कहीं आपका पार्टनर भी तो चीटर नहीं, इन 6 संकेत पर रखें नजर

इस दुनिया में किसी के लिए भी सब से मीठा एहसास होता है प्यार. आप किसी शख्स को दिल से चाहें और वह भी आप को उतनी ही निष्ठा के साथ प्रेम करे, तो इस से अच्छी और कोई फिलिंग हो ही नहीं सकती. प्रेम करने वाला बदले में प्रेम की ही आस रखता है. लेकिन इंसान प्यार में हमेशा वफादार रहे यह जरूरी नहीं है. विश्वासघात, बेवफाई, धोखा, चीटिंग ये सब सिर्फ शब्द नहीं हैं, बल्कि मजबूत से मजबूत रिश्ते की नींव हिलाने के लिए काफी हैं. कई लोग अपने पार्टनर को चीट करते हैं. एक स्टडी के मुताबिक, कुछ सालों में ऐसे काफी सारे केसेस सामने आए हैं, जिन में अकसर शादी के बाद पार्टनर चीट करते हैं और आज के समय तो ये समस्या बेहद आम हो गई है.

लेकिन इस बात का पता लगाना कि आप का पार्टनर वास्तव में आप के साथ चीट कर रहा है या नहीं, जानना थोड़ा मुश्किल है. कटाकटा रहना, आदतों में एकदम से बदलाव, काफी हद तक रिलेशनशिप में चीटिंग को दर्शाता है. आप का पार्टनर विश्वासपात्र है या नहीं और कहीं वह आप को धोखा तो नहीं दे रहा. जानिए इन संकेतों से जो बताते हैं कि कहीं आप का पार्टनर आप के साथ चीटिंग तो नहीं कर रहा.

व्यवहार में बदलाव: सब से बड़ी पहचान यही है कि पार्टनर के व्यवहार में बदलाव होने लगता है. ‘मैं बोर हो गया हूं’ जैसे शब्दों से समझ में आने लगता है कि कहीं कुछ तो गड़बड़ है. दीप्ति माखीजा के अनुसार, पार्टनर जब चीट करने लगता है तो अपनेआप ही कुछ क्लू या बातें सामने आने लगती हैं, जिन्हें बस समझने की देरी है. जैसे उस के बोल होने लगते हैं, ‘तुम्हें बोलने का तरीका नहीं है? अपना वजन कम करो, मोटी हो गई हो. साथ ही, आप के पार्टनर आप की तुलना किसी दूसरेतीसरे से करने लगते हों. बेवजह आप की गलती निकालने लगे हों, आप की किसी एक छोटी सी गलती पर आप को गैरजिम्मेदार ठहराने लगे हों, तो आप को सचेत हो जाना चाहिए. खास कर तब जब ऐसा पहले कभी नहीं होता था. यह न समझें कि अब वह ऐसा कर के आप को शर्मिंदा महसूस कराने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसा कोई इंसान तभी करता है जब वह अपने पुराने रिश्ते को तोड़ कर किसी और के साथ रिश्ते बनाना चाहता है.

दिनचर्या में बदलाव: दैनिक दिनचर्या में लगातार आने वाले बदलाव भी पार्टनर के आप को धोखा देने के संकेत हो सकते हैं. जैसे, अचानक अपने वार्डरोब में कपड़ों को बदलना, खुद पर ज्यादा ध्यान देने लगना. आईने में खुद को निहारते रहना, आप के आने पर सतर्क हो जाना इत्यादि यदि ऐसा होता है तो समझा जाए कि कुछ तो गड़बड़ है. पहले की तरह आप में रुचि न दिखाना, क्योंकि पहले आप दोनों एकदूसरे के नजदीक जाने के बहाने ढूंढा करते थे और अब आप का पार्टनर आप से दूर जाने के बहाने ढूंढने लगें. कमिटमैंट से घबराने लगे तो समझिए वह आप को धोखा दे रहे हैं. इस के अलावा आप से बेवजह लड़ाइयां होने लगना. आप के हर काम में नुक्स निकालने लगना. पहले की तरह व्यक्तिगत बातें, कैरियर संबंधित बातें आदि आप से साझा न करने लगें, तो समझ लीजिए कि वह आप से दूर होने की कोशिश कर रहे हैं.

आप के प्रति प्यार कम होना: पहले जहां आप की हर बातें उन्हें प्यारी लगती थी. पर अब आप की हर बात पर वह झल्लाने लगें. मूवी देखने या कहीं बाहर जाने में आनाकानी करने लगें. ज्यादा समय औफिस में बिताने लगें. इन बातों से साफ पता चलता है कि आप का पार्टनर आप को चीट कर रहा है. हो सकता है आप का पार्टनर किसी और बात को ले कर परेशान हो या कुछ और वजह हो सकती है. लेकिन इस सब के साथ आप का पार्टनर कोई फैसला लेने में आप से आप की राय नहीं पूछते या आप से अपनी बातें शेयर नहीं करते, तो यह धोखे का संकेत हो सकता है.

फोन से जुड़े सवाल: यदि आप अपने पार्टनर की फोन से जुड़ी गतिविधियों में बदलाव को नोटिस करते हैं, तो यह धोखा देने का संकेत हो सकता है. जैसे आप का पार्टनर जरूरत से ज्यादा फोन पर व्यस्त रहने लगे. औफिस में उन का फोन कईकई घंटों तक व्यस्त आता हो. आप से अपने फोन और मैसेज छिपाने लगे हों. फोन का पासवोर्ड बदल दिया हो और आप को अपना पासवोर्ड न बताएं और न ही अपना फोन छूने दें, तो यह धोखे का संकेत हो सकता है. इस के अलावा उन की सोशल मीडिया की आदतों में भी बदलाव हो सकता है, जैसे ज्यादा फोटो अपलोड करना या बारबार अपनी प्रोफाइल बदलते रहना, बारबार मैसेज अलर्ट चेक करना, जैसे कई छोटेछोटे बदलाव धोखे का संकेत हो सकते हैं.

छोटीछोटी बातों पर झूठ बोलने लगना: यदि आप का साथी आप से हर छोटीछोटी बात पर झूठ बोलने लगे, बातें छिपाने लगे, तो समझिए जरूर कुछ गड़बड़ है.

आंखें चुराने लगे: यदि आप का साथी आप से बात करने से बचने लगे या बात करते वक्त अपनी आंखें न मिला पाए, इधरउधर देखने लगे, आप की बातों को अनसुना करने लगे, आप की किसी भी बात को गंभीरता से न ले, वही काम करे जो आप को पसंद नहीं है, अपनी गलती न मानने के बजाए आप की ही गलती निकालने लगे, आप का फोन न उठाए और न ही आप के किसी मैसेज का जवाब दे, तो समझ लेना चाहिए कि आप का पार्टनर आप को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहा है.

धोखा देने वाला हमेशा कोई करीबी ही होता है और शायद यही वजह है कि जब इंसान को धोखा मिलता है तो सबकुछ बिखर जाता है. खासतौर पर जब धोखा देने वाला आप का पार्टनर हो.

फिर क्या करें जब पार्टनर के धोखे का पता चल जाए:

पूरा समय लें: अगर आप अपने पार्टनर के धोखा देने की बात से परेशान हैं तो जल्दबाजी करने से बचें. पूरा समय लें. आप को किसी से भी इस बारे में बात करने की जरूरत नहीं है. अपने पार्टनर से तो बिलकुल नहीं. आप को गुस्सा तो आ रहा होगा, लेकिन नाराजगी में कहे शब्द नुकसान अधिक पहुंचाते हैं.

न बहस करे न लड़े: विरोध दर्ज करना जरूरी है और सामने वाले को भी तो पता चलना चाहिए कि कुछ ऐसा हुआ है जिस की वजह से आप परेशान हैं. लेकिन अपनी आवाज और शब्दों पर संयम रखें. पार्टनर को यह जरूर बताएं कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं.

‘वो’ को दोष न दें: ज्यादातर मामलों में धोखा देने वाले पार्टनर को दोषी मानने के बजाए उस लड़की या लड़के को दोषी मान लिया जाता है, जिस की वजह से धोखा दिया गया. ऐसा करना सही नहीं है. क्योंकि जो शख्स आप के प्यार को झुठला कर आगे निकल गया, तो गलती उस की ही है.

अपने मामले में किसी और को बोलने न दे: अगर आप चाहते हैं कि आप के और आप के पार्टनर के बीच सब कुछ ठीक हो जाए तो बेहतर यह होगा कि आप इस बात की चर्चा किसी और से न करें. किसी तीसरे को इन बातों में शामिल करना आप के लिए ही खतरनाक हो सकता है.

एक मौका और दें: अगर आप को लगे कि आप के पार्टनर को अपनी गलती का एहसास हो गया है और वह सब कुछ ठीक करना चाहता है तो उसे वक्त दें. हो सकता है सब फिर पहले जैसा हो जाए. इस के लिए आप दोनों का साथ रहना और साथ वक्त बिताना जरूरी है, ताकि आप दोनों के बीच की गलतफहमी खत्म हो सके.

