घूसखोरी दीमक की तरह समाज की जड़ों को खोखला कर रही है. निचले तबके से ले कर ऊंची कुरसी पर बैठे सभी इस में लिप्त हैं. कानून व सरकारी तंत्र की लस्तपस्त व्यवस्था के कारण घूस लेनेदेने के तौर- तरीके बदल रहे हैं.