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Amrita Pandey Suicide: भोजपुरी एक्ट्रेस अमृता पांडेय ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, डिप्रेशन की थी शिकार

भोजपुरी एक्ट्रेस अमृता पांडेय एक जानी मानी एक्ट्रेस हैं एक्ट्रेस मीडिया की लाइमलाइट से हमेशा ही दूर रही ह, जिसके चलते वे काफी कम चर्चाओं में बनीं रही हैं. लेकिन अब उनके चाहने वालों के लिए बुरी खबर है, क्योकि एक्ट्रेस अब इस दुनिया में नहीं रही है. जी हां, एक्ट्रेस ने पंखे से लटकर फांसी लगा ली. जिस घटना ने भोजपुरी इंडस्ट्री में सबको हिला कर रख दिया है.

आपको बता दें कि अमृता पांडेय का शव पंखे से लटका हुआ मिला. बताया जा रहा है कि एक्ट्रेस डिप्रेशन की शिकार थी. फिल्म निर्माता निर्देशक पति चंद्रमणि उनके पति थे. जिनसे रिश्ते में दरार के कारण वह दो साल से डिप्रेशन में चल रही थीं. वही, ये घटना आदमपुर घाट रोड स्थित दिव्यधाम अपार्टमेंट में घटी. जहां अमृता के परिजनों ने स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी. पुलिस घटनास्थल के वैज्ञानिक जांच में जुट गई है.

स्थानीय थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या मामला आत्महत्या का दिख रहा है अमृता पांडेय का शव खुले कमरे से बरामद किया गया है. पुलिस हर एक बिंदु पर बारीकी से जांच कर रही है. परिजनों के बयान के आधार पर केस दर्ज करने की कवायद शुरू की जाएगी.

बता दें कि अमृता पांडेय अपनी छोटी बहन की शादी में हिस्सा लेने के लिए मुंबई से भागलपुर पहुंची थीं. स्वजनों के मुताबिक, वह बहन की शादी में काफी खुश नजर आ रही थी.लेकिन उसके बाद ऐसा हो जाएगा सोचा नहीं था.

बताते चले कि अन्नपूर्णा ने मुंबई में ही फिल्म निर्माता-निदेशक चिंतामणि के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने के बाद कोर्ट मैरिज कर लिया था. शादी के बाद दोनों के रिश्ते में खटास आ जाने की वजह से वह कुछ महीनों से डिप्रेशन में चली गई थी. अमृता पांडेय के डिप्रेशन का यह आलम था कि अपने घर में अपनी दिनचर्या को लेकर भी खुद से गुस्सा करने लगती और सिर तक पीटने लगती थी. पिता के गुजर जाने के बाद मां ही अभिभावक के रूप में बची हैं.

पवन सिंह और ज्योति सिंह का टूटने से बचा रिश्ता, तलाक के खबरों के बीच हुई सुलह,

भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे चर्चित शादीशुदा कपल पवन सिहं और ज्योति सिंह इऩ दिनों एक बार सुर्खियों में बने है. एक दूसरे से शादी करने के बाद इनकी तलाक की खबरे काफी वायरल हो रही थी. पहले तो दोनों के बीच सबकुछ ठीक था लेकिन आगे चलकर पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच विवाद हो गया है. बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों ने तलाक तक लेने का फैसला कर लिया है. इस बीच पवन सिंह और ज्योति सिंह को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें ये बताया गया है कि इन दोनों के बीच सबकुछ ठीक हो गया है.

 

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भोजपुरी स्टार पवन सिंह की वाइफ ज्योति सिंह ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी लगाई थी. इसमें ज्योति ने भोजपुरी सिंगर बबीता मिश्रा को शुक्रिया कहा था. ज्योति ने लिखा, ‘थैंक्यू बबीता दीदी आपकी सारी कोशिशों के लिए.’ वहीं बबीता मिश्रा ने ज्योति को लेकर लिखा, ‘तुम्हें खूब प्यार मेरी बहन. भगवान आपको उन बुरी नजरों से हमेशा बचाकर रखे, जिसने आपका अपमान किया’ अब बबीता के इस पोस्ट को देखने के बाद लोग ये चर्चा कर रहे है कि पवन सिंह और ज्योति सिंह फिर से साथ में में आ गए हैं.

