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प्याज खाने का कौन सा तरीका है सबसे बेहतर, पका या कच्चा?

प्याज के इस्तेमाल के बिना भारतीय खाना लगभग अधूरा हैं. चाहे वो सब्जी हो या मसालेदार गोश्त. ये न हो तो काफी लोगों का जायका बिगड़ जाता है. आप इसे सलाद के तौर पर भी खाते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि प्याज को पकाकर खाना ज्यादा फायदेमंद है या कच्चा सेवन करना.

प्याज का सेवन करने के दो मुख्य तरीके हैं. आप इसे पकाकर या कच्चा खा सकते हैं. हालांकि इसका चुनाव पूरी तरह से व्यक्ति के स्वाद और पसंद पर निर्भर करता है. प्याज के जरिए ज्यादा से ज्यादा सल्फर कंपाउड हासिल करने के लिए प्याज को पकाने के बजाय कच्चा खाना बेहतर है. इसके अलावा कच्चे प्याज में कई पोषक तत्व होते हैं, जो कुकिंग प्रॉसेस के दौरान नष्ट हो जाते हैं.

जब आप प्याज काटते हैं, चॉप करते हैं या क्रश करते हैं, तो ये एक एंजाइमेटिक रिस्पॉन्स से गुजरता है जिससे सल्फर कंपाउंड का निर्माण होता है. ये वही यौगिक हैं जो आपकी आंखों में पानी लाते हैं और कई फायदे भी पहुंचाते हैं, जैसे खून के थक्कों को तोड़ना, स्ट्रोक या हार्ट डिजी के जोखिम को कम करना, कैंसर से बचाव करना और ब्लड शुगर लेव को कंट्रोल करना वगैरह.

कच्चे प्याज खाने के नुकसान

इस बात में कोई शक नहीं है कि पके हुए प्याज के मुकाबले कच्चा प्याज सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है, लेकिन कुछ ऐसे नुकसान भी हैं जिनको लेकर सतर्क रहना चाहिए. जो लोग हद से ज्यादा रॉ अनियन खाते उनको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे मुंह की बदबू, हर्ट बर्न, एसिडिटी और इरिटिबल बाउल सिंड्रोम. बेहतर है कि अपने डाइटीशियन की सलाह के बाद ही प्याज की मात्रा तय करें.

संतरा खाने से भी हो सकती है कई बीमारियां, जानिए इसके नुकसान

संतरा का स्वाद भला किसी अपनी तरफ आकर्षित नहीं करता, इसमें एस्कॉर्बिक एसिड यानी विटामिन सी की भरपूर होता है, जिसके जरिए इम्यूनिटी बूस्ट की जा सकती है. जिसके बाद वायरल इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है. ऐसे में सर्दी, खांसी, जुकाम और फ्लू जैसी बीमारियां ज्यादा परेशान नहीं करतीं. भले ही संतरे में फायदों की भरमार है, लेकिन कई मामलों में इसके नुकसान भी सामने आ सकते हैं.

1. एलर्जी

संतरा खाने एक गंभीर खतरा हो सकता है, वो है एलर्जी. ये खतरनाक स्थिति उन लोगों को प्रभावित कर सकती है जिन्होंने संतरे को कभी भी पहले नहीं खाया है. संतरे के कारण स्किन में जलन और खुजली हो सकती है, इसके साथ कुछ लोगों की त्वचा लाल हो जाती है.इसके अलावा, संतरे के सेवन से इंसान को गले में सूजन, फेफड़ों में समस्या, और आंखों में एलर्जी की शिकायत हो सकती है.

2. फोटोटॉक्सिसिटी

संतरे के बीजों में खास तौर से लिमोनिन पाया जाता है. ये एक उच्च प्रकार की फाइटोकेमिकल होते है जिसे सीमित मात्रा में खआना चाहिए. इसमें त्वचा में सूजन होने लगती है और सूरज की किरणों का असर स्किन पर होने लगता है. संतरे के कारण आप फोटोटॉक्सिसिटी  के शिकार बन सकते हैं.

3. साइट्रस सेंसिटिविटी

कई लोग खट्टे फल और सब्जियों के प्रति संवेदनशीद होते हैं, इस परेशानी को साइट्रस सेंसिटिविटी कहा जाता है, इससे बचने के लिए लिए आपको संतरे और नींबू का सेवन बेहद कम कर देना चाहिए वरना होंठ, जुबान और गले में चुभन या खुजली पैदा हो सकती है.

