Misa Bharati: आखिर क्या करते हैं बिहार की राजनीति के सबसे रसूखदार परिवार के दामाद

Misa Bharati: लालू प्रसाद यादव की सबसे बड़ी बेटी मीसा भारती की शादी 1999 में शैलेश कुमार से हुई थी. आपको बता दें कि शैलेश पेशे से इंजीनियर हैं. वे उस समय इंफोसिस में काम करते थे. शैलेश ने बड़ौदा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. शैलेश ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ICICI बैंक और फिर इंफोसिस जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में काम किया. शैलेश ने मीसा भारती के साथ शादी के बाद नौकरी छोड़ दी थी. शैलेश कुमार पटना के बिहटा के रहने वाले हैं. उनके पिता रामबाबू पथिक एक बैंक कर्मी थे जो अब नौकरी से रिटायर्ड हो चुके हैं.

शैलेश कुमार ने पार्टी के चुनावी कैंपेन में भी काम किया है. खबरें थीं कि उन्हें विधानपरिषद भेजा जाएगा और वे लालू परिवार से राजनिति में आने वाले छठवें सदस्य होते, फिलहाल वे अपना खुद का व्यवसाय संभालते हैं.

समरेश सिंह से रोहिणी आचार्य की शादी 24 मई, 2002 को हुई थी, जो बिहार की एक चर्चित शादी थी. उस समय बिहार में लालू की पत्नी राबड़ी देवी की सरकार थी. राबड़ी के दोनों भाइयों (साधु और सुभाष यादव) ने शादी के दौरान मेहमाननवाजी के लिए पटना में कई शोरूमों से गाड़ी और अन्य सामान बिना पैसा दिए गुंडई करते हुए उठा लिए थे.

समरेश सिंह एक प्रसिद्ध इन्वेस्टमेंट बैंकर हैं. 2002 में शादी के बाद से वे सिंगापुर में बस गए हैं. उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की है और वर्तमान में सिंगापुर की ‘एवरकोर’ में इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और मर्जर एंड एक्विजिशन के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे हैं. समरेश सिंह, पूर्व इनकम टैक्स कमिश्नर-रैंक अधिकारी राव रणविजय सिंह के बेटे हैं. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर डिग्री और प्रतिष्ठित INSEAD बिजनेस स्कूल से एमबीए की पढ़ाई की है. उन्होंने स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में वरिष्ठ पदों पर काम किया है और विलय तथा अधिग्रहण (M&A) विशेषज्ञ भी माने जाते हैं.

लालू प्रसाद यादव की तीसरी बेटी चंदा कानून की पढ़ाई कर चुकी हैं. चंदा यादव की शादी 2006 में विक्रम सिंह से हुई जो पेशे से पायलट हैं. विक्रम लंबे समय तक इंडियन एयरलाइंस/एयर इंडिया से जुड़े रहे. लालू परिवार में चंदा यादव और विक्रम सिंह राजनीतिक हलकों में सबसे कम चर्चा में रहने वाला जोड़ा है.

लालू प्रसाद यादव की चौथी बेटी रागिनी यादव हैं. रागिनी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन उसे पूरा नहीं कर सकीं. रागिनी लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती हैं. उनकी शादी राहुल यादव ही हुई, जिन्होंने स्विट्जरलैंड से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की है. वे एक व्यवसायी हैं. उनके पिता जितेंद्र यादव उत्तर प्रदेश के बड़े नेता रहे हैं. राहुल खुद भी राजनीति में सक्रिय हैं और समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं.

लालू प्रसाद यादव की 5वीं बेटी हेमा यादव ने बीआईटी (BIT) मेसरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. वे परिवारिक जीवन पर ज्यादा ध्यान देती हैं. उनकी शादी विनीत यादव से हुई है, जिनकी पढ़ाई दिल्ली और बेंगलुरु से हुई है. विनीत दिल्ली के एक बड़े व्यवसायी हैं. वे रियल एस्टेट सेक्टर में सक्रिय हैं. उनका परिवार भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में रसूख रखता है.

अनुष्का ‘धन्नू’ राव. अनुष्का पेशेवर तौर पर इंटीरियर डिजाइनर हैं, जो लालू प्रसाद यादव की छठी बेटी हैं. अनुष्का राव की शादी चिरंजीव राव से हुई है, जिन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है. चिरंजीव राव पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय हैं. वे हरियाणा की रेवाड़ी सीट से कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं. वे हरियाणा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे हैं. उनके पिता कैप्टन अजय सिंह यादव हरियाणा सरकार में मंत्री रहे हैं.

तेज प्रताप सिंह यादव राजलक्ष्मी यादव के पति और लालू यादव के सबसे छोटे दामाद हैं. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा देहरादून और दिल्ली से की. इसके बाद इन्होंने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट की डिग्री ली. ये मुलायम सिंह यादव के पोते हैं और नेता हैं. ये उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में समाजवादी पार्टी के प्रमुख युवा चेहरों में गिने जाते हैं.Feature Story

Happy Birthday Tejasvi Yadav : लालू यादव के 9 बेटेबेटियों में सबसे लायक छोटा बेटा

आज बिहार के पूर्व डिप्‍टी सीएम तेजस्‍वी यादव अपना 31वां जन्‍म दिन मना रहे हैं.  आइए जानें राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू यादव के लिए तेजस्‍वी ही सही उत्‍तराधिकारी क्‍यों हैं ?  

