यह बात उन दिनों की है, जब महंगाई ज्यादा नहीं थी. महज 10 रुपए में आधा किलो दही आ जाता था. राजनगर नाम के एक महल्ले में रमानाथ नाम के एक रिटायर प्रोफैसर छोटे से मकान में अकेले रहते थे.