मुझे शादी के लिए लड़की मिल गई है : सलमान खान

देश के ‘मोस्ट एलिजिबल बैचलर्स’ में नंबर वन माने जाने वाले सलमान खान को ‘लड़की मिल गई है.’ ऐसा हम नहीं बल्कि खुद सलमान खान कह रहे हैं. जी हां, सलमान ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक ट्वीट कर लिखा, “मुझे लड़की मिल गई.” वैसे तो सलमान का यह केवल एक लाइन का था पर उनके चार शब्दों वाले इस ट्वीट ने हंगामा मचा दिया. इस पर धड़ाधड़ लाइक, रिट्वीट्स और रिप्लाई आने लगे. उनकी एक लाइन से ही फैन्‍स की खुशी रोके नहीं रुक रही थी. हर कोई जानना चाह रहा था कि आखिर वह लड़की कौन है? उसका नाम क्‍या है?

लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल थें. क्या सलमान शादी करने जा रहे हैं? ये कौन लड़की है, जिसके मिलने की बात वो अचानक ट्वीट करके बता रहे हैं? सलमान के एक फैन ने उन्हें सलाह दी, “भाई, इस बार खोने मत देना.” एक ने लिखा, “बधाई हो भाई, जल्दी शादी करो अब, फिर शादी में बुलाना.” कुछ ने लिखा, “कौन है भाई, भाभी हमारी?” इसके अलावा कुछ मजेदार ट्वीट्स भी देखने को मिलें. सलमान के फैन ने लिखा, “प्रेम रतन गर्ल पायो.” तो वहीं दूसरे ने लिखा, “मेरे लिये भी ढूंढ दो भाई.”

कइयों को ये मजाक लगा. एक यूजर ने कहा, “प्लीज, इस चुटकुले को विस्तार से समझाएं.” सलमान से एक यूजर ने पूछा, “शादी के लिए या कन्यादान के लिए?” एक यूजर ने कहा, ”इतना सस्पेंस तो कटट्पा ने बाहुबली को क्यों मारा में भी नहीं था जितना भाई के इस ट्वीट में है.”

पिछले कई सालों से हर कोई सलमान खान से बस यही सवाल करता है कि वह शादी कब कर रहे हैं. यहां तक कि हाल ही में उनके शो ‘बिग बौस 11’ के स्‍टेज पर पहुंची रानी मुखर्जी ने भी सलमान खान से शादी के बजाए सीधे बच्‍चों की ही बात कर डाली. दरअसल, सलमान खान के इस ट्वीट के बाद से ही उनके फैन्‍स को लगने लगा कि शायद इतने सालों बाद सलमान ने शादी करने का फैसला कर ही लिया है. वैसे सलमान का ट्वीट ही ऐसा था कि कोई भी कंफ्यूज जो जाए, लेकिन करीब दो घंटे बाद सलमान खान ने खुद ही सारे सस्पेंस की हवा निकाल दी. उन्होंने ट्वीट किया, ”चिंता की कोई बात नहीं है. आयुष शर्मा की फिल्म लवरात्रि के लिए लड़की मिल गई है तो चिंता ना करो और खुश रहो.” लड़की का नाम है वारिना.

सलमान ने अपने ट्वीट में यह भी बताया कि यह लड़की उन्‍होंने अपने लिए नहीं, अपने जीजाजी के लिए चुनी है. जी हां, सलमान खान अपनी बहन अर्पिता खान शर्मा के पति आयुष शर्मा को फिल्‍मों में लौन्‍च करने वाले हैं. ऐसे में वारिना आयुष शर्मा की फिल्‍म की हीरोइन के तौर पर नजर आने वाली हैं. आयुष शर्मा फिल्‍म ‘लवरात्रि’ से बौलीवुड में डेब्‍यू करने वाले हैं. ‘लवरात्रि’ में आयुष के साथ वारिना नजर आएंगी और फिल्म का निर्देशन अभिराज मीनावाला करेंगे. यह फिल्म निर्देशक के तौर पर मीनावाला की पहली फिल्म होगी. इससे पहले वह सलमान की ‘सुल्तान’ और शाहरूख खान की ‘फैन’ में सहायक निर्देशक रह चुके हैं.

सलमान का नाम ऐश्वर्या राय से लेकर कैटरीना कैफ और यूलिया वंतुर के साथ जुड़ता रहा है लेकिन बात कभी शादी तक नहीं पहुंची. एक इंटरव्यू में सलमान ने शादी को ‘पैसे की बर्बादी’ बताया था. वहीं, मशहूर टौक शो ‘कौफी विद करन’ में अपने वर्जिन होने की बात कही थी.

