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मेरे एक लड़के से शारीरिक संबंध रहे हैं, क्या सुहागरात पर पति जान जाएंगे कि मेरा कौमार्य भंग हो चुका है?

सवाल
मैं 21 साल की युवती हूं. घर में मेरी शादी की बात चल रही है. इस से मैं चिंतित हो गई हूं. 3-4 वर्षों तक मैं एक लड़के से प्यार करती थी. उस के साथ 3 वर्षों तक शारीरिक संबंध भी रहे थे.

शादी के नाम पर मुझे इसीलिए घबराहट हो रही है, क्योंकि सुहागरात को ही पति जान जाएंगे कि मेरा पहले ही कौमार्य भंग हो चुका है. यह सचाई जान कर हो सकता हो कि वे मुझे घर से निकाल दें. उस स्थिति में मैं क्या करूंगी? घर वालों को सचाई बता नहीं सकती. कृपया बताएं मैं क्या करूं.

जवाब
विवाहपूर्व के संबंध भविष्य के लिए चिंता का सबब बनते हैं इसीलिए इस से यथासंभव बचने की हिदायत दी जाती हैं. पर आप ऐसी भूल कर चुकी हैं जिसे सुधारा तो नहीं जा सकता. अलबत्ता उसे भुलाना कठिन नहीं है.

बेहतर होगा कि सब कुछ भुला कर विवाह की तैयारी में लग जाएं. पति से अपने किसी प्रेमसंबंध या अनैतिक संबंधों की बाबत कुछ न कहें. जब तक आप स्वयं अपने मुंह से नहीं स्वीकारेंगी, आप के पति कुछ नहीं जान पाएंगे.

मैं जिससे प्यार करती हूं, उसकी शादी हो चुकी है और एक बेटा भी है, मैं क्या करूं?

सवाल
मैं 20 साल की हूं और एक लड़के से प्यार करती हूं. लेकिन उस की शादी हो चुकी है और उस का एक बेटा भी है. मेरे घर वाले इस कारण मुझ से खुश नहीं हैं. मैं क्या करूं?

जवाब
सब से पहले तो आप ही सोचिए क्या आप एक बेटे के बाप के चक्कर में पड़ कर ठीक कर रही हैं? आप के घर वालों की नाराजगी जायज है. दरअसल, आप का प्यार एकतरफा है. वह आदमी, जो एक बच्चे का बाप है, आप को भी मूर्ख बना रहा है व अपने घर वालों को भी.

आप भावना में बह कर कोई ऐसा कदम न उठा बैठिएगा कि बाद में पछताना पड़े. अच्छा तो यही होगा कि आप अपने इस प्यार को यहीं समाप्त कर दें, क्योंकि यह सिर्फ आप की तरफ से एकतरफा है. वह आप का यौनशोषण करेगा और फिर छोड़ देगा. उस का तो परिवार है, आप अपना व अपने मातापिता का सम्मान भी खो बैठेंगी, साथ ही, अगर उस का आप के प्रति लगाव रहा तो उस का परिवार भी उजड़ेगा.

इधर, आप के मातापिता नाराज रहेंगे. सो, सब को बचाने की जिम्मेदारी आप की है. आंखों से एकतरफा प्यार की पट्टी उतार कर असलियत को देखिए.

शादी एक ऐसा समय है जब लड़का-लड़की एक साथ एक बंधन में बंधकर पूरा जीवन साथ में बिताने का वादा करते हैं. शादी को पुरूष आमतौर पर शारीरिक तौर पर अधिक देखते हैं. शादी का मतलब अधिकतर पुरूषों के लिए सेक्स संबध बनाना ही होता है लेकिन वे ये बात भूल जाते हैं कि शारीरिक संबंध से अधिक महत्वपूर्ण आत्मिक संबंध होता है.

यदि महिला और पुरूष आत्मिक रूप से एक-दूसरे से संतुष्ट‍ है तो फिर शारीरिक संबंधों में भी कोई दिक्कत नहीं होती. शादी से पहले यानी सगाई के बाद लड़के और लड़की को एकसाथ खूब समय बिताने को मिलता है लेकिन इसका ये अर्थ नहीं कि वे शादी से पहले फिजीकल रिलेशन बना ले या फिर प्री मैरिटल सेक्सू करें. शादी से पहले संयम बरतना जरूरी है. आइए जानें शादी और संयम के बारे में कुछ और दिलचस्प बातों को.

