टिक-टौक बना प्रेमी के मर्डर का सबब!

आज का आधुनिक सोशल मीडिया जहां एक तरफ वरदान है वहीं दूसरी तरफ कई बार यह अभिशाप भी बन जाता है .”टिक टॉक” वीडियो अपने इन्हीं सिक्के के दोनों पहलू के कारण लगातार विवादों में रहता है. इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दो लड़कियों की हत्या हो गई, और वजह बना टिक टॉक पर बनाया गया एक वीडियो. देखिए पूरी रिपोर्ट-

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में में हुए दोहरे हत्याकांड में एक नाबालिग समेत 3 लोग पुलिस गिरफ्त में अंततः आ ही गए. एसएसपी आरिफ शेख ने मामले का खुलासा करते हुए हमारे संवाददाता को बताया कि घटना से तीन दिन पहले मृतका मंजू सिदार ने टिकटॉक पर एक वीडियो अपलोड किया था. इस वीडियो में वह दूसरे लड़के के साथ थी. यह वीडियो देख उसके प्रेमी सैफ ने हत्या की योजना बनाई और अपने साथी गुलाम मुस्तफा उर्फ काली और एक नाबालिग के साथ रायपुर आ गया.

आरोपियों ने बड़े ही शातिरना ढंग से मंजू को मारा, अचानक बीच-बचाव करने आई उसकी बहन मनीषा की भी हत्या कर डाली ताकि कोई सुराग पुलिस को ना मिले. मंजू छत्तीसगढ़ के ही रायगढ़ सिटी में रहती थी. यहीं से उसका सैफ के साथ प्रेम संबंध था. पुलिस को जांच के दौरान सैफ के घर से एक दस्तावेज मिला.  इस हत्याकांड में सनसनीखेज तथ्य यह भी है कि दस्तावेजों से कोर्ट में सैफ और मंजू के विवाह की पुष्टि होती है. घर वालों के दबाव के चलते मंजू ने सैफ से दूरी बना ली थी. पर सैफ हर बार मंजू को साथ रहने के लिए कहता रहता था.

ऐसे हुआ दोनों बहनों का मर्डर

बहन की परीक्षा होने की वजह से उसकी सहायता करने मंजू 10 दिन पहले ही रायपुर आई थी.सैफ ने काली को हत्या में साथ देने के लिए 7 लाख रुपए का ऑफर दिया था. काली भी साथ देने राजी हो गया. सैफ मंजू के कमरे मे गया तो किसी बात पर उससे झगड़ा शुरू हो गया.

सैफ ने गुस्से में मंजू का गला दबाया. मंजू की बहन उसे छुड़ाने आई, इस पर पास ही रखे तवे से सैफ ने उस पर भी हमला कर दिया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार काली ने मनीषा को मारा और सैफ ने मंजू को. आरोपियों ने न सिर्फ इस हत्याकांड को अंजाम दिया बल्कि भागने का भी प्लान इनके पास तैयार था. नाबालिग साथी को सैफ ने इस काम में शामिल होने के लिए 15 हजार रुपए देने की बात कही थी.

नाबालिग संतोषी नगर के पास बाइक लेकर सैफ और काली का इंतजार कर रहा था. सड़क के रास्ते से आरोपी दुर्ग की तरफ निकल गए. यहां से बलौदाबाजार होते हुए नाबालिग जांजगीर पहुंचा. पुलिस बाइक के नंबर के आधार पर नाबालिग तक पहुंची. इस बीच सैफ और काली रीवा भाग गए, पुलिस ने इन्हें सतना मध्य प्रदेश में पकड़ कर ले आई है. पुलिस आगे की कार्यवाही में जुट गई है.

नहीं मिला प्यार तो उसे कुचल डाला

पुलिस पूछताछ में शोएब अहमद अंसारी उर्फ सैफ ने बताया कि वह बोईदादर रायगढ़ का निवासी है. डेढ़ साल पूर्व फेसबुक के जरिए उसकी मंजू से बातचीत शुरू हुई थी. किसी कार्यक्रम में मंजू रायगढ़ आई तो दोनों की गहरी मित्रता हो गई.यह दोस्ती प्यार में बदल कर शादी के अंजाम तक पहुंच गई दोनों ने 21 मई 2019 को रायगढ़ कोर्ट में शपथ पत्र देकर शादी भी कर ली.मगर यह रिश्ता मंजू के घरवालों को मंजूर नहीं था. और अंततः घरवालों के दबाव में मंजू सैफ से दूर रहने लगी और बातचीत भी नहीं करती थी.

एक महीने पहले सैफ ने मंजू और अपनी फोटो फेसबुक में अपलोड कर दी. इसे लेकर मंजू और उसके परिजनों ने 3 नवंबर को रायगढ़ जिले के चक्रधरनगर थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी. इसके बाद मंजू ने किसी अन्य लड़के साथ एक टिकटॉक वीडियो बनाकर अपलोड किया. जब सैफ को यह पता चला तो गुस्से में आ गया और उसने उसकी हत्या की योजना बना डाली. उसने रायगढ़ निवासी अपने दोस्त गुलाम मुस्तफा व जांजगीर-चांपा के नाबालिग लड़के को इस प्लान में शामिल किया. इसके लिए सैफ ने गुलाम मुस्तफा को 7 लाख व नाबालिग लड़के को 15000 रुपए देने का आश्वासन दिया था.

तीनों रायपुर पहुंचे. सैफ ने मंजू से आखिरी बार मिलने की गुजारिश की और घर पहुंच गया. नाबालिक लड़के को बाहर खड़ा किया और गुलाम मुस्तफा के साथ कमरे में गया. यहां मंजू और सैफ के बीच काफी झगड़ा बढ़ गया तो सैफ ने पास पड़े फ्राईपैन से मंजू के ऊपर हमला कर दिया. इससे पहले कि मनीषा कुछ बोलती गुलाम मुस्तफा ने उसके ऊपर भी फ्राईपैन से वार कर दिया.जब दोनों खून से लथपथ हो गईं तो गमछे से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी.

कौलेज में मेरी गर्लफ्रेंड के रूममेट के साथ संबंध थे, धोखे से बाहर आने के लिए क्या करूं?

सवाल

मैं बिहार के कौलेज में एमबीए कर रहा था, उसी दौरान मुझे एक लड़की से प्यार हो गया और वे मेरी गर्लफ्रैंड बन गई. मैं उसे दिलोजान से प्यार कर बैठा. लेकिन मैं इस बात से अनजान था कि वे मेरे पीठपीछे मेरे ही रूममेट के साथ घूमति है. यहां तक कि वे उसके साथ फिजिकल भी हो गई. मेरे किसी तीसरे दोस्त ने सच्चाई बताई तो मुझे यकीन नहीं हुआ. लेकिन मैंने से मान लिया किया उसका रिलेशन किसी ओर से है और उसने मुझे धोखा दिया है. मैं इस बात से मूव ओन भी कर चुका हूं.

लेकिन, अब प्रौब्लम ये है कि मैं किसी ओर लड़की के नजदीक नहीं जा पाता हूं. मुझे ऐसा लगता है कि इससे भी धोखा मिलेगा. मैं क्या करूं इस उलझन से कैसे बाहर आऊं?

जवाब

आपने आपनी गर्लफ्रैंड से धोखा झेला है ये एक आपके जीवन में गहरा घाव छोड़ गया है, लेकिन इससे निकलना भी आसान है. क्योंकि आपके रूममेट ने और गर्लफ्रेंड ने आपको किनारा दिखा दिया, इससे आपको बेहद ही बड़ा झटका लगा होगाय लेकिन इसकी वजह से आप दूसरी लड़कियों से बाद करने में डर महसूस करते है ये बड़ी समस्यां है. लेकिन कहते है कि अतीत हमे कुछ न कुछ सिखाता है. कि इन चीजों से हमें बचना है. ऑटकम तो आप कम ही चुके है.

