रातों की नींद उड़ा देंगी ये हिंदी Horror Web Series

अगर आप Horror पसंद करते हैं और डर को दूर भगाना चाहते हैं तो हौटेंड वेब सीरीज देखना बिलकुल न भूलें. एक से बढ़कर एक वेबसीरीज आ रही है इन दिनों ओटीटी प्लेटफौर्म्स पर, जिनकी कहानियां रोमांच से भरी होती है. इन वेब सीरीज में आपको कंटैंट भी बिलकुल हटके देखने को मिलेगा. ये वेब सीरीज नेटफिलिक्स, जी5 और अमेजन प्राइम पर देखने को मिलेगी.

 

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भूतों के डर से बाहर आना है तो देखें वेब सीरीज ‘परछाई’

जादुई, रहस्यमय, रोमांचक कहानियों के लिए मशहूर लेखक रस्किन बौन्ड की भूतों की कहानियों पर वेब सीरीज बन रही है. ZEE5 पर घोस्ट सीरीज ‘परछाई’ (Parchayee) का पहला एपिसोड ‘द घोस्ट इन द गार्डन’ 15 जनवरी को रिलीज हो गया. इस कहानी को इतनी खूबसूरती से पिरोया गया है कि डरावनी घोस्ट सीरीज कहना बिल्कुल गलत होगा. बाकी हौरर मूवीज के मुकाबले ये कुछ अलग हटकर है. इसमें भूत के डर को हमारे मन से बहुत ही खूबसूरत तरीके से बाहर निकाल फेंका है.

हौन्टेड विला के ईर्द गिर्द घूमती है ‘टाइपराइटर’ TypeWriter वेब सीरीज की कहानी

इस वेब सीरीज को सुजौय घोष ने निर्देशित किया. इसकी कहानी एक हौन्टेड विला के ईर्द गिर्द घूमती है. धीरेधीरे सीरीज की स्टोरी एक टाइपराइटर से जुड़ती है आगे चल कर ये हौरर जौनर की एक बेहतरीन वेब सीरीज बन जाती है. इस सीरीज को अगर आपने देखा होगा तो आपको लगेगा यह फिल्म एक ‘टाइपराइट मशीन’ जैसी लगती है. Lifestyle

‘बेताल’ ज़ोम्बी हौरर स्ट्रीमिंग सीरीज है

‘बेताल’ Betaal एक भारतीय ज़ोम्बी हौरर स्ट्रीमिंग सीरीज है. जिसमें गांव एक लड़ाई का अखाड़ा बन जाता है, जब ईस्ट इंडिया कंपनी का एक मरा हुआ अधिकारी और जोंबी रेडकोट की उसकी बटालियन आधुनिक सैनिकों की एक टुकड़ी पर हमला करती है. इस सीरीज में विनीत कुमार सिंह, अहाना कुमरा, सुचित्रा पिल्लै लीड रोल में हैं.

‘भ्रम’ Bharam एक साइकोलौजिकल थ्रिलर हौरर वेब सीरीज

भ्रम एक भारतीय हिंदी-भाषा साइकोलौजिकल थ्रिलर टीवी सीरीज है, जिसमें नायक PTSD पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर बीमारी का शिकार हो जाता है और एक लंबे समय से भूले हुए सच को उजागर करने के लिए सभी तरह की सीमाओं से गुजरता है. इस सीरीज में एक्ट्रेस क्लकि भूत का रोल प्ले करती दिखाई देंगी. ये वेब सीरीज भारत में जी5 पर स्ट्रीम होती है.

हौंटिंग औफ हिल हाउस (Haunting of Hill House)

ये इंग्लिश वेब सीरीज है अगर हिंदी के अलावा इंग्लिश वेब सीरीज देखने का शौक रखते है. तो ये हौरर वेब सीरीज देखना न भूले. इसमें हौंटेड हाउस होता है. यह चार लोगों की कहानी है जो एक अंधेरे और ऐतिहासिक हवेली यानी हिल हाउस में अजीबोगरीब घटनाओं की जांच करने के लिए आते हैं. नायक, एलेनोर वेंस है.

वेकेशन से लौटे तमन्ना भाटिया और विजय वर्मा, मीडिया के सवालों से आया गुस्सा

इन दिनों एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया अपनी वेकेशन फोटो को लेकर चर्चा में बनी हुई है उनके साथ वेकेशन पर विजय वर्मा थे. जिन्होने मालदीव पर छुट्टियां बिताई है. ऐसे में उन्हे एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया. जहां मीडिया ने उन्हे घेर लिया और कई सवाल करने लगे. लेकिन एक फोटोग्राफर के कमेंट पर विजय वर्मा भड़कते नजर आएं. जिन्हे काफी गुस्सा आ गया.

 

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आपको बता दें, कि कपल मालदीव पर वेकेशन पर गए थे. जहां की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तमन्ना ने अपलोड़ की है हालांकि विजय ने कही फोटो अपलोड़ नहीं की है ऐसे में लोगों ने उनसे कई सवाल किए है. जब लोगों को एयरपोर्ट पर देखा ते मीडिया ने उनके कई सवाल किए. उसी दौरान एक फोटोग्राफर ने उनसे कह दिया कि विजय भाई मालदीव के समंदर के मजे लेकर आए है. इसी बात पर वियज काफी गुस्सा गए. वही इस पर विजय ने जवाब देते हुए कहा कि आप इस तरह की बात नहीं कर सकते है. और उस दौरान विजय के एक्सप्रेशन भी बदल जाते है. पहले वो स्माइल करते है फिर बिना बात किए वहा से चले जाते है.

तमन्ना ने कैसा किया रिएक्ट

तमन्ना भी एयरपोर्ट पर स्पॉट की गई. उन्होने काफी हॉट आउटफिट कैरी किया हुआ था. जब उनसे ट्रिप के बारे में पूछा गया तो उन्होने कहा ट्रिप बहुत अच्छा रहा है. जब उनसे कहा गया कि आपकी वेकेशन की फोटो काफी अच्छी है तो उन्होने फ्लाइंग किस किया और वो भी कैमरे की तरफ देखकर. फिर उनसे विजय के बारे में पूछा गया तो वह शर्मा कर चली जाती है.

