वेब सीरीज में हुई निरहुआ की एंट्री, देखें ये वीडियो

एकता कपूर के वेब सीरीज ‘हीरो वर्दीवाला’ का पहला गाना अल्ट बालाजी ने रिलीज कर दिया है. अल्ट बालाजी द्वारा यह पहला भोजपुरी वेब सीरीज है, जिसका पहला गाना ‘फर्र से चिड़ैयां उड़ जाई’ को रिलीज कर दिया गया है.

nirhuaa and sambhawna

इस गाने में ‘बिग बौस’ फेम संभावना सेठ और जुबलीस्‍टार दिनेशलाल यादव ‘निरहुआ’  ने जमकर ठुमके लगाए हैं, जिसे दर्शकों का भरपूर रिस्‍पांस मिल रहा है. गाना अल्ट बालाजी के यू-ट्यूब चैनल पर जारी किया गया है, जिसका ट्रेलर 16 जनवरी को रिलीज किया जाना है, लेकिन उससे पहले यह संभावना सेठ और दिनेशलाल यादव निरहुआ अभिनित एक गाने को जारी कर दिया गया है.

इस गाने में संभावना सेठ और निरहुआ की केमेस्‍ट्री देखने लायक है. वेब सीरीज ‘हीरो वर्दीवाला’ के आइटम नंबर ‘फर्र से चिड़ैयां उड़ जाई’ को लेकर दोनों काफी एक्‍साइटेड हैं और उन्‍होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से इसे शेयर करते हुए इस वेव सिरीज को देखने की अपील की है. निरहुआ ने लिखा है, ‘इंतजार हुआ खत्म, आ रही है इंडिया की पहली भोजपुरी वेब सीरीज “हीरो वर्दीवाला” सिर्फ अल्ट बालाजी पर.

आपको बता दें, वहीं  संभावना सेठ भी वेब सीरीज ‘हीरो वर्दीवाला’ को लेकर काफी उत्साहित हैं.वे कहती हैं, ‘एकता कपूर के बैनर में काम करना बड़ी बात है. वे सही मायनों में टीवी स्‍क्रीन की क्‍वीन हैं और अब वे अपने बैनर अल्ट बालाजी के जरिए भी डिटिजल वर्ल्‍ड में सफलता के झंडे गाड़ रही हैं.

फरहान के खुलासे को आप भी जानिए

खुद को हमेशा सूर्खियों में रखने की कला में माहिर अभिनेता, निर्माता व निर्देशक फरहान अख्तर ने एक बार फिर अपनी ऐसी नई खबर दी कि लोग कह रहे है ‘‘खोदा पहाड़ निकली चुहिया.’’

जी हां! कुछ दिन पहले फरहान अख्तर ने सोशल मीडिया के अलावा पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि वह बहुत जल्द खुद से जुड़ा एक बहुत बड़ा खुलासा करने वाले हैं. तब से हर अखबार व टीवी चैनल पर फरहान अख्तर सूर्खियों में छाए हुए थे. हर जगह चर्चा थी कि फरहान अख्तर अपने खुलासे में शिबानी दांडेकर के संग अपने विवाह की तारीख घोषित करेंगे. इस खबर को फरहान अख्तर अपने अंदाज में जबरदस्त हवा देते रहे. उन्होने बीच में इंस्टाग्राम पर एक स्वींमंग पुल के अंदर शिबानी दांडेकर को अपनी बाहों में उठाए हुए फोटो पोस्ट करते हुए ऐसा कुछ लिखा जिससे यह बात पुख्ता हो रही है कि फरहान अख्तर जल्द ही शिबानी दांडेकर से विवाह करेंगे.

मगर आज 16 जनवरी की सुबह 9 बजकर 32 मिनट पर इंस्टाग्राम पर मशहूर फिल्मकार राकेश ओमप्रकाश मेहरा के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट करते हुए अपने सबसे बड़े खुलासे को उजागर करते हुए फरहान अख्तर ने लिखा है- ‘‘थ्रिल्ड टू शेअर दैट सिक्स ईअर आफ्टर भाग मिल्खा भाग, राकेश ओमप्रकाश मेहरा एंड आई आर रीयुनाइटिंग टू क्रिएट तूफान हार्टफेल्ट स्टोरी आफ ए बाक्सर. (हम यह बताते हुए रोमांच अनुभव कर रहे हैं कि भाग मिल्खा भाग के छह साल बाद राकेश ओमप्रकाश मेहरा के साथ मिलकर तूफान लेकर आ रहे हैं, जो कि एक बाक्सर की कहानी है.)

