Valentine’s Day 2024: दूर रहें या पास, बस बने रहें एहसास

विवाह का मकसद ही है लंबी दूरी तक एकसाथ चलते जाना, पर दूरी से विवाह और अपने फूलतेफलते कैरियर को क्यों प्रभावित होने दें? आजकल कई लड़कियां अपने लौंग डिस्टैंस रिलेशनशिप को अपने कैरियर के बीच में नहीं आने देना चाहतीं. इस विषय पर कुछ पत्नियों से बात की गई. उन के विचार जान कर समाज में आता बदलाव साफ दिखाई देता है.

अलग अलग रहना आसान नहीं

मुंबई की कविता टीवी सीरियल्स में काम करती हैं. 7 साल पहले उन का विवाह दिल्ली के एक बिजनैसमैन से हुआ था. वे बताती हैं, ‘‘अलगअलग रहना आसान नहीं है. बहुत धैर्य रखना पड़ता है. एकदूसरे पर विश्वास रखना पड़ता है और एकदूसरे को समझना पड़ता है. हम अकसर फोन पर ही रहते हैं. वीडियो कौल चलती रहती है. हम अपने रिश्ते को अच्छा बनाने की कोशिश करते हैं. रोज हमें एकदूसरे के बारे में पता चलता रहता है. 2-3 महीनों बाद ही मिलना होता है. बीचबीच में काम नहीं होता तो साथ रहना होता है. जब भी हम लंबे समय बाद मिलते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे खोया प्यार मिल गया हो. यहां मुंबई में मैं अपने मातापिता के साथ रहती हूं. जब मुंबई में होती हूं पति और ससुराल की हर चीज याद आती है. दिल्ली में होती हूं तो पेरैंट्स याद आते हैं.’’

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रिश्ते में विश्वास जरूरी

अंधेरी, मुंबई निवासी सीमा बंसल ने दुबई निवासी अनिल मेहरा से विवाह किया. जैसे ही सीमा ने वहां जा कर घरगृहस्थी संभाली, उन्हें मुंबई में ड्रैस डिजाइनिंग का एक नया काम मिला. तब से वे हर महीने 15 दिनों के लिए मुंबई आती हैं. सीमा ने अपने अनुभव के बारे में बताया, ‘‘अब जीवन खूबसूरत लगता है. मैं दुबई शिफ्ट कर चुकी थी, क्योंकि मुझे अपनी घरगृहस्थी पर पूरा ध्यान देना था पर मैं यह औफर लेने से खुद को रोक नहीं पाई. मेरी ससुराल वाले आधुनिक और विकसित सोच वाले हैं. वे मुझ से पारंपरिक बहू बनने की उम्मीद भी नहीं करते. अनिल मेरे सब से अच्छे दोस्त हैं. वे अच्छी तरह जानते हैं कि वे मेरे लिए सब से महत्त्वपूर्ण हैं और वे मेरी दुनिया हैं. हमारा अफेयर 2 साल चला था. तब भी ये लौंग डिस्टैंस रिलेशन ही था. असल में दूर रहने से हम एकदूसरे को और अच्छी तरह जान गए. हमारे शौक भी एकजैसे हैं और हम एकदूसरे की स्पेस का सम्मान करते हैं. हमारे रिश्ते में विश्वास और अंडरस्टैंडिंग 2 ठोस चीजें हैं. जब मैं मुंबई में होती हूं, उन्हें बहुत याद करती हूं.’’

एक नया अनुभव

गीता देसाई दिल्ली में एक मौडल हैं. उन्होंने यू.एस. में रहने वाले वौलेंटियों से विवाह किया है. वे भी अब वहीं रहती हैं पर जब उन्हें कोई शो औफर होता है वे दिल्ली आ जाती हैं. वे कहती हैं, ‘‘इस विवाह ने मुझे एक ताकत, एक संतुलन दिया है. अब मैं ज्यादा सेफ, रिलैक्स्ड और तनावमुक्त रहती हूं. वे बहुत अंडरस्टैंडिंग हैं. मैं अपनी प्रोफैशनल और पर्सनल लाइफ कैसे बैलेंस करती हूं यह देख कर वे हमेशा खुश होते हैं. बहुत दिनों के बाद मिलना हमेशा एक नया अनुभव होता है. विश्वास और सम्मान लौंग डिस्टैंस रिलेशनशिप की 2 महत्त्वपूर्ण चीजें हैं. मैं स्वयं को खुशहाल समझती हूं. मैं कई तरह के कल्चर, परंपराओं, लोगों और लाइफस्टाइल का अनुभव कर रही हूं.’’

आपसी प्यार और सहयोग जरूरी

मुंबई की ही अभिनेत्री नीता बंसल का कहना है, ‘‘मेरे पति कोलकाता में रहते हैं. मैं ने बे्रक लेने का फैसला किया था पर मेरे पति और सासूमां ने 6 महीनों बाद काम करने की छूट दे दी. उन्होंने मुझे अपनी मरजी से काम करने के लिए कहा. उन्हीं दिनों एक सीरियल का औफर मिला तो मैं फिर मुंबई आ गई. वीडियो चैट होती रहती है. मेरे पति का भी काम से मुंबई आना होता रहता है. कभी मैं चली जाती हूं तो कभी सब को बुला लेती हूं.’’

इन सब के विचार जानने के बाद लंबी दूरी के विवाह में सब से जरूरी चीजें हैं, आपस में विश्वास और अंडरस्टैंडिंग. वैसे देखा जाए तो ये हर विवाह में जरूरी है, पर कई बार रोज साथ रह कर भी रिश्ते में खटास आ जाती है और कई बार दूर रह कर भी प्यार बना रहता है. आजकल लड़कियां भी कैरियर में कम मेहनत नहीं करतीं. ऐसे में विवाह के बाद सारी मेहनत पर पानी फिर जाना उन्हें अच्छा नहीं लगता. ऐसी स्थिति में जीवनसाथी और ससुराल वालों का थोड़ा सहयोग मिल जाए तो वे भी प्रोफैशनल और पर्सनल लाइफ में सफल हो कर जीवन का आनंद उठा सकती हैं. बात बस आपसी प्यार और सहयोग पर ही निर्भर करती है.

Promise Day 2024: प्रॉमिस डे पर साथी से करें ये वादे, प्यार का रिश्ता होगा मजबूत

ओ मेरे प्यार के परवानो, उम्मीद है आप के वैलेंटाइन वीक के पहले 4 दिन बड़े अच्छे से बीते होंगे. अब थोड़ा 5वें दिन का भी जिक्र कर लेते हैं. इसे प्रॉमिस डे के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है. मतलब, प्यार में डूबे जोड़े इस दिन एक दूसरे से प्यारमोहब्बत के कसमे वादे करते हैं, साथ जीने मरने का दम भरते हैं, सुख हो या दुख कभी एक दूसरे का साथ न छोड़ने की प्रॉमिस करते हैं.

