लड़कों को भी गर्लफ्रैंड छोड़ने का होता है दर्द, ये 7 टिप्स आएंगे काम

ब्रेकअप के बाद पार्टनर को तुरंत भूलकर जिंदगी में आगे बढ़ जाना आसान काम नहीं है. ऐसा महसूस होता है कि उस पार्टनर के बिना एक दिन का भी गुजारा नहीं हो सकता. कुछ लोगो के लिए तो मूव ऑन (Move On) करना इतना मुश्किल होता है कि वो ब्रेकअप हो जाने के बाद भी कंट्रोल नहीं कर पाते और पार्टनर से संपर्क करने लगते हैं. बात करें, कि मर्द को या औरत क ज्यादा परेशानी होती है ब्रेकअप से तो, ये बिलकुल सही है कि जितना दर्द लड़कियों को होता है उतना है मर्दों को भी, तो अगर आपको भी ब्रेकअप के बाद उन्हें भूलने में दिक्कत आ रही है तो ये टिप्स आपके काम आ सकते हैं.

1. ब्रेकअप को करें स्वीकार

ब्रेकअप के बाद उदासी, अकेलापन और गुस्सा जैसी कई भावनाएं महसूस होना स्वाभाविक है. ब्रेकअप होने पर उस दुख को बाहर आने दें और सभी भावनाओं को दिल से स्वीकार करें.

2. तुरंत दूसरा रिश्ता ना बनाएं

कभी-कभी क्या होता है कि गुस्से या दूसरों को जलाने के लिए हम तुरंत दूसरे रिलेशनशिप में आ जाते हैं. जो कि बहुत गलत निर्णय होता है. ब्रेकअप के बाद कुछ समय तक अकेले रहें और खुद को जानें कि आप क्या नया कर सकते हैं.

3. रिश्ते पर विचार करें

ब्रेकअप के बाद एक बार अकेल बैठकर जरूर सोंचे कि रिश्ते में क्या गलत हुआ और आपने क्या सीखा. यह आपकी सेल्फ ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी है. ताकि आपको आगे फिर से ऐसी परेशानी का सामना ना करना पड़े.

4. खुद को समय दें

हर जख्म को भरने में समय तो लगता ही है. ऐसे में ब्रेकअप के बाद खुद को पूरा समय दें. शांत मन और दिमाग से अपने फैसले लें और कुछ भी ऐसा कदम ना उठाएं जिससे आपको आगे पछताव हो.

5. कम ही लोग से रखें संपर्क

कम से कम कुछ समय के लिए अपने करीबियों से दूरी बना लें. इससे आपको खुद को समझने में मदद मिलेगी. लोगों की राय से खुद को दूर रखें क्योंकि जरूरी नहीं है कि हर कोई आपके दर्द को समझें. इसलिए हर किसी के साथ अपने दर्द को ना बाटें.

6. खुद की करें देखभाल

अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत का ख्याल रखें. खुद को ऐसी गतिविधियों में शामिल करें जिनसे आपको खुशी मिले.वर्कआउट करें, अच्छा खाना खाएं और पूरी नींद लें.

7. मेंटल हेल्थ

ब्रेकअप के दौरान में हम कई तरह की चीजों से गुजरते हैं. जिसका सबसे ज्यादा असर हमारी मेंटल हेल्थ पर पड़ता है.ऐसे में अगर आप खुद को अकेला महसूस करते हैं तो आप अपने मन की बातें किसी के साथ शेयर करना चाहते हैं तो किसी अच्छे साइकोलॉजिस्ट से संपर्क करें. आपको इस दर्द से बाहर निकलने में काफी मदद भी मिलेगी.

डिजिटल ऐरा में डेटिंग ऐप्स एंड रिलेशनशिप

भारतीय युवाओं के लिए डेटिंग ऐप्स किसी डेटिंग क्रांति से कम नहीं हैं. यहां अपने लिए पार्टनर आसानी से ढूंढ़े जा सकते हैं. ये ऐप्स युवाओं के लिए कन्वीनिएंट हैं पर तभी जब सिर्फ पार्टनर ढूंढ़ने का माध्यम समझा जाए, सही पार्टनर ढूंढ़ना आप की अंडरस्टैंडिंग पर निर्भर करेगा. वक्त बदल रहा है, दुनिया बदल रही है और उस के साथ बदल रहे हैं प्यार ढूढ़ने के तरीके. इंटरनैट और सोशल मीडिया के इस दौर में यंगस्टर्स अपने सराउंडिंग से कटते जा रहे हैं.

घर की चारदीवारी से बाहर निकलना बड़ा एक्सपैंसिव हो गया है. ऐसे में उन के लिए गर्लफ्रैंड और बौयफ्रैंड ढूंढ़ना मुश्किल होता जा रहा है. रिश्तों की तलाश के दायरे बढ़ते जा रहे हैं. गलीमहल्ले से निकल कर यंगस्टर्स दुनियाभर में अपने कुछ वक्त या लाइफटाइम के लिए पार्टनर की तलाश कर रहे हैं.

यही वजह है कि यंगस्टर्स अब सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स का सहारा ले रहे हैं. यह एक अच्छा माध्यम है दुनियाभर के लोगों से जुड़ने का. टिंडर, बंबल, मिंगल और हिंगे जैसे डेटिंग ऐप्स प्यार और रोमांस के पारंपरिक तरीके से हट कर नए मौके दे रहे हैं. भारत में डेटिंग ऐप्स पिछले कुछ सालों से ज्यादा ऐक्टिव हुए हैं, खासकर कोरोना के वक्त से जब लोगों का घर से बाहर निकलना नामुमकिन था.

उस वक्त यंगस्टर्स अपनी बोरियत दूर करने के लिए लोगों को औनलाइन तलाश कर रहे थे. कोरोना महामारी ने यंगस्टर्स की आदतों को भी हमेशा के लिए बदल दिया है. अधिक से अधिक भारतीय युवा, यहां तक कि छोटे शहरोंकसबों के भी, प्यार और साथ पाने के लिए डेटिंग ऐप्स पर भरोसा कर रहे हैं. एकदूसरे को जानने के लिए पर्सनली मिलने के बजाय वीडियो कौल को चूज कर रहे हैं और फिर लोगों से मिल रहे हैं.

जैसेजैसे भारत में डेटिंग कल्चर बढ़ा, वैसेवैसे ही डेटिंग ऐप्स की लोकप्रियता भी बढ़ी. लोग नए मौके तलाश रहे हैं. वे स्कूलकालेजों से निकल कर नैशनल और इंटरनैशनली डेटिंग के अनुभव तलाश रहे हैं. सोशल ऐक्सेप्टेंस से बदलता नजरिया डेटिंग ऐप्स अब भारतीय सोसाइटी का एक हिस्सा बन गए हैं.

यंगस्टर्स, एडल्ट, नौकरीपेशा भी कैजुअल डेटिंग या लाइफपार्टनर ढूंढ़ने के लिए इन प्लेटफौर्मों का इस्तेमाल कर रहे हैं और वे कामयाब भी हो रहे हैं. अपने मनपसंद पार्टनर, जिन से उन के विचार मिलते हों, पाने के लिए वे इन प्लेटफौर्मों का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं. एक वक्त था जब आप के मम्मीपापा जिद पर अड़ जाते थे कि आप का लाइफपार्टनर वे ही ढूंढ़ेंगे.

