कम उम्र में क्यों होता है पुरुषो में हेयर लॉस, क्या है इसके कारण?

किसी इंसान के बाल 13 से 30 साल की उम्र के बीच झड़ जाएं तो ये वाकई परेशान करने वाला हो सकता है. सौभाग्य से, किशोरों में बालों के झड़ने के अधिकांश मामलों को मूल कारण समझने के बाद सफलतापूर्वक रोका जा सकता है. इसलिए, इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि, कम उम्र में हेयर लॉस क्यों होता है? इसके अलावा, छोटी उम्र में बाल झड़ने के कारण के बारे में भी जानकारी देंगे. इन कारणों को जानकर और उनका इलाज करके इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं.

क्या होता है हेयर लॉस

अत्यधिक तनाव, नींद की कमी और क्रैश डाइट के कारण किशोरों में बालों के झड़ने की समस्या हो सकती है. पोषक तत्वों की कमी, हार्मोनल असंतुलन और बालों की खराब देखभाल के तरीके अन्य सामान्य कारण हैं. ऑटोइम्यून, आनुवांशिक और मनोवैज्ञानिक विकारों जैसी गंभीर चिकित्सा स्थितियां भी बालों के झड़ने का कारण हो सकती हैं. इन स्थितियों में तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता होती है.

कम उम्र में हेयर लॉस के क्या है कारण

1. हार्मोनल बदलाव

यौवन और किशोरावस्था के दौरान हार्मोनल परिवर्तन से बालों का झड़ना शुरू हो सकता है. थायराइड और प्रजनन हार्मोन बालों के विकास को नियंत्रित करते हैं, और उनके असंतुलन से बालों के झड़ने की समस्या हो सकती है. थायराइड समस्याओं के कारण बालों का झड़ना पुरुषों और महिलाओं दोनों में आम है. पीसीओएस से संबंधित महिलाओं में बालों का झड़ना प्रारंभिक किशोरावस्था में शुरू हो सकता है.

2. सही पोषण न मिलना

रिफाइंड आटे और चीनी से बनने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन और खानपान की खराब आदतें पोषक तत्वों की कमी पैदा कर सकती हैं. एनीमिया (लोहे की कमी के कारण), बुलीमिया, एनोरेक्सिया और क्रैश डाइट किशोरावस्था में और कम उम्र में बाल झड़ने के सामान्य कारण हैं.

3. बहुत ज्यादा तनाव लेना

किशोरावस्था में इंसान शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों से गुजरता है. ये इंसान में तनाव पैदा कर सकते हैं. शिक्षा, पारिवारिक दायित्व, सामाजिक और व्यक्तिगत संबंध, और साथ के लोगों का दबाव उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है. इससे बालों का झड़ना शुरू हो सकता है.

4. बहुत ज्यादा स्टाइल करना

हेयर स्टाइलिंग टूल्स (ब्लो ड्रायर, हेयर स्ट्रेटनर और कर्लिंग आयरन) का इस्तेमाल करना भी अक्सर बालों को नुकसान और टूटने का कारण बन सकता है. बालों को कलर करना, पर्मिंग, स्ट्रेटनिंग और बालों को बार-बार रिलैक्स करना भी बालों के झड़ने का कारण हो सकता है.

हरियाली तीज पर पत्नी को दें ऐसे गिफ्ट्स, जिसे देखकर हो जाएंगी खुश

हरियाली तीज का पर्व इस बार 19 अगस्त को मनाया जा रहा है. ये दिन महिलाओं के लिए बहुत ही खास होता है तो अगर आप उनके इस दिन को और भी खास बनाना चाहते हैं तो उन्हें इस मौके पर कुछ यूजफुल गिफ्ट दे सकते हैं, तो हम आपके लिए कुछ ऐसे गिफ्ट ऑप्शन्स लेकर आए हैं.

1. मंगलसूत्र

आज के फैशनेबल दौर में महिलाएं यूनिक दिखने वाली जूलरी से खुद को सजाना पसंद करती हैं. ऐसे में मंगलसूत्र की भी कई तरह की वैरायटी मार्केट में देखने को मिल जाती है. आप अपनी पत्नी के लिए काले मोतियों से सजा पतली चेन वाला मंगलसूत्र बनवा सकते हैं, जिसका पेंडेंट कुंदन या रंगीन स्टोन्स से सजा हो. इन दिनों इस तरह के मंगलसूत्र काफी चलन में हैं, जो हर तरह के आउटफिट्स के साथ मैच कर जाते हैं.

