पद्मावती को लेकर बौलीवुड में क्यों है खामोशी

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘‘पद्मावती’’ से जुड़ा विवाद ठंडा होने का नाम ही नहीं ले रहा है. राजपूत करणी सेना सहित कुछ संगठनों ने जिस तरह से पद्मावती का किरदार निभाने वाली अदाकारा दीपिका पादुकोण की नाक काटने व उन्हें जिंदा जलाने की घोषणाओं से शबाना आजमी सहित बौलीवुड की सभी अभिनेत्रियों को गुस्सा आ गया.

इन सभी ने दावा किया कि उनके सब्र का बांध टूट चुका है और सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास संयुक्त हस्ताक्षर वाली एक पिटीशन भेजकर कहने का निर्णय लिया कि ‘अभी नहीं,तो कभी नहीं. इस पेटीशन में लिखा गया कि फिल्म उद्योग से जुड़े लोग इंसान हैं, कोई पपेट नहीं, जिनके बारे में राजनीतिक फायदे के लिए कुछ भी बोल दिया जाए. बौलीवुड की अदाकाराओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा.’

प्रधानमंत्री को भेजने के लिए इस पिटीशन पर अभिनेत्रियों ने हस्ताक्षर अभियान शुरू किया और हर अखबार के पन्नों के साथ ही टीवी के समाचार चैनलों पर जमकर वाहवाही लूटी. मगर यह पिटीशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजी जाती, उससे पहले ही यह फुसफुसा पटाखा साबित हो गया.

क्योंकि राजनीतिज्ञों पर राजनीतिक फायदे का आरोप लगाने वाले बौलीवुड से जुड़ा हर इंसान सिर्फ अपना फायदा देखता है इनके लिए ‘बाप न बड़ा भईया, सबसे बड़ा रूपया’ ही मूल मंत्र है. बौलीवुड से जुड़ी अभिनेत्रियां भी इसी मूल मंत्र पर चलती हैं. इनके लिए पैसा ही सर्वोपरि है तभी तो प्रधानमंत्री को पिटीशन नहीं भेजी गयी और न ही भेजी जाएगी.

सूत्र बताते हैं कि जैसे ही अदाकाराओं की इस पिटीशन के बारे में फिल्म ‘‘पद्मावती’’ के निर्माण से जुड़े कंपनी ‘‘वायकाम 18’’ को पता चला. इस स्टूडियो ने तुरंत फरमान जारी कर दिया कि इस तरह की कोई पिटीशन बौलीवुड की कोई भी अदाकारा प्रधानमंत्री को नहीं भेजेगी. इस फरमान के बाद सभी अभिनेत्रियां अपने अपने दरवाजो में बंद हो गयी. यहां तक कि इस पिटीशन की अगुवाई करने वाली शबाना आजमी भी चुप हैं.

सूत्रों की माने तो ‘वायकौम 18’ को डर सता रहा है कि यदि यह पिटीशन भेजी गयी, तो भाजपा का आक्रोश फिल्म ‘‘पद्मावती’’ को झेलना पड़ सकता है. अभी से भाजपा शासित चार राज्यों में इस फिल्म को बैन किया जा चुका है. इसलिए उसने इस पिटीशन को रोकने का फरमान जारी किया, जिसे सभी अभिनेत्रियों ने सहर्ष स्वीकार कर लिया.

यदि यह सच है, तो इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा व अहम सवाल उठता है कि अभिव्यक्ति की आजादी, अपने मन की बात कहने की हक की बात कहने की स्वतंत्रता आदि के हनन का आरोप लगाने वाले बौलीवुड का हर इंसान इस तरह के फरमान पर खामोश क्यों है.

किसी ने भी ‘वायकाम 18’ के इस फरमान का विरोध नहीं किया. क्या अब किसी की भी अभिव्यक्ति की आजादी, मन की बात कहने की आजादी का हनन नहीं हुआ?

उधर सूत्र यह भी दावा करते हैं कि कलाकार को स्टूडियो ‘वायकाम 18’ की सुननी पड़ेगी, क्योंकि स्टूडियो की वजह से कलाकारों को लंबी रकम पारिश्रमिक राशि के रूप में मिल पा रही है.

क्या 22 दिसंबर को प्रदर्शित होगी ‘‘टाइगर जिंदा है’’

‘‘पद्मावती’’ को लेकर उठे विवाद के साथ ही इस फिल्म को सेंसर प्रमाणपत्र देने के लिए ‘‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड’’ के अध्यक्ष प्रसून जोशी जिस तरह से ‘सिनेमैटोग्राफिक एक्ट 1952’ को कड़ाई से लागू करने का ऐलान करते हुए आदेश सुनाया है कि जिस दिन निर्माता की तरफ से सही ढंग से कागजातों को जमाकर सेंसर प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया जाएगा, उसके बाद 68 दिन में प्रमाण पत्र मिलेगा.

