News Story. एक तो चिलचिलाती गरमी, ऊपर से अनामिका का कई दिनों से बिना बताए गायब हो जाना, विजय को बड़ा अखर रहा था. उस के मम्मीपापा को भी नहीं पता था कि अनामिका किस कोप भवन में जा छिपी थी.

15 मई को विजय के सब्र का बांध टूट गया. उस ने अनामिका को फोन किया, पर वहां से कोई जवाब नहीं आया. उस ने अनामिका को मैसेज किया कि वह डियर पार्क जा रहा है. अगर उसे आना है, तो आ जाए.

विजय तैयार हो कर जब अपनी मोटरसाइकिल से निकल ही रहा था कि अनामिका का मैसेज आया, ‘ठीक है.’ विजय ने मैसेज चैक किया और भाव खाते हुए बिना रिप्लाई किए डियर पार्क के लिए निकल गया.

शाम के तकरीबन साढ़े 6 बजे अनामिका डियर पार्क आई. उसे दूर से देखते ही विजय ने नाराज हो कर मुंह फेर लिया. ‘‘क्या हुआ जनाब, आ तो गई तुम से मिलने,’’ अनामिका बोली. ‘‘बड़ा अहसान कर दिया. वैसे, तुम थीं कहां इतने दिनों से?’’ विजय ने सवाल दागा.

‘‘एक सीक्रेट मिशन पर,’’ अनामिका बोली और फिर हंस दी. ‘‘बताओगी भी या नहीं?’’ विजय बोला. ‘‘मैं एक्टिंग क्लास ले रही हूं,’’ अनामिका ने राज खोला. ‘एक्टिंग क्लास’ जैसी बात सुनते ही विजय का मुंह खुला का खुला रह गया. ‘‘अब यह क्या नौटंकी है… तुम और एक्टिंग क्लास… आईएएस बनने का इरादा छोड़ दिया क्या?’’ विजय ने पूछा. ‘‘क्यों… क्या मैं एक्टर नहीं बन सकती? आजकल तो नौटंकी करने वालों की ही बल्लेबल्ले है. देश की सरकार को ही देख लो. उन के नेताओं की भगवा नौटंकी जगजाहिर है. हर कोई जनता को बेवकूफ बनाने के लिए संसद हो या सरकारी समारोह, हर जगह ये लोग एक्टिंग ही कर रहे हैं,’’ अनामिका बोली.

इस तरह की और वीडियो देखने के लिए सरस सलिल का चैनल सब्सक्राइब करें

‘‘अब यह कौन सी नई खुराफात है? मेरे पल्ले कुछ नहीं पड़ रहा है,’’ विजय बोला. ‘‘इस में खुराफात जैसी कौन सी बात है. नेता अभिनेता बन रहे हैं और अभिनेता नेता. दोनों हाथ में लड्डू और मुंह में मलाई. फिर क्या करना आईएएस बन कर,’’ अनामिका बोली. ‘‘फिर वही बात. कहीं कुछ नशावशा तो नहीं कर लिया है,’’ विजय अब चिढ़ रहा था. ‘‘अरे मेरे भोले विजय… क्या तुम ने थलापति विजय के बारे में नहीं सुना, जिन्होंने फिल्मों के बाद अब सियासत में इतनी शानदार एंट्री मारी है कि सीधे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन गए हैं,’’ अनामिका बोली.

‘‘तो क्या हुआ? वहां तो बड़े से बड़े अभिनेता नेता बने हैं, फिर विजय ने क्या कारनामा कर दिया?’’ विजय ने कहा. ‘‘पर इस बंदे में दम है. फिल्मों में सुपर हिट और राजनीति में सुपर हिट. आए और सब पर छाए,’’ अनामिका ने कहा. ‘‘अच्छा, तो बताओ अपने इस सुपर हीरो के बारे में, जिस के चक्कर में तुम पर एक्टिंग का भूत चढ़ गया है?’’ विजय ने पूछा.

