किशोर और मुरली चुपचाप खड़े थे और बोलने वाले मुंह केवल गांव के लोगों के थे. सभी कुछ न कुछ कहे जा रहे थे.

'सरस सलिल' पर आप पढ़ सकते हैं 10 आर्टिकल बिलकुल फ्री , अनलिमिटेड पढ़ने के लिए Subscribe Now