Popcorn Brain. अमित के एक जौब एग्जाम में 2 दिन बचे थे. वह पढ़ने बैठा. उस ने किताब खोली और मन ही मन सोचा कि आज यह कौन्सैप्ट क्लियर कर के ही उठूंगा. लेकिन इस के 2 मिनट के बाद अमित का फोन बजा, इंस्टाग्राम का नोटिफिकेशन था. अमित ने सोचा, ‘बस एक रील देख लेता हूं.’

इस एक रील के चक्कर में कब 30 मिनट इंस्टाग्राम पर खराब हो गए, अमित को पता ही नहीं चला. उसे गिल्टी फील हुआ. वापस किताब उठाई. पर 2 मिनट के बाद ही अमित के एक दोस्त का व्हाट्सऐप पर मैसेज आया, ‘भाई, एग्जाम का कुछ पढ़ा?’

इस के बाद अमित की उस दोस्त से चैटिंग शुरू क्या हुई फिर पौना घंटा गड्ढे में गया. इस तरह कर के अमित ने अपने 3 घंटे बरबाद कर के भी किताब का एक पेज नहीं पढ़ा.

यह कोई समस्या नहीं लगती है, पर इसे पौपकौर्न ब्रेन कहा जाता है, जब हमारा दिमाग ‘पौपपौप’ कर के उछलता है, एक जगह टिकता नहीं.

यह पौपकौर्न ब्रेन वाली सिचुएशन अकेले 21 साल के अमित की नहीं है, बल्कि औफिस में बैठी 32 साल की मैनेजर सारिका या 55 साल के दुकान के गल्ले पर बैठे श्रीधर की भी हो सकती है, जो अपने काम के समय में भी फोन पर कब्जा जमाए सोशल मीडिया की गिरफ्त में पूरी तरह आ चुके हैं.

एक पत्नी अपने मायके की कुछ जरूरी बात बता रही थी और पति महोदय इंस्टाग्राम की रील देखने में मस्त थे कि जब कभी वे दोस्तों के साथ अमृतसर जाएंगे तो किस ढाबे पर अमृतसरी नान खाने का लुत्फ लेंगे. नतीजतन, पत्नी लड़ कर अपने मायके चली गई.

पौपकौर्न ब्रेन का मतलब है दिमाग का पौपकौर्न की तरह फटते रहना यानी आप का ध्यान 5 सैकंड से ज्यादा एक जगह टिकता ही नहीं.

किस ने दिया यह नाम

इस टर्म के बारे में साल 2011 में रिसर्चर डेविड लेवी ने बताया था कि जब आप लगातार इंस्टाग्राम रील, यूट्यूब शौर्ट्स, नोटिफिकेशन, व्हाट्सऐप मैसेज देखते हो, तो दिमाग को हर 6-8 सैंकंड में नया डोपामिन शौट चाहिए होता है. नतीजा, ध्यान भटकने की बीमारी.

पौपकौर्न ब्रेन के लक्षण

एक मिनट की रील भी स्किप देना. 15 सैकंड बाद रील बोर लगना.

* एक काम शुरू, 4 काम अधूरे. पढ़ने बैठे, 2 मिनट में फोन, फिर टीवी, फिर खाना.

* धीमी चीजें बोरिंग लगती हैं. फिल्म, किताब, लंबी बातचीत में नींद आना या बेचैनी महसूस होना.

* फैंटम वाइब्रेशन. यह एक खतनाक स्थिति है, जिस में आप का फोन बजा नहीं, लेकिन लगा कि नोटिफिकेशन आया है.

* भूलने की बीमारी. किसी चीज को अभी रखा, 2 मिनट में भूल गए कहां रखा.

पौपकौर्न ब्रेन से नुकसान

इस समस्या का बड़ा नुकसान यह होता है कि पढ़ाई और काम दोनों चौपट हो जाते हैं. मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि एक बार भटकने के बाद 23 मिनट लगते हैं ध्यान वापस लाने में. औफिस में काम करने के घंटों में कमी आने लगती है.

याददाश्त कमजोर होने लगती है. दिमाग जानकारी ‘सेव’ ही नहीं करता, बस ‘स्क्रौल’ करता है.      एग्जाम में सब पढ़ा हुआ लगता है, पर जवाब लिखते वक्त याद नहीं रहता.

इस वजह से हमेशा एंग्जाइटी और चिड़चिड़ापन बना रहता है. लगातार डोपामिन चाहिए. न मिले तो बेचैनी, गुस्सा, छोटीछोटी बात पर इनसान भड़कना शुरू हो जाता है. नींद खराब होती है. रात के 12 बजे तक फोन पर रील स्क्रौल, फिर बिस्तर पर करवटें बदलते रहना और नतीजतन सुबह थकान, दिनभर सिर भारी.

रिश्ता खराब होने लगता है. सामने वाला बोल रहा है और आप फोन में मस्त. इस से इमोशनल कनैक्शन टूटता है. लोगों की क्रिएटिविटी खत्म हो जाती है. ऐसा माना जाता है कि नए आइडिया के लिए बोर होना जरूरी है, पर पौपकौर्न ब्रेन में आप कभी बोर होते ही नहीं, नया कुछ सोच नहीं पाते.

पौपकौर्न ब्रेन क्यों होता है

डोपामिन लूप का लफड़ा. जब हम कोई रील देखते हैं तो 5 सैकंड में ही हंसी या हैरानी या किसी अन्य भाव का डोपामिन रिलीज होता है और फिर दिमाग को ऐसा ही कुछ और चाहिए होता है, जबकि किताब पढ़ते हुए हम 5 मिनट में एक पेज पढ़ते हैं, तो इस लिहाज से हमारा डोपामिन स्लो हो जाता है. चूंकि दिमाग को रील देखने के चक्करर में तेजी की आदत पड़ चुकी होती है, तो वह जैसे हम से बोलता है, ‘बोरिंग, भागो. कुछ नया दिखाओ.’

पिछले कुछ समय से हमारा अटैंशन स्पैन (ध्यान केंद्रित करने की क्षमता) गिरा है. माइक्रोसौफ्ट स्टडी 2015 के मुताबिक इनसान का अटैंशन स्पैन 12 सैकंड से गिर कर 8 सैकंड रह गया है. गोल्डफिश मछली का 9 सैकंड माना जाता है. मतलब हम मछली से गएगुजरे हो गए हैं.

मल्टीटास्किंग का भरम पैदा होता है, जबकि दिमाग मल्टीटास्क नहीं करता, बल्कि ‘स्विचटास्क’ करता है और हर स्विच पर एनर्जी वेस्ट होती है.

बचने के उपाय

20-20-20 वाला रूल अपनाओ.

20 मिनट काम, 20 सैकंड ब्रेक और फिर 20 फुट दूर देखो. दूर देखने का मतलब है किसी एक फ्रेम पर फोकस करो. जैसे उगता सूरज.

इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप ग्रुप, न्यूज ऐप सब का नोटिफिकेशन औफ कर दें. ज्यादा जरूरी है तो फोन पर बात कर लें. फोन का उपवास करें. जागने के बाद सुबह का पहला घंटा और रात का सोने एक घंटा… फोन इस्तेमाल नहीं करना है. खाते टाइम फोन से दूरी बनाएं.

बालकनी में जा कर सड़क पर सब्जी बेचने वाले को नोटिस करें. पेड़ पर बैठी चिडि़या की रंगत पर गौर करें. किसी भी किताब का एक पन्ना अच्छे से पढ़ें. पर फोन को न छुएं.  Popcorn Brain

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