सगाई और शादी के बीच में संयम के बारे में कुछ और दिलचस्प बातें 

– सगाई के बाद लड़के और लड़की को आपस में एक-दूसरे से मिलना चाहिए और एक-दूसरे को जानना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही उन्हें संयम बरतना भी जरूरी है.

– यदि शादी से पहले फिजीकल रिलेशन बनाने के लिए लड़का-लड़की में से कोई भी पहल करता है तो दूसरे को मना करना चाहिए नहीं तो इससे इंप्रेशन अच्छा नहीं पड़ता.

– दोनों को समझना चाहिए कि प्री मैरिटल सेक्स से पहले उन्हें आपस में एक-दूसरे को जानने-सूझने का मौका मिला है जिससे वे पहले एक-दूसरे की पसंद-नापसंद इत्यादि के बारे में जान पाएं.

– ये जरूरी है कि मिलने वाले समय को लड़के व लड़की को समझदारी से बिताना चाहिए न कि फिजूल की चीजों में खर्च करना चाहिए.

– शादी से पहले संयम बरतने से न सिर्फ दोनों के रिश्तों में मजबूती आती है बल्कि दोनों का एक-दूसरे पर विश्वास भी बना रहता है. इसके साथ ही संबंधों में अंतरंगता का महत्व भी बरकरार रहता है.

– प्रीमैरिटल सेक्स में हालांकि कोई बुराई नहीं लेकिन दोनों के रिश्ते पर शादी के बाद मनमुटाव का ये कारण बन सकता है.

– रिश्तों में खुलापन जरूरी है. चाहे तो शादी से पहले आप चीजों को डिस्कस कर सकते हैं. एक-दूसरे के साथ समय व्यतीत कर सकते हैं. एक-दूसरे के साथ घूम-फिर सकते हैं लेकिन इसके लिए जरूरी नहीं कि फिजीकल रिलेशन ही बनाया जाए.

– शादी से पहले फिजीकल रिलेशन से रिश्तों में अवसाद पैदा होने की संभावना बनी रहती है क्योंकि इसके बाद हर समय मन में एक डर और बैचेनी रहने लगती है. इसीलिए इन सबसे बचना जरूरी है.

– सेक्ससुअल रिलेशंस आपके रिश्ते में करीबी ला भी सकते हैं और दूरी बढ़ा भी सकते हैं इसीलिए कोई भी कदम उठाने से पहले सोच-समझ कर विचार करना आवश्यक है.

शादी से पहले संयम बरतने में कोई नुकसान नहीं है बल्कि रिश्तों की मजबूती के लिए यह अच्छा है.

मेरा बौयफ्रैंड मेरे साथ फिजिकल होना चाहता था लेकिन मैंने उसे रोक दिया, उस दिन से वह बात नहीं कर रहा, मैं क्या करूं?

सवाल
मैं एक 2 कमरे का मकान किराए पर ले कर रहती हूं. मेरा बौयफ्रैंड कभीकभी मुझ से मिलने आता रहता था. एक दिन मैं किचन में खाना बना रही थी तभी वह आया तो मैं ने उसे बैठने को कहा और चाय बनाने लगी, लेकिन वह कब किचन में आ गया और मुझे पीछे से ही बांहों में जकड़ लिया पता ही न चला. वह मुझे बांहों में जकड़े रूम में ले आया और संबंध बनाने को आतुर हुआ. लेकिन मैं ने उसे रोक दिया, अपने मन पर काबू रखना मुश्किल था पर उसे रोकना जरूरी. उस दिन के बाद से वह मुझ से कट रहा है. क्या करूं?

जवाब
आप का बौयफ्रैंड सिर्फ फ्रैंडशिप तक आप के साथ इन्वौल्व था या आप दोनों में प्रेम भी दस्तक दे चुका था, यह तो आप ने नहीं लिखा लेकिन बौयफ्रैंड की तरफ से यह प्रेम ही था जो आप से शारीरिक जरूरत पूरी करना चाहता था और जाहिर है उस दिन प्रेम में बहने से बच कर आप ने उस का मौका गंवाया, शायद इसी कारण वह आप से कटता है.

शरीर की भूख ने उस की दोस्ती और प्यार दोनों को खत्म कर दिया है. आप कोशिश कीजिए खुद में मस्त रहने की. सोचिए, अगर उस दिन आप उसे मर्यादा लांघने देतीं तो क्या होता और उस के बाद वह कटता तो आप को ज्यादा दुख होता कि मैं ने सबकुछ लुटा दिया, फिर भी वह मेरा न हुआ. अगर उसे सच में प्यार होगा तो खुद आएगा वरना उसे भूलना ही बेहतर है.