क्या आप जानते है इस 5 रुपए के पान के पत्ते के अनेकों फायदे

खाने के बाद कई लोगों का मन करता है कि वह कुछ मीठा खाएं तो भारत में ज्यादातर लोग पान, मीठा पान, सादा पान और मसालेदार पान खाना पसंद करते है लेकिन, हम इस एक पत्ते को चबाने की एक नियमित आदत डाल ले तो यह हमारे लिए फायदेमंद होगा. पान के हरे पत्ते में अनेकों गुण छिपे होते हैं. हमें बस इसे किसी चूने, कत्थे या स्वाद के बिना खाने की आदत डालनी होगी. पान में मौजूद तत्व पाचन तंत्र, दिल के स्वास्थ्य और तनाव से राहत देने में मदद करते हैं.  अगर आप पान के शौकीन हैं तो जानिए इसके फायदें.

1. पाचन में सुधार

पान में मौजूद गुण पाचन शक्ति को बढ़ाते हैं और कब्ज दूर करने में मदद करते हैं. नियमित रूप से पान चबाने से पाचन संबंधी समस्याएं दूर हो सकती हैं.

2. दांतों के लिए फायदेमंद

पान खाने से दांतों और मसूड़ों को लाभ पहुंचता है और मुंह की बदबू दूर होती है. यह दांतों को मजबूत बनाता है और दांतों की सफाई में मदद करता है.

3. तनाव कम करता है

पान में मौजूद इंग्रेडिएंट्स तनाव कम करने में मदद करते हैं. पान चबाने से मानसिक शांति मिलती है.पान में मौजूद एरोमाथेरेपी गुण सकारात्मक भावनाएं पैदा करता है जो तनाव को कम करता है.

4. दिल के लिए फायदेमंद

पान खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और हृदय रोगों का खतरा कम होता है. यह हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है.

5. वजन घटाने में मदद

पान में कैलोरी कम और पानी ज्यादा होता है जिससे वजन नियंत्रण में मदद मिलती है. पान चबाने से भूख कम लगती है जिससे वजन कम होने में सहायता मिलती है. पान में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पॉलीफेनॉल चयापचय को बढ़ावा देते हैं जिससे वजन कम होता है.

 

कैंसर के खिलाफ रक्षा

कुछ अध्ययनों के अनुसार, पान के पत्तों में मौजूद एंटीकैंसर प्रॉपर्टीज भी हो सकती हैं, जो कैंसर के खिलाफ रक्षा कर सकती हैं. पान में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स को रोकते हैं जो कैंसर का कारण बनते हैं. पान में मौजूद पॉलीफेनॉल और फ्लेवोनॉयड्स ट्यूमर के विकास को रोकते हैं

High BP में क्या है फायदेमंद, Coffee या green tea, जानें यहां

कॉफी और ग्रीन टी का सेवन हर उम्र के लोग करते हैं. इन दोनों में से अक्सर ग्रीन टी को ज्यादा हेल्दी माना जाता है, वजन घटाने की ख्वाहिश रखने वाले लोग अक्सर इस चाय का सेवन करना पसंद करते हैं. आपने सुना होगा कि हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए कैफीन का सेवन अच्छा नहीं होता, क्योंकि इससे बीपी और ज्यादा बढ़ जाता है. अब कॉफी और ग्रीन टी दोनों में ही ये कंपाउंड पाया जाता है, तो क्या बीपी के मरीजों के लिए दोनों ही बुरे हैं?

कॉफी बेहतर है या ग्रीन टी?

रिसर्चर्स ने अपनी स्टडी में ये पाया कि जिन लोगों ने एक दिन में एक बार कॉफी पी और डेली ग्रीन टी का सेवन किया, उनमें दिल की बीमारियों का खतरा नहीं पाया गया, भले ही वो बीपी के मरीज थे. 19 साल तक चली इस स्टडी के शुरुआती वक्त में 40 से 79 साल की उम्र के 6570 से ज्यादा पुरुषों और 12,000 महिलाओं को शामिल किया गया था, जिन्हें कैंसर के खतरे के इवेलुएशन के लिए जापान कोलैबोरेटिव कोहोर्ट स्टडी से चुना गया था.

