Bhojpuri Cinema : अच्छी और मनोरंजक फिल्म ‘प्रेम विवाह’

भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) को ले कर पिछले कुछ समय से एक सवाल लगातार उठता रहा है कि क्या दर्शक अब अच्छी कहानी और पारिवारिक भावनाओं वाली फिल्मों को स्वीकार करेंगे? एसआरके म्यूजिक की फिल्म ‘प्रेम विवाह’ इस सवाल का जवाब काफी मजबूती से देती है.

इस फिल्म में अरविंद अकेला कल्लू ने प्रेम का किरदार निभाया है. संयुक्त परिवार में रहने वाले प्रेम की शादी के लिए रोज लड़कियों की तसवीरें आती हैं. परिवार चाहता है कि प्रेम की शादी पारंपरिक तरीके से तय हो जाए. लेकिन कहानी उस समय दिलचस्प मोड़ लेती है, जब प्रेम की मुलाकात काजल राघवानी के किरदार से होती है और पहली नजर में ही दोनों के बीच प्रेम की शुरुआत हो जाती है.

काजल राघवानी का किरदार फिल्म की कहानी को एक अलग दिशा देता है. वह पढ़ीलिखी और नौकरी करने वाली युवती है, जिस की अपनी सोच और आत्मसम्मान है.

कहानी में जब प्रेम के परिवार की महिलाएं शादी के लिए काजल के घर पहुंचती हैं और रिश्ता लगभग तय हो जाता है, तब एक छोटी सी बात बड़ा विवाद पैदा कर देती है. घर के काम को ले कर काजल का स्पष्ट रुख संयुक्त  परिवार की पारंपरिक उम्मीदों से टकराता है.

काजल के पिता के किरदार में संजय पांडे ने असरदार काम किया है. वे बेटी की भावनाओं को सम?ाने की कोशिश करते हैं, लेकिन साथ ही चाहते हैं कि उन की बेटी ऐसे परिवार में जाए जहां रिश्तों की गरमाहट बनी रहे. वे काजल की शादी संयुक्त परिवार में इसलिए करना चाहते हैं ताकि बेटी भविष्य में अकेलेपन का शिकार न हो.

‘प्रेम विवाह’ की सब से बड़ी उपलब्धि यह है कि फिल्म अपने संदेश को भाषण बना कर नहीं परोसती.

इस फिल्म में कौमेडी है, प्रेम है, पारिवारिक ड्रामा है, गलतफहमी है और इमोशन भी है. दर्शक एक तरफ हंसता है तो दूसरी तरफ परिवार टूटने के दृश्य उसे भावुक करते हैं. यही संतुलन फिल्म को मनोरंजक बनाए रखता है.

भोजपुरी सिनेमा में पारिवारिक फिल्में कोई नई चीज नहीं हैं, लेकिन चुनौती हमेशा यही रहती है कि कहानी उपदेशात्मक न लगे. फिल्म ‘प्रेम विवाह’ काफी हद तक इस संतुलन को साधने में सफल होती है.

फिल्म का निर्देशन संजय कुमार श्रीवास्तव ने किया है. उन्होंने फिल्म को मुख्य रूप से परिवार और प्रेम की केंद्रीय कहानी के आसपास रखा है और कौमेडी तथा भावनात्मक दृश्यों के जरिए दर्शकों को जोड़े रखने की कोशिश की है.

‘प्रेम विवाह’ की सफलता में पूरी कलाकार मंडली ने फिल्म को प्रभावी बनाने में अपनी भूमिका निभाई है. अरविंद अकेला कल्लू ने प्रेम के किरदार को अपने सहज और नैचुरल अंदाज में निभा कर अपनी अलग छाप छोड़ी है, वहीं काजल राघवानी ने रश्मि के किरदार में प्रेम, आत्मसम्मान, उलझन और परिवार के प्रति बदलते नजरिए को अच्छी तरह परदे पर उतारा है.

संजय पांडे ने काजल के पिता के किरदार में खास प्रभाव छोड़ा है.

उन के किरदार में बेटी के प्रति चिंता और उसके बेहतर भविष्य की चाह साफ दिखाई देती है. परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिकाओं में नजर आए कलाकारों ने भी अपनेअपने किरदारों को सहजता से निभाया है.

इस फिल्म से जुड़े कई कलाकारों और टैक्निशियंस को ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स’ से नवाजा जा चुका है, जिस में फिल्म निर्माता रौशन सिंह और शर्मिला सिंह, निर्देशक संजय कुमार पांडेय, अभिनेता अरविंद अकेला कल्लू, संजय पांडेय, विनोद मिश्र, समर्थ चतुर्वेदी, रीना संतोष श्रीवास्तव, साहिल सिद्दीकी सहित तकनीकी पक्ष से आशुतोष तिवारी, प्रियांशु सिंह और मनोज भावुक का नाम शामिल है.Bhojpuri Cinema

Pardey ki Duniya : निकिता की चुम्मी और भोजपुरी में बवाल

Pardey ki Duniya – 

‘भोजपुरी बवाल’ में कटा बवाल

आजकल एक शो बड़ी चर्चा में है ‘भोजपुरी बवाल’, जिस में भोजपुरी कलाकार ऐसे मुद्दों पर बात करते हैं, जिन में कोई न कोई कंट्रोवर्सी जरूर होती है. इसी सिलसिले में हीरोइन काजल राघवानी ने सोशल मीडिया पर लाइव आ कर दिनेशलाल यादव ‘निरहुआ’ और आम्रपाली दुबे पर तीखा हमला बोला.

काजल राघवानी ने ‘निरहुआ’ के अपनी पत्नी को ले कर दिए गए हालिया बयान पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जो इनसान अपने संघर्ष के दिनों में साथ देने वाली पत्नी का सम्मान नहीं कर सकता, वह किसी और की क्या इज्जत करेगा.

इस विवाद की शुरुआत ‘भोजपुरी बवाल’ शो के दौरान कलाकारों द्वारा एकदूसरे के कैरियर, पर्सनल लाइफ और काम न देने के आरोपों से हुई थी.

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निकिता रावल की ले ली चुम्मी

निकिता रावल आने वाले दिनों में फिल्म ‘रोटी, कपड़ा और रोमांस’ में दिखाई देने वाली हैं. इस फिल्म में वे अरशद वारसी और चंकी पांडे के साथ स्क्रीन शेयर करती दिखाई देंगी. पर निकिता रावल इस वजह से चर्चा में नहीं हैं, बल्कि एक फीमेल फैन ने उन्हें कैमरों के सामने चूम लिया तो वे सुर्खियों में आ गई हैं.

