प्राइवेट पार्ट की इस तरह रखें साफ सफाई

– एम. कुमार मनोज

पूरे बदन की साफसफाई के प्रति लापरवाही न बरतने वाले मर्द भी अपने प्राइवेट पार्ट की सफाई पर खास ध्यान नहीं देते हैं, जिस की वजह से वे कई तरह के खतरनाक इंफैक्शन के शिकार हो जाते हैं. आइए जानते हैं कि प्राइवेट पार्ट की साफसफाई कैसे की जाती है और उस से होने वाले फायदों के बारे में:

बालों की छंटाई करें

प्राइवेट पार्ट के आसपास के अनचाहे बालों की समयसमय पर सफाई करनी चाहिए, वरना बाल बड़े हो जाते हैं. इस की वजह से ज्यादा गरमी पैदा होती है और इन बालों की वजह से ज्यादा पसीना निकलने लगता है. बदबू भी आने लगती है. बैक्टीरिया पैदा होने से इंफैक्शन फैल जाता है. इस वजह से चमड़ी खराब हो जाती है. खुजली, दाद वगैरह की समस्या पैदा हो जाती है.

देखा गया है कि अनचाहे बाल लंबे व घने हो जाने से उन में जुएं भी हो जाती हैं, इसलिए उन्हें समयसमय पर साफ करते रहना चाहिए. प्राइवेट पार्ट के अनचाहे बालों की सफाई के लिए कैंची से छंटाई करना अच्छा उपाय है. इस के अलावा ब्लेड  या हेयर रिमूवर क्रीम का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

सावधानी

प्राइवेट पार्ट के अनचाहे बालों की सफाई जल्दबाजी, हड़बड़ी या डर कर न करें.

छंटाई के लिए छोटी धारदार कैंची का इस्तेमाल करें. अनचाहे बालों को अगर रेजर से साफ करना चाहते हैं, तो नए ब्लेड का इस्तेमाल करें.

पहले इस्तेमाल किए ब्लेड से बाल ठीक तरह से नहीं कटते हैं. उलटा ब्लेड कभी न चलाएं, इस से चमड़ी पर फोड़ेफुंसी होने का डर रहता है.

हेयर रिमूवर क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले एक बार टैस्ट जरूर कर लें. अगर उस से एलर्जी होती है, तो इस्तेमाल न करें.

अंग दिखेगा बड़ा

प्राइवेट पार्ट के एरिया में बाल बड़े हो जाने से अंग उन में छिप जाता है, जिस से उस का आकार छोटा दिखाई देने लगता है. अनचाहे बालों को साफ करने से अंग का आकार बड़ा दिखने लगता है. इसे देख कर आप की पार्टनर ज्यादा मोहित होती है. प्यार के पलों के समय वह ज्यादा सहज महसूस करती है.

सेहतमंद महसूस करेंगे

प्राइवेट पार्ट के एरिया को साफ रखने से अंग सेहतमंद दिखाई देता है. आप भी संतुष्ट महसूस करते हैं, क्योंकि आप निश्चिंत हो जाते हैं कि अब आप को किसी तरह का इंफैक्शन नहीं है.

यह भी करें

अंग की नियमित सफाई करें. अंग के ऊपर की त्वचा को सावधानी के साथ पीछे की ओर ले जाएं. वहां सफेदपीला क्रीमनुमा चीज जमा होती है. यह पूरी तरह से कुदरती होती है. इस की नियमित सफाई न करने से बदबू आने या इंफैक्शन फैलने का डर बना रहता है. रोजाना नहाते समय कुनकुने पानी से इसे साफ करना चाहिए.

पेशाब करने के बाद अंग को अच्छी तरह से हिला कर अंदर रुके पेशाब को जरूर निकाल दें. इसे अपनी आदत में शुमार करें, क्योंकि अंग के अंदर रुका हुआ पेशाब बुढ़ापे में प्रोटैस्ट कैंसर के रूप में सामने आ सकता है.

माहिर डाक्टरों का कहना है कि अगर अंग के अंदर का पेशाब अच्छी तरह से निकाल दिया जाए, तो प्रोटैस्ट कैंसर का डर खत्म हो जाता है.