 

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बताते चलें कि पवन सिंह की पहली शादी 2014 में नीलम सिंह से हुई थी. हालांकि कुछ समय बाद में नीलम सिंह ने आत्महत्या कर ली थी. इसके बाद पवन सिंह की जिंदगी में एक्ट्रेस अक्षरा सिंह की एंट्री हुई. दोनों ने एक दूसरे को काफी समय तक डेट किया था रिपोर्ट्स की मानें तो पवन सिंह और अक्षरा सिंह शादी करने वाले थे. हालांकि फिर कुछ ऐसा हुआ कि दोनों के रास्ते अलग हो गए है. आज आलम ये है कि पवन और अक्षरा एक दूसरे को देखना तक नहीं चाहते हैं.

कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न, पिछड़ों और दलितों को फंसाने का खेल

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न सम्मान नरेंद्र मोदी सरकार के हाथों से मिलना कोई ताली बजाने वाली बात नहीं है. यह सिर्फ मई, 2024 के चुनावों की दांवपेंच वाली बात है. नरेंद्र मोदी सरकार उसी तरह कुरुक्षेत्र का युद्ध जीतने की कोशिश कर रही है जैसे कृष्ण ने महाभारत की कहानी में किया था. कृष्ण ने युद्ध से हिचक रहे अर्जुन को पट्टी पढ़ाई, दांवपेंच खेले, अपनों को कौरवों की तरफ भेजा, कौरवों के साथियों को फोड़ा, नियमरिवाज ताक पर रखे ताकि कौरव और पांडव दोनों के परिवार खत्म हो जाएं.

आज जो हो रहा है वह पिछड़ों और दलितों को फंसाने के लिए हो रहा है. कर्पूरी ठाकुर से भारतीय जनता पार्टी या कांग्रेस को कोई प्रेम नहीं है क्योंकि उन्होंने बिहार के अमीर, जमींदार, ऊंची जातियों के दबदबे को खत्म करने की बात उठाई थी. उन्होंने भारतीय जनसंघ (तब भारतीय जनता पार्टी का यही नाम था) और कांग्रेस के खिलाफ दबीकुचली जनता को जमा किया था.

आज भारत रत्न दे कर उन्हें असल में मरने के बाद इस्तेमाल किया जा रहा है जैसे कांगे्रसी वल्लभभाई पटेल और सुभाषचंद्र बोस को किया गया था. मंदिर की राजनीति भी पुरानी हार के गड़े मुरदों के पुतले खड़े कर के वोट जमा करना है. भारतीय जनता पार्टी हमेशा दूसरे घरों में तोड़फोड़ करा कर सत्ता में बने रहने की कोशिश करती है. यह हमारी धार्मिक कला है जिस में घरों में आने वाला पुरोहित बड़ेबड़े शब्दों में जजमान की तारीफ करता है और पड़ोसियों के राज जगजाहिर करता है ताकि उसे मोटी दक्षिणा मिल सके. भारतीय जनता पार्टी इसी बात को राष्ट्रीय पैमाने पर कर रही है और कर्पूरी ठाकुर के गुणगान कर के अब बिहार के पिछड़ों से वोट दक्षिणा में मांग रही है.

यह काबिलेतारीफ है कि धर्म के दुकानदार आसानी से हार नहीं मानते. ईसाई मिशनरी हों या इसलामी मौलवी या बौद्ध भिक्षु या निरंकारी सिख, उन्होंने धर्म के नाम पर हर तरह की आफतें झेली हैं ताकि इन के भाईबंदों को हलवापूरी मिलती रहे. यही वजह है कि 2000 साल की गुलामी के बावजूद गांवों से दक्षिणा देने का रिवाज कभी कम नहीं हुआ. जो हिंदू अपने धर्म को छोड़ कर गए, उन्हें नए धर्म में उसी तरह दक्षिणा देना शुरू करना पड़ा.

कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देकर उन के परिवार वालों को राष्ट्रपति भवन में बुला कर फोटो हर जगह छपवा और चिपकवा दी जाएगी पर चुनावों के बाद कर्पूरी ठाकुर ने जो कहा था, जो करना चाहा था वह कभी नहीं किया जाएगा. हमारे दक्षिणापंथी कभी भी राजपाट पिछड़ों व दलितों के हाथों में नहीं जाने देंगे, चाहे वे पढ़लिख जाएं, पार्टियां बना लें, चुनाव जीत जाएं. पार्टियों में तोड़फोड़, मुकदमे, जीभर के पैसा लुटाना इसीलिए किया जाता है न.

भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने इवेंट में किया कमाल, लोगों ने जमकर मचाया हुड़दंग

भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह आए दिन किसी न किसी वजह से चर्चा में बनी रहती हैं. सोशल मीडिया पर अक्षरा सिंह छाई हुई हैं. उनकी तस्वीरें और वीडियोज इंटरनेट पर बवाल मचा देती है. यही वजह है कि अक्षरा सिंह को लोग सोशल मीडिया क्वीन कहते हैं. बता दें कि अक्षरा सिंह की फैन फॉलोइंग काफी तगड़ी है. अक्षरा सिंह की एक झलक पाने के लिए फैंस बेताब रहते हैं. हाल ही में भोजपुरी क्वीन अक्षरा सिंह बिहार के औरंगाबाद में एक इवेंट में गई थीं. इस दौरान वहां ऐसा कुछ हुआ कि सभी लोग दंग रह गए.

 

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भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह के इवेंट में कई बार बवाल हो चुका है. लेकिन अब एक बार फिर से अक्षरा सिंह के कार्यक्रम में विवाद हुआ है. दरअसल अक्षरा सिंह को औरंगाबाद के दाउद नगर में एक एक शोरुम के उद्घाटन में जाना था. हालांकि फ्लाइट लेट होने की वजह से अक्षरा इस इवेंट में देरी से पहुंची. काफी समय से अक्षरा सिंह का इंतजार कर रहे फैंस को उनका अंदाज पसंद नहीं आया. शुरुआत में तो अक्षरा सिंह ने लोगों को एंटरटेन किया. हालांकि बाद में माहौल बिगड़ गया. अक्षरा सिंह के साथ सेल्फी लेने के चक्कर में लोग धक्का-मुक्की करने लगे. इसके बाद पत्थरबाजी शुरू हो गई. हालांकि पुलिस ने एक्शन लिया और लाठीचार्ज भी किया.

 

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बताते चलें कि अक्षरा सिंह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और अक्सर अपने फैंस के साथ तस्वीरें और वीडियोज शेयर करती रहती हैं. अक्षरा सिंह के हर पोस्ट पर लोग जमकर प्यार बरसाते हैं. मालूम हो कि अक्षरा सिंह ने भोजपुरी के साथ-साथ टीवी इंडस्ट्री में भी अपना जलवा बिखेरा हैं.अक्षरा सिंह रियलिटी शो बिग बॉस ओटीटी 2 में नजर आई थीं. इस शो के बाद उन्हे टीवी की दुनिया में भी पहचान मिल गई थी.