दरअसल, निकिता रावल रैड कार्पेट पर पैपराजी को पोज दे रही थीं कि सैल्फी लेने आई एक फीमेल फैन ने अचानक उन्हें होंठों पर किस कर लिया. निकिता रावल हीरो अक्षय कुमार, जौन अब्राहम, अनिल कपूर के साथ भी फिल्में कर चुकी हैं. Pardey ki Duniya

Bhojpuri Cinema : ‘प्रेम विवाह’ – 4 दिनों में 30 लाख व्यूज

Bhojpuri Cinema. भोजपुरी सिनेमा को ले कर पिछले कुछ समय से एक सवाल लगातार उठता रहा है कि क्या दर्शक अब अच्छी कहानी और पारिवारिक भावनाओं वाली फिल्मों को स्वीकार करेंगे?

एसआरके म्यूजिक की फिल्म ‘प्रेम विवाह’ इस सवाल का जवाब काफी मजबूती से देती है. YouTube पर रिलीज के महज 4 दिनों में 30 लाख व्यूज का आंकड़ा पार करना सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि भोजपुरी दर्शकों की बदलती पसंद का संकेत भी है.

फिल्म यह बताती है कि दर्शक को अगर उस की भाषा, उसकी संस्कृति, उस के परिवार और उस के रिश्तों से जुड़ी कहानी ईमानदारी से दी जाए तो वह उसे अपना बनाने में देर नहीं करता.

कल्लू का ‘प्रेम’—नैचुरल अभिनय और सहज अंदाज

फिल्म में अरविंद अकेला कल्लू ने प्रेम का किरदार निभाया है. कल्लू की सब से बड़ी खूबी यह है कि उन्होंने किरदार को जरूरत से ज्यादा अभिनय करने के बजाय अपने सहज और नैचुरल अंदाज में जिया है.

संयुक्त परिवार में रहने वाले प्रेम की शादी के लिए रोज लड़कियों की तसवीरें आती हैं. परिवार चाहता है कि प्रेम की शादी पारंपरिक तरीके से तय हो जाए. लेकिन कहानी उस समय दिलचस्प मोड़ लेती है, जब प्रेम की मुलाकात काजल राघवानी के किरदार से होती है और पहली नजर में ही दोनों के बीच प्रेम की शुरुआत हो जाती है.

कल्लू ने प्रेम के किरदार में प्रेम, उलझन, हास्य और भावनाओं के अलगअलग रंगों को सहजता से प्रस्तुत किया है. उन का अभिनय फिल्म को बोझिल नहीं होने देता.

काजल राघवानी—सिर्फ प्रेमिका नहीं, कहानी का मजबूत किरदार

काजल राघवानी का किरदार फिल्म की कहानी को एक अलग दिशा देता है. वह पढ़ीलिखी और नौकरी करने वाली युवती है, जिस की अपनी सोच और आत्मसम्मान है.

कहानी में जब प्रेम के परिवार की महिलाएं शादी के लिए काजल के घर पहुंचती हैं और रिश्ता लगभग तय हो जाता है, तब एक छोटी सी बात बड़ा विवाद पैदा कर देती है. घर के काम को ले कर काजल का स्पष्ट रुख संयुक्त परिवार की पारंपरिक अपेक्षाओं से टकराता है.

काजल का सवाल सिर्फ काम करने या न करने का नहीं है. उस के संवाद के पीछे यह सवाल भी है कि शादी के बाद लड़की को केवल घर संभालने वाली बहू के रूप में देखा जाएगा या उस की अपनी पहचान और नौकरी का भी सम्मान होगा? यहीं फिल्म मनोरंजन के साथ एक सामाजिक सवाल भी खड़ा करती है.

4 सास और 4 ननद वाला परिवार, लेकिन कहानी सिर्फ मजाक नहीं

फिल्म में संयुक्त परिवार को जिस तरह दिखाया गया है, वह इस की सबसे खास बातों में से एक है. एक तरफ परिवार में 4 सास और 4 ननदों की मौजूदगी है, दूसरी तरफ प्रेम और सौहार्द भी है.

काजल का परिवार में आने से पहले ही यह सवाल उठाना कि वह केवल घर का काम करने के लिए बहू बन कर नहीं आ रही, कहानी में एक दिलचस्प टकराव पैदा करता है.

काजल प्रेम को भी उस के निठल्लेपन के लिए ताना देती है. यही छोटेछोटे संवाद फिल्म में हास्य पैदा करते हैं और दर्शकों को लगातार मनोरंजन देते हैं.

संजय पांडे ने निभाई जिम्मेदार पिता की भूमिका

काजल के पिता के किरदार में संजय पांडे ने प्रभावशाली काम किया है. वे बेटी की भावनाओं को समझने की कोशिश करते हैं, लेकिन साथ ही चाहते हैं कि उन की बेटी ऐसे परिवार में जाए जहां रिश्तों की गरमाहट बनी रहे. वे काजल की शादी संयुक्त परिवार में इसलिए करना चाहते हैं ताकि बेटी भविष्य में अकेलेपन का शिकार न हो. लेकिन काजल के मन में कंचन नाम की लड़की से जुड़ी एक गलतफहमी घर कर चुकी है, जो आगे चल कर रिश्ते में बड़ी बाधा बनती है. यहीं से कहानी केवल प्रेमीप्रेमिका की कहानी न रह कर परिवार और रिश्तों की कहानी बन जाती है.

एक शादी टूटती है और पूरा परिवार बिखर जाता है

काजल के घर वालों और प्रेम के परिवार के बीच शादी को ले कर बात बिगड़ती है और रिश्ता टूट जाता है. लेकिन कहानी का असली असर इस के बाद सामने आता है.
शादी टूटने के बाद परिवार की महिलाएं आपस में उलझने लगती हैं और देखते ही देखते संयुक्त परिवार में बंटवारे की नौबत आ जाती है. यह फिल्म का एक महत्वपूर्ण मोड़ है. जिस परिवार में कुछ समय पहले शादी और खुशियों की तैयारियां हो रही थीं, वही परिवार रिश्तों की छोटीछोटी गलतफहमियों के कारण टूटने लगता है. यहां फिल्म बेहद सरल तरीके से यह सवाल पूछती है—परिवार को जोड़ कर रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है या अपनीअपनी बात पर अड़े रहना?

