Cricket Update: भारतइंगलैंड सीरीज टैस्ट क्रिकेट को मिली संजीवनी

Cricket Update: जब भारतीय क्रिकेट टीम अपने इंगलैंड दौरे के लिए निकली थी, उस से पहले बड़ा उलटफेर हुआ था. रोहित शर्मा और विराट कोहली ने अचानक रिटायरमैंट ले कर सब को चौंका दिया था. जसप्रीत बुमराह कप्तान नहीं बन पाए थे, तो उन्होंने पहले ही कह दिया था कि वे ज्यादा मैच नहीं खेल पाएंगे. 5 मैचों की इस सीरीज में भी उन्होंने 2 मैच नहीं खेले थे. शुभमन गिल और गौतम गंभीर की अगुआई में गई नई टीम को इंगलैंड में संतोषजनक प्रदर्शन करने का दबाव था.

पर हुआ क्या? हुआ यह कि इन 5 टैस्ट मैचों ने बता दिया कि ‘लाल गेंद’ आज भी ‘क्रिकेट की क्वीन’ है. बता दिया कि टैस्ट क्रिकेट अभी मरा नहीं है, बल्कि इस का जादू बरकरार है. तभी तो यह सीरीज रिकौर्ड दर्शकों द्वारा स्टेडियम और टैलीविजन पर देखी गई. 20 जून को शुरू हुए पहले टैस्ट मैच को जिओ हौट स्टार एप पर रिकौर्ड 89.1 मिलियन दर्शकों ने देखा था.

5 दिन तक चले इस मैच में स्टेडियम हर रोज फुल रहा था. हालांकि, इंगलैंड ने यह रोमांचक मैच जीता था, पर दर्शकों ने हर पल का मजा लिया था. बाकी 4 मैच भी इसी तरह रोमांच से भरे थे.

मनोरंजन के लिहाज से इस टैस्ट सीरीज से यह बात सामने आई कि अगर कोई बड़ा लक्ष्य सामने है, तो उसे पार करने के लिए सब्र और हुनर दोनों की जरूरत होती है. अब चूंकि आईसीसी वर्ल्ड टैस्ट चैंपियनशिप होती है, तो हर टैस्ट के अलग से पौइंट मिलते हैं.

इस से टैस्ट क्रिकेट की नीरसता खत्म हुई है, क्योंकि आईसीसी वर्ल्ड टैस्ट चैंपियनशिप जीतने का मजा वैसा ही है, जैसे वनडे या टी20 क्रिकेट वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला जीतना.

अगर आईसीसी वर्ल्ड टैस्ट चैंपियनशिप की मौजूदा टेबल पर नजर डालें तो इंगलैंड को 5वें टैस्ट मैच के रोमांचक मुकाबले में 6 रन से हराने के बाद और इस सीरीज को 2-2 की बराबरी पर ला कर भारतीय टीम तीसरे नंबर पर पहुंच गई है. आस्ट्रेलिया पहले नंबर है, जबकि श्रीलंका दूसरे नंबर पर.

इस टैस्ट सीरीज से एक बात और साबित हुई है कि टीम गेम में कोई एक ‘एक्स फैक्टर’ नहीं होता है. टैस्ट का मतलब ही खेल के मैदान पर आप के सब्र का इम्तिहान. चूंकि शुभमन गिल एक नौसिखिया टीम के अगुआ बन कर इंगलैंड गए थे, जहां की विकेट, मौसम, दूसरे हालात भारतीय पिचों और मैदानों से एकदम उलट हैं, तो उन की टीम से ज्यादा करिश्मे की उम्मीद किसी को नहीं थी.

खुद शुभमन गिल का इस टैस्ट सीरीज से पहले इंगलैंड में खराब रिकौर्ड था. उन्होंने इंगलैंड में 3 मैचों की 6 पारियों में 14.66 के औसत से सिर्फ 88 रन ही बनाए थे, पर इस बार वे 754 रनों के साथ इस सीरीज में सब से ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने. आखिरी मैच के हीरो रहे मोहम्मद सिराज ने इस सीरीज में 23 विकेट लिए.

भारत और इंगलैंड के बीच खेले गए 5 मैचों की टैस्ट सीरीज के सभी मुकाबले पांचों दिन यानी आखिरी दिन तक खेले गए. तकरीबन 8 साल बाद ऐसा हुआ, जब 5 मैचों की सीरीज के सभी टैस्ट मैच आखिरी दिन तक खेले गए.

