आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों के इस्तेमाल से उत्पादन भी बढ़ा है और किसानों की माली हालत भी सुधरी है. माली रूप से कमजोर, निम्न और मध्यम तबके के किसानों को आज भी सरकारी योजनाओं की जानकारी न होने से उन्हें फायदा नहीं मिलता.

किसानों की भलाई के लिए बनी सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए आप अपने इलाके के कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर कृषि उपकरणों की खरीद पर अनुदान का फायदा ले कर उन्नत ढंग से खेतीकिसानी की जा सकती है.

आजकल केंद्र और राज्य सरकारें भी किसानों को कृषि उपकरण मुहैया कराने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही हैं. कृषि उपकरणों पर सब्सिडी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब सहित देश के?ज्यादातर राज्यों में किसानों को दी जाती?है. विभिन्न कृषि उपकरणों पर 40 फीसदी से ले कर 80 फीसदी तक की सब्सिडी दी जाती है. सभी राज्यों में ई-पोर्टल के माध्यम से औनलाइन आवेदन करने के नियम राज्य सरकारों द्वारा तय किए गए हैं.

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बिहार में?ट्रैक्टर को?छोड़ 76 तरह के कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाता है. औनलाइन आवेदन के अलावा कृषि विभाग?द्वारा अनुमंडल स्तर पर लगने वाले कृषि मेलों में खरीदी करने पर भी किसानों को सब्सिडी मिलती?है.

राजस्थान में अधिकृत, पंजीकृत क्रयविक्रय सहकारी समिति, ग्राम सेवा सहकारी समिति या राज्य के किसी भी जिले में पंजीकृत निर्माता, विक्रेता से कृषि यंत्र खरीद करने पर भी सब्सिडी दी जाती?है.

किसानों के अनुदान क्लेम का भुगतान उन के बैंक खाते में दिया जाता है. पंजीकृत निर्माताओं, विक्रेताओं को सीधे अनुदान राशि का भुगतान नहीं किया जाता है.

मध्य प्रदेश में पारदर्शी प्रक्रिया द्वारा औनलाइन आवेदन ले कर कृषि यंत्रों पर सब्सिडी यानी अनुदान दिया जाता रहा है. किसानों को अनुदान की यह सुविधा ट्रैक्टर, टै्रक्टरचालित रीपर कम बाइंडर व सिंचाई यंत्रों (पंप, स्प्रिंकलर, ड्रिप सिस्टम, पाइपलाइन, रेनगन), कंबाइन हार्वेस्टर, जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, पैडी राइस ट्रांसप्लांटर, रेज्डबेड प्लांटर, रेज्डबेड प्लांटर विथ इंक्लिनेड प्लेट एंड शेपर, हैप्पी सीडर, लेजर लैंड लेवलर, रोटावेटर, मल्चर, स्वचालित रीपर, स्ट्रा रीपर के आवेदन के लिए उपलब्ध?हैं. फर्टिलाइजर ड्रिल, मल्टीक्रौप थ्रैशर, एक्सियल फ्लो पैडी थ्रेशर जैसे उपकरणों पर उपलब्ध है.

किसे मिलेगा अनुदान

ट्रैक्टर के लिए किसी भी तबके के किसान, जिन के नाम से खेती की जमीन हो, आवेदन कर सकते?हैं. ट्रैक्टर से चलने वाले सभी प्रकार के कृषि यंत्र भी किसी भी तबके के किसान ले सकते?हैं. इस के लिए किसान के नाम पर पहले से ट्रैक्टर होना जरूरी?है.

कृषि पंप के लिए किसान के नाम से बिजली कनैक्शन होना जरूरी?है. जिन किसानों ने पिछले 5 साल में कृषि विभाग से किसी भी योजना के तहत किसी?भी प्रकार का अनुदान का फायदा नहीं लिया?है, वे किसान ही कृषि यंत्रों की खरीद के लिए पात्र होंगे.

सब्सिडी के लिए आवेदन करने की तारीख से 10 दिन के भीतर चयनित डीलर के माध्यम से अपना आवेदन देना होगा वरना यह पंजीयन खुद ही निरस्त हो जाएगा. आवेदन निरस्त होने पर आगामी 6 महीने तक आवेदन प्रस्तुत करने की पात्रता नहीं होगी.

कृषि यंत्रों पर 40,000 से 60,000 रुपए तक की सब्सिडी मिलती?है. ट्रैक्टर के लिए

2 लाख रुपए तक अनुदान और कंबाइन जैसे बड़े यंत्रों पर 1 लाख रुपए तक की सब्सिडी का प्रावधान है.

ट्रैक्टर की अधिक जानकारी के लिए किसान भाई निर्माता जौनडियर इंडिया प्रा. लि., देवास से मोबाइल फोन नंबर 7875289413, मल्टीक्रौप थ्रेशर के लिए सोनालिका इंडस्ट्रीज, होशियारपुर, पंजाब के मोबाइल फोन नंबर 9814054025, सीड ड्रिल, कल्टीवेटर, मल्टीक्रौप प्लांटर के लिए लालवानी इंडस्ट्रीज, भोपाल के मोबाइल नंबर 9009646664, स्प्रिंकलर सिस्टम के लिए रेवा पौलीमर्स, जबलपुर के मोबाइल नंबर 9425155366 पर फोन कर के कृषि यंत्रों की कीमत व सब्सिडी संबंधी जानकारी ले सकते हैं.

सरस सलिल विशेष

महंगे उपकरण खरीदना मुश्किल

हर किसान महंगे उपकरणों की खरीदी नहीं कर पाते हैं, इसलिए सरकार ने कृषि उपकरणों पर किसानों के होने वाले खर्चों में कटौती करने और उन की आमदनी बढ़ाने की दिशा में एक नई योजना शुरू की है. इस योजना का नाम स्मैम यानी सबमिशन औन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन है. इस योजना के तहत किसान समूह बना कर भी ट्रैक्टर सहित कई प्रकार के हाईटैक कृषि यंत्र ले सकते हैं.

