाज में द‍खिया गया है. वह बारिश में रोमांस करती नजर आ रही हैं. इस गाने को अमन श्लोक और खूशबू जैन ने गाया है जबकि बोल संतोष पूरी ने लिखे हैं.

रोमांस से भरपूर है ‘भीगी भीगी रात के बहाने आ जा’ गाना

भोजपुरी सौन्ग  ‘भीगी रात के बहाने आजा’ का वीडियो इन दिनों इंटरनेट खूब देखा जा रहा है. गाने को भोजपुरी सिंगर खुशबू जैन ने गाया है. इस गाने को संगीत अनिल यादव और अनिल अंजना ने दिया है. गाने के बोलसुबीर सिन्हा द्वारा लिखा गया है.

हिंदी का ‘बारिश बन जाना’ गाना भोजपुरी में भी है वायरल

पावर स्टार पवन सिंह और पायल देव का गाना ‘बारिश बन जाना’ बहुत हिट सौन्ग है. ये गाना हिंदी में भी बहुत फेमस है जिसकी वीडियो में हिना खान और शाहीर शेख है.

‘बारिश के पानी’ भोजपुरी सौन्ग है सुपरहिट

भोजपुरी में बरसात का गाना बारिश के पानी गाना बेहद ही हिट है इस गानें को मिलियन व्यूज मिल चुके हैं. गानें को ‘प्रीति राज जगलर’ ने गाया है.

मैं पैक्ड अचार और जैम की दुकान को आगे बढ़ाना चाहता हूं, मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं क्या करूं?

सवाल

मैं हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर का रहने वाला हूं. मेरी उम्र 25 साल है. मैं ने ग्रेजुएशन की है और अपने ही शहर में एक पैक्ड अचार और जैम की दुकान खोल रखी है. मैं अपने इस कारोबार को सोलन से भी आगे ले जाना चाहता हूं, पर मुझे कुछ सूझ नहीं रहा है कि आज की तकनीकी को कैसे इस्तेमाल करूं?

मेरे घर वाले सोचते हैं कि जब आमदनी अच्छी हो रही है, तो कारोबार फैलाने की सिरदर्दी क्यों मोल लें. पर मैं और ज्यादा आगे बढ़ना चाहता हूं. मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं क्या करूं?

जवाब

आप का खयाल ठीक है. आमदनी से संतुष्ट हो कर बैठ जाने से कोई फायदा नहीं, इसलिए आप अपना कारोबार बढ़ाइए. अपने प्रोडक्ट की सप्लाई आसपास के शहरों के दुकानदारों को करें, जिस से टर्नओवर बढ़े. घरघर बिक्री के लिए आप कमीशन पर लड़केलड़कियां भी रख सकते हैं. इस के अलावा प्रोडक्ट की रेंज भी बढ़ाएं जैसे चटनी, जैली, पापड़ वगैरह भी बनाएं. किसी बड़े शहर में जा कर बड़े व्यापारी से सलाहमशवरा करने से भी बिजनैस बढ़ाने के नए तौरतरीके पता चलेंगे.

जहरीली शराब और मौत का तांडव

पि छले दिनों पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में जहरीली शराब ने जम कर कहर बरपाया, जहां जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत हो गई और कई दर्जन लोगों को अस्पताल में भरती कराना पड़ा.

हालांकि, पुलिस ने इस दुखद मामले में अलकोहल बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा इथेनौल और कच्चा माल बरामद करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रैंक के अफसर की अगुआई में 4 सदस्यीय एसआईटी को भी बनाया गया, लेकिन यह कोई पहला ऐसा मामला नहीं है, जब पंजाब में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की जान गई हो, बल्कि बीते

कुछ सालों में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं.

31 जुलाई, 2020 को तो पंजाब के तरनतारन में गैरकानूनी शराब पीने से 102 लोगों की मौत हुई थी. पंजाब के ही अमृतसर और बटाला में भी जहरीली शराब पीने से मौतों की खबरें सुर्खियां बनी थीं और खडूर साहिब के गांव पंडोरी गोला में तो 48 लोगों की आंखों की रोशनी भी चली गई थी.