पौजिटिव सोचें

रोजाना अपने लिए पौजिटिव सोच और बातें को रीपीट करें. जैसे कि मैं सच्चे प्यार के लायक हूं, जिसने मेरे साथ किया वे मेरे लायक ही नहीं थी. मैं एक नया और खुशहाल जीवन शुरू कर सकता हूं.

अपनी वैल्यू बढ़ाएं

अपने आप से प्यार करना शुरू करें. दूसरों से ज्यादा खुद को महत्व दें. अपनी काबिलीयत को पहचानें और सब्र रखें क्योंकि सही और सच्चा प्यार, रिलेशन समय रहते ही मिलता है. क्योंकि जब आप भावनात्मक रूप से और मानसिक रूप से मजबूत होंगे तो आप सही इंसान का चुनाव कर सकेंगे.

काउंसलर की ले सकते है हेल्प

अगर आप बहुत ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रहे है. तो किसी काउंसलर से बात करना मददगार हो सकता है. वे आपको सही दिशा में सोचने में मदद कर सकते है.

सैक्स को गंभीरता से लेना है बेहद जरूरी

कालेज में पढ़ने वाले युवाओं को सैक्स संबंध बनाना हो या फिर लिव इन रिलेशनशिप में रहना हो, उन्हें इस बारे में अधिक सोचविचार की आवश्यकता नहीं होती. एक समय था जब विवाहपूर्व सैक्स के बारे में सोचना गलत माना जाता था, लेकिन आज तमाम सर्वे पर नजर डालें तो न सिर्फ युवा बल्कि किशोरकिशोरियों को भी सैक्स से कोई परहेज नहीं है. यह बात सही हो सकती है, लेकिन बिना सोचेसमझे सैक्स और इसे गंभीरता से लिए बिना कोई कदम उठाना सही नहीं है. इस से खुद को ही नुकसान हो सकता है. इसलिए सैक्स को मजाक न समझें, बल्कि गंभीरता से लें.

यह मजाक नहीं है

कई बार युवा अपने दोस्तों की देखादेखी या फिर दोस्तों में लगी शर्त को पूरा करने के चक्कर में सैक्स संबंध स्थापित करते हैं, ताकि वे अपने दोस्तों के बीच दबदबा बना सकें. लेकिन उन्हें इस बात का पता ही नहीं रहता कि कुछ पलों के हंसीमजाक के चलते उन्होंने अपनी जिंदगी का कितना अहम कदम बिना सोचेसमझे उठा लिया है. इसलिए सैक्स को गंभीरता से लें.

शादी के बाद होगी मुश्किल

शादी के बाद पति को भी इस का पता चल सकता है. यदि अपनी किशोरावस्था में आप ने सैक्स को गंभीरता से नहीं लिया और अपने फ्रैंड से कई बार सैक्स संबंध बनाए तो हो सकता है शादी के बाद पति को इस बात की किसी तरह भनक लग जाए और अगर ऐसा हुआ तो आप की खुशहाल जिंदगी क्या करवट लेगी, कुछ कहा नहीं जा सकता.

यौन संबंधी बीमारियों का डर

आमतौर पर विवाहपूर्व सैक्स संबंध शारीरिक और भावनात्मक स्तर पर सुरक्षित नहीं माने जाते. असुरक्षित सैक्स से कई यौन रोग भी गले पड़ सकते हैं, जो जानलेवा होते हैं. यदि कम उम्र में ऐसे संबंध स्थापित किए जाते हैं तो इस का असर शारीरिक विकास पर पड़ता है. इस के साथ ही सामाजिक संबंधों पर भी इस का गहरा असर पड़ता है.

साथी के साथ ही करें सैक्स

सैक्स हमेशा उसी के साथ करें जिसे आप ने जीवनसाथी बनाना है. कोशिश करें कि शादी से पहले अपने बौयफ्रैंड से सैक्स संबंध न बनाएं, क्योंकि उस के मन में यह विचार आ सकता है कि जो लड़की मेरे साथ सैक्स कर सकती है उस ने औरों के साथ भी संबंध बनाए होंगे. किसी अजनबी के साथ सैक्स संबंध बनाना न तो ठीक है और न ही सुरक्षित. सैक्स संबंधों में जल्दबाजी न करें बल्कि जिस के साथ सैक्स करना है उस के बारे में अच्छी तरह जान कर व सोचसमझ कर ही आगे बढ़ें. यह भी ध्यान रहे कि वह संबंध बनाने की बात दूसरों को न बता दे.

जगह का चुनाव करें

सैक्स कहां कर रहे हैं, यह भी काफी माने रखता है. वह जगह सेफ न हुई या किसी ने होटल के कमरे में वीडियो क्लिपिंग बना ली तो क्या होगा, इसलिए जहां मन हुआ सैक्स कर लिया ऐसा नहीं होना चाहिए. सैक्स करने से पहले गंभीरता से सोचें कि इसे कहां किया जाए.

ब्लैकमेलिंग से बचें

बौयफ्रैंड के पास आप के कुछ पर्सनल फोटो हो सकते हैं, जिन से आगे चल कर वह आप को ब्लैकमेल भी कर सकता है, इस बात का भी ध्यान रखें, फिर चाहे वह बौयफ्रैंड हो या कोई और. सैक्स  से पहले यह बात जरूर सोच लें कि इस वजह से कहीं आप ब्लैकमेलिंग का शिकार न हो जाएं, इसलिए इन बातों का विशेष खयाल रखें.

प्रैग्नैंसी का खतरा

इस बात पर भी विचार करना जरूरी है कि अगर आप ने बिना सोचेविचारे जल्दबाजी में सैक्स संबंध बनाने का फैसला किया और उस दौरान कोई सावधानी नहीं बरती तो गर्भ ठहरने का खतरा भी बना रहता है. यदि ऐसा होता है तो आप मानसिक तनाव से घिर जाएंगी, क्योंकि इस का दुष्प्रभाव आप की पूरी जिंदगी पर पड़ेगा.

डिप्रैशन न हो जाए

जब कई बार इन संबंधों में दरार पड़ती है तो दोनों पक्षों को ही गहरा मानसिक आघात पहुंचता है. ऐसे में सामाजिक और नैतिक बंधनों के चलते विवाहपूर्व सैक्स संबंध बनाने की शर्म, ग्लानि, अविश्वास, तनाव तथा एकदूसरे के प्रति सम्मान की कमी जैसे कारक मुख्य भूमिका निभाते हैं.

डेटिंग को डेटिंग ही रहने दें

कई बार डेटिंग के दौरान भी सैक्स संबंध बन जाते हैं. जहां डेटिंग का मकसद एकदूसरे को भलीभांति जानना होता है वहीं वे उस मकसद को भूल सैक्स संबंध स्थापित कर लेते हैं. सैक्स के लिए तो पूरी जिंदगी पड़ी है, लेकिन अभी समय एकदूसरे को जाननेसमझने का है. यह वक्त दोबारा नहीं आएगा, इसलिए पहले दोनों एकदूसरे को भलीभांति समझ लें और अपने रिश्ते को कुछ समय दें. उस के बाद इस पायदान पर आएं.

अच्छा नहीं उतावलापन

सैक्स के लिए उतावलापन अच्छा नहीं है इसलिए आप को प्रोफैशनल या बाजारू महिला या पुरुष के साथ सैक्स संबंध बनाने से बचना चाहिए. यह पूरी तरह गलत है. इस से आप गलत लोगों के चंगुल में भी फंस सकते हैं.

जबरदस्ती सैक्स न करें

सैक्स जबरन नहीं करना चाहिए. आप को किसी के दबाव या किसी अन्य कारण से सैक्स करने से बचना चाहिए. साथ ही किसी डर की वजह से भी सैक्स नहीं करना चाहिए. मन के सारे भ्रम और आशंकाएं निकालने के बाद ही सैक्स संबंध बनाएं.

सही कदम

–       हर चीज समय पर ही अच्छी लगती है और सही भी रहती है. माना कि दिल किशोरावस्था में प्रेम की पींगें बढ़ाने को बेताब रहता है. प्रेम करना गलत नहीं है अवश्य करें, लेकिन सैक्स के लिए सही वक्त का इंतजार भी जरूरी है. तभी उस का असली मजा और आनंद ले पाएंगे वरना वह कुछ पलों का आनंद तो देगा लेकिन बाद में मन का सुकून भी छीन लेगा.