रोशन अली जब 45 साल का था, तब उस की पहली बीवी की मौत हो गई थी. इस के बाद उस ने 23 साला फातिमा के साथ दूसरा निकाह कर लिया था.

फातिमा का रंग गोरा था. उस का कमसिन बदन हर किसी की निगाह में चढ़ गया था, पर वह किसी को भी घास नहीं डालती थी. रोशन अली की ढलती उम्र व कड़ी मेहनतमजदूरी करने के चलते उस का शरीर भी ठंडा पड़ गया था. वह फातिमा को खुश नहीं कर पा रहा था, जिस के चलते वह हमबिस्तर होने से कतराती थी. इसी तनाव के चलते वह टीबीके मरीज की तरह खांसती रहती थी.उस का मन घर के कामों में भी नहीं लगता था.

रोशन अली ने फातिमा का खूब इलाज कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, क्योंकि फातिमा की बीमारी तो जिस्मानी तौर पर असंतुष्टि थी.

एक दिन रोशन अली ने गांव के तालाब के पास एक हकीम साहब का कैंप लगा देखा. उन की उम्र तकरीबन 30 साल थी. उन का दावा था कि वे हर तरह की बीमारी का शर्तिया इलाज करते थे. हिमालय की जड़ीबूटियों से तैयार की गई दवाएं लेने से 7 दिन में बीमारी से छुटकारा मिल जाता था, ऐसा हकीम साहब का कहना था.

रोशन अली फातिमा को ले कर उन के कैंप में गया और बीमारी का हाल सुनाया. हकीम असलम एकबारगी फातिमा को देख कर दंग रह गए. उस की जवानी, गोरे बलखाते बदन को देख कर उन की लार टपक गई.फातिमा भी हकीम साहब की जवानी देख कर मुसकरा उठी और वह ललचाई नजरों के साथ जमीन कुरेदने लगी.

हकीम ने उस की नब्ज देखने के बहाने हाथ से हाथ मिला कर कहा, ‘‘रोशन साहब, आप रात को 8 बजे इन्हें दोबारा यहां लाएं, ताकि फुरसत में पूरी तसल्ली से इन के शरीर की जांच की जा सके.’’

रोशन अली फातिमा को रात 8 बजे हकीम के कैंप में दोबारा ले गया. उसे बाहर इंतजार करने को कहा गया.हकीम साहब ने रोशन अली से दवाओं और सलाह के 5 सौ रुपए एडवांस में ले लिए.

रोशन अली ने देखा कि फातिमा के इलाज में ज्यादा समय लगेगा, इसलिए वह खाना खाने घर चला गया. इधर हकीम साहब ने फातिमा का हाथ पकड़ कर एक टेबल पर लिटा दिया और उसे नशे की गोलियां दे दीं, जिस से वह नशे की हालत में अंगड़ाइयां लेने लगी.

हकीम साहब ने अपना स्टैस्थोस्कोप निकाल कर कान में लगाया और फातिमा के ब्लाउज के बटन खोल कर उस के उभारों को सहलाना शुरू कर दिया. फातिमा नशे में चूर मुसकरा रही थी और मजा ले रही थी. इस तरह कुछ देर में दोनों में जोश जाग गया और टेबल पर ही वे एक हो गए. जब वे दोनों संतुष्ट हो गए, तो अलग हो गए.

हकीम साहब ने कहा, ‘‘7 दिन तक आती रहना. तुझे पूरी तरह संतुष्ट कर दूंगा और औलाद भी दे दूंगा.’’ फातिमा तो यही चाहती थी.

थोड़ी देर में रोशन अली भी आ गया. हकीम साहब ने दवा की पुडि़या पकड़ाते हुए कहा, ‘‘इन्हें 7 दिनों तक मेरे कैंप में ले कर आते रहना, जिस से इन की बीमारी का पूरा इलाज हो जाए.’’ इस तरह हकीम साहब ने 7 दिनों तक फातिमा को भोगा.

इस बीच हकीम साहब की करतूतों की कहानी कई गांवों में भी फैल चुकी थी, इसलिए कुछ गांव वाले एक सिपाही को ले कर उन के कैंप पर आ धमके.

छानबीन में जाली दस्तावेज, लाइसैंस, फोटो, गर्भ निरोधक वगैरह मिले. पूछताछ में हकीम ने सब सच उगल दिया और उन्हें जेल भेज कर मुकदमा दायर कर दिया गया. उन की चुपड़ी और 2-2 की पोल खुल गई.