2. ईयररिंग्स

हर उम्र की महिलाएं ईयररिंग्स की ढेरों वैराइटी अपने वॉर्डरोब में रखना चाहती हैं. ऐसे में इस बार आप अपनी पत्नी को सुंदर डिजाइन वाले आर्टिफिशियल ईयररिंग्स गिफ्ट कर सकते हैं. रोज़ गोल्ड प्लेटेड ईयररिंग्स में एंटीक स्टड्स या टियरड्रॉप स्टाइल में आपको ढेरों ऑप्शन मिल जाएंगे. वहीं क्लासिक पर्ल हूप ईयररिंग्स भी ले सकते हैं.

3. बैंगल्स

सिंगल जूलरी में आप खूबसूरत गोल्ड प्लेटेड बैंगल्स देकर भी पत्नी को खुश कर सकते हैं. इसमें अमेरिकन डायमंड से लेकर स्टोन वर्क वाले बैंगल्स हाथों में बेहद सुंदर लगते हैं. ये साड़ी या सूट के साथ पहनने में रॉयल लुक क्रिएट करते हैं. मार्केट में ये आपको अफोर्डेबल प्राइज पर मिल जाएंगे. हालांकि अगर आपकी पत्नी को गोल्ड जूलरी पहनना पसंद है, तो आर्टिफिशियल गोल्ड डिजाइन के कड़े भी खूब ट्रेंड में हैं, जो पत्नी की कलाइयों की खूबसूरती बढ़ा देंगे.

4. मीनाकारी रिंग

बाजार में अट्रैक्टिव रिंग्स की कमी नहीं है. सोने और हीरे की अंगूठी से हटकर आर्टिफिशियल रिंग्स का क्रेज भी महिलाओं में खूब बढ़ गया है. जिसमें मीनाकारी डिजाइन वाली रिंग बेस्ट रहेगी. पत्नी के लिए आप किसी भी कलर और हैवी डिजाइन में रिंग खरीद सकते है, जो साड़ी और सूट के साथ बेहद जंचते हैं.

5. फैंसी पायल

पायल या पाजेब सोलह श्रृंगार में से एक मानी जाती हैं. हालांकि चांदी की पायल की ढेरों वैराइटी महिलाओं के पास आमतौर पर मौजूद ही रहती हैं. ऐसे में आप रंगीन स्टोन, कुंदन या मीनाकारी से सजी पायल गिफ्ट कर सकते हैं, जो पहनने में काफी हल्की होती हैं और खूबसूरत भी लगती हैं.

जानें पुरुषों के लिए कैसे फायदेमंद होता है बेकिंग सोडा

बेकिंग सोडा एक ऐसा इंग्रेडिएंट है जो हर तरह की प्रौब्लम में कामगार साबित होता है और ये आसानी से आप सभी के घरों में मिल जाता है अगर घर पर नहीं तो आसपास की दुकान पर भी आसानी से मिल जाता है. जिसका उपयोग सिर्फ खाना पकाने में ही नहीं किया जाता है बल्कि ऐसी कई चीजे है जहां इनका उपयोग करके कई तरह की समस्याओं से निजात पाया जा सकता है. सोडा आपके बाल, स्किन, बॉडी और पूरी शरीर का स्वस्थ रखने के काम आता है.

1. बालों और स्कैल्प को करता है साफ

बेकिंग सोडा आपके बालों और स्कैल्प को गहराई से साफ करने में उपयोगी साबित हो सकता है, लेकिन एक शोध पत्र को छोड़कर इस दावे का कोई वैज्ञानिक समर्थन नहीं है. यह दानेदार सामग्री आपके बालों के रोम में जमा तेल, गंदगी, उत्पादों के अवशेष और अन्य अशुद्धियों को हटाने के लिए एक जेंटल स्क्रबिंग प्रदान कर सकती है.

2. नहाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है

बेकिंग सोडा में एक एल्कलाइन पीएच होता है, जो स्किन पर एसिड को बेअसर करने में मदद करता है. सबसे पहले, यह स्किन की सतह पर जमा पसीने, सीबम और डेड स्किन सेल्स को तोड़ता है. फिर, स्किन पर इसके छोटे-छोटे दानों की मालिश करने से इन अशुद्धियों को दूर करने में मदद मिलती है, आपके रोमछिद्र खुलते हैं और आपकी स्किन कोमल, चिकनी और चमकदार बनती है.

3. खुजली की समस्या में करता है मदद

एक्जिमा, डर्मेटाइटिस, सोरायसिस, इचिथोसिस और रोसैसिया जैसे पुराने रोगों की की स्थिति में सूजन एक खास विशेषता होती है, जो शरीर के विभिन्न हिस्सों पर खुजली, सूखी, पपड़ीदार, लाल और इरिटेड पैच के रूप में प्रकट होती है. बेकिंग सोडा अपने एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण इन लक्षणों को दूर करने में मदद कर सकता है.

4. पीले दांतों को सफेद करता है

बेकिंग सोडा आपके दांतों पर जमा प्लाक और टैटार को घोलने और ढीला करने में मदद करता है और उन्हें इनेमल से हटाने के लिए एक स्क्रब के रूप में काम करता है. यह दांतों की गहरी सफाई करता है और दांतों के जिद्दी दागों से छुटकारा पाने में मदद करता है. इसका बार-बार इस्तेमाल करने पर यह आपके दांतों को सफेद बनाता है.

 

नींद ज्यादा आने की समस्या से ऐसे पाएं छुटकारा

जिस तरह स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक आहार की जरूरत होती है, उसी तरह व्यक्ति के लिए भरपूर नींद भी बहुत जरूरी है. हर व्यक्ति को कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेने की सलाह दी जाती है. लेकिन कुछ लोगों के साथ ये समस्या होती है कि रात में पर्याप्त नींद लेने के बाद भी वो दिनभर आलस महसूस करते हैं. यानी 8 घंटो सोने के बाद भी उन्हें हर वक्त नींद आती है. अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जिन्हें 10 से 12 घंटे सोने के बाद भी थकान महसूस होती है या नींद आती है तो आपको कुछ टिप्स अपनाने होंगे. अधिक नींद आने से बचने के लिए आप इन बातों का ध्यान रखें.

सबसे पहले आपके लिए ये जानना बहुत जरूरी है कि आखिर रात में भरपूर नींद सोने के बाद भी क्यों दिनभर नींद और आलस आता है. इसकी कई वजह हो सकती हैं. अगर आप किसी काम की वजह से रात को देर से सोते हैं. 8 घंटे की नींद पूरी ना होना. जल्दी नींद ना आने की समस्या हो सकती है. अधिक स्ट्रेस लेना, चाय या कॉफी ज्यादा पीना, फिजिकल एक्टिविटी न करना आदि.

अगर आप ओवर थिंकिंग से दूर होकर रात को सोते हैं, तो आपको अधिक नींद आने से छुटकारा मिल सकता है. साथ ही हर वक्त नींद आने से बचने के लिए आप इन तरीकों को अपनाएं…

  1. अपने सोने का समय निर्धारित करें.
  2. कमरे में अंधेरा करके सोएं और तापमान अपने हिसाब से रखें.
  3. रात के समय हल्की डाइट लें.
  4. रात को कभी भूखे पेट ना सोएं.
  5. रात को सोने से पहले कोई किताब पढ़ लें.

हाथ-पैरों में पसीने की समस्या के लिए ये है 4 घरेलू उपाय

ऐसे कई लोग होते है जिनके हाथ और पैरों में बेहद ही ज्यादा पसीना आता है पसीने की इस आदत से आप काफी परेशान भी होते है. कई बार आपको पसीने की परेशानी से शर्मिंदंगी भी महसूस होती है.लेकिन पसीना आने की इस समस्या को मेडिकल टर्म में कहते है हाइपरहाइड्रोसिस. हाइपरहाइड्रोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में पसीने का अधिक उत्पादन होता है. हालांकि यह एक गंभीर मेडिकल प्रॉब्लम नहीं है, लेकिन कई बार ये शर्मनाक स्थिति पैदा कर सकता है. इसलिए आज हमने कुछ आसान घरेलू उपचारों की एक लिस्ट तैयार की है, जो आपके पसीने की मात्रा को कम करने में मदद कर सकते हैं.

