जब विस्फोटक बन गए अनैतिक संबंध

रेखा ने वीरेंद्र को प्यार से समझाते हुए कहा था, ‘‘देखो वीरेंद्र, बात को समझने की कोशिश करो. जो तुम कह रहे हो वह संभव नहीं है. मेरा अपना एक घरसंसार है, पति है, 2 बच्चे हैं, अच्छीखासी गृहस्थी है हमारी. और तुम कहते हो मैं सब कुछ छोड़छाड़ कर तुम्हारे साथ भाग चलूं. नहीं, ऐसा नहीं हो सकता. हम दोनों अच्छे दोस्त हैं और हमेशा दोस्त ही रहेंगे. हमारे बीच जो रिश्ता है, जो संबंध है, वह हमेशा बना रहेगा. हां, एक बात का मैं वादा करती हूं कि जो रिश्ता हम दोनों के बीच है, उसे तोड़ने में मैं पहल नहीं करूंगी.’’

‘‘तुम मेरी बात समझने की कोशिश नहीं कर रही हो.’’ वीरेंद्र हताश सा बोला.

‘‘मैं सब समझ रही हूं वीरेंद्र, मैं कोई दूधपीती बच्ची नहीं हूं. तुम चाहते हो मैं अपने पति को, अपने बच्चों को हमेशा के लिए छोड़ कर तुम्हारे साथ चली आऊं. यह मुझे मंजूर नहीं है.’’

‘‘तुम मेरी बात सुनोगी भी या नहीं. तुम अच्छी तरह जानती हो कि मैं तुम्हें कितना प्यार करता हूं, तुम्हारे बिना एक पल रहने की कल्पना भी नहीं कर सकता. इसीलिए कह रहा हूं कि पति और बच्चों का मोह त्याग कर मेरे साथ चली चलो, हम अपनी एक नई दुनिया बसाएंगे, जहां सिर्फ मैं रहूंगा और तुम होगी. रहा सवाल बच्चों का तो हम दोनों के और बच्चे पैदा हो जाएंगे. तुम नहीं जानती, तुम मेरी कल्पना हो, तुम्हें पाना ही मेरा एकमात्र सपना है.’’

‘‘वाह वीरेंद्र बाबू, वाह.’’ रेखा ने वीरेंद्र का मजाक उड़ाते हुए कहा, ‘‘तुम्हारे सपने और कल्पनाओं को पूरा करने के लिए मैं अपने परिवार की बलि चढ़ा दूं? ऐसा हरगिज नहीं होगा.’’

‘‘अच्छी तरह सोच लो रेखा रानी. मैं तुम्हें बदनाम और बरबाद कर दूंगा.’’ अपनी बात मानते न देख वीरेंद्र ने रेखा को धमकी दी.

‘‘बदनाम करने की धमकी किसे दे रहे हो?’’ रेखा भी गुस्से में आ गई, ‘‘बरबाद तो मैं उसी दिन हो गई थी, जिस दिन मैं ने अपने सीधेसादे पति को धोखा दे कर तुम्हारे साथ संबंध बनाए थे. रहा बदनामी का सवाल तो तुम्हारे साथ संबंधों को ले कर पूरा मोहल्ला मुझ पर थूकता है, यहां तक कि मेरे पति को भी मेरे और तुम्हारे संबंधों के बारे में पता है.

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‘‘उन की जगह कोई और होता तो मुझे अपने घर से कब का निकाल कर बाहर कर दिया होता. यह उन की शराफत है कि उन्होंने कभी मुझे तुम्हारे नाम का ताना दे कर जलील तक नहीं किया. अरे ऐसे पति के तो पैर धो कर पीने चाहिए और तुम कहते हो कि मैं पति को छोड़ कर तुम्हारे साथ भाग जाऊं.’’

‘‘वाह क्या कहने, नौ सौ चूहे खा कर बिल्ली हज को चली है. पतिव्रता और सती सावित्री होने का ढोंग कर के दिखा रही है मुझे. वह दिन भूल गई, जब अपने उसी पति की आंखों में धूल झोंक कर मुझ से मिलने आया करती थी.’’

‘‘अपनी जिंदगी की इस भयानक भूल को मैं कैसे भूल सकती हूं, जब तुम्हारे सपनों के झूठे मायाजाल में फंस कर मैं ने अपना सब कुछ तुम्हें सौंप दिया था. आज मैं अपनी उसी गलती की सजा भुगत रही हूं.’’ कहते हुए एकाएक रेखा क्रोध से भड़क उठी और उस ने गुस्से में वीरेंद्र से कहा, ‘‘जाओ, निकल जाओ मेरे घर से. अपनी मनहूस शक्ल दोबारा मत दिखाना. तुम्हें जो करना है कर लेना, अब दफा हो जाओ.’’

लोकेश की बैकग्राउंड

रेखा का पति लोकेश मूलत: जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश के गांव कंबोह माजरा का रहने वाला था. साल 2006 में उस की शादी देहरादून, उत्तराखंड के गांव दंदोली निवासी ठेपादास की मंझली बेटी रेखा के साथ हुई थी. लोकेश साधारण शक्लसूरत का सीधासादा युवक था, जबकि रेखा खूबसूरत थी.