लेकिन रोशन अली अब खुश है, क्योंकि फातिमा उस का बिस्तर पर बढ़चढ़ कर साथ देती है. जब उस ने बताया कि वह पेट से है, तो रोशन अली ने पूरे महल्ले में मिठाई बांटी.

सब ने मिठाई तो खाई, पर ज्यादातर लोग जानते थे कि असलियत क्या है, क्योंकि गांवों के कई घरों में बुजुर्ग होते मर्दों की बीवियों को अचानक उलटियां होने लगी थीं.

मैं एक लड़के से 3 वर्षों से प्यार करती हूं, मैं उस पर भरोसा करूं या नहीं?

सवाल
मैं एक लड़के से 3 वर्षों से प्यार करती हूं. वह भी मुझ से प्यार करता है. बीच में हम दोनों में कुछ मनमुटाव हो गया था. अब वह कहता है कि वह मुझे नहीं किसी और को चाहता है. मैं उसे भुला नहीं सकती. दिनरात रोती हूं. कभी वह कहता है कि लौट आओ. मुझे उस के व्यवहार को ले कर बहुत गुस्सा आता है, यह सोच कर कि उस ने मेरा मजाक बना रखा है. क्या मैं उस पर भरोसा करूं या नहीं?

जवाब

एकदूसरे को समझने के लिए 3 साल का समय बहुत होता है. यदि आप का प्रेमी आप से साफसाफ कह चुका है कि वह आप को नहीं किसी और लड़की को चाहता है तो आप को किसी गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए और उस से किनारा कर लेना चाहिए. अपने पहले प्यार को भुलाना थोड़ा मुश्किल जरूर होता है पर नामुमकिन नहीं. समय बीतने के साथ आप के दिलोदिमाग से उस की यादें मिट जाएंगी.

कोर्ट मैरिज के लिए किन किन डौक्यूमैंट्स की आवश्यकता होती है?

सवाल
मैं एक लड़के से प्यार करती हूं. यह बात हम दोनों के घर वालों को मालूम है. हम शादी करना चाहते हैं. मेरे घर वालों की सहमति है, पर लड़के के माता पिता इस रिश्ते के लिए राजी नहीं हैं. इसीलिए हम दोनों ने कोर्ट मैरिज करने का फैसला किया है. जानना चाहती हूं कि इस के लिए किन किन डौक्यूमैंट्स की आवश्यकता होती है?

जवाब

आप ने स्पष्ट नहीं किया कि लड़के के माता पिता इस रिश्ते के खिलाफ क्यों हैं? यदि लड़के में कोई ऐब नहीं है, उस के माता पिता के एतराज के पीछे कोई ठोस वजह नहीं है और आप इस रिश्ते के प्रति पूरी तरह गंभीर हैं, खासकर लड़का, तभी विवाह का फैसला लें.

भरसक प्रयत्न करें कि घर वालों को राजी कर लिया जाए. परिवार के किसी सदस्य, रिश्तेदार या किसी पारिवारिक मित्र से उन पर दबाव बनवाया जा सकता है.

यदि वे किसी भी तरह विवाह के लिए तैयार नहीं होते तभी कोर्ट मैरिज के विषय में सोचें. इस के लिए आप दोनों को जन्म प्रमाण पत्र और आवासीय प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी. इन के अलावा दोनों की ओर से 2-2 गवाहों की दरकार होगी.

मैं एक अमीर लड़की से प्यार करता हूं, मैं क्या करुं?

सवाल
मैं एक युवती से प्यार करता हूं. वह भी मुझे दिल से चाहती है और हम शादी करना चाहते हैं, पर वह धनी है जबकि मैं उस के जितना पैसे वाला नहीं हूं. क्या उस के परिवार वाले हमारे रिश्ते के लिए हां कर देंगे और शादी करने के बाद क्या मैं उस का खर्च उठा पाऊंगा? कृपया सलाह दें.

जवाब

लवर्स के सामने पैसा मिट्टी है. प्रैक्टिकली सोचें कि बिन पैसे सब असंभव है. ऐसा नहीं है कि रिच लोग ही रिच लोगों से प्यार के हकदार हैं. दिल कमबख्त किसी के भी हाथों मजबूर हो सकता है. आप उस युवती को अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में बताते हुए अपने परिवार की वित्तीय स्थिति की भी जानकारी दे दें. यह सच बताने में न झिझकें कि आप उस की सारी जरूरतें संभवतया न पूरी कर पाएं.

