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मैं यह जानना चाहती हूं कि क्या मासिकधर्म के दौरान संबंध बनाने से गर्भ ठहर सकता है?

सवाल
मैं 21 वर्षीय युवती हूं, मेरा एक बौयफ्रैंड है जिस के साथ मेरे शारीरिक संबंध भी हैं. हाल ही मासिकधर्म के दौरान मैं ने बौयफ्रैंड के साथ शारीरिक संबंध बनाए लेकिन हम ने कोई गर्भनिरोधक उपाय नहीं अपनाया. अब मैं इस बात को ले कर चिंतित हूं कि कहीं मैं गर्भवती न हो जाऊं. मैं यह जानना चाहती हूं कि क्या मासिकधर्म के दौरान संबंध बनाने से गर्भ ठहर सकता है. वैसे मेरा मासिकधर्म संबंध बनाने के बाद हो चुका है.

जवाब
सामान्य तौर पर मासिकधर्म के दौरान शारीरिक संबंध बनाने पर गर्भ ठहरने की संभावना नहीं होती है. लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप की माहवारी नियमित है या नहीं. अगर माहवारी नियमित हो तो गर्भ ठहरने की संभावना कम होती है. लेकिन गर्भ ठहरने की संभावना को पूरी तरह से नकारा भी नहीं जा सकता. क्योंकि अगर आप की माहवारी अनियमित हो और अंडाणु का विसर्जन अनियमित समय से हो जाए और उसी समय मासिकधर्म भी हो रहा है तो गर्भधारण की संभावना भी हो सकती है.

अगली बार ऐसा कुछ करने से पूर्व गर्भनिरोधक उपाय अवश्य अपना लें ताकि प्रैगनैंसी, एसटीडी और एड्स जैसी बीमारियों से बचाव हो सके. वैसे, वर्तमान स्थिति में आप का मासिकधर्म संबंध बनाने के बाद सामान्य हो चुका है तो घबराने की कोई बात नहीं है.

मासिक धर्म या माहवारी कुदरत का दिया हुआ एक ऐसा तोहफा है, जो किसी लड़की या औरत के मां बनने का रास्ता पक्का करता है. इस की शुरुआत 10 साल से 12 साल की उम्र में हो जाती है, जो  45 साल से 50 साल तक बनी रहती है. इस के बाद औरतों में रजोनिवृत्ति हो जाती है. इस दौरान उन्हें हर महीने माहवारी के दौर से गुजरना होता है. अगर वे अपने नाजुक अंग की समुचित साफसफाई न करें, तो तमाम तरह की बीमारियों की चपेट में आ सकती हैं.

हमारे समाज में आज भी माहवारी के 4-5 दिनों तक लड़कियों व औरतों के साथ अछूत जैसा बरताव किया जाता है. यही नहीं, ज्यादातर लड़कियां और औरतें इस दौरान परंपरागत रूप से कपड़े का इस्तेमाल करती हैं और उसे धो कर ऐसी जगह सुखाती हैं, जहां किसी की नजर न पड़े.

सेहत के नजरिए से ये कपड़े दोबारा इस्तेमाल करने के लिए ठीक नहीं हैं. इस का विकल्प सैनिटरी नैपकिन हैं, लेकिन  महंगे होने की वजह से इन का इस्तेमाल केवल अमीर या पढ़ीलिखी औरतों तक ही सिमटा है.

आज भी देश के छोटेछोटे गांवों और कसबों की लड़कियां और औरतें सैनिटरी नैपकिन के बजाय घासफूस, रेत, राख, कागज या कपड़ों का इस्तेमाल करती हैं.

एक सर्वे के मुताबिक, 80 फीसदी औरतें और स्कूली छात्राएं ऐसा ही करती हैं. इन में न सिर्फ अनपढ़, बल्कि कुछ कामकाजी पढ़ीलिखी औरतें भी शामिल हैं.

फिक्की लेडीज आर्गनाइजेशन की सदस्यों द्वारा किए गए सर्वे में ऐसी बातें सामने आई हैं. संस्था की महिला उद्यमियों ने गांवों और छोटे शहरों में स्कूली छात्राओं और महिला मजदूरों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सब्जी बेचने वाली औरतों से बात की. उन से पूछा गया कि वे सैनिटरी हाईजीन के बारे में क्या जानती हैं?

कसबों में स्कूली बच्चियों से पूछने पर यह बात सामने आई कि कई लड़कियां हर महीने इन खास दिनों में स्कूल ही नहीं जातीं. कई मामलों में तो लड़कियों ने 5वीं जमात के बाद इस वजह से पढ़ाई ही छोड़ दी.

गांवदेहात की 38 फीसदी लड़कियां माहवारी होने की वजह से 5वीं जमात के बाद स्कूल छोड़ देती हैं. 63 फीसदी लड़कियां इस दौरान स्कूल ही नहीं जातीं. 16 फीसदी स्कूली बच्चियों को सैनिटरी नैपकिन की जानकारी नहीं है. 93 फीसदी पढ़ीलिखी व कामकाजी औरतें भी नैपकिन का इस्तेमाल नहीं करतीं.

चूंकि यह निहायत निजी मामला है और स्कूली छात्राओं में झिझक ज्यादा होती है, इसलिए महिला और बाल विकास के कार्यकर्ताओं द्वारा इस संबंध में स्कूलों में जा कर इन खास दिनों में बरती जाने वाली साफसफाई के बारे में समझाना चाहिए.

फिक्की लेडीज आर्गनाइजेशन द्वारा अनेक स्कूलों में नैपकिन डिस्पैंसर मशीनें लगाई गई हैं. इन मशीनों से महज 2 रुपए में नैपकिन लिया जा सकता है.