सूत्रो के अनुसार फिल्म ‘तूफान’ का निर्माण फरहान अख्तर और रितेश सिद्धवानी अपने ‘एक्सेल इंटरटेनमेंट’ के बैनर तले कर रहे हैं, जिसका निर्देशन राकेश ओमप्रकाश मेहरा करेंगे. फिल्म की पटकथा अंजुम राजाबली ने लिखी है. यह बायोपिक नहीं, बल्कि एक काल्पनिक कहानी है. इस फिल्म के किरदार के साथ न्याय करने के लिए फरहान अख्तर बाक्सिंग की ट्रेनिंग लेने वाले हैं.

विदेशी सड़कों पर स्केटबोर्ड का आनंद लेती नजर आई यह अभिनेत्री

बौलीवुड फिल्म ‘मिकी वायरस’ और ‘किस किसको प्यार करूं’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुकीं अभिनेत्री एली अवराम का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एली लौस एंजेलिस की सड़कों पर स्केटबोर्ड का आनंद लेती नजर आ रही हैं.

 

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हाल ही में एली ने इस वीडियो को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया था, जिसे अब तक 2 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. बता दें, एली का एक और वीडियो इन दिनों सुर्खियों में है, जो अरशद वारसी की फिल्‍म ‘फ्रौड सइयां’ के एक गाना ‘छम्मा छम्मा’ का है.


यूट्यूब पर इसी पिछले साल 13 दिसंबर को अपलोड किए गए इस गाने को अब तक 7 करोड़ से ज्यादा व्यूज है. गाने में एली एवराम बेहद हौट अंदाज में डांस करती दिख रही हैं. गाने में एली के साथ अरशद वारसी भी डांस करते दिख रहे हैं. बताते चलें, ‘फ्रौड सइयां’ एक कौमेडी फिल्म है जिसे सौरभ श्रीवास्तव निर्देशित और प्रकाश झा प्रोड्यूस कर रहे हैं.

#MeToo: हिरानी पर लगे आरोप पर बौलीवुड स्टार्स ने क्या कहा

हाल ही में बौलीवुड के फेमस डायरेक्टर राजकुमार हिरानी पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगा. राजकुमार की एक फीमेल असिस्टेंट ने उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया है. पीड़िता का आरोप है कि हिरानी ने उसके साथ करीब 6 महीने तक शोषण किया. इस आरोप से बौलीवुड के बहुत से लोग हैरान हैं. कई कलाकार हिरानी के सपोर्ट में भी आ गए हैं. आइए जानते हैं कि वो कौन से एक्टर्स हैं जो राजू के सपोर्ट में खड़े हैं और उन्होंने क्या कहा.

राजकुमार हिरानी के समर्थन में फिल्म प्रोड्यूसर बोनी कपूर आए. बोनी ने कहा कि राजकुमार बहुत ही अच्छे इंसान हैं, वो ऐसा कुछ भी नहीं कर सकते. बोनी ने आगे कहा कि, मुझे इस आरोप पर विश्वास नहीं है। वह ऐसा कभी नहीं कर सकता, कभी भी नहीं.

एक्टर इमरान हाशमी ने कहा कि, यह सिर्फ आरोप हैं और जब तक यह आरोप साबित नहीं हो जाते हैं तब तक इस पर कुछ भी कहना सही नहीं होगा.

मुन्ना भाई सीरीज में हिरानी के साथ काम कर चुके अरशद वारशी का कहना है कि, एक इंसान और एक व्यक्तित्व के तौर पर राजू कैसे हैं तो मैं यही कहूंगा कि वे एक अद्भुत और सभ्य व्यक्ति हैं. मेरे लिए भी बाकी लोगों की तरह यह खबर शौकिंग है.

आलोक नाथ पर हैरेसमेंट का आरोप लगाने वाली विंटा नंदा ने इस प्रकरण पर खेद जताया है. विनता ने राजकुमार हिरानी के वकील आनंद देसाई के ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए लिखा कि #MeToo का यह नया आरोप काफी परेशान करने वाला है. महिलाएं किस पर भरोसा करें?

क्या है राजकुमार हिरानी की प्रतिक्रिया

इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए राजू ने खुद जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि कि जब दो महीने पहले मुझे इन आरोपों के बारे में बताया गया तो मैं शौक्ड रह गया. मैंने कहा कि किसी भी समिति या कानूनी संस्था से मामले की जांच कराई जानी चाहिए. लेकिन शिकायतकर्ता ने मीडिया में जाने का विकल्प चुना. उन्होंने कहा कि मैं दृढ़ता के साथ कहता हूं कि ये सारे आरोप झूठे हैं और मेरी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से इन्हें फैलाया गया है.