–       अगर फिर भी आप ने सैक्स का मन बना ही लिया है तो समय और स्थान का ऐसा चुनाव करें जो आप के लिए पूरी तरह सुरक्षित हो और बाद में किसी मुसीबत में फंसाने वाला न हो, इसलिए किसी भी कमजोर पल में सैक्स करने का फैसला न लें बल्कि यदि सैक्स करना भी है तो सोचीसमझी योजना के तहत करें.

–       सैक्स के बाद यदि प्रैग्नैंसी आदि का वहम हो रहा है तो बिना डाक्टर को दिखाए खुद ही किसी नतीजे पर न पहुंचें, बल्कि सब से पहले इस बारे में अपने घर पर बड़ी बहन, मां आदि को बताएं. यह सच है कि आप को बताने में हिचकिचाहट होगी, डर भी लगेगा और शायद शर्मिंदगी भी होगी, लेकिन यह शर्मिंदगी उस मुसीबत से कम होगी जो न बताने पर आप को झेलनी पड़ सकती है. वह आप के घर वाले हैं, इस बात को सुन कर चाहे लाख नाराज हों, आप को डांटें, लेकिन इस मुसीबत से निकालने की जिम्मेदारी लेने में उन्हें देर नहीं लगेगी. उस समय वह वही करेंगे जो आप के लिए उचित होगा. इसलिए उन पर विश्वास कर हिम्मत कर के एक बार उन से सच कह डालिए, फिर देखिए कैसे आप की परेशानी हल होती है.

–       अगर आप का कोई बौयफ्रैंड है जिस पर आप बहुत विश्वास करती हैं तो भी उसे अपना कोई वीडियो आदि न बनाने दें चाहे कुछ भी हो जाए. वह रिश्ता तोड़ने की धमकी देता है तो न डरें, क्योंकि जो युवक आप से ऐसी बात कह रहा है वह किसी भी तरह का रिश्ता रखने के लायक नहीं है.

–       अगर सैक्स करना भी है तो इस बात का खयाल रखें कि उस की वजह से आप की पढ़ाई में कोई बाधा न आए. यह समय आप के भविष्य बनाने का है. इस में किसी भी तरह का कोई व्यवधान नहीं आना चाहिए. सैक्स कर के कहीं हर वक्त उसी में खोए रह कर पढ़ाई करना न भूलें.

जानिए महीने में कितनी बार करना चाहिए सैक्स

एक सुखी शादीशुदा जीवन में सेक्स बड़ी भूमिका निभाता है लेकिन सवाल ये है कि क्या इसकी भी कोई सीमा होनी चाहिए? पति-पत्नी के बीच सेक्स संबंधों को लेकर शोध होते रहते हैं. ऐसे ही एक शोध में बताया गया है कि महिलाओं की यौन संतुष्टि से ज्यादा जरूरी है कि सेक्स कितनी बार किया गया.

शोध के अनुसार वही महिला अपने यौन जीवन से संतु्ष्ट रहती है जो एक महीने में करीब 11 बार सेक्स करती है. ये वे महिलाएं हैं जिनकी शादी के कुछ साल बीत चुके हैं. लेकिन एक नवविवाहिता के लिए माह में 11 बार सेक्स नाकाफी होता है. उनकी सेक्स इच्छा इससे तीन से चार गुना अधिक होती है और तब भी वे संतुष्ट नहीं होती.

प्रसिद्ध लेखक, साइकोथेरेपिस्ट और इस शोध के प्रमुख लेखक एम गैरी न्यूमैन ने सुझाव दिया है कि शादी के दो वर्षों के बाद शादीशुदा जोड़ों को अपने प्रेम संबंध की निकटता और उत्तेजना को पहले की तरह बनाए रखना चाहिए. उनका कहना था कि तेज़ भागते जीवन की वजह से जोड़ों के बीच सेक्स कम होता जाता है.

न्यूमैन का कहना है कि उनके शोध का मकसद यह पता करना था कि एक दम्पत्ति को महीने में कितनी बार संबंध बनाने चाहिए.

मैं गर्भधारण नहीं कर पा रही, कही इसकी वजह ये तो नहीं?

सवाल
मैं 21 वर्षीय विवाहिता हूं. विवाह को 1 साल हो चुका है. अभी तक मुझे मातृत्व सुख नहीं प्राप्त हुआ है. सहवास में निवृत्त होने के बाद मैं तुरंत खड़ी हो जाती हूं. क्या इसीलिए मैं गर्भधारण नहीं कर पा रही? गर्भधारण करने के लिए मुझे क्या करना चाहिए? क्या मुझे किसी तरह की जांच करानी चाहिए?

जवाब
अभी आप की उम्र बहुत कम है और शादी में भी सिर्फ 1 वर्ष ही हुआ है, इसलिए मातृत्व को ले कर आप को अभी चिंतित होने की जरूरत नहीं है. अभी कुछ वर्ष आप वैवाहिक जीवन का आनंद लें. शारीरिक और मानसिक तौर पर जब आप मातृत्व वहन करने के योग्य हो जाएंगी तब इस विषय में सोचें. जहां तक सहवास के बाद खड़े हो जाने की बात है तो इस से गर्भधारण करने में कोई व्यवधान नहीं पड़ता.

झोपड़ी में मिली लाश, हत्या कर बुझाई मन की प्यास

बात मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी थानांतर्गत धवई गांव की है. थानाप्रभारी अपने औफिस में दैनिक कामों में लगे हुए थे. तभी उन्हें चितरंगी-कर्थुआ रोड पर स्थित एक झोपड़ी में किसी महिला की लाश मिलने की सूचना मिली.

सूचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ वह पर घटनास्थल के लिए रवाना हुए. उन के वहां पहुंचने से पहले ही काफी भीड़ वहां जुट चुकी थी. थानाप्रभारी ने भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति से इस बारे में बात की.

उस व्यक्ति ने बताया कि हम गांव वालों को काफी दिनों से आसपास में अजीब सी दुर्गंध आ रही थी. हमें लगा कि कोई जानवर मरा होगा, उसी से बदबू आ रही होगी. किंतु ऐसा नहीं था. यह बदबू तो रसवंती नामक महिला की झोपड़ी से आ रही थी.

पुलिस द्वारा तुरंत मौके का बारीकी से निरीक्षण किया गया, वहां चारपाई के नीचे रसवंती की लाश पड़ी थी, जो पूरी तरह से सड़ चुकी थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाप्रभारी डी.एन. राज ने इस की सूचना अपने एसडीपीओ राजीव पाठक को दी. सूचना मिलते ही वह तत्काल मौके पर पहुंचे. यह बात 11 नवंबर, 2021 की थी.

लाश को देखने के बाद यह तय कर पाना काफी मुश्किल था कि यह मामला स्वाभाविक मौत का है या हत्या का. पुलिस ने सुराग तलाशने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. जिस के बाद गांव वालों से पूछताछ शुरू की, लेकिन कोई खास जानकारी हाथ नहीं लगी.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने पर पता चला कि रसवंती की मृत्यु गला घोटने से हुई थी. जिस के बाद एसडीपीओ राजीव पाठक के निर्देश पर चितरंगी थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी.

चूंकि महिला की सुरक्षा एवं उन से जुड़े मामले शासन के उच्च प्राथमिकता वाले विषयों में से हैं, जिस के कारण एसपी (सिंगरौली) वीरेंद्र कुमार सिंह स्वयं ही इस मामले की जांच को खुद आगे बढ़े.

एसडीपीओ राजीव पाठक ने सब से पहले गांव वालों से पूछताछ की, जिस में पता चला कि रसवंती शादीशुदा और एक बच्चे की मां थी, मगर लंबे समय से अपने पति व बच्चे को छोड़ कर धवई गांव में अपने भाई के साथ रहती थी.