Date पर जाना हो तो, पुरुष ये टिप्स ज़रुर अपनाएं

Date का नाम सुनते है बड़ा अच्छा लगता है और सबसे पहला ध्यान पुरुषों का आता है क्योकि डेटिंग के लिए पहले अप्रोच लड़के करते है जिसके लिए जरुरी है कि आप जब भी डेट पर जाए तो कुछ टिप्स ज़रुर अपनाएं. लड़कों के लिए फ्लर्टिंग, डेटिंग और रिलेशनशिप कोई आसान काम नहीं है, क्योंकि न तो वे इस पर किसी से सलाह मांग सकते हैं और न ही दोस्तों के साथ इन चीजों के बारे में खुलकर बात कर सकते हैं. यदि आप भी इनमें से एक हैं और अभी तक आपको अपना कोई खास नहीं मिला है, तो हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे टिप्स, जो पुरुषों के लिए बेहद मददगार हैं.

1. अपने आप को बाहर निकालें

किसी खास से मिलना लगभग असंभव हो जाता है, यदि आप खुद को अपनी स्थिति से बाहर नहीं निकालते हैं. हो सकता है कि आपका दिल पहले कभी टूट गया हो या आप शर्म महसूस कर रहे हों-आपकी झिझक का कारण जो भी हो, यह महत्वपूर्ण है कि आप इससे बाहर आएं और और नए लोगों से मिलना शुरू करें. याद रखें कि डेटिंग के लिए आपको संवेदनशील होने और नए अनुभवों के लिए खुले रहने की आवश्यकता है.

2. लोगों से ऑनलाइन और वास्तविक जीवन में मिलें

हो सकता है कि आप डेटिंग ऐप्स की दुनिया में जाने के बजाय लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलना पसंद करते हों. लेकिन अगर आप जवान हैं, तो किसी अजनबी के साथ व्यक्तिगत रूप से बातचीत शुरू करने का विचार अच्छा और बुरा दोनों हो सकता है. इसलिए किसी से मिलने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप दोनों एक दूसरे को समझने का प्रयास करें। कुछ ऑनलाइन डेटिंग सेवाओं का आप लाभ उठा सकते हैं और वास्तविक जीवन में लोगों से मिलने का प्रयास भी कर सकते हैं.

3. अपनी फ़्लर्टिंग तकनीक के बारे में ज़्यादा न सोचें

फ़्लर्टिंग करना हमेशा आसान नहीं होता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह तब विफल हो जाता है जब आप इसके बारे में कुछ ज्यादा ही सोचते हैं या फिर खुद पर भरोसा करने बजाय किसी को प्रभावित करने के लिए तरकीबें आजमाते हैं. किसी भी नए इंसान से बात करते समय एक अच्छा तरीका ये है कि आप कल्पना करें कि आप किसी मित्र या परिवार के सदस्य के साथ चैट या बातचीत कर रहे हैं. इससे दबाव कम हो जाता है, जिससे आप आराम से अपनी पर्सनलिटी को सामने रख सकते हैं.

4. काफी सवाल पूछे

पुरुषों के लिए एक पसंदीदा फर्स्ट-डेट टिप बहुत सारे सवाल पूछना है. यदि आप शर्मीलेपन से जूझ रहे हैं, तो यह विशेष रूप से अच्छी सलाह है। बस याद रखें कि बहुत अधिक गहराई में न जाएं.उनके काम, शौक और ट्रैवल प्लान्स पर बात कर सकते हैं. रिश्ते की शुरुआत में किसी के निजी जीवन के बारे में ओवरशेयरिंग या बहुत ज्यादा नासमझ होना एक टर्न-ऑफ हो सकता है और बहुत दखल देने वाला लग सकता है.

फ्लर्ट करते समय इन बातों का रखें ध्यान, वरना बनने से पहले टूट जाएगा रिश्ता

प्यार में फ्लर्टिंग ना हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता है अपने क्रश को इंप्रेस करने के लिए ज़रुरी है कि आप उसके साथ थोडी बहुत फ्लर्टिंग करें, ताकि आप अपना रिश्ता कायम कर सकें,तो ऐसे कई बार हम वो भूल कर जाते है जिससे रिश्ता बनने की बजाएं टूट जाता है तो आज हम कुछ ऐसे ही फ्लर्ट के टिप्स बताएंगे जिन्हे आप फ्लर्ट करते वक्त याद रखें.

बता दें, कि फ़्लर्ट करना भी एक कला है. जो हर किसी के पास नहीं होती है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो फ़्लर्ट करना जानते तो हैं, लेकिन वो अंजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे सामने वाला इंप्रेस होने की बजाय आपसे नाराज हो जाता है.

1. दिखावा ना करें

कई लोग इम्प्रेस करने के चक्कर में ज्यादा दिखावा करते है जिनका ये बीहेव आगे चलकर उनको मुसबीत में डाल सकता है इसलिए आप जैसे है खुद को वैसे ही सामने रखें. इससे आपका रिश्ता ओर भी मजबूत बनेगा.

2. झूठ ना बोलना

कोई भी रिश्ता अगर झूठ से शुरु किया जाएं तो वो ज्यादा दिन नहीं ठिकता है झूठ आपके रिश्ते को कमजोर बनाता है और आगे चलकर सच्चाई सामने आ ही जाती है तो ऐसे में ध्यान रखें कि ये ज़रुरी है कि आप झूठ ना बोले.क्योकि झूठ बोलकर आप किसी का दिल नहीं जीत सकते है.

3. शो ऑफ न करें

अक्सर लोग फ्लर्ट करते समय शो ऑफ करने लगते हैं। ऐसा करने से आपका रिश्ता बनने से पहले ही बिगड़ सकता है. अगर आपको लगता है कि महंगी चीज़ें देखकर लड़का या लड़की इंप्रेस हो सकते हैं, तो यह गलत साबित हो सकता है.

4. प्राइवेसी का ख्याल रखें

जब आप किसी को पसंद करते हैं, तो उनकी प्राइवेसी का भी ख्याल रखें. किसी की सहमति के बिना उनके व्यक्तिगत जीवन में ताका झांकी न करें. इससे आपके क्रश को बुरा लग सकता है.

5. जज्बात के साथ न खेलें

किसी के भी जज्बात के साथ खेलना आपके लिए भारी पड़ सकता है. इसलिए जब आप अपने क्रश से बातचीत करते हैं, तो इसका जरूर ख्याल रखें कि आपके किसी भी बात से उनके दिल को ठेस न पहुंचे.

जब पार्टनर हो शक्की

‘‘इतनी लेट नाइट किस से बात कर रहे थे? मेरा फोन क्या नहीं उठाया? वह तुम्हें देख कर क्यों मुसकराई? मेरी पीठ पीछे कुछ चल रहा है क्या?’’ यदि ऐसे सवालों से आप का रोज सामना होता है तो आप ठीक समझे आप का पार्टनर शक्की है.

यदि आप इन सवालों से थक गए हैं और यह रिश्ता नहीं निभा सकते, पर अपने बौयफ्रैंड या गर्लफ्रैंड को प्यार भी करते हैं और उसे इस शक की आदत पर छोड़ना भी नहीं चाहते, तो ऐसे शक्की पार्टनर से निबटने के लिए इन टिप्स पर गौर करें:

द्य किसी भी रिश्ते में सब से बुरी चीज शक करना ही हो सकता है. इस से असुरक्षा, झूठ, चीटिंग, गुस्सा, दुख, विश्वासघात सब आ सकता है. रिश्ते की शुरुआत में एकदूसरे को समझने के लिए ज्यादा कोशिश रहती है. एकदूसरे पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. एक बार आप दोनों में बौंडिंग हो गई तो आप जीवन की और महत्त्वपूर्ण बातों की तरफ ध्यान देने लगते हैं. इस का मतलब यह नहीं होता है कि पार्टनर में रुचि कम हो गई है. इस का मतलब है कि अब वह आप की लाइफ का पार्ट है और आप अब उस के साथ कुछ और बातों में, कामों में अपना ध्यान लगा सकते हैं.

द्य इस बदलाव को कभीकभी एक पार्टनर सहजता से नहीं ले पाता और वह अजीबअजीब सवाल पूछने लगता है, जिस से आप की लौयल्टी पर ही प्रश्न खड़ा हो जाता है. उस की बात ध्यान से सुनें उस के दिल में आप के लिए क्या फीलिंग्स है समझें, कई बार अनजाने में न चाहते हुए भी हमारी ही किसी आदत से उस के मन में शक आ जाता है, इसे समझें.