अंडरगारमैंट्स पर ध्यान दें

रोजाना नहाने के तुरंत बाद ही अपने अंडरगारमैंट्स को  बदलें. कई दिनों तक इस्तेमाल किए गए अंडरगारमैंट्स पहनने से प्राइवेट पार्ट के एरिया में इंफैक्शन फैलने का डर बढ़ जाता है. दूसरों के अंडरगारमैंट्स, साबुन वगैरह इस्तेमाल न करें. इस से भी इंफैक्शन फैलने का डर रहता है.

नहाने के बाद इस एरिया को तौलिए से अच्छी तरह से सुखा लें. हमेशा सूती अंडरगारमैंट्स पहनें. नायलौन के अंडरगारमैंट्स कतई न पहनें, क्योंकि उन में से हवा पास नहीं हो पाती है. इस वजह से प्राइवेट पार्ट के एरिया को भी अच्छी तरह से हवा नहीं मिल पाती है, जिस से कई तरह की बीमारियां पैदा हो सकती हैं.

सैक्स संबंध बनाने के बाद

सैक्स संबंध बनाने के बाद अंग को अच्छी तरह से साफ करना चाहिए, क्योंकि सैक्स के समय व बाद में इस के अंदर कई तरह के स्राव बनते हैं. इन्हें साफ न करने पर इंफैक्शन हो सकता है. इस एरिया को पानी से साफ करें. सफाई करने के बाद अंग को अच्छी तरह से पोंछ कर सुखा लें.

महिलाओं और पुरुषों के ये अंग छुने से सैक्स में होते है उत्तेजित

सेक्स सभी के जीवन का एक महत्पूर्ण हिस्सा है. लेकिन इसको करने के तरीके अलग-अलग होते हैं. अक्सर देखा जाता है कि सेक्स के दौरान महिला को उत्तेजित होने में अधिक समय लगता है. वहीं दूसरी ओर पुरुष साथी जल्द उत्तेजित हो जाते हैं. ऐसे में महिलाएं सेक्स का पूरा आनंद नहीं उठा पाती हैं. लेकिन व्यक्ति के शरीर में कुछ अंग ऐसे होते हैं, जहां पर छूने से शरीर में उत्तेजना शुरू हो जाती है.

महिलाओं को उत्तेजित करने के लिए पुरुष फोरप्ले आदि तरीकों को सहारा लेते हैं. यदि पुरुषों के द्वारा फोरप्ले करते समय इन अंगों पर ध्यान दिया जाए, तो महिलाएं जल्द ही उत्तेजना के शिखर पर पहुंचकर और्गेज्म और चरम सुख को पा लेती हैं. उत्तेजना करने वाले यह अंग महिला व पुरुषों में दोनों में होते हैं. आगे आपको इन्हीं अंगों के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है.

  1. उत्तेजित करने वाले अंग का क्या मतलब है

सेक्स से पूर्व महिलाओं व पुरुषों में उत्तेजना होती है. उत्तेजना के आधार पर ही महिला और पुरुष सेक्स के आनंद को ले पाते है. जब महिला और पुरुष सेक्स के लिए शारीरिक और मानसिक रुप से तैयार होते हैं तो उन दोनों के शरीर में उत्तेजना होना शुरु हो जाती है. आपको बता दें कि व्यक्ति के शरीर के कुछ अंग ऐसे भी होते हैं जिनको छूने या सहलाने मात्र से शरीर में उत्तेजना शुरु हो जाती है.

महिलाओं व पुरुषों के शरीर के इन अंगों के बारे में आप सभी को पता होना बेहद जरूरी है. इससे आप सभी सेक्स के आनंद को पूरी तरह से महसूस कर पाएंगे. तो आइये जानते हैं, महिलाओं व पुरुषों के इन विशेष अंगों के बारे में.