वास्तविकता से परिचित होने पर यदि उसे वास्तव में लगाव होगा तो वह कम में भी गुजारा कर लेगी वरना एक बार कड़वा घूंट भर कर अलगाव में ही बेहतरी है. अगर वह हर हाल में ओके कर देती है तो उस के परिवार वालों से बातचीत करें लेकिन उन्हें भी सब सच बताएं.

मैं अपने दोस्त की बहन को पसंद करता हूं, मैं क्या करूं?

सवाल

मैं 22 साल का हूं. एक लड़की मुझे पसंद करती है. लेकिन उस के भाई से मेरी बहुत अच्छी दोस्ती है. अगर उसे पता चला तो हमारी दोस्ती में दरार भी आ सकती है. मुझे उचित राय दें?

जवाब

अगर आप दोनों एकदूसरे से?प्यार करते हैं तो कोई समस्या नहीं है. दोस्त की बहन से प्यार हो जाना कोई गुनाह नहीं?है. बेहतर होगा कि आप उस के घर के बड़ों को भरोसे में ले कर बात करें और दोस्त को भी सच बता दें. अगर वह समझदार होगा तो दोस्ती में दरार नहीं आएगी, बल्कि इस के रिश्तेदारी में तबदील होने की उम्मीद बढ़ जाएगी. और भी बेहतर होगा कि आप बात उजागर करने से पहले कुछ बन कर दिखाएं.

क्या आप भी अनचाहे सेक्स की शिकार हैं

दिन ब दिन बलात्कार की घटनाओं में बढ़ोतरी होती जा रही है. इस के कई कारण हैं, जिन में एक है मानसिक हिंसा की प्रवृत्ति का बढ़ना. बलात्कार शब्द से एक लड़की या युवती पर जबरदस्ती झपटने वाले लोगों के लिए हिंसात्मक छवि उभर कर सामने आती है. इस घृणित कार्य के लिए कड़े दंड का भी प्रावधान है. मगर बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि वैवाहिक जिंदगी में भी बलात्कार वर्जित है और इस के लिए भी दंड दिया जाता है. मगर इसे बलात्कार की जगह एक नए शब्द से संबोधित किया जाता है और वह शब्द है अनचाहा सेक्स संबंध.

आज अनचाहे सेक्स संबंधों की संख्या बढ़ गई है. समाज जाग्रत हो चुका है और अपने शरीर या आत्मसम्मान पर किसी भी तरह का दबाव कोई बरदाश्त नहीं करना चाहता है. इस विषय पर हम ने समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों से बातचीत भी की और जानने की कोशिश की कि आखिर क्या है यह अनचाहा सेक्स संबंध?

डा. अनुराधा परब, जो एक प्रसिद्ध समाजशास्त्री हैं, बताती हैं, ‘‘बलात्कार और अनचाहे सेक्स में बहुत महीन सा फर्क है. बलात्कार अनजाने लोगों के बीच हुआ करता है और एक पक्ष इस का सशरीर पूर्ण विरोध करता है. अनचाहा सेक्स परिचितों के बीच होता है और इस में एक पक्ष मानसिक रूप से न चाह कर भी शारीरिक रूप से पूर्णत: विरोध नहीं करता है. सामान्यत: यही फर्क होता है. मगर गहराई से जाना जाए तो बहुत ही सघन भेद होता है. ‘‘अनचाहा सेक्स ज्यादातर पतिपत्नी के बीच हुआ करता है और आजकल प्रेमीप्रेमिका भी इस संबंध की चपेट में आ गए हैं. आधुनिक युग में शारीरिक संबंध बनाना एक आम बात भले ही हो गई हो, फिर भी महिलाएं इस से अभी भी परहेज करती हैं. कारण चाहे गर्भवती हो जाने का डर हो या मानसिक रूप से समर्पण न कर पाने का स्वभाव, मगर अनचाहे सेक्स संबंध की प्रताड़नाएं सब से ज्यादा महिलाओं को ही झेलनी पड़ती हैं.’’