जिस के बाद पारिवारिक झगड़ों के चलते वह गांव से बाहर चितरंगी और कर्थुआ रोड पर एक झोपड़ी बना कर अकेली ही रहने लगी थी.

चूंकि रसवंती अकेली रहती थी और काफी समय से गांव में ही रहती थी, इस कारण उस के बारे में जो भी जानकारी मिल सकती थी, वह गांव वालों से ही मिलती. लेकिन गांव वालों का सहयोग पुलिस को नहीं मिला.

तब थानाप्रभारी ने अपने मुखबिरों को सक्रिय किया और अपने मुखबिरों द्वारा जानकारी हासिल करने का प्रयास शुरू कर दिया था.

इस कोशिश में कई महत्त्वपूर्ण जानकारी पुलिस के हाथ लगी थीं. पता चला कि रसवंती कोई काम नहीं करती थी. वह केवल एक छोटी सी किराने की दुकान लगा कर अपना गुजारा करती थी, जोकि काफी नहीं था. पुलिस को पता चला कि वह इस दुकान की आड़ में अपना जिस्म बेच कर गुजारा चलाया करती थी.

इस की जानकारी मिलने पर थानाप्रभारी को यह मामला अवैध संबंधों का लगा. एसडीपीओ के निर्देश पर ऐसे लोगों की जानकारी जुटाने का काम शुरू किया गया जो अकसर रसंवती के संपर्क में रहते थे या उस से मिलने झोपड़ी में आया करते थे.

जांच के दौरान पुलिस को इस बात की जानकारी मिली कि रसवंती की झोपड़ी में बिजली नहीं थी. उसे अपने काम के लिए प्राकृतिक रोशनी पर ही निर्भर रहना पड़ता था. जिस वजह से वह अपने पास टौर्च या मोबाइल तो रखती ही होगी, लेकिन पुलिस को ये दोनों की सामान मौके से नहीं मिले.

इस से शक हुआ कि शायद मोबाइल और टौर्च दोनों ही हत्यारे अपने साथ ले गए होंगे. एसडीपीओ ने गांव वालों से पूछताछ करतेकरते इतना तो समझ लिया था कि हत्यारा इसी गांव का होगा.

इसलिए उन्होंने जांच के परिणामों को गांव वालों के बीच फैलाना शुरू कर दिया. इस का नतीजा भी जल्द ही सामने आ गया, जब 2 दिनों बाद गांव में एक जगह पर रसवंती की टौर्च पड़ी मिली, जो हत्या के बाद से ही गायब थी.

टौर्च जिस स्थान पर मिली, उस के आसपास रहने वालों की सूची तैयार करवाई गई तथा इस बात की जानकारी जुटाई कि इन में से कौन रसवंती से रात में मिलने आया करते थे. इस में से एक नाम सामने आया 22 साल के प्रिंस यादव का.

पुलिस को जानकारी मिली कि भले ही प्रिंस रसंवती से आधे से भी कम उम्र का था, लेकिन रसवंती के पास उस का आनाजाना भी काफी था. यहां तक कि शादी होने के बाद भी प्रिंस ने रसवंती के यहां आनाजाना नहीं छोड़ा था.

इस जानकारी के बाद पुलिस ने प्रिंस के मोबाइल फोन की काल डिटेल्स निकलवाई, जिस में पता चला कि प्रिंस और रसवंती के बीच अकसर फोन पर काफीकाफी देर तक बातचीत होती रहती थी.

इतना ही नहीं, लाश मिलने के 15 दिन पहले जिस रोज रसवंती का फोन बंद हुआ था. तब उस के फोन पर आखिरी बार बात प्रिंस ने ही की थी. इसलिए पुलिस ने प्रिंस यादव को हिरासत में ले कर पूछताछ की, जिस में पहले तो वह पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करने लगा.

लेकिन वह ज्यादा देर टिक नहीं पाया और उस ने अपने दोस्त गांव के ही युवक अजीत यादव के साथ मिल कर रसवंती की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली.

इस के बाद पुलिस ने गांव से अजीत यादव को भी गिरफ्तार कर लिया, जिस के बाद हत्या के पीछे की कहानी इस प्रकार सामने आई—

पति को छोड़ कर मायके लौटी रसवंती कुछ साल तक तो भाई के घर में आराम से रही, लेकिन समय के साथ उसे अपनी जिंदगी में एक पुरुष की कमी खलने लगी थी.

पति को छोड़ कर अकेली रह रही रसवंती पर गांव के कुछ युवकों की भी नजर थी और यह बात रसवंती भी जानती थी. फिर उस ने उन्हीं युवकों में से एक को चुन लिया और अपने तन की प्यास बुझाने का रास्ता खोज निकाला.

युवक से दोस्ती हुई तो वहां जरूरत पड़ने पर उसे खर्च करने के लिए पैसे भी देने लगा. यहीं से रसवंती को अपनी देह की कीमत का पता चला. उसे लगा कि यदि वह 2-4 युवकों को अपने पास आने का मौका दे तो उस की शारीरिक जरूरत तो पूरी होगी ही, साथ ही कुछ आमदनी भी हो जाया करेगी.

यही सोच कर उस ने गांव के कई युवकों से संबंध बना लिए थे. रसवंती के हरकतों की यह जानकारी जब उस के भाई को हुई तो उस ने उसे टोका तो 10 साल पहले रसवंती ने भाई का घर छोड़ दिया और खुद एक झोपड़ी बना कर रहने लगी.

चूंकि यह झोपड़ी रसवंती की अपनी थी तो वह जिसे चाहे उसे वहां मिलने के लिए बुला लिया करती थी. इस के अलावा उस ने दिखावे के लिए वहां एक छोटी सी दुकान भी लगा ली थी. वक्त के साथ रसवंती की उम्र बढ़ने लगी, इसलिए गांव के युवकों ने उस में दिलचस्पी लेनी कम कर दी.

जो उस की उम्र के थे, वे घरपरिवार वाले थे सो जब रसवंती के पास आने वाले मर्दों की संख्या घटने लगी तो रसवंती ने नया दांव खेला. उस ने कम उम्र के लड़कों को सैक्स का चस्का लगाना शुरू किया.

प्रिंस यादव भी रसवंती की इस योजना का शिकार 16 साल की उम्र में ही बन गया था. चूंकि उस वक्त तक प्रिंस के मन में सैक्स के प्रति एक नया ही नशा था, सो वह रसवंती को ही सब से बड़ा सुख मान कर उस के पास आने लगा.

रसवंती इश्क तो किसी से करती नहीं थी. उस के लिए तो यह काम भी पैसा कमाने का एक जरिया था. इसलिए प्रिंस से भी वह अपनी पूरी कीमत वसूलती थी.

वह रसवंती के पास केवल सैक्स का सुख लेने आया था, लेकिन धीरेधीरे वह उस का दीवाना हो गया. वह लगभग रोज ही उस से मिलने आने लगा.

कहना नहीं होगा कि अब रसवंती प्रिंस के लिए प्यार बन गई थी. जबकि प्रिंस, रसवंती के लिए एक सौदा था, इसलिए वह आए दिन उस से पैसों की मांग करती रहती थी. प्रिंस भी उसे यदाकदा खर्च के लिए पैसे देता रहता था.

प्रिंस 21 साल का हो गया तो उस के घर वालों ने उस की शादी कर दी. लेकिन पत्नी के आने के बाद भी उस का रसवंती के पास जाना कम नहीं हुआ.

दरअसल, रसवंती के लिए सैक्स एक धंधा था, इसलिए वह जानती थी कि उस के पास दूसरों से कुछ अलग नहीं होगा तब तक उस के पास ग्राहक क्यों आएगा. इसलिए प्रिंस जैसे युवकों को वह हर उस तरीके से संतुष्ट करने को राजी रहती थी. जिस की मांग युवा वर्ग में अधिक है.

इस की वह कीमत भी खूब वसूलती थी. लेकिन वह भूल चुकी थी कि प्रिंस के मन में जो पागलपन 16 साल में था, वह इन 6 सालों मे नहीं रह गया. दूसरा प्रिंस की शादी भी हो चुकी थी, इसलिए रसवंती उस की जरूरत भी नहीं रह गई थी. रसंवती द्वारा पैसों की मांग उस के लिए अब भारी पड़ने लगी थी.