‘‘तमिल फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री क?ागम (टीवीके) सियासी दल के प्रमुख जोसेफ सी. विजय, जिन्हें उन के चाहने वाले ‘थलापति विजय’ के नाम से जानते हैं, अब आधिकारिक तौर पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन गए हैं. ‘‘हालांकि, सत्ता तक पहुंचने का उन का सफर किसी राजनीतिक ड्रामे से कम नहीं रहा. बहुमत जुटाने की जद्दोजेहद, सहयोगियों की तलाश और लगातार राजनीतिक बैठकों के बीच आखिरकार विजय ने रविवार, 10 मई, 2026 को ‘मदर्स डे’ पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली.

‘‘चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में विजय के साथ टीवीके के 9 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी. इस समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे थे.’’ ‘‘बधाई हो, पर थलापति विजय को तो बहुमत नहीं मिला था, फिर यह सब कैसे मुमकिन हुआ?’’ विजय ने पूछा. ‘‘दरअसल, 4 मई को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए तो विजय की पार्टी टीवीके ने सभी को चौंका दिया था. इस पार्टी ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीत कर सब से बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए थे.

‘‘हालांकि, यह जीत ऐतिहासिक मानी गई, लेकिन विजय की पार्टी बहुमत के आंकड़े से 10 सीट पीछे रह गई. इस के बाद विजय को सरकार बनाने के लिए चुनाव बाद गठबंधन की राह अपनानी पड़ी.’’ ‘‘फिर तो सरकार बनाने के लिए चला यह ड्रामा कई दिनों तक सस्पैंस भरा बना रहा होगा?’’ विजय ने सवाल उठाया.

‘‘सच में चुनाव नतीजे आने के बाद कई दिनों तक तमिलनाडु की राजनीति में सस्पैंस बना रहा. टीवीके ने कांग्रेस से समर्थन मांगा, जिस ने अपने 5 विधायकों का समर्थन दिया. इस के बाद सीपीआई और सीपीआई (एम) ने भी विजय का साथ दिया.

शनिवार, 9 मई, 2026 को विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुसलिम लीग (आईयूएमएल) के समर्थन के बाद विजय बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने में कामयाब रहे.’’ ‘‘सुना है तमिलनाडु के राज्यपाल ने भी कोई अड़ंगा लगाया था?’’ विजय ने कुरेदते हुए पूछा. ‘‘सूत्रों के मुताबिक, विजय ने शपथ लेने से पहले राज्यपाल आरवी अरलेकर से कम से कम बार मुलाकात की थी, पर जरूरी 118 विधायकों की लिस्ट पूरी न होने के चलते राज्यपाल उन्हें लौटा रहे थे. इस रवैए पर राज्यपाल की किरकिरी भी हुई. विपक्ष ने उन्हें खूब आड़े हाथ लिया. फिर आखिरकार, राज्यपाल ने सरकार बनाने की मंजूरी दे दी.

सरिता

आज ही सब्सक्राइब करें सरिता 
आपके लिए स्पेशल छूट

‘‘वैसे, राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा रही कि अगर 10 मई तक कोई सरकार नहीं बनती तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया जा सकता था. ऐसे में विजय का बहुमत जुटाना समय के खिलाफ दौड़ जैसा माना गया,’’ अनामिका ने बताया. ‘‘चलो, अब विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन चुके हैं. पर मु?ा जैसे आम इनसान को उन के बारे में, उन के परिवार के बारे में, उन की पढ़ाईलिखाई और फिल्मों के बारे में जानने की ज्यादा दिलचस्पी है. इस के बारे में कुछ बताओ…’’ विजय बोला, ‘‘आखिर इतना बड़ा सुपरस्टार मेरा नाम राशि का है. वह भी विजय और हम भी विजय. वह जनता का हीरो और हम आप के हीरो.’’