2. महिलाओं को उत्तेजित करने के तरीके

महिलाओं को उत्तेजित करने के लिए फोरप्ले एक बेहतर तारीका है. सेक्स से पूर्व महिलाओं को उत्तेजित करने की क्रिया को फोरप्ले कहा जाता है. फोरप्ले के दौरान यदि आप महिला को उत्तेजित करने वाले अंगों पर ध्यान देते हैं, तो इससे आप दोनों ही सेक्स का भरपूर आनंद ले पाते हैं. तो आइये जानते हैं कि महिलाओं के शरीर में मौजूद ये कौन से अंग हैं और इनसे किस तरह से महिला को उत्तेजित किया जा सकता है.

3. महिलाओं को उत्तेजित करने के लिए करें कानों में हरकत

कान को अति संवेदनशील माना जाता है. कानों को ऐसा इसीलिए कहा जाता है, क्योंकि इनके पास से कई नसें गुजरती हैं. लड़की या महिला के कानों के पीछे किस (चुंबन) करने या इस जगह पर प्यार से हल्का काटने से वह उत्तेजित हो जाती हैं. इसके अलावा अपनी अंगुलियों को धीरे-धीरे कान के पीछे घुमाने से भी लड़की के अंदर उत्तेजना जागृत हो जाती है.

4. महिलाओं को उत्तेजित करने में गर्दन की भूमिका

आप सोच रहें होंगे गर्दन से महिलाएं कैसे उत्तेजित होती होंगी, तो आपको बता दें कि कई सर्वे इस बात को साबित कर चुकें हैं कि महिलाओं के गर्दन के पीछे किस करने से या उसको प्यार से सहलाने से, उनमें जल्द ही उत्तजेना होना शुरू हो जाती है. एक अध्ययन में इस बात का पता चला कि गर्दन पर बेहद हल्के हाथ से छूने या सहलाने से महिलाओं में उत्तेजना होने लगती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गर्दन की त्वचा संवेदनशील होती है.

5. होठों पर किस करने से भी महिलाएं होती हैं उत्तेजित

किस (चुंबन) को लेकर कई तरह के शोध हो चुके हैं. विशेषज्ञों ने इसके फायदे और नुकसान दोनों ही बातों को उजागर किया है. लेकिन यह बात सही है कि किस करने से प्यार बढ़ता है. इसके साथ ही रिश्ते में नजदीकियां भी बढ़ती है. अध्ययन इस बात को बताते हैं कि महिलाओं व लड़कियों के होंठ उनमें तीव्र उत्तेजना जगाने वाली जगह है. इस पर किस करने से लड़कियों व महिलाओं में उत्तेजना के स्तर में वृद्धि होती है.

6. ब्रेस्ट (स्तन) और निप्पल से जल्द उत्तेजित होती हैं महिलाएं

लड़कियों व महिलाओं के ब्रेस्ट (स्तनों) और निप्पल को छूना मर्दों को अच्छा लगता है और यह दोनों महिलाओं में उत्तेजना बढ़ाने वाले अंग माने जाते हैं. स्तनों पर किस करना और उनको प्यार से सहलाना लड़कियों के अंदर उत्तेजना बढ़ाने का काम करता है. इसके साथ ही निप्पल पर जीभ लगाना व चुबंन करना भी उत्तेजना जागृत करता है. निप्पल पर दांतों से हल्का काटना भी महिलाओं के शरीर में तेजी से प्रतिक्रिया करता है. स्तनों व निप्पल से कई नसें मस्तिष्क तक जुड़ी होती हैं जिनके छूने से मस्तिष्क को संकेत मिलना शुरु हो जाते हैं और लड़की या महिला में उत्तेजना होना शुरु हो जाती है.