1. ग्रीन टी

ग्रीन टी (Green Tea) में एंटीऑक्सिडेंट और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होती है, जो आपकी नॉर्मल हेल्थ को बूस्ट करने में मदद कर सकती है. यह शरीर से टॉक्सिन्स को निकालने में मदद करती है और पसीने को कम करती है.आप रोजाना सुबह नाश्ते से पहले एक कप ग्रीन टी पी सकते हैं.

2. नींबू

पसीने वाले हाथों और पैरों की समस्या को नियंत्रित करने के लिए नींबू का उपयोग बहुत तरीकों से किया जा सकता है. प्रभावित क्षेत्र को सुखाने के लिए नींबू और संतरे के छिलकों का उपयोग करें. जब वे सख्त और भंगुर हो जाएं, तो उन पर कुछ पाउडर डस्ट करें. नमक के साथ नींबू का रस मिलाएं और इसे अपने हाथों पर मलें. सूखने के बाद इसे धो लें.

3. टमाटर के रस का प्रयोग करें

टमाटर विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं. यह पसीने को कम करने और हाइपरहाइड्रोसिस के साथ आने वाली पसीने की गंध को छिपाने में मदद कर सकता है. ताजा निचोड़ा हुआ टमाटर का रस (Tomato Juice) प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं और इसे 10-15 मिनट के लिए सूखने दें. इसके बाद ठंडे पानी से धो लें.

3. गुलाब जल

गुलाब जल भी एक घरेलू उपचार है जो पसीने से तर हाथ धोने में मदद कर सकता है. आपको कोशिश करनी चाहिए कि आप बाजार से शुद्ध शीशम का उपयोग करें या पानी में गुलाब की पंखुड़ियों को उबालकर और छलनी करके अपना बना लें. अपनी हथेलियों और पैरों पर गुलाब जल लगाने के लिए एक कपास की गेंद लें. यह आपकी त्वचा पर एक ठंडा और आराम की अनुभूति छोड़ता है. यहां तक ​​कि एक दिन में 15 से 20 मिनट तक अपने पसीने वाले हाथों और पैरों को ठंडे पानी में डुबोकर रखने से समस्या को प्रभावी तरीके से दूर किया जा सकता है.

दही में प्याज मिलाकर खाने वाले हो जाएं सावधान, सेहत को पहुंचाता है नुकसान

गर्मी में अक्सर लोग दही, रायता इत्यादि खाते है लेकिन कुछ लोग रायते में या दही प्याज डालकर खाते है आपका ऐसा करने से भले ही आपका स्वाद भड़ जाए, लेकिन इसस आदत से आपके शरीर को भारी नुकसान पहुंचाना पड़ सकता है. आयुर्वेदा के अनुसार इस तरह दही का सेवन करना मतलब शरीर में बिमारियों को बुलावा देना होता है. दही के साथ अन्य ऐसी कई चीजे है जो नहीं खानी चाहिए. जिससे आपके शरीर को नुकसान हो सकता है. तो आज हम आपको कुछ ऐसी ही चीजो के बारें में बताएंगे, जिससे दही के साथ नहीं खाना चाहिए.

प्याज और दही क्यो है नुकसानदायक

आयुर्वेदा की माने तो दही और प्यार दोनों अलग तासीर के होते है. दोनों एक दूसरे के विपरीत होते है प्याज गर्म तासीर को होता है तो दही ठंड़ी तासीर की होती है. इन दोनों को एक साथ खाने से मानव के शरीर में दाद, खाज और खुजली, एग्जिमा, सोराईसिस, स्कीन और पेट से जुड़ी समस्या उत्पन्न होती है.

– गैस की समस्या: अगर आपके पेट में पहले से जलन, पेट में दर्द और गैस की समस्या रहती है तो भूलकर भी आप दही के साथ प्याज का सेवन ना करें, इससे आपकी परेशानी ओर बढ़ सकती है.

– स्कीन की परेशानी: अगर आप दही प्याज के एक साथ खाते है तो इससे आपको स्कीन की परेशानी का भी बड़ी सामना करना पड़ा सकता है स्कीन में होने वाली दाद, खाज और खुजली जैसी परेशानियां बढ़ सकती है.

