छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिला में वर्षों से हत्या करके उसे पेशा बना लेने वाले दो आरोपी पुलिस गिरफ्त में आए हैं. यह लोग हत्या करते थे और लूट कर शव को दफना दिया करते या पानी में बहा दिया करते थे. छत्तीसगढ़ की बेमेतरा पुलिस को एक तरह से विगत 18 सालों से किलर हत्या करने वाले से दो आरोपियों को गिरफ्तार लेने में सफलता मिली है.

दोनों आरोपी भोपाल में छुपे हुए थे.वहीं मुखबिर से दोनों की जानकारी मिलने के पश्चात बेमेतरा पुलिस ने दोनों को दबोच लिया. दरअसल, बेमेतरा पुलिस दो लोगों की हत्या के मामले में आरोपी की तफ्तीश कर रही थी और जब दोनों गिरफ्त में आए तो उन्होंने यह सनसनीखेज खुलासा किया तो अब पुलिस भी सकते में आ गई . पुलिस अधिकारी राजीव शर्मा के अनुसार इन आरोपी ने अब तक छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, बिहार राज्यों में कुल 36 हत्याएं करना स्वीकार कर लिया है. पुलिस को पूछताछ में चौंकाने वाली यह जानकारी भी मिली है कि दोनों आरोपी कुछ और लोगों की हत्या करने की योजना बना रहे थे.

टारगेट थे ट्रक ड्राइवर!

पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपी पहले मधुर संबंध बनाया करते थे. फिर ट्रक को लूटने के साथ कोई साक्ष्य बचा ना रह जाए इस खातिर ड्राइवर और क्लीनर की हत्या कर देते थे. तदुपरांत शव को दफना दिया करते थे और किसी पड़ोसी दूसरे राज्य मे जाकर वहां वारदात करते थे.दोनों की मानसिक बुनावट कुछ इस तरह की संज्ञान में आई है कि यह ड्राइवर को लूटा करते, उसे मार देते और ट्रक का सामान भी बेच दिया करते थे. इन दोनों ने कुल 36 हत्या करने का अपराध स्वीकार किया है जिसके बाद पुलिस मामले की गंभीरता से विवेचना करने में जुट गई है. हाल -फिलहाल बेमेतरा पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है. वहीं अनुमान लगाया जा रहा है कि कुछ और बड़े वारदातों का भी शीघ्र खुलासा हो सकता है . पुलिस अधिकारी ने हमारे संवाददाता को बताया कि प्रोटेक्शन वारंट पर बेमेतरा पुलिस ने की कार्रवाई, 2018 में की थी यहां दो लोगों की अंधी हत्या हुई थी पुलिस इस मामले की निरंतर विवेचना कर रही थी अब जब आरोपियों ने खुलासे किए हैं तो पुलिस प्रशासन भी अवाक है.

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क्राइम

और यह है आरोपी
बेमेतरा पुलिस के अनुसार आरोपी रायसेन (मध्य प्रदेश) का रहवासी आदेश खांबरा और भोपाल निवासी जयकरण सिंह हैं. यह लोग राष्ट्रीय राजमार्ग पर यह ट्रक लूट की घटना को अंजाम दिया करते थे. इन दोनों ने ओड़िशा, महाराष्ट्र और बिहार में भी हत्या और लूट की घटनाओं अंजाम दिया है .अब इनकी गिरफ्तारी के पश्चात इन राज्यों की पुलिस इन हत्याओं की कड़ियों को समग्र रुप मे जोड़ने मे लग गई है.

बेमेतरा के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस राजीव शर्मा ने बताया कि सन 2018 में में इन दोनों हत्यारों ने ड्राइवर संजय चौरसिया की लाश को बांधकर शिवनाथ नदी पर बने नए पुल के पास फेंक दी, वहीं कंडक्टर प्रेम अनुरागी की लाश को रतनपुर (बिलासपुर) में फेंका था. हत्या के बाद लूट का ट्रक लेकर बिहार चले गए थे.ट्रक को वहां साहेब सिंह नाम के व्यक्ति के पास बेच दियागया था. साहेब सिंह ने किसी दूसरे को ट्रक बेचकर पैसा आरोपियों को दिया था. इसके बाद दोनों आरोपी चिचोला (महाराष्ट्र) चले गए, वहां भी ट्रक लूटने के लिए 3 हत्याएं की.इसके बाद वे छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव भी आए थे. इस तरह दोनों ही एक तरफ से किलर हत्यारे बन चुके हैं. सोची समझी चालाकी के साथ हत्या करते हैं और ट्रक का माल बेचकर अय्याशी करते रहे हैं .

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आरोपी आदेश खांबरा और जयकरण प्रजापति पहले ड्राइवर से दोस्ती करते. फिर रात को भोजन करने के बहाने खाने में नशीली दवा देकर ड्राइवर-कंडक्टर को बेहोश करते और फिर आसानी से उनकी हत्या कर दिया करते थे. आरोपी जयकरण ट्रकों को लूटता उनके चालकों की हत्या के पश्चात वह भोपाल में ही लूट का माल बेच दिया करता था. जबकि आदेश खांबरा ग्वालियर नेटवर्क के जरिए लूट का सामान बेचता था. सितंबर 2018 में जयकरण ने भोपाल में ही हत्या करने के बाद ट्रक समेत चोरी का शक्कर वहीं बेच दिया था.जिसके पश्चात वह पुलिस द्वारा पकड़ा गया. इस दौरान पूछताछ में अपने साथी आदेश खांबरा के बारे में पुलिस को बता चुका था. दोनों फिर कुछ और भी साथी हैं जिनकी पुलिस तलाश कर रही है वहीं यह भी तथ्य सामने आया है कि लगभग 18 वर्षों से यह दोनों हत्या करके लूट कारित करते रहे हैं.

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