बाढ़ में डूबे बिहार से आई रोंगटे खड़े करने वाली तस्वीर, पढ़ें पूरी खबर

कुदरती कहर हो या मानव जनित दुर्घटनाएं, दुनिया के किसी एक कोने से ऐसी तस्वीर कभीकभी सामने आती है कि जिन्हें देखते ही या तो रूह कांप उठता है या फिर रोंगटे खङे हो जाते हैं. ऐसी त्रासदियों में आमतौर पर या तो बच्चे होते हैं या फिर महिलाएं. यों तो दुनियाभर में बच्चों की ऐसीऐसी भयानक तस्वीरें सामने आई हैं जिन्हें देख कर किसी के भी रोंगटे खङे हो जाएं, मगर बाढ की विनाशलीला के बीच बिहार से एक ऐसी ही खौफनाक तस्वीर सामने आई है, जिसे देख कर कलेजा मुंह को आ जाए.

खौफनाक तस्वीर

इस तस्वीर में एक मृत बच्चा पानी से घिरे एक टीले पर पङा हुआ है. वह टीला भी इतना गीला हो चुका है कि कभी भी भरभरा कर पानी में समा सकता है. बच्चे के आसपास कोई नहीं है और वह लावारिस पङा पानी में समा जाने को तैयार है. उस का पूरा शरीर अकड़ कर फूल चुका है.

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सीरिया युद्ध में भी ऐसे ही हालात थे

इसी तरह की एक तस्वीर साल 2015 में तुर्की के समुद्रीतट पर से एक सीरियाई बच्चे की भी सामने आई थी. तब सीरिया में चल रहे गृहयुद्ध की बर्बरता को देख पूरी दुनिया स्तब्ध थी. यह तस्वीर इतना खौफनाक था कि देख कर ही आंखों में आंसू आ जाएं. ऐलन कुर्दी नाम के इस 3 साल के बच्चे का शव तुर्की समुद्रीतट पर बह कर आया था.

पिता-बेटी की रूला देने वाली तस्वीर

कुछ समय पहले उत्तरी अमेरिका की सीमा से लगी रियो ग्रांडे नदी के किनारे एक पिता और बेटी की लाश की तस्वीर भी सामने आई थी, जो बेहद भयानक और मानवीय संवेदना को बुरी तरह रूला रहा था.

अब बाढ की वीभिषका से जूझ रहे बिहार से आई इस मृत बच्चे की तस्वीर ने मानव सभ्यता को हिला कर रख दिया है.

कहर मगर क्यों

कुछ लोग इसे कुदरती कहर बता रहे हैं, कुछ अंधविश्वासी भगवान का प्रकोप, तो वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इस के लिए पूरी मानव सभ्यता को ही दोष दे रहे हैं, जिन की वजह से वन खाली हो गए, जंगलों की इतनी कटाई हुई कि वहां रेगिस्तान जैसे हालात हो गए. इस से पहाड़ों के बीच से आने वाली सैकड़ों नदियां अपना मूल रास्ता भटक कर ऐसा कहर बरपाती हैं कि हर साल हजारों की संख्या में लोग मारे जाते हैं. लाखों बेघर हो जाते हैं और करोड़ों कुपोषण के शिकार हो जाते हैं.

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कौन है असली गुनहगार

बिहार में हर साल आने वाली बाढ भी जहां मानव भूलों का नतीजा हैं, वहीं सफेदपोश नेताओं की लापरवाही भी, जो सिर्फ बाढ से घिरे लोगों के बीच जा कर फोटो खिंचवाने और मुआवजा की घोषणा कर अपनी जिम्मेदारी खत्म कर लेते हैं. न तो पिछली सरकारें और न ही वर्तमान सरकार ने बाढ से बचाव के लिए कोई प्लान बनाया है.

दरअसल, बिहार में हर साल बाढ नेपाल से छोङे गए पानी से आता है. इस से दोनों ही तरफ के लाखों लोग प्रभावित होते हैं. बस होता इतना भर है कि नेपाल और भारत दोनों ही एकदूसरे पर दोष मढ़ते हैं मगर होता कुछ नहीं. मगर ऐसी खौफनाक तस्वीर देख कर भी सरकार नींद से जाग जाएगी, कहना बेमानी होगा.

 

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