 

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तमन्ना के वर्क व्रंट की बात करें, तो वो डिज्नी के हॉटस्टार की मर्डर मिस्ट्री में नजर आई थी. यह दिल्ली के बुरारी मर्डर केस पर अधारित वेब सीरिज थीं. वही, विजय लास्ट शो कालकूट में नजर आए थे. अब वह नेटफिल्क्स की थ्रिलर फिल्म जाने जान में नजर आएंगे. जिसमें करीना कपूर और जयदीप अहलावत अहम किरदार में है. फिल्म को सुजॉय घोष ने डायरेक्ट किया है.

I&B ने सर्वश्रेष्ठ वेब सीरीज (ओटीटी) पुरस्कार के पहले संस्करण के लिए प्रविष्टियां जमा करने की तारीख आगे बढ़ाई

नई दिल्ली: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सर्वश्रेष्ठ वेब सीरीज (ओटीटी) पुरस्कार के पहले संस्करण की प्रविष्टियों को ऑनलाइन जमा करने की अंतिम तिथि 25 अगस्त से बढ़ाकर 4 सितंबर 2023 शाम 6 बजे तक कर दिया है. हालांकि सीरीज की हार्डकॉपी 12 सितंबर 2023 तक जमा की जा सकती है.
12 सितम्बर, 2023 को अवकाश घोषित होने की स्थिति में, अगले कार्य दिवस को आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि माना जाएगा.
प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तारीख आगे बढ़ाने का निर्णय मंत्रालय द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिया गया है कि अधिक से अधिक संख्या में वेब सीरीज इन पुरस्कारों में भाग ले सकें. इन पुरस्कारों का उद्देश्य ओटीटी प्लेटफॉर्म की सृजनात्मक क्षमता को पहचानना है जो कि पिछले दो वर्षों के दौरान कई गुना बढ़ गई है.
मनोरंजन उद्योग की प्रतिष्ठित हस्तियों वाली एक जूरी, सर्वश्रेष्ठ वेब सीरीज का चयन करेगी. विजेता को 54वें भारत अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रमाण पत्र के साथ नकद पुरस्कार के रूप में 10 लाख रुपये से सम्मानित किया जाएगा.
पुरस्कार का पाने के लिए, वेब सीरीज का निर्माण मूल रूप से किसी भी भारतीय भाषा में होना चाहिए. सीरीज मूल रचना पर आधारित होनी चाहिए जो कमिशन्ड या प्रोड्यूस्ड की गई हो. इसके अतिरिक्त, श्रृंखला को केवल ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जारी करने के उद्देश्य से सह-निर्मित, लाइसेंस प्राप्त या अधिग्रहित होना चाहिए.
साथ ही साथ, पुरस्कार के पात्र होने के लिए, प्रविष्टि के सभी एपिसोडों (वेब श्रृंखला/सीज़न) को 1 जनवरी, 2022 से 31 दिसंबर, 2022 तक एक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ भी हो जाना चाहिए.
पुरस्कारों के लिए पात्रता का अधिक विवरण सूचना और प्रसारण मंत्रालय, राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम और आईएफएफआई https://bestwebseriesaward.com/ वेबसाइटों पर उपलब्ध है. पुरस्कार के नियम और अधिनियम को यहां से प्राप्त किया जा सकता है.

IFFI ने बेस्ट वेब सीरीज (OTT) पुरस्कार के पहले संस्करण के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित कीं

भारत सरकार के सूचना एवं प्रसार मंत्रालय के अधीन भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव आईएफएफआई सर्वश्रेष्ठ वेब सीरीज (ओटीटी) पुरस्कार के पहले संस्करण के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये गए हैं, जिसकी शुरुआत गोवा में 20-28 नवंबर, 2023 को आयोजित होने वाले भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के 54वें संस्करण में की जाएगी.

यह है उद्देश्य

सूचना और प्रसारण मंत्रालय नें जारी किये गए विज्ञप्ति में यह जानकारी दी है की इस पुरस्कार का उद्देश्य समृद्ध ओटीटी कंटेंट और इसके निर्माताओं को स्वीकृति प्रदान करना, प्रोत्साहित करना और सम्मानित करना है. यह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्मित और प्रदर्शित वेब सीरीज कंटेंट को प्रोत्साहित करना और इसका उत्सव मनाकर भारतीय ओटीटी उद्योग में विकास एवं नवाचार को बढ़ावा देना चाहता है.
विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है की पुरस्कार का उद्देश्य क्षेत्रीय भाषाओं में निर्मित कंटेंट सहित वेब सामग्री उद्योग में क्षेत्रीय विविधता एवं रचनात्मकता को बढ़ावा देकर भारतीय भाषाओं में ओटीटी सामग्री को प्रोत्साहित करना है. यह पुरस्कार असाधारण प्रतिभा की पहचान करने के साथ उन्हें पुरस्कृत करेगा, जिसने देश में ओटीटी द्वारा प्रदान किए गए अवसरों के माध्यम से अपनी क्षमता का एहसास कराया है. विज्ञप्ति में यह भी जानकारी दी गई है कि भारत की बढ़ती रचनात्मक अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, इस पुरस्कार का उद्देश्य कंटेंट निर्माताओं और ओटीटी प्लेटफार्मों को अपने काम का प्रदर्शन करने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने और भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करके भारत के ओटीटी क्षेत्र में निवेश के अवसरों को बढ़ावा देना और प्रोत्साहित करना है.

आईएफएफआई के 54वें संस्करण में की जाएगी विजेता के नाम की घोषणा व सम्मान

इस पुरस्कार की घोषणा 18 जुलाई, 2023 को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने की थी. इस बात को ध्यान में रखते हुए कि भारत में असाधारण प्रतिभाओं से परिपूर्ण हैं, अनुराग ठाकुर ने कंटेंट निर्माताओं को “एक उभरते और आकांक्षी नए भारत की कहानी बताने के लिए प्रोत्साहित किया – जो अरबों लोगों के सपनों और अरबों अनसुनी कहानियों के साथ दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है.” उन्होंने कहा कि भारत के 54वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में इस वर्ष शुरू होने के बाद यह पुरस्कार प्रतिवर्ष प्रदान किया जाएगा.