वजह वर्कलोड

एक एडवरटाइजिंग कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत पारुल श्रीनिवासन, जिन का विवाह 6 साल पहले हुआ था, एक चौंका देने वाला सत्य सामने लाती हैं. वह बताती हैं, ‘‘मैं अपने पति को बेहद प्यार करती हूं. उन के साथ आउटिंग पर भी अकसर जाती रहती हूं, मगर सेक्स संबंधों में बहुत रेगुलर नहीं हूं. इस का कारण जो भी हो, मगर मुझे ऐसा लगता है कि इस का मुख्य कारण है, हम दोनों का वर्किंग  होना. शुरूशुरू में 1 महीना हम दोनों छुट्टियां ले कर हनीमून के लिए हांगकांग और मलयेशिया गए थे. वहां से आने के बाद अपनेअपने कामों में व्यस्त हो गए. रात को बेड पर जाने के बाद सेक्स संबंध बनाने की इच्छा न तो मुझे रहती है, न मेरे पति को. पति कभी आगे बढ़ते भी हैं तो मैं टालने की पूरी कोशिश करती हूं.’’

कारण की तह तक पहुंचने पर पता चला कि शुरूशुरू के दिनों में पति सेक्स संबंध बनाना चाहता था. मगर पारुल को अपनी मार्केटिंग का वर्कलोड इतना रहता था कि वह उसी में खोई रहती थी. पति के समक्ष अपना शरीर तो समर्पित कर देती थी, मगर मन कहीं और भटकता रहता था. पति को यह प्रक्रिया बलात्कार सी लगती. कई बार समझाने, मनाने की कोशिश भी उस ने की. मगर पारुल हमेशा यही कहती कि आज मूड नहीं बन रहा है. और एक दिन पारुल ने खुल कर कह ही दिया कि वह यदि सेक्स संबंधों में रत होती भी है तो बिना मन और इच्छा के. वह अनचाहा सेक्स संबंध जी रही है. पति को यह बुरा लगा और धीरेधीरे सेक्स के प्रति उसे भी अरुचि होती चली गई.

भयमुक्त करना जरूरी

ऐसी कई पत्नियां हैं, जो अनचाहा सेक्स संबंध बनाने पर विवश हो जाती हैं. मगर तबस्सुम खानम की कहानी कुछ और ही है.  26 वर्षीय तबस्सुम एक टीचर हैं, उन के पति उन से 12 साल बड़े हैं. उन की एक दुकान है. वह बताती हैं, ‘‘जब मैं किशोरी थी, तभी से मुझे सेक्स संबंधों के प्रति भय बना हुआ था. सहेलियों से इस को ले कर सेक्स अनुभव की बातें करती थीं और मुझे सुन कर डर सा लगता था. मैं सहेलियों से कहती थी कि मैं तो अपने शौहर से कहूंगी कि बस मेरे गले लग कर मेरे पहलू में सोए रहें. इस से आगे मैं उन्हें बढ़ने ही नहीं दूंगी. सभी सहेलियां खूब हंसती थीं. जब मेरी शादी हुई तो शौहर हालांकि बड़े समझदार हैं, मगर शारीरिक उत्तेजना की बात करें तो खुद पर संयम नहीं रख पाते हैं.’’

थोड़ा झिझकती हुई, थोड़ा शरमाती हुई तबस्सुम बताती हैं, ‘‘मेरे पति ने मेरे लाख समझाने पर भी सुहागरात के दिन ही मुझे अपनी मीठीमीठी बातों में बहला लिया. उन का यह सिलसिला महीनों चलता रहा, मुझे आनंद का अनुभव तो होता, मगर भय ज्यादा लगता था. मेरा भय बढ़ता गया. जब भी रात होती, मेरे पति बेडरूम में प्रवेश करते, मैं डर से कांप उठती थी. हालांकि मेरे पति के द्वारा कोई भी अमानवीय हरकत कभी नहीं होती. काफी प्यार और भावुकता से वे फोरप्ले करते हुए, आगे बढ़ते थे. मगर मेरे मन में जो डर समाया था, वह निकलता ही न था. 3 महीनों के बाद जब मैं गर्भवती हो गई तो डाक्टर ने हम दोनों के अगले 2 महीनों तक शारीरिक संबंध बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया था. मुझे तो ऐसा लगाजैसे एक नया जीवन मिल गया. मेरा बेटा हुआ. इस बीच मैं ने धीरेधीरे पति को अपने डर की बात बता दी और वे भी समझ गए. मेरे पति ने भी परिपक्वता दिखाई और मुझ से दूर रह कर मुझे धीरेधीरे समझाने लगे. वे सेक्स संबंधों को स्वाभाविक और जीवन का एक अंश बताते. अंतत: उन्होंने मेरे मन से भय निकाल ही दिया.’’