मध्य प्रदेश के कई स्कूलों में भी एटीएम की तरह सैनिटरी नैपकिन की मशीनें लगाई गई हैं, जहां 5 रुपए का सिक्का डालने पर एक नैपकिन निकलता है. ये सभी वे स्कूल हैं, जहां केवल लड़कियां ही पढ़ती हैं.

अगर माहवारी के दिनों में पूरी साफसफाई पर ध्यान न दिया जाए, तो पेशाब संबंधी बीमारियां हो सकती हैं. राख, भूसे जैसी चीजें इस्तेमाल करने के चलते औरतों को कटाव व घाव हो सकते हैं. लंबे समय तक ऐसा करने से बांझपन की समस्या भी हो सकती है.

सर्वे के दौरान कुछ ऐसे परिवार भी मिले, जहां एक से ज्यादा औरतें माहवारी से होती दिखाई दीं. सासबहू, मांबेटी, बहनबहन, ननदभाभी जब एकसाथ माहवारी से होती हैं और अपने अंगों पर लगाए गए कपड़ों को धो कर सुखाती हैं, तो बाद में यह पता लगाना बड़ा मुश्किल हो जाता है कि कौन सा कपड़ा किस का इस्तेमाल किया हुआ था? ऐसे में अगर ठीक से कपड़ा नहीं धुला, तो दूसरी को इंफैक्शन हो सकता है.

माहवारी के दौरान गर्भाशय का मुंह खुला होता है. इन दिनों अगर साफसफाई का ध्यान नहीं रखा जाए, तो इंफैक्शन होने का खतरा रहता है.

माहवारी के दिनों में घरेलू कपड़े के पैड के बजाय बाजारी पैड का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि कपड़े के पैड की तुलना में बाजारी पैड नमी को ज्यादा देर तक सोखता है, घाव नहीं करता व दाग लगने के डर से बचाता है.

माहवारी के दिनों में नहाना बहुत जरूरी है, खासकर प्रजनन अंगों की साफसफाई का ध्यान रखना चाहिए. पैंटी को भी रोजाना बदलना चाहिए.

माहवारी के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले बाजारी पैड को कागज में लपेट कर कूड़ेदान में डालें. इन्हें पानी के साथ न बहाएं और न ही खुले में डालें.

इस में कोई शक नहीं है कि अच्छी या नामीगिरामी कंपनियों के सैनिटरी नैपकिन काफी महंगे आते हैं. एक दिन में 4-5 पैड लग जाते हैं. यह खर्च उन के बजट से बाहर है. इस के अलावा उन्हें दुकान पर जा कर इसे खरीदने में भी शर्म आती है.

लड़कियों और औरतों की सेहत की खातिर केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को चाहिए कि वे सैनिटरी नैपकिन बनाने वाली कंपनियों को अनुदान दे कर इस की लागत इतनी कम कर दें कि एक या 2 रुपए में वह मिलने लगे. यह औरतों और लड़कियों की भलाई की दिशा में एक अच्छा कदम होगा.

मुझे अपना जीवन निरर्थक लगने लगा है मेरी बातें सुनने वाला कोई नहीं है, मै क्या करूं?

सवाल-

मैं कालेज में पढ़ने वाला युवा हूं. लगता है कि घर से कालेज जाना ही मेरे जीवन में रह गया है. वैसे घर में कोई परेशानी नहीं है. लेकिन कुछ है जो मुझे अंदर ही अंदर कचोट रहा है और जीवन उदासीनता की तरफ बढ़ रहा है.

मातापिता को जैसे मेरे जीवन में कोई रुचि नहीं है. भाईबहन अपने दोस्तों में व्यस्त रहते हैं. दोस्तों को ट्रैंड फौलो करने से फुरसत नहीं, जो मेरा हाल पूछें. अकेलापन मुझे अवसादग्रस्त कर रहा है. मुझे अपना जीवन निरर्थक लगने लगा है. मेरी बातें सुनने वाला कोई है ही नहीं. क्या मुझे सभी से बात करनी चाहिए, क्या कोई मेरी बात समझेगा?

जवाब-

बदलते समय के साथ रिश्ते बदल चुके हैं, इस में दोराय नहीं है. मातापिता हों या भाईबहन, वे आप को निजी कारणों से समय नहीं देते, जो कि गलत भी है. आप को अपने मातापिता से बात करनी ही चाहिए. हो सकता है कि उन्हें लग रहा हो कि वे आप को स्पेस दे रहे हैं और इसीलिए आप के अकेलेपन को समझ न पा रहे हों. वे बातें कर रहे हों तो आप भी उन के साथ बैठ कर बातें कीजिए, अपना समय भी उन्हें दीजिए.

अकसर भाईबहन एकदूसरे से लड़तेझगड़ते रहते हैं, आप उन की मनपसंद चीजों में रुचि लें तो आप के बीच सौहार्द की और दोस्ती की नई शुरुआत हो सकती है. और रही बात दोस्तों की, तो आप उन्हें अपने डिप्रैशन के विषय में बताइए, वे अवश्य ही आप को समय देना, ट्रेंड फौलो करने से ज्यादा जरूरी समझेंगे. यदि वे ऐसा नहीं करते तो आप खुद ही समझदार हैं कि आप को किन दोस्तों की जरूरत है और किन की नहीं.

मैं एक लड़की से प्यार करता हूं और मुझे इस बात का एहसास तब नहीं हुआ जब वह मेरी दोस्त थी, मैं क्या करूं?

सवाल-

मैं एक लड़की से प्यार करता हूं. मुझे इस बात का एहसास तब नहीं हुआ जब वह मेरी दोस्त थी. अब वह और मैं दोस्त नहीं हैं. अब हम एकदूसरे से बात भी नहीं करते. हम कुछ समय पहले अच्छे दोस्त थे. कोचिंग में साथ बैठते और साथ घूमतेफिरते थे. एक दिन बातोंबातों में उस ने बताया कि वह मुझ से प्यार करने लगी है. मैं रैडी नहीं था.

