तुम दे कर मधु का प्याला मेरा मन बहला देती हो, उस पार मुझे बहलाने का उपचार न जाने क्या होगा...

मशहूर कवि हरिवंश राय बच्चन की कविता की ये पंक्तियां आज के संदर्भ में बिलकुल सटीक बैठती हैं. कवि ने अपनी कविता में कहा है कि तुम मधु यानी शराब का प्याला दे कर मेरा मन जरूर बहला देती हो पर यह प्याला मेरे जीवन को कोई उपचार शायद ही दे सके.

साथ ही मिलेगी ये खास सौगात

  • अनगिनत लव स्टोरीज
  • मनोहर कहानियां की दिलचस्प क्राइम स्टोरीज
  • पुरुषों की हेल्थ और लाइफ स्टाइल से जुड़े नए टिप्स
  • सेक्सुअल लाइफ से जुड़ी हर प्रॉब्लम का सोल्यूशन
  • सरस सलिल मैगजीन के सभी नए आर्टिकल
  • भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की चटपटी गॉसिप्स
  • समाज और देश से जुड़ी हर नई खबर
Tags:
COMMENT