वास्तव में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ’’यानी कि सेंसर बोर्ड के नियमों के अनुसार हर फिल्म को चार सदस्यीय परीक्षण समिति देखकर निर्णय देती है कि फिल्म में क्या नहीं होना चाहिए और उसे क्या प्रमाणत्र मिलेगा.