द्य आप ने रिश्ते के शुरुआत के 3-4 महीने अपनी गर्लफ्रैंड पर पूरा ध्यान दिया है. वह आगे भी वही आशा रखती है, जबकि उतना फिर संभव नहीं हो पाता, पर उस में आप की गर्लफ्रैंड की इतनी गलती नहीं है, शुरू के दिनों में भी इतना बढ़ाचढ़ा कर कुछ न करें कि बाद में उतने अटैंशन की कमी खले.

द्य पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम जरूर बिताएं. इस का मतलब यह नहीं कि एक बड़ी खर्चीली डेट ही हो, साथ बैठना, एकदूसरे की पसंद का कोई औनलाइन शो साथ देखना, एकदूसरे की बातें घर पर बैठ कर सुनना भी हो सकता है.

द्य अपने गु्रप में उसे भी शामिल करें और उस का व्यवहार देखें कि वह सब से घुल मिल जाती है या अलगथलग रहती है. उसे महसूस करवाएं कि वह आप की लाइफ और आप के सोशल सर्कल का पार्ट है. उसे अपने फ्रैंड्स से मिलवाएं. उसे समझने का मौका दें कि वे आप के फ्रैंड्स हैं और आप के लिए महत्त्वपूर्ण है. जितना वह आप के फ्रैंड्स को समझेगी उतना कम शक करेगी.

द्य उसे डबल डेट्स पर ले जाएं. अगर आप की लेडी फ्रैंड्स है और वे किसी को डेट कर रही हैं, तो अपनी गर्लफ्रैंड को उन के साथ ले कर जाएं. जिस से उसे अंदाजा होगा कि आप की फ्रैंड्स ही हैं और उन की आप से अच्छी दोस्ती ही है, कोई शक नहीं.

द्य पार्टनर आप पर शक कर के बारबार कोई सवाल पूछती है और आप को गुस्सा आता है तो भी खुद को शांत रख कर जवाब दें, ढंग से बात कर के हर समस्या सुलझाई जा सकती है.

द्य पार्टनर को शक करने की आदत ही है और यह आदत कम नहीं हो रही है, आप ने सबकुछ कर लिया, क्वालिटी टाइम भी बिता लिया. अपनी लाइफ, अपने फ्रैंड्स में भी उसे शामिल कर लिया, बात भी कर ली, पर कुछ भी काम नहीं आ रहा है, पार्टनर बात खत्म करने, समझने को तैयार ही नहीं, इस रिश्ते से आप दोनों को दुख ही पहुंच रहा है तो पार्टनर को ही अब अपनी आदत पर ध्यान देना पड़ेगा. आप हर काम, हर बात पर हर समय सफाई देते नहीं रह सकते. जिसे आप पर विश्वास नहीं, उसे प्यार करना भी मुश्किल ही हो जाता है. अत: उसे क्लियर कर दें कि या तो वह इस रिश्ते में आप पर विश्वास करना सीखें या फिर दोनों अपनी राहें बदल लें.

अगर बदले हुए लगे उनके मिजाज तो इन बातों का रखें ध्यान

भागदौड़ भरी जिंदगी और काम के अतिरिक्त बोझ से अगर पति पारिवारिक जीवन से सही तालमेल नहीं बैठा पा रहे हैं, तो घबराएं नहीं, उन का साथ दें. यकीनन दांपत्य महक उठेगा और सही माने में आप हैप्पी कपल कहलाएंगे.

जिंदगी का सफर उन पतिपत्नी के लिए और भी आसान बन जाता है, जो एकदूसरे को समझ कर चलते हैं. कई बार दिनबदिन बढ़ती जिम्मेदारियों व जीवन की आपाधापी की वजह से पति पारिवारिक जीवन में सही तालमेल नहीं रख पाते. जिस के कारण उन के व्यवहार में चिड़चिड़ापन व बदलाव आना स्वाभाविक होता है. ऐसी स्थिति में पत्नी ही पति के साथ सामंजस्य बैठा कर दांपत्य की गाड़ी को पटरी पर ला सकती है.

पति का सहयोग लें

पति की अहमियत को कम न आंकें. वैवाहिक जीवन से जुड़ी समस्याओं में उन की सलाह जरूर लें. परिवार की समस्याओं का समाधान अकेले न कर के उन का भी सहयोग लें. यकीनन उन के व्यवहार में बदलाव आएगा.

जब उम्मीदें पूरी नहीं होतीं

कई बार पति चाहते हैं कि घरेलू कामों में उन की साझेदारी कम से कम हो. लेकिन पत्नियां अगर कामकाजी हैं तो वे पति से घरेलू कामों में हाथ बंटाने की अपेक्षा करती हैं. इस स्थिति से उपजा विवाद भी पति के स्वभाव में बदलाव का कारण बनता है. ऐसे में कार्यों का बंटवारा आपसी सूझबूझ व प्यार से करें. फिर देखिएगा, पति खुशीखुशी आप का हाथ बंटाएंगे.

छोटी पोस्ट को कम न आंकें

एक प्राइवेट फर्म में मार्केटिंग मैनेजर की पोस्ट पर कार्यरत आराधना को यह शिकायत रहती थी कि उन के पति एक फैक्टरी में सुपरवाइजर की छोटी पोस्ट पर हैं. इसे ले कर दोनों में गाहेबगाहे तकरार भी होती थी, जिस से पति चिड़चिड़े हो उठे. घर में अशांति रहने लगी.

हार कर आराधना को साइकोलौजिस्ट के पास जाना पड़ा. उन्होंने समझाया कि पत्नी को पति के सुपरवाइजर पद को ले कर हीनभावना का शिकार नहीं बनना चाहिए और न ही पति की पोस्ट को कम आंकना चाहिए.

नजरिया बदलें

परिवार से जुड़ी छोटीछोटी समस्याओं का निबटारा स्वयं करें. रोज शाम को पति के सामने अपने दुख का पिटारा न खोलें. इस का सीधा असर पति के स्वभाव पर पड़ता है. वे किसी न किसी बहाने से ज्यादा समय घर के बाहर बिताने लगते हैं या स्वभाव से चिड़चिड़े हो जाते हैं.

संयुक्त परिवारों में रह रहे कपल्स में यह समस्या आम है. छोटीछोटी घरेलू समस्याओं का हल स्वयं निकालने से आप का आत्मविश्वास तो बढ़ेगा ही, पति भी आप जैसी समझदार पत्नी पर नाज करेंगे.

ज्यादा पजेसिव न हों

पति के पत्नी के लिए और पत्नी के पति के लिए जरूरत से ज्यादा पजेसिव होने पर दोनों में एकदूसरे के प्रति चिड़चिड़ाहट पैदा हो जाती है. अत: रिश्ते में स्पेस देना भी जरूरी है.

पति की महिला मित्रों या पत्नी के पुरुष मित्रों को ले कर अकसर विवाद पनपता है, जिस का बुरा असर आपसी रिश्तों पर व पतिपत्नी के व्यवहार पर पड़ता है. जीवनसाथी को हमेशा शक की निगाहों से देखने के बजाय उन पर विश्वास करना आवश्यक है.

ईर्ष्यालु न बनने दें

कभीकभी ऐसा भी होता है कि कैरियर के क्षेत्र में पत्नी पति से आगे निकल जाती है. इस स्थिति में पति के स्वभाव में बदलाव आना तब शुरू होता है, जब पत्नी अपने अधिकतर फैसलों में पति से सलाहमशवरा करना आवश्यक नहीं समझतीं.

ऐसे हालात अलगाव का कारण भी बन जाते हैं. अपनी तरक्की के साथसाथ पति की सलाह का भी सम्मान करें. इस से पति को अपनी उपेक्षा का एहसास भी नहीं होगा और रिश्ते में विश्वास भी बढ़ेगा.

खुल कर दें साथ

खुशहाल वैवाहिक जीवन जीने के लिए सैक्स संबंध में खुलापन भी बेहद जरूरी है. रोजरोज बहाने बना कर पति के आग्रह को ठुकराते रहने से एक समय ऐसा आता है कि पति आप से दूरी बनाने लगते हैं या कटेकटे से रहने लगते हैं, जिस से दांपत्य में नीरसता आने लगती है.

कभीकभी ऐसा हो सकता है कि आप पति का सहयोग करने में असक्षम हों. ऐसे में पति को प्यार से समझाएं. सैक्स में पति का खुल कर साथ दें, क्योंकि यह खुशहाल दांपत्य की ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की भी कुंजी है.

घर का बजट

घर का बजट संतुलित रखने की महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी पत्नी के कंधों पर होती है. अनापशनाप खर्चों का बोझ जब पति पर पड़ने लगे तो वे चिड़चिड़े होने लगते हैं. इस समस्या से निबटने का सब से सरल उपाय है महीने भर के बजट की प्लानिंग करना व खर्चों को निर्धारित करना. समझदार गृहिणी की तरह जब आप अपने बजट के अलावा बचत भी करेंगी, तो आप के पति की नजरों में आप के लिए प्यार दोगुना हो जाएगा.