इच्छा अनिच्छा का खयाल

विनोद कामलानी, जो एक प्रसिद्ध मनोचिकित्सक हैं, अपना क्लीनिक चलाते हैं, बताते हैं, ‘‘तबस्सुम के मन में बैठा हुआ सेक्स का डर था. बहुत सी लड़कियां इस भय से भयातुर हुआ करती हैं. मगर बहुत कम पति ऐसे होते हैं, जो धीरेधीरे इस भय को निकालते हैं. ऐसे कई केस मेरे पास आते हैं. पुरुषों के भी होते हैं, मगर अनचाहे सेक्स की शिकार ज्यादातर महिलाएं ही हुआ करती हैं.’’ डा. कामलानी के ही एक मरीज तरुण पटवर्धन ने बताया कि उन की शादी को 3 साल हो गए हैं, मगर आज तक उन्होंने अनचाहा सेक्स संबंध ही जीया है.

तरुण के अनुसार, विवाहपूर्व उन का प्रेम अपने पड़ोस की एक लड़की से था. किसी कारणवश शादी नहीं हो पाई, मगर प्रेम अभी भी बरकरार है. उस लड़की ने तरुण की याद में आजीवन कुंआरी रहने की शपथ भी ले रखी है. यही कारण है कि जब भी तरुण अपनी पत्नी से शारीरिक संबंध बनाने की पहल करते हैं, उन की प्रेमिका का चेहरा सामने आ जाता है. उन्हें एक ‘गिल्ट’ महसूस होता है और वे शांत हो कर लेट जाते हैं. वे अपनी पत्नी से यह सब कहना भी नहीं चाहते हैं वरना उस के आत्मसम्मान को चोट पहुंचेगी. चूंकि उन की पत्नी तरुण को सेक्स प्रक्रिया बनाने में अयोग्य न समझे, उन्हें अपनी पत्नी के साथ सेक्स संबंध बनाना पड़ता है. वे सेक्स संबंध बिना मन, बिना रुचि के बनाते हैं और इस तरह वे अनचाहा सेक्स संबंध ही जी रहे हैं.

एक सर्वे के अनुसार, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम की होड़ और आगे निकलने की चाह ने इनसान को मशीन बना दिया है. पैसा कमाना ही एक मात्र ध्येय बन चुका है. ऐसी भागदौड़ में इनसान सेक्स संबंधों के प्रति इंसाफ नहीं कर पाता है और बिना मन और बिना प्रोपर फोरप्ले के बने हुए सेक्स संबंध, मन में सेक्स के प्रति अरुचि पैदा कर देते हैं. यहीं से शुरुआत होती है अनचाहे सेक्स संबंधों की. अपने पार्टनर की खुशी के लिए संबंध बनाना कभीकभी विवशता भी होती है. अंतत: यही संबंध ऊब का रूप धारण कर लेते हैं या पार्टनर बदलने की चाह मन में उठती है. यद्यपि यह अनचाहा सेक्स पश्चिमी देशों में तेजी से बढ़ रहा है, भारत भी इस से अछूता नहीं है, परंतु यहां का अनुपात अन्य देशों के मुकाबले नगण्य है.

मेरा बॉयफ्रेंड मुझसे 5 साल बड़ा है, क्या इस वजह से सेक्स संबंध में कोई परेशानी आ सकती है?

सवाल
मैं 26 साल की हूं और मेरा बौयफ्रैंड मुझसे 5 साल बड़ा है. क्या इस वजह से सैक्स संबंध में कोई परेशानी आ सकती है? मैं उस से सैक्स करना चाहती हूं पर कभीकभी लगता है कि वह मेरा साथ नहीं दे पाता, क्योंकि एक बार जब देर तक फोरप्ले करने के बाद वह अपना पैनिस इंसर्ट करने की कोशिश कर रहा था तो बारबार की कोशिशों के बावजूद वह कामयाब नहीं हो पा रहा था. क्या उसे कोई परेशानी है? कृपया सलाह दें?

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जवाब
आप के पार्टनर की उम्र इतनी भी नहीं है कि वह सैक्स करने में सक्षम नहीं हो. सच तो यह है कि अगर उचित आहार संबंधी निर्देशों का पालन करें और नियमित व्यायाम की आदत डालें तो सैक्स का आनंद लंबी आयु तक किया जा सकता है.
ऐसा आमतौर पर सैक्सुअल इंटरकोर्स की जानकारी के अभाव में होता है. हो सकता है हड़बड़ी में अथवा किसी भय की वजह से वह सैक्स संबंध बनाने में नाकामयाब रहा हो. सैक्स आराम से निबटाने वाली प्रक्रिया है, जिस में दोनों का ही मन शांत हो और वातावरण भी शांत हो.
बेहतर होगा कि सैक्स से पहले आप दोनों फोरप्ले का आनंद लें. जब साथी पूरी तरह सैक्स के लिए तैयार हो जाए तभी पैनिस इंसर्ट करने को कहें. यकीनन, आप दोनों को ही इस में चरमसुख मिलेगा. पर ध्यान रहे, पुरुष साथी से इस दौरान कंडोम का इस्तेमाल करने को जरूर कहें.