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टांगें फैला कर बैठते युवक, सिकोड़ कर बैठती युवतियां

राजधानी दिल्ली के कामकाजी लोगों की लाइफलाइन बन चुकी मैट्रो में आप को एक बात देखने को मिलेगी, वह है युवक और युवतियों के बैठने के तरीके में अंतर. जहां युवक आराम से टांगें फैला कर सीट पर बैठते हैं, वहीं युवतियां टांगें सिकोड़ कर बैठती हैं. इस से एक सीट पर अगर 3 या 4 युवक बैठे हों तो एक यात्री की सीट अपनेआप कम हो जाती है. युवकों और युवतियों के मैट्रो या अन्य सार्वजनिक वाहनों में सीटों पर बैठने के तरीके में अंतर का अध्ययन करने वाले इस शोध पर युवकों की ओर से यह तर्क दिया जाता है कि युवकों की कमर से नीचे की शारीरिक बनावट ऐसी होती है कि उन्हें टांगें सिकोड़ कर बैठने में परेशानी होती है, जिस कारण वे टांगें फैला कर बैठते हैं.

दूसरी ओर स्त्रीवादी विमर्शक इस तर्क को खारिज करते हुए कहते हैं कि अगर शारीरिक बनावट के आधार पर बैठने या चलने के तर्क को माना जाए तो युवतियों को अपनी कमर से ऊपर की शारीरिक बनावट के चलते हाथों को फैला कर चलना चाहिए, लेकिन वे ऐसा नहीं करतीं. वे अपने हाथों को पुरुषों के मुकाबले सिकोड़ कर ही चलती हैं.

इस व्यवहार की वजह समाज में युवकों का वर्चस्व है, जिस कारण वे मैट्रो या अन्य सार्वजनिक वाहनों में आराम फरमा कर बैठते हैं. इतना ही नहीं वे स्थितियों से सामंजस्य बैठा कर खुद को उन के अनुरूप ढालने के बजाय उन्हें अपने अनुकूल बना लेते हैं.

महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें व कोच 1 मार्च, 2013 से दिल्ली सरकार ने डीटीसी की बसों में एकचौथाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी हैं. ऐसा दिल्ली में महिलाओं के सफर को सुरक्षित व आरामदेह बनाने के लिए किया गया.

मैट्रो में भी एक कोच महिलाओं के लिए आरक्षित होता है, लेकिन इस के बावजूद युवक महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर न केवल बैठते हैं बल्कि सीट खाली भी नहीं करते हैं.

2 अक्तूबर, 2010 को डीएमआरसी ने महिलाओं के लिए मैट्रो में एक कोच आरक्षित किया था. इस के अलावा मैट्रो के हर कोच में महिलाओं के लिए 4 आरक्षित सीटें भी होती हैं. इसे 3 अक्तूबर, 2010 से दिल्ली में कौमनवैल्थ गेम्स शुरू होने से एक दिन पहले प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया था.

इस के लिए तर्क यह दिया गया था कि मैट्रो में महिला यात्रियों की संख्या कुल यात्रियों की संख्या के मुकाबले एकचौथाई होती है. इसी को ध्यान में रख कर डीटीसी ने भी बसों में महिलाओं के लिए एकचौथाई सीटें आरक्षित कीं.

आज मैट्रो के कोच 4 से बढ़ कर 6 व 8 हो चुके हैं और इन्हें 10 करने पर भी विचार किया जा रहा है, लेकिन अब भी मैट्रो में महिलाओं के लिए सिर्फ एक ही डब्बा आरक्षित है, जबकि यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ महिला यात्रियों की संख्या भी बढ़ी है.

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पैडमैन में दिखेगी दक्षिण भारत की ये परंपरा, पहले पीरियड पर करते हैं सेलिब्रेट

अरुणाचलम मुरुगनाथम की जिंदगी पर बेस्ड फिल्म ‘पैडमैन’ में ऐसा बहुत कुछ है जो उत्तर भारत के लोगों को चौंका सकता है, लेकिन दक्षिण में यही बात एक सामान्य परंपरा भर है. बौलीवुड एक्टर अक्षय कुमार, सोनम कपूर और राधिका आप्टे स्टारर फिल्म ‘पैडमैन’ 9 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. इन दिनों फिल्म की पूरी स्टारकास्ट फिल्म के प्रमोशन में जुटी हुई है. फिल्म को प्रमोट करने के लिए टीम ने यूनीक वे में ‘पैडमैन चैलेंज’ लौन्च किया है. इस चैलेंज को आमिर खान, दीपिका पादुकोण, राजकुमार राव और अनिल कपूर जैसे सितारों का समर्थन भी मिला है.

इस कैंपेन के जरिए सैनिटरी नेपकिन को लेकर जागरुकता की कमी का मुद्दा उठाया गया है, लेकिन यहां हम एक दिलचस्प बात साझा कर रहे हैं. हाल ही में फिल्म का एक गीत ‘सयानी’ रिलीज किया गया है. इस गाने में ‘फर्स्ट पीरियड’ को लेकर फिल्म में ​सेलिब्रेशन दिखाया गया है. दरअसल ऐसा दक्षिण भारत के कई हिस्सों में आम बात है. दक्षिण में पारंपरिक तौर पर फर्स्ट पीरियड को उत्सव की तरह सेलिब्रेट किया जाता है.