‘सिनैमैटोग्राफी एक्ट 1952’ के तहत यह नियम है कि सेंसर प्रमाण पत्र का आवेदन किए जाने के 68 दिन बाद ही फिल्म को प्रमाणपत्र मिलेगा. ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस नियम का अब तक कभी पालन नहीं किया गया. अब तक निर्माता एक सप्ताह के अंदर सेंसर प्रमाण पत्र लेकर अपनी फिल्में प्रदर्शित करते रहे हैं.

मगर इस नियम के लागू होते ही कई तरह के विवाद को झेल रही ‘‘पद्मावती’’ की निर्माण कंपनी से इसका प्रदर्शन स्थगित किया है. पर ‘‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड’’ की तरफ से यदि 68 दिन वाला नियम लागू किया गया है, तो इसका खामियाजा सलमान खान की ‘यशराज फिल्मस’ निर्मित फिल्म ‘‘टाइगर जिंदा है’’ सहित कई दूसरी फिल्मों को भी झेलना पड़ेगा.

सूत्रों की मानें तो अब फिल्म ‘‘टाइगर जिंदा है’’ का 22 दिसंबर को प्रदर्शित होना नामुमकीन है. सूत्रों के अनुसार फिल्म ‘‘टाइगर जिंदा है’’ के निर्माताओें की तरफ से अभी तक फिल्म के सेंसर प्रमाणपत्र के लिए आवेदन ही नहीं किया गया है.

जैकलीन हैं आलिया सिद्धार्थ के ब्रेकअप की वजह..!

आखिरकार आलिया भट्ट का फिल्म ‘स्टूडेंट आफ द इयर’ के अपने सह कलाकार सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ तीन वर्ष से चला आ रहा प्रेम संबंध टूट चुका है. इनके बीच अब कोई रिश्ता शेष नहीं रहा. इसके लिए बौलीवुड से जुड़े सूत्र पूरी तरह से जैकलीन फर्नांडिस को दोष दे रहे हैं. लोगों की राय में फिल्म ‘ए जेंटलमैन’ में एक साथ अभिनय करते हुए जैकलीन फर्नांडिस ने सिद्धार्थ मल्होत्रा पर ऐसा जादू किया कि वह आलिया भट्ट से दूर हो गए. जबकि सभी यह जानते हैं कि आलिया ने सिद्धार्थ की मां और उनकी भाभी के संग भी अच्छे संबंध बना रखे हैं.

आलिया खुद स्वीकार कर चुकी हैं कि सिद्धार्थ मल्होत्रा की मां और भाभी से उनकी कई मुलाकातें हो चुकी हैं और सिद्धार्थ मल्होत्रा की भाभी ने उन्हें कुछ उपहार भी दिए हैं.

बहरहाल, सिद्धार्थ मल्होत्रा और आलिया भट्ट के बीच अलगाव की वजहों को लेकर अब बौलीवुड में लोग बातें करने लगे हैं. हर किसी का मानना है कि इसकी मूल वजह सिर्फ जैकलीन नहीं हैं. बल्कि कई ऐसी वजहें हैं, जो कि किसी को नजर नहीं आ रही है.

आलिया सिद्धार्थ दोनों से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस संबंध के टूटने की वजह दोनों का अपरिपक्व होना है. कुछ लोग मानते हैं कि इस रिश्ते को कभी भी शादी की मंजिल तक नहीं पहुंचना था, क्योंकि आलिया और सिद्धार्थ दोनों के बीच आपसी सामंजस्य का घोर अभाव है. कुछ लोगों की राय में इस बेमेल जोड़ी का आज नहीं, तो कल टूटना ही था.

सूत्र यह भी दावा करते हैं इन दोनों की परवरिश जिस माहौल में हुई है, उसके चलते दोनों कभी भी एक दूसरे के प्रति कड़वाहट के साथ पेश नहीं आएंगे. दोनों एक दूसेर की इज्जत करते हुए प्रोफेशनल स्तर पर एक साथ फिल्म में काम करते हुए भी नजर आ सकते हैं. पर यह जोड़ी फिर से एक होगी या कभी शादीशुदा दंपति बनेगी, इस पर लोगों को संदेह है. देखना है कि भविष्य में क्या सच सामने आता है.

फिल्मों में रोल पाने के लिए डायरेक्टर प्रोड्यूसर के साथ हमबिस्तर हुईं ये अभिनेत्रियां

बौलीवुड की दुनिया हमें दूर से बड़ी खूबसूरत और शोहरत भरी नजर आती है. इसलिए हम में से हर दूसरा आदमी बौलीवुड में जाने का सपने देखता है. शायद वो ये बात नहीं जानते कि सिल्वर स्क्रीन के पीछे की दुनिया कितनी काली है. यहां हर कोई खुशनसीब नहीं होता. कई लोगों को सिल्वर स्क्रीन तक पहुंचने के लिए बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है.

आज जो अभिनेत्रियां फिल्मों में बेहतरीन अभिनय के जरिए अपने दर्शकों को दिलों पर राज कर रही हैं, उनमें से कई अभिनेत्रियों को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बड़ी कीमत भी चुकानी पड़ी है.

