कवाचकवी का एक जोड़ा दीनदुनिया से बेखबर बगीचे में सपने संजो रहा था. यह बगीचा एक अपार्टमैंट के सामने था. बड़े शहरों में घरों की किल्लत के चलते ऐसे बगीचे प्रेमी युगलों और नवविवाहितों को महफूज और सुकून भरे लगते हैं.