भोजपुरी अभिनेत्री की आत्महत्या का क्या है राज

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर की रहने वाली अंजली श्रीवास्तव 2011 में भोजपुरी फिल्मों में काम करने मुम्बई गई थी. 6 साल ही मेहनत और मशक्कत के बाद भी वह एक्टिंग के क्षेत्र में अपनी वह पहचान नहीं बना पाई जिसकी उसे दरकार थी. अंजली के माता पिता उसे रोज फोन कर हालचाल लेते रहते थे. रविवार को जब उसका फोन नहीं उठा तो घर वालों ने अंजली के मकान मालिक के फोन पर संपर्क किया. जिसके बाद मकान मालिक ने पुलिस की मदद से दरवाजा तोड़ कर कमरे में प्रवेश किया तो अंजली का शव लटकता मिला. मुम्बई पुलिस के लिये चौंकाने वाली बात यह है कि अंजली ने कोई सुसाइड लेटर नहीं छोड़ा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह तय हो पायेगा कि अंजली की मौत की वजह क्या थी?

फिल्मों में जाकर कैरियर बनाने की चाह रखने वालों को जब असफलता मिलती है तो इस तरह के कदम स्वाभाविक रूप से उठ जाते हैं. अंजली की सबसे प्रमुख भोजपुरी फिल्म कच्चे धागे थी. इसके अलावा उसने कुछ सीरियल और फिल्मों में रोल किये. वह अपनी सफलता से बहुत उत्साहित नहीं थी. वह खुद के लिये लीड रोल चाहती थी. भोजपुरी फिल्मों में अच्छी फिल्में कम बनती हैं. अच्छी फिल्म बनाने वालों की अपनी एक लौबी है. यह लौबी नये कलाकार को आसानी से काम नहीं देती. ऐसे में नये कलाकार का हतोत्सहित होना स्वाभाविक है. भोजपुरी फिल्मों में ज्यादातर फिल्में कम बजट की होती हैं, उनमें कलाकारों को काम कम और शोषण अधिक होता है.

VIDEO : देखिए कैसे इज्जत बचाने के लिए भाग रही थी ये लड़की

आजकल एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है जिसमें बलात्कार जैसे मुद्दे को काफी अलग नजरिये से दिखाया गया है. वायरल हो रहा यह वीडियो आपके रौंगटे तो खड़े कर ही देगा, साथ ही साथ आपको इस मुद्दे पर एक अलग सोच भी दिखाता है. हमारे यहां महिलाओं और लड़कियों के सम्मान की बात हमेशा ही होती रहती हैं, लेकिन वो सिर्फ बातें ही बनकर रह जाती हैं. समाज आज भी लड़कियों को सिर्फ भोग की वस्तु समझता है.

आज दुनिया भर में महिलाओं की सुरक्षा सभी के लिए चिंता का विषय है. इस समस्या का सिर्फ एक ही हल हो सकता है वो है महिलाओं या लड़कियों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए. खैर ये तो एक लंबा विषय है जिसपर चर्चा आगे भी चलती रहती है. अब बात करते हैं इस वीडियो की.

जो वीडियो हम आपको दिखाने जा रहे हैं वह सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसको देखने के बाद सभी लोग सदमे में हैं. दरअसल, इस वीडियो में एक लडकी के साथ ऐसा कुछ होता है जिसे देखकर सभी लोग हैरान हैं. दुनिया में एक ओर जहां आधुनिकता छाई हुई है तो वहीं दुनिया भर के सामने लोगों की संकीर्ण मानसिकता से निपटने की भी चुनौती है.

वैसे तो दुनिया आतंकवाद और पर्यावरण जैसे अनगिनत मुद्दों से घिरी हुई है. लेकिन महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ होने वाले अपराध सबसे प्रमुख चुनौती हो गई है.

इस वीडियो में एक लड़की को जब इंसानी भेडियों का झुंड घेर लेता है और उसकी इज्जत लूटने की कोशिश करते दिख रहे हैं. इस वीडियो में कुछ लड़कों से एक लड़की के इज्जत बचाने का संघर्ष दिखाया गया है, जो उसकी इज्जत लूटने की कोशिश कर रहे हैं. इस वीडियो के जरिए समाज को लड़कियों के खिलाफ होने वाले अपराधों के बारे में जागरूक किया गया है.