रेखा जैसी खूबसूरत पत्नी पा कर लोकेश अपने आप को बड़ा भाग्यशाली समझता था. वह रेखा से बहुत प्यार करता था और रेखा भी उसे प्यार करने लगी थी. कुल मिला कर पतिपत्नी दोनों एकदूसरे से संतुष्ट थे. वक्त के साथ लोकेश और रेखा अब तक 2 बच्चों 10 वर्षीय कार्तिक और 7 वर्षीय कृष के मातापिता बन गए थे.

लोकेश के मातापिता के पास थोड़ी सी खेती थी, जिस से घर खर्च भी बड़ी मुश्किल से चल पाता था, इसलिए 7 साल पहले लोकेश काम की तलाश में लुधियाना चला आया था. अपने पैर जमाने के लिए शुरू में वह छोटीमोटी नौकरियां करता रहा. साथ ही किसी अच्छे काम की तलाश में भी जुटा रहा. आखिर उसे सन 2014 में भारत की प्रसिद्ध साइकिल कंपनी हीरो में नौकरी मिल गई थी. वेतन भी अच्छा था और अन्य सुखसुविधाएं भी थीं.

हीरो साइकिल में नौकरी लगने के बाद लोकेश ने रहने के लिए सुरजीतनगर, 33 फुटा रोड, गली नंबर-1 ग्यासपुरा स्थित एक वेहड़े में किराए पर कमरा ले लिया और गांव से अपनी पत्नी रेखा और बच्चों को भी लुधियाना ले आया.

लुधियाना आने के बाद लोकेश ने अपने दोनों बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिल करवा दिया था. पतिपत्नी दोनों मजे में रहने लगे थे कि अचानक एक दिन वीरेंद्र सिंह उर्फ चाचा की नजर रेखा पर पड़ी. वीरेंद्र भी उसी गली नंबर-1 में लोकेश के घर के सामने ही रहता था.

वीरेंद्र की कामयाब चाल

शातिर वीरेंद्र की नजर जब खूबसूरत रेखा पर पड़ी तो वह उसे पाने के लिए छटपटाने लगा. उस ने रेखा को भी देखा था और उस के पति लोकेश को भी. साधारण शक्लसूरत वाले लोकेश की इतनी खूबसूरत बीवी देख वीरेंद्र के कलेजे पर सांप लोटने लगा था. वह हर हाल में रेखा से संबंध बनाना चाहता था.

इस के लिए 2-4 बार उस ने रेखा को छेड़ने की कोशिश भी की थी, पर रेखा ने उसे घास नहीं डाली तो शातिर दिमाग वीरेंद्र ने रेखा के निकट आने का एक दूसरा रास्ता अपनाया. उस ने रेखा के पति लोकेश के साथ दोस्ती कर ली और दोस्ती की आड़ ले कर वह लोकेश के घर आनेजाने लगा.

जबकि दूसरी ओर वीरेंद्र के नापाक इरादों से अनजान भोलाभाला लोकेश उसे अपना हितैषी समझ रहा था. रेखा को अपने जाल में फंसाने के लिए उस ने लोकेश और उस के बीच ऐसी दरार पैदा की कि घर में अकसर झगड़ा रहने लगा.

लोकेश की अधिकांश नाइट ड्यूटी होती थी, जिस का वीरेंद्र ने जम कर फायदा उठाया. शातिर वीरेंद्र ने रेखा को अपने प्रेम जाल में फंसा कर उस के साथ अवैध संबंध बना लिए. दोनों के बीच बने अवैध संबंधों ने उस समय गंभीर मोड़ ले लिया, जब वीरेंद्र ने रेखा पर पति व बच्चों को छोड़ कर साथ भागने का दबाव बनाना शुरू किया.

उस की बात सुन कर रेखा को अपनी गलती का अहसास हुआ कि उस ने अपने पति और बच्चों को धोखा दे कर अच्छा नहीं किया. लेकिन अब क्या हो सकता था, अब तो वह शैतान के जाल में फंस चुकी थी.

पहले तो रेखा उसे टालती रही, परंतु जब वह उसे अधिक परेशान करने लगा तो रेखा ने पति व बच्चों को छोड़ कर उस के साथ भागने से साफ इनकार कर दिया था. रेखा के स्पष्ट इनकार करने से वीरेंद्र तड़प कर रह गया. हर तरह के हथकंडे अपनाने के बाद भी जब वह नाकाम रहा तो उस ने रेखा को सबक सिखाने की ठान ली.

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रेखा द्वारा किए इनकार से गुस्साया वीरेंद्र 2 अप्रैल की सुबह मौका पा कर तब रेखा के घर पहुंचा, जब वह घर में अकेली थी. उस का पति लोकेश ड्यूटी पर व बच्चे स्कूल गए हुए थे. वीरेंद्र ने रेखा से साफ शब्दों में पूछा कि वह उस के साथ भागेगी या नहीं? रेखा के इनकार करने पर वीरेंद्र भाग कर रसोई से चाकू उठा लाया और रेखा के पेट में वार कर दिया.