मैं समझ नहीं पाया था कुछ. जब मैंने उसे बताया कि मैं ऐसा कुछ फील नहीं करता तो उस ने कहा था कि उसे यह सब जान कर तकलीफ हुई है. मैं तब भी कुछ सम झ नहीं पाया. वह मुझ से नजरें चुराने लगी और हमारा बात करना भी कम होता गया. वह अब मेरे साथ नहीं बैठती, न ही बात करती है. मैं उसे वापस कैसे पाऊं?

जवाब-

अगर आप को लगता है कि अब भी उस के मन में आप के लिए फीलिंग्स हैं तो देर मत कीजिए. उस के पास जाइए और अपने मन की बात कह दीजिए. वह आप से अब भी प्यार करती होगी तो आप की फीलिंग्स जान कर खुशी से भर जाएगी. आप दोनों के बीच की यह दूरी  झट खत्म हो जाएगी. बस, अपने मन की बात कहने में  झिझकिए मत.

प्यार जब एकतरफा हो तो तकलीफ देता है लेकिन अगर दोतरफा हो और तब भी आप एकसाथ न हों तो इस से बुरा भला क्या होगा. आप एक बार उसे तकलीफ दे चुके हैं जिस से हो सकता है वह अब तक न उबरी हो. अब आप के पास सबकुछ ठीक करने का मौका है तो उसे यों सोचते रहने में जाया मत कीजिए.

पसीने की बदबू से मैं बहुत परेशान हूं, क्या करूं?

सवाल-

पसीने की बदबू से मैं बहुत परेशान हूं. सुझाव दीजिए?

जवाब-

पसीना आने की कई वजह हो सकती हैं, जैसे रोजाना न नहाना, अंदरूनी कपड़े न बदलना, फंगस द्वारा चमड़ी का संक्रमण, डाइबिटीज की कुछ दवाओं का सेवन वगैरह.

रोजाना ताजा पानी से नहाएं, साफसुथरे कपड़े पहनें, पसीने को बदन पर ज्यादा देर तक रिसने न दें और खाली पेट व खाने के 2 घंटे बाद शुगर की जांच कराएं

पसीने की बदबू को कहें बाय-बाय

गरमी के मौसम में त्वचा से जुड़ी परेशानियां खूब होती है. गर्मी की वजह से बहने वाला पसीने की भी बदबू से आप परेशान रहती हैं. कई बार अंडरआर्म, पांवों, हथेली में पसीने की बदबू से आपको शर्मिदगी भी महसूस होती है. यह पसीना आपके शरीर में फंगल इन्फेक्शन भी पैदा करता है.

ऐसे में आपको कुछ उपाय बताने जा रहे हैं जिससे आप अपनाकर पसीने की बदबू को बाय-बाय कर सकती हैं.

आलू

पसीने की बदबू वाले शरीर के हिस्सों पर कच्चे आलू के स्लाइस रगड़ने से भी पसीने की बदबू से छुटकारा मिलता है. नहाने के टब के पानी में फिटकरी और पुदीने की पत्तियों को डालकर नहाने से भी शरीर में ठंडक और ताजगी का अहसास होता है और पसीने समस्या से छुटकारा मिलता है.

बेकिंग सोडा

बेंकिंग सोडा पसीने की बदबू को रोकने में अहम भूमिका अदा करता है. बेंकिग सोडा, पानी और नींबू रस को मिलाकर पेस्ट बना लें और इस पेस्ट को अंडर आर्म्स में 10 मिनट तक लगाकर ताजे पानी से धो डालें. इससे पसीने की बदबू को रोकने में मदद मिलेगी. बेंकिग सोडा और टैलकम पाउडर का मिश्रण बना कर इसे अंडर आर्म्स और पांवों पर 10 मिनट तक लगाने के बाद ताजे पानी से धो डालिए. इससे पसीने की समस्या से निजात मिलेगी.

गुलाब जल

नहाने के पानी के टब में गुलाब जल मिलाने से कोमलता मिलती है. दो बूंद ट्री आयल और दो चम्मच गुलाबजल मिलाकर इस मिश्रण को काटनवूल की मदद से अंडरआर्म्स में लगाने से पसीने की समस्या से निजात मिलती है. बालों से पसीने की बदबू को रोकने के लिए एक कप पानी में गुलाब जल और नींबू रस को मिलाकर बालों को धोने से पसीने की बदबू खत्म हो जाएगी.

पति की गर्लफ्रेंड से पीछा छुड़ाने के लिए आजमाएं ये 13 टिप्स

रायपुर में एक महिला ने अपने एएसआई पति पर अपनी बहन के साथ दुष्कर्म का आरोप  लगाया . पत्नी ने इस की शिकायत डीडी नगर थाने में दर्ज कराई. पत्नी की शिकायत पर पुलिस द्वारा पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई.

महिला ने पुलिस को बताया कि उस का पति राजेंद्र बर्मन यातायात विभाग में एएसआई के पद पर कार्यरत है और उसवह खुद भी दूसरे शहर में जॉब करती है. इस वजह से उस ने अपनी ममेरी बहन को बच्चों की देखभाल के लिए बुला रखा था. कुछ दिन पहले उस ने अपने पति और बहन को आपत्तिजनक हालत में देखा तो अपनी बहन से पूछताछ की. तब बहन ने बताया कि राजेंद्र बर्मन कई साल से उस के साथ गलत काम करता रहा है और विरोध करने पर बदनाम करने की धमकी देता है.

