


भोजपुरी सिनेमा की बेबी डौल कही जाने वाली अदाकारा पलक तिवारी मिथिला टाकीज के बैनर तले बन रही सुपरस्टार खेसारीलाल यादव की भोजपुरी फिल्म ‘मेरी जंग’ में विशिष्ट भूमिका में नजर आने वाली हैं. इस फिल्म में उनका किरदार काफी अलग ताजगी है. फिल्म के कई दृश्यों में खेसारीलाल यादव और पलक तिवारी की लाजवाब अदाकारी दर्शकों को खूब आनंदित करेगी.

‘मेरी जंग’ में काम करके पलक बहुत खुश हैं. मिथिला टाकीज और फिल्म टीम की वे काफी सराहना करती हैं. उनकी आने वाली भोजपुरी फिल्म मेरी जंग अलावा हिंदी फिल्म ‘मां पूर्णागिरि’ है. जिसे आदिशक्ति एंटरटेनमेंट के बैनर तले निर्मित किया है. पलक तिवारी ने अब तक भोजपुरी फिल्म फूल और कांटे, जानम, रंग आदि में अपने अभिनय व नृत्य का जलवा बिखेरा है.

भोजपुरी सिनेमा में निधि झा अपने नाम से अधिक लुलिया गर्ल के नाम से मशहूर हैं. निधि ने अपनी शोख अदाओं से भोजपुरी दर्शकों का मन जीत लिया. अब वह अपने इश्क में दर्शकों को फंसाना चाहती हैं. निधि झा की नई फिल्म ‘इश्क कुबलू’ में वह अपने डांस के साथ अभिनय का भी जलवा दिखाना चाहती हैं.

प्यार मोहब्बत दिल की बातें, बातें हैं बातों का क्या… यह गीत हर किसी ने सुना ही होगा. जी हां, करोड़ो दिलों पर राज कर रही लूलिया गर्ल निधि झा ने कहा है ‘इश्क कुबूल’. यह उन्होंने किसी और को नहीं बल्कि अपने नायक से कहा है, वह भी एक फिल्म की शूटिंग के दौरान, औन कैमरा. यह चर्चा आम से खास इसलिए भी है क्योंकि उनकी आगामी भोजपुरी फिल्म का नाम ही है ‘इश्क़ कुबूल’ है. जिसकी शूटिंग वो कर रहीं हैं.

फिल्म के निर्माता पंकज यादव हैं. निर्देशन की बागडोर संभाली है सूरज गिरी ने. लेखक साजिद शमशेर, संगीतकार ओम झा हैं. केंद्रीय भूमिका में निधि झा हैं और उनके नायक चंदनराज हैं. फिल्म की शूटिंग बहुत उम्दा तकनीकी के साथ की जा रही है. निधि एक बार फिर फुल एक्शन अवतार में नजर आने वाली हैं. निधि झा की आने वाली फिल्म ‘इश्क कुबूल’ के अलावा ‘मंदिर वहीं बनायेंगे’, ‘मैं नागिन तू सपेरा’, ‘जुनून’, ‘या अली बजरंग बली’, ‘यारा तेरी यारी’ इत्यादि हैं.
हरदिल अजीज फिल्म स्टार जिमी शेरगिल और माही गिल पर होली का गीत “फैंसी ठुमके” बुधवार को कैसरबाग के बटलर पार्क में फिल्म ‘फैमिली औफ ठाकुरगंज’ के लिए शूट किया गया. समाज के हर वर्ग को अपने से जोड़ने वाली पूरी तरह से पारिवारिक, संदेशपरक और मनोरंजक फिल्म होली पर रिलीज की जाएगी. मनोज झा के निर्देशन में शूट हो रही इस फिल्म में संगीत मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर साजिद वाजिद और मीत ब्रदर्स का है वहीं मशहूर कोरियोग्राफर चिनी प्रकाश नृत्य संयोजन कर रहे हैं. चिनी प्रकाश ने हिन्दी ही नहीं कन्नड़, तेलुगू फिल्मों तक में कोरियोग्राफी की है. 25 करोड़ के बिग बजट वाली यह मल्टीस्टारर फिल्म लोगों को स्वस्थ मनोरंजन देगी.

