Sex News in Hindi: औरत और आदमी में सेक्स की जरूरत अलग-अलग होने के बावजूद स्वस्थ सेक्स संबंध तब बनता है, जब वे एक-दूसरे को वक्त देते हैं. आपसी भावनाओं को समझते हैं. दरअसल औरत सीधे सेक्स नहीं चाहती. वह चाहती है पहले इसके लिए माहौल बनाया जाए. वह सेक्सुअल बातें करना चाहती है. सेक्स टाॅक से महिलाएं दिमागी तौरपर रिलैक्स हो जाती हैं और सहज रूप से सेक्स के लिए तैयार हो जाती हैं. इससे विपरीत का व्यवहार होने पर उनके दिमाग पर ब्लाॅक लग जाता है. जिस कारण वे सेक्स न करने के बहाने ढूंढ़ने लगती हैं.

कई बार स्त्रियों में अपनी शारीरिक सुंदरता को लेकर हीनभावना होती है. मसलन, कई स्त्रियों में अपने छोटे या बहुत बड़े वक्षों को लेकर हीनग्रंथि बन जाती है. सुंदर फिगर न होने का फितूर उनमंे सेक्स के दौरान भी बना रहता है, जो कि उन्हें इसमेें डूबने नहीं देता. किसी औरत ने अगर अगर शादी से पहले किसी के साथ सेक्सुअल संबंध बनाये होते हैं तो वह सालों तक दिमागी तौरपर इसे लेकर डरी रहती है. कई बार वह सोचती है कि यह सब पति को बता दे, फिर सोचती है कहीं पति नाराज होकर उसे छोड़ न दे, इस कशमकश में सालों गुजार देती है. जबकि ऐसे मामलों में पहली घड़ी से यह स्पष्टता होनी चाहिए कि जो हो गया, उसे भूल जाओ.

कई औरतें बचपन में यौन उत्पीड़न का शिकार होने के कारण जीवन में सेक्स को सहज रूप में नहीं ले पाती हैं. उनके दिमाग में सेक्सुअल ब्लाॅक रहता है. कई बार पहली बार के संसर्ग पर दर्द होने से भी हमेशा हमेशा के लिए सेक्स का नाम लेते ही दर्द का फोबिया अपनी गिरफ्त में ले लेता है. सेक्सोलाॅजिस्टों के पास ऐसे तमाम मामले आते हैं, जब पति बताता है कि उसकी पत्नी उसे पास ही नहीं फटकने देती. वास्तव में यह शादी से पहले घटी किसी घटना की वजह से हुए सेक्सुअल ब्लाॅक का नतीजा होता है. ऐसे मामलों में सेक्सोलाॅजिस्ट काउंसलिंग, सेक्स थेरैपी के चलते इस ब्लाॅक को हटाता है. कई बार स्त्रीरोग विशेषज्ञ भी इसमें सहायक साबित होती है.

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