बदलते वक्त के साथ अब मांबाप इस की जिम्मेदारी बच्चों पर छोड़ने लगे हैं, इस के लिए वे खुद यंगस्टर्स को डायरैक्टइनडायरैक्ट डेटिंग ऐप्स का हिंट कर देते हैं. इस से यह दिखता है कि सोसाइटी भी इसे ऐक्सैप्ट करने लगी है. टिंडर ने जिस तरह डेटिंग ऐप्स की एक नकारात्मक छवि सोसाइटी में तैयार की थी, अब वह बदल गई है. टिंडर वैस्टर्न डेटिंग तौरतरीकों के लिए ज्यादातर फेमस था.

विदेश में इस ने खूब कामयाबी पाई. हालांकि इस का इस्तेमाल करने वाले भारत में भी रहे. इस में ओवरएक्सपोजर और वल्गैरिटी भी थी. लेकिन भारत में आने वाले बंबल, हिंगे, ट्रूली मैडली और मिंगल जैसे ऐप्स लगातार इस छवि को सुधारने में लगे हैं और डेटिंग ऐप्स को एक मींटिगरूम बनाने की कोशिश कर रहे हैं जिस में ये कामयाब भी रहे हैं.

क्यों इस्तेमाल करें डेटिंग ऐप्स अब बात आती है कि क्यो करें डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल? भारत में कितने ही लोग अब औनलाइन डेटिंग ऐप्स की दुनिया में कदम रख रहे हैं. 27 साल की सुधा मिंगल पर ऐक्टिव है, वह कहती है कि असल जिंदगी में आप के पास औप्शन कम होते हैं. आजकल सब की अपनीअपनी प्रायोरिटी होती है. अपनीअपनी पार्टनर प्रेफरैंस होती है जिसे ढूंढ़ पाना आसान नहीं होता. इसलिए डेटिंग ऐप्स का सहारा लेना कन्वीनिएंट लगता है.

औनलाइन डेटिंग ऐप्स आप को कामयाबी मिलने की गारंटी नहीं देता क्योंकि ऐप्स सिर्फ एक मुलाकात का जरिया है. इस के अलावा कुछ नहीं. वैसे भी, यह पूरी तरह आप पर ही निर्भर करता है. भारत में इस का विरोध करने वालों की भी कमी नहीं है. उन के अनुसार डेटिंग का मतलब सैक्स या शादी. अकसर इसीलिए इस का विरोध होता आया है लेकिन वक्त के साथसाथ ये धारणाएं भी बदल रही हैं और भारत में डेटिंग ऐप्स के यूजर्स लगातार बढ़ रहे हैं.

भारत में डेटिंग ऐप यूजर भारत दुनिया का 5वां सब से तेजी से बढ़ने वाला डेटिंग ऐप बाजार है. यहां इसे इस्तेमाल करने वाले हर साल लाखों खर्च करते हैं, जो कि वैश्विक औसत 12 फीसदी की सालदरसाल वृद्धि से कहीं अधिक है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कंजूमर ने डेटिंग और फ्रैंडशिप ऐप्स पर दिसंबर 2022 तक 9.9 मिलियन डौलर खर्च किए.

यह 2021 की तुलना में दोगुने से भी अधिक था. यंगस्टर्स ज्यादा स्वाइप या परफैक्ट मैच पाने के लिए और अपनी प्रोफाइल की रीच बढ़ाने के लिए इन ऐप्स की सर्विस खरीदने के लिए पैसे खर्च करते हैं. यह नंबर लगातार बढ़ता जा रहा है और भविष्य में इस के और बढ़ने की पौसिबिलिटी है. इस्टेटिस्टा डौट कौम ने भारत में औनलाइन डेटिंग का कारोबार 2021 में 454 मिलियन डौलर से बढ़ कर 2024 तक 783 मिलियन डौलर तक पहुंचने की उम्मीद जताई थी.

फिलहाल डेटिंग ऐप्स भारत की कुल आबादी के 2.2 फीसदी तक पहुंचते हैं, जिस के 2024 तक 3.6 फीसदी होने का अनुमान है. 5 वर्षों पहले तक लगभग 20 मिलियन भारतीय डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते थे और अब यह आंकड़ा 293 फीसदी की भारी वृद्धि के साथ 2023 में 82.4 मिलियन तक पहुंच गया. डेटिंग ऐप्स के इस्तेमाल में वृद्धि विशेष रूप से मैट्रो शहरों के बाहर काफी ज्यादा हो रही है जहां अब टिंडर, बंबल और ट्रूली मैडली जैसे डेटिंग ऐप्स के 70 फीसदी उपयोगकर्ता हैं और यह नंबर लगातार बढ़ रहा है. सावधानी भी जरूरी आज देश में डेटिंग को ले कर माहौल बदल रहा है.

डेटिंग का डिजिटलाइजेशन होने की वजह से उस में धोखाधड़ी भी उतनी ही व्यापक है जितनी कि सामान्य दुनिया में. इसलिए सावधानी के साथ इस का इस्तेमाल करते हुए बदलती दुनिया के साथ तालमेल बैठाना चाहिए. भारतीय युवाओं के लिए डेटिंग ऐप्स किसी डेटिंग क्रांति से कम नहीं हैं जहां लड़केलड़कियों को एकसाथ दिख भर जाने से सवाल खड़े होते हैं. ऐसे में इन ऐप्स का इस्तेमाल युवा पीढ़ी को बड़ा कन्वीनिएंट लगता है, लेकिन हां. सावधान रहने की जरूरत है.

पुरुषों की ये आदतें पार्टनर को नहीं आती पसंद, तुरंत सुधारें

पुरुषों की ऐसी कई आदतें होती है जो महिलाओं को बिलकुल पसंद नहीं होती है. तो आज हम इस आर्टिकल में उन्ही आदतों की बात करेंगे. ये ज़रुरी नहीं कि सिर्फ ये बाते गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड के बीच लागू होती हो, बल्कि पति-पत्नी के बीच भी ऐसी कई बातें होती है जो महिलाओं को पुरुषो की नहीं पसंद आती है. रिश्ते में ये ज़रुरी है कि दोनों तरफ से स्पोर्ट किया जाए. वरना रिश्ता कमजोर हो जाता है और  उसका सबसे बड़ा कारण होता है कि महिलाओं को ना पसंद आने वाली आदतों को उपयोग करना.