क्या आपने देखा खेसारीलाल और आम्रपाली का यह वीडियो

भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार खेसारीलाल यादव और एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे का एक गाना इन दिनों इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है. ‘मरद हमार बच्चा बा’ नाम के इस गाने को यशी फिल्म्स द्वारा 3 सितंबर 2018 को यूट्यूब पर अपलोड किया गया था और महज 4 महीनों के अंदर इस वीडियो को देखने वालों की संख्या 7 करोड़ से पार हो चुकी है. इस वीडियो में खेसारीलाल और आम्रपाली दुबे जबरदस्त डांस करते हुए नजर आ रहे हैं.

अपको बता दें, खेसारीलाल इन दिनों भोजपुरी एक्ट्रेस काजल राघवानी के साथ फिल्म ‘कुली नंबर वन’ की शूटिंग में व्यस्त हैं. कभी वे बाइक पर काजल को लेकर राइडिंग करते नजर आ रहे हैं, तो कभी उनके साथ इश्क फरमाते. मामला लालबाबू पंडित की भोजपुरी फिल्‍म ‘कुली नंबर वन’ का है, जिसकी शूटिंग इन दिनों रांची में जोर-शोर से चल रही है. लालबाबू पंडित की फिल्‍म में इस बार खेसारीलाल यादव और काजल राघवानी पहली बार साथ नजर आ रहे हैं. इससे पहले लालबाबू पंडित ने अपनी फिल्‍म में नई हिरोइनों को मौका दिया था. मगर इस बार खेसारीलाल यादव के साथ काजल राघवानी की जोड़ी उनकी फिल्‍म में देखने को मिलेगी.

वर्सेटाइल कलाकार के लिए संगीत का ज्ञान बहुत जरुरी है: कंचन अवस्थी

कालेज दिनों में नाटकीय मंचन के दौरान पार्श्व में गीत गाने वाली कंचन अवस्थी ने कभी नहीं सोचा था कि वह एक दिन अभिनय को अपना करियर बनाएंगी. मगर संयोगवश उन्हे संत गाड़गे औडीटोरियम, लखनउ में एक दिन नाटक ‘‘यहूदी की बेटी’’ में राहिल की भूमिका निभाना पड़ा और फिर उनके अभिनय करियर की शुरुआत हो गयी. शबाना आजमी के साथ जीटीवी के सीरियल ‘अम्मा’ के अलावा कई नाटकों, टीवी सीरियलों व फिल्मों में अभिनय कर चुकी लखनउ निवासी कंचन अवस्थी इन दिनों अठारह जनवरी को प्रदर्शित हो रही फिल्म ‘फ्राड सैयां’ को लेकर चर्चा में हैं.

2019 में आपका करियर किस मुकाम पर नजर आ रहा है?

-अब मैं अपने करियर में काफी परिपक्व हो गयी हूं. मुझे लग रहा है कि अब मैं हर चीज को लेकर आत्म विश्वासी हो गयी हूं, फिर चाहे कैमरे का सामना करना हो, या एक्सप्रेशन देना हो या रिएक्शन देना हो. अब मुझे लग रहा है कि 2019 मेरा वर्ष है. इस वर्ष मेरी एक नहीं, बल्कि तीन तीन फिल्में सिनेमाघरों में पहुंचने वाली हैं. सबसे पहले 18 जनवरी को प्रकाश झा निर्मित फिल्म ‘फ्राड सैयां’ पहुंचेगी. इस तरह यह वर्ष मेरे लिए सबसे बेहतरीन वर्ष साबित होने वाला है.

देखिए, मैं गैर फिल्मी परिवार यानी कि लखनउ के मध्यमवर्गीय परिवार से आयी हूं. तो स्वाभाविक है कि मुझे बौलीवुड में सीखने में ढाई साल लग गए. पर इस दौरान भी मैंने काफी काम किया. मैं कभी घर पर खाली नहीं बैठी. मसलन मैंने 2016 में शबाना आजमी के साथ सीरियल ‘अम्मा’ किया था. ‘मैं खुदीराम बोस हूं’ और ‘भूत वाली लव स्टोरी’ जैसी फिल्में की. इसके अलावा मैं लगातार थिएटर भी करती आ रही हूं. मैंने दिल्ली के श्रीराम सेंटर में जय प्रकाश शंकर का ‘काशी का गुंडा’ नाटक किया था.

फिल्म ‘फ्राड सैयां’ से जुड़ना कैसे हुआ?