जी हां, इस इंडस्ट्री में कई अभिनेत्रियां कास्टिंग काउच का शिकार हो चुकी हैं और कईयों को रोल के बदले में डायरेक्टर्स प्रोड्यूसर्स के साथ सोने के लिए कहा जा चुका है.

आइए आज हम आपको ऐसी ही अभिनेत्रियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें फिल्मों में रोल देने के बदले में कास्टिंग काउच का शिकार होना पड़ा और डायरेक्टर्स के साथ सोना पड़ा.

कंगना रनौत

बौलीवुड की क्वीन कंगना रनौत ने एक इंटरव्यू के दौरान खुद कुबूल किया था कि फिल्म “तनु वेड्स मनु” के बदले उनसे ऐसी मांग रखी गई थी. सिर्फ कंगना ही नहीं बौलीवुड के कई नामी कलाकार इस अपराध का शिकार हो चुके हैं.

कल्कि कोचलिन

कल्कि कोचलिन के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था और उन्होनें कुछ समय तक समझौता भी किया. पर जब वो इन सब से असहज महसूस करने लगीं तो उन्होनें इसके खिलाफ जाने का फैसला लिया.

संभावना सेठ

भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री और बौलीवुड की आइटम गर्ल संभावना सेठ भी एक बार ये कहती पाई गईं थी कि बौलीवुड में होने वाले कास्टिंग काउच से महिला कलाकार हों या पुरुष कलाकार, कोई नहीं बच सकता.

सरवीन चावला

‘हेट स्टोरी 2’ से बौलीवुड में अपना करियर शुरू करने वाली सरवीन चावला को साउथ फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा था. लेकिन इसके बावजूद वो पीछे नहीं हटीं और काम करती रहीं.

पायल रोहतगी

पायल रोहतगी ने अपने ही दोस्त दिवाकर बनर्जी पर उन्हें छूने, फिल्म से निकालने और उनका शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया था.

टिस्का चोपड़ा

टिस्का चोपड़ा का कहना है कि कास्टिंग काउच में दोनों पक्षों के बीच गुप्त एग्रीमेंट होता है जो कभी भी जनता के सामने नही लाया जाता. उन्हें भी इससे गुजरना पड़ा है.

समीरा रेड्डी

कस्टिंग काउच के बारे में समीरा कहती हैं, ताली दोनों हाथों से बजती है. दोनों में से कोई एक विक्टिम नहीं होता बल्कि हम सभी प्लेयर्स होते हैं.

राखी सावंत

बौलीवुड की बोल्ड आइटम गर्ल राखी सावंत ऐसे बयान देने में हमेशा आगे रहती हैं, कास्टिंग काउच को लेकर राखी का कहना है “शुरूआती दौर में केवल लड़कियां इसकी शिकार होती थी लेकिन अब मर्द भी इसके घेरे में आ गए हैं. कलयुग आ गया है.”

ममता कुलकर्णी

अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि डायरेक्टर राजकुमार संतोषी ने एक फिल्म में काम देने के बदले साथ में सोने के लिए कहा था.

रीना गोलन

ऐसा कहा जाता है कि वेटरन डायरेक्टर सुभाष घई ने एक्ट्रेस रीना गोलन को फिल्म में काम देने के बदले शारीरिक सम्बन्ध बनाने का प्रस्ताव दिया था. हालांकि ये बात कभी भी साबित नहीं हो पाई.

प्रीति जैन

मशहुर डायरेक्टर मधुर भंडारकर पर केस दर्ज कराने वाली प्रीति जैन ने आरोप लगाया था कि मधुर ने फिल्मों में काम दिलाने के बदले में साल 1999 से 2004 के दौरान पूरे पांच साल तक उनका शारीरिक शोषण किया लेकिन फिल्मों में एक भी रोल नहीं दिया.

मां ने बेटी को प्रग्नेंसी टेस्ट करते पकड़ा और फिर..

सोचिए, एक मां अपनी बेटी को प्रेग्नेंसी टेस्ट करते पकड़ लेगी तो उसके दिल पर क्या बीतेगी, बेटी कैसे अपनी मां से आंखें मिलाएगी, घर का माहौल क्या होगा. इन तमाम सवालों को सोच आंखों के सामने फैमिली ड्रामा सीन आता है. लेकिन कई बार हमारी सोच के उलट कई चीजें हो जाती हैं. कुछ ऐसा ही हुआ हाल ही में रिलीज हुए एक शौर्ट फिल्म में.

दरअसल, हाल ही में यूट्यूब पर ‘द गुड गर्ल’ नाम से एक शौर्ट फिल्म रिलीज हुई है. ये फिल्म सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. इस शौर्ट फिल्म में एक लड़की अप्पू और उसकी मां गुरदीप कोहली की कहानी है.