वीरेंद्र ने खुद भी कोशिश की मरने की

अचानक हुए वार से रेखा घबरा गई. उसे वीरेंद्र से ऐसी उम्मीद नहीं थी. उस ने वीरेंद्र के वार से बचने की कोशिश की, लेकिन बचाव करते समय रेखा की एक अंगुली कट गई. इस के बाद वीरेंद्र ने उसे धक्का दे कर बैड पर गिरा दिया और उस के गले में चुनरी डाल गला घोंट कर उस की हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद वह अपने घर चला गया. अपने घर पर रखी चूहे मारने की दवा निगल कर उस ने आत्महत्या करने की कोशिश की.

इसी दौरान संदेह होने पर मोहल्ले के लोगों ने तुरंत पुलिस को फोन किया. सूचना मिलते ही एसीपी अमन बराड़ व डाबा थाने के प्रभारी इंसपेक्टर गुरविंदर सिंह घटनास्थल पर पहुंच गए. उन्होंने वीरेंद्र को काबू कर के जब लोकेश के घर जा कर देखा तो बिस्तर पर रेखा का शव पड़ा हुआ था. पुलिस ने शव कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया.

लोकेश की तहरीर पर इंसपेक्टर गुरविंदर सिंह ने रेखा की हत्या के अपराध में वीरेंद्र के खिलाफ भादंवि की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहां अदालत के आदेश पर उसे जिला जेल भेज दिया गया था.

रेखा ने जो किया, उस का नतीजा उसे भोगना पड़ा. अपने पति से बेवफाई की सजा रेखा को अपनी जान दे कर चुकानी पड़ी, पर इस सारे प्रकरण में लोकेश और उस के बच्चों का क्या दोष था, जिस की सजा वे आजीवन भोगते रहेंगे.

यह सच है कि लोकेश के मुकाबले उस की पत्नी रेखा कहीं अधिक खूबसूरत थी. पतिपत्नी के मजबूत रिश्ते में दरार डालने के लिए शातिर वीरेंद्र ने इसी फर्क को मुख्य वजह बनाते हुए हंसतेखेलते परिवार में जहर घोल दिया.

– पुलिस सूत्रों पर आधारित

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संगीतकार स्व.चित्रगुप्त के 101 वें जन्मदिवस पर मुंबई में ‘‘चित्रगुप्त चौक’’ का अनावरण

अपने समय के महान संगीतकार स्व. चित्रगुप्त को दो जुलाई, सोमवार के दिन उनके 101वें जन्मदिवस पर श्रृद्धांजली देते हुए उनके बेटे व संगीतकार जोड़ी आनंद मिलिंद यानी कि आनंद चित्रगुप्त व मिलिंद चित्रगुप्त ने एक भव्य समारोह का आयोजन किया. इसी अवसर पर मुंबई के उपनगर खार में 14वें रास्ते और खार डांडा रोड के कोने (त्रिभुवनदास भीमजी -हजयवेरी शोरूम) का नामकरण ‘‘स्व.चित्रगुप्त चौक’’ के रूप में किया गया.

‘‘स्व.चित्रगुप्त चौक’’ के नामकरण के अवसर पर आनंद चित्रगुप्त, मिलिंद चित्रगुप्त, उदित नारायण, आनंद जी शाह, अलका याज्ञनिक, अभिजीत भट्ट, राजू सिंह, ललित पंडित, समीर, शिवरानी सौमैया, जावेद अख्तर, राज जुत्शी सहित कई गायक, गीतकार, संगीतकार व भाजपा नेता आशीष शेलार खास तौर पर मौजूद थे.

स्व.चित्रगुप्त अपने समय के मैलोडियस संगीत परोसने वाले अति मशहूर संगीतकार थे. 1946 से 1988 के चालीस साल के संगीत करियर में 144 फिल्मों को संगीत से संवारा था.

इस समारोह की शुरुआत मशहूर गीतकार जावेद अख्तर और भाजपा नेता आशीष शेलार ने दीप प्रज्वलित कर किया. इसी अवसर पर स्व.चित्रगुप्त के दोनों बेटे आनंद व मिलिंद ने कहा- ‘‘हमारे पिता ने संगीत के क्षेत्र में जो रचनात्मक काम किया था, उसका यह सम्मान है. हमारे लिए यह गौरव की बात है. हमारे पिता ने संगीत के स्वर्णिम काल में बेहतरीन मैलोडियस संगीत परोसकर अपने करोड़ों प्रशंसक बनाए थे. संगीत जगत के इतिहास में पहली बार हमारे पिता को श्रृद्धांजली के तौर पर हमारे गीत ‘पापा कहते हैं’ का नोटेशन दिया गया. हमें गर्व है कि उन्होंने हम जैसे अपने बच्चों को उन्हें कुछ वापस देने योग्य बनाया. मेरे पिता ने अपने जीवन में खार के 14वें रोड पर रहते हुए देश को कई रत्न प्रदान किए.