जबकि उम्र बढ़ने से दीवानों की संख्या कम हो जाने के कारण रसवंती प्रिंस से ज्यादा से ज्यादा पैसा वसूलना चाहती थी. इसलिए दोनों के बीच पैसों को ले कर विवाद होने लगा था.

इस से तंग आ कर प्रिंस ने रसवंती के पास जाना बंद कर दिया. रसवंती जवान होती तो दूसरा दीवाना खोज लेती. अब 48 साल की उम्र में उसे कोई प्रिंस के जैसा दीवाना तो मिलने से रहा, इसलिए वह प्रिंस पर मिलने के आने के लिए दबाव बनाने लगी.

उस का कहना था कि अगर प्रिंस उस से मिलने नहीं आएगा तो वह पूरे गांव में पिं्रस के साथ अपने संबंधों का ढिंढोरा पीट देगी. प्रिंस इस बात से परेशान हो गया तो उस ने अपने दोस्त अजीत यादव के साथ मिल कर रसवंती की आवाज हमेशा के लिए खामोश करने की ठान ली.

इस के लिए योजना बना कर दोनों दोस्त 27 अक्तूबर, 2021 की शाम रसवंती के पास पहुंचे, जहां उसे कुछ रुपए दे कर दोनों ने बारीबारी से पहले तो रसवंती के साथ संबंध बनाए. फिर साथ में लाई जानवर बांधने की रस्सी से उस का गला दबा कर हत्या कर दी और लाश को वहीं चारपाई के नीचे डाल कर घर आ गए.

चूंकि रसवंती गांव में बदनाम थी, इसलिए उस के गांव में न दिखने पर भी किसी ने न तो उस की चर्चा की और न ही खोजखबर ली.

रसवंती की हत्या का पता उस समय चला, जब उस की लाश सड़ जाने के कारण फैल रही बदबू से लोग परेशान हो गए और उन्होंने पुलिस को खबर दी.

पुलिस ने आरोपी प्रिंस यादव और अजीत यादव से पूछताछ कर उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया.

लव और सैक्स में कोई मासूम हुआ मौत का शिकार

कहते हैं कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, एक न एक दिन कानून की गिरफ्त में आता जरूर है, हालांकि हत्या जैसा जघन्य अपराध जब भी कोई अपराधी करता है, तो निश्चित ही वह यही सोचता है कि उस ने जो अपराध किया है, उसे करते किसी ने देखा नहीं है, अत: वह साफ बच निकलेगा.

इस कहानी में आरोपी का अगला शिकार बनने वाली उस की दूसरी पत्नी के साहस ने उस की असलियत पुलिस के सामने ला दी. गजब के चतुर आरोपी ने इस सनसनीखेज हत्याकांड को कैसे अंजाम दिया, इस में कौनकौन शामिल रहा? उस का इरादा क्या था? इतने लंबे समय तक वह कैसे पुलिस को छकाता रहा? ऐसे तमाम सवालों के जवाब सिलसिलेवार विस्तार से जानते हैं.

इस की शुरुआत मारपीट की शिकायत से हुई. 14 मार्च, 2022 की दोपहर अनामिका नाम की एक महिला बदहवास हालत में ग्वालियर शहर के झांसी रोड थाने पहुंची. वह काफी घबराई हुई थी. थाने के गेट पर राइफल ले कर खड़े संतरी से जब उस ने थानाप्रभारी के बारे में पूछा तो संतरी ने उन के कक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘साहब अंदर बैठे हैं, आप चली जाइए.’’

अनामिका तेज कदमों से सीधे थानाप्रभारी के कक्ष में दाखिल हुई. उस वक्त थानाप्रभारी अपने मातहतों के साथ किसी अहम मसले पर चर्चा कर रहे थे. अनजान महिला को अपने कक्ष में आया देख कर उन्होंने उस से पूछा, ‘‘कहिए क्या काम है?’’

घबराई हुई अनामिका ने कहा, ‘‘साहब, मुझे अपने पति राजेंद्र यादव के जुर्म के संबंध में कुछ महत्त्वपूर्ण जानकारी मय दस्तावेज और फोटो के आप को देनी है और उस के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करवानी है.’’

थानाप्रभारी ने महिला को कुरसी पर बैठने का इशारा करते हुए कहा, ‘‘आप आराम से बैठ कर पूरी बात बताइए. आखिरकार आप के साथ क्या हुआ?’’

थानाप्रभारी के कहने पर अनामिका कुरसी पर बैठ गई, लेकिन पता नहीं क्यों, उस के मुंह से आवाज नहीं निकल रही थी. उस की जुबान सूख गई थी. उस की हालत देख कर थानाप्रभारी ने उसे पानी पिलवाया तो उस ने कहा, ‘‘साहब, मेरा नाम अनामिका है.’’

तसल्ली देते हुए थानाप्रभारी ने कहा, ‘‘आप के साथ क्या और कैसे हुआ, विस्तार से बताइए. मैं आप को भरोसा दिलाता हूं कि पुलिस आप की हरसंभव मदद करेगी.’’

थानाप्रभारी के भरोसा देने पर अनामिका के अंदर थोड़ी हिम्मत आई. उस ने उन से कहा, मेरे पति राजेश मेहरा (36) द्वारा मेरे साथ मारपीट और गालीगलौज करने की शिकायत दर्ज कराने के साथ ही उस की असलियत से भी आप को अवगत कराना है.

अनामिका ने बताया कि उस के पिता ग्वालियर के बड़े ट्रांसपोर्टर हैं. उन्होंने बड़ी शानोशौकत से उस की शादी राजेश के साथ की थी.

इस के बाद अनामिका के साथ जो हुआ, उस की कहानी इस तरह सामने आई. समय अपनी गति से गुजरता रहा. शादी के कुछ दिनों बाद ही पति उसे परेशान करने लगा था. पति के व्यवहार में काफी बदलाव आ गया था, वह बातबात में उस से झगड़ा करने लगा था. यही नहीं, उस के साथ मारपीट भी करने लगा था.

अनामिका पति के बदले व्यवहार से काफी खफा रहती थी. उस की समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करे. अनामिका जब भी कभी उस के बदले व्यवहार की शिकायत करती तो वह कोई न कोई बहाना बना देता.

यही नहीं, इस के बाद जब देखो तब राजेश मेहरा अनामिका की पिटाई कर उसे घर से निकल जाने को भी कहता. यहां तक कि उस ने घर खर्च के लिए पैसे देने भी बंद कर दिए थे. जब राजेश के अत्याचारों की हद हो गई, तब अनामिका ने अपने पिता को सारी बातें बता दीं.

राजेश ने अनामिका के सामने इस तरह के हालात खड़े कर दिए कि अनामिका परेशान हो कर खुदबखुद अपने पति का घर छोड़ कर अपने मायके में आ कर रहने लगी. 6 महीने पहल॒े पति की सच्चाई सामने आने के बाद वह अपने पति से अलग हो गई.

दरअसल, 6 महीने पहले इत्तफाक से कुछ कागजात अनामिका के हाथ लगे, जिस से उसे पता चला कि उस के पति का असली नाम राजेश मेहरा नहीं बल्कि राजेंद्र कमरिया है, राजेश मेहरा तो उस का बोगस नाम है. वह धोखाधड़ी और हत्या जैसे अपराधों में शामिल होने की वजह से फरार चल रहा है.

इस के बाद ही अनामिका पति से अलग हो कर अपने पिता के पास चेतकपुरी में रहने लगी थी. पति राजेश मेहरा उर्फ राजेंद्र कमरिया ने उसे फोन कर उस के पास लौटने को कहा. अनामिका ने जब लौटने को मना कर दिया तो राजेंद्र अनामिका को फोन पर जान से मारने की धमकी देने लगा,

एक दिन तो हद ही हो गई. 12 मार्च, 2022 को अनामिका अपने पिता से थोड़ी देर में आने को कह कर घर से निकली ही थी कि रास्ते में राजेंद्र अपने साथियों निक्की, प्रमोद और राजा के साथ खड़ा मिल गया.