पर कभी आप ने सोचा है कि इसी दिन को प्रॉमिस डे के रूप में क्यों मनाया जाता है? दरअसल, जब दो लोग साथ रहते हैं, तो उन में अनबन, नोकझोंक होना आम बात होती है. पर इसी का नाम तो जिंदगी है. वैलेंटाइन वीक के इस खास दिन पर लोग एक दूसरे से कुछ ऐसे वादे करते हैं, जो उन के रिश्ते को मजबूत बनाते हैं. प्रॉमिस डे हर कपल को याद दिलाता है कि आप हर तरह के हालात में एक दूसरे के साथ खड़े रहेंगे और कभी एक दूसरे का भरोसा नहीं तोड़ेंगे.

प्रॉमिस डे पर कुछ बातें हर कपल को ध्यान रखनी चाहिए. अगर वे जिंदगी भर उन बातों पर अमल करेंगे तो यही उन के लिए प्रॉमिस बन जाएंगी और उन की लाइफ में खुशियों की बहार खिल जाएगी.

हर हाल में साथ देना

कपल को एक दूसरे का हर हाल में साथ देना चाहिए, क्योंकि कई बार जिंदगी में ऐसा समय भी आता है जब कपल को एक दूसरे के सहारे की सब से ज्यादा जरूरत होती है, तो आप प्रॉमिस डे पर अपने पार्टनर से वादा कर सकते हैं कि चाहे कुछ भी हो जाए आप उस का हमेशा साथ देंगे और कभी भी उसे अकेला नहीं छोड़ेंगे.

रिश्ते में ईमानदारी बहुत जरूरी

कपल को एक दूसरे के प्रति ईमानदार रहना चाहिए, क्योंकि किसी भी रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए उस में ईमानदारी का होना बहुत जरूरी है, इसलिए अपने साथी से कोई भी बात न छिपाएं. यह वादा आप दोनों के रिश्ते को और ज्यादा गहरा कर देगा.

कभी भी बात करना बंद न करें

रिश्ते में आई खामोशी बड़ी तकलीफ देती है. चाहे कुछ भी बुरा हो जाए, दुख का कितना भी बड़ा पहाड़ टूट जाए, आप कभी भी बातचीत करना बंद न करें. गुस्सा है तो बोल कर जाहिर करें, नाराजगी है तो बता दें. तो प्रॉमिस डे पर एक दूसरे से प्रॉमिस करें कि बात करना कभी भी बंद नहीं करेंगे.

पार्टनर जैसा है वैसा ही एक्सेप्ट करें

कभी भी पार्टनर को अपने मुताबिक ढालने की कोशिश न करें. वह जैसा है उसे उस की कमियों और खूबियों के साथ अपनाएं. हर इंसान अलग स्वभाव का होता है और उसे वैसा ही बने रहना अच्छा लगता है. अपने पार्टनर को उसी रूप में अपनाने का वादा करें, जैसा वह है. अगर उसे बदलने की कोशिश करेंगे तो रिश्ते में खटास पैदा होने का खतरा पैदा हो सकता है.

रिस्पेक्ट जरूर दें

कोई भी इंसान अपने साथी से रिस्पेक्ट पाने की उम्मीद रखता है. कभी भी अकेले में या सब के सामने उसे डिसरिस्पेक्ट न करें. हमेशा उस का सम्मान करें. साथी का सम्मान करना आप को बेहतर इंसान बनाएगा, तो प्रॉमिस डे पर एक दूसरे का सम्मान करने की कसम जरूर खाएं.

Valentine’s Day 2024: सैक्स से पहले छेड़छाड़ है बेहद जरूरी, अपनाएं ये तरीके

प्रिया का कहना है कि उस का पति जिस्मानी रिश्ता बनाते समय बिलकुल भी छेड़छाड़ नहीं करता और न ही प्यार भरी बातें करता है. उसे तो बस अपनी तसल्ली से मतलब होता है. जब तन की आग बुझ जाती है, तो निढाल हो कर चुपचाप सो जाता है. वह बिन पानी की मछली की तरह तड़पती ही रह जाती है.

कुछ इसी तरह राजेंद्र का कहना है, ‘‘जिस्मानी रिश्ता कायम करते वक्त मेरी पत्नी बिलकुल सुस्त पड़ जाती है. वह न तो इनकार करती है और न ही प्यार में पूरी तरह हिस्सेदार बनती है. न ही छेड़छाड़ होती है और न ही रूठनामनाना. नतीजतन, सैक्स में कोई मजा ही नहीं आता.’’

इसी तरह सरिता की भी शिकायत है कि उस का पति उस के कहने पर जिस्मानी रिश्ता तो कायम करता है, पर वह सुख नहीं दे पाता, जो चरम सीमा पर पहुंचाता हो. हालांकि वह अपनी मंजिल पर पहुंच जाता है, फिर भी सरिता को ऐसा लगता है, मानो वह अपनी मंजिल पर पहुंच कर भी नहीं पहुंची. सैक्स के दौरान वह इतनी जल्दबाजी करता है, मानो कोई ट्रेन पकड़नी हो. उसे यह भी खयाल नहीं रहता कि सोते समय और भी कई राहों से गुजरना पड़ता है. मसलन छेड़छाड़, चुंबन, सहलाना वगैरह. नतीजतन, सरिता सुख भोग कर भी प्यासी ही रह जाती है.

मनोज की हालत तो सब से अलग  है. उस का कहना है, ‘‘मेरी पत्नी इतनी शरमीली है कि जिस्मानी रिश्ता ही नहीं बनाने देती. अगर मैं उस के संग जबरदस्ती करता हूं, तो वह नाराज हो जाती है. छेड़छाड़ करता हूं, तो तुनक जाती?है, मानो मैं कोई पराया मर्द हूं. समझाने पर वह कहती है कि अभी नहीं, इस के लिए तो सारी जिंदगी पड़ी हुई है.’’

इसी तरह और भी अनगिनत पतिपत्नी हैं, जो एकदूसरे की दिली चाहत को बिलकुल नहीं समझते और न ही समझने की कोशिश करते हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए, क्योंकि शादीशुदा जिंदगी कच्चे धागे की तरह होती है. इस में जरा सी खरोंच लग जाए, तो वह पलभर में टूट सकती है.

पतिपत्नी में छेड़छाड़ तो बहुत जरूरी है, इस के बिना तो जिंदगी में कोई रस ही नहीं, इसलिए यह जरूरी है कि पति की छेड़छाड़ का जवाब पत्नी पूरे जोश से दे और पत्नी की छेड़छाड़ का जवाब पति भी दोगुने मजे से दे. इस से जिंदगी में हमेशा नएपन का एहसास होता है.

अगर जिस्मानी रिश्ता कायम करने के दौरान या किसी दूसरे समय पर भी पति अपनी पत्नी को सहलाए और उस के जवाब में पत्नी पूरे जोश के साथ प्यार से पति के गालों को चूमते हुए अपने दांत गड़ा दे, तो उस मजे की कोई सीमा नहीं होती. पति तुरंत सैक्स सुख के सागर में डूबनेउतराने लगता है.

इसी तरह पत्नी भी अगर जिस्मानी रिश्ता कायम करने से पहले या उस दौरान पति से छेड़छाड़ करते हुए उस के अंगों को सहला दे, तो कुदरती बात है कि पति जोश से भर उठेगा और उस के जोश की सीमा भी बढ़ जाएगी.