किसी भी शादी में तरहतरह की समस्याएं आती हैं. कई दफा पतिपत्नी वैवाहिक रिश्ते से बाहर संबंध तलाश करते हैं या फिर पति बद्तमीज और गलत आदतों का शिकार हो सकता है. वह दुष्कर्मी और शराबी भी हो सकता है. ऐसे में स्त्री का जीवन जीना मुहाल होने लगता है.ये गंभीर मसले है और परिवार के साथसाथ समाज के लिए भी ठीक नहीं है.

चीन में लवर फेडिंग का ट्रेंड

चीन में एक नया व्यवसाय तेजी से बढ़ रहा है जो पतिपत्नियों को उन के लवर यानी प्रेमी या प्रेमिका से अलग करने के लिए काम करता है. इसे ‘लवर फेडिंग’ यानी लवर को दूर भगाना कहा जाता है. यहां कई लोग अपनी ज़िंदगी से अपने कथित दुश्मन को निकाल फेंकने के लिए हज़ारों डॉलर खर्च करने को तैयार हैं.

मिंग ली, शू ज़िन के साथ मिल कर बीते 18 सालों से लव अस्पताल नाम से यह ख़ास अस्पताल चला रहे हैं. अब तक उन के पास लाखों लोग मदद के लिए आ चुके हैं. मदद मांगने वालों में महिलाएं अधिक होती हैं.

अस्पताल की सहसंस्थापक मिंग ली मदद मांगने वाली महिलाओं को सफल शादी के राज़ और अपने पति का ध्यान नहीं भटकने देने के लिए क्या करना चाहिए इस बारे में सलाह देती हैं.

पति को तलाक नहीं देना चाहती

45 साल की रूपा देवी अपनी धीमी और थोड़ी कांपती सी आवाज़ में बताती हैं कि वे पति से अलग होना नहीं चाहती थी मगर पति के जीवन में आई कम उम्र की प्रेमिका ने सब खराब कर दिया . उन के और उन के पति के बीच खराब हो चुके संबंध अब बेहतर हैं और पहले के मुक़ाबले काफ़ी मज़बूत भी हो गये हैं. यह संभव हुआ रिलेशनशिप एक्सपर्ट की मदद से.

वह बताती हैं कि उन्होंने कई सप्ताह तक मैराइटल थेरपी ली और इस दौरान सकारात्मक सोच बनाने के बारे में सीखा. उन्होंने जाना की कैसे एक बेहतर और आकर्षक पत्नी बना जा सकता है.

उन्होंने पहले फैसला लिया था कि वह अपने पति की प्रेमिका को उन से दूर करने के लिए कितने भी पैसे खर्च कर देंगी.  इस के लिए किसी एजेंट को हायर कर उसे अपने पति की 25 साल की खूबसूरत और स्टाइलिश सेक्रेटरी के पास भेजने की योजना थी ताकि वह पति की प्रेमिका के पास जा कर यह बताये कि अपने से दोगुने उम्र के किसी  पुरुष की बजाय जीवन में बेहतरी की उम्मीद करनी चाहिए और किसी अच्छे हमउम्र जीवनसाथी की तलाश करनी चाहिए .

जल्द ही उन्हें अहसास हो गया कि इस चक्कर में हजारों खर्च कर भी उन्हें सुकून हासिल नहीं हो रहा है. वह पति को तलाक़ देने के लिए भी अपने मन को तैयार नहीं कर पा रही थीं.

वह कहती हैं, “हम लोगों ने साथ में मुश्किल वक़्त का सामना किया है. मैं इतनी जल्दी हार नहीं मान सकती. मैं दूर होने को वैसे भी कभी सही नहीं मानती और फिर मैं जल्द 50 साल की हो जाऊंगी. मेरे जैसी महिलाओं के लिए घर से निकल कर बाहर काम करना आसान नहीं.”

यदि आप भी इस तरह की किसी समस्या से ग्रस्त हैं तो आइये जानते हैं कुछ संभावित उपायों के बारे में.

  1. यदि आप का जीवनसाथी किसी और के साथ इन्वौल्व होने लगा है तो आप पति की उस प्रेमिका से बात कर और अपने वैवाहिक रिश्ते की दुहाई दे कर इस बात के लिए राज़ी कर सकती हैं कि वह उस के पति से दूर चली जाए और आप के वैवाहिक जीवन में आग न लगाए. किसी और की तलाश कर ले. इस के लिए बातचीत बहुत कायदे से और मनोवैज्ञानिक ढंग से करनी होगी.

2. पति के बौस को राजी करना होगा कि वह किसी अन्य शहर में उन का ट्रांसफर कर दें,

3. अपने मातापिता या दोस्तों से डिस्कस कर कोई रास्ता निकालें. कोई योजना बनाएं

4. पति के चरित्र के बारे में गंदी बातें कर के यानी उन्हें बदनाम कर के भी आप पति की प्रेमिका से पीछा छुड़ाने की बात पर विचार कर सकती हैं.

5. वंशानुगत बीमारी बता कर उन की प्रेमिका को उन से नफ़रत करने के लिए बाध्य कर सकती हैं.

6. आप बिना लड़ेझगड़े चुपचाप कुछ समय के लिए उन की जिंदगी से जा कर देख सकती हैं. संभव है उन्हें आप की अहमियत का अहसास हो जाए.

7. आप खुद को सुधारने और संवारने का रास्ता भी चुन सकती हैं. इस से जहाँ आप का आत्मविश्वास बढ़ेगा वहीँ पति के भी वापस आप के पास लौटने की सम्भावना बढ़ जायेगी.

8. कभीकभी जो काम लड़ाईझगड़े नहीं कर पाते वह प्यार कर जाता है. सो एक बार प्यार के सहारे उन्हें अपनी ओर खींचने की भरपूर कोशिश करें.