वह अनामिका को जबरन अपनी गाड़ी में डाल कर सुनसान स्थान पर ले गया और उस के साथ जम कर मारपीट की.

इस मारपीट में अनामिका की आंख पर भी चोट लगी. अनामिका ने बताया कि उस दिन पति राजेंद्र उसे जान से मारने की फिराक में था, लेकिन वह जैसेतैसे उस के चंगुल से छूट कर भाग आई.

इस के बाद अनामिका सीधी ग्वालियर के झांसी रोड थाने पहुंची और पुलिस को अपने पति की असलियत बताने के साथ ही कई अहम दस्तावेज भी सौंपे.

जैसेजैसे जांच आगे बढ़ रही थी, पुलिस को नित नईनई जानकारी मिल रही थी. पुलिस ने अपना रिकौर्ड खंगाला तो इसी थाने में राजेंद्र मारपीट के एक मामले में फरार निकला. राजेंद्र को दबोचने के लिए बिलौआ पुलिस से संपर्क किया गया तो पता चला कि 2014 में हुई 36 लाख रुपए की धोखाधड़ी और मारपीट के मामले में वह वहां से भी फरार चल रहा है.

राजेंद्र यादव को गिरफ्तार करने के लिए एक पुलिस टीम बनाई गई. टीम में क्राइम ब्रांच के टीआई दामोदर गुप्ता, थानाप्रभारी (बिलौआ) रमेश साख्य, क्राइम ब्रांच के एएसआई राजीव सोलंकी, हैडकांस्टेबल रामबाबू सिंह, कांस्टेबल आशीष शर्मा व सोनू परिहार तथा बिलौआ थाने में पदस्थ एएसआई जीत बहादुर, कांस्टेबल सुशांत पांडे, धरमवीर और महेश आदि को शामिल किया गया.

इस के बाद मुखबिर की सूचना पर 16 मार्च, 2022 को पुलिस ने उसे बिलौआ क्षेत्र स्थित उस के फार्महाउस से हिरासत में लिया.

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पुलिस ने थाने ला कर उस से पूछताछ की तो उस ने एक ऐसे सनसनीखेज अपराध का खुलासा कर दिया, जिस के बारे में सुनते ही पुलिस वालों के पैरों तले से जैसे जमीन खिसक गई.

पकड़े गए युवक का असली नाम राजेंद्र यादव था. राजेंद्र ने पूछताछ में जो कुछ बताया, उसे सुन कर पुलिस असमंजस में पड़ गई. वजह यह थी कि वह एक संगीन अपराध था और वह आज जिन 4 हत्याओं के बारे में पुलिस को बता रहा था, उस से ग्वालियर पुलिस अभी तक पूरी तरह अनभिज्ञ थी.

पूछताछ में राजेश मेहरा उर्फ राजेंद्र मेहरा उर्फ राजेंद्र यादव उर्फ राजेंद्र कमरिया से पता चला कि वह सिर्फ 12वीं कक्षा तक ही पढ़ा है. ग्वालियर के बालाबाई के बाजार में उस का एक दोस्त मनोज गहलोत परिवार के साथ रहता था.

राजेंद्र यादव भी उस के पड़ोस में ही रहता था. दोनों में गहरी दोस्ती थी. राजेंद्र ने अपने से 10 साल बड़ी मनोज की पत्नी गीता को अपने प्रेम जाल में फांस लिया था. दोनों के बीच अवैध संबंध हो गए थे.

31 दिसंबर, 2011 को राजेंद्र ने अपनी प्रेमिका गीता के साथ मिल कर उस के पति मनोज गहलोत को बियर में नशे की गोली मिला कर पिला दी.

इस के बाद उस का गला दबा कर मौत के घाट उतार दिया और फिर मनोज की लाश झांसी के पास बेतवा नदी में फेंक दी थी. उधर मनोज के परिवार वालों ने कोतवाली थाने में मनोज की गुमशुदगी दर्ज करा दी थी.

मनोज की हत्या के बाद राजेंद्र और गीता ने शादी कर ली थी. शादी के बाद गीता और राजेंद्र मऊरानीपुर रहने चले गए, यहां पर गीता का मकान था.

तकरीबन 2 साल बाद जब गीता से राजेंद्र का मन ऊब गया तो सन 2013 में राजेंद्र ने बड़े ही सुनियोजित ढंग से गीता का मकान हड़प लिया. उस के बाद राजेंद्र ने रहस्यों से भरी किसी फिल्म की तरह गीता, उस के बेटे निक्की और भतीजे सूरज को भी चाकू से गोद कर मार डाला.

उस के इस अपराध में राजेंद्र के भाई कालू और उस के जीजा के भाई राहुल ने भी उस की मदद की थी. इस वारदात के बाद राजेंद्र मऊरानीपुर से फरार हो गया.

तिहरे हत्याकांड से मऊरानीपुर क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी. इस के बाद पुलिस किसी तरह इस हत्याकांड के आरोपियों का पता लगाने में सफल हो गई.

इतना ही नहीं, पुलिस ने हत्याकांड में शामिल रहे कालू और राहुल को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली. लेकिन राजेंद्र यादव नाम और हुलिया बदल कर इधरउधर छिपता रहा. पुलिस ने उस के ऊपर ईनाम तक घोषित कर दिया.

खुद को कुंवारा बता कर राजेश उर्फ राजेंद्र ने अनामिका को सन 2014 में अपने प्रेम जाल में फांस लिया. अनामिका ने पुलिस को बताया कि राजेश से उस की दोस्ती सन 2014 में ट्रेन के सफर में हुई थी.

दोस्ती बढ़ने पर राजेश ने दिल्ली में अनामिका की नौकरी लगवाने में काफी मदद की थी, इस वजह से दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई, जो बाद में प्यार में बदल गई. बाद में दोनों ने आपसी सहमति से शादी कर ली थी.

शादी के वक्त राजेश उर्फ राजेंद्र ने अपने को कुंवारा बताया था. राजेंद्र ने अनामिका से एक नहीं, बल्कि कई झूठ बोले थे.

उन में सब से बड़ा तो यही था कि उस ने अपनी पत्नी से मकान मालिक कुलदीप मेहरा का परिचय अपने पिता के रूप में करवाया था. राजेंद्र ने अपना नाम भी अनामिका को राजेश मेहरा बताया था. बाद में अनामिका को पता चला कि कुलदीप मेहरा राजेश उर्फ राजेंद्र का पिता नहीं बल्कि मकान मालिक है.

बाद में पता चला कि राजेश ने कुलदीप मेहरा की तकरीबन 5 करोड़ रुपए की जमीन भी ठग ली थी. शादी के बाद राजेंद्र ने अपनी पत्नी को बहन के घर रखा था. राजेंद्र और अनामिका के एक बेटा भी है.

पिछले 10 सालों से राजेंद्र अपना नाम और भेष बदल कर रहता रहा. कभी पगड़ी लगा लेता तो कभी क्लीन शेव रहता. कभी दाढ़ी बढ़ा लेता था, कभी राजेंद्र यादव बन जाता तो कभी राजेश मेहरा. वह लग्जरी कारों का भी शौकीन है. साथ ही वह अय्याश प्रवृत्ति का तो है ही.

पहले वह लड़की से दोस्ती करता है, उस के बाद उन की प्रौपर्टी पर सुनियोजित ढंग से कब्जा कर खुर्दबुर्द कर देता. बात करने में हाजिरजवाब राजेंद्र यादव के अपराधों का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए ग्वालियर के एसपी अमित सांघी, एडिशनल एसपी (क्राइम) राजेश दंडोतिया ने संयुक्त रूप से पत्रकार सम्मेलन में पत्रकारों को जानकारी दी.