गंभीर नेता की छवि है तेजस्‍वी की

तेजस्‍वी यादव ने अपनी छवि को अपने पिता लालू प्रसाद यादव की तुलना में ज्‍यादा गंभीर बनाई है. लालू यादव ने अपनी शुरुआती राजनैतिक सफर में एक परिपक्‍व नेता की छवि बनाई थी, जिनके पास मुद्दे थे, जो बिहार की गरीबी को अच्‍छी तरह समझते थे, जो वहां के लोगों की समस्‍याओं से भलीभांति परिचित थे लेकिन बाद में उनकी यह छवि धूमिल हो गई. उन पर घोटालों का आरोप लगता गया. इनमें चारा घाेटाला और लैंड फौर जौब स्‍कैम शामिल है. लालू यादव पर यह आरोप लगा था कि वह 2004 से 2009 तक रेलमंत्री रहते हुए  लोगों को नौकरी देने के नाम परर उनकी जमीन अपने नाम लिखवा ली.

मजाकिया अंदाज से बिगड़ी छ‍वि 

 

राजनीति के शुरुआती दिनों में मंच से दिए गए लालू यादव के  भाषणों का मजाकिया अंदाज लोगों को इसलिए पसंद आता था क्‍योंकि उसमें व्‍यंग्‍य होता था. विपक्ष के खिलाफ गंभीर तंज होता था लेकिन बाद में उनके इस अंदाज को मसखरापन माना जाने लगा.  लालू के भाषणों से भरपूर मनोरंजन की उम्‍मीद जताई जाने लगी. वह अपने भाषणों में व्‍यंग्‍य बाण के लिए नहीं गंवई अंदाज के लिए चर्चा में रहने लगे. इसके ठीक विपरीत तेजस्‍वी यादव ने अपनी छवि को गंभीर बनाए रखा है. 9 नवंबर 1989 को जन्‍मे तेजस्‍वी यादव बिहार के उप मुख्‍यमंत्री भी रहे.  वे 10 अगस्‍त 2022 से लेकर 28 जनवरी 2024 तक डिप्‍टी सीएम के पद पर रहे. वे कभी भी बेवजह चुटीली बातें या मसखरापन करते नहीं नजर आते हैं.  उनकी यही छवि आने वाले दिनों में उनके राजनैतिक कैरियर को आगे बढ़ाने का काम करेगी. 

लालू के बेटों में सबसे लायक

इसमें दो राय नहीं है कि लालू के 9 बच्‍चों में तेजस्‍वी यादव सबसे योग्‍य हैं.  लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव अपनी अजीबोगरीबों हरकतों की वजह से चर्चा में रहते हैं जबकि तेजस्‍वी ऐसी चीजों से दूर ही रहते हैं.  तेजप्रताप यादव अपनी शादी की वजह से भी विवादों में रहे जबकि तेजस्‍वी यादव ने अपनी शादी में नई मिसाल कायम की.  उन्‍होंने दूसरे धर्म की लड़की रैचेल  से प्रेम विवाह किया.  उनके लिए यह आसान नहीं था लेकिन उन्‍होंने अपने परिवार को इसके लिए रजामंद किया और धूमधाम से शादी की.  रैचल को अब राजश्री यादव के नाम से जाना जाता है. अकसर पारिवारिक समारोहों में वह अपनी पत्‍नी और बेटी के साथ दिखते हैं. इससे तेजस्‍वी की इमेज एक फैमिली मैन की बनी है.
लालू के सभी बच्‍चों की तुलना में तेजस्‍वी में राजनैतिक सूझबूझ भी ज्‍यादा है और चुनाव के दिनों में सक्रिय भी रहते हैं. इससे आम लोगों में यंग लीडर के रूप में उनकी स्‍वीकार्यता भी बढ़ी है. 

बिहार में दो यंग लीडर्स से है उम्‍मीद 

आज की बिहार की राजनीत‍ि में यंग लीडर्स की बात करें, तो एक हैं राम विलास पासवान के बेटे  चिराग पासवान और दूसरे हैं लालू के बेटे तेजस्‍वी यादव. तेजस्‍वी यादव की तुलना अगर अखिलेश यादव से की जाए, तो शायद यह कहना गलत नहीं होगा क‍ि अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह की जिंदगी में ही खुद को उनकी छत्रछाया से अलग कर लिया था.  जिन बातों में वह अपने पिता से सहमत नहीं होते, उसका विरोध करते.

वहीं तेजस्‍वी यादव अभी भी अपने पिता लालू यादव की छाया तले नजर आते हैं.  इसकी एक वजह यह भी है कि लालू भी अपने पुत्र के विरोध में नहीं जाते और उनके बच्‍चों में तेजस्‍वी यादव से बेहतर दूसरा कोई राजनैतिक उत्‍तराधिकारी नजर नहीं आता है.  लालू यादव ने अपनी बड़ी बेटी मीसा भारती को भी राजनीति में उतारा था लेकिन मीसा उनके भरोसे पर खरी नहीं उतरी.  वह चुनाव भी हार गईं.  लालू यादव की एक और बेटी, रोहिणी आचार्य ने भी राजनीति में पैर जमाने की कोशिश की थी लेकिन उन्‍हें भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, ऐसे में लालू के पास तेजस्‍वी से बेहतर दूसरा कोई औप्‍शन नहीं है.  

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