उनके नाम पर चौक बनाने के उनके प्रशंसकों और परिवार के सदस्यों के लिए गर्व का क्षण है. हम उन सभी के शुक्रगुजार हैं जिन्होंने हमारे इस छोटे से प्रयास में अपना योगदान दिया. लोग आज भी मेरे पिता के बनाए हुए गीत ‘चल उड़ जा रे पंक्षी’ और ‘चली चली रे पतंग’ को गुनगुनाते रहते हैं.’’

इस अवसर पर जावेद अख्तर ने कहा- ‘‘मुझे इस बात की खुशी है कि संगीतकार जोड़ी आनंद मिलिंद ने अपने पिता की याद लोगों के दिलों में हमेशा बनाए रखने के लिए चैक के नामकरण के रूप में यह कदम उठाया है.’’

अलका याज्ञनिक ने चित्रगुप्त जी को याद करते हुए कहा- ‘‘मेरे लिए चित्रगुप्त जी पिता के समान थे. मुझे उनसे हमेशा ढेर सारा प्यार व अपनापन मिला. हम हमेशा कहते हैं- ‘पापा कहते हैं कि बड़ा नाम करेगा.’ पर चित्रगुप्त जी ने मुझे कहा था- ‘पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगी.’ यह उन दिनों की बात है, जब हर दिन लाइव संगीत रिकार्ड किया जाता था. हम एक साथ परिवार की तरह रिकार्डिंग स्टूडियो में पूरा पूरा दिन बिताते थे. जब मैं भोजपुरी गीत रिकार्ड करती थी, तब उनका हाथ मेरे सिर पर रहता था.जब मैं फिल्म उद्योग में नई नई थी, तब चित्रगुप्त जी निर्माताओं को समझाते थे कि उन्हें मुझसे कोई गीत क्यों गंवाना चाहिए. वह बहुत प्यारे इंसान थे. मैं हमेशा उन्हें उतना ही याद करती हूं, जितना मैं अपने पिता को याद करती हूं.’’

मशहूर गायक सुदेश भोसले ने कहा- ‘‘जिन्होंने स्व.चित्रगुप्त के नाम पर इस चौक का नामकरण करने की बात सोची, उन सभी को धन्यवाद देता हूं. आज हम सभी आपके नाम पर चौक के नामकरण समारोह में मौजूद हैं. हर कोई आपको तब तक याद करेगा, जब तक आपका काम जिंदा रहेगा, जो कि अमिट है.’’

संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के प्यारेलाल रामप्रसाद शर्मा ने कहा- ‘‘हमें उस वक्त अपार खुशी और गर्व का अहसास होता है, जब हमारे बच्चे कुछ अच्छा काम करते हैं.’’

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प्रोटीन खाएं, मसल्स बनाएं

सेहतमंद शरीर के लिए मजबूत मसल्स यानी मांसपेशियों का होना बहुत जरूरी है. नौजवान लड़केलड़कियां जिम में मेहनत करने चले तो जाते हैं लेकिन कसरत करने के बाद उन्हें क्या खानापीना चाहिए, इस के बारे में वे लापरवाही बरत जाते हैं. अब आप प्रोटीन को ही लीजिए. मसल्स को फिट रखने के लिए प्रोटीन से भरपूर भोजन करना बहुत जरूरी होता है.

प्रोटीन न सिर्फ मसल्स को बनाने में मदद करता है, बल्कि यह हमारे शरीर की टूटफूट की मरम्मत भी करता है. बैलैंस बौडी बनाने के लिए बैलैंस डाइट का होना भी बेहद जरूरी?है. इस के लिए आप के?भोजन में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा का बैलैंस होना चाहिए. कुदरत की बात करें तो पालक और दूसरी हरी सब्जियां मसल्स के लिए बहुत फायदेमंद रहती हैं. भारी कसरत करने के बाद मसल्स को आराम की जरूरत होती है. हरी सब्जियां मसल्स को रिलैक्स करने में भी मदद करती हैं.

सूखे मेवों, पनीर, दूध वगैरह में भी खूब प्रोटीन पाया जाता है. कसरत करने वालों को इन का सेवन जरूर करना चाहिए. काजू, बादाम और अखरोट को भी सही मात्रा में खाना चाहिए. अगर आप मांसाहारी हैं तो प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए अंडा, मांस, चिकन और टर्की लीन मीट को भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है.

अगर कोई शख्स जिम में पसीना बहाता है और सही मात्रा में प्रोटीन नहीं ले पाता है तो समझ लीजिए कि मसल्स के लिए ईंधन रूपी प्रोटीन न मिलने से उस का ईंधन खत्म होता?है और मसल्स मजबूत बनने के बजाय और भी कमजोर हो जाती हैं. इस के अलावा प्रोटीन हमारी बौडी में ह्वाइट ब्लड सैल वगैरह बनाने में मदद करता है जो हमें कई बीमारियों से

बचाती हैं. कुदरत से मिलने वाले प्रोटीन के अलावा बाजार में कई तरह के प्रोटीन सप्लीमैंट भी मिलते हैं जो हमारे शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करते हैं.

