Story in Hindi. आधी रात गए मजदूरों के बीच बैठ कर कमली अपना दुखड़ा आनंद को सुना रही थी कि किस तरह ठेकेदार राम सिंह के बेटे रंजीत और उस के साथियों ने उस के साथ मुंह काला किया.

कमली बैठी आंसू बहा रही थी और आनंद उसे समझा रहा था, ‘‘कमली, तुम चिंता मत करो. तुम्हारी इज्जत के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्हें उन के किए की सजा मैं जरूर दिलवा कर रहूंगा. सभी लोग मेरे साथ चलो.’’

आनंद मजदूरों को साथ ले कर ठेकेदार राम सिंह की हवेली पर चला गया. वहां पहुंच कर सारे मजदूर जोरजोर से नारा लगाने लगे, ‘जुल्म और अत्याचार हम नहीं सहेंगे, नहीं सहेंगे, नहीं सहेंगे... पापियो, बाहर आओ, बाहर आओ, बाहर आओ... राम सिंह मुरदाबाद, मुरदाबाद, मुरदाबाद...’

शोरशराबा सुन कर ठेकेदार राम सिंह हवेली से बाहर निकला और चीख कर बोला, ‘‘क्या हुआ, जो आधी रात को तुम लोग इतना चीखचिल्ला रहे हो?’’

आनंद शांत लहजे में बोला, ‘‘राम सिंहजी, आप के बेटे रंजीत और उस के साथियों ने कमली की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया है. क्या इन मजदूरों की बहूबेटियों की इज्जत नहीं होती? आप अपने बेटे को बुलाइए. कमली पर हुए जुल्म के लिए आप इन मजदूरों से माफी मांगिए, वरना कल से सारे मजदूर हड़ताल पर चले जाएंगे.’’

ठेकेदार राम सिंह गुस्सा होते हुए बोला, ‘‘मेरे टुकड़ों पर पलने वाले आनंद, तुम इन मजदूरों के लिए मुझ से लड़ने आए हो? तुम्हें पढ़ालिखा कर मैं ने ही बड़ा किया और तुम मेरे खिलाफ आवाज उठाने लगे? तुम्हारी औकात ही क्या है? थोड़ा पढ़लिख क्या गए, खुद को मजदूरों का नेता समझने लगे?

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