सर्वश्रेष्ठ वेब सीरीज (ओटीटी) पुरस्कार शुरू करने के पीछे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के उद्देश्य पर बात करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि “भारतीय मनोरंजन क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व बदलाव देखे गए हैं. यह बहुत दिलचस्प है कि हाल ही में फिक्की-ईएनवाई द्वारा जारी एक रिपोर्ट से पता चलता है कि 2022 में भारत में न केवल 3,000 घंटे की नई और मूल ओटीटी कंटेंट तैयार की गई बल्कि ओटीटी प्लेटफार्मों पर दर्शकों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में 13.5 करोड़ से बढ़कर 18 करोड़ हो चुकी है. जबकि सिनेमा हॉल जाने वालों की संख्या 12.2 करोड़ है और यह ओटीटी प्लेटफॉर्म के दर्शकों से लगभग 6 करोड़ कम है. इसलिए भारतीय ओटीटी उद्योग के विकास को प्रोत्साहित करने, बढ़ावा देने और क्षेत्रीय प्रतिभा को स्वीकार करने की आवश्यकता महसूस हुई, जिसमें भारत बहुत समृद्ध है.”

पुरस्कार के लिए यह होगी पात्रता

पुरस्कार के लिए पात्र होने के लिए, वेब सीरीज को मूल रूप से किसी भी भारतीय भाषा में निर्मित/ शूट किया गया होना चाहिए. यह केवल ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने के उद्देश्य से निर्मित, सह-निर्मित, लाइसेंस प्राप्त या अधिग्रहित किया हुआ एक मूल कार्य होना चाहिए. प्रविष्टि करने वाले सभी एपिसोड (वेब सीरीज/सीजन) को 01 जनवरी, 2022 से 31 दिसंबर, 2022 के बीच ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया होना चाहिए. इसके अलावा, आवेदन के लिए वेब सीरीज/ सीज़न में कम से कम 180 मिनट का कुल रनटाइम होना चाहिए, कम से कम तीन एपिसोड होने चाहिए, प्रत्येक एपिसोड की अवधि 25 मिनट या उससे ज्यादा होनी चाहिए और एक ही शीर्षक या व्यापारिक नाम के अंतर्गत एक साथ जुड़ा होना चाहिए.
पुरस्कार के लिए कैसे करें आवेदन

आवेदन के इच्छुक लोगों को को निर्धारित ऑनलाइन प्रवेश फॉर्म के माध्यम से प्रविष्टि जमा करनी चाहिए, जो पुरस्कार वेबसाइट https://bestwebseriesaward.com/ पर उपलब्ध है. प्रविष्टियों को 25 अगस्त, 2023 को शाम 6 बजे तक ऑनलाइन जमा किया जा सकता है. प्रविष्टियों को ऑनलाइन जमा करने के अलावा, ऑनलाइन आवेदन की मुद्रित और हस्ताक्षरित हार्ड कॉपी संलग्न सामग्रियों के साथ 31 अगस्त, 2023 तक अधिकारिक कार्यालय पहुंच जानी चाहिए. अगर 31 अगस्त, 2023 को अवकाश घोषित किया जाता है, तो अगले कार्य दिवस को आवेदन प्राप्त होने की अंतिम तिथि माना जाएगा.

पुरस्कार में शामिल होंगी यह चीजें

सर्वश्रेष्ठ वेब सीरीज का पुरस्कार एक वेब श्रृंखला को उसकी कलात्मक योग्यता, कहानी प्रस्तुति, तकनीकी उत्कृष्टता और समग्र प्रभाव के लिए दिया जाएगा. इसमें 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जिसे निर्देशक, रचयिता और निर्माता/ प्रोडक्शन हाउस / ओटीटी प्लेटफॉर्म (मूल निर्माण या सह-निर्माण मामले में) के बीच समान रूप से वितरित किया जाएगा. प्रमाणपत्र भी निर्देशक/ रचयिता या दोनों, निर्माता/ प्रोडक्शन हाउस/ ओटीटी प्लेटफॉर्म (मूल निर्माण या सह-उत्पादन मामले में) और वेब-सीरीज़ स्ट्रीमिंग करने वाले ओटीटी प्लेटफॉर्म को प्रदान किया जाएगा.

पुरस्कार हेतु चयन करने के लिए दो स्तरीय व्यवस्था होगी, जिसमें एक पूर्वावलोकन समिति और एक जूरी शामिल हैं. जूरी में पूरे देश से वेब-सीरीज़, सिनेमा और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में प्रशंसित प्रतिष्ठित फिल्म/ वेब सीरीज पेशेवर/ व्यक्तित्व शामिल होंगे. पूर्वावलोकन समिति और जूरी का गठन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा किया जाएगा.

पुरस्कार की पात्रता और अन्य विवरणों की विस्तृत जानकारी पुरस्कार की वेबसाइट https://bestwebseriesaward.com/ पर उपलब्ध है. पुरस्कार के नियम और अधिनियम को यहां से प्राप्त किया जा सकता है.

वेब सीरिज रिव्यू : ‘‘कालकूट – महिला अपराध के मूल मुद्दे से भटकी चूं चूं का मुरब्बा..’’

  • रेटिंगः पांच में से दो स्टार
  • निर्माताः अजीत अंधारे, अमृतपालसिंह बिंद्रा व आनंद तिवारी
  • लेखकः सुमित सक्सेना और अरूणाभ कुमार
  • निर्देषकः सुमित सक्सेना
  • कलाकारः विजय वर्मा,ष्वेता त्रिपाठी षर्मा,सुदेव नायर,सीमा विष्वास, यषपाल षर्मा,गोपाल दत्त,सुजाना मुखर्जी,अषोक सेठ,हीबा कमर,एनब खिजरा, नीता मोहिंद्रा,षषिभू-ुनवजयाण,अमन ब्रम्ह षर्मा,ज्योति वर्मा,रोषन वर्मा व अन्य.
  • अवधिः पांच घंटे ,35 से पचास मिनअ के आठ एपीसोड
  • ओटीटी प्लेटफार्म : जियो सिनेमा

समाज में तेजी से बदलाव हो रहे हैं.इसके बावजूद महिलाओं के प्रति अपराधों की संख्या ब-सजय़ती जा रही है.तो दूसरी तरफ युवा लड़के परिवार के दबाव में न चाहते हुए भी ऐसी लड़की से विवाह के लिए हामी भर देते हैं,जो कि किसी न किसी बीमारी की षिकार है.इन दोनों मुद्दों पर आधारित वेब सीरीज ‘‘कालकूट’’ लेकर आए हैं,मगर फिल्मकार ने दूसरे कई मुद्दे जबरन ठॅूंस कर दोनों मूल मुद्दों के साथ न्याय करने में पूरी तरह से न सिर्फ विफल रहे हैं,बल्कि कहानी का भी बंटाधार कर डाला.इसे ओटीटी प्लेटफार्म ‘जियो सिनेमा’ पर मुफ्त में देखा जा सकता है.