दही के साथ ये चीजें भी ना खाएं

  • दूध और दही – इन दोनों का एक साथ खाना या पीना आपके शरीर को खराब कर सकता है पेट में गैस बना सकता है साथ ही मतली की भी परेशानी हो सकती है.
  • दही और उड़द की दाल – दही और उड़द की दाल का सेवन करना भी कई तरह की पेट की बिमारियां दे सकता है इन दोनों का कॉम्बिनेशन खराब होता है ये पेट में जाकर पाचन तंत्र का खराब कर देता है.
  • आम और दही – आम और दही खाना एक साथ काफी लोगों को पसंद होता है लेकिन आपका यही स्वाद आपके लिए घातक बन सकता है इसके लिए ज़रुरी है कि आप इन दोनों को एक साथ ना खाएं यदि आप खाते है तो ये शरीर के लिए टॉक्सिन बन जाती है.

नाखून चबाना पड़ सकता है भारी, दें सकता है कई बिमारियों को बुलावा

अक्सर आपने कई लोगों को नाखून चबाते हुए  देखा होगा, जो दांत से अपने नाखून चबाते है, ऐसा ज्यादातर लोग जब किसी टेंशन में होते है या नर्वस होते है तब करते नजर आते है. लेकिन ऐसा करना आपने दांतों को कितना नुकसान पहुंचा सकता है क्या आप जानते है कि आपकी ये बुरी आदत आपके दांतो को नुकसान पहुंचा सकती है.

क्यों लोग चबाते हैं नाखून?

आखिर लोग नाखून क्यों चबाते हैं? इसकी वजह हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकती है. एक थ्योरी के मुताबिक, नाखून चबाने से लोग अपनी भावनाओं पर काबू पाने की कोशिश करते हैं. हालांकि,यह कोई अच्छी आदत नहीं है और इसके कारण आपकी मुस्कुराहट पर काफी बुरा असर पड़ सकता है.

नाखून चांबना और डेंटल हेल्थ

डेंटल एसोसिएशन के अनुसार, नाखून चबाने से आपके दांत टूट सकते हैं. अगर आपके दांतों में ब्रेसेस लगे हैं तो नाखून चबाने की आदत के कारण दांतों की जड़ें सड़ सकती है. जिससे दांत खराब होने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ सकता है.

रिसर्च के मुताबिक, नाखून चबाने वालों में ब्रुक्सिज्म नाम की बीमारी होने की संभावना काफी ज्यादा होती है. ब्रुक्सिज्म को आम बोलचाल की भाषा में दांत पीसना (Grinding of the teeth) कहा जाता है. जिसे अधिकतर व्यक्ति अनजाने में ही करता है. इस आदत के कारण आगे चलकर सिरदर्द, चेहरे में दर्द, दांतों की संवेदनशीलता और यहां तक की दांत खराब होने की संभावना भी काफी ज्यादा बढ़ जाती है.

दांतों को नुकसान पहुंचाने के अलावा, नाखून काटने से बैक्टीरिया का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ सकता है. आपके दांतों में  ई. कोली ( E. coli ) और साल्मोनेला जैसी खतरनाक बीमारियां पैदा करने वाले बैक्टीरिया पैदा हो सकते हैं. इससे गंभीर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारी का सामना करना पड़ सकता है.  जो लोग आदतन अपने नाखून काटते हैं.

इसस आदत से कैसे पाएं छुटकारा

-नाखुन को हमेशा छोटा रखें

-नाखुनों में कोई कड़वी नेलपॉलिश लगाएं

-जब भी आपका नाखून चाबने का मन करें, तो अपना ध्यान कहीं ओर लगाएं, नाखून चबाने के अलावा आप स्ट्रेस बॉल का इस्तेमाल करें.

दाढ़ी के नीचे निकल रहे हैं मुंहासे तो अपनाएं ये तरीके

एक बढ़िया दाढ़ी आपको पेशेवर माहौल में बढ़त देती है और आपको डेट नाइट्स पर भी डील करने में मदद करती है. लेकिन, स्वस्थ दाढ़ी बनाए रखना उतना आसान नहीं है जितना आप सोचते हैं. दाढ़ी की बारीकियों पर ध्यान देने से लेकर सही बियर्ड केयर प्रोडक्ट्स में निवेश करने तक, आपको दाढ़ी का फाइनल लुक हासिल करने के लिए काम करना होगा.