पति की गर्लफ्रेंड से पीछा छुड़ाने के लिए आजमाएं ये 13 टिप्स

रायपुर में एक महिला ने अपने एएसआई पति पर अपनी बहन के साथ दुष्कर्म का आरोप  लगाया . पत्नी ने इस की शिकायत डीडी नगर थाने में दर्ज कराई. पत्नी की शिकायत पर पुलिस द्वारा पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई.

महिला ने पुलिस को बताया कि उस का पति राजेंद्र बर्मन यातायात विभाग में एएसआई के पद पर कार्यरत है और उसवह खुद भी दूसरे शहर में जॉब करती है. इस वजह से उस ने अपनी ममेरी बहन को बच्चों की देखभाल के लिए बुला रखा था. कुछ दिन पहले उस ने अपने पति और बहन को आपत्तिजनक हालत में देखा तो अपनी बहन से पूछताछ की. तब बहन ने बताया कि राजेंद्र बर्मन कई साल से उस के साथ गलत काम करता रहा है और विरोध करने पर बदनाम करने की धमकी देता है.

किसी भी शादी में तरहतरह की समस्याएं आती हैं. कई दफा पतिपत्नी वैवाहिक रिश्ते से बाहर संबंध तलाश करते हैं या फिर पति बद्तमीज और गलत आदतों का शिकार हो सकता है. वह दुष्कर्मी और शराबी भी हो सकता है. ऐसे में स्त्री का जीवन जीना मुहाल होने लगता है.ये गंभीर मसले है और परिवार के साथसाथ समाज के लिए भी ठीक नहीं है.

चीन में लवर फेडिंग का ट्रेंड

चीन में एक नया व्यवसाय तेजी से बढ़ रहा है जो पतिपत्नियों को उन के लवर यानी प्रेमी या प्रेमिका से अलग करने के लिए काम करता है. इसे ‘लवर फेडिंग’ यानी लवर को दूर भगाना कहा जाता है. यहां कई लोग अपनी ज़िंदगी से अपने कथित दुश्मन को निकाल फेंकने के लिए हज़ारों डॉलर खर्च करने को तैयार हैं.

मिंग ली, शू ज़िन के साथ मिल कर बीते 18 सालों से लव अस्पताल नाम से यह ख़ास अस्पताल चला रहे हैं. अब तक उन के पास लाखों लोग मदद के लिए आ चुके हैं. मदद मांगने वालों में महिलाएं अधिक होती हैं.

अस्पताल की सहसंस्थापक मिंग ली मदद मांगने वाली महिलाओं को सफल शादी के राज़ और अपने पति का ध्यान नहीं भटकने देने के लिए क्या करना चाहिए इस बारे में सलाह देती हैं.

पति को तलाक नहीं देना चाहती

45 साल की रूपा देवी अपनी धीमी और थोड़ी कांपती सी आवाज़ में बताती हैं कि वे पति से अलग होना नहीं चाहती थी मगर पति के जीवन में आई कम उम्र की प्रेमिका ने सब खराब कर दिया . उन के और उन के पति के बीच खराब हो चुके संबंध अब बेहतर हैं और पहले के मुक़ाबले काफ़ी मज़बूत भी हो गये हैं. यह संभव हुआ रिलेशनशिप एक्सपर्ट की मदद से.

वह बताती हैं कि उन्होंने कई सप्ताह तक मैराइटल थेरपी ली और इस दौरान सकारात्मक सोच बनाने के बारे में सीखा. उन्होंने जाना की कैसे एक बेहतर और आकर्षक पत्नी बना जा सकता है.

उन्होंने पहले फैसला लिया था कि वह अपने पति की प्रेमिका को उन से दूर करने के लिए कितने भी पैसे खर्च कर देंगी.  इस के लिए किसी एजेंट को हायर कर उसे अपने पति की 25 साल की खूबसूरत और स्टाइलिश सेक्रेटरी के पास भेजने की योजना थी ताकि वह पति की प्रेमिका के पास जा कर यह बताये कि अपने से दोगुने उम्र के किसी  पुरुष की बजाय जीवन में बेहतरी की उम्मीद करनी चाहिए और किसी अच्छे हमउम्र जीवनसाथी की तलाश करनी चाहिए .

जल्द ही उन्हें अहसास हो गया कि इस चक्कर में हजारों खर्च कर भी उन्हें सुकून हासिल नहीं हो रहा है. वह पति को तलाक़ देने के लिए भी अपने मन को तैयार नहीं कर पा रही थीं.

वह कहती हैं, “हम लोगों ने साथ में मुश्किल वक़्त का सामना किया है. मैं इतनी जल्दी हार नहीं मान सकती. मैं दूर होने को वैसे भी कभी सही नहीं मानती और फिर मैं जल्द 50 साल की हो जाऊंगी. मेरे जैसी महिलाओं के लिए घर से निकल कर बाहर काम करना आसान नहीं.”

यदि आप भी इस तरह की किसी समस्या से ग्रस्त हैं तो आइये जानते हैं कुछ संभावित उपायों के बारे में.

  1. यदि आप का जीवनसाथी किसी और के साथ इन्वौल्व होने लगा है तो आप पति की उस प्रेमिका से बात कर और अपने वैवाहिक रिश्ते की दुहाई दे कर इस बात के लिए राज़ी कर सकती हैं कि वह उस के पति से दूर चली जाए और आप के वैवाहिक जीवन में आग न लगाए. किसी और की तलाश कर ले. इस के लिए बातचीत बहुत कायदे से और मनोवैज्ञानिक ढंग से करनी होगी.

2. पति के बौस को राजी करना होगा कि वह किसी अन्य शहर में उन का ट्रांसफर कर दें,

3. अपने मातापिता या दोस्तों से डिस्कस कर कोई रास्ता निकालें. कोई योजना बनाएं

4. पति के चरित्र के बारे में गंदी बातें कर के यानी उन्हें बदनाम कर के भी आप पति की प्रेमिका से पीछा छुड़ाने की बात पर विचार कर सकती हैं.

5. वंशानुगत बीमारी बता कर उन की प्रेमिका को उन से नफ़रत करने के लिए बाध्य कर सकती हैं.

6. आप बिना लड़ेझगड़े चुपचाप कुछ समय के लिए उन की जिंदगी से जा कर देख सकती हैं. संभव है उन्हें आप की अहमियत का अहसास हो जाए.

7. आप खुद को सुधारने और संवारने का रास्ता भी चुन सकती हैं. इस से जहाँ आप का आत्मविश्वास बढ़ेगा वहीँ पति के भी वापस आप के पास लौटने की सम्भावना बढ़ जायेगी.

8. कभीकभी जो काम लड़ाईझगड़े नहीं कर पाते वह प्यार कर जाता है. सो एक बार प्यार के सहारे उन्हें अपनी ओर खींचने की भरपूर कोशिश करें.

9. आप प्रेमिका को दूर भगाने से संबंधित सेवाएं मुहैया करने वाली कंपनी या प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी से एजेंट्स भी हायर कर सकती हैं. ये एजेंट्स प्रेमिका से दोस्ती करते हैं और उन की आपत्तिजनक तस्वीरें लेते हैं. फिर उसे मदद मांगने आई महिला को देते हैं. जब पति को पता चलता है कि उस की प्रेमिका उस के प्रति वफादार नहीं है तो अधिकतर मामलों में पति अपनी पत्नी और परिवार के पास लौट आते हैं

10. यदि पति आप की सहेली या बहन के साथ आप के आगे ही गलत हरकतें कर रहा है तो तुरंत उसे टोकिये और सावधान कीजिये की वह आइंदा ऐसा करने की सोचे भी नहीं. आप कानून का सहारा भी ले सकती हैं. पति जिस के साथ गलत करने का प्रयास कर रहा है उसे पति की नजरों से हमेशा के लिए दूर करने का प्रयास करें.

11. यदि पति के जीवन में एक प्रेमिका के जाते ही दूसरी आ जाती है और यह सिलसिला समाप्त नहीं होता तो समझ जाइये कि ऐसे लोग कभी संभल नहीं सकते. वे अपनी आदत से कभी बाज नहीं आएंगे और आप कभी खुश नहीं रह पाएंगी. ऐसे में पति को तलाक देना ही एक बेहतर ऑप्शन होगा.

12. इसी तरह पति एक गलत काम के बाद बिना किसी शर्मिंदगी के वैसे काम ही दोहराते रहते हैं तो आप को बिना किसी पश्चाताप या अफ़सोस के तुरंत उन्हें छोड़ने का फैसला ले लेना चाहिए. क्यों कि ऐसे शख्स कभी नहीं बदलते और आप नाहक ही उन के बदलने का इन्तजार करतेकरते आप अपनी जिंदगी तबाह कर डालेंगी.

13. पति की प्रेमिका किसी ट्यूमर की तरह होती है  और पहली चीज़ जो करनी चाहिए वह है उस से छुटकारा पाना. इस के बाद वैवाहिक रिश्ता खुद ही धीरेधीरे स्वस्थ और मज़बूत हो जाता है.