ये पूरी फिल्म दोनों की बातचीत पर आधारित है. बातचीत की शुरुआत तब होती है जब मां अचानक अपनी बेटी को प्रेग्नेंसी टेस्ट करते पकड़ लेती है. इस पर मां का रिएक्‍शन और बेटी के जवाब पर पूरी काहनी लिखी गई है.

अप्पू प्रेग्नेंसी चेक कर रही होती है तभी वाशरूम में मां आ जाती है. वो अप्पू को प्रेग्नेंसी चेक करते पकड़ लेती हैं. इसके बाद सन्नाटा छा जाता है. अप्पू को लगता है कि मां नाराज होकर उसे घर से बाहर निकाल देंगी.

पूरी कहानी जानने के लिए आप खुद देखें कि मां ने बेटी की इस परेशानी में उसके साथ क्या किया. पैरेंट्स और बेटी की इस कहानी में एक सीख भी दी गई है जिसे पैरेंट्स और बच्चों को दोनों को समझना चाहिए.

अंतरिक्ष की फिल्मों पर लगा ग्रहण

बौलीवुड में अंतरिक्ष यात्री के किरदार के इर्द गिर्द घूमने वाली दो फिल्मों के बनने की खबरे पिछले दो वर्षों से चर्चा में है. एक फिल्म पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की जिंदगी से प्रेरित ‘‘सारे जहां से अच्छा’’ है, जिसमें आमिर खान अंतरिक्ष यात्री का किरदार निभाने वाले थे.

दूसरी ओर निर्देशक संजय पूरण सिंह चौहान की महत्वाकांक्षी फिल्म ‘‘चंदामामा दूर के’’ है, जिसे वह अमरिका जाकर नासा में फिल्माना चाह रहे थे. इस फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत अंतरिक्ष यात्री का किरदार निभाने वाले थे.

लेकिन पिछले दिनों सुशांत सिंह राजपूत के अड़ियल रवैए के चलते इस फिल्म से उनकी छुट्टी कर नए कलाकार की तलाश शुरू हो गयी थी. यानी कि ‘‘चंदामामा दूर के’’ पर ग्रहण लग चुका है. यह फिल्म कब शुरू होगी या नहीं होगी,  इस संबंध कोई कुछ भी कहने को तैयार नहीं है.

अब सूत्रों से ताजातरीन खबर यह मिल रही है कि आमिर खान ने भी अंतरिक्ष यात्री का किरदार निभाने से साफ साफ मना कर दिया है. सूत्र दावा कर रहे हैं कि अब निर्माता अपनी इस फिल्म का हिस्सा बनाने के लिए रणबीर कपूर या रणवीर सिंह के नाम पर विचार कर रहे हैं.

मगर बौलीवुड के कुछ सूत्र दावा करते हैं कि इन दोनों कलाकारों की मार्केट इन दिनों काफी खराब है. यह दोनों अपने करियर के बुरे दौर से गुजर रहे हैं. इसलिए निर्माता कुछ समय तक इंतजार करना चाहेंगे. इस तरह यह फिल्म भी लटक गयी.

मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर का दो साल पुराना वीडियो वायरल

भारत के लिए 17 साल के बाद मिस वर्ल्ड का ताज जीत कर लाने वालीं मानुषी छिल्लर की हर तरफ चर्चा हो रही है. इस मौके पर बौलीवुड से लेकर राजनीति तक हर कोई मानुषी को बधाई दे रहा है. तो वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मानुषी को उनकी जीत की मुबारकबाद दी.

पीएम ने मानुषी छिल्लर को ट्वीट कर अपनी खुशी जाहिर की. अब हर कोई इस हरियाणा की बेटी के बारे में जानना चाहता है. हाल ही में एक वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में 2 साल पुरानी मानुषी छिल्लर नजर आ रही हैं.

यह वीडियो तब का है जब मानुषी एमबीबीएस कर रही थीं, इस वीडियो में वह बता रही हैं कि वह एमबीबीएस फर्स्ट इयर स्टूडेंट हैं. वीडियो में मानुषी कहती हैं, ‘मैंने यहां औल इंडिया की सीट सिक्योर की है. मैं बारह घंटे पढ़ने वाले बच्चों में से बिलकुल नहीं हूं.

मैंने 12 क्लास में ही एआईपीएमटी की तैयारी शुरू कर दी थी. तभी मैंने रवि सर से फिजिक्स के लिए कोचिंग ली थी. क्योंकि सबसे ज्यादा एंट्रेंस के दौरान फिजिक्स में ही प्रौब्लम आती है. फिजिक्स में सब कुछ कौन्सेप्ट बेस्ड होता है.’

आगे मानुषी कहती हैं, ‘मैं शुक्रिया करना चाहूंगी सर का, क्योंकि मैंने वह सारे कौन्सेप्ट्स क्लियर किए. यह ऐसा होता है कि चाहे जितना भी रट लो आप थोड़े बहुत नंबर ले आएंगे. लेकिन एंट्रेंस के वक्त तो कौन्सेप्ट क्लियर होना ही चाहिए.