काजल को अपनी गलती का अहसास

जब परिवार टूटने लगता है तो प्रेम काजल के पास जाता है और उसे पूरे घटनाक्रम की जानकारी देता है. इसी दौरान काजल को एहसास होता है कि कंचन की वजह से उस के मन में प्रेम और उस के परिवार को ले कर गलत धारणा बनी थी. काजल अपनी गलती स्वीकार करती है और एक और मौका मांगती है.

इस के बाद कहानी एक और दिलचस्प मोड़ लेती है, जब प्रेम और काजल परिवार को दोबारा जोड़ने की कोशिश करते हैं.

नकली शादी और परिवार को जोड़ने की कोशिश

कहानी का यह हिस्सा फिल्म को मनोरंजक भी बनाता है और भावुक भी. प्रेम और काजल नकली शादी कर के परिवार में लौटते हैं. काजल अब उस परिवार को जोड़ने की कोशिश करती है, जिस से कुछ समय पहले वह खुद परेशान होकर दूर हो गई थी. वह रिश्तों के बीच आई दूरियों को खत्म करने की कोशिश करती है. लेकिन आखिरकार नकली शादी का सच सामने आ जाता है.

इसके बाद फिल्म एक और भावनात्मक मोड़ लेती है, जहां पता चलता है कि घर की माताओं ने परिवार को टूटने से बचाने के लिए बंटवारे का नाटक रचा था. आखिरकार प्रेम और रश्मि यानी काजल की शादी फिर से होती है और कहानी अपने सुखद मुकाम तक पहुंचती है.

फिल्म की असली ताकत—इमोशन और कौमेडी का संतुलन

‘प्रेम विवाह’ की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि फिल्म अपने संदेश को भाषण बना कर नहीं परोसती.
फिल्म में कौमेडी है, प्रेम है, पारिवारिक ड्रामा है, गलतफहमी है और इमोशन भी है. दर्शक एक तरफ हंसता है तो दूसरी तरफ परिवार टूटने के दृश्य उसे भावुक करते हैं. यही संतुलन फिल्म को मनोरंजक बनाए रखता है.

भोजपुरी सिनेमा में पारिवारिक फिल्में कोई नई चीज नहीं हैं, लेकिन चुनौती हमेशा यही रहती है कि कहानी उपदेशात्मक न लगे. ‘प्रेम विवाह’ काफी हद तक इस संतुलन को साधने में सफल होती है.

संजय कुमार श्रीवास्तव का मजबूत निर्देशन

फिल्म का निर्देशन संजय कुमार श्रीवास्तव ने किया है. कहानी में कई मोड़ हैं—प्रेम, रिश्ता, शादी की बातचीत, विवाद, गलतफहमी, परिवार का बंटवारा, नकली शादी और फिर परिवार का दोबारा जुड़ना.
इतने सारे ट्रैक को एक साथ संभालना आसान नहीं होता. निर्देशक ने फिल्म को मुख्य रूप से परिवार और प्रेम की केंद्रीय कहानी के आसपास रखा है और कौमेडी तथा भावनात्मक दृश्यों के जरिए दर्शकों को जोड़े रखने की कोशिश की है.

भोजपुरी सिनेमा के लिए ‘प्रेम विवाह’ का संदेश

पिछले कुछ समय से भोजपुरी सिनेमा में अच्छी और पारिवारिक फिल्मों की कमी को ले कर चर्चा होती रही है. ऐसे समय में ‘प्रेम विवाह’ का डिजिटल प्रदर्शन एक महत्वपूर्ण संकेत देता है. 4 दिन में 30 लाख व्यूज इस बात का प्रमाण हैं कि भोजपुरी दर्शक अच्छी फिल्म को देखने के लिए तैयार हैं. जरूरत सिर्फ इतनी है कि उन्हें ऐसी कहानियां दी जाएं जो उन की अपनी जिंदगी से जुड़ी हों.

भोजपुरी दर्शक परिवार को समझता है, रिश्तों की कीमत समझता है और अपनी भाषा में कही गई कहानी से भावनात्मक रूप से जल्दी जुड़ता है. ‘प्रेम विवाह’ इसी भावनात्मक जुड़ाव को पकड़ने की कोशिश करती है.

कलाकारों का अभिनय भी फिल्म की बड़ी ताकत

‘प्रेम विवाह’ की सफलता में पूरी कलाकार मंडली ने फिल्म को प्रभावी बनाने में अपनी भूमिका निभाई है. अरविंद अकेला कल्लू ने प्रेम के किरदार को अपने सहज और नेचुरल अंदाज में निभा कर अपनी अलग छाप छोड़ी है. वहीं काजल राघवानी ने रश्मि के किरदार में प्रेम, आत्मसम्मान, उलझन और परिवार के प्रति बदलते नजरिए को अच्छी तरह परदे पर उतारा है.

संजय पांडे ने काजल के पिता के किरदार में खास प्रभाव छोड़ा है. उन के किरदार में बेटी के प्रति चिंता और उसके बेहतर भविष्य की चाह साफ दिखाई देती है. परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिकाओं में नजर आए कलाकारों ने भी अपनेअपने किरदारों को सहजता से निभाया है.

फिल्म में समर्थ चतुर्वेदी, रीना रानी, विनोद मिश्रा, श्रद्धा नवल, अनीता रावत, रामसुजान सिंह, संतोष श्रीवास्तव, अनामिका पांडे, संजीव मिश्रा, साहिल सिद्दीकी, दीपिका सिंह, सपना यादव, अंशु तिवारी, सोनी राज, शबनम खान, सुप्रिया कुशवाहा, सनी शर्मा, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, धीरेंद्र प्रजापति, मिंटू गुप्ता, प्रभात लहरी, प्रशांत द्विवेदी, अजीत भारद्वाज, इंद्रजीत कुमार सिंह, प्रीति कनौजिया, डौली गुप्ता, सीमा यादव, गीता नायक, अंजू रस्तोगी, अनामिका राजपूत और विहान राजपूत समेत पूरी टीम ने फिल्म के पारिवारिक माहौल को जीवंत बनाने में योगदान दिया है.

खास बात यह है कि फिल्म की कहानी एक बड़े संयुक्त परिवार के इर्दगिर्द घूमती है, इसलिए छोटेबड़े सभी किरदार मिल कर उस परिवार की दुनिया तैयार करते हैं. यही सामूहिक अभिनय फिल्म को ज्यादा विश्वसनीय बनाता है.