  • इमोशनली कनेक्टेड ना रहना – महिलाएं अक्सर चाहती हैं कि उनका पार्टनर उन्हें सुने, उन्हें साहनुभूति दे और इमोशनली तौर पर भी सपोर्ट करे. वहीं कई बार लड़के इन बातों को अनदेखा करके उन्हें समझने की कोशिश नहीं करते और जब भी वे आपसे कुछ शेयर करने  की कोशिश करती हैं तो पुरुष समझते नहीं हैं, ऐसा होने से महिलाएं निराश हो सकती हैं.
  • जिम्मेदारियों को गंभीरता से ना लेना- महिलाएं अक्सर अपने परिवार और घर की जिम्मेदारी अपने कंधे पर उठा लेती हैं लेकिन अगर घर के किसी काम में उनके पार्टनर की जरूरत हैऔर अगर ऐसे में वह घरेलू कामों में कुछ मदद नहीं करेंगे तो महिलाओं को वह बात अच्छी नहीं आएगी. मानकर चलें आप मार्केट जा रहे हैं . आपकी पार्टनर आपसे कुछ सामान लाने के लिए कह देती है और अगर आप ऐसा करना भूल जाते हैं तो क्या होगा ये आपको अच्छे से पता है.
  • टॉक्सिक रिलेशनशिप – कोई भी रिलेशन प्यार से चलता है ना कि टॉक्सिसिटी से. दरअसल, कुछ पुरुष शुरू से ही स्ट्रिक्ट, फीलिंग ना दिखाने वाले होते हैं. जिससे रिलेशन पर नेगेटिव असर होता है. कुछ महिलाओं को आपका ऐसा व्यवहार करना पसंद नहीं आएगा और वे इमोशनली रूप से आपसे कनेक्टेड नहीं हो पाएंगी.

 

Friendship Day Special: जानिए क्यों नहीं करना चाहिए अपने बेस्ट फ्रैंड से प्यार

अक्सर हर किसी के लाइफ में कोई न कोई बेस्ट फ्रैंड होता ही है. हम अपनी सारी बातें बेस्ट फ्रैंड से शेयर करते हैं, और ज्यादा समय उसी के साथ बिताना चाहते हैं. ऐसे में अगर बेस्ट फ्रैंड अपोजिट सैक्स का हो तो प्यार होने की संभावना ज्यादा होती है. लेकिन ये कतई जरूरी नहीं है कि अगर आप अपने बेस्ट फ्रेंड से प्यार करते हैं तो वो भी आपसे प्यार करें.

ऐसे में आपका दिल तो दुखेगा ही और इसके साथ ही आपकी दोस्ती भी इफेक्ट होती है. तो चलिए जानते हैं, बेस्ट फ्रेंड से प्यार क्यों नहीं करना चाहिए.

प्यार के कारण दोस्ती में भी दरार पड़ सकती है –  प्यार के कारण दोस्ती में भी दरार पड़ सकती है. ऐसा जरूरी नहीं है कि जैसा आप अपने बेस्ट फ्रेंड के बारे में सोच रहे हैं,  वे भी आपको लेकर वैसा ही महसूस करें. हो सकता है, वह आपको केवल बेस्ट फ्रैंड मानता हो या मानती हो. और उन्हें किसी और से प्यार हो जाएं तो यह भी आपके लिए एक दुख का कारण बन सकता है. इससे आपकी आपकी दोस्ती भी खराब हो सकती है.

आपको सलाह देने वाला कोई नहीं रहेगा – अपने लाइफ के सबसे अच्छे सलाहकार को खो सकते हैं. अगर आप परेशान होते हैं तो आपको समझाने वाला आपका बेस्ट फ्रैंड आपसे दूर चला जाएगा. आप दोनों के बीच हुई समस्या को सुलझाने वाला भी कोई नहीं रहेगा जिसकी वजह से आपका झगड़ा लंबे समय तक चल सकता है.

दोस्ती फिर पहले की तरह नहीं रहेगी – किसी भी  रिश्ते में गांठ पड़ जाती हैं तो बहुत मुश्किल होता है उस गांठ को सुलझाने में. वैसे ही आपकी दोस्ती का भी रिश्ता है. तो अगर आपके दोस्ती  में गाठ पड़ती हैं तो  फिर आपके लिए बहुत कठिन होगा उसे ठीक करना.

जी हां अगर आप अपने बेस्ट फ्रेंड को गर्लफ्रैंड या बौयफ्रैंड बनाने के बारे में सोच रहें हैं तो आपको सबसे पहले अपनी दोस्ती के बारे में सोचना चाहिए, क्योंकि प्यार की वजह से आप अपने बेस्ट फ्रैंड को खो सकते हैं.

Date पर जाना हो तो, पुरुष ये टिप्स ज़रुर अपनाएं

Date का नाम सुनते है बड़ा अच्छा लगता है और सबसे पहला ध्यान पुरुषों का आता है क्योकि डेटिंग के लिए पहले अप्रोच लड़के करते है जिसके लिए जरुरी है कि आप जब भी डेट पर जाए तो कुछ टिप्स ज़रुर अपनाएं. लड़कों के लिए फ्लर्टिंग, डेटिंग और रिलेशनशिप कोई आसान काम नहीं है, क्योंकि न तो वे इस पर किसी से सलाह मांग सकते हैं और न ही दोस्तों के साथ इन चीजों के बारे में खुलकर बात कर सकते हैं. यदि आप भी इनमें से एक हैं और अभी तक आपको अपना कोई खास नहीं मिला है, तो हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे टिप्स, जो पुरुषों के लिए बेहद मददगार हैं.

1. अपने आप को बाहर निकालें

किसी खास से मिलना लगभग असंभव हो जाता है, यदि आप खुद को अपनी स्थिति से बाहर नहीं निकालते हैं. हो सकता है कि आपका दिल पहले कभी टूट गया हो या आप शर्म महसूस कर रहे हों-आपकी झिझक का कारण जो भी हो, यह महत्वपूर्ण है कि आप इससे बाहर आएं और और नए लोगों से मिलना शुरू करें. याद रखें कि डेटिंग के लिए आपको संवेदनशील होने और नए अनुभवों के लिए खुले रहने की आवश्यकता है.

2. लोगों से ऑनलाइन और वास्तविक जीवन में मिलें

हो सकता है कि आप डेटिंग ऐप्स की दुनिया में जाने के बजाय लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलना पसंद करते हों. लेकिन अगर आप जवान हैं, तो किसी अजनबी के साथ व्यक्तिगत रूप से बातचीत शुरू करने का विचार अच्छा और बुरा दोनों हो सकता है. इसलिए किसी से मिलने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप दोनों एक दूसरे को समझने का प्रयास करें। कुछ ऑनलाइन डेटिंग सेवाओं का आप लाभ उठा सकते हैं और वास्तविक जीवन में लोगों से मिलने का प्रयास भी कर सकते हैं.

3. अपनी फ़्लर्टिंग तकनीक के बारे में ज़्यादा न सोचें

फ़्लर्टिंग करना हमेशा आसान नहीं होता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह तब विफल हो जाता है जब आप इसके बारे में कुछ ज्यादा ही सोचते हैं या फिर खुद पर भरोसा करने बजाय किसी को प्रभावित करने के लिए तरकीबें आजमाते हैं. किसी भी नए इंसान से बात करते समय एक अच्छा तरीका ये है कि आप कल्पना करें कि आप किसी मित्र या परिवार के सदस्य के साथ चैट या बातचीत कर रहे हैं. इससे दबाव कम हो जाता है, जिससे आप आराम से अपनी पर्सनलिटी को सामने रख सकते हैं.