वैसे न केवल पंजाब में, बल्कि देश के अलगअलग राज्यों में लोग अकसर गैरकानूनी रूप से बनाई जाने वाली नकली या जहरीली शराब पी कर मौत के मुंह में समाते रहे हैं, लेकिन प्रशासन का रोल ऐसे नाजायज धंधे से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसने के बजाय कोई बड़ा हादसा होने पर दिखावे के नाम पर कार्यवाही करने तक ही सीमित रहता है.

नकली और जहरीली शराब से कभी पंजाब में, तो कभी बिहार में, कभी गुजरात में, तो कभी मध्य प्रदेश या कर्नाटक में एकसाथ दर्जनों लोगों की मौत की खबरें दहलाती रही हैं, लेकिन चिंता की बात है कि देश की सरकारों के लिए यह कभी कोई बड़ा मुद्दा नहीं बनता, न ही कभी यह चुनावी मुद्दा बनता है.

लोकसभा में पेश आंकड़ों पर नजर डालें तो देश में गैरकानूनी रूप से बनाई जाने वाली नकली या जहरीली शराब से हर साल हजारों लोगों की मौत होती है.

एक सवाल के जवाब में कुछ समय पहले केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया था कि भारत में साल 2016 से साल 2020 के बीच गैरकानूनी और नकली शराब पीने से 6,172 लोगों की मौत हुई थी.

आंकड़ों के मुताबिक, साल 2016 में 1,054, साल 2017 में 1,510, साल 2018 में 1,365, साल 2019 में 1,296 और साल 2020 में 947 लोगों की मौत गैरकानूनी और नकली शराब पीने से

हुई थी.

गैरकानूनी और नकली शराब पीने से मध्य प्रदेश में सब से ज्यादा 1,214 मौतें हुई थीं, उस के बाद कर्नाटक में 909 और तीसरे नंबर पर पंजाब में 725 लोगों की मौत हुई थी.

गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, साल 2016 से साल 2020 के बीच गैरकानूनी और नकली शराब पीने से हरियाणा में 476 लोगों की जान गई थी, जबकि देश के सब से बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में इस दौरान 291 लोगों की मौत हुई थी.

इन 5 सालों में देश की राजधानी

नई दिल्ली में 94 लोगों की मौत हुई थी, जबकि शराबबंदी वाले राज्य गुजरात और बिहार में भी उस दौरान सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 50 और 21 लोग मारे गए थे.

साल के हिसाब से आंकड़े देखें,

तो एनसीआरबी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 में जहरीली शराब के चलते देशभर में 782 लोगों की मौत हुई थी. सब से ज्यादा उत्तर प्रदेश में 137, पंजाब में 127, मध्य प्रदेश में 108, कर्नाटक में 104, झारखंड में 60 और राजस्थान में 51 मौतें हुई थीं.

कोरोना काल के दौरान साल 2020 में देशभर में जहरीली शराब से 947 लोगों की जान गई थी, जिन में मध्य प्रदेश

में सब से ज्यादा 214, झारखंड में

139, पंजाब में 133, कर्नाटक में 99 और छत्तीसगढ़ में 67 लोगों ने जान गंवाई थी.

साल 2019 में 1,296 लोगों की मौत हुई थी और सब से ज्यादा 268 लोगों की मौत कर्नाटक में, पंजाब में 191, मध्य प्रदेश में 190, छत्तीसगढ़ और झारखंड में 115-115, असम में 98 और राजस्थान में 88 लोगों ने दम तोड़ा था.

साल 2018 में 1,365 मौतों में से मध्य प्रदेश में सब से ज्यादा 410, कर्नाटक में 218, हरियाणा में 162, पंजाब में 159, उत्तर प्रदेश में 78, छत्तीसगढ़ में 77 और राजस्थान में 64 लोगों की मौत जहरीली शराब से हुई थी.

इसी तरह साल 2017 में हुई 1,510 मौतों में से सब से ज्यादा कर्नाटक में 256, मध्य प्रदेश में 216, आंध्र प्रदेश में 183, पंजाब में 170, हरियाणा में 135, पुडुचेरी में 117 और छत्तीसगढ़ में 104 लोगों ने दम तोड़ा था.

