शची अपने पति पल्लव के अधीनस्थ कर्मचारियों से रिश्वत ले कर उन का प्रमोशन, ट्रांसफर आदि कार्य करने के लिए पल्लव को बाध्य करती थी, लेकिन एक दिन वक्त ने उस के साथ ऐसा क्रूर मजाक किया कि उस के पास अपनी गलती पर सिर्फ पछताने के और कुछ न बचा.