4. काफी सवाल पूछे

पुरुषों के लिए एक पसंदीदा फर्स्ट-डेट टिप बहुत सारे सवाल पूछना है. यदि आप शर्मीलेपन से जूझ रहे हैं, तो यह विशेष रूप से अच्छी सलाह है। बस याद रखें कि बहुत अधिक गहराई में न जाएं.उनके काम, शौक और ट्रैवल प्लान्स पर बात कर सकते हैं. रिश्ते की शुरुआत में किसी के निजी जीवन के बारे में ओवरशेयरिंग या बहुत ज्यादा नासमझ होना एक टर्न-ऑफ हो सकता है और बहुत दखल देने वाला लग सकता है.

दिल की बात जुबां पर लाएं लड़कियां

स्कूल की दहलीज पार कर मंजू पहली बार जब कालेज पहुंची तो उस की नजर अपनी ही कक्षा के एक हैंडसम लड़के पर टिकी. पहली नजर में ही उसे उस से प्यार हो गया. वह रोजाना उस लड़के को ताकती रहती. उस का ध्यान व्याख्यान पर कम, उस लड़के पर अधिक रहता. हर समय वह उस के खयालों में खोई रहती. रात को भी उसी के सपने देखती. वही उस के सपनों का राजकुमार था.

मंजू के इस एकतरफा प्यार से सभी अनजान थे. मंजू ने अपने मन की बात कभी अपनी सहेलियों तक को न बताई. यहां तक कि घर में अपनी बड़ी बहन और भाभी को भी नहीं. ऐसे में भला उस का प्यार परवान कैसे चढ़ सकता है? प्यार तभी परवान चढ़ता है जब दोनों के दिल एकदूसरे के लिए धड़कते हों. लेकिन यहां तो वह लड़का भी नहीं जानता कि मंजू नाम की कोई लड़की उसे चाहती है.

एक वर्ष बीत गया. मंजू कभी अपने दिल की बात जबां पर नहीं लाई. एक दिन उस ने किसी अन्य लड़की को उस लड़के से हंस कर बात करते हुए देख लिया. वह भी उस से हंस कर बात कर रहा था. मंजू के मन में खटका हुआ. लेकिन उस में इतना साहस नहीं था कि वह अपने प्यार का इजहार कर पाती. नतीजतन, वह लड़का उस के हाथ से निकल गया.

काश, समय रहते वह अपने सपने के राजकुमार से दोस्ती बढ़ाती और फिर अपने प्यार का इजहार करती तो आज उसे इस तरह पछतावा न होता. लेकिन अब पछताने से क्या फायदा जब चिडि़या चुग गई खेत.

प्यार में हिचकिचाहट

संगीता के पिता सरकारी अधिकारी हैं. पिछले वर्ष उन का ट्रांसफर दूसरे शहर में हो गया. नए शहर में नए लोगों के बीच उस की जिंदगी में एक लड़का आया जो उसी मल्टी स्टोरी बिल्ंिडग में पड़ोस वाले फ्लैट में रहता था. कुछ ही दिनों में दोनों परिवारों के बीच अच्छा परिचय हो गया.

संगीता पड़ोस के जिस लड़के को चाहने लगी थी, वह उस से 2 वर्ष सीनियर था. संगीता बीए फर्स्ट ईयर में थी और वह बीए फाइनल में था. एक ही कालेज में होने के कारण उन के बीच अच्छी दोस्ती हो गई. लेकिन संगीता की नजर में वह दोस्त से ऊपर था. वह उस के दिल में बस चुका था. वह उसे अपना हमसफर बनाना चाहती थी.

संगीता से बस एक ही चूक हुई कि वह अपने दिल की बात उसे बता न पाई. इस बीच लड़के के पिता का ट्रांसफर अन्य जगह हो गया और वह अपने परिवार के साथ चला गया. काश, संगीता ने उस से अपने प्यार का इजहार किया होता तो आज स्थिति भिन्न होती.

संगीता का प्यार अधूरा रह गया. उस के सपने पूरे होने से पूर्व ही दफन हो गए.

मंजू और संगीता की भांति ऐसी अनेक लड़कियां हैं जो यौवन की दहलीज पर कदम रखते ही अपनी जिंदगी के तानेबाने बुनने लगती हैं. जिन को वे अपने सपनों का राजकुमार मानती हैं, उन्हें अपना दिल दे बैठती हैं, लेकिन दिल की बात जबां पर लाने में हिचकिचाती हैं.

वैसे, किसी लड़की का किसी लड़के से प्रेम करना गलत नहीं है. इस में भी जज्बात होते हैं. उस का मन हिलोरें भरता है, उस का दिल किसी के लिए धड़क सकता है. इस में असामान्य कुछ भी नहीं है. विडंबना यह है कि आज भी लड़कियां अपने प्यार का इजहार करने में शर्म का अनुभव करती हैं. ऐसे में उन के मन की मुराद अधूरी रह जाती है. जब आप किसी से प्यार करती हैं तो उसे व्यक्त करने में संकोच कैसा? जब कोई लड़का अपने प्यार का इजहार सहज रूप से या बेधड़क हो कर कर सकता है तो लड़की क्यों नहीं?

प्यार तो प्यार है चाहे किसी लड़के को लड़की से हो या लड़की को किसी लड़के से. इस के इजहार में विलंब नहीं करना चाहिए. जब आप किसी को चाहती हैं तो उस से कहती क्यों नहीं?

एक छोटी सी भूल की वजह से जिंदगीभर आप को अपने प्यार से दूर रहना पड़ता है. पहले प्यार को कभी भुलाया नहीं जा सकता. इसलिए यदि आप अपने प्यार को पाना चाहती हैं तो पहली फुरसत में अवसर मिलते ही उस से ‘आई लव यू’ कह दें. यदि सामने वाला इसे स्वीकार कर लेता है तो आप के मन की मुराद पूरी हो जाएगी और यदि किसी मजबूरीवश वह आप के प्यार को कुबूल न कर पाए तो इसे जिंदगी का एक कड़वा घूंट सम झ कर पी जाएं. उसे भूलने की कोशिश करें. आगे अपने जीवन की नई शुरुआत करें. हो सकता है जीवन में आप को इस से भी अच्छा हमसफर मिले. शादी तभी कामयाब होती है जब प्यार दोनों तरफ से हो.

मुझे एक लड़की पसंद है मैं उससे दोस्ती करना चाहता हूं, मुझे क्या करना चाहिए?

सवाल

मैं 19 साल का एक कुंआरा लड़का हूं. मैं कालेज के दूसरे साल में पढ़ रहा हूं. मैं अपने कालेज सरकारी बस से जाता हूं. इसी बस में एक लड़की भी चढ़ती है, जो मुझे पसंद है. वह भरेपूरे बदन की है और हर किसी की निगाह उस के उभारों पर ही टिकी रहती है. पर वह किसी की परवाह नहीं करती है और शायद किसी लड़के से फोन पर बात भी करती है. लेकिन साथ ही मुझे देख कर मुसकराती भी है.

