व्याख्याता राजशेखर की कुबेर बैंक में सहायक प्रबंधक के पद पर नियुक्ति हो गई और उन्हें ऋण विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी गई. प्रभार संभालने के कुछ ही दिनों में वह अपने को ही ‘ऋणी’ महसूस करने लगे. आखिर क्यों? पढि़ए, शकुंतला शर्मा की लिखी कहानी.