9. आप प्रेमिका को दूर भगाने से संबंधित सेवाएं मुहैया करने वाली कंपनी या प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी से एजेंट्स भी हायर कर सकती हैं. ये एजेंट्स प्रेमिका से दोस्ती करते हैं और उन की आपत्तिजनक तस्वीरें लेते हैं. फिर उसे मदद मांगने आई महिला को देते हैं. जब पति को पता चलता है कि उस की प्रेमिका उस के प्रति वफादार नहीं है तो अधिकतर मामलों में पति अपनी पत्नी और परिवार के पास लौट आते हैं

10. यदि पति आप की सहेली या बहन के साथ आप के आगे ही गलत हरकतें कर रहा है तो तुरंत उसे टोकिये और सावधान कीजिये की वह आइंदा ऐसा करने की सोचे भी नहीं. आप कानून का सहारा भी ले सकती हैं. पति जिस के साथ गलत करने का प्रयास कर रहा है उसे पति की नजरों से हमेशा के लिए दूर करने का प्रयास करें.

11. यदि पति के जीवन में एक प्रेमिका के जाते ही दूसरी आ जाती है और यह सिलसिला समाप्त नहीं होता तो समझ जाइये कि ऐसे लोग कभी संभल नहीं सकते. वे अपनी आदत से कभी बाज नहीं आएंगे और आप कभी खुश नहीं रह पाएंगी. ऐसे में पति को तलाक देना ही एक बेहतर ऑप्शन होगा.

12. इसी तरह पति एक गलत काम के बाद बिना किसी शर्मिंदगी के वैसे काम ही दोहराते रहते हैं तो आप को बिना किसी पश्चाताप या अफ़सोस के तुरंत उन्हें छोड़ने का फैसला ले लेना चाहिए. क्यों कि ऐसे शख्स कभी नहीं बदलते और आप नाहक ही उन के बदलने का इन्तजार करतेकरते आप अपनी जिंदगी तबाह कर डालेंगी.

13. पति की प्रेमिका किसी ट्यूमर की तरह होती है  और पहली चीज़ जो करनी चाहिए वह है उस से छुटकारा पाना. इस के बाद वैवाहिक रिश्ता खुद ही धीरेधीरे स्वस्थ और मज़बूत हो जाता है.

हमारे बीच पति-पत्नी का जो रिश्ता होना चाहिए वो नहीं है, मैं क्या करूं?

सवाल-

मैं 35 वर्षीया विवाहित महिला हूं. मेरे 2 बच्चे हैं, बेटी 14 वर्ष की और बेटा 7 वर्ष का है. पति की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी है. वे अच्छा कमाते हैं परंतु कंजूस हैं. बच्चों को कहीं खाना खिलाने या घुमाने नहीं ले जाते, कहीं खिलाने का प्लान बने भी तो घर पर ही उन्हें सब खिला कर ले कर जाते हैं ताकि बाहर जाएं तो पेट भरा होने पर कुछ खाएं नहीं.

दिक्कत यह है कि मेरे साथ उन का बरताव ऐसा है कि वे मेरी और बच्चों की जरूरतें पूरी कर रहे हैं. लेकिन पतिपत्नी का जो रिश्ता होना चाहिए, इमोशनल और समझदारी का, वह हमारा नहीं है. मैं इस रिश्ते से खुश नहीं हूं. क्या मेरी जिंदगी ऐसी ही चलेगी. कुछ समझ नहीं आ रहा है कि क्या करूं?

जवाब-

35 वर्ष की उम्र समझौता कर जीने के लिए बहुत छोटी है. आप के सामने आप के बच्चे हैं जिन के प्रति आप की कुछ जिम्मेदारियां हैं. आप पहले पूरी ईमानदारी से इन जिम्मेदारियों को निभाएं. आप का कहना है कि बच्चों की जरूरतें और आप की जरूरतें वे पूरी कर रहे हैं. यह अच्छी बात है.

पर आप दोनों के बीच दूरियां बढ़ रही हैं, इस का कारण जानने की कोशिश करें. हमेशा पत्नी ही सही हो, जरूरी नहीं. आप पहले अपनी कमियों को ढूंढ़ने का प्रयास करें कि आखिर क्यों वे आप से कटेकटे रहते हैं. खुशनुमा माहौल रखने के लिए आप को उन्हें खुश रखना पड़ेगा. घर में भी आप बनठन कर रहें. कभीकभी पति को छेड़ें और सैक्स में अरुचि न दिखाएं.

उन के मतलब की बातचीत करतेकरते आप अपनी समस्या को उन के सामने रखें और बातों को सीरियस न बनाएं. उन्हें प्यार से समझाने का प्रयास करें. उन्हें बताएं कि इस का असर बच्चों पर पड़ सकता है. आप की समस्या का समाधान आपसी बातचीत से ही हो सकता है. वैसे कंजूसी बुरी आदत नहीं, फुजूलखर्ची है. कंजूस तो पैसा अपने बच्चों के लिए जोड़ कर जाता है जिस पर बाद में बच्चे गर्व करते हैं.

मुझे अपनी पत्नी से बातें करने या उस की बातें सुनने में दिलचस्पी नहीं रही, मैं क्या करूं?

सवाल-

मैं 30 वर्षीय पुरुष हूं. मेरी शादी 22 वर्ष में ही हो गई थी. मेरे 2 बच्चे हैं जो अभी छोटे हैं. मेरी पत्नी गृहिणी है और घर में ही उस की जिंदगी बंधी हुई है. मैं एक मल्टीनैशनल कंपनी में नौकरी करता हूं. अपनी सोच और समझ से मेल खाती लड़कियों के बीच रहता हूं. ऐसा नहीं है कि मेरी पत्नी अच्छी नहीं है या मैं उस से प्यार नहीं करता, लेकिन मैं उस से ऊबने लगा हूं. मुझे उस का आलिंगन पसंद है, परंतु मुझे उस से बातें करने या उस की बातें सुनने में दिलचस्पी नहीं रही.