7. पेट का निचला हिस्सा है उत्तेजना का केंद्र

पेट का निचला हिस्सा (Cervix) भी उत्तेजित करने वाली जगहों में शामिल हैं. योनि से ऊपर और पेट के नीचे के भाग को छूने या चुंबन करने से महिला उत्तेजति होने लगती है. योनि की कई नसें इस भाग से होकर गुजरती हैं, इन नसों से ही योनि में सक्रियता आती है. महिलाओं पर हुए अध्ययन भी इस बात को साबित कर चुकें हैं कि सेक्स से पूर्व यदि इस अंग पर पुरुषों द्वारा ध्यान दिया जाए तो महिला सेक्स में चरम आनंद को आसानी से महसूस कर पाती है. (और पढ़ें – सेक्स के दौरान ऐंठन होने का कारण)

8. भगशेफ या क्लिटोरिस को छूने से महिलाओं में होती है उत्तेजना

भगशेफ या क्लिटोरिस (Clitoris; योनि के ऊपर का उभरा हुआ भाग) महिला को उत्तेजित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. कई रिसर्च इस बात को बताती हैं कि भगशेफ महिलाओं को उत्तेजित करने और उनको और्गेज्म तक आसानी से पहुंचाने का काम करता है. इस अंग पर दबाव डालने व कंपन करने से महिलाओं में उत्तेजना शुरू हो जाती है. जबकि कुछ रिसर्च यह भी कहते हैं कि इस भाग को हल्के छूने मात्र से भी महिलाओं में उत्तेजना होने लगती है.

9. योनि से होती है महिलाओं में उत्तेजना

ऐसा माना जाता है कि महिलाओं की योनि के अंदर जी-स्पौट होता है. इसको महिलाओं की पूर्ण संतुष्टि प्रदान करने वाला अंग माना जाता है. लेकिन कई विशेषज्ञ इसकी उपस्थिति को नकारते भी है. जबकि कई लोगों द्वारा महिलाओं में अधिक उत्तेजना और और्गेज्म के लिए इसे जरूरी समझा जाता है. इसके अलावा योनि के बाहरी भाग को हल्के हाथों से छूने से महिलाओं में उत्तेजना होने लगती है.

10. पुरुषों में उत्तेजना को बढ़ाने वाले अंग

जिस तरह के कुछ अंग महिलाओं की उत्तेजना को बढ़ाते हैं, ठीक उसी तरह से कई अंगों द्वारा पुरुषों की उत्तेजना के स्तर में भी बढ़ोतरी की जा सकती है. वैसे महिलाओं की अपेक्षा पुरुष जल्द ही उत्तेजित हो जाते हैं. लेकिन फिर भी महिलाओं को पुरुषों को उत्तेजित करने वाले इन अंगों के बारे में पता होना चाहिए. ऐसा इसलिए भी जरूरी है कि कभी महिलाओं का मन सेक्स करने का हुआ और पुरुष किसी वजह से इसमें शामिल नहीं होना चाहते, तो महिलाएं इन अंगों की सहायता से पुरुषों को उत्तेजित कर सकती हैं. तो आइये जानते हैं पुरुषों के इन विशेष अंगों के बारे में.

  •  कान महिलाओं की तरह ही कान पुरुषों में भी उत्तेजना बढ़ाने वाला अंग माना जाता है. पुरुषों के संवेदनशील अंगों पर चर्चा की जाए तो अंडकोष के बाद कान ही दूसरे नंबर पर उत्तेजना को बढ़ाने वाला अंग कहा जा सकता है. कान से मस्तिष्क तक कई नसें गुजरती है. इन नसों से ही मस्तिष्क तक उत्तेजना के संकेत पहुंचते हैं.
  •  किस करना –पुरुषों को उत्तेजित करने के लिए महिलाएं उनके होठों पर किस करें. किस करने के भी कई तरीके होते हैं, इसके लिए महिलाओं को साथी पुरुष के होठों पर हल्के से किस करते हुए अपने होठों को उनके होठों पर थोड़ी देर तक रखना होगा. किस करने से शरीर में कई तरह के बदलाव होना शुरू हो जाते हैं. किस करने से शरीर के अंदर ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन स्त्रावित होने लगता है. इस हार्मोन को प्यार की भावना को जागृत करने वाला हार्मोन कहा जाता है.
  •  निप्पल बेशक पुरुषों के निप्पल में महिलाओं के निप्पल की तरह उभार न हो, लेकिन इस अंग को बेकार समझना आपकी भूल होगी. पुरुषों के निप्पल में भी कई तरह की नसें जुड़ी होती है. कई महिलाओं को पुरुषों के इस उत्तेजित करने वाले अंग के बारे में पता भी नहीं होता, लेकिन इसको छूने और जीभ लगाने से पुरुषों में उत्तेजना तेजी से बढ़ने लगती है.
  • लिंग इस बात को अधिकतर महिलाएं जानती ही होंगी कि लिंग पुरुषों को उत्तेजित करने का एक महत्पूर्ण अंग है. इस विषय पर हुए सर्वे और रिसर्च से पता चलता है कि पुरुषों को यौन संतुष्टि के लिए लिंग से उत्तेजित किया जा सकता है. आपको बता दें कि खतना होने से पुरुषों की उत्तेजना में किसी तरह का कोई फर्क नहीं पड़ता है.
  • अंडकोष पुरुषों के जननांग के ठीक नीचे अंडकोष होते हैं. इसको छूने या सहलाने से पुरुषों में उत्तेजना का स्तर बढ़ जाता है. इसको यौन उत्तेजना व यौन संतुष्टि प्रदान करने वाला अंग माना जाता है. ऐसा इसलिए भी होता है, क्योंकि अंडकोष से पुरुषों के लिंग व सेक्स में हार्मोन व वीर्य स्त्रावित करने वाले कई अंगों की नसों का जुड़ाव होता है.