ऐसे प्रोटीन किसी माहिर डाक्टर की सलाह पर लेने चाहिए क्योंकि जब से इन का बाजार बढ़ा है, तब से इन की क्वालिटी भी शक के दायरे में आ गई है.

जिम चलाने वाले?ट्रैनर लोगों को ऐसे प्रोटीन सप्लीमैंट लेने की सलाह दे तो देते हैं, लेकिन ज्यादातर यह नहीं बता पाते हैं कि बाजार में मुहैया कौन सा प्रोटीन सप्लीमैंट सेहत के लिए सही?है. अगर अच्छी क्वालिटी का प्रोटीन सप्लीमैंट मिल भी जाता है तो उसे कितनी मात्रा में खाना है, यह भी पता होना चाहिए. इन का ज्यादा सेवन करना भी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है.

अमूमन किसी बालिग को 50 से 70 ग्राम प्रोटीन अपने रोजाना के भोजन में शामिल करना चाहिए. अगर आप जिम में कसरत करते हैं तो किसी माहिर डाक्टर से अपने शरीर के हिसाब से प्रोटीन की मात्रा पता कर लेनी चाहिए.

इस मसले पर फरीदाबाद में अपना फिटनैस ग्रुप चलाने वाले कपिल गुप्ता ने बताया कि अब तो अखाड़ों में कुश्ती लड़ने वाले पहलवान भी डाइट चार्ट के मुताबिक खातेपीते हैं. प्रोटीन सप्लीमैंट की डिमांड भी खूब जोर पकड़ रही है, बस इस बात का खयाल जरूर रखना चाहिए कि किसी के लालच में आप नकली प्रोटीन सप्लीमैंट का सेवन तो नहीं कर रहे हैं, क्योंकि यह आप की सेहत के लिए खतरनाक भी साबित हो सकता है.

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मां की सेहत के लिए विटामिन

शादी के बाद हर लड़की का सपना होता है कि वह मां बनने का सुख भोगे. सरिता की शादी के 2 साल बाद उस के पैर भारी हुए. गांव में रहने के बावजूद पढ़ीलिखी सरिता ने अपनी और अपने होने वाले बच्चे की अच्छी सेहत का ध्यान रखना शुरू कर दिया. वैसे, जब कोई औरत पेट से होती है तो उसे डाक्टर के अलावा भी दूसरों से तमाम तरह की नसीहतें मिलनी शुरू हो जाती हैं कि कैसे चलनाफिरना है, कौनकौन से घर के काम करने हैं, क्याक्या खानापीना है वगैरह. गांव में आंगनबाड़ी की कार्यकर्ता और शहरकसबे की डाक्टर भी उन्हें अपने खानपान पर खास ध्यान देने को कहती हैं.

इस मसले पर डाइटिशियन नेहा सागर का कहना है कि मां बनने वाली औरतों को संतुलित भोजन की बहुत ज्यादा जरूरत होती है क्योंकि उन में एक जान और पल रही होती है. उन के भोजन में कैल्शियम, विटामिन डी, विटामिन ए, आयरन, फोलिक एसिड जैसे पोषक तत्त्व जरूर शामिल होने चाहिए.

पेट से हुई औरतें कभीकभार विटामिन लेने में कोताही बरतती हैं जबकि उन की कमी से उन्हें बड़ीबड़ी दिक्कतें भी पैदा हो सकती हैं. कुछ विटामिन तो उन के लिए बहुत ज्यादा जरूरी हो जाते हैं. अगर कोई औरत पेट से होने के बाद विटामिन बी 12 का सेवन नहीं करती है तो वह अपने साथ ज्यादती करती है. बच्चे के दिमागी विकास के लिए विटामिन बी 12 बहुत ज्यादा फायदेमंद रहता है. यह चिकन और मटन में बहुत ज्यादा पाया जाता है. अगर आप मांसाहारी नहीं हैं तो अंकुरित बींस खाने चाहिए. विटामिन बी 9 यानी फौलिक एसिड. यह सभी विटामिन बी कौंप्लैक्स में से सब से ज्यादा खास होता है. किसी औरत के पेट से होने के बाद डाक्टर फौलिक एसिड के सप्लीमैंट लेने की सलाह देते हैं. यह पालक, एवोकाडो, मटर वगैरह में खूब पाया जाता है.

इसी तरह विटामिन ए भी मां और बच्चे के लिए जरूरी होता है पर बेहद संतुलित मात्रा में, क्योंकि इस के ज्यादा सेवन से जन्म दोष की समस्या भी पैदा हो सकती है जो पेट में पलते बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है. यह विटामिन ज्यादातर संतरा, गाजर, हरी सब्जियों, मांसमछली, दूध, मक्खन, अंडा वगैरह में पाया जाता है. हड्डियों में किसी तरह की कमजोरी को दूर करने के लिए विटामिन डी का सेवन करना चाहिए. पैदा होने वाले बच्चे की हड्डियां मजबूत रहें, इसलिए मां को विटामिन डी से भरपूर भोजन करना चाहिए. मछली, मशरूम, अंडे और मीट में विटामिन डी पाया जाता है. सूरज की रोशनी से भी विटामिन डी की भरपाई की जा सकती है.