मुझे उस लड़की से दोस्ती करनी है, पर डर लगता है कि कहीं वह मना न कर दे. उस का बदन मुझे सपनों में भी सताता है. मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब

एक पुरानी कहावत है, हंसी सो फंसी. अब बस जरूरत आप की तरफ से पहल की है, जिस की आप हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं. रोजरोज उस अनजान लड़की के उभारों और भरेपूरे बदन को देख कर आहें भरते रहने से तो बेहतर है कि आप हिम्मत कर के दोस्ती के लिए प्रपोज कर ही दें. लेकिन जरा ड्रामेटिक स्टाइल में करें. वह मना कर भी देगी तो आप का कोई नुकसान नहीं है. वैसे पढ़ाईलिखाई की तरफ ज्यादा ध्यान देंगे तो फायदे में रहेंगे. इस उम्र में लड़कियों के प्रति आकर्षण होना कुदरती बात है, लेकिन इस से पढ़ाई और कैरियर पर फर्क न पड़े, इस का भी ध्यान रखें.

फ्लर्ट करते समय इन बातों का रखें ध्यान, वरना बनने से पहले टूट जाएगा रिश्ता

प्यार में फ्लर्टिंग ना हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता है अपने क्रश को इंप्रेस करने के लिए ज़रुरी है कि आप उसके साथ थोडी बहुत फ्लर्टिंग करें, ताकि आप अपना रिश्ता कायम कर सकें,तो ऐसे कई बार हम वो भूल कर जाते है जिससे रिश्ता बनने की बजाएं टूट जाता है तो आज हम कुछ ऐसे ही फ्लर्ट के टिप्स बताएंगे जिन्हे आप फ्लर्ट करते वक्त याद रखें.

बता दें, कि फ़्लर्ट करना भी एक कला है. जो हर किसी के पास नहीं होती है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो फ़्लर्ट करना जानते तो हैं, लेकिन वो अंजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे सामने वाला इंप्रेस होने की बजाय आपसे नाराज हो जाता है.

1. दिखावा ना करें

कई लोग इम्प्रेस करने के चक्कर में ज्यादा दिखावा करते है जिनका ये बीहेव आगे चलकर उनको मुसबीत में डाल सकता है इसलिए आप जैसे है खुद को वैसे ही सामने रखें. इससे आपका रिश्ता ओर भी मजबूत बनेगा.

2. झूठ ना बोलना

कोई भी रिश्ता अगर झूठ से शुरु किया जाएं तो वो ज्यादा दिन नहीं ठिकता है झूठ आपके रिश्ते को कमजोर बनाता है और आगे चलकर सच्चाई सामने आ ही जाती है तो ऐसे में ध्यान रखें कि ये ज़रुरी है कि आप झूठ ना बोले.क्योकि झूठ बोलकर आप किसी का दिल नहीं जीत सकते है.

3. शो ऑफ न करें

अक्सर लोग फ्लर्ट करते समय शो ऑफ करने लगते हैं। ऐसा करने से आपका रिश्ता बनने से पहले ही बिगड़ सकता है. अगर आपको लगता है कि महंगी चीज़ें देखकर लड़का या लड़की इंप्रेस हो सकते हैं, तो यह गलत साबित हो सकता है.

4. प्राइवेसी का ख्याल रखें

जब आप किसी को पसंद करते हैं, तो उनकी प्राइवेसी का भी ख्याल रखें. किसी की सहमति के बिना उनके व्यक्तिगत जीवन में ताका झांकी न करें. इससे आपके क्रश को बुरा लग सकता है.

5. जज्बात के साथ न खेलें

किसी के भी जज्बात के साथ खेलना आपके लिए भारी पड़ सकता है. इसलिए जब आप अपने क्रश से बातचीत करते हैं, तो इसका जरूर ख्याल रखें कि आपके किसी भी बात से उनके दिल को ठेस न पहुंचे.

क्या आप जानते हैं हसबैंड-वाइफ के बेडरूम लव का A टू Z

प्यार के महकते फूल को बचाए रखने के लिए यह जरूरी है कि बैडरूम को कुरुक्षेत्र नहीं, बल्कि प्रणयशाला बनाया जाए और इस के लिए यह बेहद जरूरी है कि बैडरूम लव की ए टू जैड परिभाषा को कायदे से जाना जाए. तो फिर चलिए प्रणयशाला की क्लास में:

 1. अट्रैक्ट  –  आकर्षित करना

अपने साथी को आकर्षित करना ही प्रणयशाला का प्रथम अक्षर है. पत्नी को चाहिए कि वह पति के आने से पहले ही अपने काम निबटा कर बनावशृंगार कर ले और पतिदेव औफिस के काम का बोझ औफिस में ही छोड़ कर आएं.

2. ब्यूटीफुल  –  सुंदर

सुंदरता और आकर्षण सिक्के के 2 पहलू हैं. हर सुंदर चीज अपनी ओर देखने वाले को आकर्षित करती ही है, इसलिए शादी के बाद बढ़ते वजन पर लगाम लगाएं और ब्यूटीपार्लर जा कर अपनी सुंदरता को फिर से अपना बनाएं ताकि आप की सुंदरता को देख कर उन्हें हर दिन खास लगे.

3. चेंज  –  बदलाव

अगर जिंदगी एक ही धुरी पर घूमती रहे तो बेमजा हो जाती है. इसलिए अपनी सैक्स लाइफ में भी थोड़ा चेंज लाएं. मसलन, प्यार को केवल बैडरूम तक ही सीमित न रख कर एकसाथ बाथ का आनंद लें और अगर जौइंट फैमिली में हैं तो चोरीछिपे उन्हें फ्लाइंग किस दें, कभी अपनी प्यार की कशिश का चोरीछिपे आतेजाते एहसास कराएं. यकीन मानिए कि यह प्यार की लुकाछिपी आप की नीरस जिंदगी को प्यार से सराबोर कर देगी.

4. डेफरेंस – आदर

पति पत्नी को चाहिए कि वे एकदूसरे को उचित मानसम्मान दें. साथ में एकदूसरे के परिवार का भी आदर करें, क्योंकि जिस दर पर आदर व कद्र हो, प्यार भी वहीं दस्तक देता है.

5. ऐलिगैंस  – सुघड़ता

अस्तव्यस्त हालत में न तो घर अच्छा लगता है और न ही आप. कहीं ऐसा न हो कि जब आप दोनों बैडरूम में आएं तो पलंग पर सामान ही बिखरा पड़ा हो और बैठने की जगह भी न मिले. फिर प्यार की बात तो भूल ही जाएं. इसलिए घर को हमेशा संवार कर रखें.

6. फौरगेट – भूल जाना

भुलक्कड़पने की आदत वैसे तो बुरी होती है लेकिन बात जहां पतिपत्नी के रिश्ते की हो तो यह आदत अपनाना ही श्रेयस्कर है. मतलब अतीत में मिले जख्मों, शिकवेशिकायतों व लड़ाईझगड़ों को बैडरूम के बाहर ही भूल कर हर रोज अपने रिश्ते की नई शुरुआत करनी चाहिए और भूल कर भी भूली बातों को याद नहीं करना चाहिए.

