Hindi Short Story. छोटी बूआ जब अपनी ससुराल से भागीं, तो अचानक ‘कुलटा’ हो गईं. कई साल बाद एक दिन मेरा उन से सामना हुआ, तो सीना फख्र से चौड़ा हो गया. क्यों?

बरसों पहले एक दिन जब मैं अपने स्कूल से लौटा, तो घर में कुहराम मचा हुआ था. सभी लोग छोटी बूआ को कोसे जा रहे थे कि ‘कुलटा’ ससुराल छोड़ कर भाग गई. उस उम्र में मैं भागने का मतलब तो क्या जानता था, पर बूआ भाग भी लेती हैं, यह जान कर मुझे खुशी हुई थी.

धीरेधीरे लोगों ने बूआ को उसी तरह भुला दिया, जिस तरह नेता अपने चुनावी वादों को भुला देते हैं. न जाने मैं उन्हें क्यों नहीं भुला पाया. बचपन से ही मुझे छोटी बूआ से अजीब सा लगाव था.

https://youtube.com/shorts/jQcmwEIkImk?si=LzIwLgZjsO4P1IdN

इस तरह की और वीडियो देखने के लिए सरस सलिल का चैनल सब्सक्राइब करें

बरसों बाद मुझे गांव में डिगरी कालेज की इमारत की बुनियाद का पत्थर रखने के लिए न्योता दिया गया. उन दिनों मैं विदेश से छुट्टियों में घर आया था.

दरअसल, मुझ जैसे विदेशों में काम कर रहे कुछ भारतीयों की माली मदद से ही यह कालेज बनने जा रहा था, इसलिए कमिश्नर की अगवानी के लिए सरपंचजी मुझे भी डाकबंगला ले गए.

कमिश्नर कोई औरत हैं, यह जान कर मुझे हैरानी सी हुई.

‘‘जी, मुझे शोभा देवी कहते हैं,’’ कहते हुए कमिश्नर साहिबा ने हाथ आगे बढ़ा दिया, तो पलभर के लिए मैं हैरान रह गया. आंखों पर सुनहरे फ्रेम का चश्मा, कटे बाल, सामने के बाल कुछ अधपके से, रेशमी साड़ी में वे इतनी प्यारी व रोबदार लग रही थीं कि नजरें हटाने को जी ही नहीं चाह रहा था.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन

(1 साल)
USD48USD10
 
सब्सक्राइब करें

सरस सलिल सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरस सलिल मैगजीन का सारा कंटेंट
  • 1000 से ज्यादा सेक्सुअल हेल्थ टिप्स
  • 5000 से ज्यादा अतरंगी कहानियां
  • चटपटी फिल्मी और भोजपुरी गॉसिप
  • 24 प्रिंट मैगजीन

डिजिटल

(1 महीना)
USD4USD2
 
सब्सक्राइब करें

सरस सलिल सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरस सलिल मैगजीन का सारा कंटेंट
  • 1000 से ज्यादा सेक्सुअल हेल्थ टिप्स
  • 5000 से ज्यादा अतरंगी कहानियां
  • चटपटी फिल्मी और भोजपुरी गॉसिप
 
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...