मजबूत तकनीकी पक्ष

फिल्म के तकनीकी पक्ष की बात करें तो प्रण नाथ की कहानी को प्रियांशु सिंह, रौशन सिंह, आरआर पंकज और सरगम आकाश के संगीत ने अच्छा सहारा दिया है, जबकि सुमित सिंह चंद्रवंशी, आशुतोष तिवारी, आरआर पंकज, मनोज भावुक, छोटू यादव, अभिषेक भोजपुरीया और सूरज सिंह के गीत कहानी के भाव और मनोरंजन को आगे बढ़ाते हैं. डीओपी सिद्धार्थ सिंह की सिनेमैटोग्राफी फिल्म के पारिवारिक माहौल और दृश्यों को प्रभावी ढंग से कैमरे में उतारती है तथा जितेंद्र सिंह ‘जीतू’ की एडिटिंग कहानी की गति बनाए रखने में मदद करती है. कानू मुखर्जी की कोरियोग्राफी, असलम सुरती का बैकग्राउंड म्यूजिक और कृष्णा विश्वकर्मा की साउंड मिक्सिंग फिल्म के तकनीकी स्तर को मजबूती देते हैं. वहीं हम्मिंग बर्ड वीएफएक्स, 3 स्टूडियो, प्रोडक्शन टीम, आर्ट, मेकअप और कौस्ट्यूम विभाग समेत परदे के पीछे काम करने वाली पूरी टीम का योगदान फिल्म को एक संपूर्ण रूप देने में दिखाई देता है.

कुलमिला कर, ‘प्रेम विवाह’ केवल कलाकारों के अभिनय पर निर्भर नहीं रहती, बल्कि कहानी से ले कर कैमरा, संगीत, संपादन, ध्वनि और तकनीकी प्रस्तुति तक पूरी टीम मिल कर फिल्म के अनुभव को बेहतर बनाने में योगदान देती है.

SRK Music की लगातार सक्रियता भी महत्वपूर्ण

इस फिल्म के पीछे SRK Music की टीम की सक्रियता भी ध्यान खींचती है. शर्मिला आर. सिंह और रोशन सिंह लगातार भोजपुरी दर्शकों के लिए फिल्मों का निर्माण कर रहे हैं और दर्शकों के बीच अपनी फिल्मों को पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.

‘प्रेम विवाह’ की डिजिटल सफलता इस बात का संकेत है कि सही कहानी और सही प्रस्तुति के साथ भोजपुरी फिल्मों के लिए YouTube जैसे डिजिटल प्लेटफार्म पर भी बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं.

‘प्रेम विवाह’ कोई ऐसी फिल्म नहीं है जिसे सिर्फ उस के 30 लाख व्यूज की वजह से अच्छी कहा जाए. इस की असली उपलब्धि यह है कि फिल्म उन भावनाओं को छूती है जो भोजपुरी समाज में आज भी बेहद महत्वपूर्ण हैं—परिवार, प्रेम, सम्मान, गलतफहमी और रिश्तों को बचाने की कोशिश.

फिल्म की कुछ जगहों पर कहानी और अधिक कसावट मांगती है और कुछ घटनाक्रमों को ज्यादा स्वाभाविक बनाया जा सकता था. लेकिन इन कमियों के बावजूद फिल्म अपने उद्देश्य में सफल होती है—दर्शक का मनोरंजन करना और अंत में उसे रिश्तों की अहमियत का एहसास कराना.

सब से महत्वपूर्ण बात यह है कि ‘प्रेम विवाह’ भोजपुरी दर्शकों के बारे में बनी उस धारणा को चुनौती देती है कि उन्हें केवल मसाला चाहिए. दर्शक अच्छी कहानी चाहता है. दर्शक अपने परिवार की कहानी चाहता है. दर्शक मनोरंजन के साथ भावना चाहता है. और जब उसे यह सब अपनी भाषा में मिलता है, तो वह फिल्म को सचमुच सिरआंखों पर बिठाता है.

फिल्म से जुड़े कलाकार और टैक्निशियंस को मिल चुका है सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड

इस फिल्म की सफलता से जुड़े अधिकांश कलाकारों और टैक्निशियंस को सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड से नवाजा जा चुका है. जिस में फिल्म निर्माता रौशन सिंह और शर्मिला सिंह, निर्देशक संजय कुमार पांडेय, अभिनेता अरविंद अकेला कल्लू, संजय पांडेय, विनोद मिश्र, समर्थ चतुर्वेदी, रीना संतोष श्रीवास्तव, साहिल सिद्दीकी, सहित तकनीकी पक्ष से आशुतोष तिवारी, प्रियांशु सिंह और मनोज भावुक का नाम शामिल है.

⭐⭐⭐⭐ रेटिंग: 4/5

किस के लिए देखें :

परिवार के साथ भोजपुरी फिल्म देखना पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह फिल्म एक अच्छा विकल्प है. खासकर अगर आपको प्रेम कहानी के साथ संयुक्त परिवार, रिश्तों की खटासमीठास और कौमेडी पसंद है, तो ‘प्रेम विवाह’ निराश नहीं करेगी.

Nirhua Amrapali: काजल के आरोपों से फिर गर्माया निरहुआ-आम्रपाली की ‘सीक्रेट शादी’ का मुद्दा

Nirhua Amrapali: भोजपुरी सिनेमा की बवाल अभिनेत्री काजल राघवानी के एक हालिया इंस्टाग्राम लाइव ने इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया है। उनके बयानों के बाद से दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ और आम्रपाली दुबे की कथित सीक्रेट शादी और रिश्ते को लेकर कयासों का बाजार एक बार फिर गर्म हो गया है।

काजल राघवानी ने अपने लाइव सेशन के दौरान निरहुआ पर अपनी पत्नी मंशा देवी को अनदेखा करने और आम्रपाली दुबे को प्राथमिकता देने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा:

निरहुआ जी, आप कहते है कि आप मुझे अपने साथ काम करने लायक नहीं समझते। आप मुझे अपने लायक क्या समझेंगे? आप तो अपनी उस ब्याहता पत्नी को भी अपने लायक नहीं समझते जो आपके जीवन में तब खड़ी थी जब आपके पास कुछ नहीं था। आज जब आप ‘जुबलीस्टार’ बन गए, तो कहते हैं कि आम्रपाली ने आपको नया जीवन दिया है।”