कॉफी न पिएं हाई बीपी के पेशेंट

एक कप कॉफी पीने से तकरीबन 80 से 90 मिलीग्राम कैफीन मिलता है, ये हाई ब्लड प्रेशर के कंडीशन में अच्छा नहीं है. बेहतर है कि हाई बीपी के मरीज कॉफी न पिएं क्योंकि लॉन्ग टर्म में इससे दिल की बीमारियों का खतरा पैदा हो जाएगा.

क्या ग्रीन टी पी सकते हैं बीपी के मरीज?

ग्रीन टी में कैफीन जरूर पाया जाता है, लेकिन इसमें इस कंपाउंड की मात्रा काफी कम होती है, जो हार्ट रेट और मेटाबॉलिज्म को खतरनाक लेवल तक नहीं बढ़ाती, फिर भी ग्रीन टी पीने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

ये 5 रुटीन आपकी स्किन को बनाएंगे बेहद ही खूबसूरत, चेहरा करेगा ग्लो

लड़कियां अपनी स्किन को लेकर काफी परेशान रहती है किसी स्किन ड्राई होती है, किसी की बेजान नजर आती है और ऐसे में आप परेशान हो जाती है कि अपनी स्किन को कैसे ठीक करें. किस तरह चहरे पर चमक पाई जाएं, तो इसके लिए आज हम कुछ ऐसे ही तरीके लेकर आएं है जिससे आप अपनी स्किन को ग्लोईंग बना सकती है. साथ ही स्पॉट लेस बना सकती है. इशके साथ ही कुछ नुस्खों से आपकी स्किन डिहाईड्रेट भी होगी. जिससे आपका चेहरा चमक उठेगा और बेहद खूबसूरत नजर आएंगी.

रोज आप एक खट्टा फल जरूर खाएं, जैसे-सेब, संतरा, अनार, अंगूर, आम, कीवी आदि. इसमें मौजूद विटामिन सी आपकी स्किन को ग्लोइंग बनाने का काम करता है.

आप दिन की शुरूआत एक गिलास गुनगुने पानी के साथ करें. इससे आपके शरीर में जमा टॉक्सिन्स मल मूत्र के सहारे बाहर आ जाते हैं, जिससे चेहरे पर निखार आता है.

अपने चेहरे को बेसन से धोएं. इससे स्किन में जमी डेड स्किन बाहर आ जाएगी. वहीं, आप रोज रात में सोने से पहले अपने चेहरे को कच्चे दूध से मसाज दीजिए. यह भी स्किन की सेहत के लिए अच्छा होता है. आप शरीर में कोलेजन की भरपाई के लिए हड्डी का शोरबा, चिकन, मछली, अंडे का सफेद भाग खा सकते हैं.

एलोवेरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी और मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं जो त्वचा हाइड्रेट करने में मदद कर सकते हैं. एलोवेरा जेल को सीधे त्वचा पर लगाएं, 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर गरम पानी से धो लीजिए. इस रेमेडी को हफ्ते में 2-3 बार करिए.

नारियल का तेल त्वचा को मॉइस्चराइज़ और पोषण देने के लिए जाना जाता है. सोने से पहले थोड़ी मात्रा में नारियल तेल लीजिए फिर इससे मालिश करिए चेहरे को. इसे रात भर लगा रहने दें और सुबह गरम पानी से धो लें.

घर की खूबसूरती के लिए लगाएं ये पौधे, वातावरण भी कर देंगे शुद्ध

सभी चाहते है कि आपका घर खूबसूरत दिखें, इसके लिए ना जानें कितनी डेकोरेशन की चीजे हम लगाते है ऐसे में सबसे खूबसूरत चीज है घरों में लगाएं जाने वाले पौधे. जिनसे घर की खूबसूरती में चार चांद लग जाते है इतना ही नहीं, घर में शुद्ध वातावरण भी हो जाता है तो अगर आप भी घर की खूबसूरती के लिए पेड़-पौधे लगाना चाहते है तो ये आर्टिकल आपके लिए ही है, क्योकि इसमें हम आज ये बताएंगे की आप कौन से और किस प्रकार के पौधे लगाएं, जो आपके घर को शुद्ध और खूबसूरत बना दें. साथ ही घर में साकारत्मक ऊर्जा लाने का काम करें है.