बुधवार को कैसरबाग के बटलर पार्क में जिमी शेरगिल, माही गिल, नंदिश सिंह, प्रणति राय प्रकाश, सौरभ शुक्ला, सुप्रिया पिलगांवकर, शिविका, प्रिंस, अजय सिंह सहित दो सौ कलाकारों पर होली का गीत फिल्माया गया. जिमी शेरगिल और माही गिल ने कहा कि लखनऊ में शूटिंग को लेकर वह खासे रोमांचित हैं. खासतौर से अवध में होली के गीत की शूटिंग करना उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है. होली का गीत “फैंसी ठुमके” लोगों के जुबान पर चढ़ जाएगा. उन्होंने कहा कि लखनऊ ऐसा शहर है जहां परंपरा और आधुनिकता का सुंदर मेल दिखता है. नजाकत के साथ साथ आकर्षक पार्क और भवन इसके आकर्षण को आज भी दुनिया में बरकरार रखे हुए हैं. इसलिए उन्हें यहां शूटिंग करना बहुत अच्छा लग रहा है. वह अपने किरदारों को लेकर भी खासे उत्साहित हैं. उनके अनुसार फिल्म ‘फैमिली औफ ठाकुरगंज’ में उनका किरदार उनके चाहने वालों को जरूर पसंद आएगा.

‘फैमिली औफ ठाकुरगंज’ के निर्माता अजय सिंह राजपूत ने बीते दिनों बलरामपुर गार्डन में इसका मुहूर्त शौट लिया था. उन्होंने बताया कि फिल्म में लखनवी ट्रेडिशनल कल्चर को खास महत्व दिया गया है. जहां तक जिमी शेरगिल और माही गिल का प्रश्न है तो वह दोनों ही कलाकार ‘साहेब बीवी और गैंगस्टर’ में भी उनके साथ काम कर चुके हैं. लवली वर्ल्ड एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनने वाली फिल्म ‘फैमिली औफ ठाकुरगंज’ के निर्माता अजय सिंह ने बताया कि फिल्म रोमांच से भरपूर प्रेम कहानी है. इसमें प्रेम और विचारधारा के टकराव को बिलकुल नए अंदाज में शूट किया जा रहा है. दो भाइयों की सच्ची घटना पर आधारित इस फिल्म को देख कर दर्शकों को लगेगा की यह तो उनकी ही कहानी है.
पब्लिक रिलेशन औफिसर पवन दुबे ने बताया कि ‘फैमिली औफ ठाकुरगंज’ में सुधीर पांडेय, प्रणति राय प्रकाश, सौरभ शुक्ला, पवन मल्होत्रा, नंदिश सिंह प्रमुख भूमिकाओं में हैं. इस फ़िल्म की कहानी घायल, दामिनी, अंदाज़ अपना अपना, दबंग, दबंग—2 जैसी ब्लौकबस्टर फिल्में लिख चुके दिलीप शुक्ला ने लिखी है. फिल्म के क्रिएटिव डायरेक्टर प्रिंस सिंह हैं.
बौलीवुड के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर पर तनुश्री दत्ता के लगाए गए आरोपों ने पूरी इंडस्ट्री को चौंका दिया है. उन्होंने नाना पाटेकर पर उनके साथ इंटीमेट सीन करने और जबरदस्ती करने का आरोप लगाया है. तनुश्री ने ये भी कहा है कि शूटिंग सेट्स पर महिलाओं के प्रति नाना पाटेकर का रवैया ठीक नहीं है और इंडस्ट्री के लोग ये बात जानते हैं.