-जब लखनउ में मेरी पढ़ाई चल रही थी, तभी मुझे एक सीरियल में अभिनय करने का मौका मिला था. इस वजह से मेरा लखनउ व मुंबई आना जाना होता रहा था. मुंबई में मेरी बहन भी रहती हैं, पर मेरा यहां ज्यादा रूकना हुआ नहीं. एक बार जब मुंबई आयी, तो मुझे किसी ने बताया कि ‘प्रकाश झा प्रोडक्शन’ में फिल्म ‘फ्रौड सैयां’ के लिए औडीशन हो रहे हैं. तो मैंने भी औडीशन दिया. उस वक्त डरी सहमी हुई सी थी. पर अंदर से आत्मविश्वास था और आज भी है. तो मैंने पूरे आत्मविश्वास के साथ औडीशन दिया था. पर एक हफ्ते तक मुझे कोई जवाब नहीं मिला, तो मैने वापस लखनउ जाने का कार्यक्रम बना लिया. जिस दिन मुझे लखनउ वापस जाना था, उससे एक दिन पहले मुझे ‘प्रकाश झा प्रोडक्शन’ के औफिस में बुलाया गया. वहां पर मुझे पता चला कि फिल्म के लिए मेरा चयन हो गया है और फिर मेरे किरदार के बारे में बताया गया कि में इसमें नमिता का किरदार करने वाली हूं, जो कि अरशद वारसी की पत्नी है. मैं तो अरशद वारसी का नाम सुनते ही खुश हो गयी. क्योंकि मैं तो उनकी बहुत बड़ी फैन हूं. उन्होने एक नहीं कई सफल हास्य फिल्में दी हैं. किरदार सुनकर मैंने कहा मुझे करना है. उसके बाद मैंने मुंबई में ही रहने का निर्णय लिया.

फिल्म ‘फ्राड सैयां’ करीब तीन साल तक अटकी रही. तो उस दौरान आपके दिमाग में किस तरह की शंकाएं पैदा हो रहीं थी?

-यह स्वाभाविक है कि उस वक्त मेरे दिमाग में भी यही था कि फिल्म तुरंत सिनेमाघरों में पहुंचेगी, तो मुझे फायदा होगा. दूसरी अच्छी फिल्में जल्दी मिल जाएंगी. इसके अलावा मुझे सबसे ज्यादा जल्दी थी कि मेरे घर वालों को पता चले कि मैंने किसी फिल्म में अभिनय किया है. लेकिन कुछ वजहों से फिल्म सिनेमाघरों में नहीं पहुंची. अब तीन साल बाद आ रही है. पर मेरे मन में कोई शंका नहीं आयी. क्योंकि मुझे पता था कि एक अच्छी सोच के साथ, एक अच्छी फिल्म बनायी गयी है. तो प्रदर्शित जरूर होगी. फिर फिल्म के निर्माता प्रकाश झा जैसे महान फिल्मकार हैं. इसके अलावा इसी बीच मुझे दो दूसरी फिल्में व शबाना आजमी के साथ जीटीवी का सीरियल ‘अम्मा जी’ मिला. तो मैं काम में व्यस्त रही. इसलिए भी इस फिल्म को लेकर मेरे मन में कोई शंका नहीं आयी. मैं लगातार काम कर रही थी. मेरे मन में यह ख्याल कभी नहीं आया कि यदि यह फिल्म  प्रदर्शित नहीं हुई, तो मैं क्या करूंगी? इसके अलावा मैं थिएटर भी करती रही.

फिल्म ‘फ्राड सैयां’ के अपने किरदार नमिता को लेकर क्या कहेंगी?

-नमिता मेरी ही तरह उत्तर प्रदेश से है. वह एक टिपिकल पत्नी है, जो कि हमेशा पति को लेकर बहुत कंसर्न रहती है. कब आआगे? खाना खाया या नहीं, इस तरह के सवाल करती रहती है. बाकी फिल्म देखे तो मजा आएगा.

अरशद वारसी के साथ काम करने के आपके अनुभव क्या रहे?

-जैसा कि मैंने पहले ही कहा कि मैं तो उनकी बहुत बड़ी फैन रही हूं. भोपाल में जिस दिन अरशद वारसी के साथ पहली बार मुझे शूटिंग करनी थी, उस दिन मैं बहुत नर्वस थी. अंदर से मैं बहुत घबरायी और डरी हुई थी. क्योंकि वह बहुत बड़े कलाकार हैं. पर सेट पर आते ही अरशद वारसी जिस ढंग से मुझसे मिले, मुझे लगा ही नहीं कि वह स्टार कलाकार है. उन्होंने सेट पर मुझे बहुत अच्छी अच्छी सलाह दी. वह हर सीन में मेरे साथ बैठकर रिहर्सल भी करते थे. वह मुझे इतना अधिक कम्फर्ट जोन में ले आए थे कि मेरे लिए उनके साथ काम करना बहुत आसान हो गया. वह कौमेडी के पंचेस देने में महान हैं. वह सेट पर यूं भी हम लोगों को हंसाया करते थे. उनसे मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला.