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ब्रा का साइज पूछा, तो लड़की ने लड़के की न्यूड तस्वीर की वायरल

अक्सर आपने सुना होगा कि किसी लड़के ने लड़की की नग्न तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड की हों. लेकिन आज एक अजीब ही किस्सा सामने आया है, यहां उल्टा लड़की ने एक लड़के की न्यूड तस्वीरें सोश्ल मीडिया पर डाल दी और उसे धमकी भी दे डाली.

दरअसल “केटी प्राइड” नाम की इस लड़की की कुछ प्राइवेट फोटोज आई क्लाउड से हैक हो गईं. जब दुनियाभर के लोगों ने उन तसवीरों को देख लिया तो उन्हीं में से एक जोफ़्फ़्री नाम का लड़का तुक्के में स्नैपचैट पर केटी की ओरिजनल आईडी देख लेता है. वह केटी को मैसेज करके उसकी प्राइवेट फोटोज उसके भेजकर पूछता है कि क्या वह उसी की है. अपनी वैसी वाली फोटोज देखकर केटी पूरी कहानी बताती है कि कैसे उसकी वह फोटोज हैक होकर इंटरनेट पर फैल गई थीं.

केटी ने जब सारी बातें उस लड़के को बता दीं तो यह बात हो जाने के बाद उसे एक शरारत सूझी और उसने जोफ़्फ़्री से कहा कि वह अपनी न्यूड फोटोज भेजे. अब ऐसे में जोफ़्फ़्री को लगा कि लड़की दिलचस्पी दिखा रही है और वो केटी के बातों में आ गया.

जब उसने केटी को अपनी नग्न तस्वीरें भेज दीं तो केटी उसे धमकी देने लगी कि वह उसकी प्राइवेट फोटोज को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगी. इसपर जोफ़्फ़्री बेचारा डर गया और उससे माफी मांगने लगा.

लेकिन क्योंकि केटी मज़ाक कर रही थी और वह दिल की अच्छी थी, उसने जोफ़्फ़्री को अच्छे से समझाकर माफ कर दिया. खैर माफी से पहले वह उसकी फोटोज को नहीं पर उसके साथ हुई बातचीत के सारे ट्वीट्स अपने 31 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स को दिखा चुकी थी. द सन के मुताबिक, केटी ने यह सब इसलिए किया क्योंकि वह उसकी ब्रा का साइज पूछकर उसे छेड़ रहा था.

सरकार को परेशान करने आ रहा है ‘किसान योग’

योगासन के जरीये जनता का मन जीतने में लगी सरकार को ‘किसान योग’ परेशान कर रहा है. मध्य प्रदेश के मंदसौर से लगी आग का धुंआ अब दूसरे प्रदेशों तक पहुंच रहा है. उत्तर प्रदेश में 36 हजार करोड़ की लोन माफी के बाद भी किसान अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा के किसान भी आंदोलन की राह पर हैं. किसान की आय दोगुनी करने का झांसा भी अब काम नहीं आ रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह बढ़ती मंहगाई और बेरोजगारी है. नोटबंदी के बाद छोटे किसान दूसरे शहरों से अपना कामधंधा छोड़ कर अपने गांव आ गये हैं. गांव में खेती में उनको मुनाफा नहीं हो रहा. ऐसे में वह परेशान हो रहे हैं. बढ़ती मंहगाई और बेराजगारी ने किसानों को प्रभावित किया है और वह अब सरकार के खिलाफ गुस्से में है.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 और 21 जून को रहेंगे. 21 जून को वह योग दिवस के मौके पर योग करेंगे. सरकार अलग अलग संस्थाओं के जरीये योग का प्रचार कर रही है. जिसके तहत एक माह के विशेष योग शिविर आयोजित किये गये. इनका समापन भी 21 जून को हो रहा है. जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योग करेंगे, किसान लखनऊ के हाईवे जाम करेंगे. जिससे वह अपना विरोध प्रधानमंत्री के समक्ष रख सकें. भारतीय किसान यूनियन लखनऊ के मंडल अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा कहते है कि ‘21 जून को लखनऊ सहित पूरे मंडल में किसान हाइवे पर सुबह 5 बजे से 9 बजे तक योगासन कर अपना विरोध दर्ज करायेंगे.’