जानें Pregnancy में कैसी हो सेक्स पोजीशन, पढ़ें खबर

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाएं काफी सतर्क हो जाती हैं. कहीं गर्भस्थ शिशु को कोई हानि न पहुंचे, इस कारण वे पति से शारीरिक तौर पर भी हर संभव दूरी बनाए रखने की कोशिश करती हैं, मगर डाक्टरों के अनुसार गर्भावस्था में सेक्स किया जा सकता है.

हां, अगर प्रेगनेंट महिला की हालत नाजुक हो या फिर कोई कौंप्लिकेशन हो, तो शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए. लेकिन पत्नी से ज्यादा दिनों तक दूर रहना पति के लिए नामुमकिन हो जाता है, जिस के चलते रिश्तों में अलगाव होने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में इस स्थिति को रोकने के लिए आइए जानते हैं कि गर्भावस्था में कैसे करें सेक्स:

गर्भावस्था के दौरान सेक्स के समय इन पोजीशंस के माध्यम से सुरक्षित सेक्स का आनंद भी लिया जा सकता है और इस से होने वाले बच्चे और मां को भी कोई तकलीफ न होगी.

पहली पोजीशन: पति और पत्नी एकदूसरे के सामने लेट जाएं. पत्नी अपना बायां पैर पति के शरीर पर रख दे. इस पोजीशन में सेक्स करने से गर्भ को झटके नहीं लगते.

दूसरी पोजीशन: पत्नी पीठ के बल टखने मोड़ कर अपनी टांगें पति के कंधों पर रखे, फिर सेक्स करें. इस से पेट पर कोई दबाव नहीं पड़ेगा.

तीसरी पोजीशन: पति कुरसी पर बैठे और पत्नी उस के ऊपर बैठ जाए. यह भी सेफ सेक्स में आता है.

कुछ व्यायामों के माध्यम से भी सेक्स किया जा सकता है, लेकिन इस के पहले डाक्टर से सलाह जरूर ले लें.

सावधानियां

  •  गर्भावस्था में सेक्स के दौरान पति को पत्नी का खास ध्यान रखना चाहिए. पति ज्यादा उत्तेजना में न आए और न ही पत्नी पर ज्यादा दबाव पड़े.
  •  गर्भावस्था में सेक्स करें, लेकिन किसी प्रकार का नया प्रयोग करने से बचें.
  •  सेक्स करते हुए ध्यान रहे कि पत्नी पर ज्यादा दबाव न पड़े.
  •  गर्भावस्था में प्रसव पीड़ा से पहले तक सेक्स किया जा सकता है, पर गर्भवती को इस से कोई तकलीफ  न हो तब.