रिश्ते: अब तुम पहले जैसे नहीं रहे

आराधना की शादी टूटने की कगार पर है. महज 5 वर्षों पहले बसी गृहस्थी अब पचास तरह के  झगड़ों से तहसनहस हो चुकी है. आराधना और आशीष दोनों ही मल्टीनैशनल कंपनी में अच्छी पोस्ट पर कार्यरत हैं. हाइली एजुकेटेड हैं. बड़ी तनख्वाह पाते हैं. पौश कालोनी में फ्लैट लिया है. सबकुछ बढि़या है, सिवा उन दोनों के बीच संबंध के.

2 साल चले प्रेमप्रसंग के बाद आराधना और आशीष ने शादी का फैसला किया था. शादी से पहले तक दोनों दो जिस्म एक जान थे. साथसाथ खूब घूमेफिरे, फिल्में देखीं, शौपिंग की, हिल स्टेशन साथ गए, एकदूसरे को ढेरों गिफ्ट दिए, एकदूसरे की कंपनी खूब एंजौय की. ऐसा लगता कि इस से अच्छा मैच तो मिल ही नहीं सकता. इतना अच्छा और प्यारा जीवनसाथी हो तो पूरा जीवन खुशनुमा हो जाए.

लेकिन शादी के 2 ही वर्षों के अंदर सबकुछ बदल गया. शादी के बाद धीरेधीरे दोनों का जो रूप एकदूसरे के सामने आया, उस से लगा इस व्यक्तित्व से तो वे कभी परिचित ही नहीं हुए. एकदूसरे से बेइंतहा प्यार करने वाले आराधना और आशीष अब पूरे वक्त एकदूसरे पर दोषारोपण करते रहते हैं. छोटी सी बात पर गालीगलौच, मारपीट तक हो जाती है. फिर या तो आराधना अपने कपड़े बैग में भर कर अपनी दोस्त के यहां रहने चली जाती है या आशीष रातभर के लिए गायब हो जाता है.

दरअसल, शादी से पहले दोनों का अच्छा पक्ष ही एकदूसरे के सामने आया. मगर शादी के बाद उन की ऐसी आदतें और व्यवहार एकदूसरे पर खुले, जो घर के अंदर हमेशा से उन के जीवन का हिस्सा थे. शादी के बाद आशीष की बहुत सी आदतें आराधना को नागवार गुजरती थीं, खासतौर पर उस का गंदे पैर ले कर बिस्तर पर चढ़ जाना.

आशीष को घर में नंगे पैर रहने की आदत है. दिनभर जूते में उस के पैर कसे रहते हैं, लिहाजा, घर आते ही वह जूते उतार कर नंगे पैर ही रहता है. आराधना उस की इस आदत को कभी स्वीकार नहीं कर पाई. आराधना सफाई के मामले में सनकी है. कोई गंदे पैर ले कर उस के बिस्तर पर कैसे आ सकता है? शादी के पहले ही साल उस ने बैडरूम में लगे डबलबैड को 2 सिंगल बैड में बांट दिया. अपने बिस्तर पर वह आशीष को हरगिज चढ़ने नहीं देती है.

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कभी आशीष का मूड रोमांटिक हुआ और उस ने उस के बिस्तर में घुसने की कोशिश की तो वह उस के गंदे पैरों को ले कर चिढ़ी दिखती है और सारे मूड का सत्यानाश कर देती है. उन के रिश्ते में दरार बढ़ने की शुरुआत भी, दरअसल, यहीं से शुरुआत हुई एकदूसरे की नजदीकियां न मिलने से दूरियां बढ़ने की.

और भी कई आदतें आशीष की थीं जो आराधना को बरदाश्त नहीं थीं. नहाने के बाद भीगा तौलिया बाथरूम में ही छोड़ देना, धुलने वाले कपड़े वाशिंग मशीन में डालने की जगह इधरउधर रख देना, बिस्तर छोड़ने के बाद उस को तय कर के न रखना, खाने में हरी सब्जियों से परहेज, हर दूसरेतीसरे दिन नौनवेज खाने की फरमाइश, न मिलने पर बाहर से मंगवा लेना, ये तमाम बातें आराधना को परेशान करती हैं.

आराधना की भी आदतें आशीष को खटकती हैं. उस का जरूरत से ज्यादा सफाई पसंद होना, पूरी शाम फोन पर सहेलियों या अपने घर वालों से बातें करना, उस का डाइटिंग वाला खाना जो कभी भी आशीष के गले नहीं उतर सकता, अपने रूपरंग को बरकरार रखने के लिए ब्यूटीपार्लर में पानी की तरह पैसे बहाना, हर वीकैंड पर शौपिंग करना, फालतू की महंगी चीजें खरीद लाना और फिर गिफ्ट के तौर पर किसी सहेली को पकड़ा देना, कोई फ्यूचर प्लानिंग न करना, ऐसी उस की बहुतेरी बातें आशीष को खटकती हैं. इन्हीं पर दोनों के बीच  झगड़े होते हैं.

दोनों आर्थिक रूप से सक्षम हैं, लिहाजा, किसी के दबने का सवाल ही पैदा नहीं होता.  झगड़ा होता है तो दोनों कईकई दिनों तक एक छत के नीचे 2 अजनबियों की तरह रहते हैं. दोनों में से कोई सौरी नहीं बोलता. अब तो दोनों को ही यह लगने लगा है कि वे अलगअलग ही रहें तो बेहतर है. कम से कम औफिस से घर आने पर सुकून तो होगा. बेकार की बातों पर कोई खिचखिच तो नहीं करेगा. सात जन्मों तक साथ रहने की कसमे खाने वाले आराधना और आशीष 5 वर्षों में ही एकदूसरे से बुरी तरह ऊब चुके हैं.

कोई भी रिलेशनशिप आसानी से नहीं टूटती है. रिलेशनशिप में छोटीछोटी बातों का ध्यान रखना होता है. रिश्तों में धीरेधीरे दूरियां बढ़नी शुरू होती हैं और एक समय ऐसा आता है जब दूरियां इस कदर बढ़ जाती हैं कि रिलेशनशिप टूट जाती है.

अकसर रिलेशनशिप में देखा जाता है कि छोटीछोटी समस्याएं होती रहती हैं, जिन को अधिकतर हम नजरअंदाज कर देते हैं. परंतु इन समस्याओं को नजरअंदाज करने से आप के रिश्ते में दरार पड़ सकती है. इन समस्याओं को हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, हमें इन समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए.

रिलेशनशिप में कुछ समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और रिश्ते को बचाए रखने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए :

स्वभाव में अंतर

अगर आप के और आप के पार्टनर के स्वभाव में काफी अंतर है तो यह अंतर बाद में रिलेशनशिप में समस्याएं पैदा कर सकता है. हर किसी का अपना अलग स्वभाव होता है. हो सकता है आप के पार्टनर को घूमने का शौक हो और आप घर पर रहना ही पसंद करते हों. हो सकता है आप के पार्टनर को बाहर जा कर पार्टी करने का शौक हो और आप घर पर ही पार्टी करने का शौक रखते हों. अलगअलग स्वभाव होने की वजह से भी रिलेशनशिप में दूरियां बढ़ने लगती हैं.

स्वभाव में अंतर होना आम बात है, पर इस अंतर को दूर किया जा सकता है. अगर आप चाहते हैं कि आप के रिश्ते में हमेशा प्यार बना रहे तो एकदूसरे के स्वभाव में ढलने का प्रयास करें. रिलेशनशिप को सफल बनाने के लिए पतिपत्नी दोनों को प्रयास करना होता है.

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अलग चाहतें

रिलेशनशिप में एकदूसरे को सम झना काफी महत्त्वपूर्ण होता है. अगर आप की और आप के पार्टनर की प्राथमिकताएं व चाहतें एकदूसरे से अलग हैं तो समय रहते इस बात पर ध्यान देना आप की रिलेशनशिप के लिए बेहतर रहेगा. अगर आप समय रहते इस बात पर ध्यान नहीं देंगे तो आप के रिश्ते में दूरियां बढ़ने लगेंगी.

रिलेशनशिप सिर्फ एक व्यक्ति के चाहनेभर से नहीं चल सकती. एक अच्छी रिलेशनशिप होने के लिए जरूरी है कि एकदूसरे की प्राथमिकताओं को सम झा जाए. जीवन में हर इंसान की कुछ न कुछ प्राथमिकताएं होती हैं. आप की और आप के पार्टनर की भी कुछ प्राथमिकताएं होंगी. आप एकदूसरे की प्राथमिकताओं को सम झने का प्रयास करेंगे तो आप की रिलेशनशिप में कोई भी समस्या नहीं आएगी.