कभीकभी यह सवाल भी उठता है कि क्या जिस्मानी रिश्ता सिर्फ सैक्स सुख के लिए कायम किया जाता है? क्या दिमागी सुकून से उस का कोई लेनादेना नहीं होता? क्या जिस्मानी रिश्ते के दौरान छेड़छाड़ करना जरूरी है? क्या छेड़छाड़ सैक्स सुख में बढ़ोतरी करती है? क्या छेड़छाड़ से पतिपत्नी को सच्चा सुख मिलता है?

इसी तरह और भी कई सवाल हैं, जो पतिपत्नी को बेचैन किए रहते हैं. जवाब यह है कि जिस्मानी रिश्तों के दौरान छेड़छाड़ व कुछ रोमांटिक बातें बहुत जरूरी हैं. इस के बिना तो सैक्स सुख का मजा बिलकुल अधूरा है. जिस्मानी रिश्ता सिर्फ सैक्स सुख के लिए ही नहीं, बल्कि दिमागी सुकून के लिए भी किया जाता है.

कुछ पति ऐसे होते हैं, जो पत्नी की मरजी की बिलकुल भी परवाह नहीं करते, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए. पत्नी की चाहत का भी पूरा खयाल रखना चाहिए, नहीं तो आप की पत्नी जिंदगीभर तड़पती ही रह जाएगी.

कुछ औरतें बिलकुल ही सुस्त होती हैं. वे पति को अपना जिस्म सौंप कर फर्ज अदायगी कर लेती हैं. उन्हें यह भी एहसास नहीं होता कि इस तरह वे अपने पति को अपने से दूर कर रही हैं.

कुछ पति जिस्मानी रिश्ता तो कायम करते हैं और जल्दबाजी में अपनी मंजिल पर पहुंच भी जाते हैं, परंतु उन्हें इतना भी पता नहीं होता कि इस के पहले भी और कई काम होते हैं, जो उन के मजे को कई गुना बढ़ा सकते हैं.

कुछ औरतें शरमीली होती हैं. वे जिस्मानी रिश्तों से दूर तो होती ही हैं, छेड़छाड़ को भी बुरा मानती हैं.

अब आप ही बताइए कि ऐसे हालात में क्या पत्नी पति से और पति पत्नी से खुश रह सकता है?

नहीं न… तो फिर ऐसे हालात ही क्यों पैदा किए जाएं, जिन से पतिपत्नी एकदूसरे से नाखुश रहें?

इसलिए प्यार के सुनहरे पलों को छेड़छाड़, हंसीखुशी व रोमांटिक बातों में बिताइए, ताकि आने वाला कल आप के लिए और ज्यादा मजेदार बन जाए.

Valentine Day 2024: वैलेंटाइन डे पर ऐसे पूरी होगी सैक्स की चाहत, आजमाएं ये क्रेजी ट्रिक्स

14 फरवरी को वैलेंटाइन डे पर इश्क में डूबे जोड़ों की सब से बड़ी समस्या यह होती है कि वे अपनी सैक्स डिजायर को कैसे पूरा करें. इस के लिए उन्हें पार्टनर की रजामंदी से ले कर जगह, माहौल और कैसे उस मूमैंट को यादगार बनाना है, यह फिक्र ज्यादा सताती है. पर अगर मैच्योर नजरिए से सोचा जाए, तो यह सब करना बहुत आसान है.

14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के दिन सैक्स का मजा लेने के लिए आप को पहले से ही खास तरह से प्लानिंग कर लेनी चाहिए, ताकि पार्टनर के साथ सैक्स करने के दौरान ज्यादा आप दोनों की क्रेजीनैस बरकरार रहे. इस के लिए आप ये टिप्स अपना सकते हैं :

रात करें रंगीन

आप दोनों पहले ही यह डिसाइड कर लें कि यह खूबसूरत रात आप को कहां बितानी है. अगर पूरी रात एक जगह बिताने का इंतजाम हो जाए, तो सोने पे सुहागा. फिर आप दोनों को किसी तरह की हड़बड़ी नहीं होगी और आप दोगुने जोश के साथ सैक्स कर सकेंगे और अपनी सैक्स पोजीशन को भी ऐंजौय कर पाएंगे.

फोरप्ले का लें मजा

सैक्स में कभी भी उतावलापन नहीं दिखाना चाहिए. वैलेंटाइन डे की पूरी रात आप के पास है, इसलिए सैक्स का मजा लेना हो, तो फोरप्ले पर जरूर फोकस करें. आप हैं, आप का पार्टनर है और आप का बिस्तर है, तो सब से पहले आप दोनों सहज हो जाएं. एकदूसरे में जोश जगाने के लिए कोई पोर्न फिल्म देख लें, इस से आप का मूड बन जाएगा. फिर एकदूसरे को किस करें, हग करें और उस के बाद वही सैक्स पोजीशन ट्राई करें हैं, जिस में आप दोनों को प्लेजर मिले.

कमरे के अलावा और भी औप्शन

अगर आप कमरे के भीतर सैक्स करने से बोर हो चुके हैं, तो आउटडोर सैक्स का मजा लेने से न चूकें. फिर वह घर की छत, बालकनी या फिर आंगन ही क्यों न हो, क्या फर्क पड़ता है. इस से माहौल तो बदलता ही है, साथ ही मजा भी दोगुना हो जाता है.

ये चीजें भी रखें साथ

वैलेंटाइन डे को खास बनाने के लिए अपने साथ कुछ ऐसा फूड भी जरूर रखें कि आप की सैक्स करने की इच्छा और ज्यादा बढ़ जाए. इस के लिए हनी, चौकलेट, केक, पेस्ट्री, स्ट्राबेरी आदि आप के पास जरूर हो. और हां, कंडोम ले जाना मत भूलें. वे भी ढेर सारे और अपने वैलेंटाइन डे पर सैक्स का दिल खोल कर लुत्फ उठाएं.

Winter Romance Special: जातिधर्म नहीं प्यार की खुमारी देखें

ये मुहब्ब्त में हादसे अकसर दिलों को तोड़ देते हैं,तुम मंजिल की बात करते हो लोग राहों में ही साथ छोड़ देते हैं इश्क की खुमारी में लोग इन बातों को गलत भी ठहरा रहे हैं. यह बात और है कि ‘ये इश्क नहीं आसां बस इतना समझ लीजे, इक आग का दरिया है और डूब कर जाना है’.

प्यार को लेकर कई तरह की बातें कही जाती हैं. कुछ लोग मानते हैं कि प्यार अंधा होता है. जहां दिल लग जाता है वहीं प्यार हो जाता है. बहुत से दूसरे लोग यह मानते हैं कि प्यार अंधा नहीं होता, बल्कि सूरत और शक्ल देख कर होता है.

असल में प्यार की खुमारी में जाति और धर्म देखने की जरूरत नहीं होती है. जो दिल को अच्छा लगे, जहां दिल मिले वहां प्यार करना चाहिए. प्यार जबरदस्ती का सौदा नहीं होता है. यह बात सच है कि प्यार जब शादी में बदलने वाला होता है, तब बहुत सारी दीवारें आज भी खड़ी हो जाती हैं.