इसके बाद आपकी कौन सी फिल्में आ रही हैं?

-मुझे लगता हैं कि अभी उनके नाम बताना ठीक नहीं होगा.

इस फिल्म से आपको कितनी उम्मीदें हैं?

-बहुत उम्मीदें हैं. मुझे लगता है कि इस फिल्म को देखने के बाद हर फिल्मकार व दर्षक को अहसास होगा कि मैं एक बेहतरीन अभिनेत्री हूं. मैंने बहुत मेहनत की हैं और उस मेहनत का अच्छा परिणाम मुझे जरूर मिलेगा. फिर मैं तो अपने आपको स्टूडेंट ही मानती हूं. अभी भी सीख ही रही हूं. मेरे लिए बडे़ बजट की फिल्म या बड़े बैनर की फिल्म कोई मायने नहीं रखती. सिर्फ एक बेहतरीन फिल्म होनी चाहिए.

आपको नहीं लगता कि यदि फिल्म में लीड किरदार ना मिले, तो पहचान नहीं बन पाती हैं? फिल्म ‘फ्रौड सैयां’ में भी आपके साथ फ्लोरा सैनी सहित दूसरी अभिनेत्रियां भी हैं?

-मैं इस बात से इंकार करती हूं कि फिल्म में लीड किरदार जैसा कुछ होता है. और यह कहना भी गलत है कि जब तक आपको लीड के तौर पर किरदार नहीं मिलेगा, तब तक आपकी पहचान नहीं बनेगी. मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहती, पर तमाम ऐसे प्रतिभाशाली कलाकार हैं, जो कभी किसी फिल्म में हीरो या हीरोईन बनकर नहीं आए, पर उनकी पहचान कम नहीं है. मेरी राय में एक कलाकार की पहचान तब बनती है, जब उसे एक अच्छी विषयवस्तु वाली फिल्म में अच्छा लिखा हुआ किरदार निभाने का मौका मिलता है. उसके बाद बहुत कुछ फिल्म का प्रचार किस ढंग से होता है, उस पर भी निर्भर करता है. अब बहुत कुछ प्रचार और मार्केटिंग पर भी निर्भर हो गया है.

लेकिन पिछले दो तीन वर्षो में सिनेमा में जो बदलाव आया है, वह हम जैसे कलाकारों के लिए वरदान साबित हो रहा है. अब ‘राजी’ और ‘बधाई हो’ जैसी अलग तरह की विषयवस्तु वाली फिल्में सफलता के डंके बजा रही हैं. तो वहीं कई स्टारों की फिल्मों ने बाक्स आफिस पर पानी नहीं मांगा. इससे यह साबित होता है कि आज का दर्शक अच्छी कहानी देखना चाहता है ना कि स्टार कलाकार. दर्शक कहानी के आधार पर फिल्म देखने जाता है, ना कि कलाकार के नाम पर. मैं अपनी तरफ से अच्छी कहानीयों वाली फिल्म ही कर रही हूं.

फिल्म ‘फ्राड सैयां’ में ऐसा क्या हुआ कि निर्देशक ने अपना नाम देने से इंकार कर दिया?

-सर जी, मुझे भी इसकी वजह नहीं पता.

अब आप किस तरह के किरदार निभाना चाहती हैं?

-देखिए, मुझे किसी मीडियम से परहेज नहीं है. मुझे आज भी थिएटर टीवी व फिल्में करनी हैं. हर जगह मैं अलग अलग तरह के किरदार निभाना चाहती हूं. मैं खुद को दोहराना नहीं चाहती. आप यदि मेरे पिछले काम को देखें, तो मैंने कहीं सीधी सादी लड़की, कहीं कौलेज में पढ़ने वाली लड़की या शादीशुदा महिला का किरदार निभाया है. मैं अपने आपको किसी एक तरह के किरदार में बांध कर नहीं रखना चाहती. मैं हमेशा यह मानती हूं कि मुझे जो भी काम मिल रहा है, उसे मुझे पूरी शिद्दत के साथ करना है. बाकी तो सब दर्शक तय करेगा. जब हम मेहनत के साथ बेहतरीन काम करते हैं, तो वह अपने आप लोगों की जुबान पर आ जाता है.

गैर फिल्मी परिवारों से आने वाले कलाकारों को किस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है? आप ऐसे कलाकारां से क्या कहना चाहेंगी?