फिकस बेंजामिन (Ficus Benjamina)

फिकस बेंजामिन के पत्ते हमेशा हरे रहते हैं और इनकी डिजाइन बहुत ही अनोखी और आकर्षक होती है. ये पौधे घर के किसी भी कोने में लगाए जाते है. चाहे वो लिविंग रूम हो, डाइनिंग एरिया हो या फिर बेडरूम.फिकस बेंजामिन को कम पानी की ज़रूरत होती है और ये धूप भी बहुत अच्छे से सहन कर लेता है. इसलिए इसकी देखभाल आसान होती है.

अंथूरियम (Anthurium)

अंथूरियम के फूल बेहद कलात्मक और अनोखे होते हैं. इनके लाल, गुलाबी, सफेद या क्रीम रंग के फूल घर में रंग भर देते हैं.  यह आसानी से लग जाने वाला पौधा है और इसे घर के किसी भी कोने में चाहे लिविंग रूम हो या फिर डाइनिंग टेबल पर रखा जा सकता है.

कैलेडियम (Caladium)

कैलेडियम के पत्ते बहुत ही आकर्षक और अनोखे पैटर्न वाले होते हैं. इनके पत्तों पर हल्के गुलाबी, सफ़ेद और हरे रंग के डिजाइन होते हैं.यह एक आसानी से लग जाने वाला पौधा है और इसे घर के किसी भी भाग में रखा जा सकता है.

ऑर्किड (Orchids)

ओर्किड अपनी सुंदरता और महक के लिए प्रसिद्ध हैं. ऑर्किड के बहुत से रंग-बिरंगे और सुंदर फूल आते हैं जो घर को सजाने में मदद करते है.

नीम के फूलों से होगी पेट की चर्बी कम, होंगे अनेक फायदे

आज की दौड़ भाग जिंदगी में कोई भी काम करना आसान नहीं होता चाहे बात आपकी हेल्थ की क्यो ना हो, उसके लिए भी टाइम निकालना मुश्किल हो जाता है. आजकल लोग बैली फैट की समस्या से ज्यादा परेशान है वो चाहते है कि उनकी पीठ की और पेट की चर्बी कम हो जाएं ताकि वह देखने में फिट लगे और खूबसूरत शरीर पा सकें, लेकिन इसके लिए आपको सही डाइट और हैवी एक्सरसाइज की ज़रुरी पड़ती है और भाग-दौड़ की जिंदगी में ये करना मुश्किल हो जाता है तो ऐसे में हम आपके लिए एक ऐसा नुस्खा लाए है जो आपके पेट की चर्बी को कम करने में फायदेमंद होगा. आज हम आपके लिए नीम के फूल के फायदे लेकर आए हैं, वजन घटाने में ये आपकी मदद कर सकते हैं. कई आयुर्वेदिक एक्सपर्ट्स कहते हैं कि नीम में छिपे औषधीय गुणों की चर्चा जितनी की जाए, उतना ही कम है. इसकी जड़ से लेकर पत्तियों तक हर एक हिस्सा औषधीय गुणों से भरपूर होता है.

आपको बता दें कि मेटाबॉलिज्म बूस्ट खाना पचाने में आसानी होती है, साथ ही इससे खाना तेजी से पचता है.ये बॉडी से कैलोरी को तेजी से बर्न करता है. इस तरह नीम की सेवन वजन कम करने और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है. खासकर नीम के फूल स्किन से लेकर शरीर की कई परेशानियों को दूर करने में प्रभावी होते हैं. नीम एक ऐसा पौधा है जो आपके हंगर क्रेविंग पर रोक लगता है जिससे आप अपनी अगली मील देर से खाते हैं, नीम में फाइबर  की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो डाइजेशन  को स्लो कर देता है जिससे आपका पेट लंबे वक्त तक भरा होता है.

नीम के फूल से ऐसे घटाएं तेजी से वजन

1. पहला तरीका

आप सुबह उठकर ताजे-ताजे नीम के फूल तोड़कर खाली पेट उनका सेवन करें. इसके अलावा आप इसकी कोमल पत्तियों का भी खा सकते हैं. ये वजन घटाने में आपकी मदद करेंगे.