लेकिन एक स्ट्रांग बियर्ड गेम के बावजूद, आप अपने आप को दाढ़ी के नीचे होने वाले अनवॉन्टेड और खुजली वाले मुंहासों से जूझते हुए पा सकते हैं. ये मुंहासे गर्मियों के मौसम में कई एक्सपेरिएंस्ड बियर्ड मैन के लिए भी संकट की वजह बन सकते हैं. कई स्किन केयर और बियर्ड प्रोडक्ट्स की आसान उपलब्धता के बावजूद, पुरुष विभिन्न विकल्पों की खोज कर रहे हैं, खुद को विभिन्न रसायनों के संपर्क में ला रहे हैं, जो दाढ़ी की साफ-सफाई और लुक को नुकसान पहुंचाते हैं जिससे दाढ़ी में मुंहासे और ज्यादा होते हैं.

सामान्य मुंहासों के विपरीत, इन पर किसी का ध्यान नहीं जा सकता है, क्योंकि यह दाढ़ी के नीचे हैं, लेकिन दाढ़ी के नीचे अनचाहे और अजीब तरीके से उठने के कारण होने वाली त्वचा की जलन आपको परेशान कर सकती है.

1. दाढ़ी का ख्याल रखें

चेहरे के बालों को सपोर्ट करने के सबसे बुनियादी नियमों में से एक इसकी स्वच्छता बनाए रखना है. आपकी दाढ़ी को ज्यादा समय की जरूरत नहीं है लेकिन नियमित रूप से जल्दी-जल्दी धोने से मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया दूर रहेंगे. यह धूल के कणों से भी छुटकारा दिलाएगा और आपकी दाढ़ी के नीचे की त्वचा (जो अनावश्यक खुजली के लिए जिम्मेदार है) से सभी जमे हुए अतिरिक्त तेल को साफ करता है. अपनी त्वचा के प्रकार के आधार पर, आप फेशियल क्लींजर का विकल्प चुन सकते हैं. और सबसे महत्वपूर्ण बात, एक्सफोलिएट करना न भूलें, क्योंकि यह इनग्रोन हेयर की ग्रोथ को रोकेगा.

2. बियर्ड ऑयल के अतिरिक्त उपयोग से बचें

पुरुषों के लिए बियर्ड केयर प्रोडक्ट्स की वाइड रेंज को प्रयोग करते हैं और बियर्ड ऑयल इस लिस्ट में सबसे ऊपर हैं.बियर्ड ऑयल का इस्तेमाल दाढ़ी के नीचे स्थित स्किन को सही मात्रा में हाइड्रेशन प्रदान करता है, इस प्रकार हेल्दी दाढ़ी की ग्रोथ को बढ़ावा देता है.इसी वजह से इसे बियर्ड केयर प्रोडक्ट्स में सबसे टॉप पर रखा जाता है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि तेल के ज्यादा इस्तेमाल से आपके रोम छिद्र बंद हो सकते हैं. हां, इसके अवशेष (अगर धोया नहीं गया तो) आपकी त्वचा के प्राकृतिक तेल के साथ मिल सकता है, दाढ़ी में मुंहासे और त्वचा की अन्य समस्याएं पैदा कर सकता है. तो अपने दाढ़ी के तेल का प्रयोग करें लेकिन इसे विवेकपूर्ण तरीके से करें।.

3. ग्रूमिंग प्रोटोकॉल फॉलो करें

दाढ़ी बनाए रखना सभी के लिए आसान काम नहीं है क्योंकि इसके लिए बहुत धैर्य और प्रयास की आवश्यकता होती है. और इसी तरह आपकी दाढ़ी को संवारने का रूटीन भी इसके लिए आला होना चाहिए.

हर बार एक नए रेजर का उपयोग करने से लेकर ब्लेड को उसी दिशा में ले जाने तक जैसे आपकी दाढ़ी बढ़ती है, कोई भी कुछ सरल नियमों का पालन करके ग्रूमिंग गेम को आसान बना सकता है. यह आपके चेहरे की त्वचा को स्वस्थ रखता है और दाढ़ी के नीचे होने वाले मुंहासों को भी रोकता है.