-मैं तो हर नई प्रतिभा से यही कहूंगी कि वह एक बार बौलीवुड में अपनी किस्मत जरूर आजमाए. वह निडरता के साथ यहां आए, लेकिन मेहनत करने और संघर्ष करने की तैयारी के साथ. यह कभी ना सोचे कि मुंबई पहुंचते ही उन्हें शाहरुख खान या किसी अन्य स्टार के साथ फिल्म करने का मौका मिल जाएगा. पर सपने उन्हें देखना चाहिए और उन सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करने की तैयारी भी होनी चाहिए. जब आपके अंदर प्रतिभा हो ईमानदारी हो मेहनत करने का जज्बा हो, तो कायनात भी आपके सपनों को पूरा करने के लिए आ जाती है. सफलता का एकमात्र मूल मंत्र है- ईमानदारी से अपने काम को पूरी तत्परता के साथ अंजाम देना. सिर्फ भाग्य के भरोसे मत बैठो.

बौलीवुड में नेपोटिजम को लेकर लोग कई तरह की बातें करते हैं. आप क्या सोचती हैं?

-देखिए, बौलीवुड में अंततः हर कलाकार का काम बोलता है. स्टार सन या स्टार डौटर होने पर एक ब्रेक तो मिल जाता है, पर उन्हे भी खुद की प्रतिभा को साबित करना ही पड़ता है. मेरी राय में जिन्होंने बौलीवुड में जन्म लिया है, उनका हक भी बनता है कि उन्हें एक ब्रेक तो आसानी से मिल जाए. पर बिना मेहनत किए उन्हें भी सफतला नहीं मिलेगी. यदि आज मैं यह कहूं कि श्रीदेवी की बेटी होने के कारण जान्हवी कपूर को फिल्म ‘धड़क’ मिल गयी, तो मेरी यह सोच गलत है. क्योंकि उन्हें ‘धड़क’ में ब्रेक मिला, पर उसके बाद उसने अपनी मेहनत से अपनी पहचान बनाई. कैमरे के सामने तो आखिर जान्हवी कपूर को ही जाना पड़ा, एक्सप्रेशन व रिएक्शन तो उसे ही देने पड़े. इसलिए स्टार सन हो स्टार डौटर हो या गैर फिल्मी परिवार से आयी हुई प्रतिभाएं हों, अंततः उनके अंदर की प्रतिभा ही उन्हें आगे ले जाती है. देखिए, शाहरुख खान स्टार हैं, पर वह भी गैर फिल्मी परिवार से आए थे. कैमरे के सामने अभिनय करना आसान नहीं होता है. बहुत मेहनत करनी पड़ती है.

आपने संगीत में लंबे समय तक प्रशिक्षण हासिल किया और आपके करियर की शुरुआत संगीत से हुई थी. अब संगीत में क्या कर रही हैं?

-संगीत मेरी आत्मा में बसता है. संगीत के बिना हर इंसान का जीवन अधूरा है. मेरे घर में हमेशा शास्त्रीय संगीत का माहौल रहा है. जबकि मैं तो स्कूल व कौलेज में विज्ञान की छात्रा थी और अभिनय के बारे में तो कुछ सोचा ही नहीं था. पर संगीत में रूचि ने ही मुझे हर चीज समझने के लिए उकसाया. मैंने शास्त्रीय संगीत सीखा भी और अभी भी मैंने संगीत छोड़ा नहीं है. हर दिन संगीत का रियाज करती हूं. और मेरी नजर में एक वर्सेटाइल कलाकार के लिए संगीत का ज्ञान होना बहुत जरूरी है. फिलहाल मैंने अभी तक किसी फिल्म में पार्शवगायन नहीं किया है. लेकिन भविष्य में जब भी मौका मिलेगा, मैं जरूर करना चाहूंगी. हां!! मैं सोशल मीडिया पर एक दो मिनट के अपने स्वरबद्ध गानों को लोड करती रहती हूं. मेरा अपना खुद का यूट्यूब चैनल है, जिस पर मैं अपने गाने लोड करती रहती हूं.

इंटरनेट पर फिर से छाए भोजपुरी स्टार

भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार पवन सिंह को इंटरनेट पर चाहने वालों की कमी नहीं है. इसलिए तो उनकी फिल्म की बात हो या फिर उनके किसी गाने का वीडियो, इंटरनेट पर बेहद पसंद किया जाता है. पवन सिंह के गाने के वीडियो यूट्यूब पर रिलीज होते ही वायरल हो जाते हैं.