किसानों ने जनता से अपील की है कि वह इस समय हाइवे का प्रयोग न करे. किसानों ने कहा है कि वह इमरजेंसी सेवाओं के आवागमन को नहीं रोकेंगे. किसान इस दौरान अपनी फसलों को भी साथ रखेंगे. भारतीय किसान यूनियन ने पूरे लखनऊ मंडल को घेरने के लिये अपना कार्यक्रम बना लिया है. इसके लिये अपने कार्यकर्ताआ को संदेश दे दिया है. भारतीय किसान यूनियन ने लखनऊ को चारों तरफ से घेरने की योजना बनाई है.

भारतीय किसान यूनियन लखनऊ के मंडल अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा कहते हैं कि पूरे देश में किसान परेशान हैं. इसके बाद भी सरकार केवल वादे पर वादे कर रही है. फसल की कीमत पूरी मिले, किसानों के कर्ज माफ हों. किसान की तरक्की की तरफ सरकार ध्यान दे. जब तक सरकार किसानों की मांगे नहीं मानेगी किसान अपना विरोध जारी रखेंगे.

मध्य प्रदेश के बाद प्रधानमंत्री पहली बार किसानों की नाराजगी को झेलने का प्रयास करेंगे. किसान प्रदर्शन को देखते हुये जिला प्रशासन नये तरह के डर से गुजर रहा है. जिससे वह पहले से ही ऐसी व्यवस्था कर लेना चाहता है जिससे किसान प्रधानमंत्री तक न पहुंच सकें. कायदे से प्रधानमंत्री को किसान संगठनों से बात करनी चाहिये. अगर प्रधानमंत्री ऐसा नहीं करते तो किसानों का गुस्सा और भी भड़क उठेगा. ऐसे में प्रधानमंत्री के योग पर ‘किसान योग’ भारी पड़ सकता है.

सैक्स सीन की शूटिंग पर चित्रांगदा और निर्देशक के बीच कहा-सुनी

हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’ नाम की एक फिल्‍म की शूटिंग में व्यस्त हैं. खबरों के अनुसार ये फिल्म इसी साल यानि कि 2017 अगस्त में रिलीज की जा सकती है.

लेकिन चित्रांगदा के साथ इस फिल्‍म की शूटिंग के दौरान ऐसा क्या हुआ कि उन्‍होंने फिल्‍म को छोड़ना ही बेहतर समझा और वे वापस मुंबई लौट आयीं. आप जानना चाहते हैं? हम आपको बता देना चाहते हैं उस वक्त इस फिल्म की शूटिंग लखनऊ में चल रही थी और एक बोल्ड सीन की शूटिंग के दौरान, फिल्म के निर्देशक और चित्रांगदा में कहा-सुनी हो गई थी.

बोल्ड सीन की शूटिंग के दौरान निर्देशक और चित्रांगदा में हुई कहा-सुनी

इस घटना के बारे में चित्रांगदा के करीबियों का कहना था कि निर्देशक कुशन नंदी अपनी सीमाएं पार कर रहे थे और यह बात चित्रांगदा बर्दाश्त नहीं कर पाईं. सूत्रों की माने तो नवाज और चित्रांगदा के बीच एक बोल्ड सीन फिल्माया जा रहा था.

यह अंतरंग दृश्य काफी बोल्ड था, जिसमें चित्रांगदा को नवाज बिस्तर पर खींच कर ले जाते हैं और फिर दोनों के बीच सीमाओं के सभी बंधन टूटते हुए द्रश्य फिल्माए जाने थे. ये सीन करते समय चित्रांगदा बेहद असहज थीं और उनकी असहजता शूटिंग के दौरान नजर आ रही थीं और शायद इसी बात से निर्देशक खुश नहीं थे.

चित्रांगदा को निर्देशक की बात अपमानजनक लगी

इसके बाद निर्देशक ने सभी के सामने चित्रांगदा को कुछ ऐसी बात कह डाली जो उन्हें अपमानजनक लगी. चित्रांगदा ने जब इस बारे में आपत्ति जताई तो निर्देशक ने कहा कि वह इस बारे में उनसे बाद में बात करेंगे. यहां हम आपको बता देना चाहते हैं कि इस घटना के बाद चित्रांगदा ने जैसे-तैसे वो सीन तीन टेक में पूरा किया, मगर उन्होंने फिल्म छोड़ने का मन तो बना ही लिया.

चित्रांगदा के नखरे

इसके उलट, फिल्म से जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि चित्रांगदा के नखरे दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे थे. चित्रांगदा अपने कास्ट्यूम्स से भी खुश नहीं थीं. उन्हें पेटीकोट और लो-कट ब्लॉउस पहनने को दिए गए थे, इन्हें भी चित्रांगदा ने पहनने से इनकार कर दिया था.