इस मामले पर तनुश्री के चौंकाने वाले खुलासों के बाद कई बौलीवुड एक्ट्रेस उनके सपोर्ट में उतरी हैं. प्रियंका चोपड़ा और सोनम कपूर के बाद अब इस मामले पर एक्ट्रेस कंगना रनौत ने एक हिन्दी वेबसाइट से बात की है. कंगना ने कहा, ‘मैं यहां इस मामले पर कोई फैसला सुनाने के लिए नहीं हूं. मैं तनुश्री की सराहना करती हूं कि उन्होंने अपने साथ हुई इस घटना के खिलाफ आवाज उठाई है. इस बारे में बात करना और अपना-आपना एक्सपीरियंस शेयर करना उनका और आरोपी का मौलिक अधिकार है. इस तरह के मुद्दों पर बात करना समाज के हित के लिए बहुत अच्छा है ताकि जागरुकता फैले. लेकिन दुर्भाग्यवश भारत के ज्यादातर पुरुषों को जिस तरह से उनकी मांए पालती हैं, उन्हें इतनी भी तहजीब नहीं होती कि पेशाब करने से पहले पाट के ढ़क्कन को उठाया जाता है.’
कंगना ने कहा, राजा बेटा को NO का मतलब बताया जाना बेहद जरूरी है. अब समाज को राजा बेटाओं को वो सिखाने और बताने की जरूरत है जिसे बताने में उनके माता-पिता असफल रहे हैं. उन्हें ये समझाना जरूरी है कि मौलिक अधिकार पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए सामान हैं. विश्वास करिए जब उन्हें ये बताया जाएगा तो ये उनके लिए ये एक खबर होगी. कंगना ने ये भी कहा कि इन दिनों जिस तरह से आए दिन रेप, शोषण और छेड़छाड़ की खबरें आ रही हैं, उसे देखकर इन हैवानों को इंसान की श्रेणी में रखना गलत है.
अक्षय कुमार और रजनीकांत स्टारर फिल्म 2.0 के टीजर वीडियो को मिल रहे शानदार रिस्पान्स के बाद खबरे हैं कि अब जल्द ही इस फिल्म का ट्रेलर भी रिलीज किया जाएगा. 29 नवंबर को रिलीज होने जा रही इस फिल्म में ऐश्वर्या राय गेस्ट अपीयरेंस करती नजर आ सकती हैं. खबरों के मुताबिक ऐश्वर्या का फिल्म में चिट्टी के साथ एक इमोशनल सीन होगा.
In #2point0, Aishwarya rai returns with emotional scene with Vaseegaran
— PandaVinKadhali (@PandavinKadhali) September 25, 2018
सोशल मीडिया पर आ रही कुछ खबरों के मुताबिक 2.0 की प्रीक्वल फिल्म (रोबोट) में फीमेल लीड रोल प्ले कर चुकीं एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय का एक इमोशनल सीन 2.0 में दिखाया जाएगा. इस सीन में ऐश्वर्या चिट्टी को विदा करती नजर आ सकती हैं. 2.0 के हिंदी टीजर वीडियो को यूट्यूब पर अब तक 3 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है.
तकरीबन 500 करोड़ रुपये के बजट से बन रही इस फिल्म की सिर्फ मार्केटिंग और प्रमोशन में ही 150 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है. यह भारत की अब तक की सबसे महंगी और एडवांस फिल्म होगी. 500 करोड़ रुपये की बजट से बनी सुपरस्टार रजनीकांत और अक्षय कुमार स्टारर फिल्म 2.0 का ट्रेलर इसी साल दीवाली पर रिलीज हो सकता है.
भारतीय प्रविष्टि के रूप में ‘‘विदेशी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म’’ खंड में ‘‘औस्कर अवार्ड’’ के लिए चुनी गयी रीमा दास की मूलतः आसामी भाषा की फिल्म ‘‘विलेज रौक स्टार्स’’ 80 अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में डंका बजाने व तीन अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करने के बाद भारतीय सिनेमाघरों में अंग्रेजी सब टाइटल के साथ प्रदर्शित हुई है.