क्योंकि उस दौरान सवाल सपाट नहीं आते, इतनी पढ़ाई के बाद भी मैंने स्कूल के बाकी कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया है. आपको हार्ड वर्क नहीं, स्मार्ट वर्क करना है.’ ये वीडियो एक्ट्रेस भैरवी गोस्वामी ने अपने ट्विटर पर शेयर किया है. वह लिखती हैं कि यह वीडियो उन्हें एक जर्नलिस्ट ने दिया है. वह कौमेंट बौक्स में लिखती हैं, ‘मुझे एक जर्नलिस्ट ने व्हौट्सएप के जरिए ये वीडियो दिया.’

श्याम बेनेगल की वह चिट्ठी मेरे लिए ‘पद्मश्री’ थी : अन्नू कपूर

20 फरवरी, 1956 को भोपाल, मध्य प्रदेश के एक साधारण परिवार में जनमे अन्नू कपूर ने देखते ही देखते फिल्म इंडस्ट्री में 34 साल गुजार दिए हैं. ‘एक रुका हुआ फैसला’ ने उन की फिल्मी जिंदगी को पहले सपनों की ‘मंडी’ में खड़ा किया, फिर ऐसी रफ्तार दी कि साल 2012 में आई फिल्म ‘विकी डोनर’ में उन के डाक्टर बलदेव चड्ढा के किरदार ने अवार्डों से उन की झोली भर दी.

हाल ही में अन्नू कपूर अपनी नई फिल्म ‘मुआवजा: जमीन का पैसा’ के प्रमोशन के लिए दिल्ली आए थे, जहां उन्होंने एक खास बातचीत में अपनी फिल्मी जिंदगी की बहुत सी अनकही बातों को साझा किया.

पेश हैं, उसी बातचीत के खास अंश:

आप तो पढ़लिख कर आईएएस बनना चाहते थे, फिर आप फिल्म इंडस्ट्री में कैसे आए? आप को फिल्म ‘मंडी’ कैसे मिली?

हम दिल्ली से नाटक ‘एक रुका हुआ फैसला’ करने के लिए मुंबई गए थे, जिस का डायरैक्शन मेरे बड़े भाई रंजीत कपूर ने किया था. वहां पर फिल्म इंडस्ट्री के बहुत सारे लोगों ने वह नाटक देखा था. शायद शबाना आजमी और इफ्टा के सौजन्य से वह नाटक पेश किया गया था, मेरे पास पूरी डिटेल्स नहीं हैं. उस नाटक को देखने के लिए श्याम बेनेगल को भी न्योता दिया गया था. फिर मैं वापस दिल्ली आ गया था.

एक दिन पंकज कपूर ने मुझ से कहा कि श्याम बेनेगल एक फिल्म बना रहे हैं ‘मंडी’ और वहां पर तुम्हारे बारे में एक छोटे से रोल के लिए जिक्र आया है. ऐसा नहीं है कि चर्चा की गई है, क्योंकि हम कोई बड़े आदमी तो हैं नहीं कि श्याम बेनेगल हमारी चर्चा करें.

पंकज कपूर ने बताया कि ऐसे ही तुम्हारा नाम किसी ने बताया है, तो बहुत अच्छा होगा कि तुम उन को एक चिट्ठी लिखो. मैं ने उन को एक चिट्ठी लिख दी.

श्याम बेनेगल ने मेरी चिट्ठी का जवाब दिया… जब मैं एक बहुत छोटा सा कलाकार था अनिल कपूर… मेरा असली नाम अनिल कपूर है… तो उन्होंने मुझे जवाब दिया कि हां, मैं प्लान कर रहा हूं और हम तुम्हारे बारे में विचार कर रहे हैं. मेरे लिए तो वह चिट्ठी ‘पद्मश्री’ से कम नहीं थी. मैं ने श्याम भाई से बात की और इस तरह मुझे फिल्म ‘मंडी’ में काम मिला.

तब आप को पता था कि नाटक ‘एक रुका हुआ फैसला’ अंगरेजी फिल्म ‘12 एंग्री मैन’ से प्रेरित था?

हां, मुझे पता था. नाटक ‘एक रुका हुआ फैसला’ तो हम ने 1980-81 में दिल्ली में सब से पहले किया था. फिल्म तो 1984-85 में बनी थी.

ज्यादातर लोग आप को कलाकार के रूप में जानते हैं, लेकिन साल 1994 में आप ने बाल फिल्म ‘अभय’ बनाई थी, जिसे नैशनल अवार्ड मिला था. डायरैक्शन कर के कैसा महसूस हुआ था?

अच्छा लगा था. मुझे ताज्जुब है कि उस फिल्म को बने हुए तकरीबन 22-23 साल हो गए हैं, मैं अभी तक कोई दूसरी फिल्म ही नहीं बना पाया. अब जा कर मेरा मन मचलता है कि मैं अपनी फिल्म बनाऊं.

क्या आप दोबारा बाल फिल्म ही बनाएंगे?

