“सदा ऐश दौरां दिखाता नहीं, गया वक्त फिर हाथ आता नहीं...” ये शेर है जनाब मीर हसन साहब का. जिसमें वो बताते हैं कि हमेशा वक्त एक जैसा नहीं होता, जो वक्त गुजर जाता है फिर वो लौटकर नहीं आता.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं. चिदंबरम को तिहाड़ जेल के बैरक नंबर 7 में रखा गया है. कभी इस सेल में उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को भी रखा गया था. पी. चिदंबरम के लिए तिहाड़ जेल की दमघोंटू बैरक में रात-दिन गुजार पाना उतना आसान नहीं रहा जितना गृहमंत्री की कुर्सी पर बैठकर इसी तिहाड़ जेल का करोड़ों रुपये का बजट पास कराना आसान था. गुरुवार को शाम ढले जेल की देहरी पर पांव रखते ही उन्हें तिहाड़ जेल की खतरनाक हकीकत से दो-चार करा दिया गया. रुह कंपा देने वाला यह मंजर उनके सामने तब आया जेल के अदना से वार्डर ने उनसे कहा, 'उल्टे हाथ का अंगूठा स्याही में रंगकर कागज पर लगाओ.'

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