यहां भी अपने रंग दिखा रहे हैं. इधर जब जब विवाह के फोटो वायरल हुए तो युवती के माता-पिता को जानकारी मिली. उन्होंने पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचकर अपनी लड़की को बरगला कर कोतवाल द्वारा विवाह किए जाने की शिकायत की है और मांग की है कि अगर कोतवाल ने विवाह किया है तो न्याय दिया जाए और कोतवाल पर कठोर कार्रवाई की जाए. यह कहानी है कांकेर जिला मुख्यालय स्थित कोतवाली थाना में पदस्थ थाना प्रभारी अमर सिंह कोमरे की. कानून की वर्दी पहनकर अमर सिंह द्वारा तीसरी शादी का मामला सामने आया है. पीड़ित मां के अनुसार, थाना प्रभारी अमर सिंह कोमरे ने चारामा क्षेत्र की रहने वाली 21 वर्षीय युवती को पहले अपने होटल में काम करने के लिए रखा था.

परिजनों ने युवती के कुछ दिनों तक वापस नहीं लौटने पर पतासाजी की, जिसमें पता चला की युवती वहीं रहकर काम कर रही है. उसे घर वापस लाने पर युवती फिर से भाग गई, जिसके बाद दोबारा युवती नहीं लौटी.

कानून के रखवाले की यह तीसरी शादी

छत्तीसगढ़ में इन दिनों अमर सिंह कोमरे अपनी आशिक मिजाजी और तीसरी शादी के कारण चर्चा में आ गए हैं मजे की बात यह है कि कोतवाल जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए उन्होंने एक युवती को पहले अपने कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर रखा फिर उसे होटल में रखा और अंततः उसकी मांग में सिंदूर भर दिया. सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह रही कि उन्होंने युवती से विवाह करने की बात छुपाई नहीं और साफ मन से स्वीकार कर लिया। युवती अपनी मां को कोतवाली प्रभारी के साथ अपनी मांग में सिंदूर भरी हुई फोटो भेज रही है, जिसके बाद से परिजन काफी परेशान हो उठे हैं .युवती के परिजनों ने बताया कि कोतवाल की उम्र लगभग 49 के पेटे में है, उसने पहले से ही दो शादी कर रखी है. इस मामले पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का कहना है कि परिजनों के आवेदन के आधार पर थाना प्रभारी को बुलाकर पूछताछ की गई है.

वर्दी पहन कोतवाल उड़ा रहे कानून की धज्जियां

छत्तीसगढ़ आदिवासी बाहुल्य पिछड़ा हुआ राज्य है अगर से यह घटना किसी महानगर में घटित हुई होती तो आज राष्ट्रीय चैनलों पर प्रमुखता के साथ परोस दी जाती.इस पर चर्चा बहस के दौर शुरू हो जाते. मगर छत्तीसगढ़ के बस्तर में घटित यह महिला विरोधी एवं पुलिस की वर्दी की एक तरह से धज्जियां उड़ाने की घटना सुर्खियां नहीं बटोर पाई. कोतवाल के रूप में एक जिम्मेदार अफसर अगर पूर्व पत्नी और बच्चों को छोड़कर एक कमसिन युवती से विवाह कर ले तो यह कोई छोटी विसंगति नहीं है.मगर छत्तीसगढ़ के सरकार और पुलिस प्रशासन मानो आंखों में पट्टी बांधकर सो रहा है. यह मामला निजी नहीं हो सकता नियमत: हिंदू विवाह अधिनियम के तहत कोई भी आम शख्स पहली पत्नी से तलाक के बगैर दूसरा विवाह नहीं कर सकता. यह जानकारी क्या छत्तीसगढ़ पुलिस को नहीं है जो उसका एक कारिंदा वर्दी पहनकर कानून को ठेंगा दिखा रहा है. इस संदर्भ में कांकेर पुलिस का दो टूक कहना है युवती ने कोतवाली प्रभारी के साथ शादी करना कबूल किया है. नियमों के आधार पर जो होगा कार्रवाई की जाएगी.

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