इसलिए भड़के फिल्म निर्देशक

पेटीकोट और लो-कट ब्लाउस पहने के इनकार से भड़के कुशन नंदी ने चित्रांगदा से कह डाला कि फिल्म ‘देसी ब्वॉयज’ में तो उन्होंने लो कट ब्लाउस पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी, तो अब ऐसा क्यों कर रही हैं.

इस पर चित्रांगदा ने जवाब दिया कि वो सुपरस्टार अक्षय कुमार के साथ एक कामर्शियल फिल्म थी और ये एक आर्ट फिल्म है.

खबरों की माने तो बस तभी से निर्देशक कुशन नंदी और चित्रांगदा के बीच फिल्म को लेकर ठीक नहीं चल रहा है. वैसे, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि जब किसी अभिनेत्री और निर्देशक के बीच फिल्म के सीन्स को लेकर कहा-सुनी हुई हो. गौर करें तो ऐसे कई मामले हैं.

क्या आपको याद है ये मशहूर मॉडल

शायद आपको ये नाम याद होगा. अगर नहीं तो हम आपको याद दिलाना चाहते हैं मशहूर मॉडल क्रिस्टीना मार्टेली का नाम, जो अपने फिगर को लेकर काफी चर्चा में रहती थीं.

क्रिस्टीना अपने फिगर में बदलाव कराने के लिए प्लास्टिक सर्जरी कराती रहती थीं. उन्होंने 100 से अधिक प्लास्टिक सर्जरी कराईं हैं, लेकिन ये प्लास्टिक सर्जरी ही उनकी मौत का कारण बन गई. इतनी अधिक प्लास्टिक सर्जरी करा चुकी क्रिस्टीना मार्टेली की मौत प्लास्टिक सर्जरी प्रोसीजर के दौरान ही हुई थी.

उनकी वेबसाइट के एक पोस्ट में क्रिस्टीना ने बताया था कि प्लास्टिक सर्जरी से अपने शरीर में बदलाव उनका जुनून और हॉबी बन चुका है. एक बार उन्होंने कहा था कि उन्होंने यह सभी सर्जरी इसलिए कराई क्योंकि वे चाहती थी कि उनका बॉडी एक अलग लेवल पर दिखे और किसी भी सर्जरी को लेकर उन्हें कोई अफसोस नहीं है.

अपने छोटे से करियर में उन्होंने नाक की भी सर्जरी, फेस फिलर्स के अलावा कई ब्रेस्ट और बुटॉक सर्जरी कराई थी. सर्जरी को लेकर क्रिस्टीना की दीवनगी के कारण ही वे मॉडलिंग में अपना करियर बना सकीं और सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर उनके करीब 620 हजार फॉलोअर्स थे.

रिपोर्टस की मानें तो बट इम्प्लांट सर्जरी के दौरान ही हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई. अपनी मौत से पहले मार्टेली ने अब तक के सभी सर्जरी प्रसीजर के बारे में बताया था, जो पढ़ने लायक है और कहा था कि प्लास्टिक सर्जरी एक ऐसी प्रक्रिया है, जो कोई भी करा सकता है.

लड़कियों से अपील : चुप न बैठो हिम्मत करो

केरल की उस युवती की वाहवाही हो रही है जिस ने यौन शोषण करने वाले गंगेसनंथा तीर्थापाडेर उर्फ स्वामी हरि स्वामी का 8 साल संबंध बनाने के बाद छुरी से लिंग ही काट डाला. इस युवती के परिवार के लोग जिन में मां, बीमार पिता, भाई शामिल हैं कोल्लम के पनमना छतांबिल स्वामिकल आश्रम के भक्त हैं और यह युवती स्वामी की सेवा में तभी झोंक दी गईर् थी जब वह महज 15 साल की थी. यानी असल दोषी वे मातापिता हैं, जो इस अबोध को स्वामी के आश्रम के हवाले कर आए. वह समाज अपराधी है जो आश्रमों को बनने देता है, वह कानून दोषी है, जो आश्रमों की रक्षा करता है और वह धर्म गुनहगार है, जो कहता है कि तनमनधन से गुरुओं व स्वामियों की सेवा करो. स्वामी तो उस सारे पाप भंडार का छोटा सा मुहरा है.