कुलमिला कर यह टैस्ट सीरीज शानदार रही और एक सीख मिली कि अगर आप बैस्ट देते हैं तो चाहे वह क्रिकेट का मैदान हो या कोई दूसरा क्षेत्र, रिजल्ट चौंकाने वाला होता है और आप को और बेहतर करने की प्रेरणा देता है. फिर हारजीत कोई माने नहीं रखती है, काम का मजा ही आप का इनाम होता है. Cricket Update

ICC ने हटाया वो नियम, जिसने इंग्लैंड को बनाया था पहली बार क्रिकेट का विश्व कप

उस दिन लगा कि अब फाइनल मुकाबला क्या देखना जब भारत लड़ाई में है ही नहीं. लेकिन विश्व कप का फाइनल इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच ऐसा हुआ जो सदियों तक याद रखा जाएगा. 2019 में इंग्लैंड ने पहली बार खिताब जीता और न्यूजीलैंड ने दिखा दिया कि आखिरकार टूर्नामेंट में क्यों उस टीम को फेवरेट बताया जा रहा था. हालांकि न्यूजीलैंड खिताब जीतते रह गया और इसमें विलन बना था आईसीसी का वो नियम जो अब इतिहास बन गया.

विश्व कप का फाइनल मुकाबला लौर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान में खेला गया था. इस मुकाबले का नतीजा बाउंड्री काउंट के आधार पर निकला था, लेकिन आईसीसी ने अब इस नियम को हटा लिया है. आईसीसी के सुपर ओवर में बाउंड्री नियम की वजह से इंग्लैंड पहली बार खिताब जीतने में कामयाब तो हो गया लेकिन वहीं शानदार प्रदर्शन करने वाली न्यूजीलैंड की टीम खिताब से चूक गई थी. आईसीसी ने कहा कि ग्रुप स्टेज में अगर सुपर ओवर टाई रहता है तो इसके बाद मुकाबला टाई रहेगा.

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वहीं सेमीफाइनल और फाइनल में अगर सुपर ओवर होता है तो ऐसे में जो भी टीम ज्यादा रन बनाती है वो विजेता घोषित होगी. सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले में सुपर ओवर तब तक जारी रहेगा जब तक एक टीम दूसरी टीम से ज्यादा रन नहीं बना लेती. उदाहरण के तौर पर, अगर ग्रुप स्टेज में दो टीमें 50 ओवर में एक ही स्कोर बनाती हैं तो ऐसे में मैच के नतीजे के लिए सुपर ओवर होगा. लेकिन अगर सुपर ओवर में भी स्कोर बराबर रहता है तो ऐसे में मैच का नतीजा टाई होगा और दोनों टीमों को बराबर अंक मिलेंगे. लेकिन सेमीफाइनल और फाइनल में ऐसा नहीं होगा.

14 जुलाई को ऐतिहासिक लौर्डस मैदान पर खेले गए फाइनल मैच में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को सुपर ओवर में हरा दिया था. इस रोमांचक खिताबी मुकाबले में न्यूज़ीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 241 रन बनाए और इंग्लैंड को वर्ल्ड चैंपियन बनने के लिए 242 रनों की जरूरत थी, लेकिन मेजबानी टीम भी 50 ओवर में 241 रन ही बना सका और मैच टाई हो गया.

इस टाई मैच का नतीजा निकालने के लिए सुपर ओवर कराया गया था. इंग्लैंड ने एक ओवर में 15 रन बनाए और बाद में न्यूज़ीलैंड भी15 रन ही बना पाया. इसलिए मैच यहां भी टाई हो गया. यहां तक भी जब कोई नतीजा नहीं निकला तो मैच में किस टीम की ओर से बाउंड्री ज्यादा (बाउंड्री काउंट) लगी उसके आधार पर मैच का नतीजा निकला.

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इंग्लैंड ने अपनी पारी में कुल 26 बाउंड्री लगाई और न्यूजीलैंड ने कुल 17. इस आधार पर इंग्लैंड को विजेता घोषित किया गया, लेकिन आईसीसी ने अब बाउंड्री काउंट नियम को रद्द कर दिया है.

सोमवार को हुई आईसीसी की बोर्ड की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि आईसीसी क्रिकेट समिति, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईसी) की समिति की सिफारिश के बाद यह सहमति बनी कि सुपर ओवर का उपयोग आईसीसी के मैचों में जारी रहेगा. इसे तब तक किया जाएगा जब तक टूर्नामेंट का परिणाम स्पष्ट तरीके से नहीं निकल जाए.

बयान में कहा गया कि इस मामले में क्रिकेट समिति और सीईसी दोनों सहमत थे कि खेल को रोमांचक और आकर्षक बनाने के लिए एकदिवसीय और टी-20 वर्ल्ड कप के सभी मैचों में इसका इस्तेमाल किया जाएगा. ग्रुप स्टेज पर अगर सुपर ओवर के बाद भी मैच टाई रहता है तो उसे टाई माना जाएगा लेकिन सेमीफाइनल और फाइनल में सुपर ओवर तब तक कराया जाएगा जब तक एक टीम ज्यादा रन नहीं बना लेती.

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