नहीं, बाल फिल्म नहीं होगी. वह तो जया बच्चनजी ने एक मौका दे दिया था. वह कहानी पसंद आ गई थी और उस पर फिल्म बन गई थी. मैं जया बच्चनजी का बहुत आभारी हूं.

क्या आप को नहीं लगता कि भारत में बाल फिल्मों को बनाने के लिए ज्यादा बढ़ावा नहीं दिया जाता है?

अरे, पहले अच्छी फिल्में बनाना तो शुरू करो, बाल फिल्मों का नंबर तो बाद में आएगा. अब अच्छी फिल्में कहां बनती हैं. अगर अच्छी फिल्मों को दर्शक मिलने लगें और वे हिट होने लगें, तो दूसरे डायरैक्टरों को भी बढ़ावा मिलेगा कि वे पहले अच्छी फिल्में बनाएं.

अच्छी फिल्म की कहानी ले कर जाओ, तो आप को प्रोड्यूसर नहीं मिलता और ये सारी की सारी चीजें जुड़ी हुई हैं हमारे समाज की व्यवस्था से.

अच्छी फिल्में बनेंगी, तो बाल फिल्में भी खूब बनेंगी. लेकिन टैलीविजन पर तो बच्चे कार्टून या बाल फिल्में खूब देखते हैं?

टैलीविजन बहुत आगे बढ़ गया है. टीवी ने गंदगी भी मचाई है और अच्छे काम भी किए हैं. टैलीविजन ने सीरियल ‘बुनियाद’ बनाया था. टीवी ने ‘अंत्याक्षरी’ दी थी. ‘अंत्याक्षरी’ ने 12 साल तक पूरे परिवार को टैलीविजन के सामने ला कर बिठा दिया था.

पर अब टैलीविजन ने परिवार को बांट दिया है. माताजी कुछ और देखती हैं, बहू कुछ और देखती है. दादाजी कुछ और ही देखते हैं.

मनोरंजन का जो डिजिटल प्लेटफार्म आ रहा है, उस पर आप की क्या राय है?

डिजिटल प्लेटफार्म मुख्य रूप से सैक्स और हिंसा का भरा लगता है. मेरे लिहाज से वह गलत नहीं है. अगर कोई मोबाइल फोन पर सैक्स देख रहा है, तो वह चुपचाप से देख रहा है, मगर इस का मतलब यह नहीं कि आप उसे संसद में देखो.

लेकिन हमारे देश में एक समस्या है कि एक तरफ संस्कार हैं, तो दूसरी तरफ वासनाओं का उफान है. इस को कैसे कंट्रोल करें?

पश्चिमी देशों में कोई क्या कर रहा है, उस पर कोई टिप्पणी नहीं करता है. हमें अगर उन जैसा बनना है, तो सब से पहले आडंबर, झूठ,भ्रष्टाचार तो मिटाओ. जिस दिन ईमानदारी आ गई, उस दिन बहुतकुछ अच्छा आ जाएगा.

हिंदी फिल्म ‘विकी डोनर’ आप के लिए मील का पत्थर साबित हुई थी. क्या डाक्टर बलदेव चड्ढा का किरदार आप को ध्यान में रख कर लिखा गया था?

यह फिल्म वाकई भारतीय सिनेमा के लिए मील का पत्थर थी. जहां तक मेरे किरदार की बात है, तो इस का जवाब तो आप को शुजीत सरकार दे सकते हैं.

क्या किरदार को निभाने के लिए आप खास तैयारी करते हैं?

जहां तक किसी किरदार को ले कर की गई तैयारी की बात है, तो हर अच्छा कलाकार अपने हर किरदार की तैयारी ईमानदारी से करता है. मैं ने अपनी 62 साल की जिंदगी में जो लोगों से सीखा है और देखा है, उस को अपने दिमाग में स्टोर कर लिया है. जब जरूरत होती है, तो उस स्टोरेज से मनपसंद किरदार निकाल लेता हूं.

भारत में बायोपिक फिल्में बनाने का चलन बढ़ गया है. आप किस हस्ती में खुद को रंगना चाहेंगे?

खिलाडि़यों पर तो कुछ फिल्में बनी हैं, जिन में कामर्शियल एंगल नजर आ जाता है. मिल्खा सिंह के ऊपर राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने फिल्म‘भाग मिल्खा  भाग’ बनाई थी, वह बहुत अच्छी चली थी. ‘दंगल’ ने तो सारे रिकौर्ड तोड़ दिए. अच्छी बात है कि इन विषयों पर अब फिल्में बनने लगी हैं.

जहां तक मेरा सवाल है, तो मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि मैं किसी बायोपिक में काम करूं. हां, कभी किसी डायरैक्टर ने मुझे कोई म्यूजिकल रोल दिया, तो मैं उस पर विचार करूंगा.

फिल्म ‘मुआवजा: जमीन का पैसा’  में आप को पोस्टर में सब  से आगे रखा गया. 90 के दशक में ऐसे पोस्टरों पर आप नजर नहीं आते थे. क्यों?