फर्स्ट पीरियड पर फैमिली और फ्रेंड्स करते हैं विश

आन्ध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और तेलांगना में फर्स्ट पीरियड पर बाकायदा दोस्तों और रिश्तेदारों को लड़की के परिजन निमंत्रण भेजते हैं. इस दौरान अलग-अलग जगहों पर 7 से 3 दिन तक का सेलिब्रेशन चलता है. दोस्त और रिश्तेदार लड़की को विश करने के साथ ही गिफ्ट भी इस मौके पर देते हैं. आन्ध्र प्रदेश और तेलांगना में इस रस्म को ‘पुष्पवती’ या ‘रजस्वला आह्वानम’ कहा जाता है. कई जगह इस परंपरा को ‘ऋतु कला संस्कार’ के नाम से भी जाना जाता है.

राधिका ने भी बताई थी सेलिब्रेशन की बात

फिल्म की एक्ट्रेस राधिका आप्टे ने फिल्‍म के प्रमोशन के दौरान पीरियड्स से जुड़े अपने अनुभव को हाल ही में शेयर किया था. उन्‍होंने बताया कि जब मुझे पहली बार पीरियड्स हुए तो मां ने घर में पार्टी दी और परिवार के लोगों ने एक रिस्‍ट वौच गिफ्ट की. उन्होंने बताया कि उनके घर में ज्यादातर लोग डौक्टर हैं इसलिए उनके घर पर इस मुद्दे पर बात करना अलग नहीं था.

ट्विंकल खन्ना ने शुरू किया ‘पैडमैन चैलेंज’

फिल्म के प्रमोशन के लिए अक्षय कुमार की पत्नी और एक्ट्रेस ट्विंकल खन्ना ने नया तरीका निकाला है. उन्होंने हाल ही में ‘पैडमैन चैलेंज’ नाम की एक शुरुआत की है. ऐसे में जो भी स्टार किसी दूसरे का नाम नौमिनेट करेगा उसे अपने हाथ में सैनिटरी नेपकिन लेकर अपनी फोटो सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करनी होगी. पैडमैन चैलेंज को अब तक दीपिका पादुकोण और आमिर खान जैसे सितारों ने एक्सेप्ट किया है. आमिर ने शुक्रवार को ‘पैडमैन चैलेंज’ एक्सेप्ट कर शाहरुख खान, सलमान खान और अमिताभ बच्चन को इस चैलेंज के लिए नॉमिनेट किया, लेकिन अब तक तीनों में से किसी ने भी यह चैलेंस एक्सेप्ट नहीं किया है.

बहरहाल बायोपिक के इस दौर में पैडमैन अपने आप में अनूठा विषय तो है ही लेकिन ये फिल्म दक्षिण भारत की उस समृद्ध परंपरा की झलक भी दिखाएगी, जिस मुद्दे पर आज भी उत्तर भारत में छिपकर चर्चा होती है.

ट्विंकल ने बताया, किसिंग सीन पर कैसे रिएक्ट करता है बेटा

बौलीवुड एक्ट्रेस ट्विंकल खन्ना काफी लम्बे समय के बाद एक बार फिर बौलीवुड इंडस्ट्री में कदम रख रही हैं, लेकिन इस बार पर्दे के आगे से नहीं बल्कि पर्दे के पीछे से. जी हां, जैसा कि आप सभी जानते हैं काफी समय से लाइमलाइट से दूर अक्षय कुमार की पत्नी ट्विंकल खन्ना फिल्म ‘पैडमैन’ से बतौर प्रोड्यूसर अपनी नई पारी की शुरुआत करने जा रही हैं. ट्विंकल खन्ना अपने सेंस औफ ह्यूमर के लिए जानी जाती हैं. हाल ही में ट्विंकल खन्ना ने हिन्दी न्यूज चैनल को दिये अपने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि फिल्म में उनके किसिंग सीन को देखकर बेटे आरव का कैसा रिएक्शन होता है.

उन्होंने कहा, ‘मुझे अच्छा नहीं लगता कि मेरे बच्चे मेरी फिल्में देखें. मेरा बेटा आरव तो बहुत ही शरारती है. वह 1996 में आई मेरी फिल्म ‘जान’ की वह क्लिप बार-बार चलाता है जिसमें मैं एक किसिंग सीन कर रही हूं. उसने मेरे द्वारा फिल्माएं गए उस सीन का इतना मजाक बनाया कि मैं आपको क्या बताऊं. उसने तो मेरे एक बर्थडे पर उस सीन का बाकायदा कोलाज बनाकर मुझे गिफ्ट किया था.

इसी दौरान ट्विंकल ने अपनी फिल्मों के सेट का एक मजेदार किस्सा भी शेयर किया. उन्होंने कहा मेरे एक को-ऐक्टर थे जिन्होंने शूट कैंसल कर दिया. उन्होंने अगले दिन मुझे यह बताने के लिए कौल किया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है क्योंकि उनके गर्भाशय में दिक्कत है. मैं उसके बाद कुछ कहने की स्थिति में ही नहीं थी, सिर्फ हंसती रही.

