भोजपुरी इंडस्ट्री में इन दिनों जुबानी जंग और आपसी तल्खी चरम पर है। अभिनेत्री काजल राघवानी लगातार इंडस्ट्री के दो बड़े नाम—आम्रपाली दुबे और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ पर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। हाल ही में इस पूरे विवाद में नया मोड़ तब आया जब काजल ने सीनियर एक्ट्रेस रानी चटर्जी के साथ बातचीत के दौरान आम्रपाली दुबे पर काम छीनने और साइडलाइन करने का सनसनीखेज आरोप लगा दिया।

काजल राघवानी का गंभीर आरोप: “मेरा गाना मुझसे छीनकर आम्रपाली को दिया गया”
रानी चटर्जी से बात करते हुए काजल राघवानी ने एक पुराना किस्सा शेयर किया। काजल का दावा है कि फिल्म ‘आशिक आवारा’ का मशहूर गाना “जाड़ के जुगाड़ करके जा ए राजा जी” मूल रूप से उन पर और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ पर फिल्माया जाना तय हुआ था।
काजल ने कहा, “मुझे बाद में पता चला कि वह गाना रातों-रात मुझसे छीनकर आम्रपाली पर शिफ्ट कर दिया गया।”
जब रानी चटर्जी ने इस पर सवाल उठाते हुए पूछा कि “क्या तुमने इस बारे में फिल्म के प्रोड्यूसर से बात नहीं की?”, तो काजल ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, “मैंने बोला था, लेकिन निरहुआ जी के आगे किसकी चलती है? वो (आम्रपाली) निरहुआ जी के साथ चल रही हैं और मैं आज अकेली चल रही हूं। मेरे साथ कोई बड़ा नेता या प्रभावशाली व्यक्ति खड़ा नहीं है जो मेरे हक के लिए लड़े। उनको निरहुआ जी का पूरा प्रोटेक्शन हासिल है, जबकि मुझे प्रोटेक्ट करने वाला कोई नहीं है।”

आम्रपाली दुबे और निरहुआ का तीखा पलटवार
काजल राघवानी के इन आरोपों के बाद आम्रपाली दुबे और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने भी चुप्पी तोड़ी है। निरहुआ के साथ बातचीत के दौरान आम्रपाली ने काजल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा:

“जब आप लगातार खेसारी लाल यादव के साथ काम कर रही थीं, तब भी तो लोग यही सब बोलते थे। तब क्या आपने किसी का काम छीना था? उस वक्त तो आपने यही कहा था कि ‘मैंने किसी को फिल्म से नहीं निकलवाया’। अब जब चीजें आपके हिसाब से नहीं हो रही हैं, तो दूसरों पर आरोप क्यों लगाना?”

इस बातचीत के दौरान निरहुआ ने भी काजल के इस आरोप पर चुटकी लेते हुए सीधा हमला बोला। निरहुआ ने कहा कि काजल का हर बार यही रोना रहता है कि उन्हें फिल्मों से निकाल दिया जाता है या उनका काम छीन लिया जाता है, “तो इसका सीधा सा जवाब यही है कि तुम इसी लायक हो।”

इंडस्ट्री में गरमाया माहौल
काजल राघवानी के इस खुलासे और उस पर आम्रपाली-निरहुआ के इस करारे जवाब के बाद सोशल मीडिया और भोजपुरी गलियारों में चर्चा तेज है। एक तरफ काजल के समर्थक इसे इंडस्ट्री की ‘गुटबाजी’ और ‘अकेली महिला के खिलाफ भेदभाव’ बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम्रपाली और निरहुआ के फैंस इसे काजल का पब्लिसिटी स्टंट और नाकामी छुपाने का तरीका बता रहे हैं। फिलहाल, इस जुबानी जंग के थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

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