कहानीः

वेब सीरीज ‘‘कालकूट’’ की कहानी षुरू होती है पुलिस सब इंस्पेक्टर रवि-रु39यांकर त्रिपाठी के नौकरी से त्याग पत्र लिखने से.जिसमें वह लिखते है कि वह सरसी पुलिस स्टे-रु39यान और उनकी वर्दी का सम्मान करते हैं,लेकिन यह देखते हुए कि पुलिस स्टे-रु39यान में सभी लोग कैसे काम करते हैं, वह काम करना जारी नहीं रखना चाहते हैं.’रवि की त्यागपत्र की भा-ुनवजया पर एतराज जताकर उनका त्याग पत्र अस्वीकार कर उन्हें पारूल चतुर्वेदी पर हुए एसिड अटैक की जांच की जिम्मेदारी सौंप दी जाती है.पता चलता है कि पारुल वही लड़की है,जिसका रिष्ता मृदु भा-ुनवजया सब इंस्पेक्टर रवि के लिए आया था.उधर रवि की मां (सीमा बिस्वास) अपने बेटे के लिए रि-रु39यता -सजयूं-सजयने के बारे में एकनि-ुनवजयठ है.खैर,जांच षुरू होते ही रवि के बॉस जगदीष सहाय इस केस को जल्द खत्म करने के मकसद से अपराधी को -सजयूं-सजयने से ज्यादा लड़की के चरित्र पर ध्यान देने के लिए कह देते हैं.

वास्तव में जगदीष सहाय,रविषंकर त्रिपाठी से चि-सजय़ते हैं.रवि के पिता स्व. मणिष्ांकर त्रिपाठी बहुत अच्छे लेखक व कवि थे.जगदी-रु39या,रवि को सौम्य होने के लिए धमकाने का कोई मौका नहीं छोड़ते और उसे ‘‘असली आदमी‘‘ बनने के बारे में व्याख्यान देते रहते हैं.रवि का सहायक यादव कभी रवि तो कभी सहाय की हॉं में हॉं मिलाता है. उधर रवि को जांच करने मे ंसमस्या है,क्योंकि एसिड अटैक की षिकार पारुल को बोलने में परे-रु39यानी होती है.इधर जगदीष सहाय पारूल के चरित्र पर संदेह कर रवि को कोठे पर उसकी जांच करने के लिए भेजते हैं,क्योंकि पायल के बैग से षराब की बोटल मिलती है.लेकिन जगदीष सहाय की सोच गलत साबित होती है.तब अपराधी की तलाष की मुहीम तेज होती है.तो पता चलता है कि पारूल ने अषीष व मनु सहित कुछ लड़को से प्यार व सगाई करने के बाद नाता तोड़ा था. रवि की जांच कई मोड़ों से होकर गुजरती है.अंततः मुख्य आरोपी वही निकलता है जो पहले दिन से अस्पताल में पारूल के साथ रहते हुए पुलिस को बरगलाता आया है.

इस कहानी के साथ रवि की निजी जिंदगी की कहानी भी लती रहती है.जब रवि के लिए षिवानी का रिष्ता आता है,तो उसे आ-रु39यचर्य होता है कि कोई उसके जैसे ‘‘सरल और उबाऊ‘‘ आदमी के साथ कोई लड़की क्यों षादी करना चाहेगी. इसलिए वह उसे टालता रहता है.पर जब पता चलता है कि षिवानी को मिर्गी की बीमारी है,तब वह पारूल पर एसिड फेंकने के रहस्य को सुल-हजयाने व पारूल के स्वस्थ हो जाने पर षिवानी संग विवाह करते हैं.

लेखन व निर्देषनः

कहानी व कमजोर पटकथा के साथ ही लेखक व निर्देषक की अज्ञानता इस सीरीज को बर्बाद करने में कोई कसर बाकी नहीं रखती.सीरीज में पीड़ित लड़की का चरित्र हनन करने में ही लेखक व निर्देषक ने ज्यादा दिमाग लगाया. ‘कालकूट’ में पुलिस इंस्पेक्टर जगदीष सहाय अपराधी को पकड़ने की बनिस्बत लड़की के अतीत, उसके काम, उसके फोन में पुरु-ुनवजयां के नंबरों की संख्या और उसके जीवन के बारे में खोजबीन करने पर ज्यादा जोर देते हैं.तो वहीं स्त्री-ंउचयद्वे-ुनवजया दृ-ुनवजयटकोण का सूक्ष्म चित्रण भी है.किरदारों की आपसी बातचीत के माध्यम से फिल्मकार ने समाज की पितृसत्तात्मक मानसिकता का भी चित्रण किया है.

फिल्म में लैंगिक भेदभाव,भ्रूण हत्या से लेकर नवजात लड़की की हत्या, लड़कियों के पहनावे,किन पुरू-ुनवजयां संग बातचीत करती है ,सहित कई मुद्दे उठाए हैं. तो वहीं फिल्मकार ने सीरीज को लंबा खींचते हुए रवि के निजी जीवन पर भी रोषनी डाली है.रवि की बहन व उसके जीजा से जुड़े दृष्य कहीं न कहीं मूल कहानी को बाधित करते हैं.पूरी सीरीज देखने के बाद अहसास होता है कि फिल्मकार ने सीरीज को लंबा खींचने के चक्कर में कहानी में बेवजह के ट्रेक जोड़े हैं.फिल्मकार ने बेवजह राजनीतिक दुष्मनी का ट्रेक जोड़ा फिल्म में अजूबे गरीब दृष्य हैं.क्लायमेक्स से पहले वीर त्रिपाठी के सीन में अपराधी लोहे की सरिया आर पार कर देता है.वीर उसी तरह सरिया के साथ बाइक चलाते हुए कई किलोमीटर तक अपराधी का पीछा करते हैं और अंत में खुद उस सरिया को अपने हाथ से निकालकर उसी सरिए से अपराधी की पिटाइ्र करते हैं.वाह! क्या लेखक व निर्देषक की सोच है.