2011 में खास दोस्त मनोज गहलोत की हत्या, 2012 में ग्वालियर में पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर के मकान में भाड़े पर रहा. उस की पत्नी को फांस कर 60 लाख की ठगी की. चैक बाउंस मामले में गिरफ्तारी वारंट 18 जून, 2013 में धारा 420, 467, 468, 471, 120 भादंवि का केस उस के खिलाफ दर्ज हुआ.

2013 में अपने भाई और जीजा के छोटे भाई के साथ मिल कर अपनी प्रेमिका गीता और उस के बेटे और भतीजे की निर्मम हत्या कर दी.

कड़वा सच तो यह है कि अनामिका का कई मर्तबा मन हुआ कि वह अपने पति के बारे में पुलिस को सब कुछ सचसच बता दे, लेकिन राजेंद्र के खिलाफ मुंह खोलने का साहस नहीं जुटा पाई.

जब अति हो गई तो वह पति के खिलाफ पक्के सबूतों के साथ थाने में जा कर खड़ी हो गई, वैसे भी पति के खिलाफ खड़ी होने में ही अनामिका की भलाई थी.

पति की कारगुजारियों से अनामिका को गहरा झटका लगा है. इस से उबरने में फिलहाल उसे वक्त लगेगा.

पूछताछ के बाद राजेंद्र को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.

—कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित

Shilpa Shetty और राज कुंद्रा के ठिकानों पर ED का छापा, पौर्न फिल्म से जुड़ा है मामला

Shilpa Shetty and Raj Kundra : मोबाइल के ऐप के जरिए अश्‍लील सामग्री बनाने और उसका प्रसार करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को एक्‍ट्रैस शिल्‍पा शेट्टी के पति बिजनेसमैन राज कुंद्रा (Raj Kundra) के घर और औफिस में छापेमारी की. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो ईडी ने एक्‍ट्रैस के पति के साथ ही कई और लोगों के यहां भी छापे मारे. मुंबई और उत्‍तर प्रदेश में भी तलाशी अभियान चलाया गया. इतना ही नहीं इस मामले में यह जांच एजेंसी राज कुंद्रा से पूछताछ भी कर रही है.

बंगले में अश्‍लील शूट कराने का लगा था आरोप 

राज कुंद्रा (Raj Kundra) के मड आइलैंड वाले एक बंगले पर पुलिस ने साल 2021 में छापेमारी की थी.  तब कहा गया था कि इस बंगले में अश्‍लील मूवी की शूटिंग होती है. इस मामले में टीवी एक्‍ट्रैस गहना वशिष्‍ठ का नाम सामने आया था.  दरअसल, राज कुंद्रा ने ‘हौटशौट्स’ नाम के एक ऐप के माध्‍यम से एडल्‍ट वीडियोज स्‍ट्रीम किए थे.  इस ऐप को  ‘गूगल’ और ‘ऐपल’ दोनों के प्‍ले स्‍टोर से हटा दिया गया है. तब राज पर आरोप लगा था कि वह इसी ऐप की मदद से ब्रिटेन की एक कंपनी को अश्‍लील सामग्री बेचते थे.  इस मामले में कई लड़कियों ने एक्‍ट्रैस के पति पर यह आरोप लगाया था कि उन्‍हें बौलीवुड मूवीज में काम दिलाने के नाम पर अश्‍लील मूवी में काम करने को मजबूर किया गया था. पुलिस की जांच में यह पाया गया था कि वेबसीरीज में काम दिलाने के नाम पर इन कलाकारों को औडिशन देने के लिए बुलाया.  इन लड़कियों को बोल्‍ड सीन देने को कहा गया. राज कुंद्रा के फोन से इस मामले में आर्थिक लेनदेन के संबंध में जानकारी मिली थी. एक वाट्सचैट से पता चला कि राज ने एक व्‍यक्ति को 1.2 मिलियन अमेरिकी डौलर में सौ से अधिक एडल्‍ट कंटेंट बेचने की चर्चा भी की थी.

इसके पहले भी हुई थी जांच 

साल 2024 की शुरुआत में ही ईडी ने क्रिप्‍टो करैंसी के मामले में राज कुंद्रा और उनकी पत्‍नी शिल्‍पा शेट्टी (Shilpa Shetty) की 90 करोड़ से अधिक की संपत्‍त‍ि को कुर्क कर लिया गया था.  हालांकि इस मामले में ईडी के आदेश के खिलाफ कपल को बौम्‍बे हाईकोर्ट से राहत मिल गई थी. इसके पहले राज कुंद्रा (Raj Kundra) को साल 2021 में एक केस में गिरफ्तार किया गया. उन पर एडल्‍ट मूवी बनाने के साथ ही एक मोबाइल ऐप के जरिए इसे डिस्‍ट्रीब्‍यूट करने का भी आरोप लग चुका है. तब मुंबई की अपराध शाखा की ओर से भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत गिरफ्तारी की गई थी. बाद में उन्‍हें जमानत दे दी गई थी.  ईडी की इस छापेमारी को इसी केस से जुड़ा मामला बताया जा रहा है.

पूनम पांडे और शर्लिन चोपड़ा का नाम भी

पौर्न फिल्में  बनाने के मामले में गहना वशिष्‍ठ के अलावा पूनम पांडेय और शर्लिन चोपड़ा का नाम भी सामने आया. शर्लिन ने राज पर यह इल्‍जाम लगाया था कि एक्‍ट्रैस के पति ने उनके घर में आकर उनके साथ जबरदस्‍ती करने की कोशिश की थी. शर्लिन का कहना था कि राज अपनी मैरिड लाइफ से खुश नहीं था और टेंशन में रहते थे. शर्लिन ने यह भी कहा था कि राज ने ही उन्‍हें अश्‍लील कंटेंट के धंधे में धकेला. नवंबर 2023 में राज कुंद्रा के अपने जेल जाने के अनुभव पर उनकी मूवी UT69 रिलीज हुई. इसमें राज कुंद्रा ने ही अपनी भूमिका को निभाया था. राज कुंद्रा और शिल्‍पा शेट्टी की शादी साल 2019 में हुई थी . इस कपल का एक बेटा है वियान और एक बेटी है समीशा. इसी 22 नवंबर को कपल ने अपनी शादी की 15वीं सालगिरह मनाई थी.

IPL 2025 में जलवा बिखेरेंग बिहार और यूपी के जबाज खिलाड़ी, लगी महंगी बोली

Bihar and Uttar Pradesh Players in ipl-2025 : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 18वें सीजन का मेगा औक्शन दुबई में काफी जोरो शोरो से चला, जहां एक से बढ़कर एक खिलाड़ी पर बड़ बड़ बोली लगी. दिल्ली के Rishabh Pant सबसे महंगे खिलाड़ी बिके. लेकिन बात करें होने वाले आईपीएल में 2025 में बिहार(Bihar) और यूपी (Uttar Pradesh) के खिलाड़ियों की तो उनपर भी भारी बोली लगी है. ये खिलाड़ी पहले कई मैच में अच्छा प्रदर्शन कर इस बार आईपीएल में अपन जगह बना चुके है. बिहार और उत्तर प्रदेश के खिलाडियों की लिस्ट तो लंबी है लेकिन उनके मैच के प्रदर्शन की जितनी तारीफ की जाएं उतनी कम है, क्योंकि कोई महान बल्लेबाज है तो कई गेंदबाज. लेकिन यूपी-बिहार के ये खिलाड़ी करोडों में बिके है जिनपर आखिर तक बोलिया लगती रही है. इनमें सबसे महंगे बिके है भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar kumar) जिनपर 10.75 करोड़ रुपये की कीमत लगी है.

– भुवनेश्वर कुमार (उत्तर प्रदेश)

उत्तर प्रदेश क आईपीएल 2025 में 25 खिलाडियों के नाम शामिल थे. जिनमें से 13 खिलाड़ी चुने गए है. अपने दमदार खेल प्रदर्शन के आधार पर आईपीएल की फ्रेंचाइजी ने पहले ही रिंकू, यश, ध्रुव , कुलदीप और मोहसिन जैसे खिलाडियों रिटेन कर लिया था. फ्रेंचाइजी में सबसे ज्यादा बड़ी बोली भुवनेश्वर कुमार पर ही लगाई गई है.