आशाओं, इच्छाओं व जिंदगी के सपनों को पूरा करने के लिए निडरता के साथ गरीबी व प्राकृतिक सहित हर तरह की कठिनाइयों का सामना करते हुए जिंदगी जीने की अद्भुत दास्तान है फिल्म ‘‘विलेज रौक स्टार्स’’. कई तरह की प्राकृतिक आपादाओं का सामना करने वाले आसाम के गांव के बच्चों की जिंदगी की छोटी छोटी खुशियों की मार्मिक दास्तान है रीमा दास की फिल्म ‘‘विलेज रौक स्टार्स’’.
फिल्म की कहानी आसाम के छायागांव के एक गरीब परिवार की दस वर्षीय बालिका धुनू (भनिता दास) के रौक स्टार बनने की कथा है. जो अपना म्यूजिक बैंड बनाने का सपना देखती है. धुनू छायागांव में अपनी विधवा मां (बसंती दास) और बड़े भाई (मनबेंद्र दास) के साथ रहती हैं. धुनू को पेड़ पर चढ़ना, नदी तालाब में स्नान करना, लड़कों के साथ खेलना व पढ़ाई करना पसंद है. वह एक ऐसी लड़की है जो सब कुछ करती है. उसकी सबसे प्यारी सहेली मुनू नामक बकरी है. वह घर के कामों में अपनी विधवा मां का हाथ बंटाती हैं. एक दिन वह कुछ बच्चों को रौक बैंड बनाकर संगीत का कार्यक्रम प्रस्तुत करते देखती है. तो वह सोचती है कि मैं भी अपना रौक बैड बनाउंगी. फिर वह प्लायवुड का गिटार बनाकर गाना गाना शुरू करती हैं. पर उसका सपना है कि एक दिन उसके पास अपना गिटार हो. एक दिन गांव के एक बुजुर्ग की सलाह पर अपने खेत की सब्जी, पेड़ के कुछ फल आदि तोड़कर उन्हें बेचकर पैसा इकट्ठा करना शुरू करती है. वह अपनी बचत के रुपए अपनी मां व भाई से छिपाकर घर की छत को सहारा देने वाले बाबू/बांस में जगह बनाकर करती है. इस तरह नब्बे रुपए उसने जमा कर लिए हैं. दुकानदार ने गिटार की कीमत 150 रुपए बतायी है. पर तभी गांव में बाढ़ आ जाती है. घर के अंदर पानी भर जाता है. नाव के सहारे दूसरे परिवारों की तरह उसका परिवार भी दूसरी जगह रहने चला जाता है. जब बरसात खत्म होती है, तो वह वापस मां व भाई के साथ अपने घर आती है. इसी बीच उनकी खेती की फसल बर्बाद हो गयी है. मुनू नामक बकरी भी खो चुकी है. अपनी मां को दुःखी व परेशान देखकर धुनू अपने छिपाए हुए नब्बे रुपए निकालकर मां को दे देती है. कई दूसरी प्राकृतिक आपदाओं व अन्य मुश्किलों का सामना करते हुए वह अपने जीवन में खुशियां तलाशती रहती है. पर एक दिन उसकी मां उसके लिए नया गिटार खरीदकर ले आती है.
धीमी गति के बावजूद आपकी कल्पनाओं को बांधती है. तेज गति से भागती फिल्म पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह फिल्म सब्र का इम्तहान हो सकती है. मगर रीमा दास ने लेखक व निर्देशक के तौर पर आसाम के निवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी, सभ्यता, रीति रिवाज व हर किरदार को बहुत ही बेहतरीन तरीके से उकेरा है. भागती फिल्म के साथ दर्शक भी आगे बढ़ता रहता है. रीमा दास ने बड़ी खूबसूरती से गरीबी व दुर्भाग्य में भी परिश्रम के बल पर आगे बढ़ने का मंत्र दिया है. यह रीमा दास के लेखन व निर्देशन की ही खूबसूरती है कि धुनू के दर्द व खुशी के साथ ही दर्शक भी खुद को जुड़ा हुआ महसूस करता है. रीमा दास ने आधुनिकता के इस युग में भारतीय गांवों की तस्वीर को बिना लाग लपेट के वास्तविकता के धरातल पर सेल्यूलाइड के परदे पर पेश किया है.