हिंदू धर्म में ही नहीं अधिकांश धर्मों में इस तरह का यौन शोषण आम है. कैथोलिक पोप को हर साल सैकड़ों अबोध बच्चों के यौन शोषण के मामले सुनने पड़ते हैं. पोप सदियों से अपने पुजारियों की यौनपिपासा को नजरअंदाज करते आए हैं. वहां भी हर मामले में बच्चों को मातापिता ही खुद पादरियों के हवाले करते हैं जैसे कोल्लम के इस पिता ने किया.

शायद इस स्वामी पर मुकदमा चल जाए, क्योंकि आजकल गुरुभक्तों की हिम्मत नहीं रह गईर् कि वे अदालतों और पुलिस को यौन आचरण पर आरोपी स्वामी को बचा सकें पर फिर भी असल दोषी तो यहां भी छूट जाते हैं.

असल दोषी इस मामले में मातापिता हैं, जिन्होंने अंधभक्ति में अपनी किशोर बेटी को स्वामी के हाथों सौंप दिया कि वही उद्धार करेंगे. हिंदू धर्मग्रंथ ऐसे किस्सों से भरे पड़े हैं और हर प्रमुख देवीदेवता पर यौनाचार की कहानियां मौजूद ही नहीं, जरा सा इंटरनैट खंगालने पर पढ़ी भी जा सकती हैं. संस्कृत या अन्य भाषाओं से इन के अनुवाद धड़ल्ले से हो रहे हैं और भक्त लोग देवीदेवताओं के यौनाचार को देवकार्य मानते हुए शान से दोहराते हैं. हां, अगर कोई उंगली दिखाने लगे तो धार्मिक भावनाएं आहत होने लगती हैं और यही अस्त्र इन स्वामियों का सब से बड़ा कवच है.

अगर हरि स्वामी पर इस युवती के यौन शोषण का मुकदमा चले तो मातापिता को भी अभियुक्त बनाया जाए व पूरा आश्रम पुलिस कब्जे में आ जाए, तभी न्याय मिलेगा. पर आज यह संभव नहीं है. जहां एक तरफ इसलामी कट्टरपन फैल रहा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका तक में प्रोटैस्टैंट ईसाई भी कट्टर कैथोलिक से बन रहे हैं तो भारत में भगवा ब्रिगेड के होते भला कैसे स्वामी के दुराचार के लिए धार्मिक व्यवस्था को दोषी ठहराया जा सकता है? किस में हिम्मत है?

कहानी : मेरा नंबर कब आएगा?

पहला सीन

दक्षिण भारत के एक मशहूर मंदिर के सामने लोगों की लंबी लाइन लगी थी. सभी अपने पाप धोने या पाप करने से पहले ही लाइसैंस मांगने के लिए खड़े थे. मैं भी पिछले 3 घंटे से धूप में डटा हुआ था. लेकिन अगले 4 घंटे तक कामयाबी मिलने की कोई उम्मीद नहीं लग रही थी. मुझे लग रहा था कि जितनी मेहनत यहां खड़े हो कर मूर्ति देखने के लिए कर रहा हूं, उतनी अगर हिमालय पर जा कर करता, तो अब तक शायद सीधे किसी देवता से मुलाकात हो गई होती.

अचानक ही मेरे एक दोस्त नजर आ गए. उन्होंने मुझे इस बात का अहसास दिलाया कि मैं पहले दर्जे का बेवकूफ हूं.

दोस्त ने मुझे बताया कि आजकल देवता भी उसी को जल्दी दर्शन देते हैं, जो ज्यादा भोग लगाता है. मैं ने पलट कर देखा, तो सचमुच ही थोड़ी दूरी पर 5 सौ रुपए वालों की बुकिंग चल रही थी और कहां हम फटीचर जैसे लोग मुफ्त में ही देवता को देख लेना चाहते थे.

मंदिर में तैनात पंडे बेहद लगन से पैसे वालों को देवता का दीदार करा रहे थे. शायद देवता को भी उन से ही मिलने की जल्दी रहती हो. मैं ने भी एक बार जाने की हिम्मत की, लेकिन रुपयों का मोह देवता की भक्ति से ज्यादा बड़ा निकला.

तभी पता चला कि मंदिर के दरवाजे बंद हो गए हैं. अब 4 बजे खुलेंगे. मैं ने गहरी सांस ली. ऊपर देखा और आसमान वाले से पूछा, ‘मेरा नंबर कब आएगा?’