काजल ने निरहुआ के पब्लिक और प्राइवेट लाइफ पर सवाल उठाए, काजल ने आरोप लगाया कि निरहुआ, आम्रपाली का हाथ पकड़कर संगम में स्नान करते हैं और रामभद्राचार्य से मिलने आश्रम में भी आम्रपाली को अपनी पत्नी बताकर ले जाते हैं, वहां जहां को अपनी धर्मपत्नी के साथ होना चाहिए।

उन्होंने याद दिलाया कि जब तेज प्रताप यादव के आवास पर रात्रिभोज के दौरान पवन सिंह ने आम्रपाली और निरहुआ को देखकर कहा था कि आज देवर-भाभी साथ बैठे हैं”, तब निरहुआ ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई और चुप रहे।

काजल राघवानी ने निरहुआ की मंशा देवी के साथ शादी को लेकर भी कई गंभीर बातें रखीं। उन्होंने कहा कि सालों तक निरहुआ की पत्नी के बारे में कोई नहीं जानता था। लेकिन जैसे ही सोशल मीडिया पर निरहुआ और उनकी पत्नी की एक फोटो वायरल हुई, निरहुआ तुरंत सफाई देने सामने आ गए।

उन्होंने निरहुआ पर तंज कसते हुए कहा कि निरहुआ ने फोटो आते ही यह कहना शुरू कर दिया कि वे अपनी पत्नी मंशा से प्यार नहीं करते और यह शादी जबरदस्ती हुई थी। काजल ने सवाल उठाया कि 25 सालों तक निरहुआ को अपनी इस ‘जबरदस्ती की शादी’ की याद नहीं आई, लेकिन फोटो वायरल होते ही उन्हें यह सब इसलिए याद आ गया ताकि उनकी गर्लफ्रेंड को बुरा न लग जाए।

काजल के इन बेबाक बयानों ने न केवल निरहुआ की निजी जिंदगी पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि भोजपुरी इंडस्ट्री के इस सबसे चर्चित त्रिकोण को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

 

Kajal Khesari: खेसारी लाल यादव से ब्रेकअप के बाद डिप्रेशन में थीं काजल राघवानी!  पवन सिंह ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ

भोजपुरी सिनेमा की टॉप एक्ट्रेस काजल राघवानी अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ अपनी पर्सनल जिंदगी को लेकर भी हमेशा चर्चा में रही हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू/शो के दौरान उन्होंने भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव के साथ अपने रिश्ते, ब्रेकअप के दर्द और उसके बाद जिंदगी में आए भारी भूचाल को लेकर ऐसे दर्दनाक खुलासे किए हैं, जिसने फैंस को हिलाकर रख दिया है।

ब्रेकअप का दर्द और साइकियाट्रिस्ट के पास जाने की नौबत
काजल राघवानी ने एक्ट्रेस रानी चटर्जी के साथ बातचीत के दौरान अपनी जिंदगी के सबसे बुरे दौर का सच बयां किया। काजल ने भावुक होते हुए कहा कि खेसारी लाल यादव से अलग होने के बाद वह मानसिक रूप से इस कदर टूट चुकी थीं कि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। काजल के शब्दों में: “बीच में मैं इतनी ब्लैंक हो चुकी थी कि मुझे खुद साइकियाट्रिस्ट के पास जाने की सोचनी पड़ी। समझ ही नहीं आ रहा था कि लाइफ किस दिशा में जा रही है।”

“शादीशुदा आदमी के साथ अफेयर” पर छलका काजल का दर्द
सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग को लेकर काजल ने अपना गुस्सा और दर्द दोनों जाहिर किया। उन्होंने कहा कि लोग हमेशा एकतरफा फैसला सुना देते हैं और सारा दोष महिला पर डाल देते हैं। ट्रोलिंग पर सवाल: काजल ने कहा कि लोग मुझे ताने मारते हैं और कहते हैं कि मैंने एक शादीशुदा आदमी के साथ अफेयर किया।

मेरी इतनी ट्रोलिंग की गई, लेकिन किसी ने यह सवाल नहीं उठाया कि शादीशुदा होकर भी वह आदमी मेरे साथ रिश्ते में क्यों आया?5 साल के रिश्ते का वजूद: जब रानी चटर्जी ने उनसे पूछा कि “तुमने जो अपनी जिंदगी के 5 साल उस रिश्ते को दिए, उसका तो कोई जिक्र ही नहीं करता,” तो काजल ने माना कि लोग सिर्फ इल्जाम लगाना जानते हैं।

जब रानी ने पूछा कि क्या वह आगे खेसारी के साथ काम करेंगी, तो काजल ने साफ कहा कि वह सिर्फ अपने फैंस की खातिर सोच सकती हैं। हालांकि, उन्होंने एक चौंकाने वाला दावा भी किया कि बीच में खेसारी ने साथ काम करने की बात कही थी, लेकिन शर्त यह रखी थी कि काजल को फिर से उनके साथ पहले जैसे ही रिश्ते में आना पड़ेगा।

इंडस्ट्री की पॉलिटिक्स और डिंपल सिंह पर निशाना
काजल राघवानी ने यह भी खुलासा किया कि आज भी इंडस्ट्री की कुछ अभिनेत्रियां उनके खिलाफ साजिशें रचती हैं। काजल ने कहा, “अभी भी एक एक्ट्रेस है जो बेवजह मेरे पीछे पड़ी रहती है और मुझे नीचा दिखाने की कोशिश करती है।” खबरों और कयासों के मुताबिक, काजल का इशारा भोजपुरी एक्ट्रेस डिंपल सिंह की तरफ था।

बुरे वक्त में पवन सिंह बने सहारा: “पवन दिल का राजा आदमी है”
जब काजल राघवानी अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रही थीं और चारों तरफ से घिरी हुई थीं, तब पावरस्टार पवन सिंह उनके सपोर्ट में खड़े हुए।काजल ने बताया कि पवन सिंह ने खुद उन्हें फोन किया और कहा: “बाबू, मैं तुझसे गुस्सा जरूर हूं, लेकिन तुझे मेरी कभी भी जरूरत पड़े तो बेझिझक बोलना। हम आगे साथ में काम करें या न करें, लेकिन मैं हमेशा तेरे साथ खड़ा हूं।

पवन सिंह के इस बड़े दिल और सपोर्ट को याद करते हुए काजल ने बेहद प्यार से कहा— “पवन जी वाकई दिल के राजा आदमी हैं।” भोजपुरी इंडस्ट्री के इस बड़े विवाद ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चकाचौंध से भरी इस दुनिया के पीछे कितना दर्द, धोखे और राजनीति छिपी होती है। काजल राघवानी के इन सनसनीखेज खुलासों के बाद अब सोशल मीडिया पर खेसारी लाल यादव और पवन सिंह के फैंस के बीच नई बहस छिड़ गई है।