उन के फैसले को तवज्जुह दें

अगर रिश्ते में छोटीछोटी बातों को ले कर तनाव होने लगे तो आप को सम झ जाना चाहिए कि रिलेशनशिप में समस्याएं आ रही हैं. एकदूसरे पर अधिकार जमाने के कारण या पार्टनर द्वारा सिर्फ अपने ही फैसलों को तवज्जुह देने के कारण रिश्ते में तनाव बढ़ने लगता है. तनाव बढ़ने के कारण रिश्ता टूट सकता है. अगर आप चाहते हैं कि आप के रिश्ते में कभी भी कोई भी परेशानी न आए तो एकदूसरे पर अधिकार जमाना छोड़ दें और हर काम में एकदूसरे का साथ निभाएं. रिलेशनशिप में प्यार से रहने से किसी भी तरह का कोई तनाव नहीं रहता. पार्टनर के साथ अधिक से अधिक समय बिताने का प्रयास करें.

भावनाएं साझा करें

एकदूसरे से बातचीत के जरिए अपनी भावनाओं को सा झा करें और कहां कमियां रह गई हैं, इस बात पर विचार करें. रिलेशनशिप में आपस में किसी को भी चलताऊ न लें. अगर आप का पार्टनर आप के लिए कुछ कर रहा है तो उसे अहमियत दें. अहमियत देने से रिश्ते और ज्यादा मजबूत होते हैं और आपसी प्यार भी बढ़ता है. अगर आप का पार्टनर आप के प्रति प्यार जता रहा है तो उस की भावनाओं की कद्र करें.

उन को सम्मान दें

एकदूसरे को सम्मान देने से ही प्यार बढ़ता है. बिना सम्मान के कोई भी रिश्ता नहीं चलता. इसलिए, हमेशा एकदूसरे को सम्मान दें, जम कर एकदूसरे की तारीफ करें. अगर आप से कोई गलती हुई है तो उसे फौरन स्वीकार कर लें. इस से आप का रिश्ता और ज्यादा मजबूत होगा और दरार नहीं आएगी. अकसर हम अपनी गलतियों को कभी नहीं मानते और दूसरे की गलती को स्वीकार कराने में ही पूरा वक्त लगा देते हैं. इस से रिश्ते कमजोर होते हैं. रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए एकदूसरे को भरपूर वक्त देने के साथ ही अपने शौकों को एकदूसरे के साथ सा झा करें.

कभी तंज न करें

हमेशा एकदूसरे पर तंज कसते रहने से रिश्ता कमजोर होने लगता है. गलतियां सब से होती हैं, परंतु अगर हम उन गलतियों के लिए बारबार अपने पार्टनर पर तंज कसते रहेंगे तो रिश्ता कमजोर होने लगेगा और रिलेशनशिप में दूरियां बढ़ने लगेंगी.

पुरानी गलतियां याद न करें

जीवन में हर किसी से गलतियां होती हैं. कुछ ऐसी बातें भी होती हैं जिन्हें आप का पार्टनर याद नहीं करना चाहता होगा. उन बातों को पार्टनर को याद न दिलाएं. अगर आप बारबार पार्टनर को उन बातों को याद दिलाएंगे तो आप के रिश्ते में दूरियां बढ़ने लगेंगी और रिश्ता कमजोर होने लगेगा.

कम्युनिकेशन गैप

अकसर कम्युनिकेशन गैप होने की वजह से भी रिश्ते में दूरियां बढ़ने लगती हैं. अगर आप चाहते हैं कि आप की रिलेशनशिप मजबूत रहे, तो अपने पार्टनर से बातचीत करते रहें. घरबाहर की बातें उन से शेयर करें. अपने पार्टनर से खुल कर बातें करें. रिलेशनशिप को मजबूत बनाने के लिए इस बात का भी विशेष ध्यान रखें कि आप को पार्टनर की बातों को अनसुना नहीं करना है.

एक्स की बात न करें

एक्स के बारे में बात करने से भी रिलेशनशिप टूटने का खतरा रहता है. बारबार एक्स के बारे में बात करने से रिश्ते में दूरियां बढ़नी शुरू हो सकती हैं. एक्स के बारे में बात करने से लड़ाई झगड़े भी अधिक होने की संभावना रहती है. इसलिए पुराने जख्मों को कभी न कुरेदें.

भरोसा पैदा करें

रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए भरोसा बहुत जरूरी होता है. भरोसा किसी भी रिश्ते की नींव होता है. रिलेशनशिप में धोखा देने का मतलब है कि रिश्ते में दूरियां बढ़ना. पार्टनर को धोखा देने से,  झूठ बोलने से, बातें छिपाने से रिश्ता मजबूत नहीं होता. धोखा देने से रिलेशनशिप में कई तरह की समस्याएं आनी शुरू हो जाती हैं. 2 लोग एक छत के नीचे खुशीखुशी से तभी रह सकते हैं जब उन के व्यवहार में पारदर्शिता हो, एकदूसरे के लिए प्यार और सम्मान हो. दोनों में से किसी में किसी बात का अहंकार न हो बल्कि आपसी विश्वास मजबूत हो.

रिश्ता दिल से

क्या प्यार की कोई सही उम्र होती है? क्या प्यार के लिए कोई छोटा और कोई बूढ़ा होता है? जी नहीं, प्यार की कोई उम्र, कोई सीमा नहीं होती. प्रसिद्ध लेखिका मारिया एजवर्थ ने कहा था कि इंसानी दिल किसी भी उम्र में उस दिल के आगे खुलता है जो बदले में अपने दिल का रास्ता खोल दे. तकरीबन 2 शतक पूर्व कही गई उन की बात आज भी सटीक साबित होती है. शायद इसी बात की मार्मिकता को समझते हुए गजल सम्राट जगजीत सिंह ने फिल्म ‘प्रेम गीत’ (1981) के एक गीत ‘होठों से छू लो तुम…’ की कुछ पंक्तियों में कहा है, ‘न उम्र की सीमा हो… न जन्मों का हो बंधन, जब प्यार करे कोई तो देखे केवल मन…’ चार दशक पहले लिखा यह गीत आज भी प्रासांगिक है. तब प्यार की जो नई परिभाषा कल्पना में पिरो कर शब्दों से सजाई गई थी, आज वह समाज की हकीकत बन गई है.

मनोवैज्ञानिक अदिति सक्सेना कहती हैं, ‘‘हम उम्र के हर पड़ाव में भावनात्मक रूप से जुड़ने की क्षमता को महसूस करते हैं और चाहते हैं कि कोई हो जो हमारा ध्यान करे, हमारी इज्जत करे, हम से प्यार करे.’’

बौलीवुड की फिल्मों का तो यह औलटाइम फेवरेट विषय रहा है. असंख्य फिल्में व गीत प्रेम की मधुरता, प्रेमी से विरह और प्यार में जीनेमरने की स्थितियों को गुनगुनाते सुने व देखे जाते रहे हैं. एक आम आदमी के जीवन में प्यार कभी उस के जीवन की मजबूत कड़ी बनता है, तो कभी मृगतृष्णा की भांति जीवनभर छलावा देता है. ढाई अक्षर के इस शब्द में जीवन की संपूर्णता है.

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जवानी दीवानी

हमारे समाज में जवानी को बहुत महत्त्व दिया जाता है. कुछ इस तरह का माहौल बना रहता है कि यदि जवानी बीत गई तो जीवन ही समाप्त समझो. जीवन की ऊर्जा, उस की क्षमता और उस का उत्साह, सबकुछ जवानी अपने साथ ले जाती है. शायद इसीलिए जवानी जाने के बाद भी अकसर लोग जवान बने रहना चाहते हैं. लेकिन बढ़ती उम्र इतनी बुरी भी नहीं और इस का सब से बड़ा कारण है कि उम्र के साथ हमारे पास अनुभवों का खजाना बढ़ता जाता है जिस से हमारी जिंदगी पहले के मुकाबले और रंगीन व रोचक हो जाती है.

यह जरूरी नहीं कि प्यार पाने के लिए आप जवान ही हों. प्यार किसी भी उम्र में हो सकता है. यह तो वह अनुभूति है जो जिसे छू जाए वही इस का सुख, इस का नशा जानता है. कितनी बार हम यह सोचते हैं कि अब हम प्यार के लिए बूढ़े हो चुके हैं खासकर कि महिलाएं. महिलाएं अकसर रोमांस या नए रिश्ते खोजने में डरती हैं और सोचती हैं कि अब हमारी उम्र निकल चुकी है, अब हमें कौन मिलेगा. लेकिन जरूरी नहीं कि प्यार जवानी में ही मिले.