इसी क्रम में उनका एक और वीडियो इंटरनेट पर धमाल मचा रहा है. यह वीडियो उनकी ही फिल्म ‘वांटेड’ के एक गाने ‘लागेलू हुनरी मुनरी’ का है, जिसमें वह जबरदस्त डांस करते हुए नजर आ रहे हैं. इस गाने को खुद पवन सिंह और अल्का झा ने मिलकर गाया है.

वेब म्यूजिक द्वारा इस गाने को अपलोड किया गया है. बता दे इस गाने को अब तक करीब 19 लाख बार देखा जा चुका है. भोजपुरी सिनेमा में पवन सिंह को सफलता की गारंटी माना जाता है. पवन सिंह की कई फिल्में सिनेमाघरों में दस्तक देने को तैयार हैं जिसमे ‘राजा’, ‘लोहा पहलवान’, ‘मैंने उनको सजन चुन लिया’ और ‘शेर सिंह’ प्रमुख हैं.

पवन सिंह मूल रूप से बिहार के आरा के रहने वाले हैं और उन्होंने दर्जनों भोजपुरी फिल्मों और सैकड़ों एल्बम में काम किया है. खबर के अनुसार बलिया के मिट्टी मोहल्ले में ज्योति का परिवार रहता है और ज्योति के चाचा सभासद भी रह चुके हैं.

बता दें, पवन सिंह भोजपुरी जगत के एक ऐसे एक मात्र सुपरस्टार हैं, जिनकी हर फिल्मों में एक नया शानदार गेटअप देखने को मिलता हैं. अपनी गायकी और अभिनय से करोड़ों लोगों के दिलो अपनी खास जगह बनने वाले पवन अपनी गेटअप को लेकर भी आजकल चर्चाओं में बने रहते हैं.

ईशा गुप्ता का सेक्सी म्यूजिक वीडियो ‘‘गेट डर्टी’’

ईशा गुप्ता इन दिनों अपने नए सेक्सी डांस वाले म्यूजिक वीडियो ‘‘गेट डर्टी’’ को लेकर चर्चा में हैं. ग्लैमरस अदाकारा ईशा गुप्ता इस म्यूजिक वीडियो में कई सेन्सुअल मूवमेंट करते हुए नजर आने वाली हैं. ‘गेट डर्टी’अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए बनाया गया न्यूएज, बोल्ड डांस ट्रैक है. गीत के बोल पंजाबी और अंग्रेजी मिश्रित हैं. इसका निर्माण रोशन बालू ने कुछ अंतरराष्ट्रीय कलाकारो के साथ किया है. इस गीत को इशिका बख्शी के साथ गौरव दास गुप्ता ने गाया है.

इस म्यूजिक वीडियो की चर्चा चलने पर ईशा गुप्ता ने कहा- ‘‘नवोदित गायकों व नवोदित कलाकारों से युक्त यह एलबम काफी आकर्षक है. इसमें ताजगी वाला जोश है. मैंने इसे करते हुए काफी इंज्वाय किया. मेरा मानना है कि जब यह बाजार में आएगा, तो हंगामा होगा और यह एलबम इस साल का नंबर वन एलबम बनेगा.’’

दूसरी नागरिकता

आर्थिक अपराधियों नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और विजय माल्या को देश से भाग कर दूसरे देशों में मजे से रहने में उन की दूसरी नागरिकता बड़े काम की रही. दुनिया में कई देश हैं जो चाहे छोटे हों, अपनी नागरिकता कुछ पैसा जमा कराने के बाद आसानी से दे देते हैं. यह अमेरिकियों, यूरोपियों को हमेशा भाता रहा है और अब जब चीनियों, रूसियों और भारतीयों के हाथों में पैसा आया है, वे भी दूसरी नागरिकताएं लपक रहे हैं.

दूसरे देश की नागरिकता असल में केवल बेईमानी कर के भाग जाने वाले नहीं ले रहे, बल्कि बहुत से सफल लोग भारत की गंदगी, खराब शिक्षा, अव्यवस्थित ट्रैफिक, गंदे पानी, दूषित हवा, डर्टी पोलिटिक्स और शायद सब से बड़ी बात धार्मिक कट्टरता के चलते भी ले रहे हैं.

धार्मिक कट्टरता महसूस नहीं होती क्योंकि हम इस में जीने के आदी हो गए हैं पर यह एक ऐसी जकड़न है जो मन और शरीर दोनों को बांध कर रखती है. कानून को कंट्रोल करने की तिकड़म तो भागने वाला जानता है, साथ ही वह यह भी जानता है कि कानून भी कभीकभार पकड़ ही लेता है.