अरे, कहां यार… तब तो नाम भी आ जाता था, तो गनीमत समझते थे. ‘चमेली की शादी’, ‘तेजाब’ या ‘घायल’ में 10-20 हजार रुपए में काम करते थे. आज भी लोग फिल्म ‘चमेली की शादी’ के मेरे मामा के किरदार को याद करते हैं.

आप ने एक चीज नोटिस की होगी कि फिल्म ‘जौली एलएलबी 2’ के पोस्टर में तो सुभाष कपूर ने मुझे अक्षय कुमार के साथ रखा, लेकिन फिल्म‘विकी डोनर’ में डाक्टर को निकाल दो, तो फिर विकी डोनर क्या है, कुछ भी नहीं है. उस के पोस्टर में मैं कहीं था भी नहीं. तब दुख तो हुआ था मुझे. मैं ने न तो शुजीत सरकार से कहा और न ही उस के प्रोड्यूसर से.

इस मामले में तो हम गरीब कलाकार ही हैं. आप इंटरनैट पर देखिए कि अन्नू कपूर को किस किस फिल्म में अवार्ड के लिए नौमिनेट किया गया है.

मैं खुद ताज्जुब में पड़ गया था कि मुझे 1984-85 में आई फिल्म ‘उत्सव’ के लिए फिल्म फेयर के लिए नौमिनेट किया गया था. इस गरीब को पता भी नहीं था. अब अवार्ड दिया तो क्या दिया. बूढ़े हो गए हैं, जवानी तो चली गई.

हिंदी गानों और उन से जुड़ी खट्टीमीठी बातों के बारे में आप को बहुत ज्यादा जानकारी है. अगर खुद पर किसी गाने की लाइनें कहना चाहेंगे, तो वे कौन सी होंगी?

मैं तो प्रेमी आदमी हूं. फिलहाल कोई गाना तो याद नहीं आ रहा है, लेकिन एक कविता की चंद लाइनें हैं, जो गोपालदास नीरज की लिखी हुई हैं:

आंसू जब सम्मानित होंगे

मुझ को याद किया जाएगा

जहां प्रेम का चर्चा होगा

मेरा नाम लिया जाएगा.

आजकल छोटे बजट की सामाजिक सरोकार वाली फिल्में खूब चल रही हैं. इन का भविष्य कैसा है?

यह अच्छी निशानी है. जब अच्छे सब्जैक्ट की फिल्में बनेंगी, चलेंगी, तब फिल्म इंडस्ट्री के अच्छे दिन आ जाएंगे.

बंदगी का ‘बिग बौस औडिशन’ वीडियो हो रहा है वायरल

रिएलिटी शो बिग बौस सीजन 11 की हौट कंटेस्टेंट बंदगी कालरा इन दिनों पुनीश शर्मा के साथ बढ़ती नजदीकियों की वजह से चर्चा में हैं. दोनों इस शो में एक दूसरे को किस करते भी दिखाई दिए हैं.

वहीं अब बंदगी का शो के लिए किए गए औडीशन का वीडियो वायरल हो रहा है. यूट्यूब पर शेयर हुआ ये वीडियो 5 मिनट 33 सेकंड का है, जिसमें बंदगी खुद से जुड़ी काफी जानकारी देती नजर आ रही हैं. उन्होंने इस शो में आने की वजह अपने पापा को बताया है. बंदगी चाहती हैं कि उनके पिता उन पर गर्व करें.

जारी हुए इस वीडियो में बंदगी कालरा लाल रंग के टौप और सिल्वर शौर्ट्स में नजर आ रही हैं. उन्होंने इस वीडियो में बताया कि वह पंजाब से हैं और पिछले दो साल से मुंबई में रह रही हैं. बंदगी एक सीनियर सौफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में एक कंपनी में काम कर रही थी.

इससे पहले बंदगी इनटर्नशिप के लिए दिल्ली में भी रह चुकी हैं. बंगदी ने खुद के बारे में बताते हुए कहा, मैं एक फनलविंग और रिेएलिस्टिक लड़की हूं. मुझे फेक लोग नहीं पसंद, झूठ मेरे से बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होता है. मैं जिन्हें पसंद करती हूं उन्हें बहुत पसंद करती हूं और जिन्हें नहीं पसंद करती उन्हें बिल्कुल भी पसंद नहीं करती हूं.

बिग बौस में आने की वजह के बारे में पूछने पर बंदगी ने कहा मुझे लगता है मैंने अपनी लाइफ में काफी कुछ पाया किया है. मैं दिल्ली में कई ब्यूटी कौनटेस्ट भी जीत चुकी हूं. लेकिन मेरे पिता मेरे पर गर्व नहीं करते हैं. वह इतने खुश नहीं होते हैं जितना उन्हें होना चाहिए. उन्होंने कभी मेरी पीठ नहीं थपथपाई. इसलिए मैं इस शो में आना चाहती हूं जिससे वह मुझ पर गर्व करें. ये शो हर कोई देखता है और ये मेरे घर में भी देखा जाता है.