मैं ने उसे प्रत्यक्ष रूप से कह दिया है कि वह गंवार है, पर मुझे यह कहना अच्छा नहीं लगा. अब वह दुखी रहने लगी है. मैं समझ नहीं पा रहा कि उस की खुशी उसे कैसे वापस दूं?

जवाब-

आप की बातें सुन कर यह तो स्पष्ट है कि आप अपनी पत्नी की, अपनी सहकर्मियों से तुलना कर रहे हैं, जो सही नहीं है. आप की पत्नी का अपना एक अस्तित्व है जो अपनेआप में विशेष है. आप का उन्हें गंवार कहना किसी भी पृष्ठभूमि पर सही नहीं बैठता. वे आप से यदि आप की सहकर्मियों की तरह या आप की नजर में जो समझदारी की बातें हैं, नहीं करतीं तो इस का स्पष्ट कारण है कि वे उस माहौल में नहीं रहतीं जिन में आप या आप की सहकर्मी रहती हैं.

वे आप के 2 बच्चों को संभालती हैं, पूरे घर की देखरेख करती हैं और यहां तक कि आप का खयाल भी रखती हैं जबकि बदले में आप उन्हें गंवार की संज्ञा दे रहे हैं. आप उन्हें प्यार से यदि यह कहते कि वे भी सुबह अखबार पढ़ें, बाहर घूमेंफिरें, नए लोगों से मिलें और मौडर्न रहें तो शायद वे आप की अपेक्षाओं पर खरी उतरतीं.

अब आप के पास माफी मांगने के अलावा कोई रास्ता नहीं है. आप उन्हें यकीन दिलाएं कि आप अपने किए पर शर्मिंदा हैं और एक नई शुरुआत करना चाहते हैं. अपनी पत्नी के साथ घूमेंफिरें, उन्हें समय दें. उन्हें नईनई पत्रिकाएं और किताबें ला कर दें और साथ बैठ कर अच्छी फिल्में देखें. इस सब के बाद वे आप की मौडर्न सोच वाली सहेलियों से आप को बेहतर लगेंगी. फिर धीरेधीरे सबकुछ सामान्य होने लगेगा.

मैंने अपने ही कालेज के एक छात्र के साथ संबंध बनाए हैं, पर फिर भी मैं उसे नहीं पा सकी, क्या करूं?

सवाल
मैं ने फेसबुक के जरिए अपने ही कालेज के तृतीय वर्ष के एक छात्र से दोस्ती की. फिर वह मुझे रोज विश करने लगा. कुछ समय बाद हम कालेज में भी मिलने लगे और हमारे बीच रिलेशन बन गया, लेकिन उस के बाद उस की दिलचस्पी मुझ में कम दिखती है.

मैं उसे मिलने को कहूं तो पढ़ाई में हर्ज का बहाना बनाता है. फोन करूं तो उठाता नहीं. खुद मिलने जाऊं तो भी ज्यादा देर बात नहीं करता, जबकि मैं सब लुटा कर भी उसे नहीं पा सकी, क्या करूं समझ नहीं आता?

जवाब
आप का प्यार शुरू से ही एकतरफा रहा है, जिसे आप प्यार समझ रही हैं वह तो सिर्फ वासना है. आप ने अपनी तरफ से पहल की क्योंकि आप के मन में उस के प्रति आकर्षण था लेकिन उसे समझ नहीं पाईं कि उस के मन में क्या है. जाहिर है उस के मन में आप के शरीर के प्रति आकर्षण था जिसे आप के एकतरफा प्यार ने हवा दी और उस ने लपक लिया. अब इसी कारण वह आप से कटता फिर रहा है. अब भी देर नहीं हुई है, संभल जाइए.

अपना मन पढ़ाई में लगाइए व खुद को इस प्रेम से अलग कर लीजिए. अगर फिर भी बात न बने तो दूसरा साथी ढूंढि़ए, हां, भूल कर भी तनाव में न आएं व खुदकुशी आदि की तरफ न बढ़ें. कैरियर व कंपीटिशन की तरफ रुख करेंगी तो स्वत: ही इस ओर से ध्यान हटेगा. सुनहरा कैरियर बनेगा तो उस जैसे हजारों पलकें बिछाए खड़े मिलेंगे.

कहते हैं प्यार जब अपनी ऊंचाइयों पर पहुंचता है तो वह अपनी सारी हदें पार कर जाता है और इन हदों के परे सबकुछ एकाकार हो जाता है, चाहे वह मन हो या फिर तन. प्रेम में शारीरिक मिलन अकसर एक चुंबक की तरह काम करता है. तमाम नाकाम कोशिशों के बावजूद मिलन के इस आकर्षण से बचा नहीं जा सकता. म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग के साथ शुरू हुए इस रिश्ते में शुरू में तो खूब गर्माहट होती है, मरमिटने के कसमेवादे होते हैं, पर वक्त के साथसाथ ये सब फीके पड़ने लगते हैं, जब तक इसे संसर्गता की डोर से बांधा न जाए. अधिकतर प्लैटोनिक रिश्ते एक मोड़ पर आ कर टूट जाते हैं, बशर्ते वे किसी कमिटमैंट के साथ शुरू न किए गए हों.

ऐसा भी नहीं है कि सैक्सुअल बौंडिंग, लवबौंडिंग को बनाए रखने की एक अहम कड़ी है, पर हां, प्रेम की ताजगी को बनाए रखने के लिए शारीरिक संबंध बनाना बहुत जरूरी है. यदि एक स्त्री और पुरुष के बीच प्रेम है तो वह तब तक लगातार बना रहेगा जब तक उन में शारीरिक संबंध जारी रहेंगे. इसलिए अगर आप प्रेम करते हैं तो सहवास के लिए भी तैयार रहें. कभी भी अपने मन में कुंठा न पालें कि आप गलत कर रही हैं. वैसे भी प्यार में शारीरिक निकटता स्वाभाविक है. इस में कुछ भी अनैतिक नहीं है. हां, पर यह जरूरी है कि शारीरिक संबंध बनाने से पहले अपने पार्टनर की लोआयलिटी टैस्ट जरूर कर लें. रिश्तों की मजबूती व स्वयं की सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है कि आप अपने पार्टनर को ठीक से जानसमझ लें.