गर्भावस्था में सेक्स के फायदे

प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए फायदेमंद होता है, आइए जानते हैं कैसे:

  •  गर्भावस्था में सेक्स करने से आप की पैल्विक मांसपेशियों में सिकुड़न बढ़ जाती है, जिस से वे प्रसव के लिए और मजबूत बनती हैं.
  •  प्रेगनेंसी के दौरान जल्दी पेशाब आना, हंसने या छींकने पर पानी निकलने आदि की समस्या आप के बच्चे के बड़े होने के कारण मूत्राशय पर पड़ने वाले दबाव की वजह से होती है. यह थोड़ा असुविधाजनक हो सकता है, लेकिन इस से आप की मांसपेशियां मजबूत होती हैं जो प्रसव के समय लाभ पहुंचाती हैं.
  •  सेक्स करने से महिला ज्यादा फिट रहती है. इस दौरान वह सिर्फ 30 मिनट में 50 कैलोरी कम कर सकती है जोकि उस की हैल्थ के लिए अच्छा है.
  •  गर्भावस्था में सेक्स करने से महिला की सहनशक्ति 78% बढ़ जाती है, जिस से प्रसव के समय उसे थोड़ा आराम महसूस होता है.
  • सेक्स के बाद रक्तचाप कम हो जाता है. अधिक रक्तचाप मां और बच्चे दोनों के लिए हानिकारक होता है, इसलिए बेहतर है कि ऐसी स्थिति में डाक्टर से सलाह लें.
  • औक्सीटोसिन हारमोन संभोग के समय शरीर से मुक्त होता है, जो तनाव को कम करने में उपयोगी होता है, जिस कारण अच्छी नींद आती है.
  •  शोधकर्ताओं का मानना है कि गर्भावस्था में सेक्स प्रीक्लेंपसिया से बचाता है. यह ऐसी स्थिति है, जिस में अचानक रक्तचाप बढ़ जाता है. ऐसा शुक्राणु में पाए जाने वाले प्रोटीन के कारण होता है जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है.

जब डाक्टर को कुछ जटिलताएं नजर आती हैं, तब वे सेक्स न करने की सलाह देते हैं. जटिलताएं कई प्रकार की हो सकती हैं, जैसे:

  • अगर पहले कभी गर्भपात हुआ हो तो.
  •  पहले कभी समय से पूर्व बच्चा जन्मा हो तो.
  •  किसी प्रकार का गर्भपात का जोखिम होने पर.
  • योनि से अधिक रक्तस्राव होने या तरल पदार्थ बहने की स्थिति में.
  •  एक से अधिक बच्चे होने पर.

अगर आप चाहती हैं कि आप की प्रैगनैंसी खुशहाल और सुरक्षित हो तो टोनेटोटकों जैसे गर्भ रक्षा कवच, गर्भ रक्षा हेतु चमत्कारी टोटके, पुत्र प्राप्ति के नुसखे आदि के चक्करों में उलझने से बचें, क्योंकि इस दौरान टोनेटोटके नहीं, बल्कि पतिपत्नी के बीच प्यार और अच्छे संबंध ज्यादा जरूरी हैं. इस दौरान अपने और अपने होने वाले बच्चे का पूरा ध्यान रखें. डाक्टर की सलाह पर चलें और संपूर्ण आहार लें, ताकि आप के शरीर को सभी पोषक तत्त्व पर्याप्त मात्रा में मिल सकें, जो आप के होने वाले बच्चे के विकास के लिए जरूरी हैं.

जिस ‘बीमारी’ से परेशान थे आयुष्मान, क्या आपको पता है उसके बारे में ?

आपने आयुष्मानखुराना की फिल्म “शुभ मंगल सावधान” तो देखी होगी उसमें उनको एक एक हेल्थ प्रौब्लम होती  हैं जिसके चलते उनकी शादी तो खतरे में पड़ती ही है साथ ही उनको शर्मिंदगी का सामना भी करना पड़ता  हैं, वो समस्या हैं….शीघ्रपतन (Premature ejaculation) .