वहीं जब बंदगी से पूछा गया कि क्या वह बिग बौस के घर में 100 दिनों तक रह सकती हैं तो उन्होंने कहा हां क्योंकि मैं चार साल पीजी में ढेर सारे लोगों के साथ रही हूं तो मैंने वहां हर तरह के लोग देखे हैं. मैं आराम से लोगों में घुल-मिल जाती हूं. वैसे बिग बौस के घर में बंदगी की सिर्फ पुनीश शर्मा से ही बनती है. वह पूरा-पूरा दिन पुनीश के साथ ही नजर आती हैं. औडीशन में बंदगी ने खुद ही कहा था कि उनकी लड़कियों से नहीं बनती हैं. इसकी वजह बताते हुए बंदगी ने कहा कि अक्सर मेरी दोस्तों के बौयफ्रेंड का क्रश मुझपर हो जाता है तो इस वजह से मेरी उनसे लड़ाई हो ही जाती है.

वहीं दूसरी ओर बंदगी के भाई से जब बंदगी और पुनीश के रिश्ते के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हे बंदगी पर गर्व है लेकिन पुनीश के साथ जो घर के अंदर चल रहा है हो सकता है वो कोई गेम प्लान हो बंदगी का, इसलिए किसी की तह तक जाने से पहले पहले मै खुद बंदगी से कन्फर्म करुंगा.

जब बंदगी के भाई से दोबारा पूछा गया कि वो तो घर के अंदर पुनीश को किस करती दिखाई दे चुकी है तो इसपर उन्होंने कहा शायद आपने बिगबौस का पहला एपिसोड नही है, क्योकि बंदगी ने उसमें साफ साफ कहा था कि उन्हें गेम जीतने के लिये चाहे कुछ भी क्यों ना करना पड़े वो करेंगी.

आपको भी दीवाना बना देगा मलाइका का ये पोल डांस

बौलीवुड एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा अपने सेक्‍सी और बोल्‍ड अवतार के लिए जानी जाती हैं. अपने ठुमकों से बौलीवुड को आंहें भरवाने वाली मलाइका जब भी किसी टीवी शो में जाती हैं तो अक्सर उनसे पोल डांस दिखाने की मांग की जाती है. वैसे उनसे इस तरह की मांग करना भी लाजमी है क्योंकि मलाइका बौलीवुड की उन कुछेक हीरोइनों में शामिल हैं जो इतने बेहतरीन ढंग से पोल डांस कर लेती हैं.

हाल ही में बौलीवुड की आइटम क्वीन के नाम से भी पहचानी जाने वाली मलाइका अरोड़ा के सेक्सी पोल डांस का एक ऐसा ही जलवा देखने को मिला. जी हां, मलाइका ने एमटीवी के शो इंडियाज नेक्स्ट टाप माडल सीजन-3 के दौरान अपना ऐसा जलवा बिखेरा कि हर कोई उनका कायल हो गया.

मलाइका ने अपने पोल डांस का वीडियो इंस्‍टाग्राम पर शेयर किया है, जिसके बाद उन्‍हें खूब तारीफें मिल रही हैं. काफी समय बाद दर्शकों को मलाइका का डांस नंबर देखने को मिला है. मलाइका के इस पोल डांस को देखकर ‘माही वे’ गाने की यादें ताजा हो गईं. मलाइका ने 15 साल पहले इस गाने पर पोल डांस क‍या था.

आप भी देखिए मलाइका का सेक्सी पोल डांस

44 साल की मलाइका का यह पोल डांस देखने के बाद एहसास हो जाता है कि उनपर उम्र का कोई असर नहीं हुआ है.

आपको बता दें कि वे इडियाज नेक्स्ट टाप माडल सीजन-3 में माडल्स को जज कर रही थीं. उन्हें लड़कियों का चयन पोल डांसिंग स्किल्स और फ्लेक्सिबिलिटी के आधार पर करना था. जब भविष्य की माडल पोल डांस पर अपना हाथ आजमा रही थीं तो उस समय मलाइका ने भी फैसला किया कि वह अपने हुनर को दिखाएंगी. फिर क्या था उन्होंने अपने हाट अंदाज और सेक्सी मूव्ज से सबको हैरत में डाल दिया.

मलाइका अरोड़ा ने 1998 में अरबाज खान के साथ शादी की थी, लेकिन 2016 में दोनों की राहें जुदा हो गईं और मई 2017 में दोनों के बीच आधिकारिक रूप से तलाक भी हो गया. इस तलाक के बाद अब यह भी खबर आ रही है कि सलमान खान की दबंग सीरीज में मलाइका अरोड़ा खान का आइटम नंबर रहता है लेकिन ‘दबंग-3’ में ऐसा नहीं होगा. इस बार यह मौका उनके हाथ से निकल कर सनी लियोन के हाथ लग गया है.

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