जब ये विटामिन भोजन से नहीं मिल पाते हैं तो डाक्टर की सलाह पर मल्टीविटामिन की दवाएं भी मां बनने वाली औरतों को दी जाती हैं. ये दवाएं गोलियों, कैप्सूल और टौनिक के रूप में बाजार में मिलती हैं.

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ट्रंप-किम भेंट

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिगडै़ल देश उत्तर कोरिया को मेज पर बुला व बैठा कर उस से परमाणु नियंत्रण समझौता कर के सिद्ध कर दिया है कि आज भी अमेरिका की चल रही है और उस के जैसे सिरफिरे, बचकाने व्यवहार वाले राष्ट्रपति भी कई बार अनूठे काम कर जाते हैं. किम इल सुंग के पोते किम जोंग उन ने सिंगापुर आ कर न केवल समझौतों पर हस्ताक्षर किए, बल्कि अपने देश उत्तर कोरिया को दूसरों का खतरा न बनने देने का वादा भी किया.

उत्तर कोरिया कई दशकों से परमाणु बम बना रहा था और पाकिस्तान, ईरान आदि की सहायता से दुनियाभर में हर समय एक खतरा बना हुआ था कि कहीं उस का खब्ती, जिद्दी शासक न जाने कब इन बमों का दुरुपयोग कर डाले. अमेरिका उस का दुश्मन बना हुआ था क्योंकि 1953 में उसी ने कोरिया का विभाजन किया था जब अमेरिकी सेनाओं ने उत्तर कोरिया को दक्षिण कोरिया को जबरन कम्युनिस्ट बनाने से रोका था.

उत्तर कोरिया के शासक तभी से दक्षिण कोरिया समेत अमेरिका और पश्चिमी देशों को अपना दुश्मन मानते आ रहे हैं पर चीन से उन की लगातार बनती रही. पिछले साल तक बयानों के बमों से उत्तर कोरिया और अमेरिका सारी दुनिया को परमाणु युद्ध के खतरे से डराते रहे थे. पर इस साल के शुरू में न जाने क्यों और कैसे किम जोंग उन का हृदयपरिवर्तन हुआ और उन्होंने अमेरिकी बंदियों को छोड़ा, चीन की यात्रा की, बेहद सौहार्दपूर्ण तरीके से सीमा के निकट दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से मुलाकात की और सिंगापुर में अमेरिकी राष्ट्रपति से बातचीत कर अहम फैसला लिया.

ट्रंप व किम की सिंगापुर में 12 जून को हुई मुलाकात दुनियाभर में फुटबौल मैचों से ज्यादा रुचि से देखी गई. अब दुनिया राहत की सांस ले सकती है. तानाशाह सद्दाम हुसैन, कर्नल गद्दाफी, ओसामा बिन लादेन की मौतों के बाद कठोर व कट्टर शासक किम का दोस्ताना हाथ बढ़ाना एक सुखद आश्चर्य की बात है. यह दिन बहुत सालों तक याद रहेगा.

उत्तर कोरिया के लिए यह समझौता वरदान साबित हो सकता है. उत्तर कोरिया के निवासी दक्षिण कोरिया में रह रहे अपने सगेसंबंधियों की तरह विकास की दौड़ में शामिल हो सकते हैं. वे हालांकि हमेशा ही पीछे रहेंगे पर फिर भी जिस 19वीं सदी में वे रह रहे हैं, वह स्थिति अब ज्यादा समय तक नहीं रहेगी.

डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते से अपने पर लगे बहुत से धब्बों को धो लिया है और शायद वे अमेरिका में अब और ज्यादा स्वीकारे जाने लगेंगे.

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नशा तस्करों के लिए फांसी की सजा का प्रस्ताव

पंजाब में नशे की जड़ें मजबूत हो रही हैं लेकिन अब नशे की तस्करी करने वालों की खैर नहीं है. इस पर लगाम के लिए पंजाब कैबिनेट ने फांसी की सजा देने का प्रस्ताव पास किया है और इसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया है. सरकार ने यह फैसला पिछले दिनों नशे के कारण हो रही युवाओं की मौतों को देखते हुए लिया है.

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि नशा तस्करों ने प्रदेश के युवाओं का भविष्य खोखला कर दिया है, इसलिए उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. सजा भी ऐसी हो कि एक उदाहरण बन जाए, ताकि लोग नशे की तस्करी करने से पहले सोचे. नशा तस्करों को फांसी की सजा के प्रस्ताव को केंद्र की मंजूरी मिलते ही लागू कर दिया जाएगा.

पंजाब में पिछले कुछ सालों से क्राइम का ग्राफ भी ऊपर ही रहा है, जिसकी मुख्य वजह नशा ही है. राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान नशा एक बड़ा मुद्दा रहा था, जिसको कांग्रेस पार्टी ने अपनी रैलियों और नुक्कड़ मीटिंगों में पूरी तरह कैश किया तथा सरकार बनने पर इसको पंजाब से समाप्त करने का वायदा किया था.