अभिनयः

पुणे फिल्म संस्थान से स्नातक विजय वर्मा ने राज एंड डीके की लघु फिल्म ‘‘षोर’’ से अभिनय जगत में वापसी की थी.पर उनके अभिनय का जलवा ‘बमफाड़’, ‘यारा’ व् ‘दहाड़’ वेब सीरीज से उभर कर आया. मगर विजय वर्मा की बदनसीबी यह है कि अब तक उन्हे जितने भी किरदार निभाने के अवसर मिले,वह सभी अधपके ही रहे.वेब सीरीज ‘कालकूट’ में वीर षंकर त्रिपाठी का किरदार भी लेखक ने ठीक से नही ग-सजय़ा.तो विजय वर्मा ने भी इस किरदार की सामाजिक, पारिवारिक पृ-ुनवजयठभूमि को सम-हजयने का प्रयास नही किया.यानी कि एक कलाकार के तौर पर उनकी मेहनत में कमी साफ -हजयलकती है.रवि की मां के किरदार में सीमा विष्वास जरुर अपने अभिनय की छाप छोड़ती हैं.

हवलदार यादव के किरदार में सषक्त अभिनेता यषपाल षर्मा को देखकर कोफ्त होती है कि अब वह महज धन कमाने के लिए फालतू किस्म के किरदार निभाने लगे हैं,जिसमें उन्हें कुछ भी करने की जरुरत नही.इतना ही नहीं एसिड पीड़िता पारुल चतुर्वेदी के किरदार में ष्वेता त्रिपाठी षर्मा को देखकर अचरज हुआ.क्योंकि इसमें उनके हिस्से करने को कुछ है ही नही.सिर्फ अस्पताल में चंद दृष्यों में विस्तर पर पड़े रहना है.पारूल के पूव्र मंगेतर मनु के किरदार के साथ न्याय करने में अभिनेता सुदेव नायर विफल रहे हैं.वैसे भी लेखक ने इस किरदार को ठीक से ग-सजय़ा ही नही.जबकि असली अपराधी तो यही है.जगदीष सहाय के किरदार में गोपाल दत्त का अभिनय मोनोटोनस ही है.षिवानी के किरदार में सुजाना खान सिर्फ सुंदर नजर आयी हैं.

 

‘डार्लिंग्स’ से लेकर ‘फ्रेडी’ तक, इस साल OTT पर छाई ये 6 फिल्में

यह साल का अंतिम महीना है, पीछे पूरे साल को देखते हुए, यहां हिंदी फिल्मों और वेब सीरीज की एक लिस्ट दी गई है, जिन्होंने नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, जी5, डिज्नी + हॉटस्टार और अन्य जैसे ओटीटी प्लेटफार्मों पर राज किया.

1- पंचायत 2

Panchayat का पहला सीजन साल 2020 में स्ट्रीम हुआ था। वहीं, इस साल 2022 में इस सीरीज का दूसरा सीजन Amazon Prime Video पर स्ट्रीम किया गया है. पंचायत की तरह पंचायत 2 ने भी दर्शकों का दिल जीता, खासतौर पर इस सीरीज का आखिरी एपिसोड दर्शकों को काफी पसंद आया. यह कॉमेडी-ड्रामा वेब सीरीज है, जिसे The Viral Fever द्वारा क्रिएट किया गया है.

2- अ थर्सडे

 यामी गौतम (Yami Gautam) इस साल दो हिट फिल्मों ‘अ थर्सडे’ (A Thursday) और फिल्म दसवीं (Dasvi) में देखी गईं. यामी की इन दोनों फिल्मों को दर्शकों और फिल्म क्रिटिक्स ने खूब पसंद किया. मजेदार बात ये है कि Disney+ Hotstar पर रिलीज हुई फिल्म ‘अ थर्सडे’ को ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखा गया. रिपोर्ट की मानें तो इसे 25 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले और ओटीटी पर यह पहले स्थान पर है.

3- मोनिका, ओ माय डार्लिंग

अभिनेता राजकुमार राव अपनी फिल्म ‘ मोनिका, ओ माई डार्लिंग’ को लेकर चर्चा में हैं. उनकी यह फिल्म एक डार्क कॉमेडी होगी. जिसमें सस्पेंस थ्रिलर के साथ कॉमेडी क्राइम, ड्रामा सब देखने को मिला. वासन बाला द्वारा निर्देशित इस फिल्म में राजकुमार राव के अलावा हुमा कुरैशी और राधिका आप्टे भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आई. फिल्म ‘मोनिका, ओ माई डार्लिंग’ योगेश चंडेकर द्वारा लिखी गई है, जो इससे पहले ‘अंधाधुंध’ जैसी फिल्म का लेखन कर चुके हैं. फिल्म में राजकुमार राव, हुमा कुरैशी, राधिका आप्टे के अलावा  सिकंदर खेर, भगवती पेरुमल, आकांक्षा रंजन कपूर, सुकांत गोयल, और जैन मैरी खान जैसे प्रतिभाशाली कलाकार नजर आए हैं.

4- जामताड़ा सीजन 2

‘जामताड़ा सीजन 2’ बहुत हिट रहा. यह दो चचेरे भाइयों की कहानी है, जिन्होंने अपने ड्रॉपआउट दोस्तों के साथ मिलकर फिशिंग स्कैम चलाया. उन्होंने झारखंड के जामताड़ा के एक सुदूर गांव के लोगों को बुलाया. हालांकि, जब पुलिस इसमें शामिल हुई तो मामला पेचीदा हो गया और यह घोटाला एक खबर बन गया. यह क्राइम सीरीज नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है.

5- कला

‘कला’ ने इरफान खान के बेटे बबील खान की डेब्यू फिल्म है. यह एक ऐसी महिला के बारे में है जो अपनी मां का प्यार चाहती है, जो हमेशा से एक बेटा चाहती थी. संगीत ही एकमात्र ऐसी चीज है जो उन्हें बांधने या उन्हें अलग करने की क्षमता रखता है. नेटफ्लिक्स फिल्म में तृप्ति डिमरी, समीर कोचर और स्वस्तिका मुखर्जी जैसे कई एक्टर शामिल हैं.

6- सास बहू और अचार प्रा. लिमिटेड

‘सास बहू और अचार प्रा. लिमिटेड’ एक Zee5 की वेबसीरीज है. यह एक तलाकशुदा महिला की कहानी है जो अपना अचार का व्यवसाय स्थापित करने का प्रयास कर रही है. वह पैसा कमाने और अपने एक्स हसबैंड से अपने बच्चों को वापस पाने के लिए जी जान से बिजनेस बढ़ाने की कोशिश करती है.