यूं तो आसाम में लड़कियों की स्थिति अच्छी नही है. आसाम में भी लड़के व लड़की में फर्क किया जाता है. मगर रीमा दास ने अपनी इस फिल्म में लैंगिक समानता को कहानी में बड़ी खूबसूरती व सादगी से बुना है. धुनू की मां उसकी परवरिश लड़कों की तरह करती है. खुद उसे नदी में तैराकी करने से लेकर पेड़ों पर चढ़ने के लिए न सिर्फ प्रेरित करती है, बल्कि‘लड़की की तरह’रहने की नसीहत देने वाले समाज से धुनू के लिए लड़ती भी है. धुनू के यौवन/सयानपना की दहलीज पर कदम रखने पर होने वाले रीति रिवाज का भी खूबसूरत चित्रण किया है.
रीमा दास बधाई की पात्र हैं कि वह लेखन, निर्देशन, निर्माण के साथ साथ कैमरामैन की जिम्मेदारी को अकेले निभाने में सफल रही हैं.
जहां तक अभिनय का सवाल है तो बाल कलाकार भनिता दास की यह पहली फिल्म होते हुए भी उसने बहुत ही वास्तविक और बेहतरीन अभिनय किया है, तभी तो उसे इस वर्ष सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है. धुनू की मां के किरदार में बसंती दास का अभिनय काफी प्रभावशाली है. अन्य कलाकारों का अभिनय भी अच्छा है.
एक घंटे 27 मिनट की अवधि वाली फिल्म ‘विलेज रौक स्टार्स’ का निर्माण रीमा दास व जया दास ने ‘फ्लाइंग रीवर फिल्मस’’ के बैनर तले किया है. फिल्म की लेखक, एडीटर, निर्देशक व कैमरामैन रीमा दास हैं. फिल्म के कलाकार हैं- भनिता दास, मनबेंद्र दास, बसंती दास व अन्य.
हम कई बार इस बात को रेखांकित करते आए हैं कि जब फिल्मकार सरकार के अजेंडे पर फिल्म बनाता है, तो वह मनोरंजन व कथानक से भटक जाता है. ‘‘दम लगा के हईशा’’ जैसी सफलतम फिल्म के लेखक व निर्देशक शरत कटारिया की फिल्म ‘‘सुई धागा’’ मूलतः प्रधानमंत्री के ‘‘मेक इन इंडिया’’ कार्यक्रम को प्रसारित करने के लिए बनायी गयी फिल्म का अहसास कराती है. पर फिल्मकार ने फिल्मी स्वतंत्रता इस कदर ले ली कि फिल्म का बंटाधार कर दिया. यदि शरत कटारिया ने ‘‘मेक इन इंडिया’’ को प्रचारित करने का लक्ष्य न रखा होता, तो आत्मविश्वास जगाने, अपनी जिंदगी को अपने हाथों बुनने के साथ साथ बड़े शहरों के धूर्त व बेईमान इंसानों के मुकाबले छोटे शहर के इमानदार लोगों की जीत का जश्न मनाने वाली एक बेहतरीन फिल्म बन सकती थी.