फिजिकल रिलेशन बनाने से पहले इन बातों का खयाल जरूर रखें :

–       फिजिकल रिलेशन बनाने से पहले ट्रस्ट बिल्डिंग ऐक्सरसाइज जरूर करें.

–       फिजिकल रिलेशन आपसी रजामंदी पर निर्भर करते हैं इसलिए अपने पार्टनर पर एकतरफा दबाव न बनाएं.

–       फिजिकल बौंडिंग आप की रिलेशनशिप को सिर्फ स्मूद और स्ट्रौंग बनाती है, लेकिन यह लौंग लास्टिंग रिलेशन की कतई गारंटी नहीं देती. इसलिए सोचसमझ कर कदम बढ़ाएं.

–       फिजिकल रिलेशन आप के लवमेकिंग प्रोसैस को मजबूती प्रदान करते हैं पर इस के अच्छे और बुरे परिणाम के बारे में जरूर जानें. कभीकभी ज्यादा फिजिकल होना भी रिश्ते के लिए नुकसानदेह साबित होता है.

–       प्रेम की आड़ में शारीरिक संबंध बनाना कई युवकों का शगल होता है इसलिए अपने पार्टनर को परखें, जल्दबाजी न करें. कई बार फिजिकल होने के बाद युवकों का इंटरैस्ट खत्म हो जाता है और वे पार्टनर को नजरअंदाज करने लगते हैं, इसलिए इस हैबिट को रूटीन में लाने से पहले पार्टनर की ब्रेन मैपिंग जरूर करें.

–       अपनी सुरक्षा का पूरा खयाल रखें.  संबंध बनाते समय कंट्रासैप्टिक का इस्तेमाल जरूर करें.

प्रेम में यदि धोखा मिलना होगा तो मिलेगा ही, चाहे आप अपने पार्टनर के साथ फिजिकल हों या प्लैटोनिक, पर इस बात की तो पक्की गारंटी है कि फिजिकल रिलेशन आप के प्रेम को टिकाऊ और लचीला बनाता है और यह भी सही है कि प्लैटोनिक लव को ज्यादा लंबा नहीं खींचा जा सकता. प्रेम करने वालों को सैक्स का आकर्षण अपनी ओर खींच ही लेता है और क्या पता यही सैक्स आप के प्रेम के लिए टौनिक का काम कर जाए. लेकिन ध्यान रखें कि जिस्म की यह जरूरत कहीं वासना न बन जाए. कहीं इस की आड़ में आप का शोषण न हो.

आपसी समझ और साझेदारी ही दीर्घ रिश्ते की गारंटी है. आप अपने प्रेम को बनाए रखना चाहती हैं तो उस में सैक्स का फैवीकोल तो मिलाना ही पड़ेगा. प्रेम है तो सैक्स है और सैक्स है तो प्रेम जिंदा है, यही आज का फलसफा भी है.

पति की संबंध बनाने में रूचि कम हो गई है, क्या करूं?

सवाल…

मैं 29 साल की विवाहिता हूं. शादी को 5 साल हो गए. शुरूआत के 3 साल हमारे बीच नियमित सैक्स होता था पर पिछले 2 साल से पति की सैक्स की इच्छा नहीं होती जबकि मेरी सैक्स में रूचि बढ गई है और मैं चाहती हूं कि हमारे बीच नियमित संबंध बनें. ऐसा नहीं है कि पति का कहीं और चक्कर है और इसलिए उन की रूचि सैक्स में कम हो गई है, दरअसल इस के लिए मुझे ही पहल करनी होती है और इस के लिए मैं पति को फोरप्ले और ओरल सैक्स द्वारा उत्तेजित करने की कोशिश करती हूं.

कभी-कभी तो वे तैयार हो जाते हैं पर सैक्स की अवधि लंबी नहीं होती. इस वजह से मैं संतुष्ट नहीं हो पाती. मैं ने सुना है कि आजकल बाजार में सैक्स समस्याओं के निदान के लिए अनेक उत्पाद जैसे शक्तिवर्धक दवा और तमाम चीजें उपलब्ध हैं. क्या ये उत्पाद पुरूषों की सैक्स समस्याओं के उचित समाधान हैं?

जवाब…

आप के पति की सैक्स समस्या शारीरिक कम और मानसिक ज्यादा लगती है. जैसा कि आप ने बताया कि शुरूआत के 3 साल आप की सैक्स लाइफ अच्छी थी और पति भी इस में सहयोग कर रहे थे, मगर उस के बाद वे सैक्स से विमुख हो गए अथवा उन की रूचि सैक्स में कम हो गई, तो जाहिर है वे किसी मानसिक बीमारी से गुजर रहे होंगे या फिर किसी मानसिक परेशानी में होंगे. यह परेशानी घरपरिवार की बढती जिम्मेदारी हो सकती है, काम का बोझ हो सकता है या फिर कोई अन्य वजह, इस के लिए दवा नहीं बल्कि वजह को जानने के लिए आप को तह में जाना होगा कि अचानक वे सैक्स से विमुख क्यों हो गए?

पति से करें बात…

बेहतर तो यही होगा कि फुरसत के समय जब पति का मूड सही हो तो उन से इस बारे में खुल कर बात की जाए. जरूरत पड़े तो किसी मानसिक रोग विशेषज्ञ या फिर सैक्स विशेषज्ञ से भी पति को दिखा सकते हैं.