आमतौर पर देखा जाता है की सेक्स से जुड़ी समस्या को लोग किसी को  भी जल्दी नही बताते. इसका कारण या तो शर्म होती है या फिर मन की झिझक, पर इस समस्या को जितना छिपाया जाता है उतनी ही परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं. इन्हीं समस्याओं मे से एक समस्या है शीघ्रपतन (Premature ejaculation) . आम भाषा में कहे तो शीघ्रपतन का मतलब होता है वीर्य का जल्दी निकलना.

सेक्स के दौरान या पहले पुरुषों का वीर्य स्‍खलित हो जाना शीघ्रपतन कहलाता है. स्‍त्री की कामोत्‍तेजना (Orgasm) शांत होने से पहले या हस्‍तमैथुन  (Masturbation) क्रिया के दौरान यदि पुरुषों का वीर्य स्‍खलित हो जाता है तो इसका मतलब है कि वह शीघ्रपतन की समस्‍या से गुजर रहा है.

इस समस्या को लेकर लोग डाक्टर के पास भी नहीं जाते पर देखा जाए तो शीघ्रपतन कोई बड़ी समस्या नहीं है और इसका उपचार भी हो सकता है. तो आज हम आपको शीघ्रपतन के बारे में विस्‍तार से बता रहे हैं, जिससे आपको काफी हद तक इस समस्‍या का समाधान मिल सके.

 क्यों होता है शीघ्रपतन

शीघ्रपतन के दो कारण है- लाइफ लौन्ग (प्राइमरी), एक्वायर्ड (सेकेंडरी). शीघ्रपतन की समस्‍या पहली बार या किसी नए पार्टनर के साथ संभोग करने के दौरान कामोउत्तेजना के ज्यादा प्रवाह होने के चलते भी ये हो सकता है. अगर लंबे समय के बाद संभोग किया जाए तो भी शीघ्रपतन की समस्‍या हो सकती है. इसके अलावा अपनी पार्टनर के बीच के रिश्‍तों के बारे में तनाव या ज्‍यादा सोचना भी शीघ्रपतन का कारण है.

क्या है इसके लक्षण

  • बार-बार प्रयास करने पर भी संभोग (sexual intercourse) के दौरान 1 मिनट तक ना रोक पाना.
  • सेक्स को टालना.
  • सेक्स करने के बाद पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाना.
  • सेक्स से पहले मन में शीघ्रपतन का डर आना.

क्या है इसका उपचार

शीघ्रपतन कोई लाइलाज बीमारी नही है इसका इलाज सम्भव है. जहां तक स्‍टेमिना की बात है तो यह हर स्वस्थ पुरूष में नेचुरली रहती है जिसे वे ठीक तरह से महसूस नहीं कर पाते. यदि वे सेक्स के समय सहवास, भोजन के समय भोजन के बारे में सोचें तो उनकी स्‍टेमिना में फर्क साफ दिखेगा. यानी आप जब जो काम करें उसे अच्छे से करें. दिन-रात केवल सहवास के विषय में ही सोचते रहने से तथा अपनी स्‍टेमिना पर अकारण ही शंका करते रहने से वास्तविक यौन शक्ति पर मानसिक रूप से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. जो धीरे-धीरे शारीरिक रूप से भी कमजोर कर देती है.

खाने पर दें ध्यान

शीघ्रपतन ठीक करने और ऊर्जा व स्फूर्ति को कायम रखने के लिए खान-पान का भी ध्यान रकना जरुरी है.  शाकाहारी भोजन प्राकृतिक गुणों से परिपूर्ण व सुपाच्य होता है. ऐसे भोजन को पचाने के लिए शरीर की अतिरिक्त ऊर्जा भी खर्च नहीं होती तथा व्यक्ति को यौन शक्ति भी अनुकूल बनी रहती है. ताजे मौसमी फल, कच्ची सब्जियां, अंकुरित आनाज, दूध, शहद, लस्सी आदि निरोगी पदार्थ हैं जिनके सेवन से शरीर शक्ति से भरपूर निरोग बना रहता है.

इसके अलावा  आपसे हमारी यही सलाह होगी की जैसे ही आपको लगे की आप इस समस्या से जूझ रहे है तो फौरन डाक्टर की सलाह ले और शर्माएं नही.

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