साल 2017 में दोनों के बीच इश्क का फुतूर क्या चढ़ा, उन का एक पल के लिए एकदूसरे से जुदा होना मुश्किल हो गया. एक के पास सियासत और दौलत का रुतबा था, तो दूसरे के पास बेपनाह हुस्न. वैसे, रोहित शेखर कोई मामूली शख्स भी नहीं था.

वह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 4 बार मुख्यमंत्री रहे नारायण दत्त तिवारी का बेटा था. हालांकि खुद को बेटा साबित कराने के लिए रोहित शेखर ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी. लंबे समय तक साथ रहने के बाद अपूर्वा और रोहित शेखर तिवारी की सगाई हुई और फिर 11 मई, 2018 को दिल्ली के 5, अशोका रोड पर बने आनंद भवन में दोनों की शानदार शादी हुई. हालांकि जिस वक्त उन दोनों की शादी हो रही थी, तब नारायण दत्त तिवारी अस्पताल में भरती थे. एनडी तिवारी के ‘गुंजनू’ एनडी तिवारी रोहित को प्यार से ‘गुंजनू’ बुलाते थे. कानूनी विवाद खत्म होने के बाद मार्च, 2014 से रोहित शेखर अपने पिता एनडी तिवारी के साथ ही रहने लगा था. इस से पहले साल 2008 में रोहित शेखर ने जब अदालत में मामला दायर कर खुद को एनडी तिवारी का बेटा बताया था, तो देश में सनसनी फैल गई थी. शुरुआत में एनडी तिवारी ने रोहित शेखर को अपना बेटा मानने से इनकार किया था, पर बाद में जब डीएनए रिपोर्ट से यह साबित हो गया था कि रोहित एनडी तिवारी का ही बेटा है, तो एनडी तिवारी ने साल 2014 में रोहित शेखर की मां उज्ज्वला से लखनऊ में शादी कर ली थी.

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घूरती निगाहों से परेशान था जानकारों का मानना है कि उज्ज्वला और रोहित शेखर का एनडी तिवारी के घर पर बेरोकटोक आनाजाना होता था. वे अकसर वहां रहते भी थे. पत्नी उज्ज्वला एनडी तिवारी के रुतबे के आगे बोलने से ज्यादा खामोश रहना ही बेहतर समझती थीं. पर बड़े होते बेटे रोहित को समझना उतना आसान नहीं था. रोहित को नाजायज बेटा कहलाना और मां उज्ज्वला को नाजायज रिश्ता नागवार गुजरता था. जब लोगों खासकर करीबियों की घूरती निगाहें रोहित को परेशान करने लगीं तो उस ने अदालत में खुद को एनडी तिवारी का बेटा साबित करने की अर्जी डाल दी. कानूनी लड़ाई, लोगों के सवालात, घूरती निगाहों ने तब रोहित को परेशान किया होगा, इस में शक नहीं. पर इन परेशानियों में खुद को मजबूत करने के बजाय वह नशा करने लग गया था. बातबात पर गुस्सा करना और दबंगई पर उतरना उस की आदतों में शुमार हो चुका था. क्यों शक करती थी अपूर्वा रोहित शेखर की पत्नी अपूर्वा उस पर अलग मकान लेने का दबाव बनाती थी. हालांकि जिस घर में अपूर्वा, रोहित और उज्ज्वला रह रहे थे, वह कोई मामूली जगह भी नहीं है. डिफैंस कालोनी दिल्ली की पौश कालोनियों में शुमार है और यहां मकान होना किसी सपने से कम नहीं है. इन सब से अलग अपूर्वा को रोहित का शादी के बाद भी घुमंतू बने रहना और दोस्तों में समय बिताना पसंद नहीं था.