Kajal Nirhua: काजल राघवानी का निरहुआ संग शूटिंग के दौरान हंगामे का बड़ा खुलासा

Kajal Nirhua: भोजपुरी सिनेमा की सुपरस्टार काजल राघवानी ने आम्रपाली दुबे को लेकर किया चौंकाने वाला खुलासा किया. अक्सर पर्दे पर अपनी अदाकारी और खूबसूरती से दर्शकों का दिल जीतने वाली टॉप एक्ट्रेसेस—काजल राघवानी और आम्रपाली दुबे—के बीच की तल्खी अब खुलकर सामने आ चुकी है। हाल ही में सामने आए रियलिटी शो ‘भोजपुरी बवाल’ के लेटेस्ट एपिसोड और प्रोमो में काजल राघवानी ने दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ और आम्रपाली दुबे को लेकर ऐसे सनसनीखेज दावे किए हैं, जिसने पूरे इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है।

काजल राघवानी ने अपनी साथी अदाकारा रानी चटर्जी से बातचीत करते हुए एक पुरानी फिल्म की शूटिंग का वाकया शेयर किया। काजल के अनुसार, वह और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ एक फिल्म के सुहागरात सीन/रोमांटिक गाने की शूटिंग कर रहे थे। उस वक्त सेट पर आम्रपाली दुबे भी मौजूद थीं, जबकि उस फिल्म या सीन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

काजल ने दावा किया कि आम्रपाली के ठीक सामने बैठे होने की वजह से निरहुआ शॉट के दौरान काफी असहज और घबराए हुए महसूस कर रहे थे। जब डायरेक्टर ने काजल से कहा कि सीन में सही ‘फीलिंग्स’ नहीं आ रही हैं, तो काजल ने दो टूक कहा, “जब तक हीरो मुझे सही से पकड़ेंगे या खींचेंगे नहीं, तब तक मैं अकेले कैसे फीलिंग ला सकती हूं?” काजल राघवानी ने निरहुआ को एक प्राइवेट मैसेज भेजा। काजल ने मैसेज में लिखा था: “मुझे आपसे अकेले में दो मिनट बात करनी है।”

लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि इस मैसेज का जवाब निरहुआ की तरफ से आने के बजाय सीधे आम्रपाली दुबे की तरफ से आया। काजल के मुताबिक, आम्रपाली ने रिप्लाई में लिखा: “आपको जो भी बात करनी है, मुझसे करो… हम दोनों एक ही हैं।” काजल ने आरोप लगाया कि आम्रपाली कभी भी निरहुआ को किसी दूसरी अभिनेत्री के साथ सहज होकर काम नहीं करने देती थीं।

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। निरहुआ और आम्रपाली दुबे ने भी काजल के इन आरोपों पर कड़ा ऐतराज जताया है। निरहुआ ने काजल के बयानों को पूरी तरह से बेबुनियाद और हवा में तीर चलाने जैसा बताया।

दूसरी तरफ, आम्रपाली दुबे ने भी तीखा पलटवार करते हुए कहा कि काजल बेवजह घटिया और ओछी बातें कर रही हैं। विवाद इतना बढ़ गया कि चरित्र और पेशेवर रवैये को लेकर दोनों पक्षों के बीच ज़बानी जंग शुरू हो गई। काजल का यह भी आरोप है कि इंडस्ट्री में उनका साथ देने वाला कोई बड़ा स्टार या गॉडफादर नहीं है, जिसकी वजह से उन्हें लगातार निशाने पर लिया जाता है।

फिलहाल यह चैट वार और पुरानी शूटिंग का विवाद इंटरनेट पर तेज़ी से वायरल हो रहा है और फैंस के बीच बहस छिड़ गई है।

Bhojpuri Bawal:भोजपुरी सिनेमा में बवाल-काजल के आरोपों पर आम्रपाली और निरहुआ का पलटवार

भोजपुरी इंडस्ट्री में इन दिनों जुबानी जंग और आपसी तल्खी चरम पर है। अभिनेत्री काजल राघवानी लगातार इंडस्ट्री के दो बड़े नाम—आम्रपाली दुबे और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ पर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। हाल ही में इस पूरे विवाद में नया मोड़ तब आया जब काजल ने सीनियर एक्ट्रेस रानी चटर्जी के साथ बातचीत के दौरान आम्रपाली दुबे पर काम छीनने और साइडलाइन करने का सनसनीखेज आरोप लगा दिया।

काजल राघवानी का गंभीर आरोप: “मेरा गाना मुझसे छीनकर आम्रपाली को दिया गया”
रानी चटर्जी से बात करते हुए काजल राघवानी ने एक पुराना किस्सा शेयर किया। काजल का दावा है कि फिल्म ‘आशिक आवारा’ का मशहूर गाना “जाड़ के जुगाड़ करके जा ए राजा जी” मूल रूप से उन पर और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ पर फिल्माया जाना तय हुआ था।
काजल ने कहा, “मुझे बाद में पता चला कि वह गाना रातों-रात मुझसे छीनकर आम्रपाली पर शिफ्ट कर दिया गया।”
जब रानी चटर्जी ने इस पर सवाल उठाते हुए पूछा कि “क्या तुमने इस बारे में फिल्म के प्रोड्यूसर से बात नहीं की?”, तो काजल ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, “मैंने बोला था, लेकिन निरहुआ जी के आगे किसकी चलती है? वो (आम्रपाली) निरहुआ जी के साथ चल रही हैं और मैं आज अकेली चल रही हूं। मेरे साथ कोई बड़ा नेता या प्रभावशाली व्यक्ति खड़ा नहीं है जो मेरे हक के लिए लड़े। उनको निरहुआ जी का पूरा प्रोटेक्शन हासिल है, जबकि मुझे प्रोटेक्ट करने वाला कोई नहीं है।”

आम्रपाली दुबे और निरहुआ का तीखा पलटवार
काजल राघवानी के इन आरोपों के बाद आम्रपाली दुबे और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने भी चुप्पी तोड़ी है। निरहुआ के साथ बातचीत के दौरान आम्रपाली ने काजल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा:

“जब आप लगातार खेसारी लाल यादव के साथ काम कर रही थीं, तब भी तो लोग यही सब बोलते थे। तब क्या आपने किसी का काम छीना था? उस वक्त तो आपने यही कहा था कि ‘मैंने किसी को फिल्म से नहीं निकलवाया’। अब जब चीजें आपके हिसाब से नहीं हो रही हैं, तो दूसरों पर आरोप क्यों लगाना?”