ऐसे में रामायण और महाभारत के पात्रों की तरह वह भी देश से दूर जा कर अपनों के कहर से बचना चाहता है. राम और पांडवों को अपनों के कारण ही वनवास जाना पड़ा था.

यह यूरोप और अमेरिका की विशेषता है कि वे खालीहाथ या थोड़े पैसे ले कर आए लोगों को आज भी शरण देते हैं.?

दूसरी नागरिकता वास्तव में एक बचाव है और उसे चाहे जितना गैरकानूनी कहा जाए, वह उस देश की मानवता की निशानी है. यह भगोड़ों को शरण देना कम, बल्कि मूल देश की निकम्मी व्यवस्था की पोल खोलना ज्यादा है. भारतीय अगर कमाई के लिए बाहर जा सकते हैं तो कानूनों की पेचीदगियों से बचने के लिए वे क्यों न जाएं.

देश की ये फिल्म पहुंची औस्कर

मराठी फिल्मां के मशहूर लेखक व निर्देशक गजेंद्र अहिरे की शोहरत अब विदेशों तक पहुंच गयी है. गजेंद्र अहिरे ने इंडो स्वीडिश प्रोडक्शन की हिंदी व अंग्रेजी भाषा में बनी फिल्म ‘‘डिअर मौली’’ का निर्देशन किया है. गजेंद्र अहिरे अपनी इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं. क्योंकि उनकी यह फिल्म औस्कर अवार्ड के लिए भेजी गयी है. इतना ही नहीं गजेंद्र अहिरे का मानना है कि उनकी फिल्म ‘‘डिअर मौली’’ सही अर्थों में पहली क्रौस ओवर फिल्म है. क्योंकि उन्होने इस फिल्म को स्वीडन में ही फिल्माने के साथ इसका पोस्ट प्रोडक्शन वर्क भी स्वीडन में ही किया है. फिल्म ‘‘डिअर मौली’’ का निर्माण भारत की तरफ से प्रवीण निश्चल व मनमोहन शेट्टी ने किया है. इस फिल्म में स्वीडन के कुछ कलाकारों व स्थानीय नागरिकों के साथ जर्मनी की लिया बौयसनन के अलावा भारत के आलोक राजवाडेचा व गुरबानी गिल ने अभिनय किया है. मौली के किरदार में गुरबानी गिल हैं.

फिल्म ‘‘डिअर मौली’’ की चर्चा चलने पर गजेंद्र अहिरे बताते हैं- ‘‘मेरे दिमाग में इस फिल्म की कहानी 2016 में आयी थी. फिल्म की कहानी ‘इमीग्रेशन’ की समस्या को लेकर है. इस समस्या से भारत, स्वीडन, अमरीका सहित पूरा विश्व पीड़ित है. यह कहानी मौली नामक लड़की की है, जो कि अपने पिता की खोज में यूरोप जाती है. मौली ने अपने पिता को अंतिम बार पांच वर्ष की उम्र में देखा था. उसके पिता स्वीडन में शास्त्रज्ञ थे और उन्होने अपनी बेटी मौली को कई कवितामय पत्र लिखे थे. अब मौली उन्ही पत्रों के आधार पर अपने पिता की खोज में लगी हुई है. तो यह फिल्म एक बेटी व उसके पिता की कहानी है. इंसान अपने सपनों को पूरा करने के लिए विदेश जाता है, पर वह वहां की सभ्यता व संस्कृति के अनुरूप खुद को ढाल नहीं पाता. परिणामतः कई सपने ध्वस्त होते हैं, तो कई बार इंसान कई तरह की मुसीबतों में फंस जाता है.’’

गजेंद्र अहिरे आगे कहते हैं- ‘‘इस फिल्म में इस बात का चित्रण है कि इंसान अपने सपनों को पूरा करने के लिए कहां से कहां पहुंच जाता है. ऐसा करते हुए वह अपने पीछे क्या छोड़ जाते हैं और फिर उनकी तलाश करने वाले उनके प्रियजन के साथ क्या घटता है.’’

अमूमन दो भाषाओं में बनने वाली फिल्मों के साथ होता यह है कि फिल्म एक भाषा में फिल्मायी जाती है, फिर उसे दूसरी भाषा में डब किया जाता है. मगर हमने फिल्म ‘डिअर मौली’ को हिंदी और अंग्रेजी इन दोनों भाषाओं में अलग अलग फिल्माया है. मैंने इसकी पटकथा व संवाद भी अंग्रेजी व हिंदी इन दो भाषाओं में लिखे. स्वीडन में हमने इसे स्टौकहोम, उकसाना, विराब्रुक, नौटिलिया आदि जगह फिल्माया है.

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