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वह रोहित पर शक करने लगी थी और जब वह बाहर होता था तो बारबार फोन करती रहती थी. कई बार तो वह वीडियो काल भी करती और रोहित को वीडियो काल पर यह दिखाने को कहती कि वह कहां है और उस के साथ और कौनकौन हैं? झगड़े की वजह पुलिस तफतीश में भी जो बातें सामने आ रही हैं, वे हैरान करने वाली हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के मुताबिक, ‘‘एनडी तिवारी के ओएसडी रहे राजीव की पत्नी के साथ रोहित शेखर की बढ़ती नजदीकियों से अपूर्वा परेशान थी. उस की यह परेशानी तब और बढ़ गई, जब उसे पता चला कि राजीव के बेटे को प्रोपर्टी में हिस्सेदार बनाने की बात चल रही है. इन सब वजहों से वह डिप्रैशन में आ गई थी.’’ मीडिया में रोहित शेखर की मां उज्ज्वला का बयान और पुलिस तफतीश में कही गई बातों में समानता भी इस बात की तसदीक कर रही थीं. कुछ दिन पहले रोहित की मां उज्ज्वला ने कहा भी था, ‘‘हां, अपूर्वा की नजर प्रोपर्टी पर थी और इस में हिस्सेदारी को ले कर वह रोहित से आएदिन झगड़ती रहती थी.’’ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के ऐडिशनल सीपी राजीव रंजन ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘मां ने 60 और 40 फीसदी की हिस्सेदारी में अपने बेटों के नाम प्रोपर्टी कर दी थी. वसीयत में यह साफ कर दिया गया था कि अगर एक लड़के की मौत होती है तो उस की जगह दूसरे को हिस्सेदारी मिल जाएगी. इस में अपूर्वा का कहीं नाम नहीं था. न ही उस की कहीं हिस्सेदारी थी. इस बात को ले कर वह परेशान थी. ‘‘रोहित के भाई, जिस के हिस्से में 40 फीसदी हिस्सेदारी थी, वह कुंआरा है और उस ने यह कह रखा है कि वह अपना हिस्सा उस महिला रिश्तेदार के बेटे के नाम कर देगा. अपूर्वा को इस पर भी एतराज था.’’ यह रही मौत की वजह दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की तफतीश के बाद जारी बयान की बात करें तो रोहित शेखर तिवारी की मौत उस रात अपूर्वा द्वारा की गई वीडियो काल की वजह से भी बनी. दरअसल, जब रोहित शेखर कार से उत्तराखंड से वापस लौट रहा था तो उसी शाम आदतन अपूर्वा ने वीडियो काल की. वीडियो काल में उसे एक औरत भी दिखाई दी जो रोहित शेखर के बगल में बैठी थी. रोहित उस समय चलती कार में ही शराब पी रहा था. रोहित के बगल में बैठी वह औरत रोहित की भाभी कुमकुम थी, जिस को ले कर अपूर्वा शक करती रहती थी. उसे रोहित के साथ देख कर अपूर्वा अपना आपा खो बैठी और वही वीडियो काल रोहित की मौत की वजह भी बनी. क्या हुआ था उस रात रात को जब रोहित घर आया तो साथ में कुमकुम भी थी. सब ने घर में साथ बैठ कर खाना खाया. बाद में वह औरत, उस का पति और दूसरे लोग उज्ज्वला के साथ तिलक लेन वाले घर पर चले गए तो रोहित पहली मंजिल पर अपने कमरे में जा कर सो गया. वह बेहद नशे में था. अपूर्वा के पूछने पर रोहित ने बताया कि वह औरत भी उस के साथ एक ही गिलास में शराब पी रही थी तो अपूर्वा आगबबूला हो उठी और उस ने रोहित का मुंह और नाक तकिए से दबा दिया.

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चूंकि रोहित नशे में तकरीबन बेहोशी की हालत में था इसलिए वह खिलाफत नहीं कर पाया और दम घुटने से उस की मौत हो गई. यह बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद भी साबित हो चुकी है. शुरुआत में सभी लोग रोहित की मौत की वजह कुदरती ही मानते रहे, पर जब पुलिसिया तफतीश और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो परत दर परत सब खुलने लगा. पहली गिरफ्तारी पत्नी अपूर्वा की हुई. पुलिस की मानें तो अपूर्वा चूंकि पेशे से वकील थी, इसलिए कानूनी दांवपेंच में भी वह माहिर थी. वह पुलिस को बरगलाने के लिए मौत की वजह ओवरडोज नशे को बताती रही. वह बारबार बयान भी बदल रही थी. इस से पुलिस का शक और गहरा गया. पुलिस की सख्ती पर अपूर्वा टूट गई और अपना जुर्म कबूल कर लिया. कह सकते हैं कि इस मौत से जहां अभी तक कई अनसुलझे सवाल रह गए हैं, तो वहीं आजकल की महानगरीय संस्कृति में रिश्तों के दरकने और दांपत्य का कमजोर होना भी कई सवाल खड़े करता है. रोहित अगर शराबी हो गया था तो उसे अपूर्वा सही रास्ते पर ला सकती थी.

झगड़े की वजह अगर प्रोपर्टी थी तो रोहित शेखर के नाम हुई प्रोपर्टी पर कानूनन अपूर्वा भी हकदार थी, जिसे नाहक अपने नाम प्रोपर्टी कराने की जिद थी. अपूर्वा रोहित पर शक करती थी. मुमकिन है कि इसी अनदेखी और झगड़े ने रोहित को और बिगड़ैल बना दिया हो. जिस प्यार की खातिर एनडी तिवारी बदनाम हुए थे, उसे सूझबूझ दिखा कर उन्होंने तो अपना लिया, मगर बेटा रोहित अपने प्यार को सहेजने में नाकाम रहा और आखिरकार एक नामी परिवार का हश्र भी किसी मर्डर मिस्ट्री फिल्मों की तरह ही हुआ, जहां न किसी को प्यार मिला और न ही दौलत. सबकुछ एक ही झटके में खत्म…

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