त्वचा की टैनिंग से लेकर एलर्जी तक को दूर करने के ये है तरीकें

चिलचिलाती मौसम के साथ त्वचा पर टैनिंग और एलर्जी की समस्या भी होने लगती है. ऐसे में आपको खुद को बचाने की कोशिश करनी होती है. धूप में जानें से पहले आपको कई बातों का खास ध्यान रखना होता है. हालांकि, लोगों को सही सनस्क्रीम का चुनाव करने में दिक्कत होती है.

1. त्वचा एलर्जी का उपचार

हल्की एलर्जी प्रतिक्रियाओं के लिए, त्वचा को ठंडे पानी से धोने से आम तौर पर मदद मिलती है, साथ ही सीधी धूप में बाहर न निकलने की सावधानी भी बरतनी पड़ती है. बच्चों के लिए, प्रभावित क्षेत्र पर थोड़ी मात्रा में पेट्रोलियम जेली लगाने से त्वचा को आराम मिलेगा और पोषण मिलेगा. प्रभावित क्षेत्र को ठंडे पानी से धोने के बाद त्वचा को नमी देने के लिए कैलामाइन लोशन का भी उपयोग किया जा सकता है. एंटीहिस्टामाइन खुजली को कंट्रोल कर सकता है, जबकि सामयिक कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स और एंटीबायोटिक्स त्वचा की सूजन को कम करता है और माध्यमिक संक्रमण में मदद करता है.

2. सनस्क्रीन के प्रकार

भौतिक और रासायनिक सनस्क्रीन के प्रकार होते हैं, जहां पहले वाले में जिंक ऑक्साइड और टाइटेनियम डाइऑक्साइड जैसे खनिज होते हैं, जो यूवी किरणों को प्रतिबिंबित या बिखेरते हैं जो यूवी किरणों को विक्षेपित करते हैं, और बाद वाले अवशोषित करते हैं. यूवी किरणें और यूवी किरणों को त्वचा तक पहुंचने से रोकती हैं.

हालांकि, उनमें मौजूद सामग्री त्वचा की लालिमा या सूजन, खुजली या चुभन, उभरे हुए उभार या पित्ती, स्केलिंग या रक्तस्राव, और दाने या तरल पदार्थ से भरे घावों जैसे लक्षणों के साथ कई त्वचा एलर्जी को ट्रिगर कर सकती है.

3. सनस्क्रीन की भूमिका

सनस्क्रीन शरीर को पराबैंगनी यानी कि यूवी विकिरण के हानिकारक प्रभावों से स्किन को बचाता है. इन प्रभावों में समय से पहले त्वचा की उम्र बढ़ना और त्वचा कैंसर शामिल हैं. आजकल, सनस्क्रीन के कई अलग-अलग विकल्प बाजार में मौजूद हैं जिनमें कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो त्वचा की एलर्जी, लालिमा और सूजन का कारण बन सकते हैं.

दिल की बात जुबां पर लाएं लड़कियां

स्कूल की दहलीज पार कर मंजू पहली बार जब कालेज पहुंची तो उस की नजर अपनी ही कक्षा के एक हैंडसम लड़के पर टिकी. पहली नजर में ही उसे उस से प्यार हो गया. वह रोजाना उस लड़के को ताकती रहती. उस का ध्यान व्याख्यान पर कम, उस लड़के पर अधिक रहता. हर समय वह उस के खयालों में खोई रहती. रात को भी उसी के सपने देखती. वही उस के सपनों का राजकुमार था.

मंजू के इस एकतरफा प्यार से सभी अनजान थे. मंजू ने अपने मन की बात कभी अपनी सहेलियों तक को न बताई. यहां तक कि घर में अपनी बड़ी बहन और भाभी को भी नहीं. ऐसे में भला उस का प्यार परवान कैसे चढ़ सकता है? प्यार तभी परवान चढ़ता है जब दोनों के दिल एकदूसरे के लिए धड़कते हों. लेकिन यहां तो वह लड़का भी नहीं जानता कि मंजू नाम की कोई लड़की उसे चाहती है.