ट्विंकल ने अपने फिल्मी करियर के बारे में बात करते हुए बताया कि मैं सेट पर किताबें पढ़ती थीं. कई बार ऐसा होता था कि मैं वहां बैठे बैठे बुनाई करने लग जाती थी, तो मेरा स्पौटब्वाय कहता था कि आप ऐसा मत करिए. सब लोग आपको आंटीजी बोलेंगे. इस तरह आपको एक इमेज बनानी पड़ती है और मैं उस तरह की नहीं थी.

वहीं, अक्षय के बारें में बात करते हुए ट्विंकल कहती हैं, ‘हमारी सोशल, पौलिटिकल विचारधाराएं एक दूसरे से बिल्कुल अलग-अलग हैं. दिलचस्प बात यह है कि शुरुआती कुछ वर्षों के बाद हमने एक-दूसरे को बदलने की कोशिश को छोड़ दिया और एक-दूसरे से सीखना शुरू कर दिया. शादियां उस वक्त फेल हो जाती हैं जब आप दूसरे को अपनी तरह बनाने की कोशिश करने लगते हैं. यह संभव नहीं है.’

आपको बता दें कि पिछले दिनों अक्षय ने बताया था कि ट्विंकल ने हमारे बेटे आरव को पीरियड्स के बारे में सब कुछ बता दिया है. हमारे घर में कुछ भी छुपा नहीं है. हम दोहरी जिंदगी नहीं जीते. इन दिनों अक्षय और ट्विंकल दोनों ही अपनी आने वाली फिल्म ‘पैडमैन’ की तैयारी में जुट गए हैं. अक्षय कुमार की आने वाली फिल्म पैडमैन अरुणाचलम मुरुगनाथम की जिंदगी पर आधारित है, जिन्होंने अपने गांव की औरतों के लिए सस्ता सैनिटरी नैपकिन बनाना शुरू किया था. फिल्म पैडमैन 9 फरवरी को रिलीज हो रही है.

इस दिन रिलीज होगी टाइगर और ऋतिक की फिल्म

अभिनेता ऋतिक रोशन और टाइगर श्रौफ के अभिनय से सजी फिल्मकार सिद्धार्थ आनंद की आगामी फिल्म की शूटिंग अगस्त में शुरू होगी और इसे 2 अक्टूबर, 2019 को रिलीज किया जाएगा. फिल्म का नाम अभी तय नहीं किया गया है.

नई फिल्म यशराज फिल्म्स (वाईआरएफ) के बैनर तले निर्मित होगी. इसमें वाणी कपूर भी प्रमुख भूमिका में हैं. फिल्म की शूटिंग अगस्त से शुरू होगी और फरवरी 2019 तक पूरी हो जाएगी और यह गांधी जयंती पर रिलीज होगी.

प्रोडक्शन हाउस द्वारा जारी एक बयान के माध्यम से फिल्म की रिलीज डेट की घोषणा की गई है. ऋतिक फिल्म में टाइगर के गुरु के रूप में नजर आएंगे. टाइगर और आनंद हौलीवुड फिल्म फ्रेंचाइजी ‘रेम्बो’ की भारतीय रीमेक पर भी काम कर रहे हैं. इसमें सिलवेस्टर स्टैलोन भी प्रमुख भूमिका में थे.

बता दें, वाणी की ऋतिक और टाइगर के साथ यह पहली फिल्म है. इससे पहले वाणी रणवीर सिंह के साथ फिल्म बेफिक्रे में नजर आईं थी. बेफिक्रे में वाणी का किरदार काफी बोल्ड था.

बता दें, कि ऋतिक जल्द ही अपनी अगली फिल्म ‘सुपर 30’ की शूटिंग शुरू कर रहे हैं. इस फिल्म की कहानी बिहार के आनंद कुमार की असल जिंदगी पर आधारित है. इस फिल्म में ऋतिक, आनंद कुमार का किरदार निभाएंगे.

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वहीं टाइगर भी इन दिनों अपनी फिल्म ‘बागी 2’ के काम में बिजी हैं. इस फिल्म में टाइगर के साथ दिशा पटानी लीड रोल में नजर आएंगी. इसके अलावा वह जल्द ही करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट औफ द ईयर 2’ में भी नजर आने वाले हैं.

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‘पद्मावत’ देखने के बाद अमिताभ ने दीपिका को दिया ये इनाम

फिल्म ‘पद्मावत’ को लेकर इन दिनों अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की जमकर वाह वाही हो रही है. जिसे लेकर दीपिका सहित फिल्म की पूरी टीम खासा खुश नजर आ रहे हैं. जहां एक तरफ दीपिका चारों तरफ से प्रशंसा बटोर रही हैं, वहीं हाल ही में उन्हें एक ऐसे शख्स से फिल्म में उनके काम के लिए सराहना मिली जो उनके दिल के बेहद करीब हैं.