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अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
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मेरे बौयफ्रैंड का भाई भी मुझसे प्यार करने लगा है, क्या करूं?

सवाल
मैं 18 वर्षीय युवती हूं और अपने बौयफ्रैंड से बहुत प्यार करती हूं. वह भी मुझे प्यार करता है. हम ने एक मुंहबोला भाई बना रखा है जिस से बौयफ्रैंड को लगा कि हम उसे धोखा दे रहे हैं और हमारा ब्रेकअप हो गया.

भाई मेरी हैल्प भी करता है, लेकिन अब यह बात हो रही है कि बौयफ्रैंड का भाई भी मुझ से प्यार करने लगा है. मैं क्या करूं?

जवाब
भई, आप अपने बौयफ्रैंड से ब्रेकअप के बाद उस के भाई के प्यार में पड़ी हैं या अपने खोए प्यार को वापस पाना चाहती हैं. खैर, अगर आप का बौयफ्रैंड से मुंहबोले भाई के कारण रिश्ता टूटा तो गलती आप की भी है. आप को अपने मुंहबोले भाई और बौयफ्रैंड को आपस में मिलाना चाहिए था ताकि ऐसी गलतफहमी पैदा ही न हो. उधर आप के बौयफ्रैंड को भी शक नहीं करना चाहिए. जब आप एकदूसरे से प्रेम करते हैं तो दुनिया थोड़ा छोड़ देते हैं, सब से मिलतेजुलते भी हैं.

खैर, अभी भी देर नहीं हुई. अपने बौयफ्रैंड से मिल कर सब सचसच बताइए और अपने मुंहबोले भाई से भी मिलवाइए. आप का भाई भी उसे बताए कि मैं भाई हूं इस का, गलत मतलब न समझें. इस से आप के बौयफ्रैंड का शक दूर हो जाएगा.

हां, इस के चलते कहीं बौयफ्रैंड के भाई से भी नयनमटक्का न शुरू कर दीजिएगा, कहीं प्रेम का एक नया त्रिकोण ही न खड़ा हो जाए.

मेरी पत्नी बड़ी झगड़ालू और जिद्दी है, रात को जब संबंध बनाने की कोशिश करता हूं तो झगड़ने लगती है, मैं क्या करूं?

सवाल-

मेरी उम्र 39 साल है, जबकि मेरी पत्नी 31 साल की है. हमारी शादी को 8 साल हो गए हैं. हमारे 2 बच्चे हैं. मैं कान से सुन नहीं सकता हूं, लेकिन एक अच्छे सरकारी पद पर हूं. मेरी समस्या यह है कि मेरी पत्नी बड़ी झगड़ालू और जिद्दी है. अब वह मेरे साथ संबंध भी नहीं बनाती है. रात को कोशिश करता हूं तो झगड़ने लगती है. कभीकभार मेरे पास आती भी है तो बेमन से. मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब-

शादी के 8 साल बाद भी आप अपनी पत्नी का स्वभाव समझ नहीं पाए हैं जो वह अब आप को जिद्दी और झगड़ालू नजर आने लगी है. इसे केवल सैक्स से जोड़ कर न देखें. इस उम्र और हालत में औरतें चिड़चिड़ी हो ही जाती हैं, इसलिए आप जिंदगी में नयापन लाएं, परिवार समेत कुछ दिनों के लिए बाहर घूमने जाएं.

सैक्स से औरतों का मन इसलिए भी उचटने लगता है क्योंकि उन्हें काम बहुत करना पड़ता है और बच्चों पर भी ध्यान देना पड़ता है.

कान की परेशानी कोई अहम नहीं है, इसे दरकिनार कर दें. आप की असल परेशानी पत्नी का पहले की तरह सैक्स में दिलचस्पी का न होना है. इसे आप ही अपनी समझदारी, सब्र और कोशिशों से दूर कर सकते?हैं. चिंता, तनाव और कलह से तो बात और बिगड़ती जाएगी.

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