समय के साथसाथ समाज और घरपरिवार ने कुछ समझते किए हैं, पर आज भी कई बातें ऐसी हैं, जिन को ले कर घरपरिवार और समाज तमाम तरह की रूढि़यों और कुरीतियों में फंसे हैं.

शेखर ने दिव्या के साथ 12 साल प्यार में गुजार दिए थे. जब वे 10वीं क्लास में थे, तभी से एकदूसरे को बखूबी जानतेपहचानते थे. शुरू से ही दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे. एक ही गांव में रहते थे.

उन दोनों के घरपरिवार वाले भी एकदूसरे को अच्छी तरह जानते थे. इन सब से बड़ी बात यह थी कि दोनों एक ही जाति के थे. ऐसे में उन की शादी में कोई अड़चन नहीं थी. इस के बावजूद भी वे 12 साल बाद शादी कर सके.

दरअसल, स्कूल की पढ़ाई के बाद वे दोनों नौकरी करने लगे. गांव से दूर एक बड़े शहर में रहने लगे. उन के परिवार के लोग भी गांव छोड़ कर शहर में बस गए थे. इस के बाद भी शेखर और दिव्या एकदूसरे से दूर नहीं हुए.

उन दोनों के लिए अपने घर वालों को राजी करने में समय लगा. घर वाले इसलिए राजी नहीं हो रहे थे कि जाति में भी गोत्र का बंधन होता है. एक ही गोत्र में लड़कालड़की की शादी नहीं हो सकती. लिहाजा, गांव के रिश्ते में दोनों भाईबहन लगते थे.

किसी तरह जब घर वाले राजी हुए, तो उन की शर्त थी कि किसी को यह नहीं बताना कि यह शादी उन दोनों की मरजी से हुई है. शेखर और दिव्या ने इस बात के लिए हामी भर ली कि वे किसी को कुछ नहीं बताएंगे.

शादी से पहले सगाई हुई. सबकुछ ठीक था. शेखर और दिव्या ने अपने 12 साल के सबंधों को यादगार बनाने के लिए केक काटने का इंतजाम किया, जिस पर लिखा था ‘12 साल एकदूजे के साथ’.

रिश्तेदारी में कुछ लोगों की निगाह केक पर पड़ गई. वह इस का मतलब निकालने लगे. आखिर में सब को इस बात का पता चल गया कि यह शादी शेखर और दिव्या की मरजी से हो रही है. इस बात की काफी बुराई हुई. घरपरिवार के लोग अलग से नाराज हुए कि केक पर यह सब क्यों लिखा था.

पर अब कुछ हो नहीं सकता था. शेखर और दिव्या की शादी हो गई. अब वे दोनों हंसीखुशी एकदूसरे के साथ रहते हैं. इस से सबक मिलता है कि आप जिस से प्यार करें, उसे जिंदगीभर निभाएं. यही इश्क की असली खुमारी है. कई ऐसे उदहारण हैं, जो इश्क में जातिधर्म जैसी बंदिशों को स्वीकार नहीं करते हैं.

गांवों में नहीं सुधरे हालात

प्यारमुहब्बत को ले कर शहरों में तो हालात बदल गए हैं, पर गांवदेहात में अभी भी प्यार बंदिशों में रहता है. वहां नौजवानों को अपनी सोच बदलने की जरूरत है. कई नौजवान इस की कोशिश भी करते हैं. ऐसे में वे औनर किलिंग जैसी वारदातों के शिकार हो जाते हैं.

दरअसल, आजकल गांवदेहात में रहने वाली मुसलिम, एससीएसटी और ओबीसी जातियों की लड़कियां भी पढ़ने के लिए स्कूल जाने लगी हैं. वहां उन्हें अलगअलग लड़कों का साथ मिलता है. ये लड़कियां सुंदर और आकर्षक होती हैं. ऐसे में इन के साथ इश्क करने वाले कम नहीं होते हैं.

कई बार बहुत सी लड़कियां इश्क में पड़ भी जाती हैं, पर जब बात शादी की आती है, तो तमाम तरह की परेशानियां खड़ी हो जाती हैं. पर जो लड़केलड़कियां अपने पैरों पर खड़े होते हैं, वे अपने हक में फैसले कर लेते हैं.

निशा ओबीसी समाज से थी. गैरधर्म के अकील के साथ उस का इश्क हुआ. दोनों 12वीं क्लास के बाद आगे की पढ़ाई के लिए शहर चले गए. वहां उन को अच्छी नौकरी मिल गई. 2 साल के बाद उन दोनों ने शादी करने का फैसला लिया.

उन दोनों के घर वालों को जब इस बात का पता चला, तो वहां विरोध शुरू हो गया. निशा और अकील ने अपनेअपने घर वालों को समझने की लाख कोशिश की, पर कोई भी तैयार नहीं हुआ. लिहाजा, उन्होंने स्पैशल मैरिज ऐक्ट के तहत कोर्ट में शादी कर ली.

जो प्यार करने वाले जाति और धर्म को छोड़ कर इश्क की खुमारी देखते हैं, वे कामयाब होते हैं. कानून ने इस तरह के लोगों को सुरक्षा दे रखी है. जरूरत इस बात की है कि प्यार करने वाले अपने इश्क की खुमारी को पहचानें और एकदूसरे पर भरोसा रखें.

हां, यह बात जरूर है कि जब लड़कालड़की दोनों अपने पैरों पर खड़े होते हैं, तो किसी भी तरह की लड़ाई लड़ने में कामयाब हो जाते हैं. पर जब वे घरपरिवार के भरोसे रहते हैं, तो उन की शादी मुश्किल हो जाती है. लिहाजा, जाति और धर्म का कट्टरपन खत्म करने के लिए इश्क की खुमारी जरूरी है.

Winter Romance Special: सर्दी में रात का इश्क

राज और मोहिनी की हाल ही में शादी हुई थी. पर जब से जाड़े ने जोर पकड़ना शुरू किया था, इन दोनों की सैक्स लाइफ ठंडी पड़ने लगी थी. राज को लगता था कि मोहिनी बिस्तर पर बर्फ की सिल्ली की तरह पड़ जाती है और कितना ही जोर लगा लो, गरम ही नहीं हो पाती है. उसे बड़ी कोफ्त होती थी.

उधर मोहिनी की दिक्कत यह है कि उसे ठंड बहुत ज्यादा लगती है और वह बिस्तर पर बिना गरम कपड़ों के नहीं रह सकती है. ठंड में सैक्स करने के नाम से ही उसे कंपकंपी छूट जाती है.

उत्तर भारत में जब गुलाबी जाड़े की दस्तक होती है, तभी शादियों का सीजन भी शुरू हो जाता है. गुलाबी जाड़े में गुलाबी इश्क, यह मेल कमाल का होता है. पर एक सच यह भी है कि सर्दी में हमारी सैक्स की इच्छा भी कम हो जाती है. यह सुन कर हैरानी होती है न? बिस्तर पर रजाई हो और पहलू में सैक्स पार्टनर, तो फिर यह इच्छा अचानक क्यों सिकुड़ जाती है?