इस बातचीत के दौरान निरहुआ ने भी काजल के इस आरोप पर चुटकी लेते हुए सीधा हमला बोला। निरहुआ ने कहा कि काजल का हर बार यही रोना रहता है कि उन्हें फिल्मों से निकाल दिया जाता है या उनका काम छीन लिया जाता है, “तो इसका सीधा सा जवाब यही है कि तुम इसी लायक हो।”

इंडस्ट्री में गरमाया माहौल
काजल राघवानी के इस खुलासे और उस पर आम्रपाली-निरहुआ के इस करारे जवाब के बाद सोशल मीडिया और भोजपुरी गलियारों में चर्चा तेज है। एक तरफ काजल के समर्थक इसे इंडस्ट्री की ‘गुटबाजी’ और ‘अकेली महिला के खिलाफ भेदभाव’ बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम्रपाली और निरहुआ के फैंस इसे काजल का पब्लिसिटी स्टंट और नाकामी छुपाने का तरीका बता रहे हैं। फिलहाल, इस जुबानी जंग के थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

Pawan Tejpratap: पवन सिंह और तेज प्रताप यादव के रिश्ते कैसे हुए खराब

Pawan Tejpratap: काजल राघवानी के पवन सिंह और तेज प्रताप यादव के रिश्ते पर पूछे गए सवाल से भोजपुरी बवाल शो में बवाल, पवन गुस्से में माइक निकालकर शो के सेट से चले गए.

भोजपुरी बवाल शो का प्रोमों रीलीज हुआ जिससे इंटरनेट पर बवाल मचा हुआ है, जिसमें भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार—पवन सिंह, एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे, सुपरस्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ और एक्ट्रेस काजल राघवानी के साथ बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव भी शामिल हैं, जो शो में अपने बेबाक और अनोखे अंदाज़ में नज़र आ रहे हैं.

शो में काजल राघवानी ने पवन सिंह से तेज प्रताप यादव की तरफ इशारा करते हुए पूछा आप दोनो के रिश्ते अच्छे नही चल रहे इसपर पवन अपनी सीट से खड़े हो जाते हैं,  इस नोकझोंक के दौरान वहां मौजूद तेज प्रताप यादव भी अपने तेवर दिखाते हैं। पवन गुस्से में खड़े हो जाते है, तेज प्रताप यादव कहते हैं, “चंद लोग हमारा नाम खराब करते हैं।” हालांकि, प्रोमो में यह साफ़ नहीं हुआ है कि उनका इशारा किसकी तरफ था।

बात बात में बहस बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो आम्रपाली दुबे, दिनेशलाल यादव निरहुआ,” अपनी सीट से उठकर निकलने लग जाते हैं। उनके जाने के बाद पवन सिंह कहते है हे माइक निकाल रे कहकर खड़े हो जाते है, और तेज प्रताप यादव भी गुस्से में सेट से उठकर बाहर चले जाते हैं।

क्या है दोनो के बीच का बवाल?

तेज प्रताप यादव और भोजपुरी स्टार पवन सिंह के बीच का विवाद काफी चर्चा में रहा है, तेज प्रताप यादव ने भोजपुरी सुपर स्टार पवन सिंह के राजनीति में आने के सामाचार से पवन सिंह के  बारे में अजीबो गरीब बयान दिया है.. उन्होंने कहा कि इन लोगों की रोजी रोटी नाचने गाने से चलती है. अगर चुनाव लड़ना चाहते हैं तो आकर लड़ें.

तेज प्रताप ने पवन सिंह के लिए कुछ विवादित बातें कही थीं. एक इंटरव्यू में तेज प्रताप यादव ने पवन सिंह पर तंज कसते हुए कहा था कि ये लोग (पवन सिंह जैसे कलाकार) नाचने-गाने वाले हैं और उनकी रोजी-रोटी नाचने-गाने से ही चलती है। उन्होंने यह भी कहा था कि वे सिर्फ कलाकार हैं और उन्हें कलाकारी करनी चाहिए पॉलिटिक्स में उन्हें नहीं आना चाहिए. तेज प्रताप ने आगे कहा था कि पवन सिंह हमेशा किसी न किसी सहारे रहते हैं और एक समय था जब वे उनके (तेज प्रताप के) पैरों में गिरे रहते थे.

बता दें कि दोनों अक्सर अपने बयानों के जरिए एक-दूसरे पर वार पलटवार करते थे, लेकिन इसके बावजूद ये दोनों पवन सिंह और तेजप्रताप यादव ओटीटी जियोहॉटस्टार, और कलर्स टीवी के रियलिटी शो ‘भोजपुरी बवाल’ में  एक साथ नजर आयेंगे. शो पूरी तरह से भोजपुरी फ्लेवर, एंटरटेनमेंट और ड्रामे से भरपूर होने वाला है.  ‘भोजपुरी बवाल’ 2 अगस्त से शुरू हो रहा है, जिसे दर्शक ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार और कलर्स टीवी चैनल पर देख सकेंगे.

Kajal Pawan:पवन सिंह की जिद की वजह से काजल ने काम करने से किया था इनकार

Kajal Pawan: पवन सिंह एक्ट्रेस काजल राघवानी से पूछा, “जीवन में आपको प्यार कब हुआ था?” इस पर काजल जवाब देती हैं, “आप ही से हुआ था”. रियलिटी शो ‘भोजपुरी बवाल’ का एक नया प्रोमो टेलीकास्ट हुआ जिसने इंटरनेट पर धमाल मचा दिया है. ‘भोजपुरी बवाल’ शो में भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार—पवन सिंह, एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे, सुपरस्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ और एक्ट्रेस काजल राघवानी के साथ बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव भी शामिल हैं, जो शो में अपने बेबाक और अनोखे अंदाज़ में नज़र आ रहे हैं.

प्रोमो स्टार्ट हुआ तो आम्रपाली दुबे सभी से पूछती हैं, “हम सब को यहां बुला तो लिया, लेकिन करना क्या है?” इस पर पवन सिंह कहते हैं, “कुछ नया करते हैं”. पवन सिंह, एक्ट्रेस काजल राघवानी से मज़ाक में पूछते हैं, “जीवन में आपको प्यार कब हुआ था?” इस पर काजल सीधे जवाब देती हैं, “आप ही से हुआ था”. यह सुनकर पवन हंसकर ताली बजाने लगते हैं. पवन सिंह पर एक्ट्रेस काजल राघवानी ने एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हरैसमेंट का आरोप लगाया.