2. दूसरा तरीका

वजन घटाने के लिए आप नीम फूल और शहद का सेवन कर सकते हैं. सबसे पहले नीम के फूलों को अच्छे से सिलबट्टे या फिर ओखली की मदद से क्रश कर लें. फिर उसमें 1 चम्मच शहद मिक्स करें. साथ ही आधा चम्मच नींबू का रस भी मिक्स कर सकते हैं. फिर सुबह खाली पेट इस मिश्रण का सेवन करें.

3. तीसरा तरीका

वजन घटाने में नीम के फूलों की चाय भी आपकी मदद कर सकती है.  चाय को तैयार करने के लिए 1 कप पानी में नीम के ताजे फूलों को उबाल लें. फिर उसमें थोड़ा सा अदरक का रस मिक्स करके पी जाएं. बस ध्यान रखें कि पूरे दिन में सिर्फ 1 कप ही चाय का सेवन करना है.

कुत्ते-बिल्लियों को चुमते है तो हो जाइए सावधान, जा सकती है जान

आज कल के दौर में कुत्ते और बिल्लियों को पालने को चलन काफी बढ़ रहा है लोग घर में पालतू जानवर रखना बेहद पसंद करते है लेकिन कई जानवरों से इतना घुल-मिल जाते है कि उन्हे चुमने तक लग जाते है लेकिन ऐसा करना कितना ठीक है या नहीं, ये आज हम आपको बताएंगे क्योकि ऐसा करना आपको बीमार कर सकता है. शरीर में कई तरह के रोग पैदा कर सकता है लेकिन ये सिर्फ उन लोगों के लिए है जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है या कोई महिला प्रेग्नेंट है तो वो अपने पालतू जानकर को किस ना करें.

क्योकि माना जाता है कि कुत्ते के मुंह और लार में कैप्नोसाइटोफागा बैक्टीरिया रहते हैं, जो करीबी संपर्क या काटने से लोगों में फैल सकता है. अधिकांश लोग बीमार नहीं पड़ेंगे, लेकिन ये बैक्टीरिया कभी-कभी कमजोर इम्युनिटी सिस्टम वाले लोगों में संक्रमण का कारण बन सकते हैं, जिसके कारण गंभीर बीमारी हो सकती है और किसी किसी स्थिति में मौत भी हो सकती है.

बिल्लियां कभी-कभी काटने और खरोंच से भी संक्रमण फैला सकती हैं. कुत्ते और बिल्लियां दोनों मेथिसिलिन-प्रतिरोधी जीवाणु स्टैफिलोकोकस ऑरियस (एमआरएसए) के भंडार हैं, पालतू जानवरों के साथ करीबी संपर्क को जूनोटिक संचरण के लिए एक अहम जोखिम कारक के रूप में पहचाना जाता है.

पालतू जानवरों से कौन सी बीमारियां हो सकती हैं?

जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाले संक्रामक रोगों को जूनोटिक रोग या जूनोज कहा जाता है. साथ रहने वाले जानवरों के 70 से ज्यादा कीटाणु लोगों में फैल सकते हैं.

  • कभी-कभी, पालतू जानवर जिसमें जूनोटिक कीटाणु होता है वह बीमार लग सकता है. लेकिन अक्सर कोई दिखाई देने वाला लक्षण नहीं होता, जिससे आपके लिए संक्रमित होने का जोखिम बढ़ जाता है, क्योंकि आपको अपने पालतू जानवर में कीटाणु के होने का शक नहीं होता.
  • जूनोज सीधे पालतू जानवरों से मनुष्यों में फैल सकता है, जैसे लार, शारीरिक तरल पदार्थ और मल के संपर्क के जरिए, या अप्रत्यक्ष रूप से, जैसे दूषित बिस्तर, मिट्टी, भोजन या पानी के संपर्क के जरिए.
  • स्टडी से पता चलता है कि पालतू जानवरों से जुड़े जूनोज का प्रसार कम है. हालांकि, संक्रमणों की असल संख्या को कम करके आंका गया है क्योंकि कई जूनोज सूचित करने योग्य नहीं हैं, या उनके कई एक्सपोजर रास्ते या सामान्य लक्षण हो सकते हैं.