दरअसल, मोहिनी की तरह बहुत से जोड़ों की यह शिकायत रहती है कि सर्दी के मौसम में वे काफी रूखे और सूखे हो जाते हैं. साथ ही, सर्दी में विटामिन डी का लैवल भी कम होता है, जो शरीर की ताकत बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी होता है. इस की कमी के चलते लोग अपने मूड में सब से खराब बदलाव महसूस करते हैं. दिन छोटे और रातें बड़ी हो जाती हैं. जल्दी अंधेरा होने की वजह से लोग और भी ज्यादा बुरा महसूस करते हैं. पर साथ ही यह भी याद रखिए कि भले ही सर्दी में सैक्स के प्रति दिलचस्पी कम हो जाती है, लेकिन इस मौसम में मर्दों में टैस्टोस्टैरोन का लैवल हाई होता है, जिस में स्पर्म की तादाद ज्यादा होती है. वहीं, औरतों में भी ज्यादा फर्टिलिटी होती है, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है. सर्दी में रात का इश्क भी गरमागरम हो सकता है, बस थोड़े से सब्र और नए उपाय करने की जरूरत होती है.

सर्दी में इश्क का मजा लेना हो, तो अपने काम से कुछ दिन की छुट्टी ले लें और अपने पार्टनर के साथ कहीं घूमने चले जाएं. दिन में बाइक पर सट कर बैठते हुए एकदूसरे के अंगों की गरमाहट लें और रात को कमरे में बेबाक हो कर एकदूसरे में समा जाएं.

यकीन मानिए, काम के बोझ से हलका आप का मन तन को इतनी ज्यादा गरमाहट से भर देगा कि बिस्तर पर आप दोनों बिना कपड़ों के भी हीटर की तरह सुलग रहे होंगे.

एक काम और जरूर करें. बिस्तर पर अपनी सैक्स पोजीशन और किस अंग को छूने से आप की गरमाहट बढ़ती है, इस पर खुल कर बात करें. एकदूसरे के शरीर को बेशर्म हो कर देखें, चूमें और सहलाएं. रात के कालेपन और सर्दी की ठिठुरन को भूल कर एकदूसरे के शरीर की गरमी को महसूस करें.

अगर कमरे के अंधेरे से दिक्कत है, तो बल्ब की रोशनी के बजाय मोमबत्ती की हलकी रोशनी कर लें. जलते मोम की गंध आप के शरीर के पसीने की गंध को और ज्यादा महका देगी और आप दोनों के रिश्ते में एक अलग तरह की रोमानियत ले आएगी.

सर्दी में कमरे के भीतर आप अपने पार्टनर की मालिश कर सकते हैं. यह नुसखा प्यार बढ़ाने के लिए अचूक माना जाता है. इस से शरीर की गरमी तो बढ़ती ही है, साथ ही खून का दौरा भी तेज हो जाता है.

मालिश करते हुए एकदूसरे के नाजुक अंगों से भी खूब खेलें और जोश को बढ़ा दें. यह एक तरह का फोरप्ले होता है, जो दोनों पार्टनर को जिस्मानी रिश्ता बनाने के लिए तैयार कर देता है. पर इस के लिए जरूरी है कि आप साफसुथरे हों, इत्र वगैरह लगाया हो, ब्रश किया हो और नाखून भी ट्रिम किए हुए हों, ताकि मालिश के दौरान जोश में शरीर नोचने पर चोट न लगे.

अगर इस सब के बावजूद जाड़े में रात को कमरा ठंडा लगता है, तो ब्लोअर या हीटर ले आएं और उस की आंच पर अपने इश्क की खीर पकाएं.

Winter Romance Special: शरीर खुशबूदार तो गहरा प्यार

आजकल आशिक और माशूक एकदूसरे को तोहफे में जो सब से ज्यादा आइटम देते हैं, वह परफ्यूम या डिओ होता है. तय है कि इस के पीछे मंशा यह रहती है कि हमारा प्यार हमेशा यों ही महकता रहे. इस सोच को एक शायर ने अपने एक शेर में कुछ ऐसे कहा है :

‘सुबह उठते ही तेरे जिस्म की खुशबू आई, शायद रातभर तू ने मुझे ख्वाब में देखा है.’

परफ्यूम या डिओ ऐसा गिफ्ट है, जो सभी के बजट में रहता है और इसे सहूलियत से रखा जा सकता है. आजकल हर कोई परफ्यूम और डिओ का इस्तेमाल करता है और प्यार करने वाले तो कुछ ज्यादा ही करते हैं, खासतौर से डेट पर जाते वक्त. अगर उन के पास एक से ज्यादा खुशबू वाले परफ्यूम हों, तो वे बहुत सारा समय यही सोचने में लगा देते हैं कि आज कौन सा परफ्यूम लगाया जाए कि पार्टनर उस के लिए और दीवाना हो जाए.

एक इश्तिहार में बड़े दिलचस्प तरीके से इसे दिखाया भी गया है कि कोई जवां मर्द एक खास किस्म का परफ्यूम लगा कर निकलता है, तो लड़की उस की खुशबू सूंघते हुए उस के पीछेपीछे पतंग सी खिंची चली आती है.

प्यार में खुशबू की अहमियत इसी बात से समझी जा सकती है कि ज्यादातर फिल्मों में जब आशिक और माशूक एकदूसरे से लिपटते हैं, तो आशिक माशूका के बालों और गरदन को सूंघता दिखता है.

हकीकत इस से जुदा नहीं होती. आशिक और माशूक एकदूसरे के गले लगें या न लगें, लेकिन नजदीक होने पर ही बदन से उठती खुशबू में डूबने और इतराने से खुद को रोक नहीं पाते हैं और फिर जुदा होने के बाद तनहाई में गुनगुनाते हैं :

‘खुशबू तेरे जिस्म की मेरे इत्र की किताब है, वफा न सही मुझ को दर्द ए हिज्र का खिताब है.’

खुशबू से महकता प्यार

कुदरती तौर पर हरेक जिस्म की अपनी एक अलग गंध होती है. वैज्ञानिक और माहिर भले ही इसे हार्मोन से जोड़ते रहें, लेकिन एक दफा जो इस गंध में बंध गया, वह फिर खुद इस से आजाद नहीं होना चाहता. इसी गंध में जब चंदन, केसर, गुलाब, मोगरा या कोई दूसरी परंपरागत या फिर नई खुशबू मिला ली जाती है, तो चाहने वालों के लिए तो वह जायदाद जैसी हो जाती है.

पार्टनर के शरीर से उठती खुशबू कब प्यार की पहचान बन जाती है, इस का तो सालोंसाल पता ही नहीं चलता. इसी खुशबू में डूबतेइतराते प्यार इतना गहराता जाता है कि एकदूसरे के बगैर रहना और जीना भी सजा लगने लगता है.

विदिशा के नजदीक एक गांव का नौजवान अमित (बदला नाम) अग्निवीर बन कर सेना में शामिल हुआ, तो उसे पहली तैनाती जम्मूकश्मीर में मिली. नौकरी पर जाने से पहले उस की माशूका सीमा (बदला नाम) ने उसे एक महंगा परफ्यूम तोहफे में यह कहते हुए दिया था कि ‘इस की खुशबू तुम्हें मेरी याद दिलाती रहेगी’.