7- फ्रेडी

अलाया एफ और कार्तिक आर्यन स्टारर ‘फ्रेडी’ डिज्नी + हॉटस्टार पर हाल ही में रिलीज हुई है. यह एक ऐसी फिल्म है जो एक अजीब और इंट्रोवर्ड डॉ. फ्रेडी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक साथी खोजने के लिए बेताब है. आखिरकार उसे एक लड़की से प्रेम होता है, लेकिन कहानी एक खतरनाक मोड़ लेती है.

8- दिल्ली क्राइम सीजन 2

‘दिल्ली क्राइम सीज़न 2’ अपने पहले सीज़न की तुलना में अधिक हिट साबित हुआ। यह एक गैंग के बारे में है जो पैसों के लिए बूढ़े लोगों की हत्या कर रहा है. यह सीरीज जाति के मुद्दों और उनसे जुड़ी रूढ़िवादिता के प्रति संवेदनशीलता को भी छूती है. शेफाली शाह स्टारर सीरीज को आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं.

मैं टीवी, फिल्म और ओटीटी पर काम करना चाहती हूं – रानी चटर्जी

शांतिस्वरूप त्रिपाठी

भोजपुरी फिल्मों में अपनी मजबूत जगह बनाने वाली खूबसूरत और सैक्सी हीरोइन व लोगों के दिलों की मलिका रानी चटर्जी ने ‘दंगल टीवी’ के सीरियल ‘सिंदूर की कीमत’ में नए साल के जश्न में ठुमके लगाए.

अपने इस खास डांस नंबर के लिए रानी चटर्जी ने कातिलाना कौस्ट्यूम पहन रखी थी. नीले रंग की पोशाक में वे लोगों के दिलों को लूटती नजर आईं. कपड़ों से मैच करती चूडि़यां, माथे पर जूलरी और आकर्षक झुमके के साथ जब रानी ने ठुमके लगाने शुरू किए, तो हर कोई दंग रह गया.

सीरियल ‘सिंदूर की कीमत’ में रानी चटर्जी का आगमन भले ही खास डांस के साथ हुआ हो, मगर इस की बैकग्राउंड में रोचक कहानी है. रानी चटर्जी चैरिटी कर पैसा जमा करती हैं और वे यह पैसा उस आश्रम को दान करती हैं, जहां सीरियल की अहम किरदार मिश्री का पालनपोषण हुआ था. इस तरह वे मिश्री को जानती हैं.

भोजपुरी सिनेमा में रानी चटर्जी का अपना एक अलग मुकाम है. पिछले 17 साल के अपने कैरियर में वे ‘ससुरा बड़ा पइसा वाला’, ‘देवरा बड़ा सतावेला’, ‘दामादजी’, ‘कर्ज’, ‘वकालत’, ‘रंगबाज’, ‘इच्छाधारी’, ‘छोटी ठकुराइन’ समेत 50 से ज्यादा भोजपुरी फिल्मों में अपनी अदाकारी का जलवा दिखा कर जबरदस्त शोहरत बटोर चुकी हैं.

भोजपुरी सिनेमा में रानी चटर्जी की गिनती ग्लैमरस अदाकारा के रूप में होती है. पिछले साल वे वैब सीरीज ‘मस्तराम’ में भी नजर आई थीं. वे कलर्स टीवी पर रिएलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ में भी आ चुकी हैं. साल 2020 में कोरोना महामारी के समय रानी चटर्जी ओटीटी प्लेटफार्म ‘एमएक्स प्लेयर’ पर वैब सीरीज ‘मस्तराम’ में रानी का किरदार निभाते हुए अपना जलवा दिखा चुकी हैं.

वैब सीरीज ‘मस्तराम’ की कहानी 80 के दशक के एक ऐसे लेखक और कहानीकार की है, जिस की कहानियां प्रकाशक छापने से इनकार कर देते हैं. लेखक की माली हालत खराब होती है. अचानक एक दिन एक सैक्सी फिल्म देख कर उस के दिमाग में कहानियों को ले कर एक नई कल्पना जन्म लेती है. उस के बाद वह अपने आसपास की औरतों पर नजर दौड़ाता है और ऐसी कहानियां लिखना शुरू करता है, जिन में सैक्स का तड़का होता है.

वैब सीरीज ‘मस्तराम’ के एक ऐपिसोड की कहानी में रानी चटर्जी ने ऐक्टिंग की है. इस में उन्होंने पहाड़ की वादियों में पलीबढ़ी एक लड़की रानी का किरदार निभाया है, जो बंजारन जैसी लड़कियों की तरह रंगबिरंगे बहुत छोटे कपड़े पहनती है, जिस से उस के अंदर की मादकता झलकती रहती है. रानी बस में ‘चना जोर गरम’ की आवाज लगाते हुए चना बेचती है. बस के मुसाफिर चना जोर गरम के बहाने कम कपड़ों से रानी के बदन से ?ांकते उभारों का मजा लेते रहते हैं.रानी चटर्जी कहती हैं, ‘‘मुझे किसी भी माध्यम में काम करने से परहेज नहीं है. मैं टीवी, फिल्म व ओटीटी पर भी काम करना चाहती हूं, बशर्ते किरदार दमदार हो. मुझे मौका मिले, तो मैं थिएटर भी करना चाहती हूं.’’

Web Series Review-DIAL 100: निराश करती है मनोज बाजपेयी की ये फिल्म

रेटिंगः डेढ़ स्टार

निर्माताः सोनी पिक्चर्स

निर्देशकः रेंसिल डिसिल्वा

कलाकारः मनोज बाजपेयी, साक्षी तंवर, नीना गुप्ता व अन्य

अवधि: 1 घंटा 44 मिनट

ओटीटी प्लेटफार्म: जी 5

पुलिस अफसर हर दिन आम इंसान की तकलीफो की चाहे जितनी शिकायतें दर्ज कर लें, पर उनकी भयावता का अहसास उसे तब तक नहीं होता, जब तक वह स्वयं उसके चंगुल में न फंस जाएं. इसी के इर्द गिर्द बुनी गयी रेंसिल डिसिल्वा की रहस्य व रोमांच प्रणान फिल्म ‘‘डायल 100’’ जी 5’ पर स्ट्रीम हो रही है.

कहानी:

फिल्म की कहानी शुरू होती है पुलिस के आपातकाल विभाग डायल 100 में कार्यरत पुलिस अधिकारी निखिल सूद (मनोज बाजपेयी) के आफिस पहुंचने से. डायल 100 में एक महिला फोन करके निखिल सूद से बात करना चाहती है. निखिल सूद से वह बात करती है कि वह आत्महत्या करने जा रही है. क्योंकि उसका बेटा अमर मारा गया और अमर को अपनी गाड़ी से मौत के घाट उतारने वाले यश को पुलिस सजा नहीं दिला पायी. क्योंकि यश करोड़पति बाप का बेटा है.