Diabetes में देसी घी का पका खाना कितना है सही और गलत, जानें यहां

डायबिटीज में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, इसे लेकर हमेशा असमंजस की स्थिति बनी रहती है. कुछ लोग घी, तेल और मसाले से परहेज करने की सलाह देते हैं, जबकि कुछ देसी घी (Desi Ghee) के सेवन को गलत बताते हैं. देसी घी में हेल्दी फैट (Healthy Fat) होता है जो आपके खाने में मौजूद पोषक तत्‍वों को नष्‍ट नहीं होने देता और इसी प्रोसेस के कारण ब्‍लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) कंट्रोल होता है. यानी डायब‍िटीज के मरीज खाने में देसी घी ले सकते हैं. हालांकि इसकी मात्रा ज्यादा न हो, इसका ख्याल रखना होगा वरना इसके बुरे परिणाम भी नजर आ सकते हैं.

कोलेस्ट्रॉल लेवल रहेगा कंट्रोल

इतना ही नहीं, आप अगर देसी घी का सेवन करते हैं तो आपके शरीर का कोलेस्‍ट्रॉल लेवल (Cholesterol Level) भी कंट्रोल रहेगा. साथ ही गट हार्मोन (Gut hormones) की फंग्‍शन‍िंग बेहतर होगी जिससे डायब‍िटीज कंट्रोल रहती है. कई डायट‍ीश‍ियन के मुताब‍िक, देसी घी का इस्‍तेमाल फायदेमंद होता है, हालांकि कुकिंग ऑयल को डायबिटीज में नुकसानदायक बताया गया है.

एक दिन में कितना खाएं घी?

डायबिटीज के मरीजों को एक्‍सट्रा फैट लेने से भी बचना चाह‍िए, जैसे कुछ लोग दाल में एक्‍सट्रा घी ऊपर से डालकर खाते हैं, लेकिन अगर आप डायब‍िटीज के मरीज हैं, तो ऐसा करने से बचें. बेशक देसी घी हमारी सेहत के ल‍िए फायदेमंद होता है पर इसका ज्‍यादा सेवन न करें, आपको एक द‍िन में दो चम्‍मच से ज्‍यादा घी का सेवन नहीं करना चाह‍िए.

दिल की बीमारियों का खतरा कम

घी में व‍िटामि‍न और एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स होते हैं जो आपकी इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करते हैं. इससे डायब‍िटीज का खतरा को कम होता ही है साथ ही द‍िल की बीमारी होने का खतरा भी कम हो जाता है.

 

 

सोने से पहले अगर पी लेंगे चाय तो होंगे ये पांच बड़े फायदे

चाय के बारे में अक्सर आपने सुना होगा कि ये नुकसान देती है ज्यादा चाय आपके शरीर में गैस बनाती है लेकिन अगर आप ये सुने की चाय पीने बडे फायदे भी होते है तो ज़रुर ही आप अपना सर पकड़ लेंगे.आज हम इस आर्टिकल में सोने से पहले चाय पीने के फायदे बताएंगे. जिससे आप जानकर चाय पीने से कतराएंगे नहीं.

-अगर आप तनाव के दौर से गुजर रहे हैं. ऑफिस में स्ट्रेस हो या घर पर तनाव हो और उसका असर अगर आपकी नींद पर है तो सोने से पहले चाय का सेवन कर सकते हैं

-हर एक शख्स की चाहत होती है कि उसे बेहतरीन नींद आए. अगर आप नींद की समस्या से दो चार हो रहे हों तो चाय के जरिए उस परेशानी से पार पा सकते हैं.

-सोने से पहले  चाय पीने का फायदा इम्यून सिस्टम को भी होता है, रोगों से लड़ने की क्षमता में इजाफा होता है.इससे आपको कोल्ड, कफ या हल्के पेट दर्द से राहत मिल सकती है.

-सोने से पहले चाय पीने का असर त्वचा की चमक और बालों पर भी देखा जा सकता है. चमकती त्वचा और बाल घने होते हैं, बालों में चमक भी आती है

-आप बबूने के फूल की चाय, लैवेंडर चाय और पेपरमिंट चाय सोने से पहले इस्तेमाल में ला सकते हैं. इनके जरिए ना सिर्फ प्रतिरोधक क्षमता में विकास होता है बल्कि दूसरी समस्याओं से भी आराम मिलता है.

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