7. गारमैंट्स – परिधान

यह काफी कौमन प्रौब्लम है कि लेडीज सुबह के पहने हुए कपड़ों में ही रात को सोने पहुंच जाती हैं. नतीजतन उन के कपड़ों से आने वाली सब्जियों, मसालों व पसीने की दुर्गंध बेचारे पतिदेव को व्यर्थ में ही सब्जीमंडी की याद दिला देती है. ऐसे में बेचारे दिल के कोने में दुबका पड़ा प्यार भी काफूर हो जाता है और उस की जगह चिड़चिड़ाहट ले लेती है. इसलिए प्यार के एहसास को तरोताजा करने के लिए खुद भी तरोताजा हो कर साथी के संसर्ग में आएं.

8. हैल्प – मदद

बढ़ती जरूरतों के कारण समयसीमा जिंदगी में छोटी पड़ती जा रही है. लेकिन अगर पतिपत्नी स्वेच्छा से एकदूसरे के काम में अपना सहयोग दें तो भागते समय में से प्यारमुहब्बत के पलों को आसानी से पकड़ा जा सकता है यानी जिम्मेदारियों को मिल कर उठाएं और जिंदगी का भरपूर आनंद लें.

9. इंपेशेंस – अधीरता

प्यार का मतलब सिर्फ जिस्मानी जरूरत से ही नहीं होता, बल्कि प्यार में एकदूसरे की भावना को भी मान देना जरूरी होता है. प्यार का तात्पर्य बेसब्री और अधीरता से प्रणयसंबंध बना कर दूसरी तरफ करवट ले कर सो जाना नहीं होता, बल्कि प्यार भरा आलिंगन प्रेमालाप और प्यार भरी बातों व स्नेहिल स्पर्श के द्वारा भी आप अपने साथी को प्यार से सराबोर कर सकते हैं.

10. जौइन – जोड़ना

अकसर पत्नी की आदत हो जाती है कि वह बैडरूम में आते ही ससुराल वालों की बुराई शुरू कर देती है, जिस से बेवजह माहौल में तनाव आ जाता है. माना कि आप परेशान हैं, लेकिन आप के पति को भी तो औफिस में न जाने कितने काम और टैंशनरही होगी. इन सब बेकार की बातों से आप अनजाने में वे हसीन पल गवां देती हैं, जो आप दोनों को खुशियां दे सकते थे. पतिपत्नी को स्वयं सोचना चाहिए कि जिंदगी में टैंशन तो लगी रहती है, लेकिन दिलों को जोड़ने वाले पल होते ही कितने हैं. इसलिए बैडरूम में दिलों को जोड़ें, न कि तोड़ने का काम करें.

11. किड्स – बच्चे

बच्चे होने के बाद पतिपत्नी के रिश्ते को मजबूत आधार मिलता है. लेकिन कहीं न कहीं पति को प्यार बंटता हुआ भी महसूस होता है, क्योंकि बच्चे होने के बाद पत्नी का ध्यान बच्चों में ज्यादा लगा रहता है जिसे पति अपनी उपेक्षा समझने लगता है. इसलिए बच्चों के साथसाथ अगर पति की भी थोड़ीबहुत फरमाइश पूरी करें तो उन को भी अच्छा लगेगा.

12. लाइक – अच्छा लगना

पति पत्नी को एकदूसरे के स्वभाव, इच्छाओं आदि को मान देना चाहिए. स्त्री स्वभाव से शर्मिली होती है, इसलिए यह पति का कर्तव्य होता है कि वह चुंबन, आलिंगन, स्पर्श व प्यार भरी बातों से उस की झिझक को दूर करे. उसी तरह पत्नी को भी वह सब करना चाहिए जो पति को अच्छा लगे.

13. मसाज – मालिश

मसाज करने से बौडी और माइंड दोनों रिलैक्स फील करते हैं और ऐसे में यदि आप का पार्टनर ही आप को मसाज थेरैपी दे तो क्या कहने. माना कि वर्किंग डे में ऐसा होना मुश्किल है, लेकिन अगर वीकेंड में इस थेरैपी का इस्तेमाल किया जाए तो यकीन मानिए आप दोनों को ही वीकेंड का ही इंतजार रहेगा.

14. नेवर – कभी नहीं

प्यार को लड़ाईझगड़े में हथियार न बनाएं. फरमाइश पूरी न होने पर, ‘नहीं आज मूड नहीं है’, ‘मुझे सोना है’ और ‘जब देखो तब तुम्हें यही सूझता है’ जैसे संवाद रिश्तों में पड़ने वाली गिरह का काम करते हैं. इसलिए प्यार को सिर्फ प्यार ही रहने दें.

15. ओपिनियन – राय

गृहस्थ जीवन में कई ऐसे मुद्दे होते हैं, जिन में कभीकभी पतिपत्नी दोनों की राय एक होती है, तो कभीकभी दोनों की राय जुदा होती है. ऐसे मौकों पर एकदूसरे की राय को सुनें, उस पर ध्यान दें और मिल कर सही निर्णय लें फिर चाहे मसला जो भी हो.

16. प्लौडिट – प्रशंसा

हर इनसान अपनी प्रशंसा करवाना चाहता है, इसलिए जो बातें आप को एकदूसरे में अच्छी लगती हैं उन्हें निस्संकोच अपने साथी से कहें. सिर्फ इतना ही नहीं, निश्छल रूप से सहवास के आनंददायक पलों में भी बेझिझक उन की तारीफ करें. यह तारीफ आप के साथी में पहले से कई गुना ज्यादा जोश भर देगी.

17. क्वैरी – प्रश्न पूछना

अकसर संबंधों में ठहराव आने की वजह चुप्पी भी होती है, जिसे हम अपने अहं की वजह से ओढ़ लेते हैं. उस के कारण कई बार छोटेछोटे झगड़े बड़ा भयंकर रूप धारण कर लेते हैं. इसलिए चुप्पी की दीवार फांद कर उन से पूछें कि एक छोटी सी बात हमारे प्यार के बीच कब तक रहेगी? पतिपत्नी के रिश्ते में स्वस्थ संवाद होने बेहद जरूरी हैं अन्यथा दिल की धड़कनों को भी चुप्पी लगने में समय नहीं लगता.

18. रेमेंट – पोशाक

प्रेमिका या प्रेमी के रूप में आप ने अपने साथी को आकर्षित करने के लिए कितना कुछ किया, लेकिन शादी के बाद वह प्यार कहीं डब्बे में बंद कर दिया. इसलिए डब्बा खोलें और आप के हमसफर शादी से पहले आप को जिस ड्रैस व रूप में पसंद करते थे वापस उस रूप में आ जाएं.

19. सैटिस्फैक्शन – संतुष्टि

विवाह का एक महत्त्वपूर्ण तथ्य है पतिपत्नी दोनों की यौन इच्छाओं की तृप्ति. लेकिन किसी एक के संतुष्ट न होने पर असंतोष, द्वेष, आक्रोश व हीनता का रूप ले लेता है. इसलिए अपने साथी की जरूरतों को समझें.

