तलाक के बाद जिंदगी रुक नहीं जाती, उसे आगे बढ़ाने की जरूरत होती है. लेकिन तलाकशुदा को फैसला बहुत सोचसमझ कर करना चाहिए. किसी मसले पर बहस करने के बजाय शांति से उस का हल ढूंढ़ा जाए तो रिश्तों में दरार नहीं आती. इसी से संबंधित सुषमाश्री का लेख.