फिल्म ‘‘सुई धागा’’ की कहानी छोटे शहर में रह रहे मौजी (वरुण धवन) और उनकी पत्नी ममता (अनुष्का शर्मा) की है. जो कि अपने माता (यामिनी दास) व पिता (रघुवीर यादव) के साथ एक ही मकान में रहते हैं. मौजी के छोटे भाई जुगनू ने अपनी पत्नी के साथ अलग रहना शुरू कर दिया है. मोजी के दादाजी स्व. छज्जू लाल कभी सिलाई कढ़ाई का काम किया करते थे, पर बाद में जब उनकी फैक्टरी बंद हो गयी तो पूरे परिवार को कई कठिनाइयों से गुजरना पड़ा. अतः मौजी के पिता को सिलाई कढ़ाई के काम से नफरत हो गयी. इसलिए पिता के कहने पर मौजी ने सिलाई मशीन बेचने वाली एक दुकान पर नौकरी कर ली. मगर दुकान के मालिक का बेटा हर दिन मौजी का मजाक उड़ाया करता था. अपनी शादी वाले दिन पूरे समाज, मौजी की पत्नी व माता पिता तथा अपनी नई नवेली पत्नी के सामने मौजी से चिकन के लिए लालची कुत्ते का ऐसा अभिनय करवाया कि ममता की आंख से आंसू निकल पड़े. ममता के कहने पर आत्मसम्मान की खातिर मौजी ने नौकरी छोड़ दी, इस पर पिता के साथ साथ छोटे भाई जुगनू ने भी हायतोबा मचा दी. ममता ने उसे समझाया कि जब वह घर वालों के लिए कपड़े सिल सकता है, तो इसी को पेशा क्यों नहीं अपनाता. तब मौजी अपनी पत्नी ममता के साथ सीमा पर जाकर गरीबों को बांटी जा रही सिलाई मशीन लेकर आता है और बाजार में सिलाई का काम करने के लिए बैठ जाता है. पर मौजी अपने छोटे भाई जुगनू के साले गुड्डू (नमित दास) के चक्कर में ऐसा फंसता है कि बहुत बेइज्जत होना पड़ता है. पिता से भी डांट खानी पड़ती है. मगर इस बार ममता को बहुत बड़ी सीख मिल जाती है. जिसके चलते अब ममता व मौजी दोनों अपनी खुद की कंपनी ‘‘सुई धागा-मेड इन इंडिया’’ बनकार फैशन की दुनिया में उतरने का फैसला लेते हैं. कई अवार्ड जीतते हैं.
इंटरवल तक तो छोटे शहर के मध्यमवर्गीय परिवार के रहन सहन, उनकी दिक्कतें, माता पिता व पति पत्नी के बीच रिश्तों के साथ रोजगार की तलाश में भटकने की बजाय पारिवारिक हूनर व पारिवारिक व्यापार को अपनाकर जिंदगी को खुशहाल बनाने के अहम मुद्दे की तरफ जाती नजर आ रही होती है, मगर अचानक फिल्म से लेखक व निर्देशक की पकड़ छूट जाती है. पटकथा की कमजोरी के चलते वह इस अहम मुद्दे को धार नहीं दे पाए. फिल्मी स्वतंत्रता के नाम पर कहानी में कई ऐेसे प्रसंग जोड़े गए हैं, जिन पर यकीन करना मुश्किल है. क्या कोई पड़ोसी महज अपने पड़ोसी के घर पर चाय पीने के लिए अपनी सिलाई की मशीन उसके घर पर रख देगा, यह जानते हुए कि पड़ोसी हर दिन अपने घर के कपड़े उसी सिलाई मशीन से सिलता है. माना कि नौकरी को बरकरार रखने के लिए इंसान कुछ समझौते कर लेता है, मगर वर्तमान समय में एक इंसान अपनी पत्नी व माता पिता के सामने शादी के समारोह में अपने मालिक के बेटे की नई पत्नी को खुश करने के लिए कुत्ता बनकर मालिक के बेटे के हाथ से चिकन लेने के लिए कुत्ते की तरह अभिनय करे, यह संभव नहीं. इस कदर अपना आत्म सम्मान आज का युवक नहीं बेच सकता. इंटरवल के बाद तो फिल्म पूरी तरह से बिखरी हुई है. फिल्म में मौजी का पिता क्यों उससे नाराज रहता है, कहीं स्पष्ट नही है. सिलाई मशीन वितरण का प्रसंग भी अतिरंजित है. फिल्म के अंत का अहसास दर्शकों को बहुत पहले हो जाता है. बतौर निर्देशक शरत कटारिया असफल हुए हैं. फिल्म में इंसानी भावनाएं भी ठीक से उभर नहीं पाती. निर्देशक ने फिल्म में कई पुराने मसाले भर दिए, मगर पति पत्नी के बीच रोमांस की तरफ उनका ध्यान नहीं गया.