‘‘वैरी फनी. पर अब तुम ने पूछ ही लिया है तो बता देती हूं. विजय का जन्म 22 जून, 1974 में हुआ था. वे एक फिल्मी परिवार से आते हैं. उन के पिता एसए चंद्रशेखर तमिल फिल्मों के डायरैक्टर हैं और उन की मां शोभा चंद्रशेखर प्लेबैक सिंगर हैं. ‘‘फिल्मों की बात करें तो विजय ने 1992 में फिल्म ‘नालैया थीरपू’ से अपने एक्टिंग कैरियर की शुरुआत की. 1990 के दशक में उन्होंने रोमांटिक फिल्मों के जरीए लोकप्रियता हासिल की. ‘पूवे उनाक्कागा’, ‘लव टुडे’, ‘कधालुक्कु मरियाधै’ और ‘थुल्लाथा मनामुम थुल्लुम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें नौजवानों के बीच बड़ी पहचान दिलाई.

‘‘इस के बाद विजय ने एक्शन फिल्मों की ओर रुख किया और ‘घिल्ली’, ‘पोक्किरी’, ‘थिरुमलाई’ जैसी फिल्मों से वे सुपरस्टार बन गए. पिछले एक दशक में ‘थुप्पक्की’, ‘कत्थी’, ‘मेर्सल’, ‘सरकार’, ‘मास्टर’, ‘लियो और ‘ग्रेटेस्ट आल टाइम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें तमिल सिनेमा के सब से बड़े सितारों में शामिल कर दिया,’’ अनामिका बोली. ‘‘जब विजय का फिल्म कैरियर इतना शानदार चल रहा था, तो वे राजनीति में क्यों आए?’’ विजय ने पूछा.

‘‘विजय ने साल 2024 में फिल्मों से दूरी बना कर सक्त्रिय राजनीति में कदम रखा और तमिलगा वेत्री क?ागम (टीवीके) नाम की पार्टी बनाई. उन की लोकप्रियता और बड़े फैन बेस ने उन्हें सीधे राज्य की राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया. राजनीतिक माहिरों का मानना है कि विजय ने नौजवानों, मिडिल क्लास और शहरी वोटरों के बीच मजबूत पकड़ बनाई, जिस का फायदा उन्हें चुनाव में मिला,’’ अनामिका ने बताया.

‘‘पर विजय की आखिरी फिल्म ‘जना नायकन’ अब विवादों में घिर गई है. इस का क्या हश्र होगा?’’ विजय ने सवाल किया. ‘‘दरअसल, यह फिल्म जनवरी में पोंगल के मौके पर रिलीज होने वाली थी, लेकिन केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से मंजूरी नहीं मिलने के कारण रिलीज टालनी पड़ी. इस पर फिल्म के प्रोड्यूसरों ने अदालत का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन मामला अभी कोर्ट में पैंडिंग है. ‘‘इतना ही नहीं, अप्रैल में फिल्म औनलाइन लीक हो गई, जिस से तमिल फिल्म इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया.

‘‘इस मामले में विजय ने आरोप लगाया था कि फिल्म की रिलीज में देरी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और चुनाव के दौरान उन की निजी जिंदगी से जुड़ी खबरें भी जानबू?ा कर लीक की गईं.’’

‘‘मतलब विजय की एक्टर से नेता बनने की कहानी भी बड़ी फिल्मी है?’’ विजय बोला. ‘‘सच मे विजय का मुख्यमंत्री बनने का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा. चुनावी जीत, बहुमत की कमी, सहयोगियों की तलाश और आखिरकार सत्ता तक पहुंच, पूरे प्रोसैस ने तमिलनाडु की राजनीति को कई दिनों तक रोमांचक बनाए रखा.’’

‘‘विजय के परिवार के बारे में और कुछ बताओ?’’ ‘‘विजय की शादीशुदा जिंदगी की बात करें, तो उन्होंने 25 अगस्त, 1999 को संगीता सोर्नालिंगम से शादी की थी. संगीता एक ब्रिटिश तमिल परिवार से ताल्लुक रखती हैं और उन का जन्म श्रीलंका में हुआ था. दोनों की पहली मुलाकात 1997 में फिल्म ‘कालमेलम काथिरुप्पेन’ के सैट पर हुई थी, जहां संगीता एक फैन के तौर पर उन से मिलने पहुंची थीं.

