बचपन से मन में ख्वाहिश थी कि पढ़ाई पूरी कर के नौकरी या कोई व्यवसाय करूंगी पर कालेज से निकलते ही शादी हो गई और फिर 2 बच्चों की परवरिश और घर की देखरेख में ऐसी मसरूफ हुई कि दिल की ख्वाहिश दिल में ही रह गई.