बच्चों को प्यार करने वाले नीरेंद्र अपने विश्रांति काल को सुखद बनाने के लिए आशु को मांग तो बैठे थे, पर उन्हें क्या पता था कि इस मांग से सभी की असलियत खुल जाएगी. पढि़ए, परशीश की लिखी कहानी.