एक वर्ष बीत गया. मंजू कभी अपने दिल की बात जबां पर नहीं लाई. एक दिन उस ने किसी अन्य लड़की को उस लड़के से हंस कर बात करते हुए देख लिया. वह भी उस से हंस कर बात कर रहा था. मंजू के मन में खटका हुआ. लेकिन उस में इतना साहस नहीं था कि वह अपने प्यार का इजहार कर पाती. नतीजतन, वह लड़का उस के हाथ से निकल गया.

काश, समय रहते वह अपने सपने के राजकुमार से दोस्ती बढ़ाती और फिर अपने प्यार का इजहार करती तो आज उसे इस तरह पछतावा न होता. लेकिन अब पछताने से क्या फायदा जब चिडि़या चुग गई खेत.

प्यार में हिचकिचाहट

संगीता के पिता सरकारी अधिकारी हैं. पिछले वर्ष उन का ट्रांसफर दूसरे शहर में हो गया. नए शहर में नए लोगों के बीच उस की जिंदगी में एक लड़का आया जो उसी मल्टी स्टोरी बिल्ंिडग में पड़ोस वाले फ्लैट में रहता था. कुछ ही दिनों में दोनों परिवारों के बीच अच्छा परिचय हो गया.

संगीता पड़ोस के जिस लड़के को चाहने लगी थी, वह उस से 2 वर्ष सीनियर था. संगीता बीए फर्स्ट ईयर में थी और वह बीए फाइनल में था. एक ही कालेज में होने के कारण उन के बीच अच्छी दोस्ती हो गई. लेकिन संगीता की नजर में वह दोस्त से ऊपर था. वह उस के दिल में बस चुका था. वह उसे अपना हमसफर बनाना चाहती थी.

संगीता से बस एक ही चूक हुई कि वह अपने दिल की बात उसे बता न पाई. इस बीच लड़के के पिता का ट्रांसफर अन्य जगह हो गया और वह अपने परिवार के साथ चला गया. काश, संगीता ने उस से अपने प्यार का इजहार किया होता तो आज स्थिति भिन्न होती.

संगीता का प्यार अधूरा रह गया. उस के सपने पूरे होने से पूर्व ही दफन हो गए.

मंजू और संगीता की भांति ऐसी अनेक लड़कियां हैं जो यौवन की दहलीज पर कदम रखते ही अपनी जिंदगी के तानेबाने बुनने लगती हैं. जिन को वे अपने सपनों का राजकुमार मानती हैं, उन्हें अपना दिल दे बैठती हैं, लेकिन दिल की बात जबां पर लाने में हिचकिचाती हैं.

वैसे, किसी लड़की का किसी लड़के से प्रेम करना गलत नहीं है. इस में भी जज्बात होते हैं. उस का मन हिलोरें भरता है, उस का दिल किसी के लिए धड़क सकता है. इस में असामान्य कुछ भी नहीं है. विडंबना यह है कि आज भी लड़कियां अपने प्यार का इजहार करने में शर्म का अनुभव करती हैं. ऐसे में उन के मन की मुराद अधूरी रह जाती है. जब आप किसी से प्यार करती हैं तो उसे व्यक्त करने में संकोच कैसा? जब कोई लड़का अपने प्यार का इजहार सहज रूप से या बेधड़क हो कर कर सकता है तो लड़की क्यों नहीं?

प्यार तो प्यार है चाहे किसी लड़के को लड़की से हो या लड़की को किसी लड़के से. इस के इजहार में विलंब नहीं करना चाहिए. जब आप किसी को चाहती हैं तो उस से कहती क्यों नहीं?

एक छोटी सी भूल की वजह से जिंदगीभर आप को अपने प्यार से दूर रहना पड़ता है. पहले प्यार को कभी भुलाया नहीं जा सकता. इसलिए यदि आप अपने प्यार को पाना चाहती हैं तो पहली फुरसत में अवसर मिलते ही उस से ‘आई लव यू’ कह दें. यदि सामने वाला इसे स्वीकार कर लेता है तो आप के मन की मुराद पूरी हो जाएगी और यदि किसी मजबूरीवश वह आप के प्यार को कुबूल न कर पाए तो इसे जिंदगी का एक कड़वा घूंट सम झ कर पी जाएं. उसे भूलने की कोशिश करें. आगे अपने जीवन की नई शुरुआत करें. हो सकता है जीवन में आप को इस से भी अच्छा हमसफर मिले. शादी तभी कामयाब होती है जब प्यार दोनों तरफ से हो.

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