साल 2016 में कुल 1,054 लोग जहरीली शराब पी कर मौत की नींद

सो गए थे, जिन में से मध्य प्रदेश में 184, हरियाणा में 169, छत्तीसगढ़ में 142, पंजाब में 72, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 68-68 की मौत हुई थी.

साल 2015 में महाराष्ट्र में 278, पुडुचेरी में 149, मध्य प्रदेश में 246, छत्तीसगढ़ में 140, उत्तर प्रदेश में 125 और हरियाणा में 115 समेत कुल 1,522 लोगों की जान जहरीली शराब ने ली थी.

सवाल यह है कि आखिर लोगों को सामूहिक रूप से मौत की नींद सुलाती जहरीली शराब है क्या और लोग इस का सेवन करने पर क्यों मजबूर होते हैं?

दरअसल, जहरीली शराब ऐसी शराब होती है, जो गैरकानूनी तरीके से बनाई जाती है. कानून के रखवालों की नाक तले देश के गांवअंचलों में शराब निकालने की गैरकानूनी भट्ठियां चलती रहती हैं. इन्हीं भट्ठियों में चोरीछिपे शराब बनाई और बेची जाती है, जो काफी सस्ती तो होती है, लेकिन उतनी ही खतरनाक भी होती है.

ऐसी शराब बनाने वालों को इस के आसवन या डिस्टिल करने के सही तरीके की न तो पूरी जानकारी होती है और न ही उन्हें इस की कोई परवाह

होती है. इसे बनाने में पहले मिथाइल अलकोहल और फिर इथाइल निकलता है और यह पता होना बेहद जरूरी

होता है कि इथाइल को कैसे अलग किया जाए.

इस के आसवन या डिस्टिल करने का तरीका बड़ा मुश्किल होता है, जिसे कोई माहिर ही कर सकता है. अगर गैरकानूनी रूप से बनाई जाने वाली शराब से मिथाइल अलकोहल को सही तरीके से अलग नहीं किया जाता है, तो पूरी शराब जहरीली हो जाती है.

कच्ची शराब आमतौर पर गुड़, पानी, यूरिया वगैरह से बनाई जाती है, जिस में कई ऐसे कैमिकल भी इस्तेमाल किए जाते हैं, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक होते हैं और इसे लंबे समय तक रखने से कई बार इस में कीड़े भी हो जाते हैं, जो शराब के जहरीली होने की वजह बनते हैं.

देशी शराब बनाने के लिए आमतौर पर गन्ने या खजूर का रस, शक्कर, शीरा, महुआ के फूल, जौ, मकई, सड़े हुए अंगूर, आलू, चावल, खराब संतरे वगैरह का इस्तेमाल होता है.

स्टार्च वाली इन चीजों में यीस्ट मिला कर फर्मेंटेशन कराया जाता है और इन्हें सड़ाने के लिए औक्सीटौक्सिन का इस्तेमाल किया जाता है, जिस में नौसादर, बेसरम बेल की पत्ती और यूरिया भी मिलाया जाता है. ये चीजें मर्दानगी व नर्वस सिस्टम पर बुरा असर डालती हैं.

इन्हें मिट्टी में गाड़ने के बाद भट्ठी पर चढ़ाया जाता है और इस से निकलने वाली भाप से देशी शराब तैयार होती है, जिसे और नशीला बनाने के लिए मिथनौल भी मिलाया जाता है. देशी शराब को ज्यादा नशीली बनाने के चक्कर में यह जहरीली हो जाती है.

शराब बनाने के लिए आमतौर पर

2 बुनियादी तरीकों का पालन किया जाता है, जिन में पहला है फर्मेंटेशन और दूसरा है डिस्टिलेशन. डिस्टिलेशन यानी तकनीक से बनाई गई शराब, जिस के जहरीले होने का डर न के बराबर होता है, जबकि फर्मेंटेशन के जरीए बनाई गई शराब कई बार जहरीली हो जाती है और देशी शराब बनाते समय ज्यादातर इसी प्रक्रिया का पालन किया जाता है.