‘‘हालांकि, पिछले कुछ समय से उन के रिश्ते में खटास की खबरें चर्चा में रही हैं. साल 2025 में संगीता द्वारा तलाक की अर्जी देने की रिपोर्ट्स सामने आई थीं, जिस से उन की निजी जिंदगी में बड़े बदलाव के संकेत मिले.

‘‘विजय और संगीता के 2 बच्चे हैं. बेटा जेसन संजय और बेटी दिव्या साशा. जेसन संजय ने फिल्म ‘सिग्मा’ से बतौर डायरैक्टर अपने कैरियर की शुरुआत की है और वे अपने पिता के साथ बचपन में ‘वेट्टाइकारन’ फिल्म में नजर आ चुके हैं. वहीं बेटी दिव्या ने फिल्म ‘थेरी’ में अपने पिता के साथ स्क्रीन शेयर की थी. दोनों ही बच्चे विदेश में पढ़ाई पूरी करने के बाद अब धीरेधीरे अपने कैरियर की दिशा तय कर रहे हैं,’’ अनामिका बोली.

‘‘वैसे, यह बंदा कितना पढ़ालिखा है? सुना है यह कालेज से ड्रौप आउट है और इसे डाक्टरेट की उपाधि भी मिली है. यह क्या माजरा है?’’ विजय ने पूछा.

‘‘विजय ने अपनी शुरुआती पढ़ाई चेन्नई के कोदंबक्कम में बने फातिमा स्कूल से की. इस के बाद उन्होंने विरुगंबक्कम के बाललोक स्कूल से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई के मामले में औसत छात्र थे, लेकिन उन का रु?ान पढ़ाई से ज्यादा एक्टिंग की तरफ था. चूंकि उन के पिता एसए चंद्रशेखर एक फिल्म डायरैक्टर थे, इसलिए सिनेमा का माहौल उन्हें बचपन से ही मिला था.

‘‘स्कूल के बाद विजय ने चेन्नई के लोयोला कालेज में ‘विजुअल कम्यूनिकेशन’ की पढ़ाई के लिए दाखिला लिया. इस के बाद उन्होंने एक्टिंग में अपना कैरियर बनाने का मन बना लिया. ‘‘यही वजह थी कि थलापति विजय ने पढ़ाई के दौरान ही कई शूटिंग और बाकी चीजों में काम करना शुरू कर दिया था. इस के बाद उन्हें एक्टिंग के कई औफर मिलने लगे और पढ़ाई को आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया. आखिरकार उन्होने ग्रेजुएशन पूरी होने से पहले ही कालेज ड्रौप कर लिया.’’

‘‘अब मैं तुम्हें एक दिलचस्प बात बताता हूं…’’ विजय ने कहा, ‘‘भले ही विजय ने अपनी कालेज की डिगरी पूरी नहीं की, लेकिन उन के काम को खूब सम्मान मिला. उन का नाम इतना मशहूर हुआ कि साल 2007 में डाक्टर. एमजीआर एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में उन के योगदान के लिए ‘मानद डाक्टरेट’ की उपाधि से सम्मानित किया.’’

‘‘वाह…’’ अनामिका बोली. ‘‘जो भी हो बंदा कमाल का है. अब यह राजनीति में आ ही गया है तो फिर यहां भी अपने अच्छे काम से सुपरस्टार बन जाए. वैसे, मैं तो यह भी चाहूंगा कि मेरी अनामिका भी एक्टिंग सीख कर बड़ी कलाकार बने,’’ विजय बोला.

‘‘हो गया, चलो अब कहीं डिनर करने चलते हैं. मुझे बड़ी तेज भूख लगी है,’’ अनामिका बोली तो विजय ने ‘हां’ में सिर हिला दिया. News Story

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...