जैसे ही कांग्रेस ने पंजाब में सरकार की कमान सम्भाली तो पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने पंजाब पुलिस को प्रदेश भर में से नशा समाप्त करने की मुहिम छेडऩे के निर्देश जारी कर दिए पर पिछले कुछ दिनों से नशे के कारण हो रही नौजवानों की मौतों को लेकर यह अहम फैसला लिया गया है.

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परिवार में सबसे ज्यादा चर्चित हैं तैमूर : शर्मिला टैगोर

मीडिया के कैमरावालों की जान और शायद आजकल सबसे फेमस खान तैमूर को लेकर जब भी कोई तस्वीर या खबर आती है तो लोगों की दिलचस्पी उसमें जरूर होती है क्योंकि इस सुपर क्यूट किड का चार्म जन्म से लेकर अब तक कम नहीं हुआ है.

पिता सैफ अली खान और मां करीना सहित कपूर परिवार के कई सदस्य पहले ही इस बात को कह चुके हैं कि वर्तमान में अगर उनके परिवार में कोई सबसे अधिक लोकप्रिय है तो वो हैं तैमूर. पिता सैफ तो यहां तक कह चुके हैं कि आजकल तो लोग जब घर आते हैं तो हमसे बिना मिले सिर्फ तैमूर के साथ तस्वीर खिंचवा कर लौट जाते हैं. दादी शर्मीला टैगोर तो तैमूर पर कुछ ज़्यादा ही प्यार लुटातीं हैं.

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हाल ही में कोलकाता में हुए एक इवेंट के दौरान शर्मीला ने इस बात को स्वीकार किया कि तैमूर तो उनसे भी ज्यादा लाइमलाईट में रहता है. आजकल सारी सुर्खियां वही बटोर ले जाता है. वो मुझसे भी फेमस हो गया है. हालांकि इस दौरान उन्होंने मीडिया को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि उसे इस तरह से तवज्जो दी जा रही है मानो वो पहले ही स्टार बन चुका है. करीना और सैफ इन दिनों लंदन में छुट्टियां मना रहे हैं. हाल में वहां से तैमूर का एक वीडियो काफी चर्चित हुआ था जहां वो एक गार्डन में खिलौनों के साथ खेल रहे हैं. और बाद में चिड़ियाघर में भी गए.

कुछ दिनों पहले तैमूर को प्री-स्कूल में डाला गया है और वहां भी उनका जलवा बना हुआ है. पिछले दिनों तैमूर के मामा रणबीर कपूर ने बताया था कि ‘जब मैं उसे हाथों में लेता हूं तो मैं खुद भी उसे देख कर सोचने लगता हूं कि ये क्या चीज हैं. ये इस दुनिया का तो हो ही नहीं सकता. क्यूटनेस का ओवरलोड है. रणबीर ने अपनी बातचीत में यह भी कहा कि मैं तो खुद को प्रीवलेज मानता हूं कि मुझे तैमूर को गोद में लेने का सुख प्राप्त है.

रणबीर ने यह भी स्वीकारा कि वह तैमूर की तस्वीरें जो कि वायरल होती रहती हैं वह उन्हें खूब स्टौक करते रहते हैं. रणबीर कहते हैं कि हाल ही में जब तैमूर ने हेयर कट किया था. तब भी वह उसे देख कर दीवाने हो गये थे. वह कहते हैं कि उन्हें काफी अच्छा लगता तैमूर को देख कर.

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इस भोजपुरी फिल्म में अलग अंदाज में नजर आईं स्वेता यादव

महिलाओं के सशक्तिकरण पर आधारित अभिनेत्री स्वेता यादव की भोजपुरी फिल्‍म ‘मोहब्बत के सौगात’ बिहार में रिलीज हो चुकी है और इसके शो हाउसफुल चल रहे हैं. खासकर मुजफ्फरपुर में ‘मोहब्बत के सौगात’ को दर्शकों ने हाथों हाथ लिया है और फिल्‍म को बेहतरीन बताया है. पल्लवी प्रकाश इंटरनेशनल के बैनर तले बनी भोजपुरी फिल्म ‘मोहब्बत के सौगात’ में स्‍त्री संघर्ष की दास्‍तान के अलावा मनोरंजन के सभी आयाम हैं, जो दर्शकों को फिल्‍म से बांधती है.

खूब पसंद किया गया था ट्रेलर

इसके डायलौग, संवाद, एक्शन और नृत्‍य भी कथानाक के हिसाब से बेहद उम्‍दा हैं. फिल्म ‘मोहब्बत के सौगात’ के ट्रेलर को भी खूब पसंद किया गया था, जिसके बाद निर्माता पल्लवी प्रकाश और निर्देशक ब्रज भूषण की फिल्‍म से उम्‍मीदें और बढ़ गई थी. वहीं, फिल्‍म को मिल रहे रेस्‍पांस और ट्रेड पंडितों के आकलन के बाद स्वेता यादव ने कहा, ‘फिल्‍म वीमेन इंपावरमेंट बेस्‍ड है.