ट्रेनिंग के दौरान अमित ने जब भी वह परफ्यूम लगाया, तो सचमुच उसे लगता था कि सीमा आसपास ही कहीं है और इसी खुशबू के साथ महक रही है.

सीमा चोरीछिपे अमित से मोबाइल के जरीए बात करती थी, तो अमित उसे बताता था कि ‘तुम्हारी दी गई खुशबू दिनरात महकती रहती है. सुहागरात में भी तुम मुझे यही परफ्यूम गिफ्ट में देना’.

इन दोनों का शादी करने का सपना पूरा होने में अब कोई अड़ंगा नहीं है, बस इन्हें पूरे दमखम और भरोसे के साथ घर वालों को अपनी इच्छा बताना भर है. वे मान जाएं तो ठीक, नहीं तो किसी के रोकने से अब ये रुकने वाले भी नहीं.

सीमा की मुहब्बत में डूबे अमित को भी एक दिन शायरी का रोग लग ही गया, तो उस ने माशूका को ह्वाट्सएप पर दिल से निकला यह मैसेज भेजा :

‘कभी आग तो कभी शोला बन कर दहकती है, तेरे प्यार की खुशबू सरहद पर यों महकती है.’

ऐसे करें इस्तेमाल

वह खुशबू ही है, जो प्रेमियों को नजदीक लाती है. अहम बात यह कि इस का सलीके से इस्तेमाल करना है. जब अपने पार्टनर से मिलें, तो ध्यान रखें कि खुशबू बहुत तीखी न हो. भीनीभीनी खुशबू हर किसी को भाती है. बालों को शैंपू करने के बाद बहुत सारा तेल सिर में उड़ेलना कतई जरूरी नहीं. किसी अच्छे तेल को बालों में कम से कम लगाना ही काफी रहता है. चेहरे और गरदन पर ब्रांडेड कोल्ड क्रीम सर्दियों में अच्छी रहती है और उस के ऊपर हलका सा कोई टैलकम पाउडर लगा लें, तो चेहरा खिल उठता है.

अब बारी आती है परफ्यूम या डिओ की, तो वह अपने पार्टनर की पसंद का स्प्रे करें. अगर उस की कोई खास पसंद न हो तो लड़कियों के लिए चंदन, मोगरा और गुलाब की खुशबू वाले परफ्यूम अच्छे रहते हैं.

इस के उलट लड़कों को चौकलेट फ्लेवर के परफ्यूम ज्यादा पसंद आते हैं. पहली डेट पर ज्यादातर लड़के चौकलेट खुशबू का परफ्यूम लगा कर जाते हैं. इस के पीछे माहिरों का कहना है कि लड़कियां चौकलेट पसंद करती हैं और इस की तरफ जल्दी खिंचती भी हैं.

भोपाल की मनीषा मार्केट के एक कैमिस्ट अनिल ललवानी बताते हैं, ‘‘परफ्यूम तो परफ्यूम लड़के डेट पर जाने के लिए कंडोम भी चौकलेट फ्लेवर का ज्यादा लेते हैं. चौकलेट के बाद लड़कों की दूसरी पसंद फूलों की खुशबू वाले परफ्यूम होते हैं.

‘‘आजकल अलकोहल की गंध वाले परफ्यूम भी लड़के पसंद कर रहे हैं. लड़कियों को इंप्रैस करने के लिए चौथे नंबर पर फलों की खुशबू वाले परफ्यूम लड़के ज्यादा लगाते हैं.’’

डेट पर जाने से पहले खुशबूदार साबुन से नहाना चाहिए, ताकि शरीर की बदबू भाग जाए. इस के बाद पूरे शरीर पर टैलकम पाउडर लगाना चाहिए. आजकल सभी कंपनियां तकरीबन सभी खुशबुओं वाले टैलकम पाउडर बना रही हैं. सर्दियों में यों तो कोई भी खुशबू चल जाती है, क्योंकि पसीना कम आता है. थोड़ा सा चंदन वाला पाउडर लंबे समय तक महकता रहता है.

प्यार में हों, डेट पर हों या उस से भी ज्यादा कुछ होना हो, जरूरी है कि पूरा शरीर महकता रहे. एक अहम बात जिस पर अकसर प्यार करने वाले ध्यान नहीं दे पाते, वह मुंह से आती बदबू है, जिसे दूर करने के लिए ब्रश करने के बाद इलायची या माउथ फ्रैशनर जरूर इस्तेमाल करना चाहिए.

पूरा शरीर खुशबू से तर हो, लेकिन जैसे ही किस करने की बारी आए, तो मुंह की बदबू मामला खराब कर देती है, इसलिए इस का भी ध्यान रखना चाहिए, तभी तो प्यार की गहराइयों में उतरने का सही लुत्फ आएगा और जेहन में तकरीबन 45 साल पहले आई फिल्म ‘बदलते रिश्ते’ का ऋषि कपूर, जितेंद्र और रीना राय पर फिल्माया गया यह रोमांटिक गाना गूंज उठेगा :

‘मेरी सांसों को जो महका रही है ये पहले प्यार की खुशबू तेरी सांसों से शायद आ रही है.’

Winter Romance Special: इश्क दोगुना करे एक चाय दो जोड़े होंठ

गांवदेहात में सर्दियों के बारे में एक कहावत बहुत ही मशहूर है कि ‘जाड़ा जाए रूई या दुई’. इस का मतलब है कि सर्दियों को भगाने में 2 चीजें ही काम आती हैं, एक रूई यानी रजाई और दूसरी दुई यानी 2 लोग. जब यही 2 लोग रजाई में बैठ कर गरमागरम चाय की चुसकी लेंगे, तो सर्दियां छूमंतर हो जाएंगी. कई बार प्यार करने वाले 2 लोग एक ही कप में जब चाय पीते हैं, तो चाय के स्वाद के साथसाथ एकदूसरे के होंठों की तपिश का भी अहसास होता है.

आज गांवदेहात में भी जिंदगी जीने का ढर्रा बदल रहा है. अब वह जमाना नहीं है, जैसे पहले पति अपनी पत्नी के कमरे में सोने के लिए रात को चोरीछिपे जाता था कि घर के बड़ेबूढ़े देख न लें. गांवदेहात में भी एकल परिवार हो रहे हैं. पतिपत्नी आजादी के साथ अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं. ऐसे में रोमांस करने का समय और जगह दोनों ही उन के पास होते हैं.

गांवदेहात में पहले पतिपत्नी की जिंदगी में रोमांस की ज्यादा जगह नहीं होती थी. वे केवल सैक्स करते थे, जिस से बच्चे पैदा हों और घरपरिवार व वंश आगे बढ़ सके.

अब तो गांवदेहात में भी पतिपत्नी रोमांस कर रहे हैं. वे ऐसे मौकों की तलाश में रहते हैं, जहां रोमांस किया जा सके. घरों में टैलीविजन और हाथ में मोबाइल फोन है, जिस में वे रोमांस करने के तरीके देखते रहते हैं खासकर जब से सोशल मीडिया पर रील बनाने का शौक चढ़ा है, तब से गांव में रहने वाले जोड़ों का रोमांस सिर चढ़ कर बोल रहा है.