अमिताभ बच्चन ने अपने अंदाज मे दीपिका को शुभकामनाएं दी. बौलीवुड के शहंशाह से किसी भी कलाकार को उसके काम के लिए तारीफ मिलना बेहद खास होता है.

फिल्म पद्मावत में दीपिका के जबरदस्त परफौर्मेंस की सराहना करने के लिए बिग बी ने हाथ से लिखे हुए एक पत्र के जरिये उनके शानदार अभिनय की तारीफ की है. पत्र में बिग बी ने बताया कि फिल्म में उनका दमदार अभिनय उन्हें किस कदर पसंद आया है और वह काफी खुश है.

इस पत्र को ‘इनाम’ समझते हुए, दीपिका ने इस प्यार को सोशल मीडिया पर अपने प्रशंसकों के साथ शेयर किया. इस संदेश को शेयर करते हुए दीपिका ने भी एक बेहद भावुक संदेश लिखा. दीपिका ने लिखा, ”अवौर्ड्स.. अवौर्ड्स और फिर आता है ये..थैंक्यू बाबा”.

इससे पहले रणवीर सिंह को भी अमिताभ बच्चन ने ऐसा ही एक शुभकामना संदेश भेजा था. इस संदेश को ‘पुरस्कार’ बताते हुए अभिभूत रणवीर सिंह ने ट्विटर पर खत और एक गुलदस्ते की तस्वीर शेयर की थी. ‘पद्मावत’ फिल्म देखने के बाद अमिताभ द्वारा भेजे गए खत और गुलदस्ते की तस्वीर के कैप्शन में रणवीर ने लिखा है, “ मुझे मेरा अवौर्ड मिल गया.” अभिनेता को इस फिल्म में ‘सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी’ का किरदार अदा करने के लिए प्रशंसा मिल रही है. इससे पहले, सिंह को साल 2015 में बच्चन की तरफ से ‘बाजीराव मस्तानी’ के लिए हाथ से लिखा खत मिला था.

आपको बता दें कि 2015 में आई फिल्म पीकू में अमिताभ बच्चन और दीपिका पादुकोण साथ काम कर चुके हैं जिसके लिए उन्हें काफी सराहना मिली थी. फिल्म में दोनों की कैमेस्ट्री को भी औडियंस ने खूब पसंद किया था. फिल्म में अमिताभ बच्चन ने दीपिका पादुकोण के पिता की भूमिका निभाई थी. अमिताभ बच्चन के साथ दीपिका असल जिंदगी मे एक विशेष बंधन साझा करती है. फिल्म की रिलीज के बाद, आलोचकों से मिल रही प्रशंसा और बौक्स औफिस के शानदार कलेक्शन के साथ पद्मावत अभिनेत्री सफलता के रथ पर सवार हैं. बौक्स औफिस पर 100 करोड़ का आंकड़ा पार करने वाली ‘पद्मावत’ दीपिका की 7वीं फिल्म हैं, जिससे बौक्स औफिस पर विशाल कलेक्शन अपने नाम करने वाली वह बौलीवुड की एकलौती अभिनेत्री बन गई हैं.

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धर्म की दुकानदारी को गैरकानूनी करना ही होगा

वीरेंद्र देव दीक्षित जैसे बाबा कैसे लड़कियों को बहकाते हैं कि वे अपने मातापिता को भी भुला देती हैं, एक चमत्कार ही है. मध्य प्रदेश के सतना के राजेश प्रताप सिंह ने 7 साल पहले अपनी 16 वर्षीय बेटी को किस मोह में या किस अंधविश्वास में बाबा के द्वारका आश्रम में भेज दिया यह आश्चर्य है.

लोग खुले हाथ अपनी मेहनत की मोटी कमाई इन बाबाओं को देते रहते हैं जो कोई नई बात नहीं है पर बच्चों को भी आज के युग में उपहार की तरह बाकायदा स्टांप पेपर पर अनुबंध लिख कर दे दिया जाए यह गंभीर मामला है.

धर्म के नाम पर अनाचार सदियों से होता रहा है और पीड़िताएं खुद ब खुद इस अनाचार को ठीक उसी तरह नियति मान कर स्वीकार करती रही हैं जैसे वेश्याएं चकलों में जिंदगी को सहन करने लगती हैं और सैनिक गोलियों की बौछारों को. इन सब मामलों में निरंतर तर्क और सत्य के स्थान पर अंधभक्ति इस प्रकार दिमाग में प्रत्यारोपित कर दी जाती है कि लड़कियां व उन के मातापिता इसी को भाग्य मान कर संतुष्ट ही नहीं हो जाते, इस बात पर समाज में गर्व भी करने लगते हैं.

वैसे दुनिया के सभी समाजों में पिता अपनी बेटियों को उन के लिए ढूंढ़े गए वर के हाथ में सौंपते हुए भी यही कहते हैं कि बेटी, अब जो कुछ तुम्हारे साथ होगा, वह पति करेगा यानी कि वे बेटी को जीवन से पूरी तरह बाहर निकाल देते हैं. कई समाजों में तो विवाह बाद बेटियों की शक्ल ही नहीं देखी जाती. अन्य उदार समाजों में भी पिता के घर के दरवाजे लगभग बंद ही हो जाते हैं.

