Healthy Lifestyle.दिल्ली की एक मल्टीनैशनल कंपनी में नौकरी के लिए इंटरव्यू चल रहा था. करीब 24 साल की नेहा भी उम्मीदवारों की लंबी कतार में खड़ी थी. वहां ज्यादातर लड़कियां भारी मेकअप और ब्रांडेड कपड़ों में दिख रही थीं, मगर नेहा ने महंगे ब्रांड के कपड़े नहीं पहने थे, न ही चेहरे पर भारी मेकअप था.

नेहा ने सिर्फ सादे और साफसुथरे कपड़े पहन रखे थे. लेकिन उस के चेहरे पर एक अलग ही चमक थी. वह आत्मविश्वास से भरी हुई थी, उस की मुस्कान सहज थी और बातचीत में ऊर्जा साफ दिखाई दे रही थी.

इंटरव्यू के बाद कंपनी के एचआर अधिकारी ने नेहा से मुसकरा कर कहा, ‘‘आप की सब से बड़ी ताकत आप की डिगरी नहीं, बल्कि आप का आत्मविश्वास है. आप को हमारी कंपनी में काम कर के अच्छा लगेगा और हमें भी आप जैसे ऊर्जावान वर्कर्स को पा कर ख़ुशी होगी.’’

यह सिर्फ नेहा की कहानी नहीं है. आज हजारों लड़कियों के सामने यही चुनौती है कि वे खूबसूरत दिखने की दौड़ में अपनी सेहत को कहीं पीछे छोड़ देती हैं.

दिल्ली की मनोचिकित्सक डाक्टर सुगंधा गुप्ता की राय है कि लड़कियों को अपने तन और मन की सेहत पर ज्यादा फोकस करने की जरूरत है. ब्यूटी या ड्रैसिंग सैंस के साथ सेहत का अच्छा होना बहुत जरूरी है. आजकल दफ्तरों में जाति नहीं पूछते, बल्कि अगर आप की सेहत अच्छी है, आप ऊर्जावान हैं तो उस की चमक आपके चेहरे से ही दिखने लगती है और आप को खूबसूरत बनाती है.

डाक्टर सुगंधा गुप्ता की बात सौ फीसदी सच है. आज का दौर पहले से बिलकुल अलग है. लड़कियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं. वे डाक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, पायलट, खिलाड़ी, पुलिस अफसर, उद्यमी और बड़े कौरपोरेट संस्थानों की प्रमुख तक बन रही हैं.

ऐसे समय में केवल खूबसूरत दिखना या फैशनेबल कपड़े पहनना ही काफी नहीं है. असली ताकत अच्छी सेहत, आत्मविश्वास और ऊर्जा में छिपी होती है. यही वह चीज है जो किसी भी लड़की की शख्सीयत को सब से अलग बनाती है.

सोशल मीडिया के दौर में अकसर लड़कियों पर ‘परफैक्ट दिखने’ का दबाव बनाया जाता है. महंगे कपड़े, महंगा मेकअप, गोरी त्वचा और पतली कमर को ही खूबसूरती का पैमाना बना दिया गया है.

लेकिन यह सोच अधूरी है. यदि शरीर सेहतमंद नहीं है, हर समय थकान रहती है, खून की कमी है, तनाव बना रहता है या बारबार बीमारी घेर लेती है, तो महंगे से महंगे कपड़े और कौस्मैटिक क्रीम भी चेहरे पर असली चमक नहीं ला सकते.

आज कंपनियां और संस्थान केवल किसी की जाति, धर्म या बाहरी रूप देख कर नौकरी नहीं देते हैं. वे ऐसे लोगों को अहमियत देते हैं, जो मानसिक और शारीरिक रूप से सेहतमंद हों, जिन में काम करने की ऊर्जा हो, सीखने की समझ  हो और जो लंबे समय तक असरदार ढंग से काम कर सकें.

‘‘एक ऊर्जावान इनसान का आत्मविश्वास उस के चेहरे, बातचीत और काम करने के तरीके में साफ दिखाई देता है. यही कुदरती चमक सब से आकर्षक होती है.

भारत में महिलाओं की सेहत के हालात अभी भी चिंता की बात हैं. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के मुताबिक, 15 से 49 साल की तकरीबन आधी महिलाएं एनीमिया यानी खून की कमी से जू?ा रही हैं. खून की कमी के चलते कमजोरी, चक्कर आना, जल्दी थक जाना और पढ़ाई या नौकरी में प्रदर्शन पर असर पड़ता है.

दूसरी ओर, शहरी इलाकों में मोटापा, मधुमेह, तनाव और हार्मोन संबंधी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं. इस की एक बड़ी वजह गलत लाइफस्टाइल, जंक फूड और शारीरिक एक्टिविटी की कमी है.

अच्छी सेहत का मतलब है संतुलित भोजन, सही नींद, रोजाना कसरत, मानसिक शांति और समय पर सेहत की जांच. अगर कोई लड़की रोज कम से कम 30 मिनट तेज चलती है, कसरत करती है या कोई खेल खेलती है, तो उस का शरीर ही नहीं, बल्कि उस का आत्मविश्वास भी मजबूत होता है. रोजाना कसरत से तनाव कम होता है, एकाग्रता बढ़ाता है और शरीर को लंबे समय तक सक्रिय बनाए रखता है.

खानपान पर भी खास ध्यान देना जरूरी है. अकसर पढ़ाई या नौकरी के तनाव में कई लड़कियां नाश्ता छोड़ देती हैं या पूरे दिन चायकौफी व पैकेट वाले स्नैक्स पर निर्भर रहती हैं. यह आदत धीरेधीरे शरीर को कमजोर करती है.

कामकाजी लड़कियों की मानसिक सेहत अच्छी होना भी उतना ही जरूरी है जितना शारीरिक सेहत. लगातार तुलना, सोशल मीडिया का दबाव, पढ़ाई, नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियां कई बार तनाव बढ़ा देती हैं. अगर मन सही नहीं होगा तो शरीर भी प्रभावित होगा, इसलिए पूरी नींद लेना, परिवार और दोस्तों से खुल कर बात करना, अपनी रुचियों के लिए समय निकालना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए.

आखिरकार, यह समझना होगा कि खूबसूरती केवल चेहरे की नहीं, बल्कि पूरी शख्सीयत की होती है. अच्छी सेहत से मिलने वाली चमक किसी भी मेकअप से ज्यादा टिकाऊ और असरदार होती है. सेहतमंद शरीर, पौजिटिव सोच और आत्मविश्वास मिल कर ऐसी पहचान बनाते हैं, जिसे कोई फैशन कभी पीछे नहीं छोड़ सकता.

आज की लड़कियों के लिए सब से बड़ा फैशन ट्रैंड महंगे कपड़े या ब्रांडेड मेकअप नहीं, बल्कि फिट और सेहतमंद लाइफस्टाइल होनी चाहिए, क्योंकि जब शरीर सेहतमंद होता है, मन खुश होता है और ऊर्जा भरपूर होती है, तब कामयाबी भी कदम चूमती है और चेहरे पर वह कुदरती चमक दिखाई देती है, जिसे दुनिया की कोई भी कौस्मैटिक क्रीम नहीं दे सकती. यही असली खूबसूरती है और यही हर लड़की की सब से बड़ी पूंजी है.    Healthy Lifestyle

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...