दूसरा सीन

सुबहसुबह बीवी द्वारा काफी धमकाए जाने के बाद आखिरकार मैं अपना झोला उठा कर राशन की दुकान की तरफ बढ़ा. वहां काफी लंबी लाइन देख कर मेरी हिम्मत जवाब देने लगी.

कदम लौटाने की कोशिश करते ही बीवी का खतरनाक चेहरा आंखों के सामने कौंध उठा. मैं मन मार कर लाइन में लग गया. अचानक कुछ दादा जैसे लोग मूंछों पर ताव देते हुए लाइन के बगल से आगे चले गए. मैं ने पहले तो आवाज दे कर उन्हें रोकना चाहा, पर शायद सुबह नाश्ता नहीं मिल पाने की वजह से आवाज ही नहीं निकली. मैं ने ज्यादा कोशिश भी नहीं की, क्योंकि इस बार मैं ने इंश्योरैंस पौलिसी को रीन्यू नहीं कराया था.

वे लोग सीना ताने हुए बोरियां उठा कर वापस चले गए. कुछ ही मिनटों में यह खबर फैली कि राशन खत्म हो गया. थोड़ी देर तक भीड़ बकतीझकती रही, फिर छंट गई. मैं भारी कदमों से दुकानदार के पास पहुंचा. वह तसल्ली से करारे नोट गिन रहा था. मैं ने धीरे से उस का कंधा छुआ.

उस ने तीखी निगाहों से मुझे घूर कर देखा.

मैं ने उस से पूछा, ‘‘मेरा नंबर कब आएगा?’’

तीसरा सीन

 मैं प्रदेश सचिवालय के वेटिंग रूम में बैठा था. मुझे बताया गया था कि मेरी फाइल जिस बाबू के पास है,वह अभी तक दफ्तर में नहीं आया है. तब मुझे सरकारी मुलाजिम के लिए प्रचलित एक कहावत याद आ गई, ‘12 बजे लेट नहीं और 3 बजे भेंट नहीं’.

इतना ज्यादा इंतजार तो मैं कालेज में अपनी प्रेमिका का भी नहीं किया करता था. खैर, सवा 12 बजे बाबू साहब तशरीफ लाए. बेहद बिजी होने का नाटक करते हुए उन्होंने टेबल के साथ वाली कुरसी पर आसन जमा लिया.

कुछ फाइलों को इधरउधर किया, फिर मुझे दिखा कर बड़बड़ाते हुए जोर से पटका. उड़ती हुई धूल वहां हो रहे काम की गवाह थी. उन्होंने चिल्ला कर चपरासी को बुलाया. उसे डांट कर अपने खराब मूड की पहचान कराई. फिर मुझ से कहा, ‘‘कहिए, आप का क्या मामला है?’’

मैं ने बेहद तमीज से अपना सारा मामला सुनाया और उन से फाइल आगे बढ़ाने की गुजारिश की.

उन्होंने मुझे समझाया, ‘‘देखिए साहब, यह जो सरकारी शब्द है न, असल में ‘सरक’ शब्द का बिगड़ा हुआ रूप है. अब जो नाम से ही सरकता है, उसे आप दौड़ा कैसे सकते हैं?’’ तभी धमकते कदमों के साथ एक महाशय वहां आए. कुरसी खींच कर बैठे और बाबू पर सीधा हमला किया, ‘‘क्यों बे चपड़गंजू, तेरी इतनी हिम्मत कि नेताजी के साले की फाइल 2 दिन तक दबा कर बैठ गया. तेरी तो… अपना ट्रांसफर अंडमाननिकोबार करवाना चाहता है क्या?’’

बाबू साहब की घिग्घी बंध गई. वे गिड़गिड़ाते हुए बोले, ‘‘साहब, घोड़ा घास से यारी करेगा, तो खाएगा क्या? और फिर ऊपर भी तो पहुंचाना पड़ता है.’’

फिर सौ रुपए के नोटों की एक गड्डी का लेनदेन हुआ और शायद जश्न मनाने के लिए वे दोनों कैंटीन की तरफ चल दिए. मैं ने चपरासी को रोक कर पूछा, ‘‘मेरा नंबर कब आएगा?’’