बेटियों के प्रति यही सोच आश्रमों के बाबाओं को मालामाल बनाती है. बेटी का भार ग्रहण करते हुए आश्रमों के बाबा मातापिता से मोटा दान भी दहेज की तरह ले लेते हैं और फिर उन का मनमाना दुरुपयोग करते हैं. 2-4 महीनों में बेटियां आश्रम के जीवन की आदी हो जाती हैं और मरजी से अपनी जगह वहीं बनाना शुरू कर देती हैं. सैकड़ों बाबाओं ने इसी का लाभ उठाया है. वे बेटियां भी ग्रहण करते हैं, पत्नियां भी. बहुत सी औरतें पतियों को जानबूझ कर छोड़ कर आश्रमों में बस जाती हैं तो कुछ घर में सेंध लगा कर आश्रम की अपने तन और पति के धन दोनों से सेवा करती हैं.

जब कभी हल्ला मचता है तो लोग ऐसे हायहाय करते हैं मानों राम रहीम या वीरेंद्र देव दीक्षित कई अपवाद और अपराधी हैं जबकि ये औरतें अपनी या मातापिता की मरजी से ही इन आश्रमों में आती हैं.

अगर इस दुर्दांत कथा का अंत करना है तो धर्म की दुकानदारी को गैरकानूनी करना होगा, जो भारत हो या अमेरिका कहीं भी संभव नहीं लगता. जब तक यह नहीं होगा राम रहीम, वीरेंद्र देव दीक्षित और अमेरिका के अपने ही ऐसे बाबा पनपते रहेंगे.

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‘परी’ का दूसरा टीजर रिलीज, बेहद डरावनी लग रही है फिल्म

बौलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा अपनी अपकमिंग फिल्म ‘परी’ को लेकर चर्चा में हैं. अनुष्का शर्मा की फिल्म ‘परी: नौट ए फेयरीटेल’ का दूसरा टीजर आज रिलीज हो गया है. ट्रेलर को देखकर कहा जा सकता है कि अनुष्का शर्मा की फिल्म ‘परी’ एक हौरर मूवी है. फिल्म ‘परी’ के दूसरे टीजर में अनुष्का का अवतार बिल्कुल बदला हुआ नजर आ रहा है.

फिल्म के दूसरे टीजर के रिलीज होने के बाद बौलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा चर्चा में आ गई हैं. अनुष्का टीजर में टीवी देखते हुए नजर आ रही हैं. फिल्म ‘परी’ का पोस्टर अऩुष्का शर्मा ने अपने वैरीफाइड ट्विटर अकाउंट से शेयर किया था जिसमें वह बेहद डरावने अवतार में नजर आ रही थीं. पोस्टर के सामने आने के बाद अनुष्का शर्मा सुर्खियों में रही थीं. अब फिल्म ‘परी’ का नया टीजर सामने आया है जिसमें उनका रूप बिल्कुल अलग नजर आ रहा है.

फिल्म ‘परी’ के दूसरे टीजर में अनुष्का शर्मा के हाथों में हथकड़ी नजर आ रही है. अनुष्का एक कमरे के बेडरुम से टीवी देखते हुए दिख रही हैं. अनुष्का शर्मा टीवी पर कार्टून देख रही हैं औऱ उनके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान भी है. फिर कैमरा अनुष्का के पैरों के पास जाता है जिसमें अनुष्का के पैरों के नाखून बढ़े और बेहद डरावने नजर आ रहे हैं. हाल ही में अनुष्का ने मीडिया से बातचीत में कहा था, ”वह फिल्म को लेकर बेहद उत्साहित हैं, यदि मैं आपसे कहूं कि परी एक लवस्टोरी है तो आप फिल्म देखने के बाद शौक्ड हो जाएंगे.”

अनुष्का के फिल्म ‘परी’ की टैगलाइन है नौट ए फेयरीटेल, जिससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी यह फिल्म सुपरनैचुरल थ्रिलर है. अनुष्का शर्मा की फिल्म ‘परी’ का दूसरा टीजर सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है. क्लीन स्लेट फिल्म नाम के एक यू-ट्यूब चैनल ने अनुष्का के फिल्म के टीजर को शेयर किया है. अनुष्का शर्मा स्टारर फिल्म परी 2 मार्च को रिलीज होने जा रही है.

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नाक की शेप को लेकर ट्रोल हुई दीपिका ने दिया मुंहतोड़ जवाब

बौलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘पद्मावत’ को लेकर सुर्खियों में रही हैं. दर्शक फिल्म को लेकर पौजिटिव रिस्पौंस दे रहे हैं. दर्शकों को फिल्म में दीपिका का अभिनय काफी पसंद आ रहा है और यह फिल्म बौक्स औफिस पर सक्सेसफुल साबित हो रही है.