निखिल सूद को वह औरत बताती है कि उसने दो गन खरीद ली है और अब वह कुछ भी कर सकती है. फोन कट जाता है.इधर पुलिस विभाग का कंट्रोल रूम का कनेक्शन भी कट जाता है. उधर निखिल की पत्नी प्रेरणा सूद (साक्षी तंवर) परेशान है कि अठारह वर्षीय बेटा फिर दोस्तो के साथ पार्टी में चला गया. निखिल अपने बेटे ध्रुव (स्वर कांबले) को फोन करके तुरंत घर पहुंचने के लिए कहता है. इधर एक औरत (नीना गुप्ता) निखिल सूद के घर पहुंचती है और पता चलता है कि वह मर चुके अमर की मां है. वह प्रेरणा सूद को बंदू की नोक पर अपने साथ कार में ले जाती है.

इधर निखिल सूद को पता चलता है कि वह औरत अमर की मां सीमा पालव (नीना गुप्ता) है. तभी सीमा पालव फोन कर निखिल से कहती है कि ध्रुव, तांडव बार में यश मेहरा (अमन गंडोत्रा) को ड्रग्स देने जा रहा है.

ध्रुव ड्रग्स व्यापारी मुश्ताक के लिए काम करना है. सीमा चाहती है कि निखिल, ध्रुव से कहकर कि वह यश को पार्किंग स्थल पर बुलाए. चालाकी करने पर ध्रुव के साथ साथ प्रेरणा भी मारी जाएगी. इधर पुलिस अधिकारी मूर्ति के माध्यम से निखिल को पत चलता है कि सीमा पालव उसके अलावा जिस नंबर पर बार बार फोन कर रही है, उस नंबर वाला फोन निखिल के आफिस में ही है.पता चलता है कि वह सीमा पालव का पति चंद्रकांत है,जो कि चाय वाले मंगेष का चाचा बनकर चाय पिला रहा है. कई घटनाक्रम तेजी से बदलते हैं. अंततः चंद्रकांत पालव, सीमा पालव व ध्रुव मारे जाते हैं. यश घायल होता है, पर जीवित बच जाता है. अब पुलिस कमिश्नर चाहते है कि निखिल, सीमा के साथ हुई बातचीत सहित सारे सबूत मिटा दे. यश के पिता निखिल की हर तरह से मदद करने को तैयार हैं. पर निखिल सोचने के बाद सारे सबूतों को एक पेन ड्राइव मे लेने के बाद एक टीवी न्यूज चैनल के क्राइम रिपोर्टर को फोन करता है.

लेखन व निर्देशनः

पुलिस विभाग के आपात विभाग ‘डायल 100’’में बैठे पुलिस अफसरों की कार्यशैली, डर और बदले ही इस रहस्य व रोमांच प्रधान फिल्म का रहस्य दस मिनट के अंदर ही खत्म हो जाता है और रोमांच तो कहीं है ही नहीं. वास्तव में पौने दो घंटे की कहानी में रेंसिल डिसिल्वा के पास कहने को कुछ है ही नहीं. सब कुछ अति सतही अंदाज में धीरे धीरे घटित होता रहता है. कहानी में उतार चढ़ाव का भी अभाव है.

अभिनयः

एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अफसर और एकलौटे बेटे को बचाने के अंर्तद्वंद व दोहरे व्यक्तित्व को मनोज बाजपेयी ने अपने अभिनय से बाखूबी उकेरा है. बेटे के लिए चिंतित मां व असहाय पत्नी के किरदार में सांझी तंवर ठीक हैं. नीना गुप्ता का अभिनय सहज है.

His Story में ‘गे’ के किरदार में नजर आएंगे मृणाल दत्त, देखें Video

इन दिनों एकता कपूर द्वारा ‘‘जी 5’’ और ‘‘आल्ट बालाजी’’के लिए निर्मित अर्बन रिलेशनशिप पर आधारित वेब सीरीज ‘‘हिज स्टोरी‘‘ अपने प्रसारण से पहले ही काफी चर्चा में है. यह वेब सीरीज एक साथ ओटीटी प्लेटफार्म ‘‘जी 5’’ और ‘‘आल्ट बालाजी’’पर 25 अप्रैल 2020 से स्ट्रीम होगी. इस वेब सीरीज में मृणाल दत्त के साथ सत्यदीप मिश्रा और प्रियामणि राज जैसे कलाकार नजर आएंगें. इसमें समलैंगिक संबंधों और बाधाओं को तोड़ने वाली कहानियों का भी समावेश हैं.

इसमें मृणाल दत्त ‘गे’ के किरदार में नजर आने वाले हैं.

डिंग एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित यह कहानी कुणाल (सत्यदीप) और साक्षी (प्रियामणि) और प्रीत (मृणाल दत्त) के इर्द-गिर्द घूमती है. जबकि कुणाल और साक्षी शादीशुदा हैं, जहां साक्षी एक शेफ हैं, प्रीत एक मशहूर अन्न समीक्षक और एक ट्रेवलर (यात्री) की भूमिका निभाते हुए दिखाई देंगे. साक्षी ने अपने रेस्तरां के उद्घाटन के लिए जब प्रीत को फोन किया, तो उसे यह नहीं पता था कि उसके आदर्श परिवार में अप्रत्याशित घटनाओं के उथल-पुथल होने वाली है.

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आज वेब सीरीज ‘‘हिज स्टोरी’’ की कहानी का टीजर ऑनलाइन व सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसमें इस बात की झलक दिखाई देती है कि जब साक्षी को कुणाल की सच्चाई के बारे में पता चलती है, तो वह कैसे घबरा जाती हैं. मजबूत पटकथा और कुछ बेहतरीन प्रदर्शनों के साथ, टीजर अपने दर्शकों के लिए एक अर्थपूर्ण कहानी लाने का वादा करता है. टीजर हमें बिना बहुत सारे विवरणों के यह भी संकेत देता है कि दर्शक क्या उम्मीद कर सकते हैं.

