जेनेट मेल्कम ने ‘द जर्नलिस्ट एंड द मर्डरर’ में लिखा है, ‘जो पत्रकार किसी के कहे को बिना किसी शंका की नजर से देखे हुए निगल कर हूबहू पेश करता है, उसे पत्रकार नहीं, बल्कि प्रचारक की संज्ञा दी जानी चाहिए.’