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दीपिका एक फिर से चर्चा में हैं और इस बार उनके चर्चा में होने का कारण फिल्म पद्मावत नहीं बल्कि कुछ और है. जी हां, इस बार बौलीवुड की ये अदाकारा अपनी नाक को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रही हैं. दीपिका पादुकोण सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव रहती हैं और फैंस के लिए अपनी तस्वीरें भी साझा करती रहती हैं.

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दीपिका ने हाल ही में एक प्रतिष्ठित मैगजीन के लिए फोटोशूट कराया था जिसका कवर फोटो उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया था, फोटो को देखने के बाद फैंस उनकी नाक के शेप को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देने लगे. फोटो में दीपिका की नाक पहले से कुछ अलग नजर आ रही है. फोटो को देखकर ऐसा लगता है कि फोटो में दीपिका की नाक की एडिटिंग की गई है.

अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने ट्रोलर्स को मुंह तोड़ जवाब देते हे कहा कि मुझे मेरी नाक बेहद पसंद है, कृपया इसे लेर कुछ भी अनाप शनाप ना कहे, आपकी बाते मुझे समझ नहीं आ रही. वैसे मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा क्योंकि मैं इस समय कुछ भी नहीं सोच रही.. “इस फोटो में मेरे पांव भी बहुत बड़े हैं. आप मेरे पांव ले सकते हैं, पर नाक को लेकर कुछ ना कहे”

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किन्नर अखाड़े की पीठाधीश पुष्पा माई का संघर्ष

‘पिंक सिटी’ जयपुर की रेलवे कालोनी के पास ही बने पौश इलाके बनिपास में रहने वाले बालक प्रदीप को डांस का बड़ा शौक था. 80 के  दशक में बाल प्रतिभाओं को निखारने के लिए स्कूलों में बाल सभाएं हुआ करती थीं और तीसरे दर्जे में पढ़ने वाले प्रदीप का घाघराचुन्नी में राजस्थान का पारंपरिक डांस खूब पसंद किया जाता था.

प्रदीप को अपनी बहन के कपड़े पहनने में खास दिलचस्पी होती थी और स्कूल से लौट कर वह अपनी मां की साड़ी शरीर पर लपेट कर कालोनी में मस्ती करने चला जाया करता था. कालोनी के बच्चे प्रदीप को छेड़ते, पर बचपन की हंसीठिठोली में सबकुछ सामान्य रहता. 5वें दर्जे में प्रदीप ने गृह विज्ञान को विषय के रूप में चुना. उस के हाथों का बना खाना इतना स्वादिष्ठ और लाजवाब होता था कि टीचर भी वाहवाह करते थे.

प्रदीप अपने खेल टीचरको बहुत पसंद करता था. उस ने मां से जिद की कि वह अपने खेल टीचर के यहां पढ़ने जाएगा. दरअसल, खेल टीचर का उस को सहलाना बहुत पसंद आता था. एक दिन कालोनी के एक लड़के ने, जो प्रदीप से 3-4 साल बड़ा था, चुपके से प्रदीप को पकड़ लिया और उस के अंगों को सहलाने लगा. कालोनी के ही किसी लड़के ने यह बात प्रदीप के घर जा कर बता दी.

प्रदीप की बहन ने अपने भाई का बचाव किया, लेकिन प्रदीप चुपके से छत पर आ कर रोने लगा. उस की मां और बहन उस के पास गईं. मां ने उसे समझाते हुए कहा, ‘‘जैसे भी हो, तुम मेरे जिगर का टुकड़ा हो. देशी घी का लड्डू टेढ़ा ही सही, मेरा है. तू हमारा दीप नहीं, घर को महकाने वाला पुष्प है.’’

मां का अपार स्नेह प्रदीप पर बरस रहा था, लेकिन वे यह जान गई थीं कि उन के जिगर का टुकड़ा प्रदीप नहीं पुष्पा है. प्रदीप को परिवार के समर्थन और दुलार में कभी कोई कमी नहीं आई. डांस का शौकीन वह बेपरवाह हो कर परिवार और रिश्तेदारों के यहां शादियों में लड़कियों की ड्रैस में कमाल का डांस करता था. पिता के स्नेह और मां के हमसाए में प्रदीप की पढ़ाई-लिखाई तो हो गई, लेकिन उन का साया उठते ही सबकुछ बदल गया.

अब प्रदीप का अकेलापन उसे खाने लगा और उसे दोहरी जिंदगी सालने लगी. राजस्थान यूनिवर्सिटी से बीए और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से संगीत में एमए करने वाले प्रदीप ने साल 2005 में खुल कर समाज का सामना करने का फैसला किया और यह बता दिया कि वह किन्नर है. प्रदीप, जो अब पुष्पा था, का मकसद साफ था, लेकिन उसे किन्नर समाज के विरोध का सामना करना पड़ा.