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वेब सीरीज ‘‘हिज स्टोरी’’ की चर्चा करते हुए मृणाल दत्त कहते हैं, ‘‘इस वेब सीरीज में काम करके और डिंग एंटरटेनमेंट और इसमें शामिल कलाकारों के साथ सहयोग कर काफी अच्छा लग रहा है. इस तरह की वेब सीरीज के लिए धन्यवाद. हमारे पास अपनी आवाज उठाने,  या कम से कम सवाल उठाने का अवसर है. ऐसी कहानियों को केंद्र में ले जाने के साथ साथ बहुत कुछ कहना भी है. मैं समान रूप से उत्साहित हूं और यह देखने के लिए उत्सुक हूं कि कैसे प्रतिक्रिया प्राप्त होंगी.”

मृणाल दत्त को हाल ही में एक लघु फिल्म 55 किमी@ सेकेंड में देखा गया था और उन्हें उसी के लिए लगातार प्रशंसा मिल रही है.इसके अलावा मृणल दत्त अब तक ‘द लोनली प्रिंस (2020), ए मोमेंट (2017), पवन एंड पूजा (2020), हैलो मिनी (2021) और नेटफ्लिक्स का अपस्टार्ट (2019) में काफी शोहरत बटोर चुके हैं.

Saat Kadam Review: Ronit Roy ने फैंस का जीता दिल

रेटिंगः तीन स्टार

निर्माता: वियना मीडिया वर्क्स प्रा.लि.

लेखक व निर्देशक: के मोहित कुमार झा

कलाकारः अमित साध,रोनित रौय, दीक्षा सेठ, रोहिणी बनर्जी, शिल्पी रौय, अशोक सिंह, देवाशीष चौधरी, रीता चक्रवर्ती, करमवीर सिंह, विदिशा घोष व अन्य.

अवधिः चार एपीसोड, कुल अवधि दो घंटे दो मिनट

ओटीटी प्लेटफार्म : Eros Now

फुटबाल खेल के जुनून की पृष्ठ भूमि में पिता पुत्र के रिश्तों की भावना प्रधान व मार्मिक कहानी को वेबसीरीज ‘‘सात कदम’’में लेकर आए हैं लेखक व निर्देशक के मोहित कुमार झा,जिसे eros now पर देखा जा सकता है. इसमें पारिवारिक रिश्तों को भी खूबसूरत चित्रण है. यह फुटबॉल पिच पर लिखी अनसुलझे रिश्तों की ऐसी दास्तान हैं, जिसमें एक पिता का सपना अपने बेटे को एक पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी बनाना है तो वहीं बेटा अधिक से अधिक पैसा कमाने की ख्वाहिश रखता है.

कहानीः

कहानी के केंद्र में अरविंदो पाल (रोनित रौय) और उनका बेटा रवि पाल (अमित साध) है. अरविंदो को फुटबाल के खेल का जुनून है. वह बेहतरीन फुटबाल खिलाड़ी रह चुके हैं. अचानक तांग टूट जाने के कारण राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने का उनका सपना अधूरा रह जाता है. अब वह इस सपने को अपने बेटे रवि के माध्यम से पूरा होते हुए देखना चाहते हैं. अरविंदो की पत्नी रश्मि (रोहिण बनर्जी ) को फुटबाल पसंद नहीं पर अरविंदो छिपकर रवि को फुटबाल की ट्रेनिंग देते रहते हैं. वह अच्छा खिलाड़ी बन चुका है. इस बात से रवि की बहने सलोनी (निहारिका रौय) व सपना (शिल्पी रौय) भी अनजान हैं. उधर सपना का रोमांस साहिल (देवाशीष चौधरी ) संग चल रहा है. जबकि रवि की प्रेमिका किरण बनर्जी (दीक्षा सेठ) है. एक दिन ‘आसनसोल ग्यारह’की फुटबाल टीम के मालिक प्रकाश अग्रवाल (करमबीर सिंह), अरविंदो के घर पहुंचकर अरविंदो को अपनी टीम का कोच बनने का आफर देते हैं. तभी घर में सभी के सामने राज खुलता है कि रवि अच्छा फुटबाल खिलाड़ी है और वह ‘आसनसोल ग्यारह’ की टीम का हिस्सा है. अब अरविंदो इस टीम के कोच बन जाते हैं. अरविंदो चाहते है कि रवि राष्ट्रीय टीम के लिए खेले. पर अचानक कहानी में मोड़ आता है, जब कल कत्ता बागान के मालिक बाबुल बनर्जी (अशोक सिंह) अपनी टीम से रवि को जोड़कर अरविंदो से पुराना बदला लेने का निर्णय लेते हैं. इसके चलते कहानी में कई मोड़ आते हैं.

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लेखन व निर्देशनः

कहानी बहुत ही बेहतरीन है. खेल के जुनून के साथ ही बाप बेटे के रिश्तों की कशमकश और आर्दशों के टकराव का खूबसूरत चित्रण करने में लेखक व निर्देशक कामयाब रहे हैं. मगर पटकथा को थोड़ा कसा जाना चाहिए  था. कई दृश्य काफी इमोशनल हैं. फिल्म का एक संवाद ‘‘गुस्सा और अहंकार के कारण क्या पाया और क्या खो दिया’’ हर इंसान को सोचने पर मजबूर करने वाला है. यह वेब सीरीज एक बेहतरीन संदेश देती है कि आपका लक्ष्य आपके द्वारा चुने गए कुछ कदमों की ही दूरी पर है. पूरी वेब सीरीज मे खेल व भावनाओं के बीच बेहतरीन संतुलन स्थापित किया गया है. निर्देशक मोहित झा कोलकाता शहर के सार को भी बेहतरीन तरीके से इसमें पिरोया है. इसके लिए उन्होने हिंदी के साथ कुछ बंगाली संवाद भी रखे हैं.

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अभिनयः

सपने के टूटने के बाद बिखरने के बावजूद विश्वास न खोने वाले आरविंदो के किरदार में रोनित रौय ने शानदार अभिनय किया है. पिता के सपनों को पूरा करने,पिता पुत्र के आदर्श को निभाने और ढेर सारा पैसा कमाने की कशकमश से घिरे युवक रवि के किरदार में अमित साध ने  खुद को  बेहतरीन अभिनेता साबित किया है. किरण बनर्जी के किरदार में दीक्षा सेठ का भोला प्रदर्शन  का ध्यान खींच ही लेता है. बहनों के किरदार में निहारिका रौय और शिल्पी रौय दोनों ठीक जमे हैं. अन्य कलाकार भी अपनी जगह सही हैं.

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