कच्ची शराब में जब यूरिया, औक्सीटौक्सिन, बेसरम बेल की पत्ती वगैरह मिला कर फर्मेंटेशन कराया

जाता है, तो इन कैमिकलों के मिलने से मिथाइल अलकोहल बन जाता है, जो बेहद खतरनाक साबित होता है.

शराब को और ज्यादा नशीला बनाने के चक्कर में कई बार इस में यूरिया और औक्सीटौक्सिन मिलाया जाता है, जो मौत की वजह बढ़ा देता है. गैरकानूनी रूप से बनाई जाने वाली यह शराब

शरीर में जा कर फार्मेल्डिहाइड (फार्मिक एसिड) नामक जहर बनाती है, जो दिमाग पर सीधा असर करती है. शरीर में जाते ही मिथाइल अलकोहल शरीर के अंगों पर तेज रासायनिक प्रतिक्रिया करता है, जिस से वे काम करना बंद कर देते हैं.

जहरीली शराब में मिथाइल अलकोहल से निकलने वाले फार्मिक एसिड की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जो शरीर के नर्वस सिस्टम को ब्रेकडाउन करता है.

गैरकानूनी शराब में आमतौर पर मिथनौल, एथिलीन ग्लाइकौल और कुछ दूसरे खतरनाक कैमिकल भी होते हैं, जो शरीर को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिन के चलते अंधापन, लकवा और मौत भी हो सकती है.

माहिरों के मुताबिक, जहरीली शराब के सेवन से लोग कार्डियोमायोपैथी और औप्टिक न्यूरोपैथी के शिकार हो जाते है़ं. औप्टिक न्यूरोपैथी में आंखों की नसें सूख जाती हैं, जिस से मरीज को दिखना बंद हो जाता है, जबकि कार्डियोमायोपैथी में मरीज के दिल का आकार बड़ा हो जाता है, जिस से दिल में खून का पंप बेहतर तरीके से नहीं होता और उन्हें हार्ट अटैक हो जाता है.

गैरकानूनी शराब का यह जहरीला धंधा इसीलिए तेजी से फलताफूलता है, क्योंकि सस्ती और खुली शराब पाने के लालच में लोग खुद ब खुद गैरकानूनी शराब की ओर खिंचे चले जाते हैं, लेकिन सस्ती शराब के चलते कोई अपनी आंखों की रोशनी गंवा बैठता है तो कोई अपनी जीवनलीला ही खत्म कर डालता है.

नकली शराब पी कर मरने वाले ज्यादातर गरीब तबके के लोग ही होते हैं, जो कम पैसे में नशे की भरपाई के लिए ऐसी शराब खरीदते हैं, लेकिन जहरीली शराब से उन की मौत होने पर उन के परिवार के सामने रोजीरोटी का संकट खड़ा हो जाता है.

यही वजह है कि नकली शराब बनाने वालों के खिलाफ ऐसे कठोर कदम उठाने की मांग होती रही है, जो दूसरों के लिए भी नजीर बने, लेकिन निश्चित रूप से यह सरकारों और प्रशासन की लापरवाही का ही नतीजा माना जाएगा कि आमतौर पर कोई बड़ा हादसा होने के बाद ही प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागता है.

नकली शराब का धंधा चलाने वालों के साथ अकसर पुलिस की सांठगांठ के मामले भी उजागर होते रहे हैं, वरना क्या वजह है कि जिस पंजाब में नशे पर काबू पाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है, उसी पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के ही गृह जिले संगरूर में नकली शराब का कारोबार फलफूल रहा हो और पुलिस प्रशासन को उस की भनक तक न हो.

पुलिस प्रशासन तभी नींद से जागा, जब 22 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों अस्पताल में भरती हुए. हालांकि, नकली शराब का कारोबार न केवल पंजाब, बल्कि कमोबेश हर राज्य की समस्या है और चोरीछिपे गैरकानूनी शराब बनाने और बेचने वाले हर कहीं मौजूद हैं.

जब तक इस गैरकानूनी धंधे की मोटी मछलियों पर हाथ नहीं डाला जाएगा, तब तक जहरीली शराब इसी तरह लोगों को बेमौत मारती रहेगी खासकर पिछड़े गांवदेहात में जहरीली शराब के खतरों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए मुहिम चलाना समय की सब से बड़ी मांग है.

