Bhojpuri Cinema:भोजपुरी सिनेमा में अपने दमदार किरदारों के जरीए राज करने वाली रिंकू भारती गोस्वामी का जादू इन दिनों 28 करोड़ भोजपुरिया दर्शकों के दिलों पर छाया हुआ है. वे भोजपुरी फिल्मों में अकसर किसी न किसी दमदार रोल से दर्शकों का मनोरंजन करती दिखाई देती हैं. वे फिल्मों में सैकंड लीड समेत बतौर सपोर्टिंग एक्ट्रेस चाची, बहन और भाभी के रोल में छाई हुई हैं.
रिंकू भारती गोस्वामी का भोजपुरी फिल्मों में भाभी का रोल इस तरह पसंद किया जाने लगा है कि अब फिल्म इंडस्ट्री समेत भोजपुरिया दर्शक भी उन्हें ‘रिंकू भाभी’ के नाम से ही पुकारने लगे हैं.
रिंकू भारती गोस्वामी एक्टिंग के लिए तो सुर्खियां बटोरती ही हैं, साथ ही अपने बेबाक और बिंदास अंदाज के लिए भी जानी जाती हैं. वे हर मुद्दे पर खुल कर अपनी राय रखती हैं.
‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स’ शो के दौरान रिंकू भारती गोस्वामी से हुई एक मुलाकात में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री और अपने एक्टिंग कैरियर पर बेबाक बातें साझा कीं. पेश हैं, उन से हुई बातचीत के खास अंश :
आप का सिवान जैसे छोटे शहर से सिनेमा की दुनिया का सफर कैसा रहा है?
यह सफर आसान तो बिलकुल नहीं था. छोटे शहर से आने पर सब से पहले लोगों की सोच से लड़ना पड़ता है. लेकिन मैं ने हमेशा अपने सपनों पर भरोसा रखा. मुश्किलें आईं, लेकिन वे ही मुझे मजबूत
बनाती गईं.
आप ने टीवी से शुरुआत की और फिर भोजपुरी सिनेमा में पहचान बनाई. इस सफर को आप कैसे देखती हैं?
मेरे लिए यह एक सीखने का प्रोसैस रहा है. टीवी ने मुझे कैमरे के सामने खड़ा होना सिखाया और भोजपुरी सिनेमा ने मुझे असली पहचान दी. हर पड़ाव ने मुझे निखारा है.
लोग आप को ‘रिंकू भाभी’ कह कर बुलाते हैं. इस पहचान को आप कैसे लेती हैं?
यह मेरे लिए बहुत बड़ा प्यार है. जब लोग आप को आप के किरदार के नाम से पहचानने लगें, तो समझ लीजिए आप ने कुछ सही किया है. ‘रिंकू भाभी’ मेरे दिल के बहुत करीब है. इतने सालों तक भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के
बाद आप को बैस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवार्ड मिला. इस खुशी को कैसे सैलिब्रेट किया?
यह अवार्ड जीतना मेरे लिए बहुत खास बात है. मैं ने इसे अपने परिवार और टीम के साथ सैलिब्रेट किया. यह सिर्फ मेरी नहीं, हम सब की मेहनत का फल है. आप को भोजपुरी फिल्मों में अकसर भाभी, चाची, बहन जैसे सैकंड लीड किरदारों में देखा जाता है.
क्या आप की कभी लीड रोल की चाह नहीं होती?
हर कलाकार के मन में लीड रोल का सपना होता है, तो जाहिर है कि मेरा सपना भी है, लेकिन मेरे लिए किरदार की अहमियत ज्यादा है.
आप अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं. क्या इस से कभी विवाद भी हुए हैं?
हां, कई बार विवाद हुए हैं. लेकिन मैं वही बोलती हूं जो मुझे सही लगता है. मैं किसी तरह के दिखावे में यकीन नहीं करती, इसलिए लोग मुझे असली मानते हैं.
अगर आप को एक फिल्म में लीड रोल चुनने का मौका मिले, तो कैसा किरदार निभाना चाहेंगी?
मैं एक ऐसी महिला का किरदार निभाना चाहूंगी जो समाज के खिलाफ जा कर अपनी पहचान बनाती है. उस में स्ट्रगल भी हो, इमोशन भी और एक मजबूत संदेश भी.
फिल्म सैट पर कोई ऐसा मजेदार या यादगार किस्सा जो आज भी आप को हंसा देता हो?
एक बार शूटिंग के दौरान मेरा इमोशनल सीन था और पीछे से किसी ने मजाक कर दिया, पूरा सीन हंसी में बदल गया. मुझे वह दिन आज भी याद आता है.
अगर आप को अपनी अब तक की यात्रा को एक लाइन में बयान करना हो, तो क्या कहेंगी?
संघर्ष से सफलता तक, और अभी सफर जारी है.
बृहस्पति कुमार पांडेय



