खाड़ी देशों के शेख राजशाही जीवन जीने के लिए खासा मशहूर है. महंगी गाड़ियां, ऐशो-आराम की जिंदगी और यहां तक कि शान की खातिर कुत्ते-बिल्ली नहीं बल्कि खूंखार टाइगर को पालने का शौक रखते हैं. लग्जरी जीवन जीना और अधिक से अधिक रानियों को रखना भी इनका पुराना शौक रहा है.

दुबई के शासक शेख मुहम्मद बिन राशिद अल मखदूम को भी रानियों का शौक रहा है. इन्होंने 5वीं शादी करने के बाद छठी शादी जौर्डन के किंग अब्दुल्ला की सौतेली बहन हया से की. हया न सिर्फ बला की खूबसूरत थी, बल्कि औक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ी-लिखी व आधुनिक ख्याल की महिला रही है.

शेख मुहम्मद बिन राशिद से शादी के बाद वह दुबई में रहने तो लगी पर उन्हें हद से ज्यादा धार्मिक पाबंदियों से चिढ़ होने लगी थी.

करोड़ों रूपए के साथ हुई लापता…

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाबंदियों से उकता कर दुबई के अरबपति शासक की छठी बीवी रानी हया करोड़ों रूपए और बच्चों के साथ लापता हो गईं. खबर है कि वे अपने साथ करीब 31 मिलियन पाउंड लगभग 271 करोङ रूपए भी साथ ले गई हैं.

ये भी पढ़ें- बदले की आग में किया दोस्त का कत्ल

आधुनिकता पर हावी कट्टरता

तेल के कुओं से अरबपति शेखों और पैसे के बल पर आज सऊदी अरब में गगनचुंबी इमारतें हैं, साफ-सुथरी सड़के हैं और वह सब है जो एक अमीर देश की पहचान होती है पर इन सब चकाचौंध के पीछे यहां धार्मिक पाबंदियां आधुनिकता पर बुरी तरह हावी हैं.

दरअसल, उच्च शिक्षा प्राप्त हया जो पश्चिमी संस्कृति में पलीबङी थीं, धार्मिक कट्टरता और रहनसहन से सामंजस्य नहीं बैठा पा रही थीं.

जौर्डन के किंग अब्दुल्ला की सौतेली बहन हया को बंदिशों से चिढ़ थी. शेख के साथ उस के रिश्ते भी अच्छे नहीं चल रहे थे. हया ने फिर एक कठोर फैसला लिया और बच्चों सहित किसी सुरक्षित स्थान की ओर चल दीं. हया अब शौहर से तलाक लेना चाहती हैं और जरमनी में बसना चाहती हैं.

किसने की मदद

अरब देशों की मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हया को दुबई से निकलने में जरमनी के राजनयिकों ने मदद की है, क्योंकि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और पाबंदियों को धता बता कर बेशुमार दौलत के साथ भागना यों भी आसान नहीं था.

क्या कूटनीतिक संबंधों पर असर पड़ेगा

हया को देश से निकालने को ले कर जरमनी और यूएई में राजनीतिक संबंधों पर असर पङ सकता है, यह तय है क्योंकि इस के तुरंत बाद शेख मुहम्मद बिन राशिद ने जरमनी के राजनयिकों से बात कर हया को सौंपने की मांग तक कर डाली पर जरमनी ने इस के लिए किसी तरह की मदद देने से इनकार कर दिया.

ये भी पढ़ें-हैवान होते पति

इनकी कौन सुनेगा

वहीं, सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बंगलादेश जैसे गरीब देशों से बड़ी संख्या में लड़किया पैसा कमाने के लिए खाड़ी देशों की ओर रूख करती हैं. कुछ जो कबूतरबाजी की शिकार हो कर वहां पहुंचती हैं उन की जिंदगी तो इतनी नारकीय होती है कि जान कर ही रौंगटे खड़े हो जाएं. यहां तक कि पढ़ी-लिखी व आधुनिक खयाल की महिलाएं भी, जो चकाचौंध भरी जिंदगी से आकर्षित हो कर वहीं रह कर नाम और पैसा कमाना चाहती हैं, कभीकभी धोखे का शिकार हो जाती हैं और फिर शुरू हो जाता है उन पर जुल्म और सितम ढाने की इंतहा.

हाल ही में केरल की कई नर्सें वहां उंचे ख्वाब ले कर गई थीं, जिन्हें बाद में सरकार के हस्तक्षेप के बाद वतन लाया गया. इन नर्सों को वहां बुरी तरह प्रताड़ित किया जाता था.

हया के साथ चूंकि हाई प्रोफाइल मामला है, इसलिए संभव है इन की सुध कोई न कोई लेगा पर उन महिलाओं की आखिर कौन सुनेगा, जो ऊंचे सपने ले कर खाड़ी देशों में चली तो गईं पर वहां गुलाम सी बदतर जिंदगी जीने को आज भी विवश हैं?

Tags:
COMMENT