20. टर्म – शर्तें

पतिपत्नी के रिश्ते में आपसी तालमेल व समझदारी बहुत माने रखती है. लेकिन जब संबंधों के बीच शर्त आने लगे तो वह रिश्ते में घुन का काम करती है. कई महिलाएं ऐसी भी होती हैं, जो प्यार और शर्त को एक ही पलड़े में रखती हैं. जैसे यह कहती हैं कि मुझे सोने का सैट ला कर दोगे तो ही हाथ लगाने दूंगी. नतीजा, पति का मन प्रणय संबंध से खट्टा हो जाता है और वह कहीं और प्यार की तलाश करने लगता है.

21. अनकंसर्न – उदासीन

जिस तरह प्यार में एकदूसरे का साथ जरूरी होता है, उसी तरह एकदूसरे की परवाह करना भी जरूरी होता है. ऐसा न हो कि पतिदेव आएं और आप टीवी या बच्चों में ही उलझी रहें. अगर रिश्ते में नीरसता और उदासीनता ही छाई रहेगी, तो प्यार को हरियाली कैसे मिलेगी, क्योंकि उन के छोटे से दिल में या तो उदासीनता रह सकती है या फिर आप.

22. वैराइटी – विभिन्न प्रकार

जिंदगी एक ढर्रे पर चलती रहे तो बोरिंग लगने लगती है. उसी तरह बैडरूम रोमांस में भी नई जान डालने के लिए रोमांटिक बनें. कभी बाथरूम, कभी ड्राइंगरूम तो कभी किचन रोमांस का लुत्फ उठाएं. प्रणय मिलन के समय अलगअलग रतिक्रीडाओं द्वारा सैक्सुअल लाइफ का भरपूर आनंद उठाएं.

23. व्हीड्ल – लुभाना

प्रणयमिलन का भरपूर लुत्फ उठाना चाहती हैं तो उस की शुरुआत दिन से ही करें. उन्हें फोन पर ‘आई लव यू’ कहें और मैसेज के द्वारा रोमांटिक बातें सैंड करें. उन्हें निस्संकोच बताएं कि आप उन का साथ चाहती हैं. फिर बनसंवर कर शाम को उन का इंतजार करें.

24. जेरौटिक – नीरस

बैडरूम के नीरस माहौल में तबदीली कर के उसे थोड़ा रोमांटिक व सुगंधित बनाएं. साथ में कोई धीमा संगीत चलाएं. माहौल को और ज्यादा रंगीन व खुशनुमा बनाने के लिए कोई रोमांटिक मूवी, मैगजीन या फोटो देखें, जो आप की उमंग भरी कल्पनाओं को हकीकत का रूप दे, साथ में आप की जिंदगी में नया जोश, नई उमंग भर दे.

25. योगा

हैल्दी सैक्स लाइफ के लिए हैल्दी शरीर होना बेहद जरूरी है और उस के लिए योगा यानी व्यायाम से बेहतर कोई और औप्शन नहीं है. यह आप के शरीर को नई स्फूर्ति व ऊर्जा देगा. फिट शरीर के साथ ही आप फिट सैक्स लाइफ पा सकते हैं और अपने साथी व अपनी इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं.

26. जेस्ट – मजेदार

जिंदगी मजेदार तभी होती है जब जिंदगी के हर पल का भरपूर आनंद उठाया जाए. सैक्स लाइफ को भी हैल्दी व अपडेट करना चाहते हैं, तो मुख्य सहवास क्रिया से ज्यादा फोरप्ले और आफ्टरप्ले में ध्यान लगाएं, जिस से हसीन लमहों का एहसास आप के साथसाथ आप के साथी को भी भरपूर मिले.

जब बहन लगे बहकने तो क्या करें

बहन जब मरजी से किसी से प्यार करने लगती है, तो ज्यादातर भाई हैवान बन जाते हैं. विरले ही भाई ऐसे होंगे, जिन्होंने अपनी बहन के जज्बात समझते हुए उस की मुहब्बत को शादी में तबदील करने की पहल की होगी…

बि हार में पटना सिटी का गायघाट आएदिन होने वाली आपराधिक वारदात के लिए बदनाम है. ऐसी ही एक वारदात ज्यूडिशियल एकेडमी के नजदीक

26 अप्रैल, 2023 की रात को हुई, जिस में उस वक्त सनाका खिंच गया था, जब फिल्मी स्टाइल में एक नौजवान ने दूसरे नौजवान पर कट्टे से गोली दागते हुए उस की हत्या कर दी. जब तक लोग समझ पाते कि आखिर हुआ क्या है, तब तक अपराधी हवा में फायर करते हुए भाग खड़े हुए.

अफरातफरी मची और कुछ लोग हिम्मत करते हुए उस घायल नौजवान के पास पहुंचे और उसे नजदीक के एनएमसीएच अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान नौजवान ने दम तोड़ दिया.

पुलिस आई और जांच शुरू हुई, तो मामला इश्कबाजी का निकला. बाद में यह कहानी सामने आई : मरने वाले 22 साला नौजवान का नाम राजा कुमार था, जो गुड़ की मंडी मालसलामी का रहने वाला था और मारने वाले का नाम अभिषेक कुमार था. वे दोनों दोस्त तो नहीं थे, लेकिन एकदूसरे को जानते जरूर थे.

कुछ दिन पहले ही अभिषेक को भनक लगी थी कि राजा का चक्कर उस की बहन से चल रहा है. इस बाबत उस ने कई बार राजा को समझाया भी था कि वह उस की बहन से मिलनाजुलना छोड़ दे, वरना अंजाम अच्छा नहीं होगा.

समझाया तो अभिषेक ने अपनी बहन अर्चना (बदला हुआ नाम) को भी था, लेकिन राजा से उस का मिलनाजुलना बंद नहीं हो रहा था, इसलिए वह कुसूरवार राजा को ही मानता था और चाहता था कि वही मान जाए, फिर चाहे इस के लिए उंगली टेढ़ी भी करनी पड़े, तो बात हर्ज की नहीं, क्योंकि सवाल आखिर घर की इज्जत का था.

लेकिन राजा कहां मानने वाला था, जिसे यह एहसास था कि जब प्यार किया है, तो हजार रुकावटें भी आएंगी, जिन से डरने या भागने के बजाय उन का मुकाबला करना है.

मालसलामी का ही रहने वाला अभिषेक और राजा हमउम्र थे. लिहाजा, राजा को उम्मीद थी कि कभी आमनेसामने बैठ कर बात होगी, तो अभिषेक उस के जज्बात समझते हुए राजी हो जाएगा, क्योंकि अर्चना भी उसे चाहती थी.

वारदात के दिन अभिषेक ने राजा को चाय पीने के लिए ज्यूडिशियल अकेडमी के नजदीक के होटल पर बुलाया, तो

वह झट से राजी हो गया. उसे उम्मीद थी कि वह गुस्साए अभिषेक को मनाने में कामयाब हो जाएगा. लेकिन उसे क्या मालूम था कि अभिषेक कुछ और ही ठाने बैठा था.

रात को राजा अपने एक दोस्त सरवन को साथ ले कर होटल पर पहुंचा तो वहां मौत उस का इंतजार कर रही थी. अभिषेक ने कब कहां से आ कर उस पर गोलियां दागते हुए अपने घर की इज्जत का बदला ले लिया, यह उसे पता भी नहीं चला.