खानपान पर दें ध्यान…

मगर इस से पहले यह जरूरी होगा कि आप पति के खानपान पर ध्यान रखें और पोषक भोजन के साथसाथ मौसमी फल खाने को दें.

पति के साथ समय बिताएं… 

पति के साथ अधिक से अधिक समय बिताएं और सुबह-शाम नियमित रूप से दोनों एकसाथ टहला करें.

रही बात बाजार में मिलने वाले उत्पादों के तो इन में से ज्यादातर उत्पाद काम ही नहीं करते और सिर्फ प्लेसीबों की तरह काम करते हैं.

अकसर लोग बाजारों में मिलने वाले सस्ते और लोकल उत्पादों पर भरोसा कर लेते हैं और समझते हैं कि इस से उन का स्टेमीना बढ जाएगा. इन के साइड इफैक्ट्स भी देखे गए हैं.

बेहतर तो यही होता है कि बाजारों में उपलब्ध दवाएं विशेषज्ञ डाक्टरों द्वारा सुझाए जाने पर ही लें तो ज्यादा सही है.

मेरी पत्नि मेरे साथ नहीं रहती क्या करूं?

सवाल

मैं 30 साल का हूं. मेरी शादी को 10 साल हो चुके हैं और मेरे 3 बच्चे भी हैं. मेरी पत्नी मायके में ही रहती है और मेरे पास आने से मना करती है. अगर मैं उस से तलाक मांगता हूं तो वह मना कर देती है. इस समस्या का क्या हल हो सकता है?

जवाब

यह सच है कि आप की पत्नी आप के साथ ज्यादती कर रही है. अच्छा होगा कि आप तलाक के लिए अदालत का सहारा लें. शादी के 10 साल बाद पत्नी के मायके में रहने की जिद गले नहीं उतरती है. आप उस के घर वालों से भी बात करें कि वह क्यों आप के साथ नहीं रहना चाहती है और वे क्यों बेटी की गृहस्थी बरबाद कर रहे हैं.

आप उस की घर वापसी के लिए भी मुकदमा दायर कर सकते हैं. सवाल बच्चों के भविष्य का भी है.

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जानिए आखिर महिलाएं सेक्स क्यों करती हैं

महिलाएं किसी पुरुष को आखिर क्‍यों पसंद करती हैं? और ऐसी कौन सी खास बात है जिससे प्रभावित होकर वह किसी पुरुष के साथ सेक्‍सुअल संबंध बनाने के लिए अपने आप को राजी करती हैं? इस तथ्‍य पर रिसर्च करने के बाद टैक्‍सास विवि के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर्स सिंडी मेस्टन और डेविड बस ने एक किताब लिखी है. इस किताब का नाम है वौय वुमन हैव सेक्‍स. किताब सेक्‍स संबंधों को लेकर महिलाएं क्‍या सोचती हैं? इस सवाल पर कई रोचक खुलासे करती है, किताब में इस बात के 200 कारण बताए गए है, जिनके चलते महिलाएं किसी पुरुष के साथ सेक्‍सुअल संबंध बनाती हैं या उसे पसंद करती हैं.

टेक्सस यूनिवर्सिटी में साइकौलजी के प्रोफेसर्स सिंडी मेस्टन और डेविड बस की लिखी किताब – वाय वुमेन हेव सेक्स ( महिलाएं सेक्स क्यों करती हैं ) में करीब 200 कारणों को बताया गया है.

रिसर्च के दौरान देखा गया कि ज्यादातर पुरुषों को महिलाएं सेक्सुअली अट्रैक्टिव लगती हैं , जबकि महिलाओं को पुरुषों में ऐसी कोई बात नज़र नहीं आती. रिसर्च के दौरान 1000 महिलाओं का इंटरव्यू किया , जिसमें महिलाओं ने पुरुषों के साथ सोने के अपने कारण बताए.

एक महिला ने बताया – वह सेक्स इसलिए करती है ताकि बोरियत दूर कर सके क्योंकि सेक्स करना लड़ने से कहीं आसान है. जबकि कुछ दूसरी महिलाओं के लिए यह माइग्रेन और सिरदर्द दूर भगाने का उपचार है.

रिसर्च में कुछ महिलाओं ने ऐसी बातें भी कहीं जिन्हें सुनकर हैरानी हो सकती है. कुछ महिलाएं महज दया की वजह से पुरुषों के साथ सोती हैं जबकि कुछ महिलाएं अपने स्वार्थ के लिए सेक्स का इस्तेमाल करती हैं जैसे रुपये – पैसों के लिए और दूसरी कीमतों चीजों को हासिल करने के लिए.

कुछ ने कहा – मैंने किसी पुरुष के साथ इसलिए संबंध बनाए क्योंकि उसने मेरे लिए एक शानदार डिनर का आयोजन किया या उसने मुझ पर काफी रुपये खर्च किए.

यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों पर किए गए इस सर्वे में 10 में से 6 ने माना कि वह आमतौर पर ऐसे पुरुष के साथ सो चुकी हैं जो उनका बौयफ्रेंड नहीं हैं. कुछ ने कहा – वह सेक्स इसलिए करती हैं ताकि अपनी सेक्सुअल परफौर्मंस को इंप्रूव कर सकें. यही बताते हुए एक विद्यार्थी ने कहा – मैंने अपने बौयफ्रेंड के साथ इसलिए सेक्स किया ताकि मैं अपने सेक्सुअल स्किल्स को और बेहतर बना सकूं.

इस रिसर्च में यह भी पता चला कि महिलाएं ऐसे पुरुषों पर ज्यादा आकर्षित होती हैं जो लंबे हों, जिनकी आवाज़ रौबदार हो और जिनके शरीर से मदहोश कर देने वाली महक आती हो.

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