फिल्म का गीत संगीत प्रभावहीन है. कैमरामैन अनिल मेहता व कला निर्देशक ने फिल्म में कहानी के परिवेश को बहुत अच्छे ढंग से गढ़ने में अपना बेहतरीन योगदान दिया है.
जहां तक अभिनय का सवाल हे तो अनुष्का शर्मा का अभिनय ठीक होते हुए भी वह बिना ग्लैमरस व अभाव ग्रस्त परिवार की बहू के किरदार में जंचती नहीं हैं. इसी तरह मौजी का किरदार वरूण धवन पर फिट नहीं होता. रघुवीर यादव भी निराश करते हैं.
दो घंटे दो मिनट की अवधि वाली फिल्म का निर्माण ‘यशराज फिल्मस’ के बैनर तले आदित्य चोपड़ा ने किया है. फिल्म के लेखक व निर्देशक शरत कटारिया, संगीतकार अनू मलिक, कैमरामैन अनिल मेहता तथा कलाकार हैं- वरूण धवन, अनुष्का शर्मा, रघुवीर यादव, यामिनी दास, सिद्धार्थ भारद्वाज, नमित दास, आशीष वर्मा, भूपेश सिंह व अन्य.
देश का सीना उस दिन छलनी हो गया था, जब 18 सितंबर, 2016 को कश्मीर के उरी बेस कैंप पर हमला कर आतंकियों ने हमारे 19 जवानों को शहीद किया था. लेकिन यह शायद पहला ही मौका था कि पूरा देश अपने जवानों को खोने पर पूरी तरह आग-बबूला हो गया था जिसके बाद सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक जैसा कदम उठा कर अपने इन जवानों की शहादत का बदला लिया था. आज यानी 28 सिंतबर को देशभर में सर्जिकल स्ट्राइक की इस वर्षगांठ को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जा रहा है और इसी दिन इस हमले और सर्जिकल स्ट्राइक पर बनी फिल्म ‘उरी’ का टीजर रिलीज कर दिया गया है.
इस फिल्म के टीजर में उरी हमले और उसके बाद सैनिकों के दिल में उठे दर्द को दिखाया गया है. ‘उरी’ में विक्की कौशल और यामी गौतम की जोड़ी नजर आ रही है. साथ ही एक्टर परेश रावल भी इस फिल्म में अहम किरदार में नजर आएंगे. टीजर में कई बेहद दमदार डायलॉग सुनाई दे रहे हैं. ‘.. लेकिन अब हिंदुस्तान चुप नहीं बैठेगा. ये नया हिंदुस्तान है, ये हिंदुस्तान घर में घुसेगा भी और मारेगा भी…’. आप भी देखिए फिल्म ‘उरी’ का यह पहला टीजर.
टीजर से कुछ देर पहले ही इस फिल्म का पोस्टर भी रिलीज किया गया था, जिसमें विक्की कौशल नजर आ रहे हैं.
In the early hours of 29th September 2016, Indian soldiers avenged those who were martyred in the URI attacks. This is their brave story. #URITeaser out today at 12 noon.@yamigautam @SirPareshRawal @RonnieScrewvala #AdityaDhar @RSVPMovies pic.twitter.com/TqhCizjL2c
— Vicky Kaushal (@vickykaushal09) September 28, 2018
बता दें कि विक्की ने सर्बिया में इस फिल्म की शूटिंग की है. फिल्म में कमांडर-इन-चीफ का रोल निभाने के लिए विक्की ने अपना 20 किलो वजन बढ़ाया है. यह फिल्म अगले साल 11 जनवरी को रिलीज होने जा रही है.