अब बात ‘एक चाय दो जोड़े होंठ’ से आगे तक पहुंच गई है. इस बार नया ट्रैंड देखने को मिल सकता है. इस में और मजा लेने की चाह में चाय एक पीता है. वह चाय को अपने मुंह में भर लेता है. इस के बाद वह अपने पार्टनर को किस करते हुए उस के होंठों को अपने होंठों से खोलता है.

इस के बाद अपने मुंह में भरी चाय उस के मुंह में छोड़ता है. वह पार्टनर भी बड़ी आसानी से उस चाय को पी लेता है. इस तरह से देखें, तो होंठ एक, चाय एक और पीने वाले 2 हैं. आपस में प्यार बढ़ाने का यह अच्छा तरीका है.

अदरक वाली कड़क चाय

इस सर्दी में सोशल मीडिया पर रील में यह नया ट्रैंड हो सकता है. कई जोड़े जो पतिपत्नी नहीं हैं, वह इस का प्रयोग तो करते हैं, बस इस का प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं.

चाय सर्दियों लोग में सब से ज्यादा पीया जाने वाला पदार्थ है. अब गांवदेहात में भी दूध का इस्तेमाल उतना नहीं होता जितना चाय का होता है. कुछ लोग दूध वाली चाय पीते हैं, तो कुछ मलाई वाली चाय पीते हैं.

गांवदेहात में ग्रीन टी, काली चाय और नीबू वाली चाय का इस्तेमाल कम होता है. शहरों में भले ही गुड़ वाली चाय पीने का ट्रैंड हो, पर गांव में चीनी वाली चाय ही लोग पीते हैं.

सर्दियों में लोग अलगअलग जगहों पर अलगअलग तरह की चाय पीते हैं. मैदानी इलाकों में अदरक वाली चाय सब से ज्यादा पसंद की जाती है. कश्मीर में कहवा पीते हैं. चाय की मिठास तब और बढ़ जाती है, जब चाय के ऊपर भरपूर मलाई पड़ी हो.

सर्दियों में अदरक वाली चाय पीने का अलग ही मजा होता है. ठंड के मौसम में अदरक की चाय गले से नीचे उतरती है, तो सारी सर्दी दूर भाग जाती है. अदरक का सेवन करना सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है.

सर्दियों में बाहर ठंडी हवा और हाथ में एक प्याली गरम चाय और साथ में चाय पीने वाली हो, तो मूड को बदलते देर नहीं लगती है.

भारतीय लोगों में चाय पीना एक परंपरा की तरह है. गांव से ले कर शहर तक में लोग तरहतरह की चाय पीना पसंद करते हैं. साधारण चाय के अलावा तुलसी, अदरक, इलायची, मसाला, लौंग, शहद, मुलेठी, सौंफ वाली चाय ज्यादा पसंद की जाती है.

चाय को ले कर रोमांस भी फिल्मी गानों में दिखता है. इन में से एक गाना बहुत मशहूर हुआ था ‘गरम चाय की प्याली हो, उस को पिलाने वाली हो. चाहे गोरी हो या काली हो…’ मतलब, चाय के साथ सर्दियों का रोमांस और भी परवान चढ़ता है.

सेहत के लिए फायदेमंद

सर्दियों में चाय का पीना अच्छा होता है. सुबह दूध और पत्ती वाली चाय की जगह अगर मसाले वाली चाय पी जाए, तो सेहत को फायदा मिलता है. सर्दी से मुकाबले के लिए चाय की चुसकी जरूरी होती है. मसाले और जड़ीबूटियां मिलाने से काफी फायदा पहुंच सकता है.

दूध वाली चाय की जगह अगर आप सुबह एक कप गरम मसालेदार चाय पीएंगे, तो हड्डियों को जकड़ने वाली ठंड में आप के शरीर को गरमाहट मिल सकती है.

इस के लिए पानी में दालचीनी, लौंग, इलायची, जायफल, केसर, अदरक जैसे मसाले मिला कर उसे उबालना और पीना चाहिए. मिठास के लिए चीनी की जगह शहद भी मिला सकते हैं. मसाले शरीर को अच्छी गरमी देते हैं.

चाय में जायफल, दालचीनी, इलायची या सोंठ जैसे मसाले और जड़ीबूटियां मिलाने से शरीर को ताकत मिलती है. फ्लू, बुखार, मौसमी एलर्जी के खिलाफ लड़ने की ताकत मिलती है. मसालों में एंटीऔक्सीडैंट्स की मौजूदगी बीमारी से लड़ने की ताकत बढ़ाने में मदद करती है.

चाय में मसाले मिला कर पीने से न सिर्फ इस की मोहक सुगंध से ऊर्जा मिलती है, बल्कि साथ ही बिना चाय पत्ती की इस चाय में कैफीन नहीं होता, जो इसे पाचन के लिए बहुत अच्छा बनाता है. सौंफ, लौंग, दालचीनी और जायफल जैसे मसाले वजन घटाने में तेजी ला सकते हैं.

इस के अलावा मसाले और कई तरह की जड़ीबूटियां भी दिल की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं. हलदी और लौंग जैसे मसाले एंटीइंफ्लेमैटरी गुणों से भरपूर होते हैं, जो शरीर में सूजन से लड़ते हैं, घाव और चोट को भरते हैं.

इस तरह से देखें, तो चाय बहुत ही गुणकारी है. जब 2 लोग एकसाथ रोमांस करते हुए चाय पीते हैं, तो डिप्रैशन जैसी चीजों की जगह प्यार, रोमांस और सैक्स की भावना बढ़ती है, जिस से मन खुश और तन दुरुस्त रहता है.

पहले मिलन को कुछ इस तरह से बनाएं यादगार : 8 रोमांटिक नुस्खे

अगर आप अपने जीवनसाथी के साथ पहले मिलन को यादगार बनाना चाहती हैं तो आप को न केवल कुछ तैयारी करनी होंगी, बल्कि साथ ही रखना होगा कुछ बातों का भी ध्यान. तभी आप का पहला मिलन आप के जीवन का यादगार लमहा बन पाएगा.

  1. करें खास तैयारी: पहले मिलन पर एकदूसरे को पूरी तरह खुश करने की करें खास तैयारी ताकि एकदूसरे को इंप्रैस किया जा सके.

2. माहौल हो खास: वह जगह जहां आप पहली बार एकदूसरे से शारीरिक रूप से मिलने वाले हैं, वहां का माहौल ऐसा होना चाहिए कि आप अपने संबंध को पूरी तरह ऐंजौय कर सकें.

कमरे में विशेष प्रकार के रंग और खुशबू का प्रयोग कीजिए. आप चाहें तो कमरे में ऐरोमैटिक फ्लोरिंग कैंडल्स से रोमानी माहौल बना सकती हैं. इस के अलावा कमरे में दोनों की पसंद का संगीत और धीमी रोशनी भी माहौल को खुशगवार बनाने में मदद करेगी. कमरे को आप रैड हार्टशेप्ड बैलूंस और रैड हार्टशेप्ड कुशंस से सजाएं. चाहें तो कमरे में सैक्सी पैंटिंग भी लगा सकती हैं.