एक इंटरव्यू में काजल ने बताया की “मैंने उनको सजन चुन लिया” में पवन और मैं एक साथ काम कर रहे थे. शूट शुरू हुआ तो पवन ने उनसे किस करने को कहा, काजल हैरान हुई और पूछा कि यह कब तय हुआ? मुझे इस बारे में कोई जानकारी क्यों नहीं दी गई. काजल राघवानी ने किस करने से साफ इंकार कर दिया. इस पर पवन गुस्सा हो गए और और अकड़ कर सेट से चले गए. डायरेक्टर के बार बार कहने पर भी नही शूट के लिए पवन नहीं आए. पवन सिंह अड़ गए थे कि अगर वह किस करेंगी, तभी आगे की शूटिंग होगी. पवन की यह बात सुनकर काजल ने सोचा ये कैसे लोग हैं, क्या इनके घर में मां-बेटी नहीं है?
काजल ने बताया कि डायरेक्टर बुजुर्ग थे. वे मेरे पास आए और रोने-गिड़गिड़ाने लगे और पवन की डिमांड पूरी करने कि मिन्नते करने लगे. फिर काजल राघवानी उस किसिंग सीन के लिए मान गई, इसके बाद से आजतक पवन सिंह ने कभी काजल राघवानी के साथ काम नहीं किया.

पवन सिंह और काजल राघवानी ने कई भोजपुरी फिल्मों में एक साथ काम किया है, जिनमें धर्मात्मा, ‘रक्षक’ ‘गुंडई राज’ और ‘तेरे जैसा यार कहां’ जैसी हिट फिल्में शामिल हैं. दोनों आखिरी बार ‘मैंने उनको सजन चुन लिया’ फिल्म में साथ नज़र आए थे. ऑडियंस ने पवन सिंह और काजल राघवानी की जोड़ी को खूब पसंद किया.

अब पवन सिंह और काजल राघवानी रियलिटी शो ‘भोजपुरी बवाल’ यह एक साथ नजर आयेंगे. शो पूरी तरह से भोजपुरी फ्लेवर, एंटरटेनमेंट और ड्रामे से भरपूर होने वाला है. ‘भोजपुरी बवाल’ 2 अगस्त से शुरू हो रहा है, जिसे दर्शक ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार और कलर्स टीवी चैनल पर देख सकेंगे.

Bhojpuri Bawal: काजल राघवानी की बात सुन शो से क्यों भागी आम्रपाली

Bhojpuri Bawal: टीवी और ओटीटी पर एक से बढ़कर एक रियलिटी शोज स्ट्रीम हो रहे हैं. इतने रियलिटी शोज में अगर आप भी अब कुछ हटके और अलग तरह का बवाल देखना चाहते हैं तो अब भोजपुरी सिनेमा के स्टार्स रियलिटी शोज की दुनिया में बड़ा धमाका करने वाले है।
अब जबरदस्त बवाल मचने वाला है. भोजपुरी स्टार्स एक साथ टीवी पर गर्दा उड़ाते दिखेंगे. रियलिटी शो ‘भोजपुरी बवाल’ के इस शो का एक नया प्रोमो सामने आया है जिसमें जबरदस्त बहसबाजी और हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला है।

शो के खास चेहरे कौन कौन हैं?
इस रियलिटी शो में भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार—पवन सिंह, एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे, सुपरस्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ और एक्ट्रेस काजल राघवानी के साथ बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव भी शामिल हैं। है, जो शो में अपने बेबाक और अनोखे अंदाज़ में नज़र आ रहे हैं।

प्रोमो की बहस से तनाव क्यों?
प्रोमो की शुरुआत में आम्रपाली दुबे सभी से पूछती हैं, “हम सब को यहां बुला तो लिया, लेकिन करना क्या है?” जिसपर पवन सिंह कहते हैं, “कुछ नया करते हैं।”
पवन सिंह एक्ट्रेस काजल राघवानी से मज़ाक में पूछते हैं, “जीवन में आपको प्यार कब हुआ था?” इस पर काजल सीधे जवाब देती हैं, “आप ही से हुआ था।” यह सुनकर पवन और निरहुआ तालियां बजाने लगते हैं।
इसके बाद काजल ने आम्रपाली दुबे से एक तीखा सवाल किया, “क्या आपकी वजह से दिनेश जी मेरे साथ काम नहीं करते?” यह सुनकर आम्रपाली चौंक जाती हैं और कहती हैं, “मुझे दया आती है आप पर।” निरहुआ भी भड़क जाते हैं और कहते हैं, “आप मेरे ऊपर आरोप लगा रही हो।”

तेज प्रताप यादव को क्यों आया गुस्सा?
काजल राघवानी ने पवन सिंह से तेज प्रताप यादव की तरफ इशारा करते हुए पूछा आप दोनो के रिश्ते अच्छे नही चल रहे इसपर पवन अपनी सीट से खड़े हो जाते हैं, इस नोकझोंक के दौरान वहां मौजूद तेज प्रताप यादव भी अपने तेवर दिखाते हैं। वे गुस्से में खड़े हो जाते है, तेज प्रताप यादव कहते हैं, “चंद लोग हमारा नाम खराब करते हैं।” हालांकि, प्रोमो में यह साफ़ नहीं हुआ है कि उनका इशारा किसकी तरफ था।

वॉकआउट क्यों हुआ?
बहस जब बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो आम्रपाली दुबे गुस्से में कहती हैं, “मैं इस बदतमीजी में इंटरेस्टेड नहीं हूं।” यह कहते हुए वह अपनी सीट से उठकर चली जाती हैं। उनके जाने के बाद पवन सिंह और तेज प्रताप यादव भी गुस्से में सेट से उठकर बाहर चले जाते हैं।

शो कब और कहां देख सकते हैं?
यह शो पूरी तरह से भोजपुरी फ्लेवर, एंटरटेनमेंट और ड्रामे से भरपूर होने वाला है। ‘भोजपुरी बवाल’ 2 अगस्त से शुरू हो रहा है, जिसे दर्शक ओटीटी प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार और कलर्स टीवी चैनल पर देख सकेंगे।

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