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के जरीए कृषि उपकरणों की खरीद करने वाले किसान समूहों को गांव लैवल पर 10 लाख से 25 लाख रुपए तक का अनुदान दिए जाने की योजना?है. किसान समूह गांव लैवल पर कृषि विभाग में आवेदन जमा करा सकते?हैं.

महंगे कृषि यंत्र खरीदने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग उन्हें रियायती दरों पर ये उपकरण मुहैया करवाएगा. इस के लिए किसानों को समूह बना कर विभाग में आवेदन करना होगा. विभाग?द्वारा हर जिले में किसान समूहों को यह लाभ दिया जाएगा.

कृषि विभाग के उपसंचालक जितेंद्र सिंह बताते हैं कि कस्टम हायरिंग सैंटर खोलने के लिए जिला लैवल पर किसानों के समूह (सहकारी समितियां, पंजीकृत किसान समूह, स्वयंसहायता समूह) पंजीकृत कृषि समूहों से फसल अवशेष प्रबंधन के लिए 40 हौर्सपावर से 70 हौर्सपावर तक का ट्रैक्टर, एसएमएस सहित कंबाइन हार्वेस्टर, हैप्पी सीडर, रोटरी?प्लो, रीपर बाइंडर, स्ट्रा बेलर, मल्चर, हे रेक,?स्ट्रा चोपर, स्ट्रा श्रेडर वीड, ट्रैक्टरचालित स्ट्रा स्लेशर, स्ट्रा रीपर और जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर कृषि यंत्रों पर 10 लाख रुपए तक की खरीद पर 4 लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाता है. मध्य प्रदेश सहित सभी राज्यों के पंजीकृत 391 कृषि उपकरणों के निर्माताओं और 14,980 डीलर के माध्यम से खरीदी की जा सकती है.

कहां करें आवेदन

सभी राज्यों में सब्सिडी के लिए औनलाइन फार्म भरे जाने के नियम?हैं. मध्य प्रदेश में

कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए कृषि विभाग

की वैबसाइट पर औनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं.

किसानों द्वारा डीलर का चयन केवल बायोमीट्रिक मशीन (फिंगरप्रिंट स्कैनर मशीन) के जरीए किया जा सकेगा इसलिए जो किसान पहले से पंजीकृत हैं या जो पहली बार पंजीयन करवा रहे?हैं, वे सभी जिस डीलर से यंत्र खरीदना चाहते?हैं, उन के पास या जहां भी बायोमीट्रिक मशीन उपलब्ध?हो, वहां से पंजीयन कराने की कोशिश करें.

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आवेदन के लिए किसान इस लिंक ई कृषि यंत्र अनुदान स्रड्ढह्ल.द्वश्चस्रड्डद्दद्ग.शह्म्द्द/द्बठ्ठस्रद्ग3.ड्डह्यश्च3 पर क्लिक करें, दी गई लिंक पर किसान भाई सब्सिडी कैलकुलेटर पर किस यंत्र पर कितना अनुदान उन्हें मिलेगा, यह भी देख सकते हैं.

चयनित डीलर के जरीए किसान अपने कागजात के साथसाथ बिल की प्रति और सामान के विवरण को भी पोर्टल में दर्ज कराएं.

एक बार डीलर को चुन लिए जाने पर डीलर को फिर से बदलना संभव नहीं होगा. डीलर को किसान द्वारा कृषि उपकरण या यंत्रों की खरीदी की राशि का भुगतान बैंक ड्राफ्ट, चैक, औनलाइन बैंकिंग के माध्यम से ही किया जाना होगा. नकद राशि नहीं ली जाएगी.

डीलर के माध्यम से कागजात व बिल वगैरह पोर्टल पर अपलोड करने के 7 दिन में विभागीय अधिकारी द्वारा सामान और कागजातों का सत्यापन किया जाएगा. सत्यापन में सभी कागजात सही पाए जाने, खरीदी के अनुसार कृषि उपकरण या यंत्रों के सही पाए जाने पर ही किसान को सब्सिडी का फायदा मिल सकेगा.

ये कागजात हैं जरूरी

किसान को आधारकार्ड,?बैंक पासबुक की फोटोकौपी, सिंचाई उपकरणों के लिए बिजली कनैक्शन का प्रमाणपत्र और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों के लिए सक्षम अधिकारी जैसे तहसीलदार, एसडीएम द्वारा जारी किया गया जाति प्रमाणपत्र का होना जरूरी है.

किसानों को यह?भी अवगत कराया जाता है कि विक्रेता द्वारा काटे गए बिल (देयक) पर लिखी गई कीमत के अलावा प्रकरण पास कराने, जल्दी कार्यवाही कराने जैसी वजहों के लिए किसी भी राशि का भुगतान किसी को भी नहीं किया जाए.

शासन द्वारा औनलाइन प्रक्रिया पूरी तरह से निर्धारित है और पारदर्शी है. इस में सभी तरह की जानकारी व प्रकरणों की स्थिति साफसाफ पोर्टल पर देखी जा सकती है.

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यदि किसान भाइयों को कोई शिकायत है तो वे संचालनालय किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, पंचम तल, विंध्याचल भवन, भोपाल को कृषि यंत्रों पर अनुदान की जानकारी के लिए विभाग के फोन नंबर 0755-4935001 और सिंचाई यंत्रों पर अनुदान के लिए मोबाइल नंबर 6264408543 पर संपर्क कर सकते हैं.

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