पुष्पा को हाईकोर्ट से नोटिस भी मिला, लेकिन उस की ईमानदारी और सच्चाई ही थी, जो अनेक परेशानियों के बावजूद एक नई राह बनती चली गई. पुष्पा ने साल 2007 में अपनी संस्था ‘नई भोर’ की शुरुआत की. पुष्पा ने किन्नर समुदाय की अच्छी सेहत पर भी काम किया. साल 2011 में सरकार के ‘पहचान’ प्रोजैक्ट से पुष्पा जुड़ी और खुल कर काम किया. ‘नई भोर’ ने राजस्थान में लगातार बेहतर काम किए हैं, लेकिन सरकारी इमदाद अब तक उसे नहीं मिल पाई है.

किन्नर समाज के साथ ही समूचे ट्रांसजैंडर कल्याण के लिए पुष्पा ने अपने समुदाय के हक के लिए लगातार कोशिश करते हुए 4 मई, 2015 को राजस्थान सरकार से ट्रांसजैंडर के मानव अधिकारों की रक्षा और उन के कल्याण के लिए एक बोर्ड बनाने की मांग रखी. पुष्पा की यह कोशिश रंग लाई और 18 महीने की कोशिश के बाद सरकार ने आखिरकार इसे हरी झंडी दे दी.

राजस्थान में ट्रांसजैंडर समुदाय के कल्याण के लिए अलग बोर्ड बनाया गया है, ऐसा करने वाला राजस्थान देश का चौथा राज्य है. यह बोर्ड ट्रांसजैंडरों की सेहत, पढ़ाईलिखाई और रोजगार के लिए काम करेगा. गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने ऊंची तालीम पाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश/आवेदनपत्रों में ट्रांसजैंडरों के लिए अलग कौलम का प्रावधान किया है और उन के लिए सीटें भी आरक्षित की गई हैं.

लेकिन अभी भी पुष्पा और उस के समुदाय के सामने कई चुनौतियां हैं, क्योंकि इस समुदाय के पास गानेबजाने के अलावा दूसरा कोई रोजगार का जरीया नहीं है. किन्नरों के पास खुद का कोई पहचानपत्र नहीं होता है. इस वजह से उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन अब राजस्थान में ‘राजस्थान ट्रांसजैंडर कल्याण बोर्ड’ के तहत ट्रांसजैंडर आईडी बनाए जाएंगे.

इस बोर्ड के एक सदस्य के मुताबिक, एक किन्नर को पहले शपथपत्र पेश करना होगा, जिसे हर जिले के विशेषज्ञ को देना होगा. कमेटी के कार्यकर्ता पहचानपत्र के लिए फार्म मुहैया कराएंगे. पुष्पा कहती है कि इस के लिए विभिन्न जिलों में 2 से 3 दिन के लिए कैंप लगाए जाएंगे, जिस से एक ही छत के नीचे ट्रांसजैंडर परिचयपत्र बनाए जा सकेंगे. ये परिचयपत्र जिला कलक्टर के दस्तखत से जारी होंगे और इन्हें नैशनल लैवल पर मंजूर किया जाएगा.

ट्रांसजैंडर आईडी मिलने के बाद किन्नरों को बैंक अकांउट खोलने, चिकित्सा सुविधा के अलावा और भी तमाम कामों में सहूलियत होगी. ‘ट्रांसजैंडर कल्याण बोर्ड’ समुदाय के लिए कम्यूनिटी हाल बनाना, आवास योजना, बीपीएल कार्ड, पैंशन योजना, शिक्षा, प्रौढ़ शिक्षा, सांस्कृतिक, खेलकूद, बच्चे गोद लेने की प्रक्रिया को आसान बनाना, सेहत संबंधित समस्याएं, सैक्स संबंधी मामले वगैरह के लिए भी काम करेगा.

हालांकि पुष्पा को इस बात का मलाल है कि राजस्थान में ‘ट्रांसजैंडर कल्याण बोर्ड’ का अध्यक्ष मंत्री है और वह किन्नर समुदाय से नहीं है. बोर्ड की पहली मीटिंग में पुष्पा ने बड़ी बेबाकी से कहा कि बोर्ड का अध्यक्ष भी किन्नर बिरादरी से ही हो.

मार्च, 2015 में किन्नर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को पुष्पा ने अपना गुरु बनाया. उस के बाद वे पुष्पा माई कहलाने लगीं. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी अब किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर भी हैं. पुष्पा माई कहती हैं कि किन्नर अखाड़ा ट्रांसजैंडर समुदाय की धार्मिक और सामाजिक स्वीकार्यता के लिए मील का पत्थर साबित होगा.

बहरहाल, किन्नरों की सामाजिक इंसाफ की लड़ाई लंबी है, लेकिन पुष्पा माई ने मतदाता परिचयपत्र में अपना नाम प्रदीप, पुष्पा दर्ज करा कर किन्नर समुदाय के लिए पहचान के क्रांतिकारी तरीके अपनाए हैं और अपने जज्बे से यह साबित भी किया है कि जमाने को जो चाहे कहने दो, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती.

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