भुवनेश्वर कुमार उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले है. ये भारत के टेस्ट क्रिकेट, एक दिवसीय क्रिकेट और टी20 इंटरनेशनल तीनों में खेलने वाले खिलाड़ी हैं. IPL 2025 में आरसीबी ने 10.75 करोड़ रुपय में खरीदा है. भुवी को औक्शन से पहले सनराइजर्स हैदराबाद ने रिलीज कर दिया था. लेकिन उन्हे फिर भी तीन टीमों ने खरदीने में रूची दिखाई थी और लास्ट तक आरसीबी ने उन्हे अपने साथ जोड़ लिया.

बता दें कि इस खरीद के साथ भुवनेश्वर का सनराइजर्स हैदराबाद से 11 साल पुराना रिश्ता टूट गया है. भुवी पिछले सीजन (IPL 2024) सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा थे, अब टीम से अलग होने के बाद भुवनेश्वर ने एक इमोशनल पोस्ट किया है और हैदराबाद को अलविदा कहा है.

इसके अलावा भुवी ने मुंबई और लखनऊ को पछाड़कर रौयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के हो गए है. वहीं, दूसरी ओर चेन्नई सुपर किंग्स के समीर को दिल्ली ने 95 लाख में खरीदा.

– ध्रुव जुरेल (उत्तर प्रदेश)

आईपीएल में उत्तर प्रदेश के ध्रुव जुरेल को भी राजस्थान रौयल्स ने 14 करोड़ रुपए में अपने नाम किया है. ध्रुव जुरेल का जन्म 21 जनवरी 2001 को हुआ. वे एक बेहतरीन भारतीय क्रिकेटर है. उन्होंने अपने टी-20 की शुरुआत साल 2021 में की थी. अपने टी-20 डेब्यू से पहले उन्होंने साल 2020 अंडर -19 क्रिकेट विश्व कप भारत के टीम के उप-कप्तान के रुप में किया था.

– समीर रिजवी (उत्तर प्रदेश)

उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले समीर रिजवी भी एक जाबज खिलाड़ी है. जिन्हे दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल 2025 औक्शन में 95 लाख रुपये में खरीदा है. उन्हे औक्शन में 30 लाख रुपये के बेस प्राइस के साथ उतारे थे. उन्हे खरीदने के लिए सीएसके ने भी दिलचस्पी दिखाई खी.

– वैभव सूर्यवंशी (बिहार के खिलाड़ी)

वैभव सूर्यवंशी इस औक्शन में सबसे युवा खिलाड़ी है. उन्होंने सचिन से भी कम उम्र में रणजी में डेब्यू कर बिहार का नाम रौशन किया था. बिहार के समस्तीपुर जिला के वैभव सूर्यवंशी है. उनकी उम्र केवल अभी सिर्फ 13 साल की है. वे रणजी ट्रौफी, हेमन ट्रौफी और कूच बिहार ट्रौफी जैसे टूर्नामेंट खेल चुके है. वे बाएं हाथ के बल्लेबाज है. वैभव जूनियर इंडियन क्रिकेट टीम का हिस्सा रह चुके है. वे इस साल ओस्ट्रेलिया के खिलाफ अंडर -19 सीरीज में भी टीम का हिस्सा थे. उन्होंने इस सीरीज में महज 58 गेंदों में ही शतक जड़ दिया था. वैभन को 1.10 करोड़ रुपये में राजिस्थान रोयल्स ने खरीदा है

– ईशान किशन (बिहार के खिलाड़ी)

भारतीय विकेटकीपर और बल्लेबाज ईशान किशन का नाम भी आईपीएल 2025 औक्शन में जोड़ा गया है. किशन आईपीएल में साल 2018 से ही मुंबई इंडियंस (MI) के लिए खेल चुके है, लेकिन आईपीएल 2025 मेगा औक्शन में उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद ने 11.25 करोड़ रुपये में खरीदा है. मुंबई फ्रैंचाइजी से दूर होने पर ईशान किशन ने MI के साथ बिताए गए खास लम्हों का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर किया है.

दीपक चाहर से लेकर मोहम्मद सिराज समेत कई क्रिकेटर इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी-अपनी पुरानी टीमों से दूर जाने को लेकर इमोशनल हो चुके हैं. ईशान किशन साल 2019 और 2020 में दो बार मुंबई इंडियंस की चैंपियन बनने वाली टीम का हिस्सा रहे है.

– अकाश दीप (बिहार के खिलाड़ी )

बिहार के लाल आकाशदीप ने ऐसा धमाल मचाया कि पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. बिहार के रोहतास जिले के छोटे से गांव बड्डी से ताल्लुक रखने वाले इस क्रिकेटर ने रातोंरात अपनी किस्मत बदल दी. पिछले साल रौयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) का हिस्सा रहे आकाशदीप को इस बार लखनऊ सुपर जायंट्स ने 8 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कीमत पर खरीदा है. पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच हुई तीखी बोली में लखनऊ ने बाजी मारी और आकाश को अपनी टीम में शामिल कर लिया.

इन सभी खिलाड़ियों के अलावा आईपीएल में कुलदीप यादव को दिल्ली कैपिटल्स ने 13.25 करोड़ में अपने नाम किया, रिंकू सिंह को कोलकाता नाइट राइडर्स ने 13 करोड़ में खरीदा. यश दयाल को रौयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 5 करोड़ और मोहसिन खान को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 4 करोड़ रुपये में रिटेन किया था.

मेरी कोई गर्लफ्रैंड नहीं है, क्या करूं?

सवाल

मैं 24 वर्षीय नौजवान हूं और पापा का बिजनैस संभाल रहा हूं. मेरे सभी दोस्तों की गर्लफ्रैंड हैं लेकिन मेरी कभी कोई गर्लफ्रैंड नहीं बनी. ऐसी बात नहीं कि मैं देखने में अच्छा नहीं लगता बल्कि मेरी पर्सनैलिटी देख कर सब कहते हैं कि मैं छिपा रहा हूं कि मेरी गर्लफ्रैंड नहीं है. उन्हें क्या पता कि मेरी वाकई में कोई गर्लफ्रैंड नहीं. मुझे अच्छा नहीं लगता. इस वजह से आजकल मैं उदास रहने लगा हूं. लाइफ बोर लगने लगी है. अभी शादी भी नहीं करना चाहता. क्या करूं?

जवाब

आप जिंदगी से नाराज क्यों हैं. गर्लफ्रैंड नहीं है तो न सही, इस में उदास होने की क्या बात है. आप अकेले हैं क्या जिस की गर्लफ्रैंड नहीं है. आप जैसे हजारों लड़के होंगे. क्या वे जिंदगी के मजे नहीं उठा रहे. अरे भई, क्या कभी सोचा है कि गर्लफ्रैंड के न रहने से आप की जिंदगी कितनी बेहतर हो सकती है? नहीं जानते तो हम बताते हैं. सब से बड़ा फायदा यह है कि गर्लफ्रैंड न होने से आप किसी भी लड़की के साथ घूमफिर सकते हैं. आप को हर वक्त कोई रोकनेटोकने वाला नहीं होता. दूसरा, आप कभी भी नाइटआउट के लिए बाहर जा सकते हैं.

इतना ही नहीं, आप को अपने दोस्तों से मिलने के लिए किसी को जवाब नहीं देना पड़ता. तीसरा, आप की जिंदगी में अगर लड़की न हो तो आप अपने हिसाब से रह सकते हैं. आप को किसी की पसंद से कुछ भी पहनने की जरूरत नहीं होती. चौथी बात, पैसों की बचत तो है ही. गर्लफ्रैंड को खुश रखने के लिए जेब तो ढीली करनी ही पड़ती है और आखिरी बात, गर्लफ्रैंड न होने का सब से बड़ा फायदा यह है कि आप के पास अपने लिए काफी समय होता है. आप जो चाहे वह कर सकते हैं.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
सब्जेक्ट में लिखे…  सरस सलिल- व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem
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