मुसकान और सुनील दोनों का बचपन साथसाथ बीता था. बचपन की दोस्ती धीरेधीरे प्यार में बदल गई. दोनों ने ही बड़े सपने संजोए थे अपनी शादी के और वह शुभ दिन भी आ गया जब उन के सपने हकीकत में तबदील होते. लेकिन सपनों को टूटते देर नहीं लगती.

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