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समाज में किस तरह औरतों को दबा कर रखा जाता है और किस प्रकार उनका हक उन्हें नहीं दिया जाता. यह इस फिल्म में बखूबी दर्शाया गया है. यही वजह है कि आज फिल्‍म की मजबूत स्‍टोरी और दिल को छू लेने वाले संवाद लोगों को पसंद आ रहे हैं. मैं सभी को धन्‍यवाद कहना चाहूंगी कि उन्‍हें ये फिल्‍म पसंद आ रही है. खासकर मेरे किरदार को जिस तरह से लोगों ने प्‍यार दिया है, वो मेरे लिए काफी अहम है. मैंने फिल्‍म के लिए काफी मेहनत की थी, जिस पर आज दर्शकों का मुहर लगा है.’

उन्होंने कहा, ‘ये मेरे लिए बेहद खुशी की बात है. फिल्‍म के लिए मैं निर्माता पल्लवी प्रकाश और निर्देशक ब्रज भूषण के साथ–साथ पूरे भोजपुरी समाज का आभार व्‍यक्‍त करना चाहती हूं.’  गौरतलब है कि फिल्‍म ‘मोहब्बत के सौगात’ के मुख्य कलाकारों में आदित्य मोहन और स्वेता यादव के अलावा उदय श्रीवास्तव, स्मिता दुबे जैसे जाने -माने चेहरे नजर आ रहे हैं. फिल्म का प्रचार प्रसार संजय भूषण पटियाला हैं. इस फिल्म के सभी गाने मनोरंजक और बेहतरीन हैं, जिसमें संगीत छोटे बाबा, पंकज, प्रीतम और मनीष सिन्हा ने दिया है. गानों को नीलेश उपाध्याय, पुष्पलता, प्रियंका सिंह, खुशबू जैन और शेखर गोस्वामी ने आवाज दी है.

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ब्राजील में दिखी प्रियंका और निक के बीच शानदार लव केमेस्ट्री

बौलीवुड से हौलीवुड का सफर तय करने वाली अदाकारा प्रियंका चोपड़ा और निक जोनास ने भारत में कुछ समय साथ व्यतीत किया. भारत में बिताएं कुछ खास पल ने इनके रिश्ते को और भी खूबसूरत बना दिया और यही वजह है कि भारत आने के बाद दोनों के रिश्ते लगातार सुर्खियां बटोरते रहे. भारत में समय बिताने के बाद अब वे ब्राजील में हैं और वहां भी अपने रिश्तों को लेकर चर्चा में हैं.

ब्राजील में विलामिक्स फेस्टिवल में निक जोनास को परफौर्म करना था. इस मौके पर प्रियंका और निक के बीच जबरदस्त केमेस्ट्री एक बार फिर से दिखाई दी. दरअसल जब निक जोनास मंच पर परफौर्म कर रहे थे, उस समय दर्शक दीर्घा में बैठी प्रियंका चोपड़ा उनका मनोबल बढ़ा रही थीं. इस मौके पर प्रियंका के चेहरे पर प्रसन्नता के हाव-भाव स्पष्ट तौर पर देखें जा सकते हैं. वो इस मौके पर निक जोनास की परफौर्मेंस की अच्छी तस्वीरें लेने का भी प्रयत्न कर रही थीं. जब निक जोनास उनकी परफौर्मेंस में पूरी तरह से मग्न थे, तब बीच-बीच में प्रियंका चिल्लाकर भी निक जोनास को प्रोत्साहित कर रही थीं.

वैसे तो अमेरिका में विभिन्न इवेंट्स पर जब दोनों को साथ देखा गया था तब से ही यह चर्चा हो रही थी दोनों की बीच कुछ है. इसके बाद अमेरिका से जब निक और प्रियंका भारत पहुंचे तब भी दोनों को लेकर खूब चर्चा हुई. प्रियंका जब भारत आई तो मुंबई के एक रेस्त्रा में निक को लेकर गई थीं. इसके बाद दोनों वेकेशन एंजौय करने गोवा भी गए थे. वहीं, मुंबई में हाल ही में मुकेश अंबानी के बेटे आकाश अंबानी की एंगेजमेंट की ग्रैंड पार्टी में भी दोनों खास तौर पर मौजूद थे. इसके बाद दोनों ब्राजील निकल गए.

दरअसल, प्रियंका जब गोवा में थी तब उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की थी जिसमें प्रियंका के भाई और कथित बौयफ्रेंड निक जोनास नजर आ रहे थे. इसको शेयर करते हुए उन्होंने लिखा था माय फेवरेट मेन. खैर, अभी तक दोनों की तरफ से अफेयर को लेकर कुछ भी साफ तौर पर नहीं कहा गया है. लेकिन जिस तरह से इन दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं और कई दिनों से दोनों साथ हैं तो यह जरूर चर्चा है कि दोनों के बीच कुछ तो है.

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