सबकुछ ठीकठाक चल रहा था. आफिस जाने के लिए जब मैं कार में बैठने लगा तो अंदर का दृश्य देख कर स्तब्ध रह गया. कार की सीट और फर्श कांच के टुकड़ों से अटा पड़ा था.