कुलमिला कर, गैरकानूनी शराब के इस जहरीले धंधे पर तब तक लगाम लगा पाना नामुमकिन है, जब तक सरकारें गैरकानूनी शराब के बनने और बिक्री पर कड़ाई से रोक लगाने के लिए मजबूती से सख्त कदम नहीं उठाती है.

मानसून में कमजोर इम्यूनिटी के क्या हैं लक्षण, इन फूड्स को बनाएं डाइट का हिस्सा

Monsoon Health Tips: भारत में मानसून ने दस्तक दे दिया है, लोगों को गरमी से राहत मिलने लगी है. इस मौसम में अक्सर लोग बीमार हो जाते हैं, किसी को एलर्जी, तो किसी को सांस संबंधी परेशानियां रहती है. क्योंकि इस मौसम में लोगों की इम्यूनिटी वीक हो जाती है. तो चलिए जानते हैं बरसात के मौसम में इम्यूनिटी कमजोर क्यों होती है और उसे मजबूत करने के लिए किन चीज़ों को खाना चाहिए? हालांकि इससे पहले ये जान लें कि कमजोर इम्यूनिटी के क्या लक्षण हैं.

 

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इम्यूनिटी कमजोर होने का कारण

बारिश के मौसम में सूरज की रोशनी कम मिलती है. बारिश की वजह से इस मौसम में संक्रमण तेजी से फैलता है जिस वजह से इम्यून सिस्टम कमजोर होता है और लोग सर्दी-जुकाम, फ्लू, डेंगू, मलेरिया और जैसी बीमारियों के शिकार होने लगते हैं. यह मौसम नमी की वजह से बीमारियों को बढ़ावा देती है.

इम्यूनिटी कमजोर होने के लक्षण:

  • बार बार खांसी जुकाम होना
  • बहुत जल्दी थकान महसूस होना
  • पाचन संबंधी समस्या
  • घाव जल्दी न भरना
  • स्किन से जुड़ी परेशानियां

इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए खाएं ये फूड्स:

मानसून में इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए अपनी डाइट में विटामिन सी, डी, जिंक, प्रोबायोटिक्स और ओमेगा -3 फैटी एसिड जैसे तत्व शामिल करना जरूरी है. जिसके लिए आपको अलग अलग तरह की फल और सब्जियों को सेवन करना चाहिए.

खट्टे फलों करें डाइट में शामिल: इम्यूनिटी के लिए विटामिन सी सबसे ज्यादा जरूरी है. विटामिन सी के सेवन से व्हाइट ब्लड सेल्स का प्रोडक्शन भी बढ़ता है. ज़्यादातर खट्टे फलों में विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है. जैसे- अंगूर, संतरे, नींबू, आंवला, कीवी.

लाल शिमला मिर्च: लाल शिमला मिर्च में संतरे की तुलना में लगभग 3 गुना ज़्यादा विटामिन सी होता है. इसमें बीटा-कैरोटीन भी मात्रा पाई जाती है. ये आपकी स्किन को स्वस्थ बनाए रखने में भी मदद करता है. साथ ही बीटा-कैरोटीन आँखों के स्वस्थ रखने में मदद करता है.

ब्रोकली: ब्रोकली विटामिन और मिनिरल्स से भरपूर होती है. विटामिन ए, सी और ई के साथ फाइबर और कई एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, ब्रोकली आपकी कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता को तेजी से बढ़ाता है.आप इसका सेवन सूप और सलाद के रूप में कर सकते हैं.

लहसुन: लहसुन खाने में स्वाद बढ़ाने के साथ साथ इम्यून सिस्टम को भी स्ट्रौग करता है. लहसुन में कई गुण पाए जाते हैं जो आपका रोग प्रतिरक्षा क्षमता तेजी से बढ़ाते हैं. इसमें सल्फर युक्त कम्पाउंड और एलिसिन काफी मात्रा में पाए जाते हैं जो इम्यून को बढ़ाने का काम करता हैं.

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