जो बात हम बोल नहीं पाते, हमारे हावभाव बयां कर देते हैं. जी हां, इसे ही कहते हैं बौडी लैंग्वेज यानी कि हमारी शारीरिक भावभंगिमाएं. हमारे शरीर के अंग नकारात्मक या सकारात्मक संकेत देते हैं.