चौथा सीन

मैं अपने परिवार वालों के साथ जैसे ही सिनेमाहाल पहुंचा, तो लोगों की भीड़ देख कर चकरा गया. टिकट की लाइन चक्कर खा कर घूमती हुई जाने कहां तक चली गई थी. वहीं पर मुझे पहली बार अहसास हुआ कि हिंदुस्तान की आबादी वाकई सवा अरब पार कर चुकी है.

खैर, मैं किसी तरह लाइन का आखिरी सिरा ढूंढ़ने में कामयाब हो गया. समय गुजारने के लिए मैं ने आगे वाले से बात करनी चाही, तो पता चला कि वह अगले शो का टिकट लेने के लिए खड़ा था. उस हिसाब से तो टिकट खिड़की तक पहुंचतेपहुंचते मुझे अगला शो शुरू हो जाने की पूरी उम्मीद थी.

तभी एक मददगार की टक्कर से मैं निहाल हो गया. दरअसल, वह टिकट ब्लैक करने वाला था.

उस ने पूछा, ‘‘3 सौ का 5 सौ में मांगता है क्या?’’

मैं ने उसे दिल से शुक्रिया कहा, क्योंकि उस ने कम से कम मुझे ब्लैक में टिकट खरीदने लायक तो समझा. मैं ने उस से पूछा, ‘‘जनाब, इतनी कड़ी मेहनत कर के आप एक दिन में औसतन कितना कमाते हैं?’’

उस ने आंखें तरेरीं, ‘‘सीबीआई वाला है क्या?’’

मैं ने सहमते हुए कहा, ‘‘नहीं जी, बस यों ही अपनी जानकारी बढ़ाने के लिए पूछा था.’’

वह हंसा और बोला, ‘‘बस 5-6 हजार रुपए रोज कमा लेते हैं.’’ मैं ने कहा, ‘‘इतना… अरे साहब, हम शहर के नामी वकील हैं, फिर भी रोज इतना नहीं कमा पाते हैं.’’

‘‘वही तो, जब मैं वकील था, तो मैं भी इतना नहीं कमा पाता था, पर अब तो बात और है,’’ कह कर ब्लैक में टिकट बेचने वाला चलता बना.

मैं ने पलट कर देखा, तो टिकट खिड़की बंद हो चुकी थी.

मैं ने पूरी ताकत लगाई और चिल्ला कर कहा, ‘‘मेरा नंबर कब आएगा?’

ब्वॉयफ्रेंड आनंद आहूजा के साथ सोनम कपूर का डिनर डेट

बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कूपर और बिजनेसमैन आनंद आहूजा के अफेयर की खबरें काफी समय से सुर्खियों में हैं. लेकिन खुलकर इन्होंने कभी इस बारे में बात नहीं की है.

जब भी सोनम से पूछा जाता है वे इस बात को सिरे से नकार देती हैं. अब वे बताना न भी चाहें तब भी दुनिया को तो खबर लग ही जाती है. सोनम कितना भी छुपा लें, पर उनके रयूमर्ड ब्वॉयफ्रेंड के साथ उनकी डिनर डेट की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं.

अब लगता है कि सोनम और आनंद अब खुलकर अपने प्यार को मीडिया के सामने कबूल करने लगे हैं. हाल ही में, इससे पहले भी दोनों की कुछ और तस्वीरें सामने आई थीं. सोनम और आनंद बीते शनिवार की रात एक नाइट क्लब में साथ देखे गए थे. हम आपको ये भी बता देना चाहते हैं कि तस्वीरों में सोनम आनंद के कंधे पर सिर रखे भी नजर आ रही है.

इन खूबसूरत हसीनाओं के साथ ये क्या कर रहे हैं नरेंद्र मोदी, वायरल हुआ वीडियो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक खूबसूरत हसीना नरेंद्र मोदी के बाल बना रही है और उनका मेकअप कर रही है.

आपको बता दें नरेंद्र मोदी की दीवानी कई महिलाएं हैं. मोदी का समर्थन दिखाने के लिए इससे पहले एक मौडल मेघना पटेल न्यूड फोटोशूट करवा चुकी हैं. इस फोटोशूट में मेघना ने खुद को केवल मोदी के एक पोस्टर से ढका हुआ था. नरेंद्र मोदी के समर्थन में कई बॉलीवुड हसीनाएं बोल चुकी हैं. इससे पहले मल्लिका शेरावत ने मोदी की तारीफ की थी.

खैर ये सब छोड़िए और आप देखिए ये वीडियो

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