Social Story
लेखक- प्रिंस सईद
छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं से परेशान पुलिस विभाग ने पिछले हफ्ते ‘आपरेशन मजनू पकड़’ नाम से एक खास मुहिम छेड़ी थी. स्कूलकालेज और चौकचौराहों पर सादा वरदी में पुलिस के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी दे रहे थे.
इस मुहिम को कामयाब बनाने के लिए महिला पुलिस वालों की भी मदद ली गई थी. उन के जिम्मे यह काम था कि वे तितली बन इधरउधर मंडराती फिरें, ताकि जैसे ही छेड़छाड़ करने वाले आदतन उन्हें छेड़ें, वे उन्हें धर दबोचें.
मुहिम के तहत जिन महिला पुलिस वालों की मदद ली जा रही थी, उन्हें छिड़ने लायक बनाने के लिए हफ्ते में 2 बार ब्यूटी पार्लर ले जाने का इंतजाम भी पुलिस विभाग के जिम्मे था.
इस की सूचना जैसे ही महिला पुलिस वालों को लगी, वे इस काम के लिए फौरन तैयार हो गईं. उन का उतावलापन देख कर मैं इस नतीजे पर पहुंचा कि मां बनने के सुख से ज्यादा मजा शायद छिड़ने के सुख में है.
‘आपरेशन मजनू पकड़’ के दौरान पुलिस वालों की मसरूफियत बढ़ गई थी. हर आधे एक घंटे में किसी मजनू को अपनी गिरफ्त में लिए कोई सिपाही थाने पहुंच रहा था, तो मजनुओं के मातापिता का गिरतेपड़ते थाने पहुंचने और ‘लेदे’ कर अपने लाल को थाने से बाहर निकालने का सिलसिला भी जारी था.
कल की ही बात है. मेरे सामने एक सिपाही मरियल से एक लड़के को पकडे़ थाने पहुंचा और उसे दारोगा के सामने करते हुए बोला, ‘‘देखो साहब, इस ने ईयरफोन लगाया हुआ है.’’
मैं ने देखा, वह हियरिंग एड यानी सुनने की मशीन थी. मैं बोला, ‘‘यह तो हियरिंग एड है.’’
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन
सरस सलिल सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरस सलिल मैगजीन का सारा कंटेंट
- 1000 से ज्यादा सेक्सुअल हेल्थ टिप्स
- 5000 से ज्यादा अतरंगी कहानियां
- चटपटी फिल्मी और भोजपुरी गॉसिप
- 24 प्रिंट मैगजीन
डिजिटल
सरस सलिल सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरस सलिल मैगजीन का सारा कंटेंट
- 1000 से ज्यादा सेक्सुअल हेल्थ टिप्स
- 5000 से ज्यादा अतरंगी कहानियां
- चटपटी फिल्मी और भोजपुरी गॉसिप