फूलों से भी कमरे को सजा सकती हैं. इस सारी तैयारी से सैक्स हारमोन के स्राव को बढ़ाने में मदद मिलेगी और आप का पहला मिलन हमेशा के लिए आप की यादों में बस जाएगा.

3. खुद को रखें साफसुथरा : पहले मिलन का दिन निश्चित हो जाने के बाद आप खुद की ग्रूमिंग पर भी ध्यान दें. खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करें. इस से न केवल आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि आप स्ट्रैस फ्री हो कर बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगी. पहले मिलन से पहले पर्सनल हाइजीन को भी महत्त्व दें ताकि आप को संबंध बनाते समय झिझक न हो और आप पहले मिलन को पूरी तरह ऐंजौय कर सकें.

4. प्यार भरा उपहार: पहले मिलन को यादगार बनाने के लिए आप एकदूसरे के लिए गिफ्ट भी खरीद सकते हैं. जो आप दोनों का पर्सनलाइज्ड फोटो फ्रेम, की रिंग या सैक्सी इनरवियर भी हो सकता है. ऐसा कर के आप माहौल को रोमांटिक और उत्तेजक बना सकती हैं.

6. खुल कर बात करें: पहले मिलन को रोमांचक और यादगार बनाने के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार करें. अपने पार्टनर से इस बारे में खुल कर बात करें. अपने मन में उठ रहे सवालों के हल पूछें. एकदूसरे की पसंदनापसंद पूछें. जितना हो सके पौजिटिव रहने की कोशिश करें.

7. सैक्स सुरक्षा: संबंध बनाने से पहले सैक्सुअल सुरक्षा की पूरी तैयारी कीजिए. सैक्सुअल प्लेजर को ऐंजौय करने से पहले सैक्स प्रीकौशंस पर ध्यान दें. आप का जीवनसाथी कंडोम का प्रयोग कर सकता है. इस से अनचाही प्रैगनैंसी का डर भी नहीं रहेगा और आप यौन रोगों से भी बच जाएंगी.

8. सैक्स के दौरान

 – सैक्सी पलों की शुरुआत सैक्सी फूड जैसे स्ट्राबैरी, अंगूर या चौकलेट से करें.

– ज्यादा इंतजार न कराएं.

– मिलन के दौरान कोई भी ऐसी बात न करें जो एकदूसरे का मूड खराब करे या एकदूसरे को आहत करे. इस दौरान वर्जिनिटी या पुरानी गर्लफ्रैंड या बौयफ्रैंड के बारे में कोई बात न करें.

– संबंध के दौरान कल्पनाओं को एक तरफ रख दें. पोर्न मूवी की तुलना खुद से या पार्टनर से न करें और वास्तविकता के धरातल पर एकदूसरे को खुश करने की कोशिश करें.

– बैडरूम में बैड पर जाने से पहले अगर आप घर में या होटल के रूम में अकेली हों तो थोड़ी सी मस्ती, थोड़ी सी शरारत आप काउच पर भी कर सकती हैं. ऐसी शरारतों से पहले सैक्स का रोमांच और बढ़ जाएगा.

– सैक्स संबंध के दौरान उंगलियों से छेड़खानी करें. पार्टनर के शरीर के उत्तेजित करने वाले अंगों को सहलाएं और मिलन को चरमसीमा पर ले जा कर पहले मिलन को यादगार बनाएं.

– मिलन से पहले फोरप्ले करें. पार्टनर को किस करें. उस के खास अंगों पर आप की प्यार भरी छुअन सैक्स प्लेजर को बढ़ाने में मदद करेगी.

– सैक्स के दौरान सैक्सी टौक करें. चाहें तो सैक्सुअल फैंटेसीज का सहारा ले सकती हैं. ऐसा करने से आप दोनों सैक्स को ज्यादा ऐंजौय कर पाएंगे. लेकिन ध्यान रहे सैक्सुअल फैंटेसीज को पूरा के लिए पार्टनर पर दबाव न डालें.

– संयम रखें. यह पहले मिलन के दौरान सब से ज्यादा ध्यान रखने वाली बात है, क्योंकि पहले मिलन में किसी भी तरह की जल्दबाजी न केवल आप के लिए नुकसानदेह होगी, बल्कि आप की पहली सैक्स नाइट को भी खराब कर सकती है.

सैक्स के दौरान बातें करते हुए सहज रह कर संबंध बनाएं. तभी आप पहले मिलन को यादगार बना पाएंगे. संबंध के दौरान एकदूसरे के साथ आई कौंटैक्ट बनाएं. ऐसा करने से पार्टनर को लगेगा कि आप संबंध को ऐंजौय कर रहे हैं.

पुरुषों की ये आदतें पार्टनर को नहीं आती पसंद, तुरंत सुधारें

पुरुषों की ऐसी कई आदतें होती है जो महिलाओं को बिलकुल पसंद नहीं होती है. तो आज हम इस आर्टिकल में उन्ही आदतों की बात करेंगे. ये ज़रुरी नहीं कि सिर्फ ये बाते गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड के बीच लागू होती हो, बल्कि पति-पत्नी के बीच भी ऐसी कई बातें होती है जो महिलाओं को पुरुषो की नहीं पसंद आती है. रिश्ते में ये ज़रुरी है कि दोनों तरफ से स्पोर्ट किया जाए. वरना रिश्ता कमजोर हो जाता है और  उसका सबसे बड़ा कारण होता है कि महिलाओं को ना पसंद आने वाली आदतों को उपयोग करना.

  • इमोशनली कनेक्टेड ना रहना – महिलाएं अक्सर चाहती हैं कि उनका पार्टनर उन्हें सुने, उन्हें साहनुभूति दे और इमोशनली तौर पर भी सपोर्ट करे. वहीं कई बार लड़के इन बातों को अनदेखा करके उन्हें समझने की कोशिश नहीं करते और जब भी वे आपसे कुछ शेयर करने  की कोशिश करती हैं तो पुरुष समझते नहीं हैं, ऐसा होने से महिलाएं निराश हो सकती हैं.
  • जिम्मेदारियों को गंभीरता से ना लेना- महिलाएं अक्सर अपने परिवार और घर की जिम्मेदारी अपने कंधे पर उठा लेती हैं लेकिन अगर घर के किसी काम में उनके पार्टनर की जरूरत हैऔर अगर ऐसे में वह घरेलू कामों में कुछ मदद नहीं करेंगे तो महिलाओं को वह बात अच्छी नहीं आएगी. मानकर चलें आप मार्केट जा रहे हैं . आपकी पार्टनर आपसे कुछ सामान लाने के लिए कह देती है और अगर आप ऐसा करना भूल जाते हैं तो क्या होगा ये आपको अच्छे से पता है.
  • टॉक्सिक रिलेशनशिप – कोई भी रिलेशन प्यार से चलता है ना कि टॉक्सिसिटी से. दरअसल, कुछ पुरुष शुरू से ही स्ट्रिक्ट, फीलिंग ना दिखाने वाले होते हैं. जिससे रिलेशन पर नेगेटिव असर होता है. कुछ महिलाओं को आपका ऐसा व्यवहार करना पसंद नहीं आएगा और वे इमोशनली रूप से आपसे कनेक्टेड नहीं हो पाएंगी.

 

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