सरवन ने एक पहचान वाले संजीव कुमार की मदद से राजा को अस्पताल पहुंचाया और फिर पुलिस को राजा और अर्चना की लवस्टोरी के बारे में बताया, तो पुलिस ने अभिषेक को हिरासत में ले लिया, जिस ने अपना जुर्म कबूल करते हुए हत्या करने की वजह बता दी. विलेन बनते भाई यह कोई पहला या आखिरी मामला नहीं था, जिस में किसी भाई ने बहन के प्यार का खात्मा यों जानलेवा तरीके से न किया हो. यह रोग हर धर्म, जाति और तबके में बराबरी से है.

इसी साल फरवरी के महीने में मेरठ, उत्तर प्रदेश के लिसाड़ी इलाके में मैडिकल स्टोर चलाने वाले 24 साला साजिद सैफी की दिनदहाड़े हत्या उस की माशूका आयशा के भाइयों ने कर दी थी. साजिद और आयशा पड़ोसी थे और एकदूसरे से बेपनाह मुहब्बत करने लगे थे. यह मामला किसी से छिपा भी नहीं रह गया था. साजिद के घर वाले तो उस की जिद देखते हुए आयशा को घर की बहू बनाने को तैयार हो गए थे, लेकिन आयशा के घर वालों को किसी गैरजाति के नौजवान को दामाद बनाना गवारा न था.

साजिद ने कुछ महीने पहले ही बीफार्मा का कोर्स कर के अपना मैडिकल स्टोर खोला था और आयशा के साथ शादी कर अपने प्यार का जहां बनाने के सपने देखता था. वह दिनरात मेहनत भी कर रहा था.

जब लाख कोशिशों के बाद भी आयशा के घर वाले तैयार नहीं हुए, तो साजिद के घर वालों ने उस की शादी की बात दूसरी जगहों पर चलानी शुरू कर दी थी. वे अपने बेटे को उदास और परेशान नहीं देख पा रहे थे. हालांकि, इस से साजिद टैंशन में था, क्योंकि उस के दिलोदिमाग में तो आयशा गहरे तक बस चुकी थी.

11 फरवरी, 2023 की रात साजिद दुकान बंद करने की सोच ही रहा था कि तभी मोटरसाइकिल से 3 लोग नीचे उतरे. सभी के चेहरे कपड़े से ढके हुए थे. उन्होंने उस पर ताबड़तोड़ 5 गोलियां दाग दीं. साजिद गिर पड़ा, तो उन में से 2 नकाबपोशों ने उसे हिलाडुला कर उस के मरने की तसल्ली भी की. आसपास के लोग कुछ समझ पाते, इस के पहले ही वे तीनों लोग हवा में हथियार लहराते हुए भाग निकले. फिर वही हुआ, जो राजा के मामले में हुआ था कि तरहतरह की बातें, कानून व्यवस्था को कोसना, पोस्टमार्टम, पुलिस में रिपोर्ट, जांच और गवाही, लेकिन मुद्दे की बात हमेशा की तरह गायब है कि क्यों भाइयों से अपनी बहनों का प्यार करना बरदाश्त नहीं होता?

साजिद की मौत के बाद मेरठ में खूब हंगामा हुआ, लेकिन वह सियासी ज्यादा था सामाजिक कम. सैफी परिवार से हर किसी को हमदर्दी थी, क्योंकि साजिद बहुत होनहार और लायक होने के साथसाथ हंसमुख और हैंडसम भी था, जिस की मुहब्बत माशूका के भाइयों रिजवान और फुरकान को रास नहीं आई, तो उन्होंने उस का कत्ल ही कर दिया. इन लोगों ने पहले आयशा को भी

खूब समझायाबुझाया और मारापीटा भी था, लेकिन वह भी झुकने को तैयार नहीं हुई थी. बराबरी का दर्जा क्यों नहीं इन दोनों ही मामलों के आरोपियों की तकलीफ यह थी कि वे अपनी बहनों को नादान समझ रहे थे, साथ ही इस बात पर भी तिलमिलाए हुए थे कि आखिर उस की जुर्रत कैसे हुई किसी से प्यार करने की, जिस से इज्जत पर आंच आती है यानी दिक्कत यह मान लेने की है कि बहनें घर के कामकाज करें, पक्षी की तरह घर के पिंजरे में बंद रहें और हर सहीगलत फैसले को सिर झुका कर मान लें, तो ही सही माने में अच्छी लड़की हैं.

बहनों को अपनी मरजी से जीने और रहने देने का हक हमारे समाज में कभी नहीं मिला. उन की आजादी पर अंकुश लगाने को मर्द शान की बात समझते हैं. यह बात बुनियादी तौर पर सिखाई धर्म ने ही है कि औरत को बचपन में पिता और भाई के, जवानी में पति के और बुढ़ापे में बेटे के कंट्रोल में रहना चाहिए.

बहनभाई के रिश्ते को सब से प्यारा रिश्ता माना गया है. दोनों साथ हंसतेखेलते एकदूसरे का दुखदर्द समझते हुए बड़े होते हैं और जिंदगीभर इन खट्टीमीठी यादों को सीने से लगाए हुए जीते हैं.

शादी के बाद बहन अपनी ससुराल चली जाती है, तो उस की सब से ज्यादा फिक्र भाई ही करता है, लेकिन बहन जब मरजी से किसी से प्यार करने लगती है, तो यही भाई हैवान बन जाते हैं.

बिरले ही भाई ऐसे होंगे, जिन्होंने अपनी बहन के जज्बात समझते हुए उस की मुहब्बत को शादी में तबदील करने की पहल की होगी, क्योंकि उन के लिए जाति, समाज और धर्म से ज्यादा अहम बहन थी.

जिस तरह लड़कों को न केवल प्यार, बल्कि एक उम्र के बाद अपनी जिंदगी से जुड़े तमाम फैसले लेने का हक मिल जाता है, वैसा ही हक लड़कियों को भी मिलना चाहिए, नहीं तो साजिद और राजा जैसे बेकुसूर नौजवान मारे जाते रहेंगे और आयशा और अर्चना जैसी लड़कियां जिंदगीभर अपने भाइयों को कोसती रहेंगी, जो अब जेल में पड़े सड़ रहे हैं. मिला उन्हें भी कुछ नहीं है, सिवा इस झूठी शान और तसल्ली के कि उन्होंने घर की इज्जत बचा ली.

पर अगर यह इज्जत बहन के अरमानों की कब्र है तो यह इज्जत नहीं, बल्कि मर्दों के दबदबे वाले समाज की खोखली बुनियाद है, जिस का दरकना शुरू हो गया है. लेकिन यह बहुत ही छोटे पैमाने पर है.

जिस दिन लोग बेटियों को बेटों के बराबर का दर्जा और हक देने लगेंगे, उस दिन बेटियों को भी अपने इनसान होने का एहसास होगा और वे घर, समाज और देश की तरक्की में अहम रोल निभाएंगी, पर इस के लिए खुले दिल से पहल भाइयों को भी करनी पड़ेगी. उन्हें यह समझना होगा कि बहन को भी अपनी मरजी से रहने, खानेपीने, पहनने और प्यार करने का हक है.

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