एक उम्र गुजार देने के बाद जो प्यार मिलता है वह छोटी उम्र के प्यार से बेहतर होता है. आप सोचेंगे कैसे? वह ऐसे कि जब हम जवान होते हैं या कम उम्र होते हैं तो हमारे पास केवल उतनी ही उम्र का तजरबा होता है. जबकि उम्र बढ़ने के साथसाथ हमारे अनुभव बढ़ते हैं, हमारी गलतियां बढ़ती हैं और उन गलतियों से हमारी सीखें भी बढ़ती हैं. इसलिए बड़ी उम्र का प्यार वह गलतियां नहीं करने देता जो छोटी उम्र वाले आशिक अकसर कर बैठते हैं. उम्र गुजार देने के बाद हम अपनी गलतियों से शिक्षा ले आगे की राह सुगम बनाने लगते हैं. हमें पता चल जाता है कि हमें क्या चाहिए और क्या नहीं.

मर्दों को अकसर आत्मविश्वासी औरतें बहुत भाती हैं जिन्हें यह पता हो कि उन्हें खुद से और सामने वाले से क्या चाहिए. इसलिए आजकल ऐसे कई उदाहरण हैं जिन में आशिकों की उम्र में अंतर तो होता है लेकिन साथियों में बड़ी उम्र की औरत होती है और कम उम्र का मर्द. आजकल आप कई ऐसे जोड़े देखेंगे जिन में अधिक उम्र की महिलाओं के साथ कम उम्र के मर्द दिखाई देते हैं.

साइकोलौजिस्ट डा. पल्लवी जोशी कहती हैं, ‘‘प्यार के लिए आपसी सामंजस्य, समझदारी, समर्पण व सम्मान की जरूरत है न कि उम्र की.’’  डा. जोशी के अनुसार ऐसे रिलेशनशिप (जो बड़ी उम्र में बनते हैं) कोई नई बात नहीं है. लेकिन अब जो बदलाव आ रहे हैं उन में यह देखने को मिल रहा है कि महिलाएं ऐसे रिश्तों में ज्यादा खुल कर सामने आ रही हैं.

दिल तो बच्चा है जी

दिल की मासूमियत कभी खत्म नहीं होती. फिर चाहे आप 15 के हों, 30 के, या फिर 55 के ही क्यों न हों. दिल तो हमेशा बच्चा होता है और वह उसी तरह बचपना कर के जिंदगी का आनंद लेता रहता है. दिल कभी भी यह नहीं सोचता कि आप की उम्र क्या है या जिस से आप की आंखें चार होने वाली हैं उस की उम्र और उस का मजहब क्या है. यह सब से अच्छा होता है. सब से खूबसूरत और जिंदादिल होता है. दिल हमेशा जवां होता है, जिसे अपने सब से करीब पाता है, बस, वह उसी का होने को बेताब हो जाता है.

मशहूर सिंगर मैडोना ने 61 वर्ष की उम्र में अपने से 36 वर्ष छोटे लड़के विलियम से प्यार किया. हालांकि, विलियम के मातापिता तक उम्र में मैडोना से छोटे हैं पर वे इस रिश्ते को स्वीकार कर चुके हैं और कहते हैं कि प्यार की कोई उम्र नहीं होती.

मिसेज इंडिया फेम रह चुकीं मीनाक्षी माथुर का कहना है, ‘‘हमारा समाज काफी बदल रहा है. समाज की तरफ से कई ऐसे आयामों को स्वीकृति मिल रही है जो पहले नहीं थी, जैसे बड़ी उम्र का प्यार या लिव इन रिलेशनशिप. लेकिन अब भी हमारे समाज में उतनी मैच्योरिटी नहीं आई है जितनी कि पाश्चात्य समाज में है. पश्चिम के लोग यह जानते हैं कि वे क्या कर रहे हैं. पहले किसी को पसंद करना, फिर उस के साथ रह कर यह देखना कि निबाह हो सकता है या नहीं और फिर शादी का निर्णय लेना. ये सभी परिपक्व सोच की निशानियां हैं.’’

मैच्योर लव

एक सफल रिश्ते के लिए किसी एक का मैच्योर होना महत्त्व रखता है, रूप से नहीं, दिमाग से ताकि रिश्ता संपूर्ण समझदारी व धैर्य से निभाया जा सके. एक मैच्योर साथी धैर्य से रिश्ते की कमजोरियों पर गौर करता है. ठंडे दिमाग से अपनी व अपने प्रियतम की खामियों को दूर करने की पहल करता है. हमें नहीं भूलना चाहिए कि रूप, यौवन एक वक्त के बाद ढल ही जाता है, फिर चाहे वह स्त्री का हो या पुरुष का. तब ताउम्र जो आप के साथ रहता है वह है आप का प्यार, आपसी सामंजस्य, विश्वास, एकदूसरे की परवा व समझदारी. इन की नींव पर खड़ा रिश्ता जिंदगी के आखिरी पड़ाव में आप का हाथ थामे रखता है चूंकि उस की बुनियाद उम्र नहीं, आप का सच्चा प्यार होता है.

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समाजशास्त्री टेसू खेवानी कहती हैं कि स्त्री और पुरुष दोनों एकदूसरे के पूरक होते हैं. दोनों एकदूसरे की तरफ अट्रैक्ट होते ही हैं. जीवन में यदि कोई ऐसा आप को मिलता है जिस से मिलने के बाद आप खुद को पूरा समझने लगते हैं, आप का माइंडसैट, नेचर, बिहेवियर, खूबियां व खामियां सब वह अच्छे से समझता है या कहें कि आप को लगता है कि उस के साथ सब मैच करता है तो आप को बेझिझक आगे बढ़ना चाहिए.

जब प्यार मिलता है तो वह उम्र की सीमाएं नहीं नापता. वह तो बस एक तूफान की तरह आता है और अपने उफान में हमें डुबो लेता है. ऐसे में हमें सच्चे प्यार का आनंद लेना चाहिए. उस का सुख उठाना चाहिए और यह शुक्र मनाना चाहिए कि हमारे साथ यह इस समय हो रहा है. प्यार में पड़ कर भले ही हम 50 के हों किंतु हमें अनुभूति 19 की भी हो सकती है, 25 की भी हो सकती है और 38 की भी.

देशी भी पीछे नहीं

प्यार वह एहसास है जो उम्र को बखूबी हरा सकता है. इस का एक बेहद खूबसूरत उदाहरण है झाबुआ जिले के परगट गांव में रहने वाले बादू सिंह और भूरी की प्रेम कहानी. भूरी का पति शराब पी कर उस से अकसर मारपीट किया करता था जबकि बादू सिंह की पत्नी का देहांत हो चुका था और वह एकाकी जीवन जी रहा था. दोनों मजदूरी करने गुजरात गए और वहीं इन की मुलाकात हुई. मिलने पर इन्हें लगा कि हम दोनों एकदूसरे के लिए सही हैं. बस, यहीं से प्यार की कोंपलें फूटने लगीं.

लेकिन कहानी में असली ट्विस्ट यह रहा कि ये दोनों ही 70 पार की उम्र के हैं. जिस उम्र में हमारा समाज अपने बुजुर्गों को हाथ में माला फेरने और भगवान में मन लगा कर अपनी उम्र पूरी होने की नसीहत देता है, उस उम्र में इन दोनों ने बेखौफ हो कर प्यार किया और समाज की परवा न करते हुए आगे बढ़ चले. दिल के हाथों मजबूर हो कर अपने प्यार को पाने के लिए इन दोनों ने लिवइन में रहना शुरू कर दिया. भूरी कोई आधुनिका नहीं, किसी पौइंट को प्रूव करने के लिए नहीं, किसी संस्था की सदस्य नहीं बल्कि केवल अपने दिल की सुनते हुए ऐसा कर गुजरी.

समाजशास्त्री टेसू खेवानी कहती हैं कि जब हम अपने किसी निर्णय पर अडिग होते हैं तो समाज भी उसे स्वीकार कर ही लेता है. हमारे अपने आत्मविश्वास को देखते हुए जब हमारी अंतरात्मा हमारा साथ देती है तो बाहरी समाज भी खूबसूरती से उसे अपना लेता है. इसलिए जरूरी है कि हम जो निर्णय लें उस पर पूरा विश्वास रखें और डटे रहें.

मनोवैज्ञानिक आधार पर रोमांटिक रिलेशनशिप

मनोवैज्ञानिक आधार पर देखा जाए तो एक सुदृढ़ रिश्ते, जिस में एक अच्छा रोमांटिक रिलेशनशिप भी आता है, का असर हमारे शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा पड़ता है. और इस कारणवश यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि एक सफल रोमांटिक रिश्ता किन कारणों से बन सकता है. बढ़ती उम्र की आबादी के लिए यह जान लेना स्वास्थ्यवर्धक रहेगा.

जब हम जवान होते हैं तो अपने रिश्ते की नकारात्मकता पर कम ध्यान देते हैं. इस कारण कई बार हम गलत रिश्ते भी बना बैठते हैं. लेकिन बढ़ती उम्र के साथ हम यह समझने लगते हैं कि हमें एक रिश्ते से क्या चाहिए और क्या नहीं. रिश्ते बनाने में भले ही हम अपनी गति धीमी कर लें लेकिन गलती करने से बचना चाहते हैं. संभवतया इसीलिए औरतें रिश्तों में आगे बढ़ने से कतराती हैं. उन्हें ऐसा लगता है कि अब समय बीत चुका है, अब उन्हें उन का साथी नहीं मिलेगा, और वे रोमांटिक रिश्ता ढूंढ़ने में घबराने लगती हैं. लेकिन, साथ ही एक सचाई यह भी है कि बढ़ती उम्र की औरत अपने साथी में कमी न ढूंढ़ कर, उसे ‘जैसा है वैसा ही’ स्वीकार सकती है जबकि एक जवान स्त्री अपने साथी को अपनी तरह बनाने की कोशिश करती रहती है.

58 साल की बेथनी को जब उन का मनपसंद साथी मिला तो दोनों ने एकसाथ रहने का निर्णय किया. न्यूयौर्क में स्थित हडसन रिवर के पास जब उन्होंने अपने घर में एकसाथ रहना शुरू किया तो बेथनी ने अपने अंदर जवानी के दिनों के मुकाबले एक भारी बदलाव महसूस किया. वे कहती हैं, ‘अब तक की सारी जिंदगी में जब भी किसी पुरुष ने मुझ से भिन्न कोई कार्य किया तो मैं ने उसे अपने सांचे में ढालना चाहा. लेकिन, अब एक उम्र निकल जाने के बाद मुझ में यह बदलाव आया है कि अपने से भिन्न तरीके पर मेरी प्रतिक्रिया होती है. अच्छा, यह ऐसे भी हो सकता है, यह तो मैं ने सोचा ही नहीं था. यह तरीका बेहतर है क्योंकि इस में तनाव नहीं.’ बेथनी कहती हैं कि जिंदगी छोटी है और मौत एक दिन जरूर आएगी, और प्यार सच है. इसलिए हम वर्तमान के एकएक पल का लुत्फ उठाना चाहते हैं.

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बहुत हैं उदाहरण

सैलिब्रिटीज की बात करें तो बढ़ती उम्र में प्यार तलाशने वालों की कमी नहीं है. जहां उर्मिला मातोंडकर, प्रीति जिंटा ने 40 पार करने पर शादियां कीं, संजय दत्त ने 48 साल की उम्र में तीसरी शादी की जो उन का सच्चा प्यार साबित हुई. वहीं, सुहासिनी मुले जैसी खूबसूरत अभिनेत्री ने 60 पार करने के बाद और कबीर बेदी ने 70 पार करने के बाद शादियां कीं. नीना गुप्ता जैसी प्रखर स्वभाव की महिला को अपना सच्चा प्यार 43 वर्ष की आयु में मिला. जब वे एक प्लेन में यात्रा कर रही थीं तब उन की मुलाकात पेशे से चार्टर्ड अकाउंटैंट विवेक मेहरा से हुई. 6 साल लिवइन रिलेशनशिप में रहने के बाद उन्हें विश्वास हो गया कि यही उन का सच्चा साथी है और 49 वर्ष की आयु में उन्होंने अपने दिल की आवाज को सुना और विवाह कर लिया.

राजनीति के क्षेत्र में भी ऐसे उदाहरण देखने को मिल जाते हैं. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जौनसन ने 54 साल की उम्र में एक बार फिर अपने दिल की राह पकड़ी. भारत में भी ऐसा एक किस्सा कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह का मिलता है जिन्होंने 67 वर्ष की आयु में प्यार की डगर चुनी और अमृता राय से विवाह किया.

हालांकि, ऐसे किस्से कई बार इंटरनैट पर काफी ट्रोल होते हैं. बढ़ती उम्र में प्यार का हाथ थामने वालों को समाज में बहिष्कार और मखौल का पात्र बनना पड़ता है. किंतु जब प्यार किया तो डरना क्या? प्यार का साथ जिस उम्र में भी मिले, बिना संकोच करें बढ़ा हुआ हाथ थाम लेना चाहिए.

मेरी गर्लफ्रेंड कभी कभी इतनी बेवकूफी भरी हरकत कर देती है कि मुझे अपनी पसंद पर शक होने लगता है, मैं क्या करूं ?

सवाल

मैं 22 साल का नौजवान हूं और अपने पड़ोस की एक 17 साल की लड़की को बहुत पसंद करता हूं और उस से शादी करना चाहता हूं. पर वह लड़की अभी नाबालिग है, इसलिए मैं बंध गया हूं. इतना ही नहीं, उस लड़की में बचपना भी बहुत है. वह कभीकभार इतनी बेवकूफी भरी हरकत कर देती है कि मुझे अपनी पसंद पर खुद ही शक होने लगता है.

हाल ही में उस लड़की ने भरे बाजार मुझे चूम लिया था और वहां से भाग गई थी. क्या मुझे उस लड़की से शादी करनी चाहिए?

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जवाब

जाहिर है कि वह लड़की नाबालिग होने के साथसाथ चुलबुली, नादान और अल्हड़ भी है, पर हिम्मत तो उस में गजब की है, जो भरे बाजार वह आप को चूम भी लेती है.

शादी को ले कर अभी जल्दबाजी न करें, क्योंकि मुमकिन यह भी है कि वह लड़की वाकई बेवकूफ हो, जो आगे चल कर आप के लिए अच्छीखासी मुसीबत बन सकती है. उसे दुनियादारी के बारे में समझाएं. अभी कम उम्र के चलते उस का बचपना गया नहीं है. उस के बालिग और समझदार होने तक इंतजार करें.

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अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
सब्जेक्ट में लिखे…  सरस सलिल- व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

सेक्स लाइफ बेहतर बनाने के लिए करें ये आसान काम

हम अपना वजन कम करने के लिए क्या नहीं करते हैं. इसके लिए हम डाइटिंग भी करते है. जिससे लिए हम कम से कम खाना खाते हैं, लेकिन आप जानते हैं कि कम खाना खाने से कई फायदे हैं. इन्हीं में से एक फायदा है सेक्स लाइफ. कम खाना खाने से आपकी सेक्स लाइफ बेहतर रहती है. यह बात एक शोध में सामने आई.

अगर आप कैलोरी के प्रति सचेत हैं और अतिरिक्त वजन घटाने के लिए स्वास्थ्यवर्धक भोजन ग्रहण करते हैं तो आपके खुश होने का एक और बड़ा कारण मिल गया है. एक दिलचस्प शोध में यह पता चला है कि कम खाने से न सिर्फ लोगों को वजन कम करने में मदद मिलती है, बल्कि यह मूड को भी बेहतर बनाता है और तनाव को कम करता है, जिससे आपकी सेक्स लाइफ बेहतर होती है.

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इस निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए लुइसियाना के पेनिंगटन बॉयोमेडिकल रिसर्च सेंटर के शोधकर्ताओं ने 218 स्वस्थ वयस्कों का दो साल तक अध्ययन किया. उन्होंने उन लोगों को दो समूहों में बांटा. एक समूह को 25 फीसदी कम कैलोरी ग्रहण करने को कहा गया. वहीं, दूसरे समूह को अपने सामान्य भोजन को लेने को कहा गया.

शोधकर्ताओं में से एक कोर्बी मार्टिन ने पाया कि जिस समूह ने कम कैलोरी ली थी, उनकी सेक्स लाइफ बेहतर हो गई. कम कैलोरी ग्रहण करने वाले समूह के लोगों की नींद बेहतर हुई और उनका वजन भी घट गया. मोटापे के शिकार लोग अगर कम कैलोरी लें तो उनकी नींद और उनकी यौन प्रणाली बेहतर होती है. यह अध्ययन जामा इंटरनल मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित हुआ है.

शोधकर्ताओं का कहना है, “हमारे शोध से पता चला है कि अगर स्वस्थ लोग दो साल तक कम कैलोंरी लें तो इससे उनके लिए उल्टे नतीजे आते हैं अत: यह केवल मोटापे से ग्रस्त लोगों पर ही लागू होता है.”

हाल के एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग बेहद कम भोजन करने वाले/वाली जीवनसाथी के साथ रहते हैं, उनके मोटापा कम करने की संभावना ज्यादा होती है.

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न्यूसाउथवेल्स स्कूल ऑफ साइकोलॉजी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के मुताबिक आपके साथ भोजन करने वाला कितना खाना खाता है, यह आप पर गहरा असर डालता है. इसलिए कम खाने वालों के साथ रहने पर आप अपना वजन घटा सकते हैं और जीवनसाथी के साथ संबंधों को बेहतर कर सकते हैं. यह प्रभाव पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में ज्यादा देखने को मिला है.

सोशल इंफ्लूएंस जर्नल में प्रकाशित इस शोध के मुताबिक, “इसका कारण यह है कि महिलाओं को इस बात की ज्यादा परवाह होती है